हिमाचल प्रदेश की सियासत में मार्च का महीना एक बार फिर हलचल और उम्मीदों का पैगाम लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को वर्ष 2026-27 के लिए अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। यह अवसर इसलिए भी खास है। क्योंकि इससे पहले वे लगातार तीन वर्षों तक 17 मार्च को ही बजट पेश करते रहे हैं। इस बार तारीख में बदलाव के साथ बजट को लेकर राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर उत्सुकता बढ़ गई है। विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 13 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर गहन मंथन होगा। प्रदेश में इस बार दो चरणों में पूरा होगा। विधानसभा का पहला बजट का सत्र 16 फरवरी से 18 फरवरी तक चला था। वहीं, अब विधानसभा का दूसरा बजट सत्र 18 मार्च से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ शुरू होगा। विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण में 18 से 20 मार्च तक पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट पेश करेंगे। वहीं, 22 मार्च को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 मार्च से बजट अनुमानों पर चर्चा शुरू होगी, जो 28 मार्च तक जारी रहेगी। इस दिन बजट पारित किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को अवकाश रहेगा। 30 मार्च से 2 अप्रैल तक विभिन्न विधेयक सदन में रखे जाएंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में आज फिर से शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले में अंतरिम आदेश जारी करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सरकार आज कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगी। बीते सोमवार को याचिकाकर्ता ने मेयर की नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि यह एक संवैधानिक मुद्दा है, जिस पर सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। पक्षों को बिना सुने जल्दबाजी में कोर्ट कोई भी आदेश पारित नहीं कर सकती। बता दें कि राज्य सरकार ने मेयर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच वर्ष किया है। इसके लिए बाकायदा विधानसभा के विंटर सेशन में अध्यादेश लाया गया। इस अध्यादेश को एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी। 4 दिसंबर 2025 को सरकार ने संबंधित विधेयक को विधानसभा में पारित कर राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा। जनवरी 2026 में राज्यपाल ने कुछ आपत्तियों के साथ विधेयक सरकार को लौटा दिया। सरकार ने 16 फरवरी को इसे दोबारा विधानसभा में पेश कर उसी दिन पारित कराया और पुनः राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया। फिलहाल इस पर मंजूरी लंबित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजली सोनी वर्मा ने दलील दी कि जब तक विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक मौजूदा कानून के तहत मेयर का कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। ऐसे में उनके द्वारा लिए गए निर्णय अवैध ठहराए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि इससे नगर निगम में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। याचिका में कुछ पार्षदों के निलंबन और बजट पेश किए जाने जैसे निर्णयों को भी चुनौती दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि कार्यकाल बढ़ाने संबंधी अध्यादेश को विधिवत विधानसभा में पारित किया जा चुका है और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इसी प्रकरण में कोर्ट ने पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता और सरोज ठाकुर द्वारा स्वयं को पक्षकार बनाने का आवेदन भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग तथा महापौर सुरेंद्र चौहान को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार ने एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से महापौर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने का अध्यादेश लाया।
शिमला जिले के तहत पुलिस थाना देहा क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को पुलिस थाना देहा की टीम ने गश्त के दौरान एक युवक को 5.52 ग्राम चिट्टा/हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान रोहित (25 वर्ष) पुत्र मंगत राम, निवासी गांव पालुआ, डा० चनैर, तहसील ठियोग, जिला शिमला के रूप में हुई। इस संबंध में पुलिस थाना देहा में मुकदमा संख्या 08/26 दिनांक 28/02/2026 को धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 2 फरवरी को नशे की खेप के सप्लायर अजय चौहान (37 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय प्रकाश चंद, निवासी गांव धारकालना, डा० देवठी, तहसील ठियोग, जिला शिमला को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ उक्त मुकदमे में धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी अजय चौहान को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
शिमला जिले के तहत थाना जुब्बल क्षेत्र में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज चार घंटे में दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02-03-2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे प्रधान ग्राम पंचायत कोट काईना दो अन्य नेपाली व्यक्तियों के साथ थाना जुब्बल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि दो नेपाली नाबालिग लड़कियां बिना बताए घर से कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया। सूचना मिलते ही थाना जुब्बल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस चौकी सरस्वती नगर और चेक पोस्ट खड़ापत्थर को भी सतर्क कर दिया गया। एएसआई अशोक कुमार अपने हमराही आरक्षी और दोनों लड़कियों के परिजनों के साथ संभावित स्थानों पर तलाश के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम ने जुब्बल, हाटकोटी और रोहड़ू क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सूचना मिलने के मात्र चार घंटे के भीतर दोनों नाबालिग लड़कियों को रोहड़ू क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों लड़कियों को सुरक्षित उनके परिवारजनों सौंप दिया गया।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी डिटेंशन ऑर्डर की अनुपालना में जिला पुलिस शिमला द्वारा एक और आरोपी नशा तस्कर को नजरबंद करने हेतु जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई दिनांक 02 मार्च 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी प्रेम राज उर्फ आईडी मैहता, उर्फ संतोष मैहता, पुत्र वीर सिंह, निवासी ग्राम जगोट, डाकघर एवं तहसील ननखड़ी, जिला शिमला (हि.प्र.) को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मुकाम जगोट (ननखड़ी) में विधिवत डिटेंशन ऑर्डर के आधार पर हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जिला सुधार गृह कैथू, शिमला भेज दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नशा तस्करी पर कठोर अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उक्त व्यक्ति पूर्व में भी NDPS अधिनियम, 1985 के अंतर्गत कई मामलों में संलिप्त रह चुका है। आरोपी को पूर्व में चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो मामलों में वह दोषसिद्ध कॉन्विक्ट हो चुका है, जबकि दो मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। शिमला पुलिस द्वारा पिछले लगभग एक महीने में 24 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा जा चुका है। जिला पुलिस शिमला नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत दृढ़तापूर्वक कार्य कर रही है।