जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में सोलन जिला में कोरोना कफ्र्यू के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में कोरोना कफ्र्यू की अवधि को 31 मई, 2021 की प्रातः 6.00 बजे तक बढ़ा दिया गया है। इस सम्बन्ध में अन्य छूट एवं प्रतिबन्ध 06 मई, 09 मई तथा 16 मई, 2021 को जारी आदेशों के अनुरूप जारी रहेंगे। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188, आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर, 25 मई : मंगलवार को कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के चेयरमैन अभिषेक राणा ने सुजानपुर विस क्षेत्र के 33 बूथों पर जाकर पार्टी व सर्वकल्याणकारी संस्था के मुख्य कार्यकर्ताओं से मुलाकात की व जरूरत अनुसार कोरोना संक्रमितों के लिए आक्सीमीटर दिए। साथ ही, कोरोना पाजीटिव मरीजों जिन्हें आक्सीजन की जरूरत है, उनके बारे में आक्सीजन कंसन्ट्रेटर देने के लिए जानकारी ली। साथ ही, मास्क व सेनिटाइजर के साथ जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सामग्री भी दी गई। उन्होंने कहा कि विधायक राजेंद्र राणा के दिशानिर्देशानुसार विधानसभा क्षेत्र में किसी भी चीज की कमी आड़े आने नहीं दी जाएगी। इस दौरान उनके साथ सुजानपुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन ज्योति प्रकाश, संस्था के जिलाध्यक्ष लेखराज ठाकुर व महासचिव डा. अशोक राणा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बता दें कि कोरोना महामारी की शुरूआत से ही पिछले साल से अभिषेक राणा स्वयं सुजानपुर विस क्षेत्र में राहत कार्यों को पारिवारिक सदस्य बनकर अंजाम देने के साथ जनता का कुशलक्षेम भी जान रहे हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति या परिवार को कोई समस्या या परेशानी न हो।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने कण्डाघाट उपमण्डल में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार कण्डाघाट उपमण्डल में महोग सम्पर्क मार्ग आरम्भ होने के स्थान से विलेज लिव इन रिजाॅर्ट तक वहां से उत्तर दिशा में आदर्श पुष्प केन्द्र महोग बाग तथा पश्चिम में चायल-कण्डाघाट मार्ग जिसे कि सीमा माना जाए एवं वहां से उस स्थान तक जहां महोग गांव के लिए सम्पर्क मार्ग आरम्भ होता है को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उपमण्डलाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं के वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों एवं लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट की देखरेख में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी, क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करने एवं कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की पहचान के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों को होम आईसोलेशन में रखना सुनिश्चित बनाया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा उक्त गांव में 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित बनाया जाएगा। आदेशों के अनुसार उप पुलिस अधीक्षक सोलन उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों एवं लोगों की आवाजाही नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों के पैदल चलने की अनुमति होगी। खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी के समय सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से सेनिटाइज किया जाए। आदेशों के अनुसार तहसीलदार कण्डाघाट उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। कण्डाघाट पटवार वृत्त के कानूनगो तथा ग्राम पंचायत झाझा के पंचायत सचिव उनके सहायक होंगे। प्रभावित क्षेत्र में पशुओं की देखभाल सुनिश्चित बनाई जाएगी। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में ग्राम पंचायत झाझा के पंचायत सचिव सभी सुविधाएं प्रदान करना सुनिश्चित बनाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र में सभी व्यक्तियों के सैम्पल की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक प्रभावी रहेंगे।
योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया की तत्वावधान में योगदा सत्संग सोसायटी ध्यान मंडली सोलन द्वारा आज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड-19 संक्रमित रोगियों के लिए डाॅक्सीसाईक्लीन दवा के 30 हजार कैप्सूल भेंट किए गए। क्षेत्रीय अस्पताल की ओर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने यह दवा प्राप्त की। योगदा सत्संग सोसायटी ध्यान मंडली सोलन के प्रधान टी.एन. वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि योगदा सत्संग सोसायटी देशभर में कोविड-19 पीड़ितों की सहायता के लिए अनेक प्रयास कर रही है। सोसायटी भविष्य में भी पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सहायता कार्य निरंतर जारी रखेगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने इस पुनीत कार्य के लिए योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सोसायटी के माध्यम से प्राप्त दवा लगभग 400 रोगियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया के सदस्य दीपक आनन्द, अन्य कार्यकारी सदस्य, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के डाॅ. वीके गोयल, नायब तहसीलदार निर्वाचन महेन्द्र ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने आज सोलन जिला के नालागढ़ में संत निरंकारी मिशन सत्संग भवन में कोविड-19 रोगियों के लिए 25 बिस्तर सुविधायुक्त कोविड केयर केन्द्र का शुभारम्भ किया। कोविड-19 रोगियों के लिए मिशन द्वारा आॅक्सीजन कन्सट्रेटर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि भारत को अपनी सनातन संस्कृति के लिए जाना जाता है और देश में मानव उत्थान के लिए कार्यरत विभिन्न धार्मिक संस्थाएं संकट के इस काल में भारत की सेवा की परम्परा को आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण काल में संत निरंकारी मिशन द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रयास कोविड-19 रोगियों को सहायता पहुंचाने के साथ-साथ उनके परिजनों को संबल प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कल्याणकारी कार्यों में तथा कोविड-19 समय में रोगियों की सुविधा एवं सेवा के लिए मिशन का आभार व्यक्त किया। आयुष मंत्री ने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा 25 बिस्तर सुविधायुक्त कोविड-19 केयर केन्द्र जिला कांगड़ा में भी तैयार किया गया है। प्रदेश के वन मंत्री राकेश पठानिया कल अर्थात 26 मई को इसका विधिवत शुभारम्भ करेंगे। डाॅ. सैजल ने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा आज कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए 500 आॅक्सीमीटर भी प्रदान किए गए हैं। आॅक्सीमीटर कोविड रोगियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और मिशन का यह सहयोग सभी के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मिशन द्वारा पूर्व में 100 आॅक्सीजन कन्सट्रेटर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्तर पर कोविड-19 रोगियों को राहत एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्यरत है। प्रदेश में कोविड-19 रोग से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का समुचित भण्डार उपलब्ध है। सभी जिलों में आॅक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रोगियों की सुविधा के लिए जिला मण्डी एवं जिला कांगड़ा के परौर में आॅक्सीजन सुविधायुक्त 200-200 बिस्तर के मेकशिफ्ट अस्पताल समर्पित किए हैं। सोलन जिला में भी 200 बिस्तर आॅक्सीजन सुविधायुक्त मेकशिफ्ट अस्पताल शीघ्र ही समर्पित कर दिया जाएगा। डाॅ. सैजल ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण करवाएं और सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से साफ करते रहें। आयुष मंत्री ने होम आईसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों से आग्रह किया कि वर्चुअल माध्यम से कार्यान्वित किए जा रहे आयुष घर द्वार कार्यक्रम का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम योग के माध्यम से रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा रहा है और उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव का कारण बन रहा है। इससे पूर्व निरंकारी संस्था के क्षेत्रीय संचालक नरेन्द्र कश्यप ने स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया और पीड़ित मानवता की सेवा में संस्था के योगदान को स्वीकार करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन कोविड केयर केन्द्रों में प्रत्येक बिस्तर के साथ आॅक्सीजन कन्सट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रोगियों के लिए तीनों समय के भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने संस्था की ओर से आयुष मंत्री को धार्मिक साहित्य की पुस्तकों का सेट भेंट किया। एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल, खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ डाॅ. केडी जस्सल, कोविड-19 नोडल अधिकारी डाॅ. गगन दीप राजहंस सहित अन्य अधिकारी एवं संत निरकांरी संस्था के पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विश्वस्तरीय काव्य संगोष्ठी का आयोजन हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और श्री ब्रह्म विद्योल्लसिनी ओडिशा के तत्वावधान में किया गया। यह कार्यक्रम एक नवीन परंपराओं को ध्यान में रखते हुए ज्योतिर्विद देशराज शर्मा के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर किया गया। कवि सम्मेलन कोरोना वायरस को देखते हुए ऑनलाइन माध्यम से करवाया गया। यह जानकारी हिमाचल संस्कृत अकादमी शिमला के पूर्व सचिव डॉ मस्तराम शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इसमें देश व विदेश के संस्कृत विद्वानों, प्रकांड विद्वानों को संगोष्ठी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहारनपुर निवासी डॉ सुरेंद्र शुक्ल थे। कार्यक्रम में उमाकांत शुक्ला, रमाकांत शुक्ल, विष्णु कांत शुक्ला आदि विशिष्ट कवियों में रहे। डॉ मस्तराम शर्मा ने संस्कृति पर अपनी कविता से राष्ट्रीय एकता को सूत्रधार मानकर कविता का वाचन किया। अमेरिका से श्रीमाधव मुरलीधर देशपांडे ने कविता संस्कृत भाषा में सुनाई, डॉ केदारनारायण जोशी, डॉ बिहारी लाल शर्मा, डॉ दिवाकर दत्त शर्मा, डॉ ज्ञानेश्वर शर्मा आदि कार्यक्रम से जुड़े रहे। विदेशों में भाग लेने वाले कवियों में कुशाग्र अनिकेत अमेरिका से, मार्से लोमेली इटली से और ऐडगर लीटान जर्मनी से विक्रम दास ब्रह्मचारी यूक्रेन से प्रतिनिधि करते हुए इन्होंने संस्कृत भाषा में अपना काव्य पाठ किया तथा संस्कृत के गौरव का बखान किया। इस दौरान डॉक्टर अमृतलाल गुजरात से, आराध्या गौरव पंडित बृजेश गुजरात से, प्रवीण पौडेल नेपाल से, डॉक्टर कृष्ण चंद्र शास्त्री हरियाणा से, सह देव जोशी गुजराती, आचार्य अरविन्द पांडेय, दयाराम गौतम आसाम से, रवि दत्त शर्मा हरियाणा से, मार्कंडेय रविंद्र हरियाणा से, डॉक्टर जोगेंद्र शर्मा हरियाणा से, आचार्य अमित शर्मा राजस्थान से, डॉक्टर नंद प्रदीप कुमार उड़ीसा से, डॉ प्रमोद कुमार मिश्र असम से तथा शिव कुमार सहित अन्य कवियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। इस प्रकार, वायरस श्रृंखला को तोड़ने के लिए, मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य में 31 मई, 2021 तक समान प्रतिबंधों के साथ कोरोना कर्फ्यू को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग राज्य के निजी अस्पतालों को अपने संस्थानों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह महसूस किया गया कि विधायक संबंधित एसडीएम के साथ होम आइसोलेशन में कोविड रोगियों के कल्याण/उपचार की समीक्षा कर सकते हैं। मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को अपनी मंजूरी दी जिसमें वर्ष के दौरान 1,829 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह की परिकल्पना की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 228 करोड़ अधिक है जिससे 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कोविड से उत्पन्न वर्तमान स्थिति को देखते हुए आबकारी वर्ष 2020-21 को एक माह के लिए 30 जून 2021 तक बढ़ा दिया गया है। नई आबकारी नीति 9 माह अर्थात 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। प्रदेश में खुदरा आबकारी ठेकों के नवीनीकरण हेतु वर्ष 2021-22 में इकाई/विक्रेता के मूल्य के 3 प्रतिशत के नवीनीकरण शुल्क पर सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से शराब के मूल्य में कमी एवं पड़ोसी राज्यों से इसकी तस्करी को रोकने के लिए। नई नीति के अनुसार, IMFL के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे क्योंकि लाइसेंस शुल्क और उत्पाद शुल्क कम कर दिया गया है, जिले और अंतर-जिला के भीतर कोटा के हस्तांतरण की सुविधा को मंजूरी दी गई है। नई आबकारी नीति में शराब निर्माताओं और बॉटलरों के लिए देशी शराब कोटे का 15 प्रतिशत खुदरा लाइसेंसधारियों को आपूर्ति करने की भी अनुमति है। शेष 85 प्रतिशत कोटा खुदरा लाइसेंसधारियों द्वारा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ताओं से उठाया जा सकता है। पहले यह 30 फीसदी था। इसमें लाइसेंस शुल्क में 5 प्रतिशत और कोटा में 3 प्रतिशत की वृद्धि की परिकल्पना की गई है। टेंट आवास में शराब परोसने के लिए नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है और वाइन निर्माण इकाइयों और वाइन टेस्टिंग फेस्टिवल में आगंतुक केंद्र के लिए नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है। इसी तरह, पेट्रोलियम कंपनियों को विशेष आपूर्ति के उद्देश्य से इथेनॉल के उत्पादन के लिए फॉर्म डी-2ई में नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है, लाइसेंस के माध्यम से डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब के कुछ हाई-एंड ब्रांड एल-10बीबी में लाइसेंस के अधीन अनुमोदित किया गया है। कुछ नियमों और शर्तों और होटलों से जुड़े बार के शराब कोटे में 50 प्रतिशत की कमी की गई है। सीएसडी कैंटीन के लिए लाइसेंस शुल्क कम कर दिया गया है और सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को एल-9 और एल-9ए में शराब कैंटीन लाइसेंस की सुविधा की अनुमति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी पुलिस को सैद्धान्तिक रूप से अनुमोदित कर दिया है ताकि शराब की अंतर्राज्यीय एवं अन्तर्राज्यीय तस्करी, अवैध व्यापार तथा शराब की अवैध बिक्री की जाँच की जा सके, जिससे सरकारी खजाने को आबकारी राजस्व का काफी नुकसान होता है। सब-वेंड जोड़ने की कीमत काफी कम कर दी गई है और अनलिफ्ट कोटे पर जुर्माने को युक्तिसंगत बनाया गया है, जबकि भंडारण और परिवहन के लिए थोक व्यापारी के लिए ब्रेकेज 0.5% से बढ़ाकर 0.6% कर दिया गया है। यह आशा की जाती है कि इस नीति में सभी हितधारकों को ध्यान में रखा गया है जिसमें सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक व्यापारी, बॉटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी और होटल और बार शामिल हैं। विभाग द्वारा सभी वर्गों को फीडबैक लेने में लगाया गया था जिसके आधार पर ये निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने चालू वर्ष के टोल पट्टों को एक महीने बढ़ाकर 30 जून, 2021 तक करने का भी निर्णय लिया, जिसकी बाद में नीलामी की जाएगी। वर्ष 2021-22 के लिए पट्टे 1 जुलाई, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक चालू रहेंगे। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार चारा विकास परियोजना के क्रियान्वयन हेतु नई योजना को बजट- 2021-22 में स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना में राज्य में बारहमासी उच्च उपज देने वाली घास प्रजातियों, चारे के पेड़ों के रोपण स्टॉक और किसानों के खेतों के साथ-साथ गौसदन में उनका प्रसार करने की परिकल्पना की गई है। मंत्रिमंडल ने इन निगमों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 33 पदों, नव निर्मित नगर निगमों, मंडी, सोलन और पालमपुर में 11-11 पदों को भी मंजूरी दी। मंत्रिमण्डल ने कृषि विभाग के सुचारू संचालन के लिए चालक के 20 पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला स्तरीय मेले में शिमला जिले में ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव, जुंगा घोषित करने की भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने कांगड़ा जिले की इन्दौरा तहसील के अंतर्गत ठाकुरद्वारा में आवश्यक पदों के सृजन के साथ-साथ चंबा जिले की तेलका में नई उप तहसील खोलने का निर्णय लिया और कांगड़ा जिले की उप तहसील नगरोटा सुरियान को स्तरोन्नत करने के साथ-साथ आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया। यार इस तहसील बैठक में श्री नैना देवी जी तहसील के टोबा सांगवां (कौनालावाला टोबा), सदर तहसील में खरसी और बिलासपुर जिले की झंडुता तहसील में बडोल और रोहाल में पटवारी के एक पद और भाग के एक पद के सृजन के साथ-साथ नए पटवार सर्कल बनाने को भी अपनी सहमति दी. इन क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक पटवार सर्कल के लिए टाइम वर्कर। इसने मेसर्स आर.के.वी के पक्ष में अनुमोदन प्रदान करने के लिए अपनी सहमति दी। स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड काला अंब, तहसील नालागढ़ जिला सोलन में अतिरिक्त न्यूट्रल अल्कोहल (शराब) पर आधारित डिस्टिलरी, ब्रेवरी और इथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए। मंत्रि-परिषद ने इन कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ-साथ सिरमौर जिले के सराहन में और गगल शिकोर में उपमंडल के साथ-साथ सराहन-द्वितीय और गगल शिकोर में दो नए अनुभागों के साथ लोक निर्माण विभाग के नए प्रभाग को खोलने को मंजूरी दी। कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र में एक नया सरकारी फार्मेसी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया, साथ ही इस कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने डॉ. वाई.एस. में सहायक एवं सहायक प्राध्यापक के 34 रिक्त पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की। परमार शासकीय मेडिकल कॉलेज, नाहन, जिला सिरमौर, पं. जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चंबा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेर चौक, जिला मंडी, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर, आईजीएमसी, शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, कांगड़ा जिले के सीधे माध्यम से इन मेडिकल कॉलेजों में विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भर्ती। आईजीएमसी, शिमला में सामान्य चिकित्सा विभाग में रुमेटोलॉजी सेल में सहायक प्रोफेसर के एक पद को सृजित करने और भरने के लिए भी अपनी सहमति दी। इसने रोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईजीएमसी शिमला में नेफ्रोलॉजी विभाग और डॉ राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पांच रिक्त पदों को भरने की अनुमति दी. मंत्रि-परिषद ने कांगड़ा जिले के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा के लिए क्षेत्र के मरीजों की सुविधा के लिए 4.28 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन 128 स्लाइस मशीन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ जमुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को भी अपनी मंजूरी दी। सोलन जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा मेहलोग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया। कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में डॉक्टरों की संख्या मौजूदा 9 से बढ़ाकर 14 करने का भी निर्णय लिया गया ताकि इस क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पांच नए पद सृजित किए जा सकें। मंत्रि-परिषद ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सोलन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरमपुर को छह बिस्तरों से बढ़ाकर 50 बिस्तरों वाला सीएचसी करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए मंडी जिले के स्वास्थ्य उप केंद्र तातापानी को सांविधर खंडेरी में स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी।
जिला हमीरपुर में कोरोना मामलों को लेकर पहले स्थान पर रहे बमसन क्षेत्र में सुजानपुर ब्लाक कांग्रेस व सर्वकल्याणकारी संस्था तत्काल संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की मदद के लिए पहुंच रहे हैं। स्वयं कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के चेयरमैन अभिषेक राणा अपनी टीम के साथ पंचायतों में दस्तक दे रहे हैं। सोमवार को बमसन क्षेत्र के 25 बूथों में अभिषेक राणा ने संस्था व कांग्रेस के मुख्य कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा आक्सीमीटर प्रदान किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि क्षेत्र में जिन कोरोना पाजीटिव मरीजों को आक्सीजन की आवश्यकता होगी, उन्हें ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर भी प्रदान किए जाएंगे। इस दौरान अभिषेक राणा ने क्षेत्र के लोगों का कुशलक्षेम पूछने के साथ उन्हें कोविड महामारी के दौरान एहतियात बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचने का सबसे बढ़िया तरीका एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखना है, लेकिन परस्पर सामाजिक सहयोग व सकारात्मक सोच अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि विधायक राजेंद्र राणा के दिशानिर्देशानुसार संस्था व पार्टी की टीमें लोगों की जरूरी मदद कर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि बेवजह घरों से बाहर न निकलें। अगर किसी तरह की सहायता चाहिए या कोई समस्या हो तो विधायक राजेंद्र राणा, उनसे या फिर संस्था व पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से संपर्क करें। संस्था व कांग्रेस पार्टी हर समय लोगों की सेवा में तत्पर है। इस दौरान उनके साथ सुजानपुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन ज्योति प्रकाश, संस्था के जिलाध्यक्ष लेखराज ठाकुर व महासचिव डा. अशोक राणा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कोरोना महामारी ने समस्त वैश्विक मानव समाज को प्राण रक्षा हेतु मजबूर करके घरों के भीतर चाहे कैद कर दिया हो लेकिन आज भी कोई अगर समाज व राष्ट्र के लिए कार्य कर रहे है तो वो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी ही है चाहे सेवा कार्य हो या जागरूकता। हिमाचल प्रदेश राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ एचएल शर्मा जी व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय राज्य एनएसएस समन्वयक डॉ बी आर ठाकुर जी के मार्गदर्शन व सनिध्य में एनएसएस हिमाचल के स्वयंसेवी सेवा के क्षेत्र में अपना विशेष योगदान दे रहे है। इन एनएसएस के स्वयंसेवीयों के हौंसलो के आगे कोरोनावायरस भी फीका सा लगता है। इन्हीं हौसलों से अब स्वयंसेवी ज्ञान दान कर शिक्षा पर लगे लॉकडॉऊन को समाप्त करेंगे। एनएसएस हिमाचल प्रदेश के समस्त एनएसएस स्वयंसेवियों के सक्रिय व श्रेष्ठ क्रियाशील प्रयासों से स्वयंसेवी प्रदेश के छात्रों के मन पर लगे मानसिक लॉकडाउन को ज्ञान दान से समाप्त करने जा रहे हैं। रविवार संध्या को डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम से इस विशेष अभियान का राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता स्वयंसेवी सुमित ठाकुर जी की विशेष उपस्थिति में शुभारंभ हुआ। सुमित ठाकुर जी ने कहा कि ,"इस अभियान को हम समाज के जन-जन और मन-मन तक पहुंचाएंगे ताकि शिक्षा की ज्योति सदैव समाज में ज्वलित रहें।" इस विशेष अभियान के अन्तर्गत एनएसएस स्वयंसेवी शिक्षक अपनी विशेष पकड़ के विषय पर जमा एक (+1) व जमा दो(+2) के प्रदेश के छात्रों को डिजिटल माध्यम से कक्षाएं आयोजित करके शिक्षा पर लगे मानसिक लॉकडाउन को समाप्त करेंगे। ज्ञान दान के इस महाअभियान से एनएसएस स्वयंसेवी समाज में सेवा व जागरूकता कार्यों को अपने रचनात्मक कौशल से करके समाज में एक नई मिसाल पेश कर रहे है। पौधारोपण,स्वच्छता,सामाजिक जागरूकता,श्रमदान व रक्तदान के साथ-साथ अब एनएसएस हिमाचल के स्वयंसेवी "ज्ञानदान" में निभाएंगे अपनी विशेष स्वयंसेवी होने की भूमिका। "एनएसएस मेरी पाठशाला" अभियान में प्रदेश के स्कूली छात्र निशुल्क,नि:स्वार्थ गुणात्मक शिक्षण के लिए एनएसएस के साथ इस विशेष अभियान में आमंत्रित है। इस विशेष कार्यक्रम को संचालित करने के पीछे एनएसएस स्वयंसेवीयों का उद्देश्य छात्रों के मन पर लगे उदासी,चिंता व अज्ञानता के लॉकडॉऊन को समाप्त कर ज्ञान की कीर्ति जगाकर समाज के युवाओं को शिक्षा के साथ जोड़कर रखना है। इस विशेष अभियान के साथ जुड़ने के लिए प्रदेश के स्कूली छात्र, स्वयंसेवी गौरव जी (8837868540), सिद्धांत जी(98174 93827) व ठाकुर दीक्षित धलारिया जी (9805984896) से सम्पर्क कर सकते है। इस "एनएसएस मेरी पाठशाला" अभियान में कपिल जी,ललित जी ,सुधांशु जी,भार्गव तौमर जी व प्रत्येक जिला से जिला संयोजक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अभिनीत कर रहे है।
एसजेवीएन ने शिमला स्थित अपने कारपोरेट मुख्यालय तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में स्थित अपने सभी परियोजना कार्यालयों में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाया। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने निदेशक(कार्मिक), गीता कपूर, निदेशक (वित्त), ए.के.सिंह तथा निदेशक(विद्युत), सुशील कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में कंपनी का झंडा फहराया। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस अवसर पर कर्मचारियों से संवाद किया। नन्द लाल शर्मा ने वर्चुअल प्लेटफार्म से कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा विश्व कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है और सरकारी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस साल एसजेवीएन किसी समारोह गतिविधि का आयोजन नहीं कर रहा है। नन्द लाल शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन वर्तमान में एक साथ दस प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है तथा इससे अबसभी स्तरों के कर्मचारियों की ज़िम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। इसलिए सभी को जवाबदेही और जिम्मेदारी दर्शाते हुए यह सुनिश्चित करना है कि इन प्रोजेक्ट्सको बिना किसी लागत वृद्धि के तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
