महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और योजना को कमजोर करने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज 30 जनवरी को शिमला में उपवास करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में यह उपवास शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि इस उपवास में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल विशेष रूप से मौजूद रहेंगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, कांग्रेस विधायक व पूर्व विधायक भी उपवास में भाग लेंगे। कांग्रेस के इस उपवास में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पूर्व पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, शिमला नगर निगम के सभी पार्षद, अग्रणी संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। विनय कुमार ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस उपवास में अनिवार्य रूप से भाग लेने की अपील की है। वहीं उपवास के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य सांसद रजनी पाटिल 30 जनवरी को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठकें करेंगी। इस दौरान सभी जिला अध्यक्षों, मनरेगा बचाओ अभियान के लिए नियुक्त जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर के साथ समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इसके बाद सांसद रजनी पाटिल युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और अन्य अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगी। प्रदेश कांग्रेस सचिव ने सभी जिला अध्यक्षों, जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर और अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों को इन बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक सीमावर्ती एवं पर्वतीय राज्य है और यहां की विशेष भौगोलिक व वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार आगामी बजट में राज्य के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान करें। रोहित ठाकुर ने केंद्र से मांग उठाते हुए कहा कि प्रदेश में भारी प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त योजनाओं के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में किए गए सराहनीय कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए इन विभागों को और अधिक बजट उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से पर्यटन और बागवानी क्षेत्रों के लिए नई योजनाएँ शुरू कर बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सड़क, रेल और हवाई संपर्क को और मजबूत करना समय की मांग है, इसके लिए केंद्र सरकार कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बाग़वानी और कृषि पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावों के दौरान सेब को स्पेशल कैटेगरी में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। केंद्र सरकार की नीतियाँ लगातार सेब बागवानों के हितों के खिलाफ जा रही हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले न्यूज़ीलैंड के साथ FTA (Free Trade Agreement) के तहत सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया गया और अब केंद्र सरकार यूरोपियन देशों के साथ नए समझौते के माध्यम से सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने जा रही है। रोहित ठाकुर ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार विदेशी सेब को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश सहित सेब उत्पादक राज्यों के बागवानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होती थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने 50 प्रतिशत हिस्से के बजट को समाप्त कर दिया, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों का देशभर में विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में राजधानी शिमला में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (RDP) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ के विरोध में प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ लोग गले में रस्सी का फंदा और हाथों में हथकड़ी डालकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने UGC के इन नियमों को शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बताया। वहीं RDP प्रमुख रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि, केंद्र की भाजपा सरकार ने सवर्ण समाज के साथ कुठाराघात किया है। यूजीसी के ये नए नियम न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेंगे, बल्कि सामाजिक ताना-बाना पर भी नकारात्मक असर डालेंगे। उन्होंने कहा कि, ये नियम विशेष वर्गों को निशाना बनाते हैं और इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। RDP का कहना है कि ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ के तहत प्रस्तावित प्रावधान शिक्षा संस्थानों में सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं। ये नियम कुछ वर्गों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं और मेरिट आधारित शिक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं। पार्टी का दावा है कि यदि इन नियमों को लागू किया गया तो इसका सीधा असर छात्रों और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। साथ ही केंद्र सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग की। मांगें नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। नए नियमों का शिक्षक और सामाजिक संगठन भी विरोध कर रहे हैं। यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षा में समता विनियम, 2026 को अधिसूचित किया था।
देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट क्षमता वाले भूमिगत नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना प्रमुख राजीव कपूर द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। भारत की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मियों को भी नमन किया गया। इसके अतिरिक्त परियोजना के निर्माण एवं संचालन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी कर्मचारियों के बलिदान और परिश्रम को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही देश के नागरिकों को उनके मूल अधिकार प्राप्त हुए और इसी कारण यह दिन हमारे लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर तिरंगा फहराते हुए सभी उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और गर्व की भावना देखने को मिली। उन्होंने बताया कि देश के चहुंमुखी विकास में विद्युत क्षेत्र की अहम भूमिका है और इस दिशा में नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। परियोजना ने 18 जनवरी 2026 को दूसरी सबसे तेज़ 7000 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन का रिकॉर्ड स्थापित कर एक नया कीर्तिमान बनाया, जिससे 26 जनवरी 2025 को बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके अलावा नवंबर 2025 में स्टेशन ने 331.214 मिलियन यूनिट का दूसरा सर्वाधिक मासिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, जो वर्ष 2011-12 के रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं स्टेशन का अब तक का सर्वोच्च नवंबर माह का उत्पादन 408.909 मिलियन यूनिट (वर्ष 2010-11) रहा है। 29 नवंबर 2025 को परियोजना ने 6612 मिलियन यूनिट डिज़ाइन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया, जिससे 1 दिसंबर 2024 को बने रिकॉर्ड को पार किया गया। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि निगम की सबसे बड़ी सौर परियोजना — 1000 मेगावाट बीकानेर सोलर परियोजना — ने 24 दिसंबर 2025 को अपनी कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) प्राप्त कर ली है, जो प्रतिवर्ष 2455 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करेगी। साथ ही 1320 मेगावाट बक्सर थर्मल परियोजना की पहली 660 मेगावाट यूनिट ने 14 नवंबर 2025 को COD हासिल की, जिसका उद्घाटन 22 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। अंत में परियोजना प्रमुख ने नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन की उपलब्धियों के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, हिमाचल प्रदेश सरकार, राज्य की अन्य एजेंसियों तथा विद्युत मंत्रालय एवं प्रबंधन का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया l
एनजेएचपीएस में 37वाँ सड़क सुरक्षा सप्ताह अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर सड़क एवं औद्योगिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में डिफेंसिव ड्राइवर प्रशिक्षण, क्रेन एवं फोर्कलिफ्ट सुरक्षा प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा कठपुतली शो तथा रोड सेफ्टी क्विज़ शामिल रहे। दिनांक 10 जनवरी 2026 को आयोजित पूरे दिन के डिफेंसिव ड्राइवर प्रशिक्षण में ड्राइवरों को खतरों का पूर्वानुमान, जोखिम में कमी तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित थ्योरी एवं प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 12 जनवरी 2026 को क्रेन और फोर्कलिफ्ट ऑपरेटरों के लिए विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें सुरक्षित संचालन, रिगिंग अभ्यास, संचार तथा आपातकालीन प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त 14 एवं 15 जनवरी 2026 को झाकड़ी और नाथपा बाँध में सड़क सुरक्षा से संबंधित कठपुतली शो एवं क्विज़ का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों में सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया को रोचक एवं यादगार बनाया। यह मुहिम 17 जनवरी को चलाई गई। इस सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन परियोजना प्रमुख राजीव कपूर द्वारा किया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के प्रति सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की, विशेषकर “कठपुतली शो” की, जिससे सभी ने रोचक तरीके से सीख प्राप्त की। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही से कितनी जानें खतरे में पड़ जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हम सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और जोखिमों को कम करना चाहिए, चाहे वह कार्यक्षेत्र हो या सड़क पर।
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद एक बार फिर मौसम बिगड़ने वाला है। प्रदेश में एक बार फिर से एक और वैस्टर्न डिस्टर्बसेंस एक्टिव हो रहा है। ऐसे में राज्य में फिर से बर्फबारी की संभावनाएं बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 27 जनवरी को राज्य में भारी बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 29 जनवरी से राज्य में मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है । 25 जनवरी को राज्य के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कहीं-कहीं बारिश की भी संभावनाएं जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार सुंदरनगर, शिमला, कांगड़ा, मुरारी देवी, भुंतर और जोत के क्षेत्रों में बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने की संभावनाएं व्यक्त की गई है। प्रदेश की राजधानी शिमला सहित मनाली, कल्पा, कुकुमसेरी, नारकंडा, कुफरी, मशोबरा और ताबो सहित 11 स्थानों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिसमें कुकुमसेरी में माइनस 7.2, कल्पा माइनस 3.8, शिमला माइनस 0.5 और मनाली माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान धर्मपुर में 91.4 एमएम बारिश, सोलन में 68.6, कंडाघाट में 67.0, ऊना में 54.2, काहू में 53.3, पालमपुर व नगरोटा सूरियां 53.2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। उधर, कोठी में 105 सेटीमीटर बर्फबारी, गोंदला में 85, केलांग में 75, खदराला में 68.6, कुफरी में 66, मनाली में 45.8 और शिमला में 40.0 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज किया गया। वहीं राज्य में बर्फबारी से 126 पेयजल परियोजनाएं बंद हो गई है। साथ ही एचआरटीसी के प्रदेश भर में 780 रूट बंद हो गए हैं। 235 बसें विभिन्न स्थानों पर फंसी हुई है।