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की अधिकारी ओशिन शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट हटा दिए हैं। यह कदम हाल के विवादों और सरकार की सख्ती के बाद उठाया गया बताया जा रहा है। इससे पहले भी उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हाल में एक निजी कंपनी के उत्पाद के प्रमोशन से जुड़ा मामला सामने आने पर चर्चा तेज हो गई थी। ओशिन शर्मा वर्तमान में शिमला में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। उनकी सोशल मीडिया पर सक्रियता चर्चा का विषय थी। इसको लेकर वह विवाद में थी। विपक्ष भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा था। विधानसभा सत्र के दौरान एक बीजेपी विधायक ने बिना नाम लिए अधिकारियों की सोशल मीडिया सक्रियता पर सवाल उठाए थे। उत्पाद प्रमोशन की शिकायत मिलने के बाद मुख्य सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए। सरकार ने संकेत दिया था कि सेवा नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अब लगातार विवाद और बढ़ते दबाव के बीच अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
हज यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई है। हिमाचल से हज यात्रा पर इस बार 67 यात्री सऊदी अरब जा रहे है। हिमाचल से हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम 5 मार्च से शुरू होने जा रहा है।इसको लेकर सचिवालय में हिमाचल प्रदेश हज समिति की एक महत्वपर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026 में हज यात्रा पर जाने वाले हिमाचल प्रदेश के हाजियों से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मनोज कुमार चौहान, आईएएस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हज समिति-एवं विशेष सचिव (गृह) तथा राकेश शर्मा, वरिष्ठ कोल्ड चेन अधिकारी-एवं-्नोडल अधिकारी (हज) नेशनल हेल्थ मिशन भी उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की जानकारी दी गई, जिनका पालन हज यात्रियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण के दौरान किया जाएगा। वहीं बैठक के दौरान समिति ने सर्वसम्मति से जिला-वार हाजियों की संख्या तथा मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम भी निर्धारित किया। निर्धारित किए गए कार्यक्रम के अनुसार जिला सिरमौर के हाजियों जिनमें 2 कांगड़ा से सम्बन्ध रखते हैं' की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 5 मार्च को मिस्रवाला मरकज़, पांवटा साहिब में होगा। वहीं जिला सोलन के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 6 मार्च को नालागढ़ मरकज़ में होगी। जिला बिलासपुर के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 7 मार्च को जामा मस्जिद, रौड़ा सेक्टर जिला बिलासपुर में, मंडी व कुल्लू के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को जामा मस्जिद, भोजपुर (सुंदरनगर) में, जिला चंबा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 10 मार्च को मदनी मदरसा, गांव मसवाड़ी, डाकघर पल्यूर में तथा जिला कांगड़ा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को मस्जिद, गांव गगवाल, डाकघर बसंतपुर, तहसील इंदौरा में होगा। बैठक में अध्यक्ष की संस्तुति पर हाजी हुसैन अली (चंबा) एवं यूनुस परवेज भटटी (पांवटा साहिब) को राज्य हज प्रशिक्षक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया, जो हाजियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ मेडिकल टीमों के सहयोग हेतु कार्य करेंगे। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा मिशन निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन को व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित करने हेतू आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश हज समिति हाजियों के लिए उचित व्यवस्थाओं व सुविधाओं के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हज पर जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
शिमला पुलिस ने मारपीट मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला लीला सिंह मेहतो (आयु 52 वर्ष) निवासी ग्राम बडावाला, तहसील विकासनगर, जिला देहरादून (उत्तराखंड), वर्तमान निवासी ग्राम बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 06.12.2025 को लगभग रात 11:30 बजे, उनके पुत्र एवरेस्ट सिंह मेहतो अपने साथी अभिषेक के साथ बिथल में एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। जब वे काली मिट्टी (टाटा मोटर्स वर्कशॉप, बिथल के पास) पहुंचे, तो कुछ व्यक्तियों द्वारा उन्हें बिना किसी कारण के रोककर मारपीट की गई, जिससे एवरेस्ट सिंह मेहतो को सिर में चोट आई और उन्हें उपचार हेतु सिविल अस्पताल रामपुर ले जाया गया। इस मामले में जांच करते हुए 24.02.2026 को साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर थाना कुमारसैन पुलिस ने 3 आरोपियों दीपक पुत्र हेम राज (20 वर्ष) निवासी ग्राम तुलसीपुर, राप्ती अंचल, नेपाल, वर्तमान में बैनाल/बिथल क्षेत्र, जिला शिमला में निवासरत, दूसरा आरोपी अनिल पुत्र हीरा लाल (23 वर्ष) निवासी ग्राम घेटमा, जिला रुकुम, नेपाल, वर्तमान में बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला में निवासरत तथा तीसरा आरोपी अंकुश पुत्र प्रेम कुमार (18 वर्ष) निवासी तुर्सू, जिला डायलिख, नेपाल, वर्तमान में भद्राश, तहसील रामपुर, जिला शिमला में निवासरत है को गिरफ्तार किया गया। अब उक्त आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगामी जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस शिमला नागरिकों से अपील करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध कृत्य की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना या आपातकालीन हेल्पलाइन पर दें। सामुदायिक सहयोग से ही सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) चमियाणा परिसर में मंगलवार सुबह एक कुत्ता मानव पैर का हिस्सा मुंह में लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह इंसानी अंग अस्पताल में की गई एम्प्यूटेशन (शरीर का अंग काटने) प्रक्रिया के बाद मेडिकल वेस्ट में रखा गया था। यह किसी दुर्घटना के मामले में किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही के संबंध में सफाई सुपरवाइजर से जवाब तलब किया है। अस्पताल के स्तर पर यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि कटे हुए अंगों के निपटान की उचित व्यवस्था होती है। पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट लीलावती, बायो मेडिकल वेस्ट के नोडल अधिकारी राजेश वर्मा और मैट्रन लीला बोध को शामिल किया गया है। यह समिति मामले की पूरी जांच कर तथ्यों का