कोरोना संकट में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना बनी वरदान, हमीरपुर जिला में 42,437 पात्र परिवारों को दो माह तक मुफ्त अनाज किया जा रहा प्रदान हमीरपुर, 24 मई। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से प्रारम्भ की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का प्रदेश सहित हमीरपुर जिला में त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। जिला में 42,437 पात्र परिवारों को इससे लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान 1,62,874 जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क राशन उपलब्ध करवाने की दृष्टि से यह योजना वरदान साबित हो रही है। यह हैं योजना के लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत चयनित राशनकार्ड धारक इस योजना के लिए पात्र हैं जो योजना के माध्यम से 5 किलो अनाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। इस वर्ष योजना के तहत मई व जून में यह अन्न वितरित किया जा रहा है। इस योजना की विशेष बात यह है कि पात्र राशनकार्ड में जितने लोगों के नाम दर्ज हैं, उनमें से प्रत्येक सदस्य को 5 किलो अनाज (जिसमें तीन किलोग्राम गेहूं एवं दो किलोग्राम चावल) प्रदान किया जा रहा है। यह अनाज प्रतिमाह मिलने वाले अनाज से अलग होगा। कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन किया सुनिश्चित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल एवं गतिशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस तरह की कल्याणकारी योजनाओं के त्वरित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ पात्र लोगों को समय पर मिले, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं। जिला में मुफ्त अनाज का आवंटन जारी जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शिवराम राही ने बताया कि योजना के तहत हमीरपुर जिला में मई, 2021 माह के लिए गंदम का 501 मिट्रिक टन का आवंटन किया गया है। यह गंदम सभी डिपो होल्डर्स को आगे पात्र परिवारों को वितरण हेतु भेजा जा चुका है। इस माह के अंतिम सप्ताह तक इसका वितरण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, मई माह के लिए जिला को इस योजना में 353 मिट्रिक टन चावल का आवंटन किया गया है। चावल की यह मात्रा भी आगे पात्र उपभोक्ताओं तक वितरण के लिए डिपो होल्डर्ज के माध्यम से भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत जून, 2021 के लिए हमीरपुर जिला को 486 मिट्रिक टन गंदम एवं 342 मिट्रिक टन चावल का आवंटन फिलहाल किया गया है। इसकी लिफ्टिंग की प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गई है, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा सुनिश्चित उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार हमीरपुर जिला में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लोगों को समय पर इस योजना का लाभ प्रदान करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से योजना का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया है।
कोरोना काल में पिछले कुछ समय से हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में चल रही रक्त की कमी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन एवं उपचाराधीन मरीजों व उनके परिजनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी। इस समस्या को समझते हुए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में चल रही रक्त की कमी को दूर करने का फ़ैसला लिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर एवं प्रदेश भाजपा के दिशानिर्देशों पर हमीरपुर जिला भाजयुमो ने मेडिकल कॉलेज में रक्तदान की कमान संभाल ली है। इसी कड़ी में सोमवार को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भाजयुमो द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें कि 32 भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने रक्तदान कर मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में जरूरत पड़ने पर मरीजों को रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई है। इस अवसर पर भाजयुमो जिला अध्यक्ष अजय रिंटू शर्मा ने बताया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में हर रोज भाजयुमो रक्तदान करवाएगा। केवल यही नहीं अन्य आपात परिस्थितियों में भी किसी को भी जरूरत पड़ने पर किसी भी ग्रुप का रक्त भाजयुमो तुरंत उपलब्ध करवाएगा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने बताया कि रविवार को कोई पार्टी की एक वर्चुअल बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं प्रदेश भाजपा की तरफ से उन्हें दिशा निर्देश मिले थे कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में यदि किसी भी तरह की कोई रक्त की कमी जैसी समस्या पेश आ रही हो तो भाजयुमो अपने कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित कर इस समस्या को दूर करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। अजय रिंटू ने बताया कि भाजयुमो इससे पहले भी समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन जिला में करते आया है अभी हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के जन्मदिवस पर भाजयुमो ने एक बहुत बड़े रक्तदान शिविर का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दिशा निर्देश पर भाजयुमो कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर में जाकर सैनिटाइजर बांटने मास्क बांटने सैनिटाइज करने के के अलावा कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों को फल बांटने और अगर कोई परिवार पॉजिटिव आने के कारण आइसोलेशन में रखा गया है तो उनको जरूरत की सभी वस्तुएं उनके घर द्वार तक पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं । अजय मिंटू ने कहा कि यदि कोई परिवार पॉजिटिव होने के कारण आइसोलेशन में होने की वजह से किसी भी समस्या का सामना कर रहे हैं तो वह भाजयुमो से संपर्क करें उनका हर संभव सहयोग किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सोनम नेगी ने बताया कि 27 मई, 2021 को जिले के तीन स्थानों पर 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 27 मई को जिले के क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मूरंग व कटगांव में 100-100 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति कोविन पोर्टल पर 25 मई, 2021 दोपहर 2ः30 मिनट से अपना स्लाॅट बुक कर टीका लगवा सकतें हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 31 मई को क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ व रकच्छम में 18 से 44 वर्ष के नागरिकों का कोविड टीकाकरण किया जाएगा जिसके लिए इस आयु वर्ग के इच्छुक व्यक्ति कोविन पोर्टल पर टीकाकरण की तिथि से दो दिन पूर्व दोपहर 2.30 बजे से अपना टीकाकरण का स्लाॅट बुक कर सकतें हैं।
प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के काजा खंड में अपोलो टेलीमेडिसिन सेन्टर की सुविधा वरदान साबित हो रही है कोविड-19 चलते काजा के लोगों को देश के जाने-माने चिकित्सकों से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। कोरोना में लोग स्पिति घाटी से बाहर जाने में परहेज कर रहे है। ऐसे में स्वास्थय सुविधाओं के कोई सेंटर में पहुँच रहे है। 24 अप्रैल 2015 को अपोलो टेलीमेडिसिन का सेंटर काजा में शुरू हुआ था। तब से लेकर आज तक 9480 मरीजों का उपचार इस सेंटर के माध्यम से किया जा चुका है । इसके साथ ही 420 ऐसे मरीज सेंटर में पहुंचे जिन्हें आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत थी। इन सभी को भी बेहतर इलाज देकर स्वस्थ किया गया । जनजातीय क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग प्रदेश के अन्य अस्पतालों में सफर करने के लिए परहेज भी करते हैं और कई लोग असमर्थ भी है ऐसे में सेंटर में ही लोग उपचार के लिए आते हैं और विशेषज्ञों से अपना इलाज यहीं बैठकर करवा लेते हैं। स्पिति में अभी तक 150 कैम्प सेंटर की ओर से लगाएं गए जिनमें लोगों को सेंटर की गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया। अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर का काजा में कार्यरत हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीथ ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 से लेकर आजतक सेंटर कार्य कर रहा है और इससे काफी लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। जैसे ही मरीज हमारे यहां पहुंचता है तो पहले उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और उसके बाद किस बीमारी से ग्रसित है इसके बारे में जानकारी हासिल की जाती है और फिर सम्बंधित रोग विशेषज्ञ से संपर्क वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया जाता है। चिकित्सक सीधे मरीज से बातचीत करता है और रोग के बारे में जानकारी हासिल करता है और फिर इसके बाद ही दवाइयां और टेस्ट लिखे जाते हैं। हमारे पास की दवाइयां है जो कि मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है ।24 घंटे की सेंटर में रहती है । 172 दवाइयां मिलती है मुफ्त अपोलो टेलीमेडिसिन सेंटर काजा में मरीजों के लिए मुफ्त दवाइयों का प्रावधान भी रखा गया है अस्पताल में करीब 172 तरह की दवाइयां मरीजों को चिकित्सकों की सलाह पर मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही हैं । इससे जहां स्थानीय लोगों के पैसे की बचत होती है। बेहतरीन दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है टेस्ट की सुविधा सेंटर में 17 टेस्ट मुफ्त में किए जाते हैं । इनमें यूरिन टेस्ट, एचबी टेस्ट आरबीएस टेस्ट, ए एस ओ टेस्ट, सीपीपी टेस्ट ,आरएफ टेस्ट, यूपीटी टेस्ट ,एचबीएआइसी, ईसीजी ,ट्रॉप 1, लिपिड प्रोफाइल आदि शामिल है । वीसैट के माध्यम से कनेक्टिविटी काजा में इंटरनेट की सुविधा मात्र 3 पंचायतों में और वर्ष 2015 में जब टेलीमेडिसिन शुरू किया गया था। तो यहां पर इंटरनेट की सुविधा नहीं थी । इसी वजह से यहाँ ओर वीसेट स्थापित किया गया ओर चैन्नई सेंटर के सर्च काजा को जोड़ा गया है। जहां पर डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद होती है और स्पीति के लोगों का उपचार करने में यह भूमिका टेली मेडिसिन सेंटर निभा रहा है। सेंटर में 4 कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं इनमें दिल्ली हेल्थ कोऑर्डिनेटर लामा बुटीक स्टाफ नर्स मोनिका ठाकुर और तेनजिन डॉक्टर और आईटी टेक्निशियन राजेश कुमार शामिल है।
कोरोना महामारी को मात देने के लिए युवा वर्ग अपनी भागीदारी निभाने के लिए तत्पर है और सरकार व प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहा है। वैक्सीनेशन के लिए भी युवा वर्ग काफी उत्साहित है व ऑनलाइन बुकिंग करवाकर वैक्सीनेशन अभियान में भाग ले रहे हैं। सोमवार को 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को वैक्सीनेशन किया गया। कुनिहार के जुबला वैक्सीनेशन केंद्र में जाकर युवाओं ने वैक्सीन लगवाई। वैक्सीन लगवाने वाले युवा जंहा उत्साहित थे तो वन्ही वह युवा जिन्होंने ऑनलाइन अपनी रजिस्ट्रेशन करवाई है पर सीमित वेक्सिनेशन के कारण उनका नम्बर नही आ रहा है वह मायूस दिखे युवा लक्षय, रजत,पंकज,पीयूष, चमन,मनोज आदि का कहना है कि सरकार व प्रसासन को वैक्सीनेशन को बढ़ाना चाहिए ताकि सभी जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाकर कोरोना से सुरक्षित हो सके व प्रदेश व देश से कराना महामारी शीघ्र खत्म हो। जुबला केंद्र पर वैक्सीनेशन अभियान में हैल्थ सुपरवाइजर कृष्ण चन्द वर्मा,महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपना,सहायिका नीलम ,रंजना ,मनोरमा व मीरा आदि ने अपना सहयोग दिया।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपती ठाकुर ने सरकाघाट विधानसभा की ग्राम पंचायत रोपडी मे स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में आशा वर्करो से मुलाकात कर इस कोरोना काल में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना कर उन्हें सम्मानित किय । आशा वर्करो ने बताया कि वो कोरोना संक्रमित व्यक्तियो के घर उनके हाल चाल जानने तथा उनके घर दवाईया इत्यादि पहुंचाती है, जिसकी वजह से वह कई कोरोना संक्रमित लोगों के सम्पर्क में भी आती है। कोरोना संक्रमित व्यक्तियो के सम्पर्क में आने के कारण आशा वर्करो को अपने घर में भी परिवार से अलग रहना पड़ रहा है । हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपती ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी की इस भयानक घड़ी में भी आशा वर्करों को सरकार द्वारा सिर्फ़ 2250/- रुपए मानदेय दिया जा रहा है तथा पिछले 3 माह से आशा वर्करो को उनका मानदेय भी नहीं मिल रहा है । यदोपती ठाकुर ने कोविड-19 के बचाव के लिए दिन रात घर व हर दर पहुंचने वाली आशा वर्करो की जोरदार पैरवी करते हुए कहा कि कोविड-19 के फ़्रन्ट मोर्चे में लड़ रही इस गरीब जमात का सरकार इस दौर में शोषण ना करें तथा पिछले 3 माह से उनका मानदेय रोका जाना इस वर्ग के साथ सरासर नाइंसाफी है। आशा वर्करो की सेवाएं समाज के लिए प्रेरणादायक है। करीब 50 रुपए प्रति रोज पर काम करने वाली यह बेवस आशा वर्कर निराशा के दौर में है । यदोपती ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि आशा वर्करो का मानदेय बढाए तथा कोरोना काल में इन्हें अतिरिक्त व आकर्षक मानदेय भी जारी करें ताकि इस वर्ग के साथ न्याय हो सके । यदोपती ठाकुर ने बताया कि पूरे सरकाघाट विधानसभा में जितनी भी आशा वर्कर है हम उन सभी को उनके द्वारा कोविड काल में दी जा रही बेहतरीन सेवाओ के लिए सम्मानित करेंगे । इस दौरान परसदा हवाणी पंचायत के उप-प्रधान लश्करी राम, सरकाघाट युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सौरभ शर्मा, अंकुश शर्मा, दलेर सिंह पराशर, शशी ठाकुर इत्यादि मौजूद रहे ।