हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से ‘काम छोड़ो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि ‘काम छोड़ो आंदोलन’ के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें। HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा। उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था। यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।
दिनांक 17.06.2026 को पुलिस थाना चिरगांव की टीम को गश्त के दौरान चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्थानीय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सेब के पौधों के बीच अवैध रूप से उगाए गए 1,570 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 56/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है। उक्त मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम को चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी एक अन्य गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुनः स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सेब के बगीचे में खसरा नंबर 702 की भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए 2,021 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 57/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में कुल 3,591 अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है तथा मामलों की आगामी जांच पुलिस थाना चिरगांव द्वारा की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जल्द ही दुनिया के सात अजूबों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी। नगर निगम शिमला शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों रिज मैदान और मालरोड पर विश्व के सात प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों को आकर्षक सेल्फी पॉइंट उपलब्ध कराना है। नगर निगम के अनुसार इन अजूबों की प्रतिकृतियां दिल्ली स्थित एक कंपनी द्वारा तैयार की जा रही हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें शिमला लाया जाएगा। निगम प्रशासन ने इन्हें स्थापित करने के लिए रिज मैदान और मालरोड पर उपयुक्त स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। रानी झांसी पार्क और रोटरी टाउनहॉल के समीप इन संरचनाओं के लिए विशेष रैंप और मजबूत नींव तैयार की जा रही है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इसी महीने के भीतर दुनिया के सातों अजूबों को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल शिमला की पर्यटन पहचान को और मजबूत करेगी तथा पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इस बीच महापौर ने मंगलवार को छोटा शिमला बाजार का दौरा कर स्थानीय व्यापारियों की समस्याएं भी सुनीं। कारोबारियों ने मंदिर के समीप स्थित बंद नाली से फैल रही बदबू की शिकायत की। शिकायत मिलने के तुरंत बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और टैंकर मंगवाकर नाली की सफाई करवाई, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिमला में प्रस्तावित यह नई परियोजना शहर के पर्यटन ढांचे को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है। किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा। अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके। जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
शिमला। बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए। बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी। सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है। किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।
हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों—में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।। मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 18 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है। आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद का अंतर है। मसलन परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषद, तथा अर्की नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने चिकित्सा अधिकारी (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी) भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विभाग में कुल 232 पदों पर निकाली गई इस भर्ती के तहत आयोग ने 162 योग्य डॉक्टरों के चयन की सिफारिश की है, जबकि न्यूनतम पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण 70 पद रिक्त रह गए हैं। पूर्व सैनिक आश्रित वर्ग में उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 42 पदों को अन्य अवशिष्ट श्रेणियों में स्थानांतरित कर भरा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत परीक्षा परिणाम HPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें किसी भी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में संशोधन का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। इस पूरी चयन प्रक्रिया को आयोग ने करीब सात महीनों के भीतर बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा किया, जिसकी शुरुआत 15 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 फरवरी 2026 को स्क्रीनिंग टेस्ट और सब्जेक्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) आयोजित किया गया और 16 मई को परिणाम आने के बाद 299 सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। जून महीने में आयोजित किए गए व्यक्तित्व परीक्षण के मूल्यांकन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है; इसमें श्रेया वालिया ने पहला स्थान हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है, जबकि श्रेया चंदेल दूसरे और शगुन शर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। टॉपर्स के अलावा रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती और दिव्या चौहान सहित कुल 162 सफल डॉक्टरों के नाम इस अंतिम सूची में शामिल हैं, जो जल्द ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे
हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। पहाड़ों पर इससे अगले छह दिन बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज व कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में भारी ओलावृष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलो में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। 13 व 14 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जून वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन राज्य के कुछेक भागों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक- राज्य में अगल छह दिनों के दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी आएगी। बीते बुधवार तक अधिकांश शहरों का पारा सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक अधिक बना हुआ है। मगर आज से इसमे गिरावट आएगी। पहाड़ों के साथ साथ राज्य के मैदानी इलाकों में भी इससे मौसम सुहावना होगा।
हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से रुक रुक कर बारिश हो रही है। आगामी छह दिन भी प्रदेश में बारिश दौर जारी रह सकता है। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है। देशभर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं। वहीं शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के कुछेक भागों में आज भी हल्की बारिश हो सकती है। 3 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में आंधी व तूफान का यलो अलर्ट दिया गया है, जबकि 4 जून को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में चेतावनी जारी की गई। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। वही 5 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट दिया गया है। 6 और 7 जून को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर आज भी जारी है। आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 1 से 6 जून तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी। IMD ने इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 3 जून से प्रदेश में मौसम संबंधी गतिविधियां और तेज होंगी। मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 3, 5 और 6 जून को शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पहले, 31 मई को मौसम विभाग ने शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया था। हालांकि, 1 और 2 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं थी। 3 जून से फिर कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों, विशेषकर सेब, गुठलीदार फलों और मौसमी सब्जियों को तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3 से 6 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
पर्यटन सीज़न के दौरान शिमला में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु शिमला पुलिस की व्यापक एवं सुनियोजित व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 01 मई से 27 मई तक लगभग 7,20,000 वाहनों ने शिमला शहर में प्रवेश किया, और भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होने बाद भी शिमला शहर में जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली। शिमला पुलिस द्वारा पूर्व नियोजित ट्रैफिक प्रबंधन, NCC ट्रैफिक वालंटियर्स, सिविल ट्रैफिक वालंटियर्स,अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी तथा लगातार फील्ड मॉनिटरिंग के माध्यम से यातायात को निरंतर सुचारू रखा गया। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वही जब प्रयटकों से फीडबैक लिया गया, तो अधिकांश पर्यटकों ने यातायात व्यवस्था की सराहना करते हुए शिमला पुलिस का धन्यवाद किया। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें शहर में घूमने, पार्किंग तथा यातायात संचालन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। राज्य में आज और कल बारिश के आसार हैं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि और तूफान की संभावना जताई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। कल भी प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 31 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन 2 जून तक कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
हिमाचल प्रदेश के आठ जिलों में आज भीषण गर्मी का पूर्वानुमान है। दिन के वक्त अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक ज्यादा रहेगा। इससे सुबह 11 बजे के बाद लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वही वीरवार को भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन के वक्त इन जिलों में भी गर्मी परेशान करेगी। राज्य के अधिकांश शहरों का पारा पहले ही सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक चल रहा है। ऊना का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। राहत की बात यह है कल दोपहर बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार है। इसका असर अगले 72 घंटे तक यानी 30 मई तक रहेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 मई को राज्य में भारी ओलावृष्टि, तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चलने का पूर्वानुमान है। राज्य के कुछेक भागों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से भी हवाएं चल सकती है। तेज आंधी व ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की फसलों को नुकसान हो सकता है। 28 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया, जबकि 29 मई को कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। ऐसे में कल और परसों बारिश के बाद भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार है। 30 मई को भी कुछेक क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 31 मई व 1 जून को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा।
पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ती वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए जिला शिमला पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक प्रबंधन उपाय लागू किए गए हैं। बढ़ते यातायात दबाव के बीच आम नागरिकों एवं पर्यटकों की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बेहतर निगरानी व्यवस्था तथा नवीन यातायात प्रबंधन उपाय अपनाए गए हैं। यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसी प्रकार ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई गई है ताकि विभिन्न स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा आगे और स्वयंसेवकों को भी इस पहल से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। शहर में यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग किया जा रहा है, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होकर यातायात प्रबंधन में सहायता प्रदान कर रहा है। प्रभावी पर्यवेक्षण एवं निगरानी के उद्देश्य से शिमला शहर को 5 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी 5 एनजीओ-1 अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में यातायात की स्थिति पर बेहतर नियंत्रण एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित हो रहे हैं। ऊपरी शिमला