लम्बे समय से बारिश बर्फ़बारी का इंतज़ार कर रहे किसानों बागवानों, और पर्यटकों का इंतज़ार खत्म हो गया है। शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है। शिमला समेत कई स्थानों पर तेज अंधड़ भी चल रहा है। करीब साढ़े तीन महीनों के सूखे के बाद हुई इस बर्फबारी से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है। ताजा बर्फबारी के कारण ऊपरी शिमला की ओर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। चौपाल-देहा सड़क बंद हो गई है, जबकि कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। ढली से कुफरी सड़क पर भी फिसलन बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने इन प्रभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करने की सलाह जारी की है। वहीं पिछले लगभग साढ़े तीन महीनों से बारिश और बर्फबारी की राह देख रहे किसानों और बागवानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। नमी की कमी के कारण मुरझा रही फसलों और सेब के बगीचों को इस बर्फबारी ने नया जीवनदान दिया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिमपात आने वाली फसल के लिए संजीवनी का काम करेगा।
प्रदेश में वीरवार रात से मौसम के मिजाज में बदलाव आने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार से प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 27 जनवरी तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। मंगलवार रात को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सुबह और शाम के समय ठंडक का असर बना हुआ है। हालांकि बुधवार को राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश में धूप खिली रही। ऊना में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 22 जनवरी की रात से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश शुरू होने की संभावना है। 22, 26 और 27 जनवरी को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 23 जनवरी को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। इस दौरान ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 23 जनवरी को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। वहीं सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला और किन्नौर जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 24 जनवरी को ऊंची पहाड़ियों पर एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि 25 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने के आसार जताए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बुधवार को हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में संविदा तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने संविदा तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वर्ष में केवल एक बार नियमित करने से होने वाले नुकसान के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के समयबद्ध नियमितीकरण, वर्ष में दो बार (मार्च एवं सितंबर) नियमितीकरण की पूर्व व्यवस्था को पुनः लागू करने तथा 2 दिसंबर 2023 के बाद वर्ष 2024 एवं 2025 में नियमित होने वाले पात्र कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में सम्मिलित करने की मांग रखी। माननीय मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सितंबर में नियमित होने वाले संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सितंबर में ही नियमित किया जाएगा। महासंघ ने मुख्यमंत्री द्वारा समय देने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव भरत शर्मा, सचिव विजय ठाकुर, सबनेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग से नीलम, जनेश, राहत, एचआरटीसी से कार्तिक, अक्षय, नीतीश कुमार, आशीष, पशुपालन विभाग से रमेश, नितिन, दिनेश, पंकज, मनीष, जल शक्ति विभाग से शंकर, शिक्षा विभाग से प्रदीप, मयंक, बिजली बोर्ड से दिनेश, निखिल, रजत, कृषि विभाग से नवीन, रमन तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से प्रदेश भर में विशेष एंटी-चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिमला जिला के कोटखाई क्षेत्र की रत्नाड़ी पंचायत में चिट्टे के खिलाफ एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। इस विशेष ग्राम सभा के दौरान उपस्थित लोगों को चिट्टे जैसे घातक नशे से दूर रहने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। पंचायत सचिव ने कहा कि चिट्टा न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए जनभागीदारी और सामूहिक जागरूकता बेहद आवश्यक है। सभा में पंचायत प्रधान, उप-प्रधान, पंचायत सचिव, सभी वार्ड सदस्य, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, आशा वर्कर्स सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत के लोग उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। वहीं, आशा वर्कर्स ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया। ग्राम सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी जाएगी। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने गांव और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस विशेष ग्राम सभा के माध्यम से रत्नाड़ी पंचायत ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए और इसे एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट को केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही यहां से हेली टैक्सी सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर इन सेवाओं का शुभारंभ किया। संजौली हेलीपोर्ट से हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड हेली टैक्सी सेवाएं प्रदान करेंगी। हेरिटेज एविएशन शिमला से रिकांगपिओ और कुल्लू (भुंतर) रूट पर उड़ानें संचालित करेगी, जबकि पवन हंस लिमिटेड चंडीगढ़-शिमला रूट पर सेवाएं देगी। यह सेवाएं केंद्र सरकार की उड़ान योजना (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत शुरू की गई हैं। इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। हेली टैक्सी सेवा के संचालन पर आने वाले खर्च का 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार वहन करेगी। हेरिटेज एविएशन शिमला से रिकांगपिओ के लिए प्रतिदिन एक उड़ान और भुंतर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। शिमला से भुंतर का प्रति यात्री किराया 3500 रुपये तय किया गया है, जबकि शिमला से रिकांगपिओ के लिए किराया 4000 रुपये रखा गया है। वहीं पवन हंस लिमिटेड की हेली टैक्सी चंडीगढ़-शिमला रूट पर सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार—उड़ान भरेगी। इस रूट पर किराया अभी तय नहीं किया गया है। राज्य पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया ने बताया कि संचालन की मंजूरी मिलने के बाद संजौली हेलीपोर्ट को आधिकारिक रूप से खोल दिया गया है, जिससे प्रदेश के पर्यटन को नई गति मिलेगी। हेली टैक्सी सेवाओं से पर्यटक शिमला की सुंदर वादियों का हवाई नजारा ले सकेंगे और साहसिक व धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हेरिटेज एविएशन जल्द ही मंडी-चंडीगढ़ रूट पर भी हेली टैक्सी सेवा शुरू करेगी। साथ ही भविष्य में शिमला-चंडीगढ़ रूट पर उड़ानों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में मंगलवार को स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आयोग ने राज्य सरकार को 28 फरवरी से पहले आरक्षण रोस्टर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सके। यह डेडलाइन हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित की गई है। बैठक में आयोग ने सरकार को वोटर लिस्ट शीघ्र अंतिम रूप देकर अधिसूचित (नोटिफाई) करने को भी कहा। राज्य की कुल 3577 पंचायतों में से 3548 पंचायतों की वोटर लिस्ट दो महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन उस समय सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं उपायुक्तों द्वारा आयोग के आदेशों के बावजूद इन्हें अधिसूचित नहीं किया गया था। वोटर लिस्ट नोटिफाई न होने के कारण इलेक्शन कमीशन मतदाता सूची की प्रिंटिंग शुरू नहीं कर सका। आयोग के अनुसार, वोटर लिस्ट के नोटिफिकेशन के बाद इसकी छपाई में 20 से 25 दिन का समय लगेगा। चुनाव की घोषणा से पहले प्रत्येक पंचायत की वोटर लिस्ट का तैयार होना अनिवार्य है। बैठक में हाईकोर्ट के आदेशों के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश की 3577 पंचायतों और 71 शहरी निकायों में चुनाव होने हैं। इनमें से 3548 पंचायतों में कुल 55 लाख 19 हजार 709 मतदाता पंजीकृत हैं। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 13 लाख 17 हजार 390 मतदाता हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिला में सबसे कम 25 हजार 602 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बार मतदाताओं में 27 लाख 26 हजार 548 महिलाएं और 27 लाख 93 हजार 161 पुरुष शामिल हैं। वहीं 29 पंचायतों की वोटर लिस्ट अभी तैयार होना शेष है। प्रदेश की पंचायतों के मौजूदा प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल 30 जनवरी को समाप्त हो रहा है। समय पर चुनाव न होने की स्थिति में नई पंचायतों के गठन तक पंचायतें बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के रहेंगी, जिसके लिए सरकार प्रशासन (एडमिनिस्ट्रेटर) नियुक्त करेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से एनएसयूआई जिला मंडी के ‘चिट्टा मुक्त कैंपस’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल व कॉलेज परिसरों में युवाओं को नशे, विशेषकर चिट्टा के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसयूआई मंडी का ‘चिट्टा मुक्त कैंपस’ अभियान प्रदेश सरकार के नशा मुक्त हिमाचल के विज़न को मजबूती प्रदान करता है तथा प्रदेश में चिट्टा सहित नशे के खिलाफ चलाए जा रहे राज्य सरकार के अभियान को और गति प्रदान करता है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए इस प्रकार के अभियान अत्यन्त आवश्यक होते हैं। एनएसयूआई जिला मण्डी के अध्यक्ष अनित जसवाल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के ’एंटी-चिट्टा अभियान’ से प्रेरित है और इसका उद्देश्य स्कूल व कॉलेज परिसरों को नशामुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम, नशा विरोधी शपथ, एंटी-चिट्टा वॉकथॉन एवं स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। अभियान 23 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें पहले स्कूल स्तर पर तथा बाद में कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी तथा राकेश कालिया उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्टेट इलेक्शन कमीशन आज एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहा है। यह बैठक हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में बुलाई गई है। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) केके पंत, प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार और सचिव पंचायती राज सी. पालरासू को आमंत्रित किया गया है। बैठक में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करने और वोटर लिस्ट तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। इस संबंध में स्टेट इलेक्शन कमीशन को हाईकोर्ट में कम्प्लाइंस रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी है। दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पंचायत चुनाव 30 अप्रैल से पहले करवाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने इलेक्शन कमीशन और राज्य सरकार को आपसी समन्वय के साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए हैं। राज्य की कुल 3577 पंचायतों में से 3548 पंचायतों की वोटर लिस्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है। यदि इनमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हुआ, तो उसे लेकर भी आज की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसी तरह, जिलों के उपायुक्तों द्वारा लगभग सभी पंचायतों का आरक्षण रोस्टर तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है। 3548 पंचायतों में कुल 55 लाख 19 हजार 709 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 13 लाख 17 हजार 390 मतदाता हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिला में सबसे कम 25 हजार 602 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बार मतदाताओं में 27 लाख 26 हजार 548 महिलाएं और 27 लाख 93 हजार 161 पुरुष शामिल हैं। वहीं 29 पंचायतों की वोटर लिस्ट अभी तैयार होना शेष है। बैठक में वोटर लिस्ट की प्रिंटिंग को लेकर भी निर्देश दिए जा सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत राज्य सरकार को 28 फरवरी तक पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करना होगा, जबकि इलेक्शन कमीशन को वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देना है। बैठक में आयोग द्वारा सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, क्योंकि पूर्व में कुछ जिलों में उपायुक्तों द्वारा आयोग के आदेशों की अवहेलना की गई थी। हालांकि, अब हाईकोर्ट के आदेशों के चलते सभी अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रदेश की 3577 पंचायतों और 72 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव का बिगुल बज सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश में मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल 30 जनवरी को समाप्त हो रहा है। समय पर चुनाव न होने की स्थिति में नई पंचायतों के गठन तक पंचायतें प्रशासनिक व्यवस्था (एडमिनिस्ट्रेटर) के अधीन रहेंगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कई फैसलों में मुहर लगी। इस बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने इस सेंटर में 11 नए विभागों की स्थापना तथा विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजत कर भरने को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक में सामाजिक सुरक्षा (पेंशन एवं भत्ता) नियम, 2010 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया, ताकि लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जा सके। मंत्रिमंडल ने राज्य में उपलब्ध जियो थर्मल ऊर्जा संसाधनों की खोज एवं इनके दोहन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए ऊर्जा निदेशालय को नोडल एजेंसी अनुमोदित किया गया तथा स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति, 2021 में भू-तापीय ऊर्जा से संबंधित दिशा-निर्देश शामिल करने के लिए संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। अनाथों एवं विधवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के प्वाइंट ऑफ फर्स्ट सेल पर ‘ओरफन एण्ड विडो सेस’ लगाने के लिए अध्यादेश लाने की स्वीकृति दी। यह सेस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना इन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करेगा। बैठक में 25 मेगावाट तक की चार जल विद्युत परियोजनाओं, छह मेगावाट क्षमता की खौली-2, 24 मेगावाट मलाणा-3, 21.9 मेगावाट मनालसू तथा 18 मेगावाट क्षमता की धनछो जल विद्युत परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत सफल बोली कर्त्ताओं को आवंटित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में धर्मशाला के समीप 7.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की 4.3 किलोमीटर लंबी नड्डी जिपलाइन परियोजना के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। यह एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन होगी और क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनेगी। मंत्रिमंडल ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अंतर्गत 66.66 प्रतिशत कोटा इन-सर्विस जीडीओ/एमओ के लिए तथा 33.33 प्रतिशत सीटें डायरेक्ट अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित की गई हैं। पात्र अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता की स्थिति में सीटों का आपसी विनिमय (इंटरचेंज) भी किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के हीरानगर स्थित मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के आवासीय संस्थान में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों को जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया है। बैठक में राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में विभिन्न श्रेणियों के 11 पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। राजस्व विभाग में तहसीलदार के छह पद भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को निश्चित मानदेय पर पुनर्नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर (बागवानी) के चार पद जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया। बैठक में हमीरपुर जिला के भरेड़ी में वॉलीबाल खेल छात्रावास के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सहायक स्टाफ नर्स पद से संबंधित नीति के प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति दी। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत आयु सीमा 18 वर्ष से 45 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि एससी/एसटी एवं अन्य पात्र श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व आयु सीमा 21 वर्ष से 32 वर्ष निर्धारित की गई थी। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य अवसंरचना को सदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स अस्पताल, बिलासपुर परिसर में 8 अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण की अनुमति दी। राज्य में सतत औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा निवेश आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति, 2019 को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के ढली स्थित दिव्यांग बच्चों के संस्थान को सैद्धांतिक रूप से प्रदेश सरकार के अधीन लेने का निर्णय लिया है। बैठक में मंत्रिमंडल ने राज्य में क्रेच वर्करों एवं क्रेच हेल्परों की भर्ती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)-सह-दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग तथा खाद्य परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चार नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये प्रयोगशालाएं कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन के बद्दी में स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के कंडाघाट स्थित समग्र परीक्षण प्रयोगशाला के उन्नयन के साथ-साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड को दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्गों पर पूरे सप्ताह 46 सीटर विमान संचालन की अनुमति दी। साथ ही मंत्रिमंडल ने शिमला में नए आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में राजस्व अधिकारियों के कार्य संचालन तथा ग्राम अधिकारियों की नियुक्ति, कर्त्तव्य, वेतन-भत्ते एवं दंड से संबंधित प्रावधानों को विनियमित करने के लिए मंत्रिमंडल ने हिमाचल भूमि राजस्व नियम, 2025 को मंजूरी प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश में कृषि और बागवानी पर बढ़ते संकट के विरोध में किसान-बागवान आज सचिवालय का घेराव करने जा रहे हैं। आंदोलन के दौरान वे न्यूजीलैंड से आयात होने वाले सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने के फैसले का विरोध करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसानों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाएंगे। केंद्र ने दिसंबर 2025 में न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है। इससे हिमाचल के ढाई लाख से ज्यादा सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है। न्यूजीलैंड की आड़ में दूसरे देश भी इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने को दबाव बनाएंगे। अमेरिका समेत दूसरे देशों के साथ भी FTA को लेकर केंद्र सरकार का विचार चल रहा है। बागवानों का मानना है कि आयातित सेब के देश के बाजारों में आने से हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग तबाह हो जाएगा। जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड का सेब उद्योग भी तबाह हो जाएगा। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार FTA के जरिए देश की खेती को विदेशी बाजारों के हवाले कर रही है। न्यूजीलैंड, अमेरिका और अन्य देशों से सस्ते सेब के आयात ने हिमाचल के बागवानों की कमर तोड़ दी है। आयात शुल्क घटाकर घरेलू सेब उत्पादकों को बर्बादी की कगार पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि उत्पादन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए, बागवानों सड़कों पर आने को मजबूर है। वहीं किसान नेता संजय चौहान ने सुप्रीम कोर्ट (SC) के निर्देशों की खुली अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कोर्ट के आदेशों के बावजूद किसानों को भूमि देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। इसके उलट प्रदेश में जमीन की बेतरतीब बिक्री, सेब के पेड़ों की कटाई और बड़े प्रोजेक्ट्स के नाम पर किसानों को बेदखल किया जा रहा है। पावर प्रोजेक्ट, फोरलेन और नेशनल हाईवे से प्रभावित किसान आज भी मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यदि सरकार आज जल्द नीति बनाने का भरोसा नहीं देती तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। संजय चौहान ने साफ किया कि अगर सरकार ने 19 जनवरी के बाद भी आंखें मूंदे रखीं, तो आंदोलन सिर्फ सचिवालय तक सीमित नहीं रहेगा। हिमाचल के गांव-गांव से उठने वाली यह आवाज सत्ता के गलियारों तक गूंजेगी। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों को हर महीने पेमेंट का भुगतान पहली तारीख को सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि किसान विरोधी मोदी सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) का बजट 2023 में जीरो कर दिया है। वहीं राज्य सरकार भी बागवानों से खरीदे सेब का भुगतान नहीं कर रही। इस मुद्दे को भी आज रैली के माध्यम से उठाया जाएगा।
