रामपुर पुलिस उपमंडल के अंतर्गत झाकड़ी पुलिस थाना की टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना और नियमित गश्त के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन झाकड़ी पुलिस की टीम ज्यूरी–सराहन लिंक रोड पर गश्त पर थी। इसी दौरान क्यार नामक स्थान के समीप एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शक के आधार पर उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 1.054 किलोग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत प्रतिबंधित सामग्री को कब्जे में लेते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सागर पुत्र कर्म चंद के रूप में हुई है, जो जिला शिमला की रामपुर तहसील के गांव डुमी (डाकघर बोंडा) का निवासी बताया जा रहा है। चरस बरामद होने के बाद झाकड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चरस कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। मामले की आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने शिमला जिला के डीसी व ठियोग के डीएफओ को वन भूमि पर कब्जों का सारा ब्यौरा तलब किया है। अदालत ने इस मामले में अवैध कब्जों को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी शिमला और मंडल वन अधिकारी यानी डीएफओ ठियोग को निर्देश जारी किए हैं कि वो तहसील कोटखाई के बागी-रतनाड़ी क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अतिक्रमण करने वालों का पूरा विवरण पेश करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर व न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले में सख्त आदेश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अफसरों को शपथपत्र के माध्यम से अवैध कब्जा करने वालों के नाम, पिता का नाम, गांव, उनके स्वामित्व वाली निजी भूमि (यदि कोई हो) और वन भूमि पर किए गए कुल अतिक्रमण क्षेत्र का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने आवश्यक कार्रवाई 15 फरवरी 2026 को या उससे पहले पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। यह जनहित याचिका बागी-रतनाड़ी क्षेत्र के रहने वाले आरएल चौहान ने दाखिल की है। आरएल चौहान तहसील कोटखाई, जिला शिमला के तहत बागी रतनाड़ी के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया के नाम एक पत्र लिखा है। उनकी तरफ से लिखे गए पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल की इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरने का निर्णय लिया है। इनमें टीचिंग व नॉन-टीचिंग फैकल्टी और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल द्वारा असिस्टेंट स्टाफ नर्सिंग पॉलिसी के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 600 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसन और मास्टर ऑफ चिरुरगिया की योग्यता हासिल करने वाले फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग में सीधे भर्ती के माध्यम से खण्ड विकास अधिकारी के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के 100 चिन्हित किए गए सी.बी.एस.सी स्कूलों के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंडों के साथ एक समर्पित सब-कैडर बनाने को भी मंजूरी दी है। बैठक में धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में नामांकित और पढ़ने वाले बच्चों और ऐसे बच्चे जिनके दोनों या एक जीवित माता-पिता की दिव्यांगता 70 प्रतिशत या उससे अधिक है उन्हें भी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उन बच्चों को भी सुख-आश्रय योजना के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिनके माता-पिता में से एक की मृत्यु हो गई है और दूसरे ने बच्चे का परित्याग कर दिया है। बैठक में शीतलपुर में हिमाचल और चंडीगढ़ की सीमा पर एक विश्व स्तरीय टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ रियल एस्टेट बिजनेस में पारदर्शिता लाने और विवादों का तेजी से निपटारा करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2017) के नियम-3 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पालकवाह खास में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग के उपयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब एसडीआरएफ को इस परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। बैठक में हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में आजीविका के लिए चरवाहों के रोजगार के तहत लचीली आजीविका के लिए हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में चरावाहों के लिए रोजगार कार्यक्रम के तहत लचीली आजीविका, चरने वाले पशु और हिमालयी चरवाहों के सशक्तिकरण के लिए एक परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना का लक्ष्य, आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना, चरवाहा प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना, स्वदेशी नस्लों का संरक्षण करना और बाजार संबंधों और मूल्य संवर्धन को मजबूत करना है। चरवाहों और उनके पशुधन की सुचारू आवाजाही के लिए नया कानून पेश किया जाएगा और समस्त वन भूमि और घास के मैदान चरावाह पशुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने मिल्कफेड और राष्टीय दुग्ध विकास बोर्ड द्वारा नाहन, नालागढ़, मोहाल और रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र, हमीरपुर जिले के जलाड़ी में मिल्क चिलिंग सेंटर, ऊना जिले के झलेड़ा में बल्क मिल्क कूलर और करसोग और पांगी में इसी तरह की अधोसंरचना स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड लिमिटेड को वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दूध खरीद लागत में वृद्धि के फलस्वरूप कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 60 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट को भी मंजूरी दी गई। बैठक में तकनीकी शिक्षा निदेशालय के तहत सभी पांच सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एप्लाइड साइंसेज और ह्यूमैनिटीज में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों को कार्यात्मक रूप से इंटरचेंजेबल मानते हुए फंक्शनल इक्विवेलेंस मॉडल (एफइएम) को अपनाने की मंजूरी दी। कार्यात्मक इंटरचेंजेबिलिटी को ट्रांसफर या डेपुटेशन नहीं माना जाएगा और सभी मौजूदा स्वीकृत पदों का एक एकेडमिक पूल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डिजिटल रूप से कुशल और उद्यमी कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर जिले के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागदारी के आधार पर मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम, 1978 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी, कीट प्रकोप इत्यादि के कारण सूखे चीड़ के पेड़ों का सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के उपरांत कटान किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजनादृशहरी में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बैंकों द्वारा एनपीए घोषित किए गए छोटे दुकानदारों के दो लाख रुपये तक के व्यवसायिक ऋण पर राज्य सरकार द्वारा अधिकतम एक लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के मुख्यालय को शिमला से स्थानांतरित कर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र के मलोट में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के अंतर्गत किसी भी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन लोक भवनों को आवश्यक रियायत प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अनुसार, निःशुल्क बिजली रॉयल्टी कम की गई समान दर पर वसूलने में दी जा रही छूट यानि 12 प्रतिशत निःशुल्क बिजली तथा 1 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का लाभ उन परियोजनाओं को भी दिया जाएगा, जिनकी क्षमता 25 मेगावाट तक है और जिनके कार्यान्वयन समझौते पहले ही हस्ताक्षरित हो चुके हैं। यह छूट उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होगी जिनके बिजली क्रय समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) पहले ही हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ निष्पादित हो चुके हैं। साथ ही, यह छूट उन परियोजनाओं पर भी लागू नहीं होगी जो पहले से ही चालू हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल ने एसजेवीएनएल की नाथपा झाकड़ी तथा रामपुर जल विद्युत परियोजनाओं में इक्विटी ऊर्जा हिस्सेदारी को हिमाचल प्रदेश सरकार को पुनः आबंटित करने की स्वीकृति भी प्रदान की, ताकि ऊर्जा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से बिक्री की जा सके। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा आधार पर 28 आश्रितों को रोज़गार प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में स्थित मोहल मौजा पनोल शाहरी तथा औहर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने फ्रेंच विकास एजेंसी के सहयोग से पांच वर्षों के लिए 892 करोड़ रुपये की लागत की हिमाचल प्रदेश आपदा प्रभावित न्यूनीकरण एवं तैयारी परियोजना को स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत स्टेज कैरिज सेवाओं के रूप में संचालन के लिए 18 से 42 सीटर बसों की खरीद पर अनुदान प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की है।