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल परौर का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमण्डल के परौर में कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में अस्पताल में 250 बिस्तर क्षमता होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस मेकशिफ्ट अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को भूमि प्रदान करने के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास के स्वयंसेवी, रोगियों तथा उनके परिजनों को भोजन प्रदान करेंगे, जो कि मानवता की महान सेवा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के रोगियों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए इस मेकशिफ्ट अस्पताल के सभी बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन उपलब्ध करवाते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार रोगियों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना में क्षमता निर्माण पर बल दे रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन किया है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से इस कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का आग्रह किया है, जिसके लिए केन्द्र सरकार ने सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार ने डी-टाइप सिलेंडरों की संख्या भी 2500 से बढ़ाकर लगभग 6300 कर दी है, जिससे ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को भी 1200 से बढ़ाकर लगभग 5000 कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 रोगियों का समय पर पता लगाने पर बल दे रही है ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जा सके। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रोगियों को कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों में उचित और समय पर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि यह संतोषजनक है कि गत दिनों के दौरान कोविड के रोगियों की स्वास्थ्य लाभ दर 83 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों से लगातार सम्पर्क बनाया जाए ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा सके और उनका उचित उपचार किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड रोगियों का शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार मरीजों को होम आइसोलेशन किट भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह किट कोविड रोगियों को शीघ्र उपलब्ध हो। उन्होंने प्रदेश को इस महामारी से निपटने के लिए प्रदान की गई सहायता के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने इस अवसर पर कहा कि परौर में निर्मित मेकशिफ्ट अस्पताल विशेषकर कांगड़ा के लोगों को बेहतर कोविड उपचार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस परोपकारी कार्य के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया और प्रदेश को इस कठिन समय से बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की भी सराहना की। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोविड से निपटने में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि परौर में मेकशिफ्ट अस्पताल रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे जबकि लोक सभा सांसद किशन कपूर व राज्य सभा सांसद इन्दु गोस्वामी इस अवसर पर परौर में उपस्थित थीं।
प्रदेश विधानसभा सदन में विपक्ष के विरोध और हल्ले का मूंह ताेड़ जवाब देने वाले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज पिछले एक साल से शहराें का विकास करवाने में कृतसंकल्प हैं। हालांकि जयराम सरकार के कार्यकाल के दाे साल तक उनके पास शिक्षा विभाग का दायित्व भी था, लेकिन पिछले साल मंत्रीमंडल विस्तार में उनसे शिक्षा विभाग लेकर उन्हें शहरी विकास विभाग थमा दिया गया। ऐसे में अब उनकी प्राथमिकता प्रदेश के शहराें काे विकसित करना है। फर्स्ट वर्डिक्ट के साथ विशेष बातचीत में सुरेश भारद्वाज कहते हैं कि स्मार्ट सिटी और AMRUT मिशन शहरीकरण में आने वाले चुनाैतियाें का सामना करने में सक्षम हैं। इसके साथ-साथ सुरेश भरद्वाज के साथ अन्य मसलाें पर हुई चर्चा के विशेष अंश... सवाल: बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियां क्या हैं और उनके समाधान क्या हैं ? जवाब: हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है और शहरीकरण के चलते रहने के लिए मकान, आने - जाने के लिए संसाधन (ट्रांसपोर्ट) व अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटाना अन्य राज्यों से मुश्किल काम हैं। स्मार्ट सिटी और अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन मिशन ( AMRUT ) के माध्यम से इन चुनौतियों से पार पाने के प्रयास किये जा रहे हैं। शिमला शहर का कायाकल्प हो रहा है तथा दूसरी स्मार्ट सिटी धर्मशाला पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है जिस से आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सके। देश में नरेंद्र मोदी और प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकारें इन चुनौतियों से निपटने के लिए काम कर रही है। सवाल: पूरे प्रदेश में ही निर्माण अव्यवस्थित सा है, उसे देखते हुए गावों से शहरों में बढ़ रही पलायन गतिविधियों को कैसे व्यवस्थित करेंगे ? जवाब: जैसे - जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है गाँव से शहर की और पलायन बढ़ रहा हैं। सभी चाहते है शहर या शहर के नज़दीक उनकी रिहाइश हो। ऐसी परिस्थिति में अव्यवस्थित निर्माण हुआ है। अब प्रयास यह है कि भविष्य में ऐसा न हो। जिन जगहों पर शहरीकरण हो रहा है, वो प्लानिंग एरिया के अधीन लाये जाते हैं ताकि सुव्यस्थित निर्माण सुनिश्चित कराया जा सके। दूसरी बात, अब गाँवों में भी पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसे में असुंतलन को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। सवाल: बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरी विकास विभाग का स्वरूप, शक्तियां और आम बजट में वित्तीय आवंटन क्या बढ़ेगा ? जवाब: बढ़ते शहरीकरण के साथ-साथ विभाग की ज़िम्मेदारियाँ भी बढ़ी है। जहाँ तक स्वरूप और शक्तियों की बात है, इनको बदलने या बढ़ाने से पहने इनका सही उपयोग करना प्राथमिकता है और हम इस दिशा में काम कर रहे है। 15 वे वित्तायोग में शहरी निकायों के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान है है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी, AMRUT व अन्य योजनाओं में बजट का प्रावधान है। केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना प्राथमिकता रहेगी। सवाल: आगामी बजट में आप क्या क्या प्रस्ताव लाना चाहेंगे ? अब तक क्या नयी जरूरतें महसूस हुई हैं ? जवाब: आम जनता से, जन प्रतिनिधियों से फीडबैक लिया जा रहा है। आपके माध्यम से भी मैं अपील करता हूँ कि आम जनता अपने सुझाव दे। बजट में अभी समय है और लिए अभी चर्चा होनी है और लोकहित में कदम ज़रूर उठाये जाएंगे। जहाँ तक नयी ज़रूरतों की बात है, नए नगर निगम, नगर पंचायतों का गठन हुआ है, वहां भी लोगों को सुविधाएं मिले, योजनाएं सुचारू रूप से चले, इस पर ज़ोर होगा। सवाल: टीसीपी कानून को किस तरह और मजबूत करेंगे ? साडा एरिया टीसीपी का क्या प्रारूप और प्रक्रिया होगी ? जवाब: मैं समझता हूँ कानून को मज़बूत होने के साथ-साथ सरल भी होना चाहिए। यह तय है कि कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा और यदि कोई जटिलताएं है तो उन्हें दूर किया जाएगा। मेरी प्राथमिकता एक पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जायेगा और जनता को अपने काम लिए लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े इस पर काम होगा। जहाँ तक साडा एरिया की बात है इसके लिए सरकार नए सिरे से विचार करेगी। एक प्लानिंग क्षेत्रों के लिए एक केबिनेट सब कमेटी भी बनी है। सरकार आम जनता को राहत देने के पक्ष में है। सवाल: शहरों में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा कचरा प्रबंधन की है, इसका क्या समाधान होगा और इसके लिए क्या कर रहे हैं ? जवाब: कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के 30 शहरों के 5,000 स्ट्रीट वेंडर्स को ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त ठोस कचरा प्रबंधन से सम्बंधित एडवोकेसी और कम्युनिकेशन रणनीति भी तैयार कर की गयी है और सभी शहरी निकायों को इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए है। नई तकनीकों का सहारा लेकर व्यवस्था को चाक चौबंद किया जा रहा है और आधुनिक कचरा संवर्धन प्लांट लगाने के प्रावधान किये जाएंगे। शहरों में कूड़ा उठाने की यंत्रीकृत व्यवस्था की गई है। काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा हिमाचल शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का कहां है कि पूरी दुनिया जहां काेराेना महामारी से लड़ रही है, वहीं कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की यदि बात करें ताे कांग्रेस ने पिछले साल से सिर्फ राजनीति ही की है। ऐसे दाैर में सभी दलाें काे साथ मिलकर काम करना चाहिए। केंद्र की माेदी और प्रदेश की जयराम सरकार ने हिमाचल की जनता काे काेराेना से मुक्त करवाने के लिए पहले दिन से ही लड़ाई लड़ी। केंद्र से हर संभव सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य उपकरण से लेकर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, खाद्य सामग्री सहित हर क्षेत्र के लिए भरपूर सहयाेग मिल रहा है। यही नहीं, बल्कि वेक्सीनेशन में भी हिमाचल इस वक्त पूरे देश में पहले नंबर पर है। बावजूद इसके कांग्रेस वेक्सीनेशन पर भी राजनीति कर रही है। मैं साथ ही कहना चाहता हूं कि अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनावाें में कांग्रेस कहीं पर भी दिखाई नहीं देगी। यानी हिमाचल काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा। तीन नगर निगम और 6 नगर पंचायतों का किया गठन प्रदेश में नए नगर निगम बनाने की वर्षों पुरानी मांग राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते पूरी होती नहीं दिख रही थी, विशेषकर सोलन और मंडी। सुरेश भारद्वाज के शहरी विकास मंत्री बनते ही इस मामला आगे बढ़ा और प्रदेश सरकार ने तीन नए नगर निगम और 6 नई नगर पंचायतों के गठन को हरी झंडी दे दी। सोलन, मंडी और पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिल चूका है। जबकि कंडाघाट, अंब, आनी, निरमंड, नेरवा और चिड़गांव को नगर पंचायत बनाया जा चूका है।
पूछा कहाँ खो गयी CM द्वारा मुआवज़ा देने को बनाई कमेटी और उसकी रिपोर्ट सरस्वती नगर से ज़िला परिषद् सदस्य व ज़िला परिषद् शिमला बाग़वानी व उद्योग कमेटी के चेयरमन कौशल मुँगटा ने फिर एक बार सरकार को बागवानों की अनदेखी पर घेरा है, उनका कहना है की बेमौसमी बर्फ़बारी व ओलावृष्टि से हुए नुक़सान पर सरकार ने अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई है और मुआवज़े की राशि किसी को नहीं मिली है, उन्होंने कहा की एक महीने से ज़्यादा का समय हो चुका है ना कोई मौक़े पर आया और ना ही कोई रिपोर्ट तैयार की जा रही है।उनका कहना है की सरकार ने जो इसके लिए कमेटी बनाई थी,वो,और उसकी रिपोर्ट दोंनो कहाँ ग़ायब है, बागवानों को हमेशा सरकार हल्के में लेती आयी है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा उन्होंने कहा की अगर यही हाल रहा तो वो ज़रूर बागवानों के हितों की रक्षा के लिये कोरोना के इस काल में सड़कों पर उतरेंगे। मूँगटा का कहना है की सरकार अपनी नाकामी को कोरोना की आड़ में छिपाना चाहती है लेकिन बागवान अपनी आवाज़ दबने नहीं देंगे सरकार को समझना चाहिए की 5000 करोड़ की सेब आर्थिकी प्रदेश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। बागवानो से हर वर्ष इंश्योरेंस के नाम पर प्रीमियम काटा जाता है उसका भी कोई अता पता नहीं है सरकार ने स्पष्ट रूप से बागवानों को कई वर्षों से बर्बाद होने के लिए छोड़ रखा है। कोरोना काल में जहाँ हर राज्य अपने लोगों को सुविधा प्रदान कर रहे है वहीं हिमाचल सरकार आपदा से हुए नुक़सान तक की भरपाई करने में नाकाम है।मुँगटा का कहना है की सरकार केंद्र से आयी आवाज़ तो सुन लेती है लेकिन सत्ता में जिन लोगों ने लाया है उन्हें आज नज़रअन्दाज़ किया जा रहा है और बागवानों और किसानों के साथ कोरोना की आड़ में खिलवाड़ हो रहा है जिसका सरकार को ख़ामयाजा भुगतना पड़ेगा वहीं उन्होंने इस मामले पर गौर करने और जल्द मुआवज़ा देने का सरकार से आग्रह किया है।
कोरोना महामारी के साथ-साथ अब लोगों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी। जून से लोगों को डिपुओं में 57 रुपये प्रतिलीटर सरसों का तेल महंगा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हरियाणा की सरकारी एजेंसी हैफेड के साथ एक महीने के लिए सरसों तेल का शार्ट टेंडर कर सप्लाई के लिए ऑर्डर भी जारी कर दिया है। 27 मई से एजेंसी सप्लाई भेजना शुरू कर देगी। प्रदेश के एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपुओं में अभी 103 रुपये प्रतिलीटर सरसों तेल दिया जा रहा है। अगले महीने 160 रुपये प्रतिलीटर चुकाने होंगे, जबकि बीपीएल राशनकार्ड धारकों को 155 रुपये चुकाने होंगे। कोरोना के चलते डिपुओं में दालें भी 5 से 15 रुपये तक महंगी हुई है। चना दाल बीपीएल के लिए 45 रुपये प्रति किलो, एपीएल के लिए 55 और आयकरदाता को 76 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। वहीं, मलका दाल बीपीएल के लिए 60 रुपये, एपीएल के लिए 70 और आयकरदाता को 88 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। दाम बढ़ने का कारण मालभाड़ा और लेबर की दिहाड़ी में इजाफा होना है।
कांगड़ा जिला के नूरपुर उपमंडल की ममूह गुरचाल पंचायत के मैहरका गांव के कोरोना संक्रमित व्यक्ति जिनका गत दिवस दिल्ली से अपने पैतृक गांव आते समय बीच रास्ते में निधन हो गया था और स्थानीय प्रशासन की देखरेख में कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसडीएम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर, तहसीलदार सुरभि नेगी, बीडीओ डॉ रोहित शर्मा तथा नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी आशा वर्मा सहित भाजयुमो के प्रदेश सचिव भवानी पठानिया भी उपस्थित रहे। सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेविओं की मदद से उनके पैतृक गांव में पूरे कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार की रस्म निभाई गई। उन्होंने बताया कि उपमंडल में इन दिनों में कोविड के कारण जिन मरीजों की मौत हुई है प्रशासन अपनी देखरेख में उनके अंतिम संस्कार की रस्म निभा रहा है। उन्होंने बताया कि उपमंडल के तहत 100 से अधिक स्वयंसेविओं ने कोविड के मरीजों की सहायता तथा इसके कारण किसी व्यक्ति की मौत हो जाने पर उसके अंतिम संस्कार के लिए अपनी सेवाएं देने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि संकट के इस समय में प्रशासन को स्थानीय पंचायतों तथा स्वयंसेवियों का पूरा सहयोग मिल रहा है।
एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने बीते दिनों रक्कड़ तहसील के अंतर्गत अलोह पंचायत में घरों में जाकर कोरोना संक्रमितों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि कोरोना से लगभग सभी लोग घरों में ही ठीक हो रहे हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग घरों में ही रहकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताई गई चिकित्सा विधि का पालन करें और पूरे जज्बे से कोरोना को हराने की मनोस्थिति रखें। एसडीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि संक्रमितों या उनके परिवारों को किसी प्रकार की कोई आवश्यक वस्तु की कमी न हो। उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को संक्रमितों के परिवारों से निरंतर संपर्क में रहने को कहा। एसडीएम ने कोरोना संक्रमितों से मिलने के उपरांत क्षेत्र में कोरोना नियमों की अनुपालना का जायजा लिया। उन्होंने आवश्यक सेवाओं में लगे सभी विभागों के कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को कोरोना नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने को कहा।
पालमपुर में राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वामी ने मेक शिफ्ट अस्पताल राधा स्वामी सत्संग परौर के लिए गर्म एवं ठंडे पानी के डिस्पेंसर तथा एलईडी टीवी भेंट किए। सांसद ने रविवार को यह उपकरण एसडीएम पालमपुर धर्मेश रामोत्रा को भेंट किए। उन्होनें आश्वाशन दिया कि भविष्य में भी उनके द्वारा यथासंभव सहयोग उपलब्ध करवाया जायेगा। सांसद ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार प्रकट करते कहा कि संस्था द्वारा कोरोना संकट में जो सहयोग प्राप्त हो रहा है वो मानवता की सेवा में बहुत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी संत्सग परौर में 256 का बिस्तरों का अस्पताल बनाया गया है और इसमें मनिफोल्ड ऑक्सीजन की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ज़िला में अतिरिक्त 256 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होने से कोरोना संक्रमित लोगों को उपचार के लिये लाभ उपलब्ध होगा। एसडीएम ने सांसद इंदु गोस्वामी का उपकरण उपलब्ध देने के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि सांसद द्वारा इससे पूर्व भी डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर पपरोला के लिए भी उपकरण उपलब्ध करवाए गये हैं।
कोविड संक्रमण के कारण घरों में आईसोलेट रोगियों को प्रदेश सरकार राहत की किट उनके घर-द्वार पर उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मन्त्री डाॅ राजीव सैजल ने आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र में स्वंय राहत की यह सौगात ‘आईसोलेशन किट’ रोगियों के घर-द्वार पर पंहुचाई और उन्हें विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में जन हितैषी सरकार जन-जन के साथ खड़ी है। डाॅ.सैजल ने क्षेत्र के 12 कोरोना संक्रमित होम आईसोलेटिड रोगियों के आवास पर आईसोलेशन किट वितरित की। उन्होंने रोगियों का कुशल क्षेम जाना और रोगियों की समस्याओं तथा कोविड-19 प्रबन्धन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कोरेाना संक्रमितों और उनके परिजनों से कहा कि आपदा काल में अपने आप को अकेले न समझें। प्रदेश सरकार न केवल उनके साथ खड़ी है अपितु उनकी समस्याओं के निवारण एवं कोविड-19 के संकट को समाप्त करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि घर पर रोगियों की सहायता के लिए मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर ने यह किट गत दिवस जारी की है। यह किट प्रदेश सरकार की और से रोगियों के लिए विश्वास का ऐसा धरातल है जो उन्हें सकारात्मक रहने और जीवट के साथ रोग पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। आयुष मंत्री ने इस अवसर पर सभी होम आईसोलेटिड रोगियोें से आग्रह किया कि वर्चउल माध्यम से कार्यान्वित किए जा रहे ‘आयुष घर-द्वार’ कार्यक्रम से जुडें और आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के योग्य प्रशिक्षकों की देख-रेख में योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में संक्रमित सदस्यों के परिवारों उन्हें अवगत करवाया कि सही समय पर दवा किट प्राप्त हो रही है तथा चिकित्सक उनके साथ नियमित संवाद कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों आर पैरा मेडिकल कर्मियों को निर्देश दिए कि घरों में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों का पूरा ध्यान रखा जाए और चिकित्सा आपात स्थिति में रोगियों को समीप के स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार प्रदान करेन के उपरान्त समर्पित कोविड केयर केन्द्र भेजा जाए। डाॅ. सैजल ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा उपायों की अनुपालना और टीकाकरण आवश्यक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक को ढकते हुए मास्क पहनें, आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और अपने हाथ बार-बार साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोते रहें। बीडीसी धर्मपुर के उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी की प्रधान कमलेश देवी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डाॅ.अमित, नोडल अधिकारी रवि वर्मा तथा आशा कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित थी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने स्वास्थ्य विभाग को आम जन की सुरक्षा के दृष्टिगत सोलन जिला के धर्मपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोविड-19 जांच सुविधा को एकान्त में सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने के निर्देश दिए है। डाॅ.सैजल ने धर्मपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया और वहां विशेष रूप से कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए स्थापित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जांच की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोविड-19 परीक्षण के लिए स्थापित जांच सुविधा को केन्द्र में आने वाले रोगियों की सुरक्षा के अनुरूप नहीं पाया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने विभाग को निर्देश दिए कि इस जांच सुविधा को इस प्रकार स्थापित किया जाए कि परीक्षण के लिए आने वाले व्यक्ति सम्भावित संक्रमण से सुरक्षित रहें। ऐसी व्यवस्था केन्द्र में आने वाले सभी रोगियों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। बीडीसी धर्मपुर के उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी की प्रधान कमलेश देवी, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अमित, नोडल अधिकारी रवि वर्मा तथा आशा कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित थी।
हिमाचल प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर रही है। कोविड मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए राज्य में हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा आरम्भ की गई है। यह सेवा बिना कोविड लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले उन कोविड मरीजों के लिए बहुत लाभदायक होगी, जो अपने नामित डाॅक्टर की देखरेख में होम आईसोलेशन में रह रहे हैं। वे कोविड पाॅजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे और यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होगी तो वे तुरंत निर्णय ले सकेंगे। इस ऐप पर कोविड-19 मरीज अपने आपको पंजीकृत कर अपने नामित डाॅक्टर को लक्षणों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। यह मोबाइल ऐप सभी आवश्यक सेवा प्रदाताओं और उपयोगकर्ताओं जैसे रोगियों, डाॅक्टरों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारियों आदि को एक साथ जोड़ेगा। जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भी मरीजों की निगरानी करने के अलावा जिलों में गठित टीमों के कामकाज की निगरानी भी कर सकते हैं। चिकित्सक से संपर्क करने के लिए इस ऐप में सीधे फोन काॅल करने, एसएमएस और व्हाट्सएप का विकल्प भी दिया गया है। इस कोविड एप्लीकेशन को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है और इसे शीघ्र ही गूगल प्ले स्टोर पर होस्ट किया जाएगा। इसे वेबसाइट Himachal.nic.in और मोबाइल ऐप स्टोर में www.nrhmhp.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में पहले स्क्रीन पर लाॅगइन करना होगा। लाॅगइन करने के बाद उपयोगकर्ता सही और वैध जानकारी भरेगा और रजिस्टर बटन पर क्लिक करेगा। ऐप पर सफल पंजीकरण के बाद उपयोगकर्ता को उसके डैशबोर्ड पर निर्देशित किया जाएगा, जहां वह अपने लक्षणों और लक्षणों का विवरण भर सकता है। चिकित्सक ऐप में लाॅग-इन करने के बाद मरीज द्वारा भरे गए विवरण को देख सकता है और दवाओं को निर्धारित करने के लिए मरीज के विवरण का आकलन कर सकता है। इसके बाद मरीज ऐप पर ही उसके लिए डाॅक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं देख सकता है। मरीज के पास अपने नामित डाॅक्टर को फोन करने, एसएमएस या व्हाट्सएप करने का विकल्प भी होता है। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा पर मरीज द्वारा तिथिवार दर्ज किए गए विवरण की स्थिति और उसे निर्धारित दवाओं के आधार पर मरीज की बीमारी की स्थिति की निगरानी भी ब्लाॅक, जिला और राज्य स्तर पर की जा सकती है। यह ऐप उपयोगकर्ता के लिए पूरी तरह से इको-फ्रेंडली ऐप है और होम क्वारंटीन कोविड पाॅजिटिव मरीजों के लिए घर पर नियमित उपचार, देखभाल और अस्पतालों में उनके समय पर रेफर सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप से न केवल मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी बल्कि महामारी कोे प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसानों को डायमोनियम फाॅस्फेट उर्वरक पर अनुदान में 140 प्रतिशत वृद्धि कर राहत प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में किसानों को इस उर्वरक पर मिल रहे अनुदान को 500 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य में वृद्धि के बावजूद भी किसानों को यह उर्वरक 1200 रुपये प्रति बैग के पुराने मूल्य पर ही उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि डायमोनियम फाॅस्फेट भारत में दूसरा सबसे अधिक प्रयोग होने वाला उर्वरक है। हिमाचल प्रदेश में डायमोनियम फाॅस्फेट की वार्षिक खपत 1200-1500 मीट्रिक टन है। किसान इस उर्वरक को सामान्यतः रबी के मौसम में आलू और गेहूं की फसल में बुआई से ठीक पहले या बुआई के समय प्रयोग करते हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊना, कांगड़ा, पांवटा साहिब व नालागढ़ के कुछ क्षेत्रों में इस उर्वरक का प्रयोग किया जाता है। गत वर्ष डायमोनियम फाॅस्फेट का वास्तविक मूल्य 1700 रुपये प्रति बैग था, जिसपर केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग का अनुदान प्रदान कर रही थी। लेकिन हाल ही में डायमोनियम फाॅस्फेट में प्रयोग होने वाले फाॅस्फोरिक एसिड, अमोनिया इत्यादि के मूल्य में 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसके कारण डायमोनियम फाॅस्फेट की प्रति बैग कीमत 2400 रुपये हो गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अनुदान में वृद्धि कर इस समस्या का समाधान किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में उर्वरक की खपत 63 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 132 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरक वितरण प्रणाली सहकारिता नेटवर्क के अंतर्गत है और उर्वरक का वितरण 2143 सहाकारी सभाओं और डिपो धारकों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उर्वरक वितरण कार्य हिमफेड को सौंपा है और इफको को भी उसकी 620 सम्बद्ध सभाओं के माध्यम से आपूर्ति कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। वैक्सीन की कमी की वजह से आज प्रदेश में अधिकतर वैक्सीनेशन केंद्र बंद रहें। वैक्सीनेशन के लिए युवाओं को इधर से उधर भटकाया जा रहा है। वैक्सीनेशन में भेदभाव के चलते विशेष विचार धारा के लोगों को अहमियत दी जा रही है। राठौर ने कहा कि सीमित अवधि में रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र 15 मिनट में स्लॉट का पूरा हो जाना कोरोना से युवाओं की सुरक्षा का एक मज़ाक बन कर रह गया है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ प्रदेश में बढ़ता कोरोना का कहर और कोरोना कर्फ़्यू के समय उन्हें अपने घरों से दूर मजबूरी में वैक्सीनेशन के लिए आना-जाना उनका हाई रिस्क के साथ उनके स्वास्थ्य से साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा है कि युवाओं को वैक्सीन उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। राठौर ने कहा कि कोरोना में सरकार की विफलताओं को लेकर प्रदेश में वैक्सीन और अस्पतालों में ऑक्सीजन व अन्य उपकरणों, दवाओं की भारी कमी के चलते उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ कर धरना देना पड़ा था। अगर सरकार ने वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में सुधार न किया व वैक्सीन की कमी को जल्द पूरा नही किया तो कांग्रेस को जनहित में फिर कोई कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान के तहत राज्यों को अब तक 21.80 करोड़ से ज़्यादा टीके निशुल्क दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में 21.23 लाख जांच करने के साथ भारत ने एक दिन में सबसे अधिक जांच करने का एक बार फिर नया कीर्तिमान बनाया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने व राहत पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी ताक़त झोंक रखी है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है और इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। 