प्रदेश में आज मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। यह बैठक 11 बजे होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने जा रही राज्य कैबिनेट की अहम बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कैबिनेट की इस मीटिंग में सरकार कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों पर मुहर लगा सकती है, जिसका सीधा असर प्रदेश के विकास, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर पड़ेगा। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बार कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। सरकार चिट्टे की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। अब इसका असर पंचायती राज चुनावों में देखने को मिलेगा। चिट्टे की गतिविधियों में शामिल लोग अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसको लेकर आज कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से अप्रैल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने के फैसले को लेकर भी आज कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में अब 125 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। इसको लेकर भी कैबिनेट बैठक में इन स्कूलों के लिए गाइडलाइन मंजूर की जा सकती है। हिमाचल में कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद रोजगार को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर रहती है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 25 हजार नौकरियां देने का ऐलान किया है। ऐसे में दो महीने बाद समाप्त हो रहे वित्त वर्ष को देखते हुए कैबिनेट की बैठक में युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा भी खुल सकता है। वहीं, मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए फैसला लिया जा सकता है। इसी तरह से विभिन्न विभागों में नए पद सृजित किए जाने को लेकर भी फैसला हो सकता है।
कसुम्पटी में नई तहसील बनाए जाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन शिमला द्वारा प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि कसुम्पटी में नई तहसील का गठन आवश्यक है और इस दिशा में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को प्रेषित कर दिया गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र शिमला ग्रामीण तहसील के अंतर्गत आता है। उपायुक्त ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा पटवार सर्कलों के अतिरिक्त चार नए पटवार सर्कल बनाए जाएंगे तथा दो फील्ड कानूनगो सर्कल स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में शिमला ग्रामीण तहसील के अंतर्गत 32 पटवार सर्कल हैं, जिनका भौगोलिक क्षेत्र काफी विस्तृत है। इसके अंतर्गत कसुम्पटी, शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी—तीन विधानसभा क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा आता है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के आसपास घनी आबादी, राजस्व मामलों की बढ़ती संख्या, न्यायालयीन प्रकरणों तथा फील्ड वेरिफिकेशन जैसे कार्यों के कारण प्रशासन को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए नई तहसील का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अनुपम कश्यप ने बताया कि नए प्रस्ताव के तहत कुल 17 पटवार सर्कल और 4 फील्ड कानूनगो सर्कल होंगे। इस तहसील के अंतर्गत कुल 17,032.29 हेक्टेयर भूमि, 86,983 खसरा नंबर तथा 12,080 खतौनी नंबर शामिल होंगे। इसके साथ ही लगभग 91,924 की जनसंख्या इस नई तहसील के अंतर्गत आएगी। उन्होंने जानकारी दी कि चार नए पटवार सर्कल चमियाना, रझाना, डूम्मी और जनोल में प्रस्तावित हैं। वहीं, दो फील्ड कानूनगो सर्कल कसुम्पटी/चमियाना तथा शोघी में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। नई तहसील के अधीन 83 सरकारी स्कूल, 21 डाकघर, 27 बैंक शाखाएं तथा विभिन्न अन्य सरकारी कार्यालय आएंगे।
जिला में मेहनताना के आधार पर तहसीलदार/नायब, तहसीलदार/पटवारी के खाली पदों पर दोबारा नियुक्ति के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के साथ 31 जनवरी 2026 तक या उससे पहले डिप्टी कमिश्नर, शिमला (हि.प्र.) के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। तय तिथि के बाद प्राप्त या अधूरे आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में तहसीलदार के 3 पद, नायब तहसीलदार का 1 पद, कानूनगो का 1 पद और पटवारी के 70 पद भरे जाने हैं। आवेदन पत्र जिला शिमला की आधिकारिक वेबसाइट http://hpshimla.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने सेवानिवृत्ति से पहले राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम 5 वर्ष की सेवा दी हो और उसके विरुद्ध कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो। इसके लिए संबंधित रिटायर्ड व्यक्ति को अपने मूल विभाग से प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। उम्मीदवार की आयु 31 जनवरी 2026 को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। मेहनताना के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार को 70,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड नायब तहसीलदार को 60,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड कानूनगो को 50,000 रुपये प्रति माह और रिटायर्ड पटवारी को 40,000 रुपये प्रति माह मेहनताना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों को पहली बार तीन महीने के लिए दोबारा नियुक्त किया जाएगा, जिसे कार्य निष्पादन और आवश्यकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आवेदनों की संख्या पदों से अधिक हुई, तो कम आयु वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। दोबारा नियुक्ति की अवधि को सेवानिवृत्ति से पूर्व दी गई सेवा के किसी भी लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाएगा। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। नियुक्त कर्मचारियों को एक महीने की सेवा पूरी करने पर एक दिन की कैजुअल छुट्टी मिलेगी, अन्य किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी और उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा। ड्यूटी के दौरान सरकारी कार्य से यात्रा करने पर संबंधित कर्मचारियों को नियमित समकक्ष अधिकारियों के न्यूनतम वेतनमान के अनुसार टीए/डीए दिया जाएगा। रिटायर्ड कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि दोबारा नियुक्त किए गए रिटायर्ड कर्मचारियों को मासिक वेतन कार्य निष्पादन प्रमाण पत्र के आधार पर दिया जाएगा, जिसमें उनके द्वारा निपटाए गए मामलों का विवरण भी शामिल होगा। लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इन नियुक्तियों से वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और नियमित अधिकारियों के उपलब्ध होते ही यह नियुक्तियां समाप्त की जा सकती हैं।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चिट्टा/हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की गई है। तीन अलग-अलग मामलों में कुल 57.34 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई है। सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला थाना ढली में एफआईआर संख्या 05/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के तहत दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने 50.340 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नित्यम धीर (32 वर्ष) पुत्र पुरुषोत्तम धीर, निवासी फ्लैट नंबर 2002, टावर-15, जे.पी. अमन सेक्टर-151, नोएडा (उत्तर प्रदेश) तथा पूर्णिमा लंपाग (34 वर्ष) पुत्री स्व. गणेश दास, निवासी लुमनोंग्रिम, री-भोई, मेघालय के रूप में हुई है। दूसरा मामला थाना कुमारसेन में एफआईआर संख्या 03/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के अंतर्गत दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में 2.30 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में सचिन श्याम (34 वर्ष) पुत्र जोगिंदर सिंह, निवासी गांव बनोगा, डाकघर जाहू, तहसील ननखड़ी और आरुष मेहता (24 वर्ष) पुत्र स्व. दीवान चंद मेहता, निवासी गांव नून, डाकघर खुन्नी, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला शामिल हैं। वहीं तीसरा मामला थाना कुमारसैन में ही एफआईआर संख्या 04/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में 4.70 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुश्ताक अली (25 वर्ष), माशूम अली (23 वर्ष) पुत्रगण हसन अली, निवासी गांव भदराश, डाकघर दत्तनगर, तहसील रामपुर, जिला शिमला; रविंद्र कुमार (37 वर्ष) पुत्र रमेश चंद, निवासी गांव बहली, डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन; रविंद्र कुमार (44 वर्ष) पुत्र प्रेम चंद, निवासी दत्तनगर, तहसील रामपुर तथा किशन कुमार (31 वर्ष) पुत्र हीरा सिंह, निवासी गांव बहली, डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी मामलों में जांच जारी है और नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 19 जनवरी को कैबिनेट बैठक बुलाई है। नए साल की यह पहली कैबिनेट मीटिंग होगी, जो प्रदेश सचिवालय स्थित शिखर सम्मेलन हॉल में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। कैबिनेट बैठक में खास तौर पर पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा निर्णय हो सकता है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय बनाकर पंचायत चुनाव अप्रैल माह में कराए जाएं। इसी मुद्दे पर सरकार की आगे की रणनीति पर कैबिनेट में चर्चा होगी। साथ ही इस बैठक में विभिन्न विभागों में भर्तियों को लेकर भी चर्चा होगी। इस दौरान सीएम की बजट भाषण में की गई घोषणाएं जो अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है, उन्हें लेकर भी चर्चा संभावित है।
न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से हिमाचल प्रदेश के बागवानों में भारी नाराजगी है। केंद्र सरकार ने एफटीए के अंतर्गत सेब पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। बागवानों का कहना है कि मौसम की लगातार बेरुखी और लंबे समय से बारिश व बर्फबारी न होने के कारण पहले ही हिमाचल प्रदेश के बागवानों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर हिमाचल प्रदेश के बागवानों ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते का विरोध तेज कर दिया है। प्रदेश सरकार ने भी बागवानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। बागवानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश सचिवालय में किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में एफटीए के कारण सेब उत्पादकों को होने वाले संभावित नुकसान पर विस्तार से विचार किया जाएगा। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में पूर्व विधायक एवं किसान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंघा, संयुक्त किसान मंच के सह-संयोजक संजय चौहान, स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा, प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष चौहान सहित विभिन्न किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। गौरतलब है कि भारत में सेब की खपत काफी अधिक है, जिसके चलते कई देशों से सेब का आयात किया जाता है। भारत हर साल ईरान, इटली, अफगानिस्तान और अमेरिका सहित कई देशों से सेब मंगाता है, लेकिन सबसे अधिक आयात तुर्की से होता है। डीजीसीआईएस (DGCIS) के आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल सेब आयात का लगभग 23 प्रतिशत तुर्की से आता है। इसके बाद ईरान से 21 प्रतिशत, अफगानिस्तान से 10 प्रतिशत, इटली से 8 प्रतिशत, पोलैंड से 7 प्रतिशत और अन्य देशों से करीब 31 प्रतिशत सेब आयात किया जाता है। इसके अलावा भारत की विभिन्न मंडियों में चिली, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड, ब्राजील, बेल्जियम, सर्बिया, फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन, नीदरलैंड, अर्जेंटीना, भूटान, क्रोएशिया, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस और थाईलैंड जैसे देशों से भी सेब पहुंचता है।
