सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गवर्नमेंट कॉलेज, संजौली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत शिवानी कपरेट को आउटस्टैंडिंग वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया, जिसका संयुक्त आयोजन आईसीएफआरई-एचएफआरआई, शिमला तथा मेडिसिनल प्लांट बोर्ड, आरआरएस, हिमाचल प्रदेश और आईएसएएचआरडी सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। बता दें कि शिवानी कपरेट ने हनी आधारित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स पर शोध किया है, जो चिकित्सा और औषधीय उपयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिवानी द्वारा 11 शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित है और 1 पेटेंट भी इस विषय में उनके नाम पर दर्ज है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण बुधवार से शुरू होगा। सत्र के लिए 834 प्रश्न पहुंचे हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 11वें सत्र का दूसरा चरण पूर्वाह्न 11:00 बजे शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा। दूसरे चरण में 13 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18, 19 और 20 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी और मुख्यमंत्री 20 मार्च को चर्चा का जवाब देंगे। 21 मार्च को पूर्वाह्न 11 बजे मुख्यमंत्री सुक्खू बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सदन में पेश करेंगे। 23, 24 व 25 मार्च को बजट अनुमानों पर चर्चा होगी। 27, 28 व 30 मार्च को बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 की मांगों पर चर्चा एवं मतदान होगा। 30 को ही बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 की मांगों पर चर्चा एवं मतदान और विमर्श एवं पारण होगा। 31 मार्च को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस, एक व दो अप्रैल को भी शासकीय एवं विधायी कार्य होंगे। पठानिया ने सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की। भाजपा विधायक बुधवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान सरकार को चुनावी और बजट घोषणाएं पूरी नहीं होने पर घेरेंगे। मंगलवार शाम को विली पार्क शिमला में नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में कांग्रेस सरकार की नीतियों, प्रशासनिक विफलताओं और जनविरोधी फैसलों पर चर्चा हुई। सरकार की विफलताओं को सदन में जोरदार तरीके से उठाने का फैसला लिया गया। विधायकों ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
जिला पुलिस शिमला द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना कुमारसेन थाना में अभियोग संख्या 20/2026, दिनांक 12 मार्च 2026 को ND&PS Act की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान पुलिस ने 12.36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। प्रारंभिक कार्रवाई में तीन आरोपियों राहुल लारजु (27 वर्ष) निवासी गांव व डाकघर बौन्डा, तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.), शुभम खन्ना (31 वर्ष) निवासी गांव ढेऊ, डाकघर सराहन, तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.), विकास मिन्ज (26 वर्ष) निवासी तेलीगाना मंगपदा, डाकघर विरानगटोली, तहसील कुटरा, जिला सुन्दरगढ़, ओडिशा को गिरफ्तार किया गया था। मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की पड़ताल करते हुए नशे की आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर संजय उर्फ गांजी, निवासी मौली जागरा कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ है। जिला पुलिस शिमला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है तथा मामले की जांच आगे भी जारी है।
शिमला शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नए निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, शहर में सभी लोग अपने दैनिक कार्यों, कार्यालय जाने तथा बच्चों के स्कूल जाने के लिए विभिन्न वाहनों का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों से लोगों के घर लौटने के दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस संदर्भ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा सभी थाना प्रभारियों (SHO) को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे पीक आवर्स के दौरान यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु स्वयं ट्रैफिक संचालन की कमान संभालेंगे। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि विभिन्न बाधा बिंदुओं (बॉटलनेक्स) पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की चुनौती को देखते हुए शिमला शहर के सभी SHO प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तथा दोपहर बाद 04:30 बजे से 06:00 बजे तक व्यक्तिगत रूप से यातायात व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद अब सभी SHO सुबह और शाम की व्यस्त अवधि के दौरान शिमला ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं तथा जाम की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर रहे हैं, जिससे सुगम ट्रैफिक संचालन मजबूत हो रहा है।
हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए। होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं। कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में आज गर्मी और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार है। मौसम विभाग ने राज्य के 3 जिले कांगड़ा, मंडी और सोलन में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि लाहौल स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। राज्य में आज रात से एक फ्रेश वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार- कल (रविवार को) पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसे देखते हुए ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 16 मार्च को भी पूरे हिमाचल में मौसम खराब बना रहेगा और कई जगहों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद 17 मार्च को यह सिस्टम कुछ कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन राहत ज्यादा देर तक नहीं रहेगी। वंही 18 और 19 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होगा। इन 2 दिनों के दौरान भी पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। लगातार बदलते मौसम के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने हीटवेव अलर्ट को देखते हुए लोगों को दिन के समय धूप से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि मौसम में यह गर्मी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी।
शिमला पुलिस ने न्यू शिमला से एक करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ा है। एएसपी अभिषेक ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब के युवक और सिरमौर की युवती से 11.57 ग्राम एलएसडी(लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड ) बरामद किया गया है। यह प्रतिबंधित ड्रग है और इसमें 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। एएसपी अभिषेक ने बताया आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड यानी एलएसडी एक मादक पदार्थ है जिसमें सिंथेटिक केमिकल होता है। इसका ना कोई रंग होता है, न कोई खुशबू और न ही कोई स्वाद लेकिन इसका नशा बेहद खतरनाक होता है। बताया जाता है कि इसे लेने के 15 से 20 मिनट में नशा शुरू हो जाता है और लंबे समय तक रहता है। इस नशे से कई तरह की समस्याएं धड़कनें बढ़ना, ब्लड प्रेशर की समस्या, नींद और भूख गायब होना, घबराहट महसूस होती है। यहां तक कि हार्ट अटैक भी आ सकता है। ये लिक्विड, पाउडर और ब्लॉट्स तीनों रूप में मिल जाती है।
हिमाचल प्रदेश के प्रीमियम हेल्थ इंस्टीट्यूट इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में आज रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू 11 बजे इसका शुभारंभ करेंगे। इस दौरान सीएम रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन भी देखेंगे। इसके बाद IGMC शिमला में प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। IGMC प्रशासन के अनुसार- पहले दिन सर्जरी विभाग के ट्रेंड डॉक्टर रोबोटिक तकनीक से 3 सर्जरी करेंगे। इनके लिए विभाग के चार डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये ऑपरेशन दक्ष सर्जनों की देखरेख में किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शिमला स्थित KNH अस्पताल से रेफर की गईं दो महिला मरीजों के गायनी से संबंधित सामान्य ऑपरेशन भी आईजीएमसी में ही किए जाएंगे। IGMC में रोबोटिक सर्जरी के लिए नया ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है। अस्पताल में 30 बिस्तरों का एक विशेष वार्ड भी बनाया गया है, जिसमें ऑक्सीजन सहित सभी आवश्यक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार ने आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से रोबोटिक मशीन स्थापित की है। इस तकनीक में बहुत छोटे चीरे लगते हैं, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और उसकी रिकवरी भी तेजी से होती है। मुख्यमंत्री सुक्खू रोबोटिक सर्जरी का शुभारंभ करने के बाद आईजीएमसी में 'राइट टू जस्टिस: एक्शन फॉर ऑल वुमन एंड गर्ल्स' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। आईजीएमसी के एमएस डॉ. राहुल राव ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के शुभारंभ के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज रोबोटिक तकनीक से कुल पांच ऑपरेशन किए जाएंगे। राज्य सरकार इससे पहले अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू कर चुकी है।"
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला के अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) टूटीकंडी से प्री-पेड टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इस नई सुविधा के तहत यात्री आईएसबीटी टूटीकंडी स्थित प्री-पेड टैक्सी काउंटर से टैक्सी बुक कर सकेंगे। व्यवस्था के अनुसार यात्री काउंटर पर निर्धारित किराया जमा करेंगे, जिसके बाद उन्हें एक भुगतान पर्ची दी जाएगी। यह पर्ची टैक्सी चालक को दिखाना अनिवार्य होगा। इसके बाद चालक यात्री को उनके निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाएगा। यात्रा पूरी होने के बाद चालक उसी पर्ची को काउंटर पर जमा कर अपना भुगतान प्राप्त करेगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को किराए को लेकर किसी प्रकार की असुविधा या विवाद का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि किराया पहले ही अदा किया जा चुका होगा। प्री-पेड टैक्सी सेवा के तहत शिमला शहर के भीतर 26 स्थानों को कवर किया जाएगा। इसके अलावा चंडीगढ़ शहर और चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इस सेवा में शामिल हैं। इस सेवा के संचालन के लिए कुल 115 वाहन लगाए गए हैं, जिनका संचालन टैक्सी यूनियन द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल टैक्सी सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, क्योंकि किराया दरें परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचित की गई हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला से चंडीगढ़ के लिए चलने वाली प्री-पेड टैक्सियों के किराये में संशोधन करते हुए नई दरें अधिसूचित कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आईएसबीटी शिमला से चंडीगढ़ सिटी तक प्री-पेड टैक्सी का किराया 3000 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम किराया 5000 रुपये तक लिया जा सकेगा। वहीं आईएसबीटी शिमला से चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक प्री-पेड टैक्सी का किराया 3500 रुपये तय किया गया है और इसका अधिकतम किराया 5500 रुपये निर्धारित किया गया है। परिवहन विभाग के अनुसार यह संशोधित दरें प्वाइंट-टू-प्वाइंट आधार पर लागू होंगी, जिससे यात्रियों को पहले से तय किराए की सुविधा मिलेगी और अधिक किराया वसूलने की शिकायतों पर रोक लगेगी। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
एसजेवीएन के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन ने 150 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस उपलक्ष्य पर भूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। साथ ही देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा नेशनल पावर ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में अपनी अहम भूमिका को मजबूत करने की पुष्टि की। इस अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) की उपस्थिति में एनजेएचपीएस पावर हाउस में समारोह आयोजित किया गया। विकास मारवाह, परियोजना प्रमुख, आरएचपीएस, विकास शर्मा, परियोजना प्रमुख, एलएचईपी-I व मनमीत गुप्ता, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, एसजेवीएन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। भूपेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मई 2004 में अपनी कमीशनिंग के उपरांत नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने निरंतर उत्कृष्ट प्रचालन विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो भरोसेमंद हरित ऊर्जा उपलब्ध करवाते हुए पीक डिमांड पीरियड में ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करता है। उन्होंने आगे बताया कि एनजेएचपीएस के निष्पादन को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों द्वारा चिह्नित किया गया है। एनजेएचपीएस ने वित्तीय वर्ष 2011–12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, तत्पश्चात जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो इसकी अनुकूल हाइड्रोलॉजिक परिस्थितियों का सर्वोत्तम उपयोग करने की क्षमता को भी दर्शाता है। अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन से जुड़े सभी वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने क्षेत्र में विकास और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का आरंभ किया है। राजीव कपूर, परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में समस्त हितधारकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के अटूट सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया। 150 बिलियन यूनिट की यह उपलब्धि प्रमुख पर्यावरणीय महत्व भी रखती है, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन के बड़े हिस्से के प्रतिस्थापन तथा इसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का द्योतक है। इस प्रकार यह स्टेशन भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन और जलवायु प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। एसजेवीएन द्वारा संचालित एनजेएचपीएस में निरंतर व्यवस्थित आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी तथा उचित रखरखाव प्रक्रियाओं का लाभ मिलता रहा है। विद्युत उत्पादन के अतिरिक्त, इस परियोजना ने रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शिमला के फेडजीपुल में नियमित जांच के दौरान दो आरोपियों से 268 ग्राम चरस बरामद की गई। सोमवार को पुलिस स्टाफ फेडजीपुल में नियमित जांच के लिए नाका लगाए हुए थे। जांच के दौरान एक उत्तराखंड की स्कूटी नंबर फेडजीपुल की तरफ से आती हुई दिखाई दी। पुलिस को देखकर स्कूटी पर सवार दोनों व्यक्ति गुम्मा की तरफ भागने लगे, लेकिन पुलिस द्वारा उनका पीछा कर गुम्मा के पास दोनों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 268 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपियों की पहचान सूरज रावत, पुत्र वीर सिंह, निवासी गांव धोतरी उडरी, तहसील डुंडा, जिला उत्तरकाशी, उत्तराखंड तथा शिवम रावत, पुत्र संतान सिंह रावत, निवासी मकान नंबर 73, गुरु रोड़, न्यू बस्ती, पटेल नगर, देहरादून, उत्तराखंड के रूप में हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच में पाया गया कि ये दोनों आरोपी उत्तराखंड से चरस की खेप लाकर स्थानीय युवाओं को बेचने की फिराक में थे। मामले में आगामी जांच जारी है।
एचपीयू में छात्र संगठनों के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच फिर झड़प हुई। इस दौरान एक छात्र पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया गया। इस घटना में छात्र को गंभीर चोटें आई है जिसे उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामले की सूचना मिलते ही क्यूआरटी समेत बालूगंज थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच चुनाव बढ़ गया और दो गुटों के बीच झड़प हुई। 1:30 के बीच लॉ ब्लॉक में एक बार फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसी दौरान एक युवक ने दूसरे पर छुरी से हमला कर दिया। छात्र को फौरन उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल ले जाया गया, वहीं पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से लॉ डिपार्टमेंट में बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। एसएफआई जिला समिति के अध्यक्ष विवेक ने बताया कि छात्र संगठन के कार्यकर्ता पर पेट पर तेजधार हथियार से हमला किया गया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल को एचपीयू परिसर में तैनात कर दिया गया है। इस संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अनुराग शर्मा को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर एवं विधानसभा सचिव ने सोमवार को उन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी किया। अनुराग शर्मा ने नामांकन के दौरान तीन सेट दाखिल किए थे। अन्य नामांकन वापस लिए जाने के बाद वे मैदान में एकमात्र उम्मीदवार रह गए, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिया गया। निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेने के बाद शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अनुराग शर्मा के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कैबिनेट मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने नए राज्यसभा सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से संबंध रखने वाले युवा नेता अनुराग शर्मा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया था। उन्होंने 5 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल किया था। सांसद निर्वाचित होने के बाद सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। मंगलवार को वे बैजनाथ जाएंगे, जहां रास्ते में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। उल्लेखनीय है कि मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल 6 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पहले ही नए सांसद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। नामांकन वापसी के बाद अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की गई। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद अनुराग शर्मा ने विधानसभा में अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें गुलदस्ता भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उम्मीद जताई कि अनुराग शर्मा राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे और प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी करेंगे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बीते साल राष्ट्रीय सुर्खियां बनाने वाले संजौली मस्जिद मामले में सोमवार 9 मार्च को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। देश भर में चर्चित रहे इस मामले पर सोमवार को हिमाचल हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की अदालत सुनवाई करेगी। शिमला के उपनगर संजौली में अवैध रूप से मस्जिद निर्माण के इस मामले में अब मस्जिद की निचली दो मंजिलों को लेकर फैसला होना है। इससे पहले बीते साल दिसंबर महीने में उच्च न्यायालय ने मस्जिद की निचली दोनों मंजिलों को लेकर स्टेटस को यानी यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। मामला बीते साल दिसंबर महीने में हिमाचल उच्च न्यायालय पहुंचा। 3 दिसंबर 2025 को न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत में मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय मोहन गोयल ने प्रतिवादी शिमला नगर निगम को नोटिस जारी किया और 4 हफ्ते में रिप्लाई फाइल करने के लिए कहा। इस दौरान जस्टिस गोयल ने अगले आदेशों तक मस्ज़िद के ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। साथ ही वक़्फ़ बोर्ड को दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल को ध्वस्त करने के भी आदेश दिए। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने स्वयं ऊपरी तीन मंजिलें हटाने का आश्वासन दिया था जो रिकॉर्ड पर है। इस पर नगर निगम शिमला के आयुक्त ने 05 सितंबर 2024 को आदेश भी पारित किए हैं। जस्टिस अजय मोहन गोयल की अदालत ने आदेश दिए कि याचिकाकर्ता को मौके पर मौजूद संरचना की दूसरी मंजिल से ऊपर के निर्माण को जिसमें दूसरी मंजिल भी शामिल है को ध्वस्त करना होगा। इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालय के आदेशों को ऊपरी हिस्से को हटाए जाने की कार्रवाई से बचने के लिए किसी प्रकार के औजार के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। साल 2024 में राजधानी शिमला के उपनगर संजौली से अवैध मस्जिद निर्माण का मामला सामने आया था। इसको लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने संजौली में जमकर विरोध किया। इसके बाद कई सालों से नगर निगम आयुक्त के पास लंबित चल रहे संजौली मस्जिद मामला सुर्ख़ियों आया। नगर निगम की अदालत ने पूरी मस्जिद को अवैध करार देते हुए गिरने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद मामला जिला अदालत से होते हुए हिमाचल हाई कोर्ट पहुंचा है। इससे पहले जिला अदालत ने भी मामले में नगर निगम आयुक्त के आदेशों को बरकरार रखा है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ‘बेसहारा’ शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा। सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी। दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी। शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुन्नी स्थित ब्रह्मकुमारी आश्रम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण में महिला सशक्तिकरण पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यालय सचिव कमलेश शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा के चरणों में शीश नवाने और आश्रम के आध्यात्मिक माहौल का अनुभव करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और प्रेरणादायक क्षण रहा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। कमलेश शर्मा ने आश्रम की संचालिका शकुंतला दीदी का स्नेहपूर्ण आमंत्रण के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके निमंत्रण से इस पावन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने आध्यात्मिक चिंतन के साथ महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं लोकसभा में सांसद प्रियंका गांधी बीती शाम को शिमला पहुंच गई हैं। वह, शिमला के छराबड़ा में अपने घर पर ठहरी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी अगले चार-पांच दिन वहीं रुकेंगी। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी चंडीगढ़ तक हेलिकॉप्टर से पहुंचीं और वहां से सड़क मार्ग से होते हुए शिमला आईं। उनके निजी दौरे को गोपनीय रखा गया है। एक- दो दिन बाद प्रियंका गांधी हनुमान मंदिर जाखू में दर्शन को पहुंच सकती है। बता दें कि शिमला से लगभग 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा में कल्याणी हेलिपैड के पास प्रियंका गांधी ने पहाड़ी शैली में अपना घर बना रखा है। वह साल में पांच-छह बार छराबड़ा आती रही हैं। उनके साथ माता सोनिया गांधी, पति रॉबर्ट वाड्रा, भाई राहुल गांधी और बच्चे भी छराबड़ा आते रहे हैं। खासकर गर्मियों के दौरान प्रियंका गांधी का परिवार यहां कई कई दिन बिताता है। प्रियंका के दौरे को देखते हुए पुलिस ने छराबड़ा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां से आने-जाने वाले हरेक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है, क्योंकि प्रियंका के घर के साथ ही राष्ट्रपति निवासी रिट्रीट है। यहां पर लोकल समेत देशभर से शिमला आने वाले टूरिस्ट चले रहते है।
हिमाचल प्रदेश की सियासत में मार्च का महीना एक बार फिर हलचल और उम्मीदों का पैगाम लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को वर्ष 2026-27 के लिए अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। यह अवसर इसलिए भी खास है। क्योंकि इससे पहले वे लगातार तीन वर्षों तक 17 मार्च को ही बजट पेश करते रहे हैं। इस बार तारीख में बदलाव के साथ बजट को लेकर राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर उत्सुकता बढ़ गई है। विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 13 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर गहन मंथन होगा। प्रदेश में इस बार दो चरणों में पूरा होगा। विधानसभा का पहला बजट का सत्र 16 फरवरी से 18 फरवरी तक चला था। वहीं, अब विधानसभा का दूसरा बजट सत्र 18 मार्च से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ शुरू होगा। विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण में 18 से 20 मार्च तक पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट पेश करेंगे। वहीं, 22 मार्च को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 मार्च से बजट अनुमानों पर चर्चा शुरू होगी, जो 28 मार्च तक जारी रहेगी। इस दिन बजट पारित किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को अवकाश रहेगा। 30 मार्च से 2 अप्रैल तक विभिन्न विधेयक सदन में रखे जाएंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में आज फिर से शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले में अंतरिम आदेश जारी करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सरकार आज कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगी। बीते सोमवार को याचिकाकर्ता ने मेयर की नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि यह एक संवैधानिक मुद्दा है, जिस पर सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। पक्षों को बिना सुने जल्दबाजी में कोर्ट कोई भी आदेश पारित नहीं कर सकती। बता दें कि राज्य सरकार ने मेयर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच वर्ष किया है। इसके लिए बाकायदा विधानसभा के विंटर सेशन में अध्यादेश लाया गया। इस अध्यादेश को एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी। 4 दिसंबर 2025 को सरकार ने संबंधित विधेयक को विधानसभा में पारित कर राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा। जनवरी 2026 में राज्यपाल ने कुछ आपत्तियों के साथ विधेयक सरकार को लौटा दिया। सरकार ने 16 फरवरी को इसे दोबारा विधानसभा में पेश कर उसी दिन पारित कराया और पुनः राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया। फिलहाल इस पर मंजूरी लंबित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजली सोनी वर्मा ने दलील दी कि जब तक विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक मौजूदा कानून के तहत मेयर का कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। ऐसे में उनके द्वारा लिए गए निर्णय अवैध ठहराए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि इससे नगर निगम में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। याचिका में कुछ पार्षदों के निलंबन और बजट पेश किए जाने जैसे निर्णयों को भी चुनौती दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि कार्यकाल बढ़ाने संबंधी अध्यादेश को विधिवत विधानसभा में पारित किया जा चुका है और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इसी प्रकरण में कोर्ट ने पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता और सरोज ठाकुर द्वारा स्वयं को पक्षकार बनाने का आवेदन भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग तथा महापौर सुरेंद्र चौहान को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार ने एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से महापौर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने का अध्यादेश लाया।
शिमला जिले के तहत पुलिस थाना देहा क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को पुलिस थाना देहा की टीम ने गश्त के दौरान एक युवक को 5.52 ग्राम चिट्टा/हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान रोहित (25 वर्ष) पुत्र मंगत राम, निवासी गांव पालुआ, डा० चनैर, तहसील ठियोग, जिला शिमला के रूप में हुई। इस संबंध में पुलिस थाना देहा में मुकदमा संख्या 08/26 दिनांक 28/02/2026 को धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 2 फरवरी को नशे की खेप के सप्लायर अजय चौहान (37 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय प्रकाश चंद, निवासी गांव धारकालना, डा० देवठी, तहसील ठियोग, जिला शिमला को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ उक्त मुकदमे में धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी अजय चौहान को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
शिमला जिले के तहत थाना जुब्बल क्षेत्र में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज चार घंटे में दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02-03-2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे प्रधान ग्राम पंचायत कोट काईना दो अन्य नेपाली व्यक्तियों के साथ थाना जुब्बल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि दो नेपाली नाबालिग लड़कियां बिना बताए घर से कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया। सूचना मिलते ही थाना जुब्बल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस चौकी सरस्वती नगर और चेक पोस्ट खड़ापत्थर को भी सतर्क कर दिया गया। एएसआई अशोक कुमार अपने हमराही आरक्षी और दोनों लड़कियों के परिजनों के साथ संभावित स्थानों पर तलाश के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम ने जुब्बल, हाटकोटी और रोहड़ू क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सूचना मिलने के मात्र चार घंटे के भीतर दोनों नाबालिग लड़कियों को रोहड़ू क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों लड़कियों को सुरक्षित उनके परिवारजनों सौंप दिया गया।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी डिटेंशन ऑर्डर की अनुपालना में जिला पुलिस शिमला द्वारा एक और आरोपी नशा तस्कर को नजरबंद करने हेतु जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई दिनांक 02 मार्च 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी प्रेम राज उर्फ आईडी मैहता, उर्फ संतोष मैहता, पुत्र वीर सिंह, निवासी ग्राम जगोट, डाकघर एवं तहसील ननखड़ी, जिला शिमला (हि.प्र.) को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मुकाम जगोट (ननखड़ी) में विधिवत डिटेंशन ऑर्डर के आधार पर हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जिला सुधार गृह कैथू, शिमला भेज दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नशा तस्करी पर कठोर अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उक्त व्यक्ति पूर्व में भी NDPS अधिनियम, 1985 के अंतर्गत कई मामलों में संलिप्त रह चुका है। आरोपी को पूर्व में चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो मामलों में वह दोषसिद्ध कॉन्विक्ट हो चुका है, जबकि दो मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। शिमला पुलिस द्वारा पिछले लगभग एक महीने में 24 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा जा चुका है। जिला पुलिस शिमला नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत दृढ़तापूर्वक कार्य कर रही है।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की अधिकारी ओशिन शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट हटा दिए हैं। यह कदम हाल के विवादों और सरकार की सख्ती के बाद उठाया गया बताया जा रहा है। इससे पहले भी उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हाल में एक निजी कंपनी के उत्पाद के प्रमोशन से जुड़ा मामला सामने आने पर चर्चा तेज हो गई थी। ओशिन शर्मा वर्तमान में शिमला में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। उनकी सोशल मीडिया पर सक्रियता चर्चा का विषय थी। इसको लेकर वह विवाद में थी। विपक्ष भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा था। विधानसभा सत्र के दौरान एक बीजेपी विधायक ने बिना नाम लिए अधिकारियों की सोशल मीडिया सक्रियता पर सवाल उठाए थे। उत्पाद प्रमोशन की शिकायत मिलने के बाद मुख्य सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए। सरकार ने संकेत दिया था कि सेवा नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अब लगातार विवाद और बढ़ते दबाव के बीच अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