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा पर दिए गए धरने के माध्यम से कांग्रेस जनता को यह झूठ बताने में जुटी है कि मनरेगा को खत्म कर दिया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने इससे कहीं अधिक मजबूत और व्यापक कानून “विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” लागू किया है। केशव चौहान ने कहा कि कांग्रेस यह क्यों नहीं बताती कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिन की रोज़गार गारंटी दी गई है। इसके लिए ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें ₹95 हजार करोड़ से अधिक हिस्सा केंद्र सरकार का है। यह कांग्रेस की आदत बन चुकी है कि जब भी गरीब, किसान और ग्रामीणों के हित में कोई ठोस सुधार होता है, तो वह उसे खत्म करने का झूठा नैरेटिव गढ़कर सड़कों पर उतर आती है। केशव चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था से पंचायतों को सीधा लाभ होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। गांवों में जल संरक्षण, सड़क, रास्ते, तालाब, ड्रेनेज, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी भवन और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। पंचायतों की ग्रेडिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पिछड़ी पंचायतों को अधिक संसाधन मिलें, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन खत्म हो। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी संसद में अमर्यादित आचरण करती है, कागज़ फाड़ती है और टेबलों पर चढ़कर लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास करती है, वही पार्टी आज महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और नैतिक दिवालियापन का प्रमाण है। चौहान ने कहा कि फंडिंग पैटर्न को लेकर भी कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। 60:40 का मॉडल सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी से योजनाओं की निगरानी और प्रभावशीलता बढ़ेगी। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामी और वित्तीय कुप्रबंधन छिपाने के लिए केंद्र पर आरोप लगाने का आसान रास्ता अपना रही है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव मामले में देरी को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले को लेकर आज हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ सुनवाई करेगी। मामले में पिछली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी, इससे पहले अदालत ने प्रतिवादियों को 22 दिसंबर तक याचिका का जवाब देने को कहा था। अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक पूरे मामले में जवाब तलब करने के आदेश दिए थे। डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी को पंचायत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। कानून है कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले चुनाव को लेकर तैयारी करना जरूरी है, लेकिन अब तक चुनाव आयोग की ओर से कोई तैयारियां नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में साल 2025 की विदाई से ठीक पहले प्रदेश सचिवालय में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। शिमला में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। इस अहम बैठक में सुक्खू सरकार कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर अपनी मुहर लगाएगी। बता दें कि प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के चौथे साल में प्रवेश कर गई है, ऐसे में कैबिनेट बैठक में आज कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और विकास योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा संभव है। इसके अलावा जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत फैसलों पर मुहर लग सकती है। कैबिनेट बैठक में नई योजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। हिमाचल में कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद रोजगार को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर रहती है। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में 25 हजार नौकरियां देने का ऐलान किया है। ऐसे में तीन महीने बाद समाप्त हो रहे वित्त वर्ष को देखते हुए कैबिनेट की बैठक में आज नौकरियों का भी पिटारा खुल सकता है।
प्रदेश में नए साल के आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 दिसंबर से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से उच्च एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना है। जिससे करीब 85 दिनों से चला आ रहा ड्राई स्पेल टूटने के आसार है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे पहाड़ी राज्य के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। लगातार शुष्क मौसम से सेब समेत अन्य नकदी फसलों और जल स्रोतों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। वहीं, मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रहेगा। इस दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। 30 और 31 दिसंबर को शिमला, मंडी, चंबा, सोलन और सिरमौर जिले के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 1 जनवरी को भी मैदानी क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश होगी। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं। 2 जनवरी को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थल शिमला नए साल की शुरुआत के साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। 3 से 5 जनवरी तक शिमला में हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खास बात यह है कि एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत हिमाचल के सभी 12 जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर देखने को मिलेंगे। 3, 4 और 5 जनवरी को होने वाले इस महोत्सव में प्रत्येक जिले के उत्पादों को विशेष पहचान देने के लिए समर्पित ODOP पवेलियन स्थापित किए जाएंगे। इन पवेलियनों में बिलासपुर जिले के आंवला आधारित उत्पाद, हमीरपुर के प्रोसेस्ड कृषि उत्पाद, कुल्लू की पारंपरिक शॉल, कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय और कांगड़ा पेंटिंग, किन्नौर का पारंपरिक चुल्ली तेल प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के सीबकथॉर्न (छरमा) उत्पाद, मंडी का स्टील फर्नीचर उद्योग, ऊना का लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर, सिरमौर का पैकेजिंग उद्योग, सोलन का मशरूम उत्पादन और शिमला जिले में पर्यटन को तकनीकी रूप से उन्नत करने से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि यह पहली बार है जब हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिम MSME फेस्ट में एक जिला–एक उत्पाद के लिए विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों और खुले बाजार तक पहुंच मिल सके। इससे आने वाले समय में स्थानीय उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि ODOP योजना ने हर जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और यह पहल स्थानीय कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। यह योजना किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए आजीविका के नए साधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक जिला–एक उत्पाद कार्यक्रम राज्य सरकार की मूल्य आधारित नीति को दर्शाता है, जिसके जरिए स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, हिम MSME फेस्ट 2026 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। महोत्सव के पहले दिन राजधानी शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला और बुनाई विरासत की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा तीनों दिनों तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स और प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां आम लोग हिमाचल के स्थानीय उत्पादों को करीब से देख और खरीद सकेंगे।
प्रदेश में शुष्क मौसम लगातार जारी बना हुआ है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। प्रदेश में सबसे कम कुकुमसेरी में -4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से ऊना और बिलासपुर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नए साल की शुरुआत में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद इसमें फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी आगामी दिनों में गिरावट आने के संकेत हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में हुए इस विवाद के बाद आज डॉक्टर काम छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं और डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सरकार से एक ही मांग है डॉ. राघव का टर्मिनेशन तुरंत वापस लिया जाए। सोहेल ने कहा कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया गया और उसके बाद बिना उचित जांच के सीधे टर्मिनेट कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीज से मारपीट के आरोप में डॉ. राघव की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है। आईजीएमसी के अलावा टांडा, नाहन, नेरचौक, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से कई मरीजों को बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि ओपीडी में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। आईजीएमसी में आरडीए के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां अध्यक्ष सोहेल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने रेजिडेंट्स, इंटर्न्स और एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए चिकित्सक की बर्खास्तगी के आदेशों को रद्द करने की मांग की। सोहेल ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे डॉक्टर पेशे और अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोहराया कि बर्खास्तगी वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज से मारपीट विवाद में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इससे अस्पतालों की OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान-इमरजेंसी सर्विस जारी रहेगी। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे। वहीं CM सुक्खू द्वारा मांगे मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर स्ट्राइक पर गए है। इससे पूरे प्रदेश में आज मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही RDA के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है। इससे प्रदेश में लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल पर रहने वाले है। बता दें कि डॉक्टरों द्वारा मांग कि जा रही है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए साथ ही IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो और डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो, अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए। इन सभी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने जा रहा है, जिससे प्रदेश में पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहे ड्राई स्पेल के टूटने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से मौसम बदलेगा और 1 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहेगा। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 29 दिसंबर तक कोहरा छाए रहने का ऑरेंज और 30 को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश में 30 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिससे इस दिन प्रदेश के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार है। इसी तरह से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगले दो दिन तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव नजर आएगा। प्रदेश में 27 से 29 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान कई स्थानों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। लेकिन, जैसे ही 31 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, इस कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान और न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके प्रभाव से मैदानी जिलों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बने रहने की संभावना है।
सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभोक्ता को बैकलॉग का राशन नहीं मिलेगा। वर्तमान माह में ही उपभोक्ताओं को पूरा राशन लेना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को पिछले महीने का राशन बाद में एक साथ मिल जाता था, यानी जो बैकलॉग कोटा की सुविधा मिलती थी। यह व्यवस्था अब विभाग ने बंद कर दी है। ऐसे में अब उपभोक्ता काे वर्तमान माह में ही समय पर डिपो पहुंचकर सस्ता राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा उसी महीने में समाप्त हो जाएगा। विभाग ने यह नियम पहले भी लागू किए थे लेकिन अब इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। वहीं इस संबंध में विभाग की ओर से जिला नियंत्रकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैैं। विभाग व सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर विराम लगेगा। विभाग की ओर से जारी ये आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसम्बर महीने में जो भी उपभोक्ता राशन नहीं उठाएगा उन्हें अगले महीने यानी जनवरी महीने में बैकलॉग नहीं दिया जाएगा। डिपो संचालकों पर भी ये नियम लागू होगा। उन्हें भी परमिट कटने के बाद तय समय में होलसेल गोदामों से सस्ते राशन के पूरा कोटा एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने में ही उपभोक्ताओं को पहली तारीख से राशन उपलब्ध हो सके। डिपो धारक भी अगर समय पर राशन का पूरा कोटा नहीं उठता है। जिस कारण वर्तमान माह में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। ऐसे में डिपो धारकों की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा झटका लगने वाला है दरअसल 25 दिसंबर की रात 8 बजे से प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक तक जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए विभाग अपनी एंबुलेंस चलाएगा। वहीं, 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी। वहीं सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लागू करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने निजी कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं तो यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब वही प्रशासन कंपनी को संरक्षण देने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लगाने की बात कर रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन को कंपनी के शोषण से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया।
IGMC शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई झड़प के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदिरा गाधी मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल (आईजीएमसी) अस्पताल के सीनियर डॉक्टर राघव नरूला को सुक्खू सरकार ने मरीज से मारपीट के आरोपों के बाद पद से बर्खास्त कर दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में आरोपी डॉक्टर को दोषी माना गया है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने उन्हें टर्मिनेट के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इस घटना के लिए दोनों पक्ष मरीज और सीनियर रेजिडेंट जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में इसे कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य मानते हुए रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 के उल्लंघन का मामला बताया गया। इन तथ्यों के आधार पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. राघव निरुला की सीनियर रेजिडेंट के पद से सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल परिसर में हाथापाई हुई थी। घटना के बाद मरीज के परिजनों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और घटना के वीडियो क्लिप के आधार पर डॉ. राघव निरुला को 22 दिसंबर 2025 को रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत सीनियर रेजिडेंसी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 23 दिसंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसे 72 घंटे के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर 24 दिसंबर तक देने को कहा। समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। बुधवार शाम को आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
फ्रांसिस स्कूल, बटाला (पंजाब) में आयोजित 8वीं इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे-डो चैंपियनशिप में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, शिमला (हिमाचल प्रदेश) की छात्रा साक्षी ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश-विदेश से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच साक्षी ठाकुर ने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत तथा प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा। साक्षी ठाकुर की इस उपलब्धि पर लॉरेट संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ. रण सिंह, लॉरिएट सोसाइटी की माननीय सचिव डॉ. मीरा सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ. कमलजीत कौर ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजधानी शिमला में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शिमला के देवड़ा कॉलोनी स्थित कच्चे रास्ते के पास एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाए घूमता नजर आया। स्थानीय लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृत नवजात लड़का था और उसकी उम्र कुछ ही घंटे या अधिकतम एक दिन बताई जा रही है। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद खुले में फेंक दिया, जिसे बाद में आवारा कुत्ते ने नोच लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नवजात के माता-पिता की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी हो तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
NHAI को शिमला बायपास प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी हासिल हुई है। 23 दिसंबर 2025 को टनल नंबर 5 के दोनों सिरे आपस में मिल चुके हैं, यह टनल शिमला बायपास प्रोजेक्ट में मील का पत्थर साबित होगी। टनल 5 शिमला बायपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है। टनल के निर्माण से लोगों को भविष्य में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना पहुंचने में आसानी होगी और शिमला के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। टनल की कुल लंबाई 210 मीटर है, जिसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था। NHAI ने 7 महीनों के रिकार्ड समय में 23 दिसंबर 2025 को इस कार्य को पूरा किया है। टनल का निर्माण NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से किया गया है। मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है। NHAI की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना, चंडीगढ़-शिमला कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण खंड है। इस परियोजना में पांच सुरंगें शामिल हैं, परियोजना का उद्देश्य जनता की यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है। शिमला बायपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और शिमला (ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उपरी शिमला का रुख करने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिल पाएगी। वहीं, सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे।