पता लगाएगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए संभावित चूक की पहचान करेगी। प्रशासन के अनुसार, समिति आज शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस शिमला ने छोटा शिमला मंदिर में हुई दान पेटी चोरी के मामले का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी हुई दान पेटी तथा नकद राशि भी बरामद कर ली है। इस सम्बन्ध में थाना पूर्व (PS East) में अभियोग संख्या 16/2026 दिनांक 23.02.2026 को धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (पूर्व धारा 379 आईपीसी) के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। सूचना मिलते ही थाना पूर्व शिमला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों व स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जय प्रकाश (31 वर्ष) पुत्र जलम सिंह, निवासी गांव फागू, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान चोरी हुई दान पेटी गांव कुम्हाली (कुसुम्पटी वन क्षेत्र) के समीप से बरामद की गई। आरोपी के कब्जे से नकद राशि भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि दान पेटियों व अन्य मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा सतर्कता बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने शिमला की रहने वाली महिला से विदेश भेजने के लिए वीजा बनाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी की थी। इसकी शिकायत शिमला पुलिस थाने में की गई थी। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस थाना बालुगंज में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभियोग संख्या 205/25 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी बहन भावना को कनाडा भेजने के नाम पर आरोपियों ने करीब ₹25,00,000 की धोखाधड़ी की। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने चंडीगढ़ के समीप खरड़ क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं अन्य लोग भी इस ठगी का शिकार तो नहीं हुए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
युवा मोर्चा सुन्नी मंडल द्वारा आयोजित एंटी ड्रग्स क्रिकेट कप का समापन सुन्नी कॉलेज मैदान में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में प्रदेश कार्यालय सचिव, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, हिमाचल प्रदेश, कमलेश शर्मा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि आज नशा युवाओं के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है और इससे लड़ने के लिए समाज को मिलकर आगे आना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, अपने साथियों को प्रेरित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में टीम थाथल अम्ब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की। वहीं फ्रेंड्स-11 दाढ़गी उपविजेता रही, जिसे 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। समापन अवसर पर विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष नारायण, सुन्नी मंडल की सचिव सुनीता शर्मा, महामंत्री यश शर्मा, उपाध्यक्ष साहिल वर्मा, युवा मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता पारुल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजकों ने भविष्य में भी नशे के खिलाफ ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जाएगी।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर के धार गौरा ग्राम पंचायत क्षेत्र के डोईगाड़ में रविवार दिन में गोलीबारी की घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली चलाने वाला आरोपी फुंजा का निवासी बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित की पहचान राजेश डोगरा निवासी फनोटी डोभी के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह के समय दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई थी। पीड़ित राजेश डोगरा का आरोप है कि बहस के दौरान आरोपी सुरेश शर्मा ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ समय बाद जब उसने आरोपी को पिस्टल के साथ देखा तो वह डरकर मौके से भागने लगा। इसी दौरान आरोपी ने पीछे से फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली पीड़ित के सिर के पास से गुजरते हुए पास में खड़ी एक गाड़ी के शीशे से जा टकराई। गनीमत रही कि इस हमले में वह बच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरेश शर्मा को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गोली चलाने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। तारा देवी और शोधी के बीच एक बस में सवार युवक को 6.300 चिट्टे ग्राम (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान ममलिंग क्षेत्र निवासी सुभाष चंद के रूप में हुई है। पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान बस को रोका और संदेह के आधार पर तलाशी ली, जिसमें युवक के कब्जे से उक्त मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशा कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
शिमला के कुमारसेन थाना के अंतर्गत पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को चरस की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जोगशा के पास नेशनल हाईवे-05 पर नाकेबंदी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 91.10 ग्राम चरस बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमारसैन थाने की टीम, जिसमें महिला मुख्य आरक्षी सविता भी शामिल थीं, एनएच-05 पर नियमित गश्त और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने शक के आधार पर एक ऑल्टो कार को रुकवाया। वाहन की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को 91.10 ग्राम चरस बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार (22) पुत्र निवासी गांव माहोली, डाकघर तेशन, तहसील कुमारसेन तथा राजेश (42) निवासी गांव डमाड़ी, डाकघर व तहसील कुमारसेन, के रूप में हुई है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित खोजकर मशोबरा नारी निकेतन में सुरक्षित पहुंचाया। दरअसल 21 फरवरी को शाम के समय सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा द्वारा पुलिस चौकी मशोबरा को सूचना दी गई कि शैल्टर केस की एक महिला (उम्र लगभग 48 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है, नंगे पांव सेंटर से बाहर निकलकर बालिका आश्रम की ओर जंगल में चली गई है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस चौकी मशोबरा की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ के साथ मिलकर आसपास के जंगल व क्षेत्र में व्यापक तलाश अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों से भी संपर्क कर खोजबीन की गई। थोड़े समय बाद पुलिस टीम को उक्त महिला बालिका आश्रम के नीचे जंगल क्षेत्र में नंगे पांव मिली, जिसकी पहचान सखी वन स्टॉप सेंटर की कर्मचारीयों द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा महिला को सुरक्षित वापस सखी वन स्टॉप सेंटर लाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत महिला को सुरक्षित रूप से नारी निकेतन मशोबरा में पहुंचाया गया