1 मई से कोविड-19 टीकाकरण की त्वरित चरण 3 रणनीति का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 20.80 करोड़ से ज़्यादा वैक्सीन प्रदान की हैं। इसमें से अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार औसत आधार पर अपव्यय सहित कुल खपत 19,90,31,577 खुराकों का उपयोग हुआ हैI राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी 1.90 करोड़ कोविड वैक्सीन की खुराक मौजूद हैं, जिन्हें अभी लगाया जाना है। यह कोरोना से लड़ने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए बहु आयामी रणनीति अपनाकर राज्य को ‘ड्रग फ्री स्टेट’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने राज्य पुलिस को बड़े नशा तस्करों के अलावा छोटे तस्करों पर भी कार्रवाई करने केेे निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भांग और अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने और नशा तस्करों की सम्पत्ति को अटैच करने के लिए कदम उठाए गए हैं। 1 जनवरी, 2020 से 30 अप्रैल, 2021 तक एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धारा के अंतर्गत कुल 2126 मामले दर्ज किए गए हैं और 2909 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस अवधि के दौरान विभिन्न खुफिया अभियानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध खेती का पता लगाकर इसे नष्ट किया गया है। इस दौरान 7917 बीघा भूमि में लगभग 12.52 लाख भांग के पौधे और 52 बीघा भूमि में 2.66 लाख अफीम के पौधे नष्ट किए गए हैं। भू-स्वामियों व अपराधियों के विरूद्ध 161 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य पुलिस ने मंडी जिले के पधर की टिक्कन उप-तहसील के अंतर्गत चैहार घाटी में 66 बीघा भूमि पर 10 करोड़ रुपये मूल्य के 15 लाख अफीम के पौधे की अवैध खेती का पता लगाने में सफलता प्राप्त की है। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराधियों द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित चल और अचल सम्पत्तियों को अटैच करने के लिए वित्तीय जांच की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पिछले एक वर्ष में 19 विभिन्न मामलों में 11.37 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच और फ्रीज़ की गई, जिसमें जिला कुल्लू में 15 मामलों में 3.79 करोड़ रुपये की सम्पत्ति व जिला कांगड़ा में दो मामलों में 7.29 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच तथा जिला बिलासपुर के एक मामले में 18.31 लाख रुपये व जिला शिमला के एक मामले में 10.67 लाख रुपये के बैंक डिपोटिज फ्रीज़ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा मादक द्रव्यों के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पुलिस महा निदेशक संजय कुंडू और उनकी सम्पूर्ण टीम को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस प्रवर्तन निदेशालय के सहयोग से ऐसे अपराधियों के विरूद्ध धन-शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत जांच करने पर विचार कर रही है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन की एनएसएस इकाई ने जैव विविधता दिवस पर एक वेबीनार का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने की। इस वेबीनार के मुख्य वक्ता बृजेश कुमार ने इस दिवस का अर्थ और इसके विघटन के कारण व उपयोगिता के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने अपने संबोधन मे 18 जैव विविधता मुख्य स्थलों के बारे में बताया जिनमें से दो हमारी भारत भूमि पर पाए जाते हैं। इस दौरान प्रवीण, हिमानी व हर्षिता स्वयंसेवकों ने चित्रकला के माध्यम से जैव विविधता संबंधी जानकारी प्रदान की।
नप उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने फिर से कोरोना संक्रमित महिला के अंतिम संस्कार में उनके परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। रविवार को 36 वर्षीय महिला की कोरोना से सिविल अस्पताल पहुंचते ही मृत्यु हो गई। उक्त महिला गांव बसाहल डाकघर चौंतड़ा की निवासी थी। इस महिला के पति भी कोरोना महामारी की चपेट में है ओर उन्हें आज सुबह ही नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। यह महिला अपने पीछे एक बेटा व एक बेटी छोड़ गई। इस महिला के अन्तिम संस्कार में नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल मौजूद रहे व उन्होंने पारिवारिक सदस्यों के साथ मिल कर इस महिला का अन्तिम संस्कार मोक्षधाम जोगिन्दर नगर में करवाया। अजय धरवाल ने लोगों से निवेदन किया है कि इस महामारी की दौर में सभी एक दूसरे का सहारा बने ओर कोरोना से मृत व्यक्ति से संक्रमण नहीं फैलता है बस कुछ एतिहात बरतनी होती है तथा कोविड प्रोटोकॉल को अपनाना होता है।
जिला कांगड़ा के भंगवार में मां की अर्थी को अकेले कंधे पर उठाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि मंडी जिले में भी मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां अर्थी को कंधा देने के लिए जब लोग आगे नहीं आए तो शव को डंडे से बांधकर एक किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया गया। मंडी जिले के जोगेंद्रनगर उपमंडल के लडभड़ोल तहसील के गवाला गांव में जब लोगों ने बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार से किनारा कर लिया तो एथलेटिक्स सेंटर जोगेंद्रनगर के खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर सामने आए। दरअसल धर्मपुर के संधोल की रहने वाली बुजुर्ग महिला करीब पांच-छह दिन पहले ही गवाला गांव में अपनी बेटी के घर आई थी। इसी बीच बेटी संक्रमित हो गई। शनिवार को वृद्धा की मौत हो गई, लेकिन उसकी अर्थी को उठाने के लिए गांव के लोग सामने नहीं आए, जबकि वृद्धा संक्रमित नहीं थी। प्रशासन को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एथलेटिक्स सेंटर जोगेंद्रनगर के खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर से संपर्क किया। वह अपने सेंटर के खिलाड़ी विशाल व सुमित के साथ गवाला गांव पहुंच गए। उन्होंने डंडों से बांधकर वृद्धा के शव को सड़क तक पहुंचाया। उधर, शव सड़क में पहुंचने के बाद स्वजन अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव संधोल ले गए।
कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग ने नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग अब तृतीय श्रेणी के पदों के लिए जारी 15 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया ऑनलाइन करेगा। इससे पहले लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक रूप से आयोग के परिसर में बुलाकर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जाती थी। ओटीआर पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए एक लिंक दिया जाएगा। जिन चयनित उम्मीदवारों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए उपस्थित होने के लिए स्क्रीन किया गया है, उन्हें डाक के साथ पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर उस तारीख के संबंध में जब दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए पोर्टल सक्रिय करने के बारे में सूचित किया जाएगा। उसके बाद, उम्मीदवारों को पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए उचित समय दिया जाएगा। अपलोड लिंक मौजूदा ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उपयोग उम्मीदवारों की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किया गया था। इसके बाद उम्मीदवार अपने मौजूदा क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉगइन करने में सक्षम होंगे। कोई समस्या आने पर आयोग के हेल्प डेस्क से सहायता दी जाएगी। लेक्चरर स्कूल न्यू इतिहास, लेक्चरर स्कूल न्यू राजनीति शास्त्र और लेक्चरर स्कूल न्यू हिंदी के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने बताया कि इन भर्तियों की स्क्रीनिंग परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है, अब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को पोर्टल पर मूल दस्तावेजों की फोटो जेपीईजी या पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करनी होगी। अपलोड किए गए प्रत्येक दस्तावेज के संबंध में उम्मीदवार से इस आशय का एक घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। किसी भी विसंगति के मामले में अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया जाएगा।
अर्की सुधार सभा दिल्ली के प्रधान प्रेम सिंह रघुवंशी ने ग्राम पंचायत घनागुघाट में ध्यानपुर से उप ग्राम बिउलु वाया जुबला के लिए लिंक रोड निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार से धन प्रदान करने का आग्रह किया है। अर्की तहसील सुधार सभा दिल्ली के प्रधान प्रेम सिंह रघुवंशी ने एक पत्र के माध्यम से सचिव से अनुरोध किया है कि सभा की ओर से ध्यानपुर से उप ग्राम बिउलु वाया जुबला पंचायत घनागुघाट के माध्यम से उप-ग्राम बिउलु से लिंक रोड को जो धनराशि स्वीकृति की मांग की थी उसे पीडब्ल्यूडी बजट बुक (कोड संख्या 307-472) के अन्तर्गत अनुमोदित किया गया था और बाद में पीडब्ल्यूडी डिवीजन अर्की द्वारा डीपीआर भी बनाया गया था,लेकिन बजट को लगभग 2 किलोमीटर तक आवंटित नहीं किया जा सका। प्रेम सिंह ने कहा कि इस लिंक रोड का कार्य अभी तक धन की समस्या के कारण शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि आवश्यक धनराशि 3,00,000 रुपय कार्यकारी अभियंता एचपी पीडब्ल्यूडी डिवीजन अर्की को उपलब्ध कराई जाए। ताकि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया की इस सुविधा के लिए वहां के निवासी पुरजोर मांग कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वृद्ध और बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने हेतु मुख्य सड़क तक लाने में बहुत मुश्किल होती है। उन्होंने सचिव पीडब्ल्यूडी से निवेदन किया है कि इस रोड़ के लिए यथाशीघ्र राशि जल्द स्वीकृत करवाएं।
मांगल पंचायत कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई । इस अवसर पर मांगल पंचायत कांग्रेस कमेटी के समस्त कार्यकर्ताओं ने स्व राजीव गांधी को फूल अर्पित कर भावभीनी श्रद्धाजलि अर्पित की और राजीव गांधी के देश की प्रगति में किए योगदान को कार्यकर्ताओं के सामने रखा। इस दौरान बागा में बच्चों व कामगार मजदूरों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर मांगल पंचायत कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सोशल मीडिया प्रभारी ब्लाक कांग्रेस अर्की चौहान कृष्णा, एससी-एस टी शैल उपाध्यक्ष अर्की राकेश चौहान, बागा करोग पंचायत के सदस्य सुशांत चौहान, ज्योति चौहान, आदर्श राम नाटक क्लब बागा करोग के प्रधान मोहनलाल चौहान और विकी कौंडल मौजूद रहे।
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूराे के एडीजी यानी जांच एजेंसी के हैड अनुराग गर्ग अब सेंट्रल डेपाेटेशन पर चले गए। उन्हाेंने नवंबर 2018 में एडीजी विजिलेंस का कार्यभार संभाला था और उससे पहले भी सेंट्रल डेपाेटेशन पर थे। बताया गया कि सरकार ने एडीजी विजिलेंस का जिम्मा एसपी सिंह काे साैंप दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुराग गर्ग बीएसएफ में प्रमुख पद पर ज्वाइन करेंगे। वे आगामी अढ़ाई साल पर डेपाेटेशन पर रहेंगे। गाैरतलब है कि अनुराग गर्ग 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। बता दें कि इस वक्त हिमाचल काडर के 6 आईपीएस डेपाेटेशन पर हैं। जिनमें 1988 बैच के तपन कुमार डेका,1989 बैच के एसआर ओझा, 1991 बैच के एपी सिदकी, 1993 के रिद्विक रुद्रा, 1994 के राकेश अग्रवाल, 2002 बैच के आसीफ जलाल शामिल हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने एवं प्रबन्धन के लिए एक समिति गठित की गई है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त सोलन इस समिति के अध्यक्ष हैं। सहायक आयुक्त (एलआर) सोलन, सहायक आयुक्त सोलन, जिला पंचायत अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास विभाग के परियोजना अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन समिति के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि यह समिति रोगी वाहन की उपलब्धता, दवा एवं आॅक्सीजन इत्यादि की उपलब्धता के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित बनाएगी। इस कार्य के लिए यह समिति दैनिक आधार पर बैठक आयोजित करेगी और विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी करेगी। समिति सभी स्तरों पर प्राप्त शिकायतों का उचित माध्यम के अनुसार अनुश्रवण कर निपटारा करेगी। समिति जिला में आॅक्सीजन एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित बनाएगी। समिति की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन जिला के सभी खण्ड चिकितस अधिकारियों के साथ निरंतन संवाद एवं समन्वय स्थापित करेंगे ताकि होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को समय पर दवा प्रदान करने के साथ-साथ अन्य समस्याओं का निपटारा किया जा सके। समिति होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों को आवश्यकता पड़ने पर समर्पित कोविड केयर केन्द्रों में भेजने के लिए वाहनों की उपलब्धता एवं प्रबन्धन का अनुश्रवण भी करेगी। केसी चमन ने कहा कि समिति ने अपना कार्य आरम्भ कर दिया है और समिति के निर्देश पर सभी उपमण्डलों में ग्राम पंचायत स्तर तक टीमें गठित करने का कार्य आरम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य 24 मई तक पूर्ण कर लिया जाएगा ताकि कोविड-19 रोगियों की समस्याओं का त्वरित निपटारा एवं प्रबन्धन सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को आरटीपीसीआर परीक्षण रिपोर्ट मिलने के 02 घण्टे के भीतर दवा की किट उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बनाएं। केसी चमन आज सोलन जिला में होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सम्बन्धित खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त 15 मिनट के भीतर सम्बन्धित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारी को पहुंचानी सुनिश्चित बनानी होगी। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड रोगियों के लिए दवा की किट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर उपलब्ध होनी चाहिएं। यदि पाॅजिटिव रोगियों की सूची सांय 7.00 बजे के बाद प्राप्त होती है तो दवा की किट अगले दिन प्रातः पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि बहुमूल्य मानव जीवन को बचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए सभी उपमण्डलों में ग्राम पंचायत स्तर तक टीमें गठित की जाएं। इन टीमों में सम्बन्धित ग्राम पंचायत प्रधान एवं उप प्रधान को भी सदस्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के साथ-साथ सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी, सम्बन्धित खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य चिकित्सा कर्मी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कर्मियों और अन्य सम्बद्ध विभागों को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सम्बन्धित उमण्डलाधिकारी अपने क्षेत्र की आवश्यकताआंे के अनुरूप ग्राम पंचायत स्तर तक टीमों का गठन करेंगे। यह टीमें होम आईसोलेशन में रह रहे पाॅजिटिव रोगियों की चिकित्सा सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर रोगी वाहन उपलब्ध करवाना इत्यादि जैसी जरूरतों का ध्यान भी रखेंगी। केसी चमन ने कहा कि यदि होम आईसोलेशन में रह रहे सभी रोगियों को समय पर दवा किट उपलब्ध करवाई जाए तो रोग को गम्भीर होने से रोककर दुःखद मृत्यु को टाला जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय शहरी निकायों में सामान्य सर्दी, जुखाम एवं बुखार के लक्षण युक्त रोगियों का समुचित उपचार सुनिश्चित बनाया जाए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आपात स्थिति में रोगी का प्रथम उपचार समीप के सामुदायिक अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सुनिश्चित बनाया जाए ताकि रोगी वाहन मिलने से पूर्व उसकी स्थिति स्थिर बनी रहे। उन्होंने कहा कि गत दिवस ही 25 आॅक्सीजन कन्सट्रेटर जिला के दूरदराज स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंचाएं गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रबन्धन के लिए जिला सहित उपमण्डल स्तर पर 24x7 काॅल सेंटर कार्यशील हैं। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 रोग के प्रबन्धन में किसी भी स्तर पर लापरवाही के विरूद्ध सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएं। उन्होंने मृत्यु की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ सभी कार्य कोविड-19 प्रोटोकाॅल के अनुरूप सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों से आग्रह किया कि वे अपने मोबाइल फोन आॅन रखें और सही मोबाइल नम्बर की जानकारी प्रदान करें। मोबाइल फोन के माध्यम से ही उन्हें उपचार एवं सावधानियों सम्बन्धी जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने आग्रह किया कि कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी आईसोलेशन में ही रहें और यहां-वहां न घूमें। केसी चमन ने कहा कि होम आईसोलेशन में रखे गए कोविड-19 रोगियों की त्वरित सहायता प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन का लक्ष्य है और इस सम्बन्ध में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों को समय पर दवा इत्यादि न मिलने की जानकारी उन तक पहुंचाएं ताकि दोषी के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जा सके। अतिरिक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में सोलन जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी के संकट काल में विभिन्न शिकायतों के निपटारे के लिए टोल फ्री नम्बर 1077 स्थापित किया गया है। सभी उपमण्डलों में भी कोविड हेल्पलाइन नम्बर कार्य कर रहे हैं। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि जिला मुख्यालय पर कोविड-19 सम्बन्धित समस्या एवं जानकारी के लिए जिला आपात संचालन केन्द्र (डीईओसी) में टोल फ्री नम्बर 1077 पर किसी भी समय बात की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिला आपदा संचालन केन्द्र में 01792-220049, 220882 तथा 221234 दूरभाष नम्बर क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि सोलन उपमण्डल में कोविड हेल्पलाइन के रूप में दूरभाष नम्बर 01792-297707 तथा 223707 एवं व्ह्टसऐप नम्बर 86278-84278 पर सम्पर्क किया जा सकता है। कण्डाघाट उपमण्डल में कोविड हेल्पलाइन के रूप में दूरभाष नम्बर 01792-256100 उपलब्ध है। कसौली उपमण्डल में कोविड हेल्पलाइन के रूप में 01792-272037, 284556 तथा 232053 कार्यरत हैं। उपायुक्त ने कहा कि अर्की उपमण्डल में कोविड हेल्पलाइन के रूप में दूरभाष नम्बर 01796-220666 तथा मोबाइल नम्बर 78765-77448 उपलब्ध है। नालागढ़ उपमण्डल में उपमण्डल में कोविड हेल्पलाइन पर दूरभाष नम्बर 01795-223024 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय कोविड काॅल सेंटर में रोगी को दूरभाष पर सहायता प्रदान के लिए चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने जिला आयुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल को चिट्ठी लिख एचपी कोविड -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड: एमपीलैड के तहत जारी करने की सिफारिश की है। कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 30 अप्रैल, 2021 के संदर्भ परिपत्र ई-4/2020-एमपीलैड्स (पीटी) जारी किया गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने पत्र में दो करोड़ की राशि जारी करने की अनुशंसा की है । उन्होंने पत्र में लिखा है महामारी से लड़ने में उपयोग के लिए एमपीलैड फंड के तहत एचपी कोविद -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड को 2 करोड़ दिए जाएं । इस धन राशि का उपयोग वित्तीय औचित्य के सिद्धांतों का अक्षरश: पालन करते हुए किया जाना चाहिए। मुझे इस दिशा में उठाए गए कदमों और की गई प्रगति के बारे में सूचित किया जा सकता है।
काजा उपमंडल में शनिवार को 3 मरीज रिकवर हुए है। इसके अलावा शनिवार को 107 सैंपल लिए गए है। सारे सैंपल आरएटी में किए गए हैं। इन सभी लिए गए 107 सैंपलों में से कोरोना के 4 नए पाॅजिटिव मामले सामने आए है। कोविड टेस्टिंग सैंटर काजा में 24 सैंपल लिए गए जिनमें एक पॉजिटिव आया। इसके साथ ही पीएचसी सगनम में 9 सैंपल लिए गए है जिनमें से 1 पाॅजिटिव आया हैं। कोविड टेस्टिंग सैंटर हुरलिंग में 74 सैंपल लिए जिनमें से 2 पाॅजिटिव आए सभी संक्रमित मरीजों को आईसोलेशन पर भेज दिया गया है इसके साथ ही उपचार शुरू कर दिया गया है। बीएमओ काजा डा तेंजिन नोरबू ने बताया कि शनिवार को चार नए मामले सामने आए है। सभी संक्रमित मरीजों की काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य चला हुआ है। इसके साथ ही 3 मरीज रिकवर भी हुए है। काजा उपमंडल में एक्टिव केसों की संख्या 40 पहुंच गई है । काजा में अभी तक 712 कोरोना संक्रमित हो चुके है। इनमें से 668 संक्रमित मरीज रिकवर हो चुके है जबकि चार मौत दर्ज हुई है।
सरकाघाट 22 मई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री रंगीला राम राव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी है l सिर्फ और सिर्फ ठेकेदारों और धन्ना सेठों की तिजोरियाँ भरने का ही काम हो रहा है l अस्पतालों पर बड़े-बड़े बोर्ड टांग कर नाम बदला जा जा रहा हैं लेकिन ना तो उन में पैरामेडिकल स्टाफ भरा जा रहा है और ना ही डॉक्टरों और नर्सों के रिक्त पद भरे जा रहे हैं l उन्होंने सरकाघाट के थौना में हुई दीप जीप दुर्घटना में मारी गई 4 महिलाओं की मौत पर दुख जताते कहा की अगर पीएचसी में डॉक्टर तैनात होता और भद्रोता क्षेत्र के लिए एक भी एंबुलेंस का प्रावधान किया होता तो यह जाने नहीं जा सकती थी l पूर्व मंत्री राव ने कहा की उन्होंने अपने कार्यकाल मे सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के नागरिक अस्पताल के अलावा 8 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और बल्द्वाड़ा में नागरिक अस्पतालों का ना सिर्फ निर्माण करवाया था बल्कि इन सभी अस्पतालों मे पूरा स्टाफ़ भी मुहैया करवाया था l परंतु जैसे ही भाजपा सरकार सत्ता में आई तो उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के नाम पर डॉक्टरों को यहाँ से हटा दिया l यहां तक कि पींएचसी में जो नर्सो की नियुक्तियां की गईं थी उन्हें भी वहाँ से हटा हटा दिया है l अब यह स्वास्थ्य संस्थान शोपीस बने हुए हैं l पूर्व मंत्री ने की कहा पीएचसी स्वास्थ्य सेवाओं की रीड की हड्डी होती है कोई भी हादसा हो तो इस महामारी के दौर में रोगियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है और वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह जरूरी है कि पीएचसी में स्टाफ मौजूद हो ताकि नजदीक कोई भी होने वाली दुर्घटना के वक्त गंभीर मरीज को तुरंत यहाँ प्राथमिक उपचार करके बड़े अस्पताल पहुंचाया जा सके l उन्होंने भाजपा विधायक कर्नल इंदर सिंह के कार्यकाल को नाकामियों भरा बताते कहा कि विधायक कोप भवन में कैद होकर रह गए हैं साढ़े 3 सालों में सरकाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़कों का बुरा हाल है l कोई भी विकास कार्य अंजाम नहीं दिए जा रहे हैं l जनता महंगाई बेरोज़गारी से लेकर कई कमियों से जूझ रही है परंतु विधायक ग़ायब है l राव ने कहा की जीप हादसे में जो महिलाएं मारी गई है उनकी जान तो नहीं लौटाई जा सकती है परंतु सरकार को उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए l साथ ही सरकाघाट उपमंडल भर में स्वास्थ्य सेवाओं के रिक्त पड़े तमाम डॉक्टरों पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों के पद भरे जाने चाहिए l राव ने कहा की वह इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सोनम नेगी ने बताया कि पूर्व में क्षेत्रीय अस्पताल रिकोंगपीओ में सभी आयु वर्ग के लोगों की वैक्सीनेशन की जा रही थी । जहां पर कोरोना सेम्पल सहित अन्य बीमारियों के रोगियों का उपचार भी किया जा रहा था । जिस कारण यहां रोगियों की हमेशा ही भीड़ रहती है। इस कारण कोविड टीका को लगाने आने वाले व्यक्तियों में सक्रमण का भय बना रहता था । इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल परिसर से दूर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में कोविड टीकाकरण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया । यहां पर सभी आयु वर्ग के लोगों को कोविड का टीका लगाया जाएगा ।उन्होंने बताया कि टीकाकरण करने के लिए आने वाले व्यक्तियों की सुविधा के लिए यहां पर उनके बेठने का सही प्रकार से इंतजाम किया गया है। इसके अलावा टीका लगवाने के बाद आधे घण्टे चिकित्सको की निगरानी में रखने का प्रबंध किया गया है। ताकि टीका लगवाने आने वाले व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। डॉ नेगी ने जिले के सभी सभी पात्र ब्यक्तियों से आग्रह किया है कि वह अपनी अपनी बारी आने पर कोविड का टीका अवश्य लगवाये। क्योंकि इस महामारी को रोकने में दवाई व कड़ाई दोनों ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने संत निरंकारी मंडल की ओर से 50 कंसन्ट्रेटर भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस परोपकारी कार्य के लिए संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सहायता कोविड-19 के रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव से प्रभावित हुआ है तथा संत निरंकारी मंडल जैसी संस्था पीड़ित मानवता की सहायता करने में प्रंशसनीय सेवा कर रही है तथा अन्य लोगों को सहायता करने के लिए भी प्रेरित कर रही है। जय राम ठाकुर ने जिला सोलन के नालागढ़ में संत निरंकारी सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाले कोविड केयर केन्द्र को स्थापित करने के लिए भी संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा कांगड़ा स्थित सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाला कोविड केयर केन्द्र सृजित किया जा रहा है जो क्षेत्र के कोविड-19 रोगियों को सुविधा प्रदान करेगा। संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि संत निरंकारी मंडल ने प्रदेश के लिए 500 ऑक्सीमीटर भी दिए हैं जो एक दिन के भीतर प्रदेश को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 25 बिस्तर की क्षमता वाले दोनों कोविड केयर केन्द्र अगले सप्ताह क्रियाशील बना दिए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, संत निरंकारी मंडल के क्षेत्रीय संयोजक करनैल सिंह, स्थानीय समन्वयक एन.पी.एस. भुल्लर तथा आर.