की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों को शोघी से मेहली बाईपास मार्ग के माध्यम से सुगमता से भेजा जा रहा है, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात दबाव को कम करने में सहायता मिल रही है। इसके अतिरिक्त जिला शिमला पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों एवं पर्यटकों को यातायात संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी तथा आवश्यक परामर्श समय-समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिछले तीन दिनों के दौरान सोलन से शिमला की ओर तथा शिमला से सोलन की ओर 70000 से ज्यादा वाहनों के आवागमन को सुचारू रूप से सफल बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 25000 से ज्यादा अन्य राज्यों के वाहन भी शिमला क्षेत्र में आवागमन करते हुए दर्ज किए गए। वाहनों की इस अत्यधिक संख्या तथा पंचायत चुनावों में पुलिस बल के डिप्लॉयमेंट के बावजूद जिला शिमला पुलिस द्वारा की गई प्रभावी योजना, अतिरिक्त बल की तैनाती तथा निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप यातायात को सुचारु बनाए रखने में सफलता प्राप्त हुई है। जिला शिमला पुलिस भविष्य में भी सड़क सुरक्षा एवं नागरिक सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।
हिमाचल प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 मई से मैदानी और निचले इलाकों में लू (हीट वेव) का असर देखा जा सकता है। विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग शिमला के अनुसार, 24 और 25 मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों के लिए कोई विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन 2 दिनों में तेज धूप और बारिश की गतिविधियों में कमी के कारण दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी। मैदानी जिलों में दोपहर के समय गर्म हवाएं और उमस लोगों को असहज कर सकती है। 26 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए हीट वेव का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। 27 मई को गर्मी का प्रभाव और बढ़ सकता है, जब ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में लू जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। हिमाचल में 28 मई के बाद मौसम एक बार फिर करवट बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके असर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में आज मौसम करवट बदलने वाला है। तीन दिन तक भीषण गर्मी के बाद आज मौसम बदला है। कांगड़ा में तड़के सुबह हल्की बारिश हुई। हमीरपुर के सुजानपुर और बड़सर में भी हल्की बूंदाबांदी हो रही है। शिमला, मंडी समेत अन्य भागों में भी सुबह से ही आसमान में बादल छाए है। इसके बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटे तक बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में आज (शुक्रवार) ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान भी चल सकता है। मौसम में बदलाव के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। प्रदेशवासियों को इससे गर्मी से छुटकारा मिलेगा। IMD के अनुसार- आज और कल राज्य के अधिकांश भागों में बारिश के आसार है। 24 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे 24 व 25 को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 26 मई से मौसम फिर साफ होगा और दोबारा गर्मी सताएगी।
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए दो अलग-अलग राज्यों से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई है। जिला शिमला ASP हेडक्वार्टर अभिषेक धीमान ने बताया कि पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज मुकदमे में एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस टीम ने सिद्धांत खागटा निवासी न्यू सेरी रोहड़ू, जिला शिमला और गौरव कुमार निवासी डियारा सेक्टर-1, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से नाइट्राजेपम टैबलेट्स आईपी 10 एमजी (Nitrosun-10) के कुल 19 पत्ते बरामद किए गए थे, जिनमें 190 प्रतिबंधित गोलियां पाई गईं। मामले की आगामी जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, व्हाट्सएप चैट, सीडीआर डेटा और वित्तीय लेन-देन की जांच की गई। जांच में सामने आया कि प्रतिबंधित दवाइयों की खेप उत्तर प्रदेश के लखनऊ से कूरियर के माध्यम से भेजी गई थी। इसके बाद बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस ने 17 मई 2026 को लखनऊ से आरोपी अहमर ब्रिजास को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लखनऊ में केमिस्ट शॉप संचालित करता है और उसने बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयों की आपूर्ति की थी। मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस थाना सदर शिमला में 9 मई 2026 को मुकदमा संख्या 49/2026, अधीन धारा 21 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसमें पंजाब निवासी निशान सिंह और गुरप्रीत सिंह के कब्जे से करीब 10.300 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई थी। आगे की जांच में डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चिट्टे की खेप के सप्लायर की पहचान फिरोजपुर, पंजाब निवासी आकाशदीप उर्फ आकाश के रूप में की। इसके बाद 19 मई 2026 को सदर शिमला पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आरोपी को जलालाबाद, जिला फाजिल्का से गिरफ्तार कर लिया है।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा बुलाए गए देशव्यापी बंद का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला। प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे लोगों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल एंड ड्रगिस्ट सोसाइटी हिमाचल के अध्यक्ष संजीव पंडित ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते कारोबार से पारंपरिक मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिना उचित निगरानी और नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर रही है। उन्होंने मांग उठाई कि दवाइयों की बिक्री केवल पंजीकृत मेडिकल स्टोर से ही होनी चाहिए और सरकार को ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त नियम लागू करना चाहिए। इसके अलावा दवाओं पर भारी डिस्काउंट और अवैध बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग की गई। संजीव पंडित ने बताया कि हिमाचल के केमिस्ट संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन का समर्थन करते हुए बंद रखा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि दवा व्यवसाय और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को निर्धारित समय में हिम बस कार्ड बनाने को कहा है। प्रदेश