शनिवार, 9 जनवरी की रात शिमला बाईपास के चलौंठी क्षेत्र में चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य के पास चलौंठी गांव की एक इमारत में दरारें देखी गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई (NHAI) ने संयुक्त भवन सर्वे किया, जिसमें इमारत में हल्की से मध्यम दरारें पाई गईं। एनएचएआई के अनुसार, इमारत से सटी दो अन्य इमारतों का अधिग्रहण पहले से ही प्रक्रिया में है। एक इमारत के लिए मुआवजा राशि घोषित की जा चुकी है, जबकि दूसरी के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भवन स्थिति की निगरानी के लिए परियोजना के कंसेशनायर द्वारा पहले ही बाय-रिफ्लेक्स टारगेट लगाए गए थे। इसके अलावा, आसपास की इमारतों पर भी अतिरिक्त टारगेट लगाने और उनकी नियमित रीडिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने टनल निर्माण के दौरान की जा रही ब्लास्टिंग गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। हालांकि कंसेशनायर द्वारा नियंत्रित ब्लास्टिंग की जा रही थी, लेकिन जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। एनएचएआई ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एहतियातन प्रभावित इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया है और प्रभावित लोगों के लिए किराये पर रहने की व्यवस्था भी की गई है। एनएचएआई द्वारा लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भाजपा जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि पिछली सरकारों की सुस्ती के कारण ग्रामीण विकास केवल 50 दिनों तक सीमित रह गया था। मोदी सरकार की नई योजना ने 125 दिनों की गारंटी देकर विरोधियों के सभी आरोपों को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता अब हिमाचल के गांवों से होकर गुजरेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर पहल पिछले 12 वर्षों से गरीब, शोषित और जरूरतमंद लोगों के लिए एक असली मसीहा का कार्य कर रही है। केशव चौहान ने आरोप लगाया कि देश विरोधी और कांग्रेस नेता बिना किसी ठोस तर्क और जानकारी के लोगों के बीच झूठी भ्रांतियां फैला रहे हैं। वहीं, मनरेगा में किए गए बदलाव गांव के गरीबों को पसंद आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘जी राम जी’ योजना के माध्यम से देश का विकसित भारत का सपना पूरा होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीघ्र ही अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।
रामपुर पुलिस उपमंडल के अंतर्गत झाकड़ी पुलिस थाना की टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना और नियमित गश्त के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन झाकड़ी पुलिस की टीम ज्यूरी–सराहन लिंक रोड पर गश्त पर थी। इसी दौरान क्यार नामक स्थान के समीप एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शक के आधार पर उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 1.054 किलोग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत प्रतिबंधित सामग्री को कब्जे में लेते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सागर पुत्र कर्म चंद के रूप में हुई है, जो जिला शिमला की रामपुर तहसील के गांव डुमी (डाकघर बोंडा) का निवासी बताया जा रहा है। चरस बरामद होने के बाद झाकड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चरस कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। मामले की आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने शिमला जिला के डीसी व ठियोग के डीएफओ को वन भूमि पर कब्जों का सारा ब्यौरा तलब किया है। अदालत ने इस मामले में अवैध कब्जों को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी शिमला और मंडल वन अधिकारी यानी डीएफओ ठियोग को निर्देश जारी किए हैं कि वो तहसील कोटखाई के बागी-रतनाड़ी क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अतिक्रमण करने वालों का पूरा विवरण पेश करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर व न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले में सख्त आदेश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अफसरों को शपथपत्र के माध्यम से अवैध कब्जा करने वालों के नाम, पिता का नाम, गांव, उनके स्वामित्व वाली निजी भूमि (यदि कोई हो) और वन भूमि पर किए गए कुल अतिक्रमण क्षेत्र का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने आवश्यक कार्रवाई 15 फरवरी 2026 को या उससे पहले पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। यह जनहित याचिका बागी-रतनाड़ी क्षेत्र के रहने वाले आरएल चौहान ने दाखिल की है। आरएल चौहान तहसील कोटखाई, जिला शिमला के तहत बागी रतनाड़ी के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया के नाम एक पत्र लिखा है। उनकी तरफ से लिखे गए पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल की इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरने का निर्णय लिया है। इनमें टीचिंग व नॉन-टीचिंग फैकल्टी और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल द्वारा असिस्टेंट स्टाफ नर्सिंग पॉलिसी के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 600 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसन और मास्टर ऑफ चिरुरगिया की योग्यता हासिल करने वाले फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग में सीधे भर्ती के माध्यम से खण्ड विकास अधिकारी के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के 100 चिन्हित किए गए सी.बी.एस.सी स्कूलों के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंडों के साथ एक समर्पित सब-कैडर बनाने को भी मंजूरी दी है। बैठक में धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में नामांकित और पढ़ने वाले बच्चों और ऐसे बच्चे जिनके दोनों या एक जीवित माता-पिता की दिव्यांगता 70 प्रतिशत या उससे अधिक है उन्हें भी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उन बच्चों को भी सुख-आश्रय योजना के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिनके माता-पिता में से एक की मृत्यु हो गई है और दूसरे ने बच्चे का परित्याग कर दिया है। बैठक में शीतलपुर में हिमाचल और चंडीगढ़ की सीमा पर एक विश्व स्तरीय टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ रियल एस्टेट बिजनेस में पारदर्शिता लाने और विवादों का तेजी से निपटारा करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2017) के नियम-3 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पालकवाह खास में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग के उपयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब एसडीआरएफ को इस परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। बैठक में हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में आजीविका के लिए चरवाहों के रोजगार के तहत लचीली आजीविका के लिए हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में चरावाहों के लिए रोजगार कार्यक्रम के तहत लचीली आजीविका, चरने वाले पशु और हिमालयी चरवाहों के सशक्तिकरण के लिए एक परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना का लक्ष्य, आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना, चरवाहा प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना, स्वदेशी नस्लों का संरक्षण करना और बाजार संबंधों और मूल्य संवर्धन को मजबूत करना है। चरवाहों और उनके पशुधन की सुचारू आवाजाही के लिए नया कानून पेश किया जाएगा और समस्त वन भूमि और घास के मैदान चरावाह पशुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने मिल्कफेड और राष्टीय दुग्ध विकास बोर्ड द्वारा नाहन, नालागढ़, मोहाल और रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र, हमीरपुर जिले के जलाड़ी में मिल्क चिलिंग सेंटर, ऊना जिले के झलेड़ा में बल्क मिल्क कूलर और करसोग और पांगी में इसी तरह की अधोसंरचना स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड लिमिटेड को वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दूध खरीद लागत में वृद्धि के फलस्वरूप कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 60 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट को भी मंजूरी दी गई। बैठक में तकनीकी शिक्षा निदेशालय के तहत सभी पांच सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एप्लाइड साइंसेज और ह्यूमैनिटीज में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों को कार्यात्मक रूप से इंटरचेंजेबल मानते हुए फंक्शनल इक्विवेलेंस मॉडल (एफइएम) को अपनाने की मंजूरी दी। कार्यात्मक इंटरचेंजेबिलिटी को ट्रांसफर या डेपुटेशन नहीं माना जाएगा और सभी मौजूदा स्वीकृत पदों का एक एकेडमिक पूल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डिजिटल रूप से कुशल और उद्यमी कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर जिले के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागदारी के आधार पर मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम, 1978 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी, कीट प्रकोप इत्यादि के कारण सूखे चीड़ के पेड़ों का सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के उपरांत कटान किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजनादृशहरी में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बैंकों द्वारा एनपीए घोषित किए गए छोटे दुकानदारों के दो लाख रुपये तक के व्यवसायिक ऋण पर राज्य सरकार द्वारा अधिकतम एक लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के मुख्यालय को शिमला से स्थानांतरित कर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र के मलोट में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के अंतर्गत किसी भी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन लोक भवनों को आवश्यक रियायत प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अनुसार, निःशुल्क बिजली रॉयल्टी कम की गई समान दर पर वसूलने में दी जा रही छूट यानि 12 प्रतिशत निःशुल्क बिजली तथा 1 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का लाभ उन परियोजनाओं को भी दिया जाएगा, जिनकी क्षमता 25 मेगावाट तक है और जिनके कार्यान्वयन समझौते पहले ही हस्ताक्षरित हो चुके हैं। यह छूट उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होगी जिनके बिजली क्रय समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) पहले ही हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ निष्पादित हो चुके हैं। साथ ही, यह छूट उन परियोजनाओं पर भी लागू नहीं होगी जो पहले से ही चालू हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल ने एसजेवीएनएल की नाथपा झाकड़ी तथा रामपुर जल विद्युत परियोजनाओं में इक्विटी ऊर्जा हिस्सेदारी को हिमाचल प्रदेश सरकार को पुनः आबंटित करने की स्वीकृति भी प्रदान की, ताकि ऊर्जा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से बिक्री की जा सके। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा आधार पर 28 आश्रितों को रोज़गार प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में स्थित मोहल मौजा पनोल शाहरी तथा औहर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने फ्रेंच विकास एजेंसी के सहयोग से पांच वर्षों के लिए 892 करोड़ रुपये की लागत की हिमाचल प्रदेश आपदा प्रभावित न्यूनीकरण एवं तैयारी परियोजना को स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत स्टेज कैरिज सेवाओं के रूप में संचालन के लिए 18 से 42 सीटर बसों की खरीद पर अनुदान प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की है।
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा पर दिए गए धरने के माध्यम से कांग्रेस जनता को यह झूठ बताने में जुटी है कि मनरेगा को खत्म कर दिया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने इससे कहीं अधिक मजबूत और व्यापक कानून “विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” लागू किया है। केशव चौहान ने कहा कि कांग्रेस यह क्यों नहीं बताती कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिन की रोज़गार गारंटी दी गई है। इसके लिए ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें ₹95 हजार करोड़ से अधिक हिस्सा केंद्र सरकार का है। यह कांग्रेस की आदत बन चुकी है कि जब भी गरीब, किसान और ग्रामीणों के हित में कोई ठोस सुधार होता है, तो वह उसे खत्म करने का झूठा नैरेटिव गढ़कर सड़कों पर उतर आती है। केशव चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था से पंचायतों को सीधा लाभ होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। गांवों में जल संरक्षण, सड़क, रास्ते, तालाब, ड्रेनेज, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी भवन और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। पंचायतों की ग्रेडिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पिछड़ी पंचायतों को अधिक संसाधन मिलें, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन खत्म हो। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी संसद में अमर्यादित आचरण करती है, कागज़ फाड़ती है और टेबलों पर चढ़कर लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास करती है, वही पार्टी आज महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और नैतिक दिवालियापन का प्रमाण है। चौहान ने कहा कि फंडिंग पैटर्न को लेकर भी कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। 60:40 का मॉडल सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी से योजनाओं की निगरानी और प्रभावशीलता बढ़ेगी। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामी और वित्तीय कुप्रबंधन छिपाने के लिए केंद्र पर आरोप लगाने का आसान रास्ता अपना रही है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव मामले में देरी को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले को लेकर आज हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ सुनवाई करेगी। मामले में पिछली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी, इससे पहले अदालत ने प्रतिवादियों को 22 दिसंबर तक याचिका का जवाब देने को कहा था। अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक पूरे मामले में जवाब तलब करने के आदेश दिए थे। डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी को पंचायत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। कानून है कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले चुनाव को लेकर तैयारी करना जरूरी है, लेकिन अब तक चुनाव आयोग की ओर से कोई तैयारियां नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में साल 2025 की विदाई से ठीक पहले प्रदेश सचिवालय में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। शिमला में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। इस अहम बैठक में सुक्खू सरकार कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर अपनी मुहर लगाएगी। बता दें कि प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के चौथे साल में प्रवेश कर गई है, ऐसे में कैबिनेट बैठक में आज कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और विकास योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा संभव है। इसके अलावा जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत फैसलों पर मुहर लग सकती है। कैबिनेट बैठक में नई योजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। हिमाचल में कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद रोजगार को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर रहती है। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में 25 हजार नौकरियां देने का ऐलान किया है। ऐसे में तीन महीने बाद समाप्त हो रहे वित्त वर्ष को देखते हुए कैबिनेट की बैठक में आज नौकरियों का भी पिटारा खुल सकता है।
प्रदेश में नए साल के आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 दिसंबर से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से उच्च एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना है। जिससे करीब 85 दिनों से चला आ रहा ड्राई स्पेल टूटने के आसार है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे पहाड़ी राज्य के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। लगातार शुष्क मौसम से सेब समेत अन्य नकदी फसलों और जल स्रोतों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। वहीं, मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रहेगा। इस दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। 30 और 31 दिसंबर को शिमला, मंडी, चंबा, सोलन और सिरमौर जिले के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 1 जनवरी को भी मैदानी क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश होगी। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं। 2 जनवरी को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थल शिमला नए साल की शुरुआत के साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। 3 से 5 जनवरी तक शिमला में हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खास बात यह है कि एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत हिमाचल के सभी 12 जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर देखने को मिलेंगे। 3, 4 और 5 जनवरी को होने वाले इस महोत्सव में प्रत्येक जिले के उत्पादों को विशेष पहचान देने के लिए समर्पित ODOP पवेलियन स्थापित किए जाएंगे। इन पवेलियनों में बिलासपुर जिले के आंवला आधारित उत्पाद, हमीरपुर के प्रोसेस्ड कृषि उत्पाद, कुल्लू की पारंपरिक शॉल, कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय और कांगड़ा पेंटिंग, किन्नौर का पारंपरिक चुल्ली तेल प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के सीबकथॉर्न (छरमा) उत्पाद, मंडी का स्टील फर्नीचर उद्योग, ऊना का लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर, सिरमौर का पैकेजिंग उद्योग, सोलन का मशरूम उत्पादन और शिमला जिले में पर्यटन को तकनीकी रूप से उन्नत करने से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि यह पहली बार है जब हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिम MSME फेस्ट में एक जिला–एक उत्पाद के लिए विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों और खुले बाजार तक पहुंच मिल सके। इससे आने वाले समय में स्थानीय उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि ODOP योजना ने हर जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और यह पहल स्थानीय कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। यह योजना किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए आजीविका के नए साधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक जिला–एक उत्पाद कार्यक्रम राज्य सरकार की मूल्य आधारित नीति को दर्शाता है, जिसके जरिए स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, हिम MSME फेस्ट 2026 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। महोत्सव के पहले दिन राजधानी शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला और बुनाई विरासत की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा तीनों दिनों तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स और प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां आम लोग हिमाचल के स्थानीय उत्पादों को करीब से देख और खरीद सकेंगे।
प्रदेश में शुष्क मौसम लगातार जारी बना हुआ है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। प्रदेश में सबसे कम कुकुमसेरी में -4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से ऊना और बिलासपुर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नए साल की शुरुआत में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद इसमें फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी आगामी दिनों में गिरावट आने के संकेत हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में हुए इस विवाद के बाद आज डॉक्टर काम छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं और डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सरकार से एक ही मांग है डॉ. राघव का टर्मिनेशन तुरंत वापस लिया जाए। सोहेल ने कहा कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया गया और उसके बाद बिना उचित जांच के सीधे टर्मिनेट कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीज से मारपीट के आरोप में डॉ. राघव की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है। आईजीएमसी के अलावा टांडा, नाहन, नेरचौक, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से कई मरीजों को बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि ओपीडी में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। आईजीएमसी में आरडीए के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां अध्यक्ष सोहेल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने रेजिडेंट्स, इंटर्न्स और एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए चिकित्सक की बर्खास्तगी के आदेशों को रद्द करने की मांग की। सोहेल ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे डॉक्टर पेशे और अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोहराया कि बर्खास्तगी वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज से मारपीट विवाद में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इससे अस्पतालों की OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान-इमरजेंसी सर्विस जारी रहेगी। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे। वहीं CM सुक्खू द्वारा मांगे मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर स्ट्राइक पर गए है। इससे पूरे प्रदेश में आज मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही RDA के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है। इससे प्रदेश में लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल पर रहने वाले है। बता दें कि डॉक्टरों द्वारा मांग कि जा रही है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए साथ ही IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो और डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो, अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए। इन सभी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने जा रहा है, जिससे प्रदेश में पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहे ड्राई स्पेल के टूटने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से मौसम बदलेगा और 1 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहेगा। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 29 दिसंबर तक कोहरा छाए रहने का ऑरेंज और 30 को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश में 30 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिससे इस दिन प्रदेश के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार है। इसी तरह से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगले दो दिन तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव नजर आएगा। प्रदेश में 27 से 29 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान कई स्थानों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। लेकिन, जैसे ही 31 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, इस कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान और न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके प्रभाव से मैदानी जिलों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बने रहने की संभावना है।
सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभोक्ता को बैकलॉग का राशन नहीं मिलेगा। वर्तमान माह में ही उपभोक्ताओं को पूरा राशन लेना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को पिछले महीने का राशन बाद में एक साथ मिल जाता था, यानी जो बैकलॉग कोटा की सुविधा मिलती थी। यह व्यवस्था अब विभाग ने बंद कर दी है। ऐसे में अब उपभोक्ता काे वर्तमान माह में ही समय पर डिपो पहुंचकर सस्ता राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा उसी महीने में समाप्त हो जाएगा। विभाग ने यह नियम पहले भी लागू किए थे लेकिन अब इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। वहीं इस संबंध में विभाग की ओर से जिला नियंत्रकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैैं। विभाग व सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर विराम लगेगा। विभाग की ओर से जारी ये आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसम्बर महीने में जो भी उपभोक्ता राशन नहीं उठाएगा उन्हें अगले महीने यानी जनवरी महीने में बैकलॉग नहीं दिया जाएगा। डिपो संचालकों पर भी ये नियम लागू होगा। उन्हें भी परमिट कटने के बाद तय समय में होलसेल गोदामों से सस्ते राशन के पूरा कोटा एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने में ही उपभोक्ताओं को पहली तारीख से राशन उपलब्ध हो सके। डिपो धारक भी अगर समय पर राशन का पूरा कोटा नहीं उठता है। जिस कारण वर्तमान माह में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। ऐसे में डिपो धारकों की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा झटका लगने वाला है दरअसल 25 दिसंबर की रात 8 बजे से प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक तक जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए विभाग अपनी एंबुलेंस चलाएगा। वहीं, 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी। वहीं सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लागू करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने निजी कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं तो यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब वही प्रशासन कंपनी को संरक्षण देने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लगाने की बात कर रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन को कंपनी के शोषण से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया।
IGMC शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई झड़प के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदिरा गाधी मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल (आईजीएमसी) अस्पताल के सीनियर डॉक्टर राघव नरूला को सुक्खू सरकार ने मरीज से मारपीट के आरोपों के बाद पद से बर्खास्त कर दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में आरोपी डॉक्टर को दोषी माना गया है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने उन्हें टर्मिनेट के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इस घटना के लिए दोनों पक्ष मरीज और सीनियर रेजिडेंट जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में इसे कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य मानते हुए रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 के उल्लंघन का मामला बताया गया। इन तथ्यों के आधार पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. राघव निरुला की सीनियर रेजिडेंट के पद से सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल परिसर में हाथापाई हुई थी। घटना के बाद मरीज के परिजनों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और घटना के वीडियो क्लिप के आधार पर डॉ. राघव निरुला को 22 दिसंबर 2025 को रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत सीनियर रेजिडेंसी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 23 दिसंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसे 72 घंटे के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर 24 दिसंबर तक देने को कहा। समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। बुधवार शाम को आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
फ्रांसिस स्कूल, बटाला (पंजाब) में आयोजित 8वीं इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे-डो चैंपियनशिप में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, शिमला (हिमाचल प्रदेश) की छात्रा साक्षी ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश-विदेश से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच साक्षी ठाकुर ने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत तथा प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा। साक्षी ठाकुर की इस उपलब्धि पर लॉरेट संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ. रण सिंह, लॉरिएट सोसाइटी की माननीय सचिव डॉ. मीरा सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ. कमलजीत कौर ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजधानी शिमला में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शिमला के देवड़ा कॉलोनी स्थित कच्चे रास्ते के पास एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाए घूमता नजर आया। स्थानीय लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृत नवजात लड़का था और उसकी उम्र कुछ ही घंटे या अधिकतम एक दिन बताई जा रही है। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद खुले में फेंक दिया, जिसे बाद में आवारा कुत्ते ने नोच लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नवजात के माता-पिता की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी हो तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
NHAI को शिमला बायपास प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी हासिल हुई है। 23 दिसंबर 2025 को टनल नंबर 5 के दोनों सिरे आपस में मिल चुके हैं, यह टनल शिमला बायपास प्रोजेक्ट में मील का पत्थर साबित होगी। टनल 5 शिमला बायपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है। टनल के निर्माण से लोगों को भविष्य में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना पहुंचने में आसानी होगी और शिमला के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। टनल की कुल लंबाई 210 मीटर है, जिसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था। NHAI ने 7 महीनों के रिकार्ड समय में 23 दिसंबर 2025 को इस कार्य को पूरा किया है। टनल का निर्माण NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से किया गया है। मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है। NHAI की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना, चंडीगढ़-शिमला कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण खंड है। इस परियोजना में पांच सुरंगें शामिल हैं, परियोजना का उद्देश्य जनता की यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है। शिमला बायपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और शिमला (ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उपरी शिमला का रुख करने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिल पाएगी। वहीं, सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे।