है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। PIT NDPS Act के तहत जिला पुलिस ने 25 दिनों में 18 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना जुब्बल की टीम ने 21 फरवरी 2026 को सुरेश कुमार उर्फ पप्पू, पुत्र प्रताप सिंह, निवासी गाँव शैलापानी (बढ़ाल), डाकघर दोची, तहसील जुब्बल को हिरासत में लिया गया। जिसके खिलाफ NDPS एक्ट में चिट्टा बरामदगी के 2 मामले दर्ज थे। वहीं दूसरा व्यक्ति रजत औक्टा उर्फ बन्नी, निवासी गाँव गुन्ट्र, पुराना जुब्बल, जिला शिमला जिसके खिलाफ भी NDPS एक्ट के तहत चिट्टा बरामदगी के तीन मामले दर्ज है। जिला पुलिस द्वारा उपरोक्त दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर नजरबंदी हेतु कंडा जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला को विखंडित करना, संगठित तस्करी नेटवर्क को कमजोर करना तथा संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) में लिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और भविष्य में अपराध रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कार्रवाई (PIT NDPS) के प्रावधानों के तहत की गई है। पहला आरोपी मनोज उर्फ मन्ना, निवासी ग्राम कार्याली, डाकघर मलूथी, जिला शिमला के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में FIR संख्या 131/2023 और 30/2025 दर्ज हैं। पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया है कि वह एक संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है और पर्दे के पीछे से पूरे गिरोह को संचालित करता था। दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर, निवासी ग्राम नीरथ, तहसील रामपुर, जिला शिमला के खिलाफ भी पुलिस थाना रामपुर में 47.74 ग्राम और 30.88 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले दर्ज हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। तीसरा आरोपी गोविन्द सिंह को तीन मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ कुमारसेन और रामपुर थानों में दर्ज मामलों में कुल मिलाकर 6.30 ग्राम, 87.87 ग्राम और 6.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। वहीं चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कोटखाई थाना में दर्ज मामलों में उससे 52.75 ग्राम चरस, 3.17 ग्राम और 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों को निवारक नजरबंद करने का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकना है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और युवाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी।
कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम शुक्रवार को अपना बजट पेश कर रहा है। महापौर सुरेंद्र अपना तीसरा बजट पेश करने के लिए बचत भवन पहुंचे और जैसे ही बजट पेश करने लगे तो भाजपा पार्षदों ने सदन के अंदर हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। भाजपा पार्षद परशुराम ने आरोप लगाया कि महापौर का कार्यकाल खत्म हो गया है और अभी यह सीट खाली है ढाई साल के लिए ही महापौर बनाया था और उनकी जगह किसी महिला को महापौर बनाया जाना था। लेकिन सरकार ने 5 साल के लिए कार्यकाल कर दिया है और इसकी अभी तक राज्यपाल से भी मंजूरी नहीं मिली है ऐसे में महापौर बजट पेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब महापौर के पद पर महिला काबिज होनी थी। लेकिन सरकार ने 5 साल का कार्यकाल कर दिया है जोकि महिलाओ के साथ अन्याय है। साथ ही राज्यपाल से भी अभी कार्यकाल बढ़ाने को लेकर मंजूरी नहीं मिली है। महापौर सुरेंद्र चौहान बजट पेश नहीं कर सकते हैं। यह संविधान के खिलाफ है। भाजपा इसका विरोध करती है उन्होंने कहा कि दो बार पहले जो बजट पेश किया गया है उसमें जो वादे किए थे वह भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं ऐसे में झूठे वादे बजट में इस बार भी किए गए हैं इसका विरोध करते हैं।
छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले शुभम वर्मा को NSUI संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जमीनी स्तर से कार्य करते हुए उन्होंने छात्र हितों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके शुभम वर्मा को आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। उनकी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद आज शुभम वर्मा ने प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं की भागीदारी, संगठन की आगामी रणनीति और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने शुभम वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और आशा जताई कि वे संगठन को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं शुभम वर्मा ने कहा कि वे युवाओं की आवाज को मजबूती से सरकार और संगठन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। प्रदेश राजनीति में शुभम वर्मा की यह नई भूमिका युवा नेतृत्व के सशक्तिकरण के रूप में देखी जा रही है।
शिमला पुलिस ने संजौली थाने में दर्ज मामले में गुम हुई एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, तहसील अर्की (जिला सोलन) की रहने वाली एक लड़की 13 फरवरी 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। उसके पिता ने 15 फरवरी को थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की और लड़की को सुरक्षित ढूंढ लिया। जांच में पता चला कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे उसके पिता को सौंप दिया। इस सम्बन्ध में पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान जिला पुलिस शिमला ने सभी अभिभावकों एवं परिवारजनों से अपील की है कि वे बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से समझें तथा उनकी गरिमा का सम्मान करें। पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें और उनके मित्र-मंडल व दिनचर्या पर संवेदनशील निगरानी रखें। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी प्रकार की गलत संगति, संदिग्ध गतिविधि या व्यवहार की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बुधवार 18 फरवरी को थाना चिड़गांव क्षेत्र में पब्बर नदी के किनारे एक नेपाली मूल के व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राकेश प्रताप (36 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के संकेत मिले हैं तथा उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें 17 फरवरी को मृतक के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है तथा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