विंटर कार्निवाल शिमला-2025, क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या के दौरान राजधानी शिमला में कानून व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत शिमला शहर को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी सेक्टर का ओवरऑल चार्ज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा के पास रहेगा। इसके साथ ही पांच सेक्टर में एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने मंगलवार को इससे संबंधित कार्यालय आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नववर्ष की पूर्वसंध्या पर शिमला में पर्यटक और स्थानीय लोगों की आमद काफी बढ़ जाती है और ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। आदेशानुसार हर सेक्टर में एक अधिकारी का जिम्मा लगाया है। इनके साथ पुलिस विभाग की टीम तैनात है। इसके बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तैनाती कर दी है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि पर्यटकों को बेहतर कानून व्यवस्था दी जाए। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक यह प्लान लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि शिमला के एंट्री प्वाइंट में एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी। उन्होंने आम जन और शिमला आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि जिला प्रशासन के प्लान के मुताबिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि आमजन अपने वाहन निर्धारित गति में चलाएं और ओवरटेक करने से बचें। इसके अतिरिक्त, शराब के नशे में गाड़ी न चलाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया रेप-मर्डर मामले में आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत के केस में दोषी ठहराए गए तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, इस संबंध में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 जनवरी 2024 को आईजी जैदी सहित आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, ऑनरेरी हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जैदी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला वर्ष 2017 में शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी, जबकि 6 जुलाई को उसका शव तांदी जंगल से बरामद हुआ था। इस मामले की जांच के लिए तत्कालीन आईजी जैदी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने राजू और सूरज को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था, लेकिन सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जनता के विरोध को देखते हुए सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस प्रताड़ना से हुई थी। सीबीआई ने आईजी जैदी समेत कुल नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। एम्स के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में हिरासत में यातना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में यह केस शिमला की जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। आईजी जैदी करीब 582 दिन तक जेल में रहे। अप्रैल 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बावजूद ट्रायल जारी रहा। जनवरी 2020 में उन्हें दोबारा सस्पेंड किया गया, जबकि जनवरी 2023 में कांग्रेस सरकार ने उनकी सेवाएं बहाल कीं। सितंबर 2023 में उन्हें मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। वहीं, गुड़िया हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू को शिमला की विशेष अदालत ने 18 जून 2021 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने नीलू को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल 2021 में उसे दोषी ठहराया गया था।
प्रदेश के (IGMC) शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मरीज के परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर आज परिजन एसपी शिमला से मुलाकात करेंगे। हालांकि, IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है और वह डॉक्टर की सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट के समय मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। हाथापाई के दौरान ऑक्सीजन निकल गई, जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यह हमला जान से मारने की नीयत से किया गया है। बता दे कि चौपाल क्षेत्र के नेरवा निवासी अर्जुन पंवार का बीते सोमवार को IGMC में एंडोस्कोपी टेस्ट करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे कुछ समय आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद, अर्जुन अपने परिजनों के साथ चेस्ट OPD वार्ड में शिफ्ट हो गए। वहां एक खाली बेड देखकर वह उस पर लेट गया। इसी दौरान एक डॉक्टर वहां पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने आते ही मरीज से तू-तड़ाक में बात की और कहा,“तू यहां कहां से आ गया?” मरीज अर्जुन ने डॉक्टर को बताया कि उसकी एंडोस्कोपी हुई है और डॉक्टरों ने ही उसे आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह खाली बेड पर लेट गया। मरीज के अनुसार, जब उसने डॉक्टर की बदतमीजी पर सवाल उठाया और कहा कि 'क्या आप घर पर भी ऐसे ही बात करते हैं? तो डॉक्टर भड़क गया और हाथापाई शुरू कर दी। IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि मरीज के साथ मारपीट मामले में डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर से मामले में जवाब दाखिल किए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता पक्ष प्रतिवादियों द्वारा दायर जवाबों पर अपना उत्तर देगा। इसके बाद मामले पर फिर से बहस होगी। मामले पर मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई। समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में आज सरकार और चुनाव आयोग की ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए हैं। अब याचिकाकर्ता को इन जवाबों पर अपना पक्ष रखना है। मामले पर अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। यह याचिका अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिका में सरकार पर पंचायत चुनाव में देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल पूरा होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू की जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी तक राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किया गया, जो नियमों के विपरीत है।
कोटखाई क्षेत्र के बाघी बाजार के समीप दिनांक 21 दिसंबर रविवार को बीती रात एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पंजीकरण नंबर HP-64-7845 (K/10) बताया जा रहा है। वाहन में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियाँ शामिल थीं। हादसे में मौके पर ही एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए IGMC शिमला भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक और घायलों के नाम और पते की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मामला तेज है। आज इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। समय पर पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। समय पर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनावों की तैयारी शुरू की जानी चाहिए, लेकिन अब तक राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किए जाने पर भी याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने में अब बहुत कम समय शेष है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त आवेदन भी दायर किया गया था, जिस पर 17 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निपटारे तक अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को पूरे मामले में 22 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिए थे कि अदालत इस मामले में शीघ्र निर्णय ले सकती है।
राजधानी शिमला में 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल की शुरुआत होने जा रही है। इस बार कार्निवल में दर्शकों को संगीत, संस्कृति और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। पहली स्टार नाइट पर मशहूर पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित अपनी दमदार प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। दोनों कलाकार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अपने हिट गानों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। नगर निगम के अनुसार, कार्निवल के पहले दिन दोपहर 3 बजे के करीब मालरोड पर लगभग 200 महिलाओं द्वारा महानाटी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:00 से 6:30 बजे तक वॉयस ऑफ शिमला प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम 7 बजे से स्टार नाइट शुरू होगी। कार्निवल का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा 24 दिसंबर को पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित, 25 दिसंबर पहाड़ी गायक अरुण जस्टा और राजीव शर्मा, 26 दिसंबर पहाड़ी गायक राजेश त्यागी और पंकज ठाकुर, 27 दिसंबर रमा भारती, इंद्रजीत सिंह और राजीव राजा, 28 दिसंबर ईशान भारद्वाज और सुनील कुमार, 29 दिसंबर किन्नौरी गायक बीरबल, काकू राम, पारस, संचिता भारद्वाज और साहिल कुमार, 30 दिसंबर किशन वर्मा, कुमार साहिल और अंजलि नानक, 31 दिसंबर हन्नी नेगी, हारमनी ऑफ पाइन ग्रुप और गौरव, 1 जनवरी 2026 बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई और कॉमेडियन अब्राहिम कुरैशी समां बांधेंगे। कार्निवल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि विंटर कार्निवल का उद्देश्य हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और सर्दियों के मौसम में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कार्निवल के दौरान दर्शकों को संगीत और नृत्य के साथ-साथ लोक कला और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद मिलेगा। कार्निवल को लेकर टाउन हॉल में महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, पुलिस अधिकारी, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों पर चर्चा की गई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि विंटर कार्निवल का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है और इस बार भी मनोरंजन, संस्कृति और उत्सव का भव्य संगम देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान लोगों को रात में घर पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एचआरटीसी टैक्सियों और बस सेवाओं को बढ़ाने की योजना है। कार्निवल के दौरान संजौली, नवबहार, मैहली, पंथाघाटी, न्यू शिमला, जाखू, भराड़ी और समरहिल रूट पर रात 10 बजे तक सेवाएं चलाने का प्रस्ताव है। महापौर और उपमहापौर ने बताया कि इस संबंध में एचआरटीसी से बातचीत की जाएगी। वहीं एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि पत्र मिलने के बाद मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी।
