हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी। राज्य के सभी डीसी ने बीते सात अप्रैल को आरक्षण रोस्टर जारी किया था। इसे कुछ लोगों ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। आरोप है कि आरक्षण रोस्टर लागू करने के नियमों की अनदेखी की गई। इस तरह की एक नहीं, बल्कि कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई हैं। इन सभी को आज कोर्ट सुनेगा। इससे पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और स्टेट इलेक्शन कमीशन को नोटिस भेजकर जवाब मांग रखा है। सरकार और इलेक्शन कमीशन भी सोमवार को अपना जवाब कोर्ट में दायर करेंगे। यह मामला जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की बेंच में लगेगा। याचिकाओं में आरोप है कि कई स्थानों पर जनसंख्या के वास्तविक आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए सीटों को आरक्षित किया गया, जिससे रोस्टर में गलत बदलाव हुआ है। ऐसे में सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिक गई हैं, क्योंकि एक पंचायत का रोस्टर बदलने से उस ब्लॉक की दूसरी पंचायतों के रोस्टर में भी बदलाव की संभावना रहती है। वहीं स्टेट इलेक्शन कमीशन पंचायत और नगर निकाय चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव कराने के आदेश दे रखे हैं। राज्य की 3757 पंचायतों और 73 नगर निकायों में मतदान होना है। इनमें चार निगम (सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर) के चुनाव भी शामिल हैं। ये बड़े चुनाव हैं, क्योंकि नगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर होने हैं। ऐसे में मामला हाईकोर्ट पहुंचने से उन लोगों को आरक्षण रोस्टर में बदलाव की उम्मीद जगी है, जिनके अपने वार्ड-पंचायत आरक्षित हो गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में जल्द मौसम बदलने वाला है। प्रदेश में इस सप्ताह में गर्मी में इजाफा होगा। राज्य के ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में अगले तीन दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा। रविवार को भी राज्य के 8 शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। ऊना का तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है और इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह, बरठी का तापमान 34.6 डिग्री और सोलन का 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 3.9 डिग्री का उछाल शिमला के अधिकतम तापमान में दर्ज किया गया है। इसके बाद शिमला का पारा 25.6 डिग्री हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। हालांकि अन्य भागों में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और 23 अप्रैल तक धूप खिलेगी। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के 24 अप्रैल को फिर से एक्टिव होने के आसार हैं। इससे अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
शिमला पुलिस ने अवैध देवदार लकड़ी की बड़ी खेप पकड़ी है। चोपल थाना पुलिस ने सराहन बाजार के पास एक ट्रक से बिना परमिट के 50 देवदार के लट्ठे जब्त किए हैं। इस मामले में ट्रक चालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत 2.30 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे की गई। चोपल थाना की टीम नियमित गश्त पर थी, तभी सराहन बाजार के पास टाटा 710 ट्रक को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक में देवदार के 50 लट्ठे लदे हुए पाए गए, जिनके लिए कोई वैध परमिट नहीं था। ट्रक चालक की पहचान श्याम लाल (50 वर्ष), पुत्र दुने चंद, निवासी सराहन, तहसील चोपल, जिला शिमला के रूप में हुई है। उसके सहयोगी राहुल (29 वर्ष), पुत्र निका राम, निवासी सराहन, तहसील चोपल, जिला शिमला भी मौके पर लकड़ी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। मौके पर मौजूद वन रक्षक ने जब्त लकड़ी का मापन किया। कुल 2.923 घन मीटर लकड़ी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2,30,000 रुपये है। नियमानुसार, इस लकड़ी को सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए ट्रक, लकड़ी, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेज वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में थाना चोपल, जिला शिमला में भारतीय न्याय सहिंता व भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच चोपल पुलिस कर रही है।
सोलन में ‘चेस्टर हिल्स’ प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब इसके संचालक हंसराज ठाकुर ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर सामने आ रही कुछ जानकारियां तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ठाकुर के अनुसार, ‘चेस्टर हिल्स-2’ और ‘4’ एक वैध आवासीय परियोजना है, जिसे सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुमतियों के तहत विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट की लागत को लेकर जो बड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से चर्चा में हैं, वे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ है। हंसराज ठाकुर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्षों की मेहनत, बैंक ऋण और निजी निवेश के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास RERA, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम सोलन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां मौजूद हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है, वहीं परियोजना से जुड़े कुछ खरीदारों और परिवारों की ओर से भी स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। ठाकुर ने आग्रह किया है कि मामले को लेकर सभी पक्ष तथ्यों के आधार पर स्थिति देखें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जानकारी का संज्ञान लिया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।आपको बता दें कि यह मामला उपायुक्त सोलन के पास है और जांच की जा रही हैं ।
शिमला जिला के थाना जुब्बल में दर्ज चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस को एक और सफलता हासिल हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा जांच के दौरान बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस ने तरुण ठाकुर (उम्र 33 वर्ष) नामक आरोपी को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी तरुण ठाकुर गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर का रहने वाला है और वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रोहड़ू शाखा में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। पुलिस जांच में पता चला कि वह मादक पदार्थ चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में संलिप्त था। उसका सीधा संपर्क पंजाब के अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेन-देन भी हुए। दरअसल, 9 फरवरी 2026 को थाना जुब्बल पुलिस ने एक स्थानीय महिला आरोपी को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। यहीं से मामले की जांच शुरू हुई। जिसके बाद 17 मार्च 2026 बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी (अमृतसर, पंजाब) को गिरफ्तार किया गया और 6 अप्रैल 2026 फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर तीन अन्य आरोपियों आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश को भी गिरफ्तार किया गया। अब 16 अप्रैल 2026 को तरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। इस संगठित चिट्टा तस्करी नेटवर्क में कुल 6 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पंजाब से सप्लाई, हिमाचल में वितरण और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की स्पष्ट कड़ियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। एसएसपी शिमला ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि नशे के खिलाफ अभियान पूर्ण रूप से जारी रहेगा। आरोपी तरुण ठाकुर को आज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर से करवट बदलने वाला है। आज सुबह से ही प्रदेश के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही मौसम खराब है। मौसम विभाग ने 4 जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में शुक्रवार को भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इन जिलों में कुछेक स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ आंधी-तूफान चलने का भी पूर्वानुमान है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर 20 अप्रैल तक रहेगा। शनिवार और रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिलों में ओलावृष्टि-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। 19 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से एक्टिव होगा। इस दिन अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश और आंधी चलने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा। इस दिन अधिक ऊंचे इलाकों में ही मौसम खराब रहेगा। 