शुभम वर्मा को NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी मिली है। शुभम वर्मा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के करीबी और छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा है। उन्होंने पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है। संगठन में उनकी सक्रियता, मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच प्रभावशाली छवि के चलते वे आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम करने की उनकी शैली ने उन्हें पार्टी के भीतर एक सशक्त युवा चेहरा बना दिया है। इसी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले शुभम वर्मा आने वाले समय में संगठन के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शिमला पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया। दरअसल 17 फरवरी 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी में विपिन कुमार ने सूचना दी कि केशव पुत्र सनक बहादुर, निवासी गांव सिदिली (नेपाल), जो वर्तमान में गांव वरमैण डाकघर खराहण, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला में रह रहा था, 16 फरवरी 2026 को खराहण से घर लौटते समय लापता हो गया है और देर रात तक वापस नहीं आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया। खोजबीन के दौरान केशव को खराहण में रविन्द्र सिंह की दुकान के पास एक गली में सोया हुआ पाया गया। पुलिस पूछताछ में केशव ने बताया कि उसने रात में अधिक शराब का सेवन कर लिया था, जिसके कारण वह रास्ते में ही सो गया। मौके पर रिश्तेदारों और गवाहों की उपस्थिति में उसकी जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। केशव ने भी स्वयं को सुरक्षित और ठीक बताया। पुलिस ने गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद केशव को उसके दामाद गोपाल के सुपुर्द कर दिया गया।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने बताया कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, वे 28 फरवरी 2026 से पूर्व अपना ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पेंशनर अनुपलब्ध है या पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। ऐसे मामलों में पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पेंशनभोगियों का आधार कार्ड नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी सत्यापन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक या संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
मंगलवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बकाया भुगतान व वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने की मांग उठाई। पेंशनर्स का कहना है कि अब सरकार आरडीजी बंद होने का बहाना बना रही है। जबकि इसका वेतन और पेंशन भुगतान से कोई संबंध नहीं। सरकार अलग अलग नियुक्तियों से अपने खर्च बढ़ा रही है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद होने का पेंशन और वेतन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों पर खर्च बढ़ाने का आरोप लगाया। धरने में चेतावनी दी गई कि यदि बजट सत्र से पहले सरकार ने पेंशनरों से बातचीत नहीं की तो विधानसभा के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और रैली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पेंशनरों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी शिमला में चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी सोमवार को एक आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस के मुताबिक, यह ईमेल जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग शिमला के कार्यालय को प्राप्त हुआ था। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही बालूगंज पुलिस थाने की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। अदालत भवन और आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया और न्यायालय का कामकाज नियमित रूप से जारी रहा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
दिनांक 15 फरवरी 2026 को लगभग दोपहर थाना छोटा शिमला को सूचना प्राप्त हुई कि विकासनगर निवासी एक व्यक्ति की दो नाबालिग बेटियाँ घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। इस संबंध मे थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज की गई। सूचना मिलते ही थाना छोटा शिमला द्वारा तुरंत पुलिस टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल फोन तकनीक का उपयोग कर मात्र 3 घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को KNH शिमला के पास सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों लड़कियों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
शिक्षक बनने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 12वीं के बाद ही विद्यार्थी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर स्नातक के साथ बीएड की डिग्री ले सकेंगे। इस पाठ्यक्रम में 250 सीटें हैं। प्रवेश राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 10 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 17 अप्रैल को संभावित है। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को पांच इकाइयों को स्वीकृति मिली है। इनमें बीए बीएड माध्यमिक, बीए बीएड मध्य, बीएससी बीएड माध्यमिक, बीएससी बीएड मध्य और बीकॉम बीएड माध्यमिक शामिल हैं। प्रत्येक इकाई में 50 सीटें रखी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीते वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से अनुमति मिलने के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया है। सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और तृतीय लिंग वर्ग के लिए 650 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि वह राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह करना बंद करें। मंत्रियों ने कहा कि अनुराग ठाकुर का यह दावा पूरी तरह निराधार है कि केंद्र सरकार ने 20 वर्ष पहले ही आरडीजी बंद करने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने अनुराग ठाकुर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो वह इस संबंध में केंद्र सरकार की एक भी चिट्ठी सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद केवल राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। साथ ही उनसे स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे हिमाचल प्रदेश को आरडीजी जारी रखने के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि आरडीजी हिमाचल प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 275(1) में किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में आर्थिक कुप्रबंधन हुआ, जिसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ा। मंत्रियों ने कहा हिमाचल प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेलने के लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर और अन्य भाजपा नेताओं को इधर-उधर की बयानबाजी करने के बजाय आरडीजी के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख प्रदेश की जनता के सामने रखना चाहिए। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलने की बात कह चुके हैं, लेकिन भाजपा नेता केवल राजनीतिक लाभ लेने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश पर कर्ज के मसले पर गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अनुराग ठाकुर की सलाह की आवश्यकता नहीं है। दोनों ने आरोप लगाया कि अनुराग ठाकुर और भाजपा के प्रदेश नेता इस मुद्दे पर केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने और राजनीति करने में व्यस्त हैं। सर्वदलीय बैठक में भाजपा का हिमाचल विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। प्रदेश की जनता ने देखा कि भाजपा नेताओं ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए बैठक से वॉकआउट किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें हिमाचल के हितों से कोई सरोकार नहीं है। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के कारण आज प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल के दौरान राज्य को लगभग 54,000 करोड़ रुपये आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त हुए, यानी कुल 70,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार से मिली। लेकिन इन संसाधनों का उपयोग विकास के बजाय ठेकेदारों और चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने में किया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के ऐसे भवन बना दिए, जो आज खाली पड़ी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोलन जिले के नालागढ़ में 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने उद्योगपति मित्रों को कौड़ियों के भाव आवंटित कर दी। ‘कस्टमाइज पैकेज’ के नाम पर सस्ती जमीन के साथ स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट दी गई, जिससे सरकार को रजिस्ट्री से एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों के लिए बिजली शुल्क में भी 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। साथ ही तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, मुफ्त पानी और मुफ्त वेयरहाउस की सुविधा भी दी गई। क्या यह आर्थिक कुप्रबंधन नहीं है ? मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान सरकार पर निराधार आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को पहले पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से यह पूछना चाहिए कि प्रदेश के संसाधनों को इस प्रकार क्यों लुटाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,000 करोड़ रुपये आरडीजी प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कड़ा वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने मात्र 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि 26,000 करोड़ रुपये ब्याज और मूलधन के रूप में वापस किए।
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में चरस की एक और खेप बरामद की है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि थाना देहा में शुक्रवार सुबह पुलिस टीम ने प्राथमिकी संख्या 7/2026 के अंतर्गत एनडीपीएस (ND&PS) अधिनियम की धारा 20 के तहत 1.115 किलोग्राम चरस बरामद की है। एक गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टीम ने नैना कैंची बलग रोड़ के पास नाकाबंदी की थी। वहां एक संदिग्ध व्यक्ति, राजेश कुमार (निवासी राजगढ़, जिला सिरमौर) को रोककर तलाशी ली गई, जिसके पास मौजूद बैग से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। शिमला के SSP गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस अवैध व्यापार के सभी संभावित संपर्कों का बारीकी से पता लगा रही है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने आज यानि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11:00 बजे होटल पीटरहॉफ शिमला में होगी। इसकी जानकारी स्वयं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि उनकी ओर से सर्वदलीय बैठक को लेकर भाजपा, माकपा सहित अन्य दलों को पत्र भेजा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल, माकपा के महासचिव संजय चौहान, पार्टी नेता राकेश सिंघा भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। 16वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार की ओर से आरडीजी को बंद किए जाने के कारण प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य हित में सामूहिक और एकजुट दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। राज्य सरकार का मानना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के हित में साझा निर्णय लिया जाना चाहिए। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद आरडीजी को 1 अप्रैल 2026 से बंद किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे हिमाचल प्रदेश को आगामी पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह अनुदान विशेष श्रेणी राज्य के रूप में हिमाचल के लिए वित्तीय आधार माना जाता रहा है। इसके बंद होने से विकास योजनाओं समेत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों व वित्तीय संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिला पुलिस शिमला ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज पांच अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ठियोग, बालूगंज, रामपुर और कुमारसैन थानों में दर्ज मामलों की समानांतर जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों को चिट्टा सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना विजय उर्फ डेविड है, जो पंजाब के जीरकपुर से हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में हेरोइन की सप्लाई करता था। पुलिस ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोपी की संलिप्तता सुनिश्चित की और थाना ठियोग की टीम को पंजाब रवाना किया। तकनीकी इनपुट के आधार पर 24 घंटे से अधिक चले फील्ड ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम ने जीरकपुर से दो बड़े नशा तस्करों विजय उर्फ डेविड और नितेश शर्मा उर्फ माइक को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विजय बिहारी शिमला शहर, ठियोग, रामपुर और रोहड़ू सहित विभिन्न क्षेत्रों में 70 से अधिक व्यक्तियों को चिट्टा की नियमित आपूर्ति कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 2023 में ठियोग से 180 ग्राम चिट्टा बरामदगी का मामला भी शामिल है। इन पांच मामलों में कुल मिलाकर 335 ग्राम से अधिक चिट्टा सप्लाई की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है और जांच जारी है। मामले की पुष्टि एसपी शिमला गौरव सिंह ने की।
शिमला के कैथू जेल से वर्ष 2024 में एक कैदी फरार हो गया था। जिसे दो जेल वार्डरों ने 24 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए जेल वार्डर दिनेश कुमार (बेल्ट नंबर 2023) और संदीप (बेल्ट नंबर 227), कैथू जेल, को डीजीपी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके इस साहस और तत्परता की प्रशंसा की गई है। कैथू जेल में राम लाल उम्रकैद की सजा काट रहा था और वह जेल से बाहर काम पर जाता था। लेकिन 1 नवंबर 2024 की शाम को वह वापस नहीं लौटा। इस पर जेल के दो वार्डरों दिनेश कुमार (बेल्ट नंबर 2023) और संदीप (बेल्ट नंबर 227) ने तत्परता दिखाते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने कैदी को कंगनाधार में एक कमरे से पकड़ लिया। इसके बाद न्यू शिमला पुलिस थाने में सूचना दी गई और आरोपी कैदी को बालूगंज थाने में पेश किया गया, जहां से उसे पुनः कैथू जेल लाया गया। यह कैदी पहले भी पैरोल पर फरार हो चुका था और तीन साल बाद पकड़ा गया था। वह उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी अभिषेक