हज यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई है। हिमाचल से हज यात्रा पर इस बार 67 यात्री सऊदी अरब जा रहे है। हिमाचल से हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम 5 मार्च से शुरू होने जा रहा है।इसको लेकर सचिवालय में हिमाचल प्रदेश हज समिति की एक महत्वपर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026 में हज यात्रा पर जाने वाले हिमाचल प्रदेश के हाजियों से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मनोज कुमार चौहान, आईएएस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हज समिति-एवं विशेष सचिव (गृह) तथा राकेश शर्मा, वरिष्ठ कोल्ड चेन अधिकारी-एवं-्नोडल अधिकारी (हज) नेशनल हेल्थ मिशन भी उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की जानकारी दी गई, जिनका पालन हज यात्रियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण के दौरान किया जाएगा। वहीं बैठक के दौरान समिति ने सर्वसम्मति से जिला-वार हाजियों की संख्या तथा मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम भी निर्धारित किया। निर्धारित किए गए कार्यक्रम के अनुसार जिला सिरमौर के हाजियों जिनमें 2 कांगड़ा से सम्बन्ध रखते हैं' की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 5 मार्च को मिस्रवाला मरकज़, पांवटा साहिब में होगा। वहीं जिला सोलन के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 6 मार्च को नालागढ़ मरकज़ में होगी। जिला बिलासपुर के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 7 मार्च को जामा मस्जिद, रौड़ा सेक्टर जिला बिलासपुर में, मंडी व कुल्लू के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को जामा मस्जिद, भोजपुर (सुंदरनगर) में, जिला चंबा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 10 मार्च को मदनी मदरसा, गांव मसवाड़ी, डाकघर पल्यूर में तथा जिला कांगड़ा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को मस्जिद, गांव गगवाल, डाकघर बसंतपुर, तहसील इंदौरा में होगा। बैठक में अध्यक्ष की संस्तुति पर हाजी हुसैन अली (चंबा) एवं यूनुस परवेज भटटी (पांवटा साहिब) को राज्य हज प्रशिक्षक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया, जो हाजियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ मेडिकल टीमों के सहयोग हेतु कार्य करेंगे। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा मिशन निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन को व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित करने हेतू आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश हज समिति हाजियों के लिए उचित व्यवस्थाओं व सुविधाओं के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हज पर जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
शिमला पुलिस ने मारपीट मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला लीला सिंह मेहतो (आयु 52 वर्ष) निवासी ग्राम बडावाला, तहसील विकासनगर, जिला देहरादून (उत्तराखंड), वर्तमान निवासी ग्राम बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 06.12.2025 को लगभग रात 11:30 बजे, उनके पुत्र एवरेस्ट सिंह मेहतो अपने साथी अभिषेक के साथ बिथल में एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। जब वे काली मिट्टी (टाटा मोटर्स वर्कशॉप, बिथल के पास) पहुंचे, तो कुछ व्यक्तियों द्वारा उन्हें बिना किसी कारण के रोककर मारपीट की गई, जिससे एवरेस्ट सिंह मेहतो को सिर में चोट आई और उन्हें उपचार हेतु सिविल अस्पताल रामपुर ले जाया गया। इस मामले में जांच करते हुए 24.02.2026 को साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर थाना कुमारसैन पुलिस ने 3 आरोपियों दीपक पुत्र हेम राज (20 वर्ष) निवासी ग्राम तुलसीपुर, राप्ती अंचल, नेपाल, वर्तमान में बैनाल/बिथल क्षेत्र, जिला शिमला में निवासरत, दूसरा आरोपी अनिल पुत्र हीरा लाल (23 वर्ष) निवासी ग्राम घेटमा, जिला रुकुम, नेपाल, वर्तमान में बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला में निवासरत तथा तीसरा आरोपी अंकुश पुत्र प्रेम कुमार (18 वर्ष) निवासी तुर्सू, जिला डायलिख, नेपाल, वर्तमान में भद्राश, तहसील रामपुर, जिला शिमला में निवासरत है को गिरफ्तार किया गया। अब उक्त आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगामी जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस शिमला नागरिकों से अपील करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध कृत्य की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना या आपातकालीन हेल्पलाइन पर दें। सामुदायिक सहयोग से ही सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) चमियाणा परिसर में मंगलवार सुबह एक कुत्ता मानव पैर का हिस्सा मुंह में लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह इंसानी अंग अस्पताल में की गई एम्प्यूटेशन (शरीर का अंग काटने) प्रक्रिया के बाद मेडिकल वेस्ट में रखा गया था। यह किसी दुर्घटना के मामले में किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही के संबंध में सफाई सुपरवाइजर से जवाब तलब किया है। अस्पताल के स्तर पर यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि कटे हुए अंगों के निपटान की उचित व्यवस्था होती है। पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट लीलावती, बायो मेडिकल वेस्ट के नोडल अधिकारी राजेश वर्मा और मैट्रन लीला बोध को शामिल किया गया है। यह समिति मामले की पूरी जांच कर तथ्यों का पता लगाएगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए संभावित चूक की पहचान करेगी। प्रशासन के अनुसार, समिति आज शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस शिमला ने छोटा शिमला मंदिर में हुई दान पेटी चोरी के मामले का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी हुई दान पेटी तथा नकद राशि भी बरामद कर ली है। इस सम्बन्ध में थाना पूर्व (PS East) में अभियोग संख्या 16/2026 दिनांक 23.02.2026 को धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (पूर्व धारा 379 आईपीसी) के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। सूचना मिलते ही थाना पूर्व शिमला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों व स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जय प्रकाश (31 वर्ष) पुत्र जलम सिंह, निवासी गांव फागू, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान चोरी हुई दान पेटी गांव कुम्हाली (कुसुम्पटी वन क्षेत्र) के समीप से बरामद की गई। आरोपी के कब्जे से नकद राशि भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि दान पेटियों व अन्य मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा सतर्कता बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने शिमला की रहने वाली महिला से विदेश भेजने के लिए वीजा बनाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी की थी। इसकी शिकायत शिमला पुलिस थाने में की गई थी। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस थाना बालुगंज में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभियोग संख्या 205/25 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी बहन भावना को कनाडा भेजने के नाम पर आरोपियों ने करीब ₹25,00,000 की धोखाधड़ी की। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने चंडीगढ़ के समीप खरड़ क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं अन्य लोग भी इस ठगी का शिकार तो नहीं हुए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
युवा मोर्चा सुन्नी मंडल द्वारा आयोजित एंटी ड्रग्स क्रिकेट कप का समापन सुन्नी कॉलेज मैदान में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में प्रदेश कार्यालय सचिव, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, हिमाचल प्रदेश, कमलेश शर्मा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि आज नशा युवाओं के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है और इससे लड़ने के लिए समाज को मिलकर आगे आना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, अपने साथियों को प्रेरित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में टीम थाथल अम्ब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की। वहीं फ्रेंड्स-11 दाढ़गी उपविजेता रही, जिसे 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। समापन अवसर पर विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष नारायण, सुन्नी मंडल की सचिव सुनीता शर्मा, महामंत्री यश शर्मा, उपाध्यक्ष साहिल वर्मा, युवा मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता पारुल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजकों ने भविष्य में भी नशे के खिलाफ ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जाएगी।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर के धार गौरा ग्राम पंचायत क्षेत्र के डोईगाड़ में रविवार दिन में गोलीबारी की घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली चलाने वाला आरोपी फुंजा का निवासी बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित की पहचान राजेश डोगरा निवासी फनोटी डोभी के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह के समय दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई थी। पीड़ित राजेश डोगरा का आरोप है कि बहस के दौरान आरोपी सुरेश शर्मा ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ समय बाद जब उसने आरोपी को पिस्टल के साथ देखा तो वह डरकर मौके से भागने लगा। इसी दौरान आरोपी ने पीछे से फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली पीड़ित के सिर के पास से गुजरते हुए पास में खड़ी एक गाड़ी के शीशे से जा टकराई। गनीमत रही कि इस हमले में वह बच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरेश शर्मा को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गोली चलाने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। तारा देवी और शोधी के बीच एक बस में सवार युवक को 6.300 चिट्टे ग्राम (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान ममलिंग क्षेत्र निवासी सुभाष चंद के रूप में हुई है। पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान बस को रोका और संदेह के आधार पर तलाशी ली, जिसमें युवक के कब्जे से उक्त मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशा कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
शिमला के कुमारसेन थाना के अंतर्गत पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को चरस की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जोगशा के पास नेशनल हाईवे-05 पर नाकेबंदी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 91.10 ग्राम चरस बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमारसैन थाने की टीम, जिसमें महिला मुख्य आरक्षी सविता भी शामिल थीं, एनएच-05 पर नियमित गश्त और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने शक के आधार पर एक ऑल्टो कार को रुकवाया। वाहन की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को 91.10 ग्राम चरस बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार (22) पुत्र निवासी गांव माहोली, डाकघर तेशन, तहसील कुमारसेन तथा राजेश (42) निवासी गांव डमाड़ी, डाकघर व तहसील कुमारसेन, के रूप में हुई है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित खोजकर मशोबरा नारी निकेतन में सुरक्षित पहुंचाया। दरअसल 21 फरवरी को शाम के समय सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा द्वारा पुलिस चौकी मशोबरा को सूचना दी गई कि शैल्टर केस की एक महिला (उम्र लगभग 48 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है, नंगे पांव सेंटर से बाहर निकलकर बालिका आश्रम की ओर जंगल में चली गई है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस चौकी मशोबरा की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ के साथ मिलकर आसपास के जंगल व क्षेत्र में व्यापक तलाश अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों से भी संपर्क कर खोजबीन की गई। थोड़े समय बाद पुलिस टीम को उक्त महिला बालिका आश्रम के नीचे जंगल क्षेत्र में नंगे पांव मिली, जिसकी पहचान सखी वन स्टॉप सेंटर की कर्मचारीयों द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा महिला को सुरक्षित वापस सखी वन स्टॉप सेंटर लाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत महिला को सुरक्षित रूप से नारी निकेतन मशोबरा में पहुंचाया गया है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। PIT NDPS Act के तहत जिला पुलिस ने 25 दिनों में 18 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना जुब्बल की टीम ने 21 फरवरी 2026 को सुरेश कुमार उर्फ पप्पू, पुत्र प्रताप सिंह, निवासी गाँव शैलापानी (बढ़ाल), डाकघर दोची, तहसील जुब्बल को हिरासत में लिया गया। जिसके खिलाफ NDPS एक्ट में चिट्टा बरामदगी के 2 मामले दर्ज थे। वहीं दूसरा व्यक्ति रजत औक्टा उर्फ बन्नी, निवासी गाँव गुन्ट्र, पुराना जुब्बल, जिला शिमला जिसके खिलाफ भी NDPS एक्ट के तहत चिट्टा बरामदगी के तीन मामले दर्ज है। जिला पुलिस द्वारा उपरोक्त दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर नजरबंदी हेतु कंडा जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला को विखंडित करना, संगठित तस्करी नेटवर्क को कमजोर करना तथा संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) में लिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और भविष्य में अपराध रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कार्रवाई (PIT NDPS) के प्रावधानों के तहत की गई है। पहला आरोपी मनोज उर्फ मन्ना, निवासी ग्राम कार्याली, डाकघर मलूथी, जिला शिमला के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में FIR संख्या 131/2023 और 30/2025 दर्ज हैं। पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया है कि वह एक संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है और पर्दे के पीछे से पूरे गिरोह को संचालित करता था। दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर, निवासी ग्राम नीरथ, तहसील रामपुर, जिला शिमला के खिलाफ भी पुलिस थाना रामपुर में 47.74 ग्राम और 30.88 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले दर्ज हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। तीसरा आरोपी गोविन्द सिंह को तीन मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ कुमारसेन और रामपुर थानों में दर्ज मामलों में कुल मिलाकर 6.30 ग्राम, 87.87 ग्राम और 6.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। वहीं चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कोटखाई थाना में दर्ज मामलों में उससे 52.75 ग्राम चरस, 3.17 ग्राम और 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों को निवारक नजरबंद करने का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकना है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और युवाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी।
कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम शुक्रवार को अपना बजट पेश कर रहा है। महापौर सुरेंद्र अपना तीसरा बजट पेश करने के लिए बचत भवन पहुंचे और जैसे ही बजट पेश करने लगे तो भाजपा पार्षदों ने सदन के अंदर हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। भाजपा पार्षद परशुराम ने आरोप लगाया कि महापौर का कार्यकाल खत्म हो गया है और अभी यह सीट खाली है ढाई साल के लिए ही महापौर बनाया था और उनकी जगह किसी महिला को महापौर बनाया जाना था। लेकिन सरकार ने 5 साल के लिए कार्यकाल कर दिया है और इसकी अभी तक राज्यपाल से भी मंजूरी नहीं मिली है ऐसे में महापौर बजट पेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब महापौर के पद पर महिला काबिज होनी थी। लेकिन सरकार ने 5 साल का कार्यकाल कर दिया है जोकि महिलाओ के साथ अन्याय है। साथ ही राज्यपाल से भी अभी कार्यकाल बढ़ाने को लेकर मंजूरी नहीं मिली है। महापौर सुरेंद्र चौहान बजट पेश नहीं कर सकते हैं। यह संविधान के खिलाफ है। भाजपा इसका विरोध करती है उन्होंने कहा कि दो बार पहले जो बजट पेश किया गया है उसमें जो वादे किए थे वह भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं ऐसे में झूठे वादे बजट में इस बार भी किए गए हैं इसका विरोध करते हैं।
छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले शुभम वर्मा को NSUI संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जमीनी स्तर से कार्य करते हुए उन्होंने छात्र हितों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके शुभम वर्मा को आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। उनकी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद आज शुभम वर्मा ने प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं की भागीदारी, संगठन की आगामी रणनीति और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने शुभम वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और आशा जताई कि वे संगठन को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं शुभम वर्मा ने कहा कि वे युवाओं की आवाज को मजबूती से सरकार और संगठन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। प्रदेश राजनीति में शुभम वर्मा की यह नई भूमिका युवा नेतृत्व के सशक्तिकरण के रूप में देखी जा रही है।
शिमला पुलिस ने संजौली थाने में दर्ज मामले में गुम हुई एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, तहसील अर्की (जिला सोलन) की रहने वाली एक लड़की 13 फरवरी 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। उसके पिता ने 15 फरवरी को थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की और लड़की को सुरक्षित ढूंढ लिया। जांच में पता चला कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे उसके पिता को सौंप दिया। इस सम्बन्ध में पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान जिला पुलिस शिमला ने सभी अभिभावकों एवं परिवारजनों से अपील की है कि वे बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से समझें तथा उनकी गरिमा का सम्मान करें। पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें और उनके मित्र-मंडल व दिनचर्या पर संवेदनशील निगरानी रखें। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी प्रकार की गलत संगति, संदिग्ध गतिविधि या व्यवहार की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बुधवार 18 फरवरी को थाना चिड़गांव क्षेत्र में पब्बर नदी के किनारे एक नेपाली मूल के व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राकेश प्रताप (36 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के संकेत मिले हैं तथा उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें 17 फरवरी को मृतक के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है तथा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
शुभम वर्मा को NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी मिली है। शुभम वर्मा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के करीबी और छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा है। उन्होंने पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है। संगठन में उनकी सक्रियता, मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच प्रभावशाली छवि के चलते वे आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम करने की उनकी शैली ने उन्हें पार्टी के भीतर एक सशक्त युवा चेहरा बना दिया है। इसी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले शुभम वर्मा आने वाले समय में संगठन के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शिमला पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया। दरअसल 17 फरवरी 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी में विपिन कुमार ने सूचना दी कि केशव पुत्र सनक बहादुर, निवासी गांव सिदिली (नेपाल), जो वर्तमान में गांव वरमैण डाकघर खराहण, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला में रह रहा था, 16 फरवरी 2026 को खराहण से घर लौटते समय लापता हो गया है और देर रात तक वापस नहीं आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया। खोजबीन के दौरान केशव को खराहण में रविन्द्र सिंह की दुकान के पास एक गली में सोया हुआ पाया गया। पुलिस पूछताछ में केशव ने बताया कि उसने रात में अधिक शराब का सेवन कर लिया था, जिसके कारण वह रास्ते में ही सो गया। मौके पर रिश्तेदारों और गवाहों की उपस्थिति में उसकी जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। केशव ने भी स्वयं को सुरक्षित और ठीक बताया। पुलिस ने गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद केशव को उसके दामाद गोपाल के सुपुर्द कर दिया गया।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने बताया कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, वे 28 फरवरी 2026 से पूर्व अपना ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पेंशनर अनुपलब्ध है या पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। ऐसे मामलों में पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पेंशनभोगियों का आधार कार्ड नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी सत्यापन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक या संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
मंगलवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बकाया भुगतान व वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने की मांग उठाई। पेंशनर्स का कहना है कि अब सरकार आरडीजी बंद होने का बहाना बना रही है। जबकि इसका वेतन और पेंशन भुगतान से कोई संबंध नहीं। सरकार अलग अलग नियुक्तियों से अपने खर्च बढ़ा रही है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद होने का पेंशन और वेतन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों पर खर्च बढ़ाने का आरोप लगाया। धरने में चेतावनी दी गई कि यदि बजट सत्र से पहले सरकार ने पेंशनरों से बातचीत नहीं की तो विधानसभा के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और रैली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पेंशनरों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी शिमला में चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी सोमवार को एक आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस के मुताबिक, यह ईमेल जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग शिमला के कार्यालय को प्राप्त हुआ था। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही बालूगंज पुलिस थाने की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। अदालत भवन और आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया और न्यायालय का कामकाज नियमित रूप से जारी रहा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
दिनांक 15 फरवरी 2026 को लगभग दोपहर थाना छोटा शिमला को सूचना प्राप्त हुई कि विकासनगर निवासी एक व्यक्ति की दो नाबालिग बेटियाँ घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। इस संबंध मे थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज की गई। सूचना मिलते ही थाना छोटा शिमला द्वारा तुरंत पुलिस टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल फोन तकनीक का उपयोग कर मात्र 3 घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को KNH शिमला के पास सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों लड़कियों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
शिक्षक बनने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 12वीं के बाद ही विद्यार्थी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर स्नातक के साथ बीएड की डिग्री ले सकेंगे। इस पाठ्यक्रम में 250 सीटें हैं। प्रवेश राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 10 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 17 अप्रैल को संभावित है। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को पांच इकाइयों को स्वीकृति मिली है। इनमें बीए बीएड माध्यमिक, बीए बीएड मध्य, बीएससी बीएड माध्यमिक, बीएससी बीएड मध्य और बीकॉम बीएड माध्यमिक शामिल हैं। प्रत्येक इकाई में 50 सीटें रखी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीते वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से अनुमति मिलने के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया है। सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और तृतीय लिंग वर्ग के लिए 650 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि वह राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह करना बंद करें। मंत्रियों ने कहा कि अनुराग ठाकुर का यह दावा पूरी तरह निराधार है कि केंद्र सरकार ने 20 वर्ष पहले ही आरडीजी बंद करने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने अनुराग ठाकुर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो वह इस संबंध में केंद्र सरकार की एक भी चिट्ठी सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद केवल राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। साथ ही उनसे स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे हिमाचल प्रदेश को आरडीजी जारी रखने के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि आरडीजी हिमाचल प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 275(1) में किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में आर्थिक कुप्रबंधन हुआ, जिसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ा। मंत्रियों ने कहा हिमाचल प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेलने के लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर और अन्य भाजपा नेताओं को इधर-उधर की बयानबाजी करने के बजाय आरडीजी के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख प्रदेश की जनता के सामने रखना चाहिए। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलने की बात कह चुके हैं, लेकिन भाजपा नेता केवल राजनीतिक लाभ लेने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश पर कर्ज के मसले पर गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अनुराग ठाकुर की सलाह की आवश्यकता नहीं है। दोनों ने आरोप लगाया कि अनुराग ठाकुर और भाजपा के प्रदेश नेता इस मुद्दे पर केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने और राजनीति करने में व्यस्त हैं। सर्वदलीय बैठक में भाजपा का हिमाचल विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। प्रदेश की जनता ने देखा कि भाजपा नेताओं ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए बैठक से वॉकआउट किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें हिमाचल के हितों से कोई सरोकार नहीं है। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के कारण आज प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल के दौरान राज्य को लगभग 54,000 करोड़ रुपये आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त हुए, यानी कुल 70,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार से मिली। लेकिन इन संसाधनों का उपयोग विकास के बजाय ठेकेदारों और चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने में किया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के ऐसे भवन बना दिए, जो आज खाली पड़ी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोलन जिले के नालागढ़ में 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने उद्योगपति मित्रों को कौड़ियों के भाव आवंटित कर दी। ‘कस्टमाइज पैकेज’ के नाम पर सस्ती जमीन के साथ स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट दी गई, जिससे सरकार को रजिस्ट्री से एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों के लिए बिजली शुल्क में भी 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। साथ ही तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, मुफ्त पानी और मुफ्त वेयरहाउस की सुविधा भी दी गई। क्या यह आर्थिक कुप्रबंधन नहीं है ? मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान सरकार पर निराधार आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को पहले पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से यह पूछना चाहिए कि प्रदेश के संसाधनों को इस प्रकार क्यों लुटाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,000 करोड़ रुपये आरडीजी प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कड़ा वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने मात्र 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि 26,000 करोड़ रुपये ब्याज और मूलधन के रूप में वापस किए।
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में चरस की एक और खेप बरामद की है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि थाना देहा में शुक्रवार सुबह पुलिस टीम ने प्राथमिकी संख्या 7/2026 के अंतर्गत एनडीपीएस (ND&PS) अधिनियम की धारा 20 के तहत 1.115 किलोग्राम चरस बरामद की है। एक गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टीम ने नैना कैंची बलग रोड़ के पास नाकाबंदी की थी। वहां एक संदिग्ध व्यक्ति, राजेश कुमार (निवासी राजगढ़, जिला सिरमौर) को रोककर तलाशी ली गई, जिसके पास मौजूद बैग से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। शिमला के SSP गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस अवैध व्यापार के सभी संभावित संपर्कों का बारीकी से पता लगा रही है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने आज यानि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11:00 बजे होटल पीटरहॉफ शिमला में होगी। इसकी जानकारी स्वयं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि उनकी ओर से सर्वदलीय बैठक को लेकर भाजपा, माकपा सहित अन्य दलों को पत्र भेजा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल, माकपा के महासचिव संजय चौहान, पार्टी नेता राकेश सिंघा भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। 16वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार की ओर से आरडीजी को बंद किए जाने के कारण प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य हित में सामूहिक और एकजुट दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। राज्य सरकार का मानना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के हित में साझा निर्णय लिया जाना चाहिए। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद आरडीजी को 1 अप्रैल 2026 से बंद किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे हिमाचल प्रदेश को आगामी पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह अनुदान विशेष श्रेणी राज्य के रूप में हिमाचल के लिए वित्तीय आधार माना जाता रहा है। इसके बंद होने से विकास योजनाओं समेत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों व वित्तीय संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिला पुलिस शिमला ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज पांच अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ठियोग, बालूगंज, रामपुर और कुमारसैन थानों में दर्ज मामलों की समानांतर जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों को चिट्टा सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना विजय उर्फ डेविड है, जो पंजाब के जीरकपुर से हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में हेरोइन की सप्लाई करता था। पुलिस ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोपी की संलिप्तता सुनिश्चित की और थाना ठियोग की टीम को पंजाब रवाना किया। तकनीकी इनपुट के आधार पर 24 घंटे से अधिक चले फील्ड ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम ने जीरकपुर से दो बड़े नशा तस्करों विजय उर्फ डेविड और नितेश शर्मा उर्फ माइक को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विजय बिहारी शिमला शहर, ठियोग, रामपुर और रोहड़ू सहित विभिन्न क्षेत्रों में 70 से अधिक व्यक्तियों को चिट्टा की नियमित आपूर्ति कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 2023 में ठियोग से 180 ग्राम चिट्टा बरामदगी का मामला भी शामिल है। इन पांच मामलों में कुल मिलाकर 335 ग्राम से अधिक चिट्टा सप्लाई की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है और जांच जारी है। मामले की पुष्टि एसपी शिमला गौरव सिंह ने की।


















































