शिमला : भाजपा कार्यसमिति की बैठक, उपचुनाव में मिली हार के हर पहलु पर हुआ मंथन
उपचानवो में हुई भाजपा की हार पर शिमला में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में विचार विमर्श किया गया। प्रदेश भाजपा नेताओं ने पार्टी प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन के सामने हार के कई कारण गिनाए। दोपहर बाद करीब 4 बजे शुरू हुई बैठक रात करीब 10 बजे तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में मंडी जिले से भाजपा का अच्छा प्रदर्शन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र होने के नाते माना गया, मगर यहां भी भाजपा के कुछ नेताओं के भितरघात की बातें सामने आईं। कुल्लू जिले में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के कमजोर प्रदर्शन पर भी चिंता जताई गई। लाहौल-स्पीति से मंत्री रामलाल मारकंडा के भी लीड न दिला पाने पर अफसोस जताया गया। वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कहां चूके और उनके उपचुनाव से पहले आए विवादित बयानों के घाटे-नफे क्या रहे, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ। ब्रिगेडियर कुशाल चंद के बजाय अगर अन्य उम्मीदवार होता तो जीत के कितने करीब होते, इस बारे में भी चर्चा हुई। पूर्व मंत्री दिवंगत सुजान सिंह पठानिया के अपने प्रभाव और उनके बेटे भवानी पठानिया के चुनाव लड़ने को भी भाजपा की हार की वजह माना गया। जुब्बल-कोटखाई में कमजोर प्रत्याशी को टिकट देना और भाजपा की बड़े स्तर पर बगावत हार की वजह बनी। यह भी बात उठी कि यहां पूर्व मंत्री दिवंगत नरेंद्र बरागटा ने भाजपा को खड़ा किया था, उनके बेटे चेतन बरागटा की उपेक्षा करना भाजपाइयों को नाराज कर गया। भाजपा की इस बैठक में उपचुनावों में हुई हार के हर पहलू पर विचार विमर्श किया गया। अब देखना यह है की इस बैठक के बाद आगे की क्या रणनीति होगी।