त्रिवेदी ने 9 फरवरी 2026 को दोनों वार्डरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) बेचने और नए लेबर कोड के विरोध में आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न फेडरेशन के आह्वान पर बुलाई गई इस हड़ताल के तहत किसान, मजदूर, कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले जगह-जगह आक्रोश रैली निकाली। इसका असर बैंकिंग, एलआईसी, बिजली, स्वास्थ्य इत्यादि सेवाओं पर देखने को मिला। प्रदेश के 15 हजार से ज्यादा बिजली इंजीनियर व कर्मचारी दिनभर पेन और टूल डाउन स्ट्राइक पर है। इस दौरान हिमाचल के विभिन्न विभागों में सेवारत्त आउटसोर्स कर्मचारी, 108 एंबुलेंस कर्मी, ट्रीटमेंट प्लांट कर्मचारी, बिजली प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी, रेहड़ी-फड़ी व तहबाजारी यूनियन, होटल कर्मी, निर्माण मजदूर, मनरेगा मजदूर, उद्योग मजदूर, मिड डे मील वर्कर, बैंक, बिजली, बीएसएनएल और एलआईसी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। हिमाचल के किसानों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है। सोलन शहर में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक ऑटो रिक्शा भी नहीं चल रहे। ऑटो यूनियन भी केंद्रीय ट्रेड यूनियन के समर्थन में उतर आई है। अस्पतालों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों और एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी आंशिक असर देखा जा रहा है। एंबुलेंस कर्मी हड़ताल में शामिल है। इसी तरह, स्वास्थ्य विभाग समेत दूसरे विभागों में सेवाएं देने वाले आउटसोर्स कर्मियों के हड़ताल में जाने से सरकारी सेवाएं बाधित हुई है। वहीं सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि केंद्र के चार नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कोड्स से यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार सीमित हो गए हैं, साथ ही हड़ताल की प्रक्रिया को भी जटिल बनाया गया है। संगठनों का मानना है कि ये कानून ठेका प्रथा को बढ़ावा देंगे, स्थायी नौकरियों में कमी लाएंगे और मजदूरों की असुरक्षा बढ़ाएंगे। सीटू ने चारों लेबर कोड वापस लेने की मांग दोहराई है। हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने बताया कि देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता भी इस एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए। यह आंदोलन मुख्य रूप से पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
शिमला के रोहड़ू में वन विभाग ने बाजार की छह ज्वेलरी दुकानों पर एक साथ छापेमारी कर तेंदुए के 86 नाखून, 5 दांत और दुर्लभ पक्षियों के पंख बरामद किए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस अभियान के लिए वन विभाग ने 46 अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिन्होंने एक साथ कई दुकानों पर दबिश दी। छापेमारी में लगभग 100 वन्यजीवों के अंग जब्त किए गए, जिनमें से करीब 10 की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जब्त की गई सभी सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इन अंगों को कब्जे में लेकर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएफओ रवि शंकर शर्मा ने बताया कि तेंदुआ एक संरक्षित वन्यजीव है। उसके अंगों का संग्रह, बिक्री या उनसे आभूषण बनाना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार कुछ ज्वेलर तेंदुए के नाखूनों और दांतों का उपयोग ताबीज, लॉकेट और अन्य सजावटी गहने बनाने में कर रहे थे, जिन्हें अंधविश्वास के नाम पर बेचा जा रहा था।
शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई FIR नंबर 5/26, दिनांक 2 फरवरी 2026 के तहत की गई है। गौरतलब है कि 2 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने मेहंदली पुल (रोहड़ू) के पास पंजाब के दो युवकों जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह—को 83 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच टीम ने नशे की सप्लाई चैन का पता लगाने के लिए आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान सामने आया कि इस अवैध कारोबार में कुछ अन्य लोग भी संलिप्त हैं। इसी कड़ी में थाना रोहड़ू पुलिस ने 10 फरवरी 2026 को तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशीष चौहान (24 वर्ष), निवासी खशधार चिड़गांव, नवीन शिट्टा (31 वर्ष) निवासी गोक्सवारी चिड़गांव, दीवान चंद (39 वर्ष) निवासी सुंधा, चिड़गांव शामिल है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत शिमला में 2 युवकों को 30.700 ग्राम चिट्टा के ससथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार बालूगंज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एचआरटीसी (HRTC) बस में सफर कर रहे दो युवकों को भारी मात्रा में चिट्टे के साथ दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल (जुब्बल) और विशाल वर्मा (ठियोग) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि शिमला-रोहड़ू रूट की बस में दो युवक नशीले पदार्थ की खेप ले जा रहे हैं। बिना समय गंवाए पुलिस टीम ने आईएसबीटी (ISBT) शिमला में मोर्चा संभाला और बस के रुकते ही तलाशी शुरू की। बस की आखिरी सीटों पर बैठे इन दोनों युवकों की जब गहन जांच की गई, तो उनके कब्जे से 30.700 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों के नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि नशे की यह खेप कहां से खरीदी गई थी और शिमला के किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चिट्टा माफिया से जुड़े बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बालूगंज थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
10 फरवरी 2026 को शिमला पुलिस ने एक नाबालिग लड़के के लापता होने के संबंध में एक शिकायत पर पुलिस थाना चिड़गांव में धारा 137(2) BNS के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, 08.02.2026 को शिकायतकर्ता महिला अपने दो बेटों के साथ सत्संग में गई थीं। वापस लौटते समय, उनका बेटा (उम्र लगभग 14 वर्ष) चिड़गांव बाजार की ओर गया और उसके बाद घर नहीं लौटा। परिवार ने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। शिकायतकर्ता ने उसके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल उनके अपने नंबर पर फॉरवर्ड पाई गई। मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए, चिड़गांव पुलिस ने 10.02.2026 को एफआईआर दर्ज की और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। चिड़गांव, डोडरा और आसपास के इलाकों में पुलिस की टीमें तैनात कर दी गई। तकनीकी सहायता और जमीनी सूचनाओं के माध्यम से नाबालिग को ढली क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। जो बचकाने में फोन स्विच ऑफ कर अपने दोस्त के साथ घूम रहा था।