विंटर कार्निवाल शिमला-2025, क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या के दौरान राजधानी शिमला में कानून व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत शिमला शहर को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी सेक्टर का ओवरऑल चार्ज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा के पास रहेगा। इसके साथ ही पांच सेक्टर में एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने मंगलवार को इससे संबंधित कार्यालय आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नववर्ष की पूर्वसंध्या पर शिमला में पर्यटक और स्थानीय लोगों की आमद काफी बढ़ जाती है और ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। आदेशानुसार हर सेक्टर में एक अधिकारी का जिम्मा लगाया है। इनके साथ पुलिस विभाग की टीम तैनात है। इसके बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तैनाती कर दी है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि पर्यटकों को बेहतर कानून व्यवस्था दी जाए। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक यह प्लान लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि शिमला के एंट्री प्वाइंट में एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी। उन्होंने आम जन और शिमला आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि जिला प्रशासन के प्लान के मुताबिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि आमजन अपने वाहन निर्धारित गति में चलाएं और ओवरटेक करने से बचें। इसके अतिरिक्त, शराब के नशे में गाड़ी न चलाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया रेप-मर्डर मामले में आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत के केस में दोषी ठहराए गए तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, इस संबंध में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 जनवरी 2024 को आईजी जैदी सहित आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, ऑनरेरी हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जैदी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला वर्ष 2017 में शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी, जबकि 6 जुलाई को उसका शव तांदी जंगल से बरामद हुआ था। इस मामले की जांच के लिए तत्कालीन आईजी जैदी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने राजू और सूरज को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था, लेकिन सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जनता के विरोध को देखते हुए सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस प्रताड़ना से हुई थी। सीबीआई ने आईजी जैदी समेत कुल नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। एम्स के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में हिरासत में यातना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में यह केस शिमला की जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। आईजी जैदी करीब 582 दिन तक जेल में रहे। अप्रैल 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बावजूद ट्रायल जारी रहा। जनवरी 2020 में उन्हें दोबारा सस्पेंड किया गया, जबकि जनवरी 2023 में कांग्रेस सरकार ने उनकी सेवाएं बहाल कीं। सितंबर 2023 में उन्हें मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। वहीं, गुड़िया हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू को शिमला की विशेष अदालत ने 18 जून 2021 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने नीलू को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल 2021 में उसे दोषी ठहराया गया था।
प्रदेश के (IGMC) शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मरीज के परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर आज परिजन एसपी शिमला से मुलाकात करेंगे। हालांकि, IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है और वह डॉक्टर की सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट के समय मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। हाथापाई के दौरान ऑक्सीजन निकल गई, जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यह हमला जान से मारने की नीयत से किया गया है। बता दे कि चौपाल क्षेत्र के नेरवा निवासी अर्जुन पंवार का बीते सोमवार को IGMC में एंडोस्कोपी टेस्ट करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे कुछ समय आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद, अर्जुन अपने परिजनों के साथ चेस्ट OPD वार्ड में शिफ्ट हो गए। वहां एक खाली बेड देखकर वह उस पर लेट गया। इसी दौरान एक डॉक्टर वहां पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने आते ही मरीज से तू-तड़ाक में बात की और कहा,“तू यहां कहां से आ गया?” मरीज अर्जुन ने डॉक्टर को बताया कि उसकी एंडोस्कोपी हुई है और डॉक्टरों ने ही उसे आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह खाली बेड पर लेट गया। मरीज के अनुसार, जब उसने डॉक्टर की बदतमीजी पर सवाल उठाया और कहा कि 'क्या आप घर पर भी ऐसे ही बात करते हैं? तो डॉक्टर भड़क गया और हाथापाई शुरू कर दी। IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि मरीज के साथ मारपीट मामले में डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर से मामले में जवाब दाखिल किए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता पक्ष प्रतिवादियों द्वारा दायर जवाबों पर अपना उत्तर देगा। इसके बाद मामले पर फिर से बहस होगी। मामले पर मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई। समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में आज सरकार और चुनाव आयोग की ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए हैं। अब याचिकाकर्ता को इन जवाबों पर अपना पक्ष रखना है। मामले पर अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। यह याचिका अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिका में सरकार पर पंचायत चुनाव में देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल पूरा होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू की जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी तक राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किया गया, जो नियमों के विपरीत है।
कोटखाई क्षेत्र के बाघी बाजार के समीप दिनांक 21 दिसंबर रविवार को बीती रात एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पंजीकरण नंबर HP-64-7845 (K/10) बताया जा रहा है। वाहन में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियाँ शामिल थीं। हादसे में मौके पर ही एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए IGMC शिमला भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक और घायलों के नाम और पते की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मामला तेज है। आज इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। समय पर पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। समय पर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनावों की तैयारी शुरू की जानी चाहिए, लेकिन अब तक राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किए जाने पर भी याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने में अब बहुत कम समय शेष है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त आवेदन भी दायर किया गया था, जिस पर 17 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निपटारे तक अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को पूरे मामले में 22 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिए थे कि अदालत इस मामले में शीघ्र निर्णय ले सकती है।
राजधानी शिमला में 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल की शुरुआत होने जा रही है। इस बार कार्निवल में दर्शकों को संगीत, संस्कृति और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। पहली स्टार नाइट पर मशहूर पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित अपनी दमदार प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। दोनों कलाकार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अपने हिट गानों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। नगर निगम के अनुसार, कार्निवल के पहले दिन दोपहर 3 बजे के करीब मालरोड पर लगभग 200 महिलाओं द्वारा महानाटी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:00 से 6:30 बजे तक वॉयस ऑफ शिमला प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम 7 बजे से स्टार नाइट शुरू होगी। कार्निवल का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा 24 दिसंबर को पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित, 25 दिसंबर पहाड़ी गायक अरुण जस्टा और राजीव शर्मा, 26 दिसंबर पहाड़ी गायक राजेश त्यागी और पंकज ठाकुर, 27 दिसंबर रमा भारती, इंद्रजीत सिंह और राजीव राजा, 28 दिसंबर ईशान भारद्वाज और सुनील कुमार, 29 दिसंबर किन्नौरी गायक बीरबल, काकू राम, पारस, संचिता भारद्वाज और साहिल कुमार, 30 दिसंबर किशन वर्मा, कुमार साहिल और अंजलि नानक, 31 दिसंबर हन्नी नेगी, हारमनी ऑफ पाइन ग्रुप और गौरव, 1 जनवरी 2026 बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई और कॉमेडियन अब्राहिम कुरैशी समां बांधेंगे। कार्निवल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि विंटर कार्निवल का उद्देश्य हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और सर्दियों के मौसम में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कार्निवल के दौरान दर्शकों को संगीत और नृत्य के साथ-साथ लोक कला और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद मिलेगा। कार्निवल को लेकर टाउन हॉल में महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, पुलिस अधिकारी, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों पर चर्चा की गई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि विंटर कार्निवल का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है और इस बार भी मनोरंजन, संस्कृति और उत्सव का भव्य संगम देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान लोगों को रात में घर पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एचआरटीसी टैक्सियों और बस सेवाओं को बढ़ाने की योजना है। कार्निवल के दौरान संजौली, नवबहार, मैहली, पंथाघाटी, न्यू शिमला, जाखू, भराड़ी और समरहिल रूट पर रात 10 बजे तक सेवाएं चलाने का प्रस्ताव है। महापौर और उपमहापौर ने बताया कि इस संबंध में एचआरटीसी से बातचीत की जाएगी। वहीं एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि पत्र मिलने के बाद मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी।
दिनांक 21-12-2025 को शिमला के बालूगंज क्रॉसिंग पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज शर्मा (29 वर्ष) पुत्र स्व. अजय शर्मा, निवासी गांव घासो, डाकघर झाखड़ी, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। इसके साथ ही मौके से वाहन नंबर HP-06B-4771 को भी जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के दो साथी योगेश और अंकु, दोनों निवासी गांव घासो, मौके से फरार होने में सफल रहे। इस संबंध में एफआईआर नंबर 221/25, धारा 21 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। पूरी कार्रवाई एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की अगुवाई में की गई। वहीं दूसरे मामले में दिनांक 20-12-2025 को शिमला के शोगी बैरियर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान नशा तस्करी के एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक वर्मा (35 वर्ष) पुत्र बाबू राम वर्मा, निवासी गांव कलहली, डाकघर मलोठी, तहसील व जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को बस नंबर PB-65AT-2919 से काबू किया, जिसके कब्जे से 6.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। बरामदगी के बाद आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर नंबर 220/25, दिनांक 20.12.2025 को धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। यह कार्रवाई भी एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की देखरेख में अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।


















