दिनांक 21-12-2025 को शिमला के बालूगंज क्रॉसिंग पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज शर्मा (29 वर्ष) पुत्र स्व. अजय शर्मा, निवासी गांव घासो, डाकघर झाखड़ी, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। इसके साथ ही मौके से वाहन नंबर HP-06B-4771 को भी जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के दो साथी योगेश और अंकु, दोनों निवासी गांव घासो, मौके से फरार होने में सफल रहे। इस संबंध में एफआईआर नंबर 221/25, धारा 21 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। पूरी कार्रवाई एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की अगुवाई में की गई। वहीं दूसरे मामले में दिनांक 20-12-2025 को शिमला के शोगी बैरियर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान नशा तस्करी के एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक वर्मा (35 वर्ष) पुत्र बाबू राम वर्मा, निवासी गांव कलहली, डाकघर मलोठी, तहसील व जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को बस नंबर PB-65AT-2919 से काबू किया, जिसके कब्जे से 6.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। बरामदगी के बाद आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर नंबर 220/25, दिनांक 20.12.2025 को धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। यह कार्रवाई भी एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की देखरेख में अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
कालका-शिमला NH-5 पर न्यू इयर से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सफर महंगा कर झटका दे दिया है। शनिवार मध्यरात्रि से हाईवे का सफर महंगा हो गया है। इससे पर्यटन सीजन पर असर पड़ सकता है। हैरत की बात ये है कि सनवारा टोल प्लाजा में एनएचएआई ने एक साल में तीसरी बार दरों में बदलाव किया है। इसका प्रभाव लोगों पर पड़ेगा। टोल में करीब 40 से 255 रुपये तक वनवे सफर महंगा हो गया है। NHAI की ओर से आदेश टोल प्लाजा संचालकों को दे दिए हैं और मध्यरात्रि से वसूलने के लिए कहा है। आदेश में स्पष्ट किया है कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे में परवाणू से सोलन और सोलन से कैथलीघाट तक के एरिया सनवारा टोल में शामिल किया है। ऐसे में 80.722 किलोमीटर के लिए संशोधित शुल्क निर्धारित किया है। नई दरें वाहनों की श्रेणी के अनुसार तय की गई हैं, जिनमें एक तरफा यात्रा, एक ही दिन में वापसी यात्रा, पचास यात्राओं के लिए मान्य मासिक पास तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क हैं। नई टोल दरों के अनुसार कार, जीप, वैन और हल्की मोटर गाड़ी के लिए एकतरफा यात्रा शुल्क 110 रुपये, 24 घंटे में वापसी शुल्क 165 रुपये, 50 यात्राओं का मासिक पास 3,675 रुपये तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए 55 रुपये शुल्क तय किया है। हल्के कमर्शियल वाहन, हल्के मालवाहक वाहन या मिनी बस के लिए एकतरफा शुल्क 180 रुपये, वापसी शुल्क 265 रुपये, मासिक पास 5,935 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 90 रुपये वसूले जाएंगे। बस और ट्रक (दो एक्सल) के लिए एकतरफा शुल्क 375 रुपये, वापसी 560 रुपये, मासिक पास 12,440 रुपये और जिले में पंजीकृत कमर्शियल वाहनों के लिए 185 रुपये निर्धारित हैं। तीन एक्सल कमर्शियल वाहनों के लिए एकतरफा शुल्क 405 रुपये, वापसी 610 रुपये, मासिक पास 13,570 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 205 रुपये तय किए हैं। इसी तरह एचसीएम, ईएमई, एमएवी (4 से 6 एक्सल) वाहनों के लिए एकतरफा 585 रुपये, वापसी 880 रुपये, मासिक पास 19,510 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 295 रुपये शुल्क रहेगा। वहीं ओवर साइज्ड वाहन (7 या उससे अधिक एक्सल) के लिए एकतरफा 710 रुपये, वापसी 1,070 रुपये, मासिक पास 23,750 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 355 रुपये शुल्क निर्धारित है।
हिमाचल प्रदेश में पुलिस अफसरों के मीडिया से बातचीत को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से जारी एक सर्कुलर में साफ किया गया है कि अब जिले या थाना स्तर के अधिकारी मीडिया से अपने स्तर पर कोई बयान नहीं देंगे। यह आदेश कानून-व्यवस्था, अपराध, जांच और पुलिस से जुड़े सभी आधिकारिक मामलों पर लागू होगा। डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि हाल के समय में यह देखा गया है कि कई बार सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। इनमें नई पोस्टिंग जॉइन करने के बाद बयान देना, अपराध या जांच से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया देना और पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करना शामिल है। इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार मीडिया से औपचारिक रूप से बातचीत करने का अधिकार केवल जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को होगा। वे भी अपराध, कानून-व्यवस्था, जांच, पुलिस नीतियों और अन्य आधिकारिक मुद्दों पर तभी बयान दे सकेंगे, जब पुलिस मुख्यालय से आवश्यक अनुमति ली गई हो। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि एसडीपीओ, एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी अपने आधिकारिक पद पर रहते हुए मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे। वे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया के लिए कोई टिप्पणी, प्रतिक्रिया या जानकारी साझा नहीं कर सकते। इसके अलावा किसी भी तरह का इंटरव्यू या ब्रीफिंग भी तभी दी जा सकेगी, जब इसके लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति हो। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत दिए गए हैं, जिनमें बिना सरकार की पूर्व अनुमति मीडिया से बात करने पर रोक है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 और पंजाब पुलिस नियम, 1934 में भी पुलिस अधिकारियों के लिए अनुशासन, आदेशों के पालन और निर्धारित अधिकारों के दायरे में काम करने की बाध्यता तय की गई है।
HRTC के करीब 12 हजार कर्मचारियों को 31 मार्च तक 3 फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) का छह माह का बकाया चार किस्तों में मिलेगा। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में वीरवार को पीटरहॉफ में एचआरटीसी निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में इस बाबत मंजूरी दी गई। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों के छह माह के लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, अब लोग लोक मित्र केंद्रों में भी बसों की टिकट बुक करवा सकेंगे। बीओडी में हिम बस पोर्टल का शुभारंभ किया गया। इससे लोग अब हिम कार्ड ऑनलाइन बनवा सकेंगे। एचआरटीसी ने वेतन खातों के साथ क्रेडिट स्कोर की सुविधा के लिए एक्सिस बैंक, यूको बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। टिकट बुकिंग के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) भी स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में राज्य में लगभग 6000 सीएससी कार्यरत हैं। इससे पूर्व मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश सिटी ट्रांसपोर्ट और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के निदेशक मंडल की बैठक में ‘एसेट मैनेजमेंट एप्लीकेशन’ का शुभारंभ किया। इससे बस अड्डों के संचालन, रखरखाव और परिसंपत्तियों की निगरानी को और पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में ठियोग बाजार में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं पार्किंग कॉम्प्लेक्स, मंडी बस अड्डे में कार पार्किंग तथा मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण का फैसला लिया गया। साथ ही उप मुख्यमंत्री ने थुनाग, दाड़लाघाट, हमीरपुर, बैजनाथ, भोरंज और फतेहपुर के बस अड्डों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर के मंडी-भराड़ी, जयसिंहपुर और चंबा के पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बद्दी में नए बस अड्डों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने को कहा है।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल से 14 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर रामपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि पीड़िता के परिजनों द्वारा रामपुर पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक ये घटना 16 दिसंबर की सुबह की है। नाबालिगा सुबह के समय अपने गांव के पास ही स्कूल बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान उसी के गांव का रहने वाला 47 वर्षीय मोहिंदर ठाकुर अपनी गाड़ी में वहां पहुंचा। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाए कि इस दौरान आरोपी ने नाबालिग को जबरन अपनी गाड़ी में बिठा लिया और दत्तनगर की ओर ले गया। परिजनों का कहना है कि रास्ते में आरोपी ने नाबालिग के साथ अभद्रता की, उसके गाल छुए और हाथ पकड़कर उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग किसी तरह अपने घर पहुंची और पूरी आपबीती अपने परिवार को बताई। जिसके बाद बुधवार (17 दिसंबर) को परिजन रामपुर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 और पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रदेश की राजधानी शिमला में स्तिथ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अगले छह महीनों में थ्री-टेस्ला MRI मशीन को स्थापित किया जाएगा। बुधवार को चमियाना अस्पताल में दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं को लेकर एआईएमएसएस के प्रिंसिपल डॉ. ब्रिज शर्मा ने पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान एआईएमएसएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने एआईएमएसएस चामियाना को शुरू करने में विशेष ध्यान और प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार किया। डॉ. ब्रिज शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एआईएमएसएस चामियाना में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, सीटीवीएस और कार्डियक एनेस्थीसिया के सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। चामियाना में रोजाना ओपीडी में एक हजार मरीज देखे जाते हैं। अकेले नवंबर में 12,327 ओपीडी मरीजों का इलाज किया गया, जबकि 591 मरीजों को आईपीडी में भर्ती किया गया। रेडियोलॉजी विभाग ने अब तक लगभग 505 अल्ट्रासाउंड, 385 सीटी स्कैन, 1926 एक्स-रे, 1222 ईसीजी जांच की हैं। इसके अलावा कुल 298 बड़ी सर्जरी और 787 छोटी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं, जो अस्पताल की बढ़ती सर्जिकल क्षमता और क्लिनिकल दक्षता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगतिशील सोच के तहत 29 करोड़ रुपये की नवीनतम रोबोटिक सर्जरी सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोबोटिक सर्जरी यूनिट 11 अगस्त 2025 को शुरू हुई और 100 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी पहले ही पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने संस्थान के लिए 50 स्टाफ नर्सों को मंजूरी दी है। मरीजों को होने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए, एक सूचना और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। मरीज रूम नंबर 735, 7वीं मंजिल, चामियाना में सेल से संपर्क कर सकते हैं या अपने सुझाव/शिकायतें msaimss@hp.gov.in पर ईमेल से भेज सकते हैं।