में 31 मई के बाद विद्यार्थियों के हिम बस कार्ड नहीं बनेंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कहा है कि 31 मई तक ही आवेदनों को स्वीकार किया जाएगा। अभी तक हिमाचल में 15 हजार के करीब विद्यार्थियों के हिम बस कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं, सभी श्रेणियों को मिलाकर अब तक लगभग दो लाख हिम बस कार्ड जारी किए जा चुके हैं। निगम का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और नए सत्र से पहले रिकॉर्ड अपडेट करने के उद्देश्य से यह समयसीमा तय की गई है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों से अपील की है कि जिन विद्यार्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वह जल्द प्रक्रिया पूरी करें। हिम बस कार्ड के लिए स्कूल से प्राप्त आई कार्ड को निगम की साइट पर अपलोड करना होता है। निगम प्रबंधन ने सभी डिपो प्रभारियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि विद्यार्थियों को कार्ड बनाने की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग दिया जाए। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों को भी इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा गया है। पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने कहा कि विद्यार्थियों के हिम बस कार्ड के लिए 31 मई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अगर सरकार कार्ड बनाने की तिथि को बढ़ती है तो उसी हिसाब से निगम प्रबंधन निर्णय लेगा।
हिमाचल प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने कांगड़ा और सोलन जिलों में आज व कल यानी दो दिन हीटवेव की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बीते दिन भी कांगड़ा, सोलन और किन्नौर में हीटवेव जैसी स्थिति महसूस की गई। ऊना प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक दर्ज करते हुए 43.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं हमीरपुर के नेरी में भी पारा 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 21 मई को मध्यम व अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। 22 मई को राज्य के अधिकांश भागों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 23 और 24 मई को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 25 मई को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा मजबूत नहीं होगा, लेकिन बारिश होने पर लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और होली लॉज का मजबूत गढ़ माने जाने वाले रामपुर में पहली बार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बहुमत हासिल किया है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नगर परिषद रामपुर के 9 वार्डों में से 5 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सके। हालांकि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन भाजपा ने एक सीट की बढ़त के साथ परिषद पर कब्जा जमा लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर के बदलते राजनीतिक माहौल को भी दर्शाती है। जिस क्षेत्र में भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई, वहीं अब नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है। इस परिणाम को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और होली लॉज के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नंदलाल यहां बेहद कम अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। उस समय कांग्रेस ने रामपुर सीट बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामपुर में कांग्रेस और होली लॉज की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा मजबूती से वापसी करेगी। फिलहाल नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ईंधन बचाने और खर्चों में कटौती करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। हाईकोर्ट ने ईंधन और सरकारी खर्च कम करने के लिए दो बड़े फैसले लिए है। जिसमे पहला- हाईकोर्ट के जस्टिस दफ्तर आने-जाने के लिए कार पूलिंग करेंगे। यानी अब एक ही वाहन में एक से अधिक जज सफर कर सकेंगे। दूसरा- हाईकोर्ट के 50 फीसदी स्टाफ को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा ने इसे लेकर सोमवार देर शाम आदेश जारी कर दिए है। इनमें स्पष्ट किया गया कि बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने के लिए हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी है। इसके तहत रजिस्ट्री की प्रत्येक शाखा या सेक्शन का 50 फीसदी स्टाफ हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम करेगा। बाकी का 50 फीसदी स्टाफ ऑफिस में उपलब्ध रहेगा। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने के आदेश दिए और रजिस्ट्रार को सप्ताह शुरू होने से पहले साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने को कहा। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि वर्क फ्रॉम होम काम करने वाले कर्मचारियों हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर ऐसे कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया जा सकता है। वहीं जिन विभागों का काम बहुत जरूरी है और घर से काम करना संभव नहीं है, वहां यह सुविधा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित रजिस्ट्रार को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है,ताकि कोर्ट के कामकाज में बाधा न आए। इससे पहले हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता भी सरकारी खर्च कम करने के लिए अपने गाड़ियों के काफिले को कम कर चुके हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर इस्तेमाल नहीं करने, रविवार को किसी भी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन का कम इस्तेमाल करने की अपील की थी।
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। प्रदेश में 2 दिन की तेज धूप के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान 11 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री या उससे अधिक हो गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 38.5 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर में 38.1 डिग्री, हमीरपुर में 38 डिग्री, कांगड़ा में 38.3 डिग्री, बरठी में 37.4 डिग्री और मंडी में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार- अगले 72 घंटे के दौरान तापमान में हल्का उछाल आ सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आज से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के आसार है, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से अधिक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने 19 से 21 मई तक अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं 22 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 और 24 मई को भी ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं।
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। एक सप्ताह में दूसरी बार रेट बढ़े है। इसके बाद शिमला में पेट्रोल 99.27 रुपए और डीजल 91.26 रुपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं हमीरपुर के सुजानपुर में पेट्रोल 98.27 रुपए, डीजल 88.66 रुपए, लुहरी में पेट्रोल 99.14 रुपए व डीजल 91.09 रुपए, मंडी में पेट्रोल 98.73 रुपए व डीजल 90.51 रुपए, ऊना में पेट्रोल 96.93 रुपए व 88.91 रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों के इस फैसले का असर आम जनता पर पड़ना तय है। अगले महीने से राज्य में सेब सीजन भी शुरू होने जा रहा है। इससे सेब की ढुलाई महंगी होगी। बागवानों पर इसकी मार पड़नी तय है। प्रदेश की सबसे बड़ी बद्दी की ट्रक यूनियन चार दिन पहले ही माल भाड़ा बढ़ा चुकी है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। बसों के साथ मलाभाड़े पर भी इसका असर पड़ना तय है। इससे खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेगी। जानकारों की मानें तो अभी और भी रेट बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में दो दिन की धूप के बाद कल से मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार- 19 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। राज्य के अधिकांश भागों में इसका असर 23 मई तक देखने को मिलेगा। इस दौरान कुछेक स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और आसमानी बिजली भी गिर सकती है। IMD ने 19 से 21 मई तक चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम में बदलाव के बाद तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि आज पूरे प्रदेश में धूप खिलने के आसार है। इससे कई शहरों के तापमान में दो से तीन डिग्री का उछाल आ सकता है। खासकर ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के निचले इलाकों में दिन में प्रचंड गर्मी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार- मई महीने में अब तक सामान्य से 2 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। आने वाले चार दिनों के दौरान भी बारिश होगी। इससे पहाड़ों पर मौसम और भी सुहावना होगा।
हिमाचल प्रदेश में अब गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। बीते पांच दिनों के दौरान कुछेक भागों में हल्की बूंदाबांदी के बाद कल से धूप खिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार- 21 मई तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इस दौरान तापमान में चार से पांच डिग्री का उछाल आएगा। राज्य के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। ऊना का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। हालांकि, यह अभी सामान्य से 1.7 डिग्री कम है। बीते चार दिनों के दौरान आसमान में बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के कारण कई शहरों का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ था, लेकिन अब मौसम साफ होने के बाद इसमें तेजी से उछाल आएगा। मौसम विभाग ने आज कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। विभाग की ओर से चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में आंधी-तूफान को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, पिछले पांच दिनों से लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। विशेषकर 12 व 13 मई भारी ओलावृष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट था।
शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल (KNH) की गायनी ओपीडी और अन्य सेवाओं को आईजीएमसी शिफ्ट करने के फैसले पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह जनहित याचिका अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान की ओर से दायर की गई थी। कोर्ट ने डेंटल कॉलेज से जुड़े प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने हाल ही में KNH की गायनी ओपीडी और कुछ सेवाओं को IGMC शिफ्ट करने का फैसला लिया था। सरकार का कहना था कि इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इस फैसले का प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया था। महिला संगठनों, CPI(M), AIDWA और स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक अस्पताल को कमजोर करने की कोशिश बताया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि 102 साल पुराना कमला नेहरू अस्पताल महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए बेहद अहम संस्थान है। शिफ्टिंग से खासकर दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि शिफ्टिंग का फैसला किन आधारों पर लिया गया और इससे मरीजों को क्या फायदा होगा। अगली सुनवाई तक अस्पताल की शिफ्टिंग प्रक्रिया पर रोक रहेगी। महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह महिलाओं की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का फैसला महिलाओं की समस्याओं को बढ़ाने वाला था। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट नहीं होगी।
जिला शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी में संलिप्त आदतन अपराधियों के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पुलिस ने आदतन नशा तस्कर कुलदीप ठाकुर उर्फ मोनू निवासी सरस्कन, तहसील धर्मपुर जिला मंडी, वर्तमान निवासी लोअर विकासनगर शिमला, के खिलाफ निरोधात्मक डिटेंशन की कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट की धारा 3(1) के अंतर्गत डिटेंशन आदेश जारी किए गए। पिछले कल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगामी वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आदर्श कारागार कंडा में दाखिल कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ शिमला जिले के विभिन्न पुलिस थानों में हेरोइन/चिट्टा तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2023 और 2025 में पूर्व शिमला, ढली और संजौली थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। इन मामलों में आरोपी से कुल मिलाकर कई ग्राम हेरोइन/चिट्टा और नकदी भी बरामद की गई थी। जिला शिमला पुलिस का कहना है कि PIT-NDPS एक्ट के तहत इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य आदतन नशा तस्करों को दोबारा अपराध करने से रोकना और समाज से दूर रखना है। गौरतलब है कि जिला शिमला पुलिस अब तक कुल 39 आरोपियों के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई कर चुकी है।