हिमाचल प्रदेश में चलाए नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस थाना चौपाल की टीम ने एक व्यक्ति के कब्जे से 1.811 किलोग्राम चरस बरामद की है। जानकारी के अनुसार दिनांक 09.02.2026 को पुलिस थाना चौपाल की टीम गश्त पर थी इस दौरान पुलिस टीम ने एक आरोपी को 1.811 किलोग्राम चरस के साथ हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान चंदन बुधा (50) पुत्र नर बहादुर स्थायी निवासी नेपाल वर्तमान में गांव पुजारली, डाकघर बमटा तहसील चौपाल, जिला शिमला (हि.प्र.) के रूप में हुई है। पुलिस थाना चौपाल में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह नशा कहां से लाया था और किसे सप्लाई करने वाला था। आरोपी को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आज सुबह 11 बजे सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी बजट सत्र की रूपरेखा तैयार करना और केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को बंद किए जाने के फैसले पर रणनीति बनाना है। गौरतलब है कि केंद्र ने बजट 2026-27 में RDG को समाप्त कर दिया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर गहरा संकट मंडरा रहा है और सरकार इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार इस वित्तीय संकट पर चर्चा के लिए पहले एक विशेष सत्र बुलाना चाहती थी, लेकिन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने बजट सत्र के करीब होने का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को वापस भेज दिया था। इसके बाद सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। आज की बैठक में यह तय किया जाएगा कि बजट किस दिन पेश होगा और इस सत्र के दौरान कुल कितनी बैठकें आयोजित की जाएंगी। बजट सत्र की तैयारियों के साथ-साथ आज की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री के आगामी बजट भाषण में शामिल की जाने वाली प्रमुख घोषणाओं पर भी मंथन होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि 17 फरवरी को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने कहा- सत्र इसलिए बुलाया गया, ताकि प्रदेश की जनता को भी पता चले कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 10 सालों में हिमाचल को क्या दिया है। सीएम ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली करों की हिस्सेदारी हर साल बढ़ती है, लेकिन केंद्र सरकार ने हिमाचल की 10 हजार करोड़ सालाना की RDG को ही बंद कर दिया है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। RDG ग्रांट निरंतर 72 वर्षों से मिल रही थी। इस दौरान सीएम सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि विधायक निधि तब देंगे, जब आप (भाजपा नेता) लोग पैसा रुकवाने केंद्र के पास नहीं जाएंगे। सीएम सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री यह बात पहले भी कई बार कह चुके हैं कि हिमाचल BJP के नेता दिल्ली जाकर राज्य को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद को रोकने के लिए जाते हैं। सीएम ने आज फिर से इस बात को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा होता अगर भाजपा नेता राज्यपाल के पास हिमाचल की RDG को बहाल करने के लिए गए होते। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी की जाएगी। यह विधायक निधि केवल भाजपा विधायकों की ही नहीं रोकी गई है, बल्कि कांग्रेस के MLA की भी रोकी गई है।
शिमला शहर के चलौंठी क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कार्य से प्रभावित सड़क एवं घरों को लेकर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त शिमला को उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला (ग्रामीण) और राज्य भूवैज्ञानिक, हिमाचल प्रदेश, शिमला द्वारा चलौंठी के पास स्थित घरों के संबंध में प्रस्तुत क्षति मूल्यांकन रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसमें एक घर को 'न रहने योग्य' घोषित किया गया है, दूसरे को अस्थायी रूप से असुरक्षित आंका गया है और शेष घर निगरानी में हैं। उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि को मुआवजे की स्थिति के बारे में अवगत कराने का निर्देश दिया। इसके जवाब में प्रतिनिधि ने सूचित किया कि जिला प्रशासन से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गए हैं और उन्हें रियासतग्राही (कंसेसियनार) को भेज दिया गया है, जिन्होंने बाद में उन्हें बीमा कंपनी को जमा कर दिया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर इस बारे में सारी कार्रवाई पूर्ण करें और की गई कार्रवाई की जानकारी उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला (ग्रामीण) को दें। उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि को चलौंठी में प्रभावितों के घरों में किए जा रहे मरम्मत कार्य को लेकर मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट ली। इसके अनुसार भारत कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने सूचित किया कि दरारों को भरने का कार्य प्रगति पर था। हालांकि, स्थानीय निवासियों के अनुरोध पर बर्फबारी के कारण इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मौसम ठीक होते ही काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा। अनुपम कश्यप ने निर्देश दिया है कि दरारों को एक महीने के भीतर भरा जाए और स्पेक्ट्रोमीटर द्वारा दर्शाए गए चेतावनी संकेतों की भी जांच की जाए। इसके साथ ही इसकी रिपोर्ट तुरंत उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला (ग्रामीण) को दी जाए। वर्तमान में किसान भवन ढली में कोई नहीं रह रहा है। हालांकि, रियायतग्राहियों (कंसेसियनार) द्वारा 06 प्रभावित परिवारों को किराए के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों के भीतर रेंट एग्रीमेंट और संबंधित दस्तावेजों की प्रति उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला (ग्रामीण) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि सभी मुद्दों और उनके उपायों के बारे में नियमित आधार पर एसडीएम ग्रामीण को सूचित किया जाना चाहिए। इस दौरान बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में दी गई वित्तीय सहायता एवं उसके उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद महाजन के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को जल जीवन मिशन, बाढ़ प्रबंधन, कमांड एरिया विकास और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं के अंतर्गत बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान की है। उत्तर में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल को वर्ष 2022-23 में कुल उपलब्ध राशि ₹2163.83 करोड़ रही, जिसमें से ₹1615.65 करोड़ का व्यय किया गया। वर्ष 2023-24 में कुल उपलब्ध राशि ₹950.52 करोड़ रही और ₹859.96 करोड़ खर्च किए गए। वहीं 2024-25 में ₹228.04 करोड़ उपलब्ध हुए और ₹189.20 करोड़ का व्यय दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को जल आपूर्ति व ग्रामीण विकास के लिए मजबूत सहायता दे रही है। इसके अतिरिक्त फ्लड मैनेजमेंट एंड बॉर्डर एरियाज प्रोग्राम के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में हिमाचल को ₹30.16 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिसके उपयोगिता प्रमाणपत्र भी राज्य सरकार द्वारा जमा करवाए गए हैं। साथ ही मॉडर्नाइजेशन ऑफ़ कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट योजना में वर्ष 2025-26 के लिए ऊना जिले के हरोली ब्लॉक में परियोजना