प्रदेश में पंचायती राज चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग से इस मामले में जवाब तलब किया है और 21 दिसंबर तक जवाब माँगा है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में पंचायती राज चुनावों की समय सीमा को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की मंशा चुनाव समय पर करवाने की नहीं है और इस संबंध में सरकार ने कोई अधिसूचना तक जारी नहीं की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार जानबूझकर चुनाव में देरी कर रही है, जिससे पंचायत प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। याचिकाकर्ता के वकील मनदीप चंदेल ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर 21 दिसम्बर तक जवाब मांगा है। हालांकि हाई कोर्ट में सरकार की तरफ से पेश हुए महाधिवक्ता ने 21 जनवरी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का कोर्ट में पक्ष रखा है। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को निर्धारित की गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर चुनावों से भागने का आरोप लगा रहा है। दरअसल, 8 अक्टूबर को राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने का आदेश जारी किया था। आदेश में कहा गया कि प्रदेश में कनेक्टिविटी और सड़क संपर्क की स्थिति बेहतर होने के बाद ही चुनाव कराना संभव होगा। सरकार ने सुनिश्चित किया कि आम जनता और मतदान कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहें। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानसून 2025 के कारण हुए नुकसान और खराब सड़क हालात को देखते हुए, दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनावों को स्थगित करने का फैसला लिया। यह आदेश मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय गुप्ता द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धारा 24(e) के तहत जारी किया गया था।
हिमाचल प्रदेश में शुष्क ठंड लगातार जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिला। हालांकि मध्य पर्वतीय इलाकों और निचले व मैदानी इलाकों के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में अभी मौसम साफ बना हुआ है। आगामी 2 दिन तक प्रदेश में बारिश या बर्फबारी के कोई आसार नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में क्रिसमस से पहले बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 20 और 21 दिसंबर को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोहरे का कहर भी जारी है। मौसम विभाग ने 17 और 18 दिसंबर के लिए बिलासपुर में भाखड़ा बांध के आसपास के इलाके में और मंडी जिले के बल्ह क्षेत्र में घना कोहरा छाए रहने को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, बात करें न्यूनतम तापमान की तो -5.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ कुकुमसेरी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं, ताबो में -3.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया। इसके अलावा शिमला में 11.4, सुंदरनगर में 3.4, भुंतर में 2.8, कल्पा में 1.8, धर्मशाला में 10.0, ऊना में 7.0, नाहन में 10.3, पालमपुर में 6.0, सोलन में 4.0, मनाली में 4.5, कांगड़ा में 5.0, मंडी में 5.6, बिलासपुर में 6.0, हमीरपुर में 4.7, जुब्बरहट्टी में 10.4, कुफरी में 9.7, नारकंडा में 6.5, रिकांगपिओ में 3.9, सेओबाग में 0.8, बरठीं में 5.6, पांवटा साहिब में 9.0, सराहन में 5.6, देहरा गोपीपुर में 9.0, नेरी में 10.2 और बजौरा में 2.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समग्र शिक्षा निदेशालय में आधुनिक शैक्षणिक अवसंरचना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आने वाले समय में स्कूली पाठ्यक्रम में संगीत, संस्कृति तथा भविष्य से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर नियुक्तियाँ की जाएंगी, जिनमें अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार की भर्तियाँ शामिल होंगी। अस्थायी नियुक्तियाँ पाँच वर्षों के लिए होंगी, जबकि स्थायी भर्तियाँ बैचवाइज और प्रतियोगी प्रक्रिया के माध्यम से की जाएंगी। इसके अलावा मल्टी-यूटिलिटी वर्कर्स की भर्ती भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2032 तक प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ विद्यालय स्थापित किए जाएंगे और शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश में प्रथम स्थान हासिल करेगा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्री-नर्सरी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, शिक्षक अपने मोबाइल फोन स्टाफ रूम या बैग में रख सकेंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के लिए एक बेहतर स्थानांतरण नीति लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों और सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले विद्यालयों के लिए अलग कैडर गठित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग को राज्य सरकार की ओर से सर्वाधिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता के आकलन में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से छलांग लगाकर पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों के साथ-साथ प्रदेश सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हिमाचल प्रदेश में शुष्क ठंड लगातार जारी है। लेकिन तीन दिन बाद यानी 14 दिसंबर को हल्की बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इस बीच अधिक ऊंचे क्षेत्रों में शीतलहर और मैदानी इलाकों में कोहरा छाने से सुबह-शाम व रात को ठंड जरूर बढ़ी है। मगर शिमला में रात के तापमान में निरंतर उछाल आ रहा है। इससे मैदानी इलाकों की रातें शिमला से ज्यादा ठंडी है। प्रदेश में अब तक सूखे जैसे हालात है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जरूर अच्छी बारिश हुई। मगर अक्टूबर के बाद पूरा नवंबर और अब तक दिसंबर भी ड्राइ गया है। नवंबर में भी सामान्य से 95 प्रतिशत कम और दिसंबर में अब तक एक बूंद भी बारिश की नहीं बरसी। शिमला का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 2.9 डिग्री, कुल्लू के भुंतर का 2.4, धर्मशाला 7.4, ऊना 5.9, पालमपुर 5.0, सोलन 3.4, मनाली 2.7, कांगड़ा 5.5, मंडी 4.3, बिलासपुर 6.1, हमीरपुर 4.2, बरठी 4.2 और बजौरा का तापमान 2.4 डिग्री तक गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से ठंड ज्यादा पड़ रही है। पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती, तब तक कोहरा परेशान करता रहेगा। विभाग ने आज भी सोलन, कांगड़ा, ऊना, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर के निचले इलाकों में कोहरे का अलर्ट दे रखा है।
हिमाचल प्रदेश राजभवन का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर लोकभवन कर दिया गया है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने अधिसूचना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब सभी सरकारी दस्तावेज़ों, वेबसाइटों, आधिकारिक पत्राचार और भवन संकेतकों में राजभवन की जगह लोकभवन शब्द का प्रयोग अनिवार्य होगा। अधिसूचना जारी होते ही सभी विभागों ने रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राजभवन परिसर में लगे नामपट्ट, साइनबोर्ड और प्रतीकों को बदलने का काम भी शुरू हो गया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्लेटफॉर्म पर नया नाम प्रतिबिंबित हो जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने हाल ही में सभी राज्यों में राजभवन को लोकभवन नाम देने का निर्णय लिया था जिसके बाद हिमाचल प्रदेश में भी यह बदलाव लागू हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि लोकभवन नाम लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की भागीदारी का प्रतीक है इसलिए यह बदलाव समय की मांग है। ऐतिहासिक धरोहर: बार्नस कोर्ट से लोकभवन तक: 1932 में निर्मित यह भवन मूल रूप से बार्नस कोर्ट के नाम से जाना जाता था। धज्जी दीवार शैली में बने इस नियो-ट्यूडर आर्किटेक्चर वाले भवन को ब्रिटिश भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ सर एडवर्ड बार्नस ने 1832 में अपने आवास के तौर पर इस्तेमाल किया। इसी कारण इसका नाम बार्नस कोर्ट पड़ा। 1849 से 1864 तक यह ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ का प्रमुख निवास रहा। 1966 तक यह पंजाब के ग्रीष्मकालीन राजभवन के रूप में उपयोग में था। शिमला के हिमाचल प्रदेश में शामिल होने के बाद इसे राज्य अतिथि गृह बनाया गया। 1970 के दशक में यह पर्यटक बंगला भी बना और 1981 में पीटरहॉफ राजभवन में आग लगने के बाद राजभवन को स्थायी रूप से इसी ऐतिहासिक भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। भारत–पाकिस्तान शिमला समझौते का साक्षी: यही भवन 3 जुलाई 1972 का ऐतिहासिक पल भी संजोए है जब भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो ने यहां शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। वर्तमान लोकभवन की विशेषताएँ: इस दो मंजिला दरबार हॉल में महात्मा गांधी की शिमला यात्राओं के चित्र लगे है। नीचली मंज़िल पर बैठक कक्ष और बड़ा सभा कक्ष है जहां औपचारिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। साथ ही स्वतंत्रता से पहले के हथियारों का संग्रह भी यहां मौजूद है। वहीं ब्रिटिश काल की संरक्षित बिलियर्ड्स टेबल और भगवान शिव और भगवान हनुमान के मंदिरों के साथ दो खूबसूरत लॉन इस भवन की विशेषताएँ है। भवन की नींव पत्थरों की चिनाई से बनी है और सुपर-स्ट्रक्चर पारंपरिक मिट्टी व लकड़ी से तैयार धज्जी दीवार शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। हिमाचल का यह ऐतिहासिक धरोहर भवन अब लोकभवन नाम के साथ एक नई पहचान और नए अध्याय की शुरुआत कर चुका है।