एस. भुल्लर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऑनलाइन परामर्श के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ जोड़ने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज पीटरहाॅफ शिमला से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों के लिए होम आइसोलेशन किट का शुभारम्भ किया। उन्होंने ऑनलाइन परामर्श तथा उपचार के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ लोगों को जोड़ने के लिए हिमाचल कोविड केयर एप्लीकेशन तथा ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए होम आइसोलेशन किट के 11 वाहनों को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जय राम ठाकुर ने कहा कि यह किट संबंधित विधायकों द्वारा होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों को वितरित की जाएगी। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि रोगियों को शीघ्र यह किट उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। जय राम ठाकुर ने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी रोगियों तथा चिकित्सकों के मध्य प्रभावी संचार सुनिश्चित करेगी तथा उन्हें विशेषज्ञों से उचित सलाह लेने के लिए सक्ष्म बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड केयर ऐप आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की निगरानी के लिए एक प्रभावी व्यवस्था प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश कोरोना महामारी के कारण गंभीर परिस्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के रोगियों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों का समय रहते पता लगाने के लिए कोरोना जांच में तेजी लाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 18 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है तथा लगभग 1,75,000 लोग कोविड-19 पाॅजीटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण 2638 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रदेश में आठ आरटी-पीसीआर, 25 ट्रू-नाॅट तथा दो सीबीनाॅट प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक है तथा कोरोना के मामलों में तीव्र वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में पाॅजीटिवीटी दर 5.53 प्रतिशत थी जबकि दूसरी लहर में यह दर बढ़कर 15.67 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने क्षमता निर्माण के लिए अथक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 किया गया है जो पहले 1200 थी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश में ऑक्सीजन की भण्डारन क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के उदार सहयोग के कारण आज प्रदेश में 6300 डी-टाइप तथा 2250 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेण्डर हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में 1700 से अधिक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी मेडिकल काॅलेजों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र हैं। प्रदेश में छः पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र कार्यशील कर दिए गए हैं जबकि दो अतिरिक्त पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र शीघ्र कार्यशील बनाए जाएंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रदेश में केवल 50 कार्यशील वेंटिलेटर थे जिनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 700 की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि रोगियों के उचित उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 3100 नई भर्तियां की गई हैं। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से प्रदेश के लिए ऑक्सीजन कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का मामला भी उठाया है। हिमाचल प्रदेश देश के राज्यों में पहला ऐसा प्रदेश है जहां वैक्सीन की वेस्टेज की प्रतिशतता शून्य है। प्रदेश के लोगों को लगभग 22.52 लाख वैक्सीन लगाई गई है तथा प्रदेश सरकार ने सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को 72 लाख वैक्सीन का ओडर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जुखाम जैसे लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित करने के लिए एक विशेष अभियान आरम्भ करने की योजना भी बना रही है ताकि उनकी शीघ्र जांच की जा सके। उन्होंने विधायकों, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से ऐसे रोगियों को चिन्हित करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित भी करेगी। इससे न केवल कोविड के मामलों का शीघ्र पता लग सकेगा बल्कि इस वायरस के फैलने पर भी रोक लगेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के कारण माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों को प्रति बच्चा 2500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा पर होने वाले व्यय को भी वहन करेगी। प्रदेश सरकार ने कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के मृत शरीर को उनके पैतृक स्थान पहुंचाने के वाहन खर्च को वहन करने के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों जैसे कोरोना वाॅरियर का उनकी सेवाओं के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने इस स्थिति से निपटने में प्रदेश सरकार को सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक तथा अन्य संगठनों की भी सराहना की। उन्होंने विशेषकर कोरोना रोगियों के उपचार के लिए मण्डी, परोर तथा सोलन स्थित परिसरों में लगभग 700 अतिरिक्त बिस्तर क्षमता सृजित करने के लिए राधा स्वामी सतसंग ब्यास का आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में फ्रंटलाईन कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही देश और प्रदेश कोविड-19 की स्थिति से सफलतापूर्वक निपट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्तियों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार ने लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान करने के लिए 26000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक देशवासियों के लिए 216 करोड़ वैक्सीन वायल उपलब्ध करवा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत ने महामारी के प्रथम चरण के दौरान लगभग 195 देशों को जीवन रक्षक दवाइयां प्रदान की थी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस महामारी से प्रभावी रूप से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सीमित साधनों के बावजूद पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश प्रभावी रूप से इस महामारी से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कोरोना होम आइसोलेशन किट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस किट में होम आइसोलेशन में रहे रहे रोगियों के लिए निर्देशिका, थर्मामीटर, च्यवनप्राश, काढ़ा, सेनिटाइजर, मास्क, मल्टीविटामिन, कैल्शियम, विटामिन-सी तथा जिंक की गोलियां, आयुर्वेदिक दवाई कुदनीर, मुख्यमंत्री का पत्र, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सन्देश का कार्ड और सभी वस्तुओं की सूची शामिल है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति और टीकाकरण अभियान की प्रगति पर प्रस्तुति दी। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मंत्रीगण, विधायकगण, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया जबकि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां हिमाचल ड्रग निर्माता संघ की ओर से मनोज अग्रवाल ने एच.पी.एस.डी.एम.ए. कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फंड के लिए 41 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री को मोरपेन लैबोरेट्रीज लिमिटेड के निदेशक संजय सूरी ने सी.एस.आर. के तहत के.बी. सूरी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से इस फण्ड के लिए 21 लाख रुपये का चैक भेंट किया। एल्केम लैबोरेट्रीज लिमिटेड के प्लांट हैड राकेश भूषण त्रिपाठी तथा अजय भाटिया ने इस फण्ड के लिए कम्पनी की ओर से 20 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अंशदानकर्ताओं का इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार के सहयोग से समाज के दानी और सम्पन्न व्यक्तियों को इस कोष में उदारतापूर्वक दान करने के लिए प्रेरणा मिलती है जिसे आवश्यकता के समय जरूरतमंद व गरीब लोगों की सहायता के लिए उपयोग किया जा सकता है।
₹105 रुपये से बढ़ाकर ₹210 प्रतिमाह , 1.5 करोड़ से अधिक कामगार लाभान्वित केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने पर नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों व कामगारों के कल्याण के लिए कार्यरत रही है । कोरोना आपदा के इस कठिन समय में कामगारों को आर्थिक रूप से समस्या ना आने पाए इस दिशा में मोदी सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने का निर्णय लिया है । यह वृद्धि एक अप्रैल, 2021 से लागू होगी। इससे केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कामगारों का न्यूनतम वेतन की दर में भी वृद्धि होगी जिस से केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा। वैरिएबल डीए में बढ़ोतरी से उन्हें इस महामारी के मुश्किल वक्त में मदद मिलेगी और इस सराहनीय निर्णय के लिए मैं नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करता हूँ” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को सुव्यवस्थित तरीक़े से चलाने व इसके किए बढ़ाकर बजट देने का नतीजा है कि कोविड महामारी के बीच मई 2021 में अबतक मनरेगा के तहत 1.85 करोड़ लोगों को काम दिया मिला।ये मई 2019 की समान अवधि में दिये गए काम से 52 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2021-22 में 13 मई 2021 तक मनरेगा के तहत 2.95 करोड़ लोगों को काम दिया जा चुका है, जिसमें 5.98 लाख संपत्तियां पूरी हुईं और 34.56 करोड़ श्रमिक-दिवस कार्य उत्पन्न हुए। 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन और इसकी वजह से लोगों, मशीनों और सामग्री की उपलब्धता में मुश्किलों के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल अबतक बीते 3 साल की इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ। यह दिखाता है कोरोना से उपजे मुश्किल हालतों में भी मोदी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रनिर्माण में समर्पित है”
सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने कुल्लू के पंचानाला में एनएचपीसी की टनल धंसने से चार कामगारों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य कमेटी ने गैर जिम्मेवारी पूर्वक तरीके से कार्य करने वाले हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज़ करने की मांग की है। राज्य कमेटी ने मृतकों के परिवार को पचीस लाख रुपये प्रति मजदूर देने की मांग की है। राज्य कमेटी ने मृतक मजदूरों के हर परिवार से एक व्यक्ति को एनएचपीसी में रोज़गार देने की मांग की है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि जिला कुल्लू की गड़सा घाटी स्थित मनिहार नामक जगह के पास पंचानाला में बन रही एनएचपीसी चरण-दो की डायवर्जन टनल धंसने से मारे गए चार मजदूरों की मौत के लिए जिम्मेवार अधिकारियों व ठेकेदार पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज़ होना चाहिए। यह बेहद दुख की बात है कि वर्तमान में आधुनिक तकनीक होने के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश की निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं में मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। यह सब मुनाफाखोरी को बढ़ाने के लिए मजदूरों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। ठेकेदार अपनी मुनाफाखोरी बढाने के लिए निर्धारित मानकों के साथ निर्माण कार्यों को अमलीजामा नहीं पहनाते हैं। विभाग के अधिकारी भी ठेकेदारों से मिलीभगत करके मजदूरों की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। इस तरह मजदूरों का आर्थिक शोषण भारी पैमाने पर जारी है। जब इस तरह के हादसे होते हैं तो सरकार,प्रशासन,अधिकारी व ठेकेदार मिलकर ऐसे मामलों को रफा दफा करके पूरे मामले को ही दबा देते हैं। मजदूरों के परिवारों को कभी भी न्याय नहीं मिल पाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की जाए व दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने सरकार से मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि एनएचपीसी जैसी बड़ी कम्पनियों के तत्वधान में हो रहे निर्माण कार्यों में भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो रहे हैं।
कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों की सेवा में लगी सर्वकल्याणकारी संस्था व कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा सेनिटाइजर व खाद्य सामग्री वितरीत करने का कार्य लगातार जारी है। जहां कहीं भी मदद की जरूरत हो रही है, कार्यकर्ता बिना समय गंवाए वहां तत्काल राहत पहुंचा रहे हैं। सेवा की लड़ी टूटे न, कोई घर छूटे न, इसी सेवाभाव से कार्यकर्ता फील्ड में जुटे हुए हैं। संस्था के जिलाध्यक्ष लेखराज ठाकुर ने बताया कि इसी कड़ी में संस्था व पार्टी की गठित टीमों ने सुजानपुर विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत डेरा के गांव धरसाल, रंगड़ पंचायत के नागलंबर, बनोह, धैल ग्राम पंचायत के चमियाणा व भटीण, ग्राम पंचायत री के भलाणा में सैनिटाइजर किया। साथ में भटीण, चलोह, छनेड़, रछो, नागलंबर व धैल में 16 जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री भी वितरित की। इस दौरान कोरोना नियमों के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने बताया कि विधायक राजेंद्र राणा के निर्देशानुसार सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार आपदा की इस घड़ी में मदद से छूटे नहीं। इसी ध्येय के साथ सभी टीमें गांव-गांव पहुंचकर मदद पहुंचा रही हैं।


















