शिमला जिला पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना पश्चिम शिमला की टीम ने 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 को स्पेशल सेल शिमला की पुलिस टीम तारादेवी क्षेत्र में गश्त, यातायात चेकिंग और अपराध रोकथाम ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में चिट्टा लेकर शोघी की ओर से शिमला आ रहे हैं और स्थानीय युवाओं को यह खेप बेचने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तारादेवी-टुटू बाईफरकेशन के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। तलाशी के दौरान कार से 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया। इसके अलावा वाहन से नकद राशि भी जब्त की गई। पुलिस ने मामले में कर्ण निवासी कलस्टन, शिमला (35) और कर्ण वर्मा निवासी ठियोग, जिला शिमला (30) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना पश्चिम शिमला में FIR नंबर 83/2026 के तहत ND&PS Act की धारा 21 और 29 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कॉन्ट्रैक्ट आधार पर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की अनुबंध अवधि को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों में जोड़ा जाएगा। खंडपीठ ने सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि कर्मचारियों के पहले से प्राप्त अधिकारों और सेवा शर्तों में नकारात्मक बदलाव करना कानूनन सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि कॉन्ट्रैक्ट सेवा के दौरान मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि को सेवानिवृत्ति लाभ और अंतिम वेतन निर्धारण में नोशनल आधार पर जोड़ा जाएगा। हालांकि, इस अवधि का एरियर नहीं मिलेगा। इसके अलावा, आरएंडपी नियमों या बैचवाइज नियुक्त कर्मचारियों को पहली नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को पहले से लंबित मामलों में तीन महीने के भीतर लाभ सुनिश्चित करने को कहा है। इस फैसले को हिमाचल प्रदेश के हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें आशा वर्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया था। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा ने सात याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम राहत दी और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट विक्रांत ठाकुर ने कोर्ट में दलील दी कि आशा वर्कर पार्ट टाइम कर्मचारी हैं और वे किसी सिविल पोस्ट पर नियुक्त नहीं हैं। उनकी सेवाएं नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ली जाती हैं तथा उन्हें वेतन नहीं बल्कि मानदेय दिया जाता है। कोर्ट ने इन दलीलों को सही मानते हुए आशा वर्करों को पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में 3758 पंचायतों के चुनाव होने हैं। इसके लिए 7 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद पदों के लिए होंगे। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब राज्य की करीब 20 हजार आशा वर्कर भी चुनावी मैदान में उतर सकेंगी। राज्य सरकार ने सरकारी खजाने से मानदेय मिलने का हवाला देते हुए इनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई थी।
शिमला जिले के भराड़ी रोड के समीप एक अज्ञात पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टर में रोहड़ू स्थित अदालत परिसर और SDM कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही जिला शिमला पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। सुरक्षा के मद्देनजर रोहड़ू अदालत परिसर और SDM कार्यालय को खाली करवा लिया गया। परिसर में खड़े सभी वाहनों को हटाया गया है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही बम निरोधक दस्ता भी जांच के लिए मौके पर पहुंच गया। पुलिस द्वारा पूरे परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है। फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच लगातार जारी है। इस मामले में थाना सदर में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जिला शिमला पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक दुखद मामला सामने आया है। अन्नाडेल के ठाकुर बाग क्षेत्र में 12वीं कक्षा में असफल रहने के बाद एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान निखिलेष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह परीक्षा परिणाम आने के बाद से मानसिक तनाव में था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का परिणाम घोषित किया था। उसी दिन शाम को यह घटना हुई। पुलिस को 112 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने छात्र को कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृतक के पिता ने बताया कि वह परीक्षा में असफल होने के कारण काफी परेशान था। पुलिस ने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की है और गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 2024 के भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम को असांविधानिक करार दिया है। जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अनुबंध पर काम कर चुके कर्मचारियों की सेवा को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के लिए गिना जाएगा। हालांकि, इस अवधि के एरियर का भुगतान नहीं होगा, लेकिन वेतन वृद्धि को काल्पनिक रूप से जोड़ा जाएगा। कोर्ट ने सरकार को तीन महीने के भीतर सभी पात्र कर्मचारियों को लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। शिमला में सुबह 8.10 बजे कुछ देर के लिए तेज तूफान चला। वहीं सोलन के कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज पांच जिले- चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में कुछेक स्थानों पर भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है, जबकि ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में येलो अलर्ट दिया गया है। IMD के मुताबिक- राज्य में अगले छह दिन तक बारिश के आसार हैं। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आएगी। इस दौरान कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कल ज्यादा सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट है। 30 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। एक मई को भी ज्यादातर भागों में मौसम खराब रहेगा। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, मगर तीन मई को फिर से पूरे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति पनपने लगी है। मैदानी इलाकों में दिन के समय लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऊना, कांगड़ा और कुल्लू जिले के भुंतर में तीन दिन से हीटवेव महसूस हो रही है। ऐसे में बारिश के बाद अगले सप्ताह गर्मी से राहत मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में गर्मी लोगों को पसीने छुड़ा रही है। प्रदेश भर में तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहे हैं। ऊना में पारा रिकॉर्ड 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं मौसम विभाग ने आज प्रदेश के चार जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इसमें ऊना, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला शामिल है। इनके मैदानी इलाकों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर गर्म हवाएं चलने और तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अप्रैल को प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। इसके बाद 28 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम करवट लेगा। 28 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 29 और 30 अप्रैल को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊपरी शिमला में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी भी हो सकती है। इस मौसमी बदलाव से तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- प्रदेश के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिन खूब गर्मी पड़ेगी। 24 अप्रैल तक पहाड़ों पर धूप खिलने का पूर्वानुमान है। इससे कई शहरों के तापमान में दो से तीन डिग्री का उछाल आएगा, लेकिन गर्मी ज्यादा दिन तक परेशान नहीं करेगी। IMD के अनुसार 24 अप्रैल की रात को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे 25 अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 और 27 अप्रैल को भी अधिक ऊंचाई वाले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी। वहीं मंगलवार को ज्यादातर शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। ऊना का तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री ज्यादा के साथ 38.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला का अधिकतम तापमान भी नॉर्मल से 2.9 डिग्री ज्यादा के साथ 25.4 डिग्री, सुंदरनगर का 34.3 डिग्री, भुंतर 32.0 डिग्री और धर्मशाला का 31.0 डिग्री दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी। राज्य के सभी डीसी ने बीते सात अप्रैल को आरक्षण रोस्टर जारी किया था। इसे कुछ लोगों ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। आरोप है कि आरक्षण रोस्टर लागू करने के नियमों की अनदेखी की गई। इस तरह की एक नहीं, बल्कि कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई हैं। इन सभी को आज कोर्ट सुनेगा। इससे पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और स्टेट इलेक्शन कमीशन को नोटिस भेजकर जवाब मांग रखा है। सरकार और इलेक्शन कमीशन भी सोमवार को अपना जवाब कोर्ट में दायर करेंगे। यह मामला जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की बेंच में लगेगा। याचिकाओं में आरोप है कि कई स्थानों पर जनसंख्या के वास्तविक आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए सीटों को आरक्षित किया गया, जिससे रोस्टर में गलत बदलाव हुआ है। ऐसे में सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिक गई हैं, क्योंकि एक पंचायत का रोस्टर बदलने से उस ब्लॉक की दूसरी पंचायतों के रोस्टर में भी बदलाव की संभावना रहती है। वहीं स्टेट इलेक्शन कमीशन पंचायत और नगर निकाय चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव कराने के आदेश दे रखे हैं। राज्य की 3757 पंचायतों और 73 नगर निकायों में मतदान होना है। इनमें चार निगम (सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर) के चुनाव भी शामिल हैं। ये बड़े चुनाव हैं, क्योंकि नगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर होने हैं। ऐसे में मामला हाईकोर्ट पहुंचने से उन लोगों को आरक्षण रोस्टर में बदलाव की उम्मीद जगी है, जिनके अपने वार्ड-पंचायत आरक्षित हो गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में जल्द मौसम बदलने वाला है। प्रदेश में इस सप्ताह में गर्मी में इजाफा होगा। राज्य के ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में अगले तीन दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा। रविवार को भी राज्य के 8 शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। ऊना का तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है और इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह, बरठी का तापमान 34.6 डिग्री और सोलन का 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 3.9 डिग्री का उछाल शिमला के अधिकतम तापमान में दर्ज किया गया है। इसके बाद शिमला का पारा 25.6 डिग्री हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। हालांकि अन्य भागों में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और 23 अप्रैल तक धूप खिलेगी। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के 24 अप्रैल को फिर से एक्टिव होने के आसार हैं। इससे अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
शिमला पुलिस ने अवैध देवदार लकड़ी की बड़ी खेप पकड़ी है। चोपल थाना पुलिस ने सराहन बाजार के पास एक ट्रक से बिना परमिट के 50 देवदार के लट्ठे जब्त किए हैं। इस मामले में ट्रक चालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत 2.30 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे की गई। चोपल थाना की टीम नियमित गश्त पर थी, तभी सराहन बाजार के पास टाटा 710 ट्रक को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक में देवदार के 50 लट्ठे लदे हुए पाए गए, जिनके लिए कोई वैध परमिट नहीं था। ट्रक चालक की पहचान श्याम लाल (50 वर्ष), पुत्र दुने चंद, निवासी सराहन, तहसील चोपल, जिला शिमला के रूप में हुई है। उसके सहयोगी राहुल (29 वर्ष), पुत्र निका राम, निवासी सराहन, तहसील चोपल, जिला शिमला भी मौके पर लकड़ी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर मौजूद वन रक्षक ने जब्त लकड़ी का मापन किया। कुल 2.923 घन मीटर लकड़ी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2,30,000 रुपये है। नियमानुसार, इस लकड़ी को सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए ट्रक, लकड़ी, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेज वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में थाना चोपल, जिला शिमला में भारतीय न्याय सहिंता व भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच चोपल पुलिस कर रही है।