आठ दिन बाद भी वेतन नहीं मिलने पर भी HRTC चालक-परिचालक रोषित हैं। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एचआरटीसी चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने पुराना बस अड्डा स्थित निगम मुख्यालय के बाहर प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। चालक यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी को बंद करना है तो बंद करो, प्राइवेट को देना है तो प्राइवेट को दे दो, बस हमें हमारे हक का पैसा दे दो। उन्होंने कहा कि अगर चालक-परिचालक इन्कार कर दें तो चार्जशीट करने की धमकी दी जाती है। रूट पर बसें खराब होने पर पब्लिक चालक-परिचालकों को घेरती है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन और सरकार के खिलाफ चालक-परिचालकों का रोष अब चरम पर है। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर को संघ की ओर से कड़ा फैसला लिया जाएगा और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पेंशनरों के सभी लंबित चिकित्सा बिलों की अदायगी आगामी एक माह के भीतर पूर्ण कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी अपने सामाजिक सरोकारों का बिना किसी बाधा के निर्वहन सुनिश्चित कर सकें, इसलिए प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओपीएस बहाल की। इससे प्रदेश के 1 लाख 36 हजार कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों की मांगों का समाधान सुनिश्चित कर रही है और उनकी विभिन्न देनदारियों की अदायगी भी समय-समय पर की जा रही है। बता दें कि, मांगों को लेकर पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दाैरान आक्रोश रैली निकाली थी। समिति ने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए जेसीसी की बैठक बुलाने की मांग उठाई थी। समिति के अनुसार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों को आज तक संशोधित लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, 13 प्रतिशत डीए और तीन वर्षों से लंबित चिकित्सकीय बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
विद्युत उपमंडल मशोबरा के तहत 22/11 केवी क्रैगनैनो–ए.आई.आर. फीडर की आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते 8 और 10 दिसंबर को कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग के अनुसार इन दिनों सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बागी जुब्बड़, जबलांदा-1 व 2, शेनाल, गोल्फ लिंक, शाली, डोबा, कोगी शाली-1 व 2, भरत गौशाला, बाग, शैशर, टिक्कर, सौंथल, कोगी, पारनी, जखलयाणा, दगोग, अरोमा वैली व आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप्प रहेगी। विभाग ने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। इसी तरह विद्युत मंडल जुब्बल के तहत 22 केवी मंडोल फीडर पर भी 8 दिसंबर को आवश्यक रखरखाव कार्य प्रस्तावित है। इसके चलते शीलघाट क्षेत्र में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान ग्राम पंचायत मढोल, शील और कोट काइना क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल जुब्बल करण सिंह ने बताया कि कार्य मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में ही पूरा किया जाएगा, अन्यथा समय में परिवर्तन संभव है।
प्रदेश में शीतलहर लगातार जारी है प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। जिससे चलता पानी जमने लगा है। लाहौल घाटी के पर्यटन स्थल कोकसर के समीप पानी का झरना ठोस बर्फ में तब्दील हो गया है। अब यहां पर टूरिस्ट सेल्फी ले रहे हैं। किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में भी इसी तरह बहता पानी जम रहा है। इन जिलों में रात में तापमान माइनस में है। अधिक ऊंचे क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड पड़ रही है। प्रदेश के 14 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर चुका है। लाहौल स्पीति के ताबो का न्यूनतम तापमान -8.3 डिग्री और कुकुमसेरी का -5.2 डिग्री तक गिर गया है। मैदानी इलाकों में भी तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। शिमला का रात का तापमान 7.2 डिग्री है, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 2.6 डिग्री, भुंतर का 2.5, पालमपुर 4.5, सोलन 2.1, मनाली 3.4, मनाली 3.7, हमीरपुर 3.8 और कुल्लू के बजौरा का न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल दो दिन के लिए छह जिलों में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे सुबह 10 बजे तक विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे गिरेगी। खासकर ब्यास नदी के आसपास एक सप्ताह से घना कोहरा पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। मगर अगले कल अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार है।
पुलिस टीम ने सोमवार शाम गश्त के दौरान 2 युवकों को 26.030 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। यह मामला एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 21, 29 के तहत दर्ज किया गया है। एएसआई रंजय सिंह, प्रभारी थाना ठियोग ने यह जानकारी दी है उन्होंने बताया कि एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर कोटखाई निवासी राजन डोगरा और आयुष नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों व्यक्ति ठियोग बाईपास स्थित शराब ठेके के पास कार संख्या HP09C-6562 (ऑल्टो) में बैठे थे और चिट्टे की खरीद-फरोख्त में लिप्त थे। पूछताछ करने पर, चालक की ओर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम राजन डोगरा पुत्र स्वर्गीय नंद लाल डोगरा, निवासी ग्राम गवाच, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश, उम्र 28 वर्ष और दूसरे व्यक्ति ने आयुष पुत्र प्रकाश चंद, निवासी ग्राम बटावदा, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश, उम्र 21 वर्ष बताया। आरोपियों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, कार से 26.030 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच जारी है और आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा।
मतियाना ब्लॉक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग में (SUPW) सोसाइटी द्वारा छात्राओं को आर्ट एंड क्राफ्ट के बारे में जानकारी दी गई। यह जानकारी यूजफुल प्रोडक्टिव वर्क के मास्टर ट्रेनर सोनिका ने नवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को दी। ड्राइंग मास्टर प्रेमदीप कटोच की देखरेख में आर्ट एंड क्राफ्ट के प्रोडक्ट तैयार कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित भी किया। प्रधानाचार्य डॉक्टर संदीप चौहान ने बच्चों की ओर से तैयार किए प्रोडक्ट्स को खूब सराहा। मास्टर ट्रेनर सोनिका ने बताया कि (SUPW) सोसाइटी यूजफुल प्रोटेक्टिव वर्क एक शैक्षणिक अवधारणा है जो छात्रों को समाज के लिए उपयोगी काम और सामुदायिक सेवा में शामिल करती है। इस अवसर पर अन्य अध्यापक सोहनलाल, नरेश कुमार, ओम प्रकाश जस्टा, मनोज अत्री और कंवर सिंह मौजूद रहे।
प्रदेश में नवंबर माह में सूखे की स्थिति बनी रही। पूरे प्रदेश में सामान्य से 95%कम बारिश हुई। वहीं प्रदेश में शीत लहर का प्रकोप बना हुआ है। राज्य के 24 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है। मंडी, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में ठंड सामान्य से ज्यादा पड़ रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम पाला जम रहा है, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरे ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। लाहौल स्पीति के ताबो और कुकुमसेरी में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। ताबो का न्यूनतम तापमान -5.2 डिग्री तक गिर गया है। वहीं कुकुमसेरी का -3.8 डिग्री तक लुढ़क गया। किन्नौर के कल्पा और सियोबाग में भी तापमान 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिलचस्प यह है कि शिमला से ज्यादा ठंड अमूमन गर्म माने जाने वाले मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना में पड़ रही है। शिमला का न्यूनतम तापमान 9.0°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सुंदरनगर का 5.6, भुंतर 4.9, धर्मशाला 7.1, ऊना 6.7, पालमपुर 6.0, सोलन 3.8, मनाली 6.3, कांगड़ा 7.2, मंडी 4.6, बिलासपुर 8.3 और हमीरपुर का न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 4 व 5 दिसंबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। रोहतांग, कुंजुम, मनाली के ऊपर वाले क्षेत्रों, खदराला, चौपाल और किन्नौर में बर्फबारी के आसार हैं। बारिश-बर्फबारी से तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में सुबह के वक्त कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज और कल भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में घने कोहरे का अलर्ट जारी कर रखा है।