21 अप्रैल से मौसम साफ हो जाएगा। इस दौरान लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात भी देखने को मिल सकता है, जबकि निचले व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश होगी। इससे तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आएगी। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रदेश में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग चल रही है। फ्लावरिंग के दौरान मौसम का साफ रहना जरूरी होता है। बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि नुकसानदायक होती है। राज्य के कई क्षेत्रों में पहले ही ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान हो चुका है।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कैबिनेट मीटिंग होगी। पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले हो रही इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष का बजट पारित होने के बाद यह पहली कैबिनेट मीटिंग है। पंचायत चुनाव के दृष्टिगत कैबिनेट में आम जनता को लाभ पहुंचाने से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं, क्योंकि 20 अप्रैल के बाद राज्य में कभी चुनाव आचार संहित लग सकती है। साथ ही कैबिनेट में शिमला से तारादेवी तक प्रस्तावित 13.79 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा हो सकती है। 1734 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की लागत अब बढ़कर 2296 करोड़ रुपए हो चुकी है। केंद्र सरकार और नेशनल डेवलपमेंट बैंक से लागत बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद अब कैबिनेट में इसके क्रियान्वयन की रणनीति और चरणबद्ध योजना पर फैसला लिया जा सकता है। वही कैबिनेट में विभिन्न विभागों में भर्तियों को लेकर भी मंजूरी मिल सकती है। खासकर, स्वास्थ्य और वन विभाग में नई भर्तियों के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सीएम की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट मीटिंग में 50 से कम एनरोलमेंट वाले 11 कॉलेज और पांच से कम छात्र संख्या वाले 108 स्कूलों को साथ लगती पाठशाला में मर्ज करने का फैसला भी हो सकता है। इससे पहले शिक्षा विभाग कैबिनेट में प्रेजेंटेशन देगा।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। दरअसल पुलिस ने कुमारसेन अफीम मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो चाय की दुकान की आड़ में नशे का कारोबार कर रही थी। बता दें कि हाल ही में कुमारसेन पुलिस ने 9.28 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले की गहराई से जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस सोलन जिले के कंडाघाट पहुंची। वहां "लक्ष्मी टी स्टॉल" चलाने वाली 46 वर्षीय लक्ष्मी को हिरासत में लिया गया। लक्ष्मी मूल रूप से नेपाल के लमजुंग जिले की रहने वाली है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि लक्ष्मी एक संगठित ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थी। वह पहले पकड़े गए तस्करों को अफीम सप्लाई करती थी और उनकी मुख्य होलसेल डीलर थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 2.039 किलोग्राम अफीम भी बरामद की है। इस पूरे मामले में अब तक कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। और कुल 11.5 किलोग्राम अफीम जब्त की गई है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की जांच लगातार जारी है।
शिमला जिला के ठियोग क्षेत्र में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना ठियोग पुलिस ने 8.340 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को एक विश्वसनीय स्रोत से सूचना प्राप्त हुई कि ठियोग के पास एक स्विफ्ट डिज़ायर गाड़ी सड़क किनारे खड़ी है, जिसमें कुलदीप वर्मा निवासी गांव नलेहा, तहसील ठियोग, चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली। इस दौरान आरोपी के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद किया गया। इस मामले में थाना ठियोग में अभियोग संख्या 48/2026, दिनांक 12 अप्रैल 2026 को धारा 21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 16 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस द्वारा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पहले एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया और बाद में जांच के दौरान मुख्य सप्लायर को भी पकड़ लिया। यह मामला एफआईआर नंबर 26/26 दिनांक 15 मार्च 2026, धारा 21-61-85 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना रोहडू में दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, 15 मार्च को पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 9.17 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान सार्थक (29) निवासी गांव समाला, तहसील रोहडू, जिला शिमला के रूप में हुई, जिसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और टेलीकॉम रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि रोहडू और चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा तस्करी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में अमित गुप्ता (30), निवासी जिला बाराबांकी (उत्तर प्रदेश) की पहचान हुई। बताया गया कि आरोपी लखनऊ से नेटवर्क संचालित करते हुए स्थानीय युवकों के माध्यम से ‘लोकेशन बेस्ड डिलीवरी’ के जरिए नशे की सप्लाई करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लखनऊ भेजी गई, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद लगातार प्रयास करते हुए पुलिस ने 11 अप्रैल 2026 को उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश कर 14 अप्रैल 2026 तक का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच में जुटी हुई है।
जिला शिमला पुलिस ने नशे के विरुद्ध चलाए अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर-राज्यीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है। पुलिस ने 34.440 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद कर मुख्य आरोपियों सहित नेटवर्क के अन्य सदस्य को भी गिरफ्तार किया है। थाना ठियोग की पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। उन्हें सूचना मिली कि मतियाना क्षेत्र में एक बोलेरो कैंपर में कुछ व्यक्ति मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त में संलिप्त हैं। आरोपियों कि पहचान चांद प्रकाश पुत्र हरी सिंह, निवासी गांव दरमोह, डा0 खरगा, तह0 निरमंड, जिला कुल्लू, हि.प्र., उम्र 32 वर्ष, विजय कुमार पुत्र राम चंद, निवासी गांव न्यूकुंडर, डा0 सुघा, तह0 निरमंड, जिला कुल्लू, हि.प्र., उम्र 23 वर्ष अभिषेक पुत्र किशोरी लाल, निवासी गांव दांसा, डा0 खमाड़ी, तह0 ननखड़ी, जिला शिमला, हि.प्र., उम्र 24 वर्ष, कैलाश पुत्र हरी सिंह, निवासी गांव दरमोह, डा0 खरगा, तह0 निरमंड, जिला कुल्लू, हि.प्र., उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई। मामले की आगामी जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास, तकनीकी विश्लेषण एवं गहन पूछताछ के आधार पर बैकवर्ड लिंकज की जांच कर उनका पता लगाया गया, जिसके फलस्वरूप चिट्टे की इस खेप के सप्लायर आरोपी शिवदेव सिंह पुत्र मिठू सिंह, निवासी गांव बछौंआ, तह0 व जिला मानसा, पंजाब, उम्र 30 वर्ष को भी आज गिरफ्तार किया गया है। उक्त आरोपी को शिमला पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा पंजाब के मानसा जिला से गिरफ्तार कर ठियोग लाया गया है। जहां इसे माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर शिमला में 11 अप्रैल, 2026 तक चलने वाली साउथ एशियन यूथ टेबल टेनिस चैम्पियनशिप-2026 का शुभारम्भ किया। इस प्रतियोगिता में पांच देशों भारत, श्रीलंका, मालद्वीप, बांग्लादेश और नेपाल के 100 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार का आयोजन पहली बार हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत बना रही है ताकि युवा खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। उन्होंने कहा कि खेल से अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है। खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक युवा सेवाएं एवं खेल शिवम प्रताप सिंह, एशियन टेबल टेनिस यूनियन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शेखर गौतम, हिमाचल प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष टी.पी. चोपड़ा, महासचिव अधीश राणा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के पास से 40 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है। यह कार्रवाई डाउनडेल, शिमला में की गई। पुलिस की स्पेशल सेल टीम 5 अप्रैल, 2026 को सदर थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि रेखा (लगभग 40 वर्ष), जो मोलिजागरा, मनीमाजरा की निवासी है, कोडी बस्ती डाउनडेल, शिमला में हेरोइन बेच रही है। सूचना मिलने के बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई की। डाउनडेल में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एक महिला पुलिसकर्मी ने आरोपी रेखा के पर्स की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पर्स से 40 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर सील कर दिया गया और सभी कानूनी औपचारिकताएं मौके पर पूरी की गईं। इस संबंध में थाना सदर शिमला में 6 अप्रैल, 2026 को धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों से जुड़े 30 मार्च 2026 के संशोधन नियमों पर रोक लगाने के बाद सरकार हरकत में आ गई है। आदेश CWPIL 32/2026 मामले में आया है। कोर्ट ने आरक्षण रोस्टर पुराने नियमों (पंचायती राज अधिनियम 1994) के अनुसार ही तैयार करने के आदेश दिए हैं। अब पंचायती राज विभाग ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को आज ही नया रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए। डीसी को 5 प्रतिशत रोस्टर बदलाव का अधिकार देने वाली नोटिफिकेशन को वापस ले लिया है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले ने एक सनसनीखेज सच उजागर कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी रूबल चौहान की कहानी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। रूबल चौहान हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र की टिक्कर तहसील के थाना गांव का रहने वाला है। एक समय वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और एक शिक्षित व सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके दादा दिल्ली के संसद भवन में कार्यरत रह चुके हैं, जबकि पिता सुरेंद्र चौहान दिल्ली में निजी व्यवसाय करते हैं। उसकी शुरुआती पढ़ाई कोटखाई क्षेत्र में हुई, जिसके बाद वह चंडीगढ़ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान वह नशे की गिरफ्त में आ गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रूबल हमले को अंजाम देने वाली गैंग के संपर्क में आया और उनके साथ “चिट्टा” का सेवन करने लगा, जिसने धीरे-धीरे उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। इस मामले में अब तक सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें मुख्य आरोपी गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह भी शामिल हैं। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि नशा कैसे एक होनहार युवा को अपराधी बना सकता है और उसके पूरे भविष्य को बर्बाद कर देता है।
कोटखाई थाना में 25.03.2026 को एक मामला दर्ज किया गया। यह मामला शिकायतकर्ता मोरियन की शिकायत पर पंजीकृत किया गया। शिकायत के अनुसार, बास्केटबॉल टूर्नामेंट के दौरान हुई कहासुनी के बाद शाम करीब 5 बजे कॉलेज के बाहर कुछ युवकों ने शिकायतकर्ता और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आई। पुलिस ने मामले में 6 आरोपितों से पूछताछ कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। आरोपितों में साहिल राठौर, अभय सिंह राणा, ऋतांश, शिवांश, शिवांश ठाकुर और विकास शामिल हैं। इस मामलें को अभियोग संख्या 33/2026 के तहत धारा 115(2), 191(2), 190 BNS के अंतर्गत दर्ज किया गया है। यह मामला शिकायतकर्ता मोरियन की शिकायत पर पंजीकृत किया गया। मामले में अन्वेषण जारी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया। इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पैट स्कैन सुविधा रोगों का प्रारंभिक स्तर पर, मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे सीटी और एमआरआई की तुलना में, जो बाद के चरणों में संरचनात्मक बदलाव दिखाती हैं, पैट तकनीक बहुत पहले ही शारीरिक परिवर्तनों का पता लगा लेती है। यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण और पुनः मूल्यांकन, उपचार के प्रभाव का आकलन, बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह तकनीक मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड कारसिनोमा, लंग्स कारसिनोमा, प्लूरल मैलिगनेंसिज़, थाइमिक ट्यूमर, इसोफेगोगेसट्रिक कारसिनोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर, ब्रेस्ट कारसिनोमा, कोलोरेक्टल कारसिनोमा तथा यूरोलॉजिकल एवं टेस्टिकूलर मैलिगनेंसिज़ के निदान और प्रबंधन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। नई तकनीकों और ट्रेसर के विकास के साथ, ऑन्कोलॉजी में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑन्कोलॉजी के अलावा, पैट स्कैन का उपयोग अब हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, संक्रमण और सूजन संबंधी रोगों के आकलन में भी किया जा रहा है, विशेषकर उन मामलों में जहां पारंपरिक इमेजिंग से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस प्रमुख संस्थान में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का भी शुभारम्भ किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी ताकि लोगों को उनके घर के पास ही सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने आईजीएमसी शिमला में स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की भी घोषणा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा व संजय अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने आज राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह समारोह जिला किन्नौर के रिकांग पिओ पुलिस मैदान में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समयबद्ध और प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और मुख्य सचिव को अपने-अपने जिलों में की जा रही तैयारियों के बारे में अवगत करवाया। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन सेवाओं की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठने की उचित व्यवस्था, मंच प्रबंधन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को भी कहा। मुख्य सचिव ने आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
जिला शिमला में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। जिला पुलिस ने आईएसबीटी टूटीकंडी में हरियाणा के आरोपी से 288 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। जिसकी कीमत 10 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी की पहचान शमशाद अहमद (उम्र 42 वर्ष), निवासी जिला अंबाला, हरियाणा के रूप में हुई। पुलिस ने बालूगंज थाना में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम, मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु आईएसबीटी शिमला क्षेत्र में गश्त पर तैनात थी। इस दौरान टीम को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति कैरी बैग में भारी मात्रा में चिट्टा (हेरोइन) लेकर आईएसबीटी के प्रथम तल पर घूम रहा है और यहां के स्थानीय युवाओं को बेचने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए गए हुलिये के अनुसार संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उससे पूछताछ की। गवाहों की उपस्थिति में उसके कैरी बैग की तलाशी लेने पर 288 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले के हर पहलु की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद करते हुए शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और सरकारी संस्थानों में गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए छात्र जीवन और विश्वविद्यालय के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि 17 वर्ष की आयु में कक्षा प्रतिनिधि के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद उन्होंने एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। आगे चलकर वे नगर निगम शिमला के पार्षद और फिर नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री पद तक पहुंच सकता है, जिसका उदाहरण उनकी अपनी जीवन यात्रा है। उन्होंने छात्रों को राजनीति में सक्रिय भागीदारी और जनसेवा के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, सुरेश कुमार, हरीश जनारथा, विवेक शर्मा और प्रो. शशिकांत शर्मा भी मौजूद रहे।
जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र में काफी समय से एक महिला नशे की छोटी-छोटी मात्रा की तस्करी में संलिप्त थी, जो मुकदमा जमानती होने का फायदा उठाकर लगातार इस गतिविधि में लगी हुई थी। आरोपी महिला के खिलाफ अभियोग संख्या 19/2023, थाना रोहड़ू, जिला शिमला में धारा 20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत 31.27 ग्राम चरस की बरामदगी के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी महिला की पहचान सावरनु, निवासी समाला, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला के रूप में हुई थी। उक्त प्रकरण में आरोपी को विधि अनुसार धारा 41A दंड प्रक्रिया संहिता के तहत नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपी द्वारा नोटिस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्तता जारी रखी गई तथा उसके विरुद्ध एक अन्य मामला अभियोग संख्या 151/2025, धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया। उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पुलिस थाना रोहड़ू द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष धारा 41A दंड प्रक्रिया संहिता के तहत जारी नोटिस को निरस्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे माननीय न्यायालय द्वारा स्वीकार करते हुए नोटिस निरस्त कर दिया गया। इसके उपरांत आरोपी को अभियोग में गिरफ्तार कर लिया गया।
मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला शिमला पुलिस ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, सतर्कता एवं साहस का परिचय देते हुए एक महिला को सतलुज नदी में डूबने से बचाकर नया जीवन प्रदान किया है। दिनांक 31.03.2026 मंगलवार को लगभग 12:59 बजे थाना रामपुर को सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला बजीर बावड़ी पुल से सतलुज नदी में छलांग लगाने का प्रयास कर रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी टीम सहित तुरंत मौके के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम के पहुंचने के साथ ही उक्त महिला ने नदी में छलांग लगा दी। मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों द्वारा बिना समय गंवाए बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। पुलिस टीम के एक पुलिस कर्मी सतपाल, आरक्षी, ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए स्वयं सतलुज नदी में छलांग लगाई और महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया, जबकि अन्य कर्मियों द्वारा भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया। उक्त महिला की पहचान अशोक कुमारी (उम्र 44 वर्ष), निवासी निरमंड, जिला कुल्लू के रूप में हुई है। महिला को तत्काल खनेरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है तथा उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। यह घटना पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा का सशक्त उदाहरण है।
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार शाम को बालूगंज थाना क्षेत्र के टुटू इलाके में कुल्लू जिले के दो युवकों से 1.055 किलोग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक अपनी गाड़ी में चरस की डिलीवरी देने शिमला आए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उनकी गाड़ी की जांच की। तलाशी के दौरान उनके पास से एक कैरी बैग मिला, जिसमें अलग-अलग छोटे पैकेटों में कुल 1 किलो 55 ग्राम चरस रखी हुई थी। आरोपियों की पहचान कमलेश कुमार (35 वर्ष), निवासी मशाडा, कुल्लू, इन्द्रजीत (28 वर्ष), निवासी मशाडा, कुल्लू के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में बालूगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब इस चरस के स्रोत और आगे के तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है।
भाजपा नेता एवं विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को डराने और गुमराह करने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह झूठ पर आधारित राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कांग्रेस जिस प्रकार की बयानबाजी कर रही है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। डॉ. जनक राज ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेब आयातक है और 2024-25 में लगभग 5.57 लाख मीट्रिक टन सेब का आयात हुआ, जो घरेलू उत्पादन का करीब 21.9% है । इसके बावजूद केंद्र सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं जिससे हिमाचल के सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ हुए समझौते में सेब आयात के लिए सीमित कोटा (TRQ) रखा गया है, जो मौजूदा आयात से भी कम है और इसे 10 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। साथ ही न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) ₹80 प्रति किलो निर्धारित किया गया है, जिससे सस्ते विदेशी सेब भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। डॉ. जनक राज ने आगे कहा कि विदेशी सेब की वास्तविक कीमत केवल आयात मूल्य तक सीमित नहीं होती। जब इसमें ढुलाई (transportation), कोल्ड स्टोरेज और अन्य लॉजिस्टिक लागतें जुड़ती हैं, तो यह फल मंडियों तक पहुंचते-पहुंचते ₹120 से ₹150 प्रति किलो तक पहुंच जाता है, जो कि हिमाचल प्रदेश के स्थानीय सेब से कहीं अधिक महंगा है। ऐसे में यह साफ है कि विदेशी सेब भारतीय बाजार में सस्ते विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि प्रीमियम श्रेणी में ही उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड और अमेरिका के साथ भी जो व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, उनमें केवल प्रीमियम सेगमेंट के महंगे सेब ही आयात होंगे, जिससे घरेलू सेब उत्पादकों की कीमतों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह आयात घरेलू बाजार को संतुलित रखने में मदद करेगा। डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस के पास न तो तथ्यों की समझ है और न ही किसानों के प्रति कोई संवेदनशीलता। केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेब बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और उत्पादन बढ़ाने, तकनीक सुधारने तथा किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अंत में उन्होंने कहा कि हिमाचल का बागवान अब जागरूक है और कांग्रेस के झूठ को पहचान चुका है। भाजपा सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला शिमला के झाकड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत राई खड्ड में मिले संदिग्ध शव के मामले को पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। शुरुआती तौर पर हादसा या संदिग्ध मौत माने जा रहे इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मृतक की हत्या उसके सगे छोटे भाई ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। 30 मार्च 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि राई खड्ड स्थित श्मशान घाट के पास एक व्यक्ति बेसुध अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अनिल कुमार, निवासी गांव सराहन (रामपुर, शिमला) के रूप में हुई। शुरुआती जांच के दौरान मृतक के चेहरे और शरीर पर गहरे चोट के निशान और खून के धब्बे पाए गए, जिससे मामला हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (SFSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के छोटे भाई 34 वर्षीय विक्रम की गतिविधियों पर संदेह हुआ। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पूछताछ के आधार पर जब उसे हिरासत में लिया गया, तो उसने जल्द ही सच कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात दोनों भाई साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी पुरानी रंजिश को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। नशे और गुस्से में आकर विक्रम ने अपने बड़े भाई अनिल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शव का पोस्टमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सराहन में करवाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और हत्या को अंजाम देने के तरीके का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।
राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में आज पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदेशभर से आए पेंशनरों ने अपनी लंबित देनदारियों का भुगतान न होने और बजट में राहत की घोषणा न किए जाने पर नाराज़गी जाहिर की। इस दौरान चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें राहत नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पेंशनर इससे पहले भी कई बैठकों के माध्यम से सरकार को चेतावनी दे चुके थे। प्रदर्शन के दौरान चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने विधायक प्रकाश राणा और विधायक रीना कश्यप की गाड़ी को भी रोक लिया। इसके चलते दोनों विधायकों को चौड़ा मैदान से विधानसभा तक पैदल जाना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतों के विभाजन, सृजन और पुनर्गठन से जुड़े उन सभी ड्राफ्ट प्रस्तावों और अधिसूचनाओं पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिन्हें राज्य चुनाव आयोग की मंजूरी प्राप्त नहीं थी। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 13 फरवरी 2026 के बाद शुरू किए गए सभी नए प्रस्ताव फिलहाल प्रभावी नहीं माने जाएंगे। यह आदेश ‘महिला मंडल ग्राम घुरत’ से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। अदालत ने कहा कि 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना और आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत बिना राज्य चुनाव आयोग की अनुमति के पंचायत पुनर्गठन की कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 13 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक लंबित न रहने वाले प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद जारी की गई सभी अधिसूचनाएं तब तक अमान्य मानी जाएंगी, जब तक उन्हें चुनाव आयोग से विशेष छूट नहीं मिल जाती। सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि अब तक ऐसे 53 मामलों की सूची तैयार की गई है, जिन्हें सरकार के अनुरोध पर 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना से छूट दी गई है। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243 और 243 (जेड-ए) के तहत अपने अधिकारों का हवाला दिया। वहीं, राज्य सरकार ने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अदालत ने सरकार को 28 मार्च तक चुनाव आयोग से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने या निर्णय लेने का अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की गई है।
शिमला जिले के सुन्नी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बसंतपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। बिहार के 25 वर्षीय प्रवासी मजदूर राम प्रवेश राम उर्फ कुटुम्ब की निर्मम हत्या कर उसके शव को खेत में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य दो साथी अभी फरार हैं। राम प्रवेश राम पुत्र चतुरी राम, निवासी जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), बसंतपुर में अपने दो-तीन साथियों के साथ किराए के कमरे में रहता था। वह आरसीसी के पक्के मकान बनाने का मजदूरी का काम करता था। 3-4 मार्च 2026 की रात होली के त्योहार के दौरान इन युवकों के बीच आपसी झगड़ा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी झगड़े के दौरान अरुण कुमार और उसके साथियों ने राम प्रवेश की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बसंतपुर क्षेत्र के एक खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया ताकि कोई सबूत न मिले। युवक के फोन स्विच ऑफ होने और लापता होने की सूचना पर 15 मार्च 2026 को उसके पिता चतुरी राम ने सुन्नी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की छानबीनपुलिस ने गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर गहन छानबीन शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय पूछताछ से पता चला कि हत्या उसी रात हुई थी और आरोपी अरुण कुमार (31 वर्ष, निवासी देवी छपरा, जिला पूर्वी चंपारण, बिहार) मुख्य संदिग्ध है। 23 मार्च 2026 को खेत से शव बरामद किया गया, जिसकी शिनाख्त मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने की। विशेष पुलिस टीम ने 25 मार्च 2026 को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अन्य दो आरोपी विकेश कुमार और महेश कुमार भी फरार हैं। उनके खिलाफ छापेमारी जारी है। सुन्नी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच के हर पहलू पर काम किया जा रहा है। आरोपी अरुण ठेकेदारी का काम करता था और बसंतपुर में ही एक पक्के मकान का ठेका लिया हुआ था। सभी आरोपी बिहार के रहने वाले थे और शिमला में मजदूरी करते थे। इस घटना से बसंतपुर और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रवासी मजदूरों में भी आक्रोश है। पुलिस ने मामले में हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
शिमला में फिरौती और लूटपाट के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 20-03-2026 को शिकायतकर्ता आर्यन चौहान की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि तारापुर सड़क पर तीन संदिग्धों ने गाड़ी (HP 58A-1965) से उतरकर उनके साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने उक्त गाड़ी का इस्तेमाल किया था, जिसे उसी दिन मशोबरा क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि गाड़ी के चेसिस नंबर, इंजन नंबर सहित पहचान के सभी निशान मिटा दिए गए थे और नंबर प्लेट भी फर्जी थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 23-03-2026 को चरणजीत सिंह (48) और ताशी नेगी (45) को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की जांच जारी है।
सीएम सुक्खू द्वारा शनिवार को प्रदेश का बजट पेश किया गया। जिसकी सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय NSUI के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास ने कहा कि सीएम सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट अत्यंत सराहनीय एवं दूरदर्शी है। विशेष रूप से यह बजट उस परिस्थिति में प्रस्तुत किया गया है, जब RDG की ग्रांट समाप्त हो चुकी है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ₹54,928 करोड़ का बजट प्रस्तुत कर “आत्मनिर्भर हिमाचल” का स्पष्ट संदेश दिया है। इस बजट में युवाओं के लिए नए पद सृजित कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने का सराहनीय प्रयास किया गया है। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने हेतु अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। एंटी चिट्टा अभियान को ब्लॉक स्तर पर ले जाना भी एक सराहनीय कदम है। कुल मिलाकर, यह बजट विकासोन्मुख, जनकल्याणकारी तथा राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गवर्नमेंट कॉलेज, संजौली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत शिवानी कपरेट को आउटस्टैंडिंग वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया, जिसका संयुक्त आयोजन आईसीएफआरई-एचएफआरआई, शिमला तथा मेडिसिनल प्लांट बोर्ड, आरआरएस, हिमाचल प्रदेश और आईएसएएचआरडी सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। बता दें कि शिवानी कपरेट ने हनी आधारित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स पर शोध किया है, जो चिकित्सा और औषधीय उपयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिवानी द्वारा 11 शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित है और 1 पेटेंट भी इस विषय में उनके नाम पर दर्ज है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण बुधवार से शुरू होगा। सत्र के लिए 834 प्रश्न पहुंचे हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 11वें सत्र का दूसरा चरण पूर्वाह्न 11:00 बजे शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा। दूसरे चरण में 13 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18, 19 और 20 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी और मुख्यमंत्री 20 मार्च को चर्चा का जवाब देंगे। 21 मार्च को पूर्वाह्न 11 बजे मुख्यमंत्री सुक्खू बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सदन में पेश करेंगे। 23, 24 व 25 मार्च को बजट अनुमानों पर चर्चा होगी। 27, 28 व 30 मार्च को बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 की मांगों पर चर्चा एवं मतदान होगा। 30 को ही बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2026-27 की मांगों पर चर्चा एवं मतदान और विमर्श एवं पारण होगा। 31 मार्च को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस, एक व दो अप्रैल को भी शासकीय एवं विधायी कार्य होंगे। पठानिया ने सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की। भाजपा विधायक बुधवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान सरकार को चुनावी और बजट घोषणाएं पूरी नहीं होने पर घेरेंगे। मंगलवार शाम को विली पार्क शिमला में नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में कांग्रेस सरकार की नीतियों, प्रशासनिक विफलताओं और जनविरोधी फैसलों पर चर्चा हुई। सरकार की विफलताओं को सदन में जोरदार तरीके से उठाने का फैसला लिया गया। विधायकों ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
जिला पुलिस शिमला द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना कुमारसेन थाना में अभियोग संख्या 20/2026, दिनांक 12 मार्च 2026 को ND&PS Act की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान पुलिस ने 12.36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। प्रारंभिक कार्रवाई में तीन आरोपियों राहुल लारजु (27 वर्ष) निवासी गांव व डाकघर बौन्डा, तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.), शुभम खन्ना (31 वर्ष) निवासी गांव ढेऊ, डाकघर सराहन, तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.), विकास मिन्ज (26 वर्ष) निवासी तेलीगाना मंगपदा, डाकघर विरानगटोली, तहसील कुटरा, जिला सुन्दरगढ़, ओडिशा को गिरफ्तार किया गया था। मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की पड़ताल करते हुए नशे की आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर संजय उर्फ गांजी, निवासी मौली जागरा कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ है। जिला पुलिस शिमला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है तथा मामले की जांच आगे भी जारी है।
शिमला शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नए निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, शहर में सभी लोग अपने दैनिक कार्यों, कार्यालय जाने तथा बच्चों के स्कूल जाने के लिए विभिन्न वाहनों का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों से लोगों के घर लौटने के दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस संदर्भ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा सभी थाना प्रभारियों (SHO) को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे पीक आवर्स के दौरान यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु स्वयं ट्रैफिक संचालन की कमान संभालेंगे। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि विभिन्न बाधा बिंदुओं (बॉटलनेक्स) पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की चुनौती को देखते हुए शिमला शहर के सभी SHO प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तथा दोपहर बाद 04:30 बजे से 06:00 बजे तक व्यक्तिगत रूप से यातायात व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद अब सभी SHO सुबह और शाम की व्यस्त अवधि के दौरान शिमला ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं तथा जाम की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर रहे हैं, जिससे सुगम ट्रैफिक संचालन मजबूत हो रहा है।
हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए। होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं। कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में आज गर्मी और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार है। मौसम विभाग ने राज्य के 3 जिले कांगड़ा, मंडी और सोलन में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि लाहौल स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। राज्य में आज रात से एक फ्रेश वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार- कल (रविवार को) पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसे देखते हुए ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 16 मार्च को भी पूरे हिमाचल में मौसम खराब बना रहेगा और कई जगहों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद 17 मार्च को यह सिस्टम कुछ कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन राहत ज्यादा देर तक नहीं रहेगी। वंही 18 और 19 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होगा। इन 2 दिनों के दौरान भी पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। लगातार बदलते मौसम के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने हीटवेव अलर्ट को देखते हुए लोगों को दिन के समय धूप से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि मौसम में यह गर्मी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी।
शिमला पुलिस ने न्यू शिमला से एक करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ा है। एएसपी अभिषेक ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब के युवक और सिरमौर की युवती से 11.57 ग्राम एलएसडी(लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड ) बरामद किया गया है। यह प्रतिबंधित ड्रग है और इसमें 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। एएसपी अभिषेक ने बताया आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड यानी एलएसडी एक मादक पदार्थ है जिसमें सिंथेटिक केमिकल होता है। इसका ना कोई रंग होता है, न कोई खुशबू और न ही कोई स्वाद लेकिन इसका नशा बेहद खतरनाक होता है। बताया जाता है कि इसे लेने के 15 से 20 मिनट में नशा शुरू हो जाता है और लंबे समय तक रहता है। इस नशे से कई तरह की समस्याएं धड़कनें बढ़ना, ब्लड प्रेशर की समस्या, नींद और भूख गायब होना, घबराहट महसूस होती है। यहां तक कि हार्ट अटैक भी आ सकता है। ये लिक्विड, पाउडर और ब्लॉट्स तीनों रूप में मिल जाती है।
हिमाचल प्रदेश के प्रीमियम हेल्थ इंस्टीट्यूट इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में आज रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू 11 बजे इसका शुभारंभ करेंगे। इस दौरान सीएम रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन भी देखेंगे। इसके बाद IGMC शिमला में प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। IGMC प्रशासन के अनुसार- पहले दिन सर्जरी विभाग के ट्रेंड डॉक्टर रोबोटिक तकनीक से 3 सर्जरी करेंगे। इनके लिए विभाग के चार डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये ऑपरेशन दक्ष सर्जनों की देखरेख में किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शिमला स्थित KNH अस्पताल से रेफर की गईं दो महिला मरीजों के गायनी से संबंधित सामान्य ऑपरेशन भी आईजीएमसी में ही किए जाएंगे। IGMC में रोबोटिक सर्जरी के लिए नया ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है। अस्पताल में 30 बिस्तरों का एक विशेष वार्ड भी बनाया गया है, जिसमें ऑक्सीजन सहित सभी आवश्यक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार ने आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से रोबोटिक मशीन स्थापित की है। इस तकनीक में बहुत छोटे चीरे लगते हैं, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और उसकी रिकवरी भी तेजी से होती है। मुख्यमंत्री सुक्खू रोबोटिक सर्जरी का शुभारंभ करने के बाद आईजीएमसी में 'राइट टू जस्टिस: एक्शन फॉर ऑल वुमन एंड गर्ल्स' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। आईजीएमसी के एमएस डॉ. राहुल राव ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के शुभारंभ के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज रोबोटिक तकनीक से कुल पांच ऑपरेशन किए जाएंगे। राज्य सरकार इससे पहले अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू कर चुकी है।"
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला के अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) टूटीकंडी से प्री-पेड टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इस नई सुविधा के तहत यात्री आईएसबीटी टूटीकंडी स्थित प्री-पेड टैक्सी काउंटर से टैक्सी बुक कर सकेंगे। व्यवस्था के अनुसार यात्री काउंटर पर निर्धारित किराया जमा करेंगे, जिसके बाद उन्हें एक भुगतान पर्ची दी जाएगी। यह पर्ची टैक्सी चालक को दिखाना अनिवार्य होगा। इसके बाद चालक यात्री को उनके निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाएगा। यात्रा पूरी होने के बाद चालक उसी पर्ची को काउंटर पर जमा कर अपना भुगतान प्राप्त करेगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को किराए को लेकर किसी प्रकार की असुविधा या विवाद का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि किराया पहले ही अदा किया जा चुका होगा। प्री-पेड टैक्सी सेवा के तहत शिमला शहर के भीतर 26 स्थानों को कवर किया जाएगा। इसके अलावा चंडीगढ़ शहर और चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इस सेवा में शामिल हैं। इस सेवा के संचालन के लिए कुल 115 वाहन लगाए गए हैं, जिनका संचालन टैक्सी यूनियन द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल टैक्सी सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, क्योंकि किराया दरें परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचित की गई हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला से चंडीगढ़ के लिए चलने वाली प्री-पेड टैक्सियों के किराये में संशोधन करते हुए नई दरें अधिसूचित कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आईएसबीटी शिमला से चंडीगढ़ सिटी तक प्री-पेड टैक्सी का किराया 3000 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम किराया 5000 रुपये तक लिया जा सकेगा। वहीं आईएसबीटी शिमला से चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक प्री-पेड टैक्सी का किराया 3500 रुपये तय किया गया है और इसका अधिकतम किराया 5500 रुपये निर्धारित किया गया है। परिवहन विभाग के अनुसार यह संशोधित दरें प्वाइंट-टू-प्वाइंट आधार पर लागू होंगी, जिससे यात्रियों को पहले से तय किराए की सुविधा मिलेगी और अधिक किराया वसूलने की शिकायतों पर रोक लगेगी। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
एसजेवीएन के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन ने 150 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस उपलक्ष्य पर भूपेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन की टीम को 150 बिलियन यूनिट के संचयी विद्युत उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी। साथ ही देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन, एनजेएचपीएस ने आज इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को पार करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अपने महत्वपूर्ण योगदान तथा नेशनल पावर ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में अपनी अहम भूमिका को मजबूत करने की पुष्टि की। इस अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) की उपस्थिति में एनजेएचपीएस पावर हाउस में समारोह आयोजित किया गया। विकास मारवाह, परियोजना प्रमुख, आरएचपीएस, विकास शर्मा, परियोजना प्रमुख, एलएचईपी-I व मनमीत गुप्ता, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, एसजेवीएन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। भूपेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मई 2004 में अपनी कमीशनिंग के उपरांत नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने निरंतर उत्कृष्ट प्रचालन विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “यह उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो भरोसेमंद हरित ऊर्जा उपलब्ध करवाते हुए पीक डिमांड पीरियड में ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करता है। उन्होंने आगे बताया कि एनजेएचपीएस के निष्पादन को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों द्वारा चिह्नित किया गया है। एनजेएचपीएस ने वित्तीय वर्ष 2011–12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, तत्पश्चात जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया। इसके अतिरिक्त, 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो इसकी अनुकूल हाइड्रोलॉजिक परिस्थितियों का सर्वोत्तम उपयोग करने की क्षमता को भी दर्शाता है। अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन ने नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन से जुड़े सभी वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने क्षेत्र में विकास और आर्थिक प्रगति के एक नए युग का आरंभ किया है। राजीव कपूर, परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में समस्त हितधारकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के अटूट सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया। 150 बिलियन यूनिट की यह उपलब्धि प्रमुख पर्यावरणीय महत्व भी रखती है, क्योंकि यह जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन के बड़े हिस्से के प्रतिस्थापन तथा इसके परिणामस्वरूप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का द्योतक है। इस प्रकार यह स्टेशन भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांज़िशन और जलवायु प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। एसजेवीएन द्वारा संचालित एनजेएचपीएस में निरंतर व्यवस्थित आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी तथा उचित रखरखाव प्रक्रियाओं का लाभ मिलता रहा है। विद्युत उत्पादन के अतिरिक्त, इस परियोजना ने रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शिमला के फेडजीपुल में नियमित जांच के दौरान दो आरोपियों से 268 ग्राम चरस बरामद की गई। सोमवार को पुलिस स्टाफ फेडजीपुल में नियमित जांच के लिए नाका लगाए हुए थे। जांच के दौरान एक उत्तराखंड की स्कूटी नंबर फेडजीपुल की तरफ से आती हुई दिखाई दी। पुलिस को देखकर स्कूटी पर सवार दोनों व्यक्ति गुम्मा की तरफ भागने लगे, लेकिन पुलिस द्वारा उनका पीछा कर गुम्मा के पास दोनों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 268 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपियों की पहचान सूरज रावत, पुत्र वीर सिंह, निवासी गांव धोतरी उडरी, तहसील डुंडा, जिला उत्तरकाशी, उत्तराखंड तथा शिवम रावत, पुत्र संतान सिंह रावत, निवासी मकान नंबर 73, गुरु रोड़, न्यू बस्ती, पटेल नगर, देहरादून, उत्तराखंड के रूप में हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच में पाया गया कि ये दोनों आरोपी उत्तराखंड से चरस की खेप लाकर स्थानीय युवाओं को बेचने की फिराक में थे। मामले में आगामी जांच जारी है।
एचपीयू में छात्र संगठनों के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच फिर झड़प हुई। इस दौरान एक छात्र पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया गया। इस घटना में छात्र को गंभीर चोटें आई है जिसे उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामले की सूचना मिलते ही क्यूआरटी समेत बालूगंज थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच चुनाव बढ़ गया और दो गुटों के बीच झड़प हुई। 1:30 के बीच लॉ ब्लॉक में एक बार फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसी दौरान एक युवक ने दूसरे पर छुरी से हमला कर दिया। छात्र को फौरन उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल ले जाया गया, वहीं पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से लॉ डिपार्टमेंट में बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। एसएफआई जिला समिति के अध्यक्ष विवेक ने बताया कि छात्र संगठन के कार्यकर्ता पर पेट पर तेजधार हथियार से हमला किया गया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल को एचपीयू परिसर में तैनात कर दिया गया है। इस संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अनुराग शर्मा को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर एवं विधानसभा सचिव ने सोमवार को उन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी किया। अनुराग शर्मा ने नामांकन के दौरान तीन सेट दाखिल किए थे। अन्य नामांकन वापस लिए जाने के बाद वे मैदान में एकमात्र उम्मीदवार रह गए, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिया गया। निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेने के बाद शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अनुराग शर्मा के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कैबिनेट मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने नए राज्यसभा सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से संबंध रखने वाले युवा नेता अनुराग शर्मा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया था। उन्होंने 5 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल किया था। सांसद निर्वाचित होने के बाद सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। मंगलवार को वे बैजनाथ जाएंगे, जहां रास्ते में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। उल्लेखनीय है कि मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल 6 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पहले ही नए सांसद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। नामांकन वापसी के बाद अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की गई। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद अनुराग शर्मा ने विधानसभा में अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें गुलदस्ता भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उम्मीद जताई कि अनुराग शर्मा राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे और प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी करेंगे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बीते साल राष्ट्रीय सुर्खियां बनाने वाले संजौली मस्जिद मामले में सोमवार 9 मार्च को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। देश भर में चर्चित रहे इस मामले पर सोमवार को हिमाचल हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की अदालत सुनवाई करेगी। शिमला के उपनगर संजौली में अवैध रूप से मस्जिद निर्माण के इस मामले में अब मस्जिद की निचली दो मंजिलों को लेकर फैसला होना है। इससे पहले बीते साल दिसंबर महीने में उच्च न्यायालय ने मस्जिद की निचली दोनों मंजिलों को लेकर स्टेटस को यानी यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। मामला बीते साल दिसंबर महीने में हिमाचल उच्च न्यायालय पहुंचा। 3 दिसंबर 2025 को न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत में मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय मोहन गोयल ने प्रतिवादी शिमला नगर निगम को नोटिस जारी किया और 4 हफ्ते में रिप्लाई फाइल करने के लिए कहा। इस दौरान जस्टिस गोयल ने अगले आदेशों तक मस्ज़िद के ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। साथ ही वक़्फ़ बोर्ड को दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल को ध्वस्त करने के भी आदेश दिए। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने स्वयं ऊपरी तीन मंजिलें हटाने का आश्वासन दिया था जो रिकॉर्ड पर है। इस पर नगर निगम शिमला के आयुक्त ने 05 सितंबर 2024 को आदेश भी पारित किए हैं। जस्टिस अजय मोहन गोयल की अदालत ने आदेश दिए कि याचिकाकर्ता को मौके पर मौजूद संरचना की दूसरी मंजिल से ऊपर के निर्माण को जिसमें दूसरी मंजिल भी शामिल है को ध्वस्त करना होगा। इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालय के आदेशों को ऊपरी हिस्से को हटाए जाने की कार्रवाई से बचने के लिए किसी प्रकार के औजार के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। साल 2024 में राजधानी शिमला के उपनगर संजौली से अवैध मस्जिद निर्माण का मामला सामने आया था। इसको लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने संजौली में जमकर विरोध किया। इसके बाद कई सालों से नगर निगम आयुक्त के पास लंबित चल रहे संजौली मस्जिद मामला सुर्ख़ियों आया। नगर निगम की अदालत ने पूरी मस्जिद को अवैध करार देते हुए गिरने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद मामला जिला अदालत से होते हुए हिमाचल हाई कोर्ट पहुंचा है। इससे पहले जिला अदालत ने भी मामले में नगर निगम आयुक्त के आदेशों को बरकरार रखा है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ‘बेसहारा’ शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा। सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी। दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी। शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुन्नी स्थित ब्रह्मकुमारी आश्रम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण में महिला सशक्तिकरण पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यालय सचिव कमलेश शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा के चरणों में शीश नवाने और आश्रम के आध्यात्मिक माहौल का अनुभव करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और प्रेरणादायक क्षण रहा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। कमलेश शर्मा ने आश्रम की संचालिका शकुंतला दीदी का स्नेहपूर्ण आमंत्रण के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके निमंत्रण से इस पावन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने आध्यात्मिक चिंतन के साथ महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं लोकसभा में सांसद प्रियंका गांधी बीती शाम को शिमला पहुंच गई हैं। वह, शिमला के छराबड़ा में अपने घर पर ठहरी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी अगले चार-पांच दिन वहीं रुकेंगी। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी चंडीगढ़ तक हेलिकॉप्टर से पहुंचीं और वहां से सड़क मार्ग से होते हुए शिमला आईं। उनके निजी दौरे को गोपनीय रखा गया है। एक- दो दिन बाद प्रियंका गांधी हनुमान मंदिर जाखू में दर्शन को पहुंच सकती है। बता दें कि शिमला से लगभग 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा में कल्याणी हेलिपैड के पास प्रियंका गांधी ने पहाड़ी शैली में अपना घर बना रखा है। वह साल में पांच-छह बार छराबड़ा आती रही हैं। उनके साथ माता सोनिया गांधी, पति रॉबर्ट वाड्रा, भाई राहुल गांधी और बच्चे भी छराबड़ा आते रहे हैं। खासकर गर्मियों के दौरान प्रियंका गांधी का परिवार यहां कई कई दिन बिताता है। प्रियंका के दौरे को देखते हुए पुलिस ने छराबड़ा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां से आने-जाने वाले हरेक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है, क्योंकि प्रियंका के घर के साथ ही राष्ट्रपति निवासी रिट्रीट है। यहां पर लोकल समेत देशभर से शिमला आने वाले टूरिस्ट चले रहते है।
हिमाचल प्रदेश की सियासत में मार्च का महीना एक बार फिर हलचल और उम्मीदों का पैगाम लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को वर्ष 2026-27 के लिए अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। यह अवसर इसलिए भी खास है। क्योंकि इससे पहले वे लगातार तीन वर्षों तक 17 मार्च को ही बजट पेश करते रहे हैं। इस बार तारीख में बदलाव के साथ बजट को लेकर राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर उत्सुकता बढ़ गई है। विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 13 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर गहन मंथन होगा। प्रदेश में इस बार दो चरणों में पूरा होगा। विधानसभा का पहला बजट का सत्र 16 फरवरी से 18 फरवरी तक चला था। वहीं, अब विधानसभा का दूसरा बजट सत्र 18 मार्च से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ शुरू होगा। विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण में 18 से 20 मार्च तक पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट पेश करेंगे। वहीं, 22 मार्च को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 मार्च से बजट अनुमानों पर चर्चा शुरू होगी, जो 28 मार्च तक जारी रहेगी। इस दिन बजट पारित किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को अवकाश रहेगा। 30 मार्च से 2 अप्रैल तक विभिन्न विधेयक सदन में रखे जाएंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में आज फिर से शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले में अंतरिम आदेश जारी करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सरकार आज कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगी। बीते सोमवार को याचिकाकर्ता ने मेयर की नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि यह एक संवैधानिक मुद्दा है, जिस पर सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। पक्षों को बिना सुने जल्दबाजी में कोर्ट कोई भी आदेश पारित नहीं कर सकती। बता दें कि राज्य सरकार ने मेयर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच वर्ष किया है। इसके लिए बाकायदा विधानसभा के विंटर सेशन में अध्यादेश लाया गया। इस अध्यादेश को एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी। 4 दिसंबर 2025 को सरकार ने संबंधित विधेयक को विधानसभा में पारित कर राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा। जनवरी 2026 में राज्यपाल ने कुछ आपत्तियों के साथ विधेयक सरकार को लौटा दिया। सरकार ने 16 फरवरी को इसे दोबारा विधानसभा में पेश कर उसी दिन पारित कराया और पुनः राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया। फिलहाल इस पर मंजूरी लंबित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजली सोनी वर्मा ने दलील दी कि जब तक विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक मौजूदा कानून के तहत मेयर का कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। ऐसे में उनके द्वारा लिए गए निर्णय अवैध ठहराए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि इससे नगर निगम में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। याचिका में कुछ पार्षदों के निलंबन और बजट पेश किए जाने जैसे निर्णयों को भी चुनौती दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि कार्यकाल बढ़ाने संबंधी अध्यादेश को विधिवत विधानसभा में पारित किया जा चुका है और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इसी प्रकरण में कोर्ट ने पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता और सरोज ठाकुर द्वारा स्वयं को पक्षकार बनाने का आवेदन भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग तथा महापौर सुरेंद्र चौहान को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार ने एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से महापौर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने का अध्यादेश लाया।
शिमला जिले के तहत पुलिस थाना देहा क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को पुलिस थाना देहा की टीम ने गश्त के दौरान एक युवक को 5.52 ग्राम चिट्टा/हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान रोहित (25 वर्ष) पुत्र मंगत राम, निवासी गांव पालुआ, डा० चनैर, तहसील ठियोग, जिला शिमला के रूप में हुई। इस संबंध में पुलिस थाना देहा में मुकदमा संख्या 08/26 दिनांक 28/02/2026 को धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 2 फरवरी को नशे की खेप के सप्लायर अजय चौहान (37 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय प्रकाश चंद, निवासी गांव धारकालना, डा० देवठी, तहसील ठियोग, जिला शिमला को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ उक्त मुकदमे में धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी अजय चौहान को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।


















