सोलन में ‘चेस्टर हिल्स’ प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब इसके संचालक हंसराज ठाकुर ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर सामने आ रही कुछ जानकारियां तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ठाकुर के अनुसार, ‘चेस्टर हिल्स-2’ और ‘4’ एक वैध आवासीय परियोजना है, जिसे सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुमतियों के तहत विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट की लागत को लेकर जो बड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से चर्चा में हैं, वे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ है। हंसराज ठाकुर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्षों की मेहनत, बैंक ऋण और निजी निवेश के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास RERA, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम सोलन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां मौजूद हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है, वहीं परियोजना से जुड़े कुछ खरीदारों और परिवारों की ओर से भी स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। ठाकुर ने आग्रह किया है कि मामले को लेकर सभी पक्ष तथ्यों के आधार पर स्थिति देखें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जानकारी का संज्ञान लिया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।आपको बता दें कि यह मामला उपायुक्त सोलन के पास है और जांच की जा रही हैं ।
शिमला जिला के थाना जुब्बल में दर्ज चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस को एक और सफलता हासिल हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा जांच के दौरान बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस ने तरुण ठाकुर (उम्र 33 वर्ष) नामक आरोपी को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी तरुण ठाकुर गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर का रहने वाला है और वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रोहड़ू शाखा में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। पुलिस जांच में पता चला कि वह मादक पदार्थ चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में संलिप्त था। उसका सीधा संपर्क पंजाब के अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेन-देन भी हुए। दरअसल, 9 फरवरी 2026 को थाना जुब्बल पुलिस ने एक स्थानीय महिला आरोपी को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। यहीं से मामले की जांच शुरू हुई। जिसके बाद 17 मार्च 2026 बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी (अमृतसर, पंजाब) को गिरफ्तार किया गया और 6 अप्रैल 2026 फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर तीन अन्य आरोपियों आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश को भी गिरफ्तार किया गया। अब 16 अप्रैल 2026 को तरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। इस संगठित चिट्टा तस्करी नेटवर्क में कुल 6 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पंजाब से सप्लाई, हिमाचल में वितरण और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की स्पष्ट कड़ियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। एसएसपी शिमला ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि नशे के खिलाफ अभियान पूर्ण रूप से जारी रहेगा। आरोपी तरुण ठाकुर को आज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर से करवट बदलने वाला है। आज सुबह से ही प्रदेश के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही मौसम खराब है। मौसम विभाग ने 4 जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में शुक्रवार को भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इन जिलों में कुछेक स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ आंधी-तूफान चलने का भी पूर्वानुमान है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर 20 अप्रैल तक रहेगा। शनिवार और रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिलों में ओलावृष्टि-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। 19 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से एक्टिव होगा। इस दिन अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश और आंधी चलने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा। इस दिन अधिक ऊंचे इलाकों में ही मौसम खराब रहेगा। 21 अप्रैल से मौसम साफ हो जाएगा। इस दौरान लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात भी देखने को मिल सकता है, जबकि निचले व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश होगी। इससे तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आएगी। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रदेश में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग चल रही है। फ्लावरिंग के दौरान मौसम का साफ रहना जरूरी होता है। बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि नुकसानदायक होती है। राज्य के कई क्षेत्रों में पहले ही ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान हो चुका है।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कैबिनेट मीटिंग होगी। पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले हो रही इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष का बजट पारित होने के बाद यह पहली कैबिनेट मीटिंग है। पंचायत चुनाव के दृष्टिगत कैबिनेट में आम जनता को लाभ पहुंचाने से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं, क्योंकि 20 अप्रैल के बाद राज्य में कभी चुनाव आचार संहित लग सकती है। साथ ही कैबिनेट में शिमला से तारादेवी तक प्रस्तावित 13.79 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा हो सकती है। 1734 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 2296 करोड़ रुपए हो चुकी है। केंद्र सरकार और नेशनल डेवलपमेंट बैंक से लागत बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद अब कैबिनेट में इसके क्रियान्वयन की रणनीति और चरणबद्ध योजना पर फैसला लिया जा सकता है। वही कैबिनेट में विभिन्न विभागों में भर्तियों को लेकर भी मंजूरी मिल सकती है। खासकर, स्वास्थ्य और वन विभाग में नई भर्तियों के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सीएम की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट मीटिंग में 50 से कम एनरोलमेंट वाले 11 कॉलेज और पांच से कम छात्र संख्या वाले 108 स्कूलों को साथ लगती पाठशाला में मर्ज करने का फैसला भी हो सकता है। इससे पहले शिक्षा विभाग कैबिनेट में प्रेजेंटेशन देगा।


















