श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति जाखू की बैठक सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर से जुड़े विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा और निर्णय लिए गए। उपायुक्त ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह के आसपास चांदी की नक्काशी के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दे दी है। नक्काशी के डिज़ाइन की स्वीकृति एसडीएम, न्यास सदस्य और जिला भाषा अधिकारी संयुक्त रूप से देंगे। यह पूरा कार्य एक दानकर्ता द्वारा करवाया जाएगा और खर्च भी वही वहन करेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए 5 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत वाले मास्टर प्लान को भी स्वीकृति दी गई। योजना में यज्ञशाला, शू हाउस, नए शौचालय, दुकानें और शेड आदि निर्माण कार्य शामिल हैं। मंदिर की वेबसाइट निर्माण की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। बताया गया कि वेबसाइट का काम अंतिम चरण में है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम भुवन शर्मा, एसडीएम शहरी ओशीन शर्मा, तहसीलदार अपूर्व शर्मा, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, न्यास सदस्य कुनाल, अमित शर्मा, पार्षद नरेंद्र ठाकुर, इशू ठाकुर, दीपक कुमार, कपिल शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि प्रदेश में तापमान माइनस में चला गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, अब दिसंबर महीना शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों में हल्की बारिश और बर्फबारी को लेकर संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 4 और 5 दिसंबर को ऊंचाई और मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। जबकि निचले व मैदानी इलाकों में मौसम साफ बना रहेगा। हिमाचल में कड़कड़ाती ठंड के साथ घने कोहरे की भी मार पड़ रही है। हिमाचल में 1 और 2 दिसंबर को घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर के भाखड़ा बांध व उसके आसपास के इलाकों और मंडी जिले के बल्ह में सुबह के समय घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा मौसम साफ रहेगा, जबकि 3 दिसंबर को मौसम पूरी तरह से साफ है। 4 और 5 दिसंबर को ही हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। प्रदेश में -4.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ ताबो और -4.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा। वहीं, समदो में भी -3.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा शिमला में 8.5, सुंदरनगर में 3.4, भुंतर में 1.3, कल्पा में 1.4, ऊना में 6.5, नाहन में 12.1, पालमपुर में 5.0, सोलन में 3.4, मनाली में 1.9, कांगड़ा में 5.2, मंडी में 4.5, बिलासपुर में 6.8, हमीरपुर में 4.6, जुब्बरहट्टी में 8.2, कुफरी में 8.8, नारकंडा में 6.0, भरमौर में 6.2, रिकांगपिओ में 3.2, सेओबाग में 0.3, बरठीं में 4.6, कसौली में 10.2, पांवटा साहिब में 10.0, सराहन में 5.2, देहरा गोपीपुर में 7.0, नेरी में 9.3 और बजौरा में 1.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी है। नगर निगम की ओर से इसे लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। सरकार ने इसमें 5 से 6 सुधार कर दोबारा से बनाने के लिए वापस भेजा था। प्रशासन ने राज्य सरकार की ओर से वापस आए प्रस्ताव को फिर से तैयार किया है। इसकी प्रस्तुति राज्य सरकार और शहरी विकास विभाग को दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों से समय मांगा है। पिछले पांच से छह सालों से निगम इस प्रस्ताव को लागू करने की तैयारी कर रहा है। अभी तक इसे लागू नहीं कर पाया है। पहले एक बार इसे बैरियर लगाकर लागू किया था। उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग का अनापत्ति पत्र न होने के कारण हाई कोर्ट के आदेश पर बंद करना पड़ा था। अब इसे बिना बैरियर के ही ऑनलाइन सुविधा के साथ लागू करने की तैयारी है। नगर निगम को ग्रीन टैक्स लागू करने के बाद 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है। निगम ने इसे पहले भी एक बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इसे हटाना पड़ा था। अब निगम ने बैरियर फ्री तरीके से लागू करने की तैयारी करने का प्रस्ताव तैयार किया है। नगर निगम लंबे समय से आय के नए संसाधन तलाशने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन निगम को ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। अब निगम ने इस बार फिर से इसी दिशा में एक प्रयास किया है, जिसमें शहर में बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों को ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। नगर निगम के प्रस्ताव में बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये, कार के लिए 200 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये ग्रीन टैक्स तय किया है।
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तय समय पर चुनाव कराने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी है। इसके लिए दो दिन पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी सामग्री उठाने के लिए सभी जिलों को अलग-अलग तारीखें री-शेड्यूल की थी। जिसके मुताबिक आज से चुनाव सामग्री और बैलेट पेपरों के वितरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसको लेकर आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समय पर चुनाव सामग्री उठाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव सामग्री अधिकारियों को मुद्रण एवं लेखन विभाग कार्यालय कच्चीघाटी से वितरित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव सामग्री और बैलेट पेपर उठाने के लिए हर जिले के डीसी को 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक री-शेड्यूल किया गया है। इसके तहत आज पहले दिन केलांग, काजा, किन्नौर और कुल्लू के निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह कल यानी मंगलवार को सिरमौर और ऊना के निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। वहीं, 26 नवंबर को शिमला, 27 नवंबर को कांगड़ा, 28 नवंबर को मंडी, 29 नवंबर को सोलन व चंबा और 1 दिसंबर को बिलासपुर व हमीरपुर को चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री उठाते समय सुरक्षा का पूरा इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव सामग्री विशेषकर बैलेट पेपर सुरक्षित सरकारी वाहनों में उचित पुलिस सुरक्षा के साथ ले जाने होंगे। आयोग ने सामग्री को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के विकास में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी निर्णयों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान कर सशक्त बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, आर्थिक सुधार, बैंकों के राष्ट्रीयकरण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण में उनकी भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, हरीश जनारथा, मलेंद्र राजन, रणजीत सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य उपस्थित थे।
हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली में विवादित मस्जिद मामला फिर तूल पकड़ गया है। देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली पुलिस स्टेशन के बाहर तीन प्रमुख मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया है। इनकी प्रमुख मांग बीते शुक्रवार को पुलिस द्वारा देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने, कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद का बिजली-पानी काटने और कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद के ढांचे को गिराने की है। दरअसल, बीते शुक्रवार को देवभूमि संघर्ष समिति ने कोर्ट द्वारा अवैध करार संजौली मस्जिद में बाहरी राज्यों से आए मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से रोका। इस दौरान, दो समुदाय के लोगों के बीच बहस भी हुई। कुछ लोग बिना नमाज पढ़े ही लौट गए। इसके बाद, संजौली पुलिस ने तीन महिलाओं समेत छह लोगों पर FIR की है। इन पर समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। देवभूमि संघर्ष समिति इस पर भड़क उठी है। संजौली थाना के बाहर देवभूमि संघर्ष समिति की अगुवाई में आज विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने आमरण अनशन किया। साथ ही शुक्रवार को एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। हिन्दू नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर का कहना है कि अगर उनके ख़िलाफ़ दर्ज किए झूठे मुक़दमे वापस नहीं हुए, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन 11 सितंबर 2024 की तरह बड़ा और व्यापक स्तर पर होगा। इसके साथ हिंदू संगठनों ने मस्जिद में अवैध निर्माण के बाद नियमों के मुताबिक बिजली-पानी काटने और विवादित स्थल पर गतिविधियों को रोकने की मांग उठाई है। हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने इसके लिए सरकार और प्रशासन को 24 घंटे का वक़्त दिया है। अगर इनकी तीन मांगें नहीं मानी गई, तो शुक्रवार को संजौली में एक बार फिर बड़ा आंदोलन होगा।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह भले ही मूल रूप से रामपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी रोहड़ू से ही शुरू की थी और लंबे समय तक रोहडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे। सोमवार को रोहड़ू में स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। स्व. वीरभद्र सिंह की शिमला में यह तीसरी प्रतिमा होगी। इससे पूर्व एक प्रतिमा ठियोग विधानसभा क्षेत्र के सैंज में लगाई गई है। वहीं दूसरी प्रतिमा रिज मैदान पर लगाई गई है और अब सोमवार को रोहड़ू में उनकी तीसरी प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। इस विशेष मौके पर कांग्रेस पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी प्रतिभा सिंह और राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहेंगे। 2012 तक शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने सभी चुनाव रोहड़ू से ही लड़े है और हर वक्त इस विधानसभा क्षेत्र से भारी मतों से विजयी रहे है। इसमें 1985 से लेकर 2012 तक के सभी चुनाव रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र से लड़कर जीतकर विधानसभा में बतौर विधायक पहुंचे हैं। रोहडू में सोमवार को आयोजित हो रहे स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान शामिल होने वाले लोगों के लिए धाम यानी दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी शामिल है। इस प्रतिमा को स्थापित करने एवं सभी तरह की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ब्लॉक कांग्रेस रोहड़ू के कार्यकर्ताओं को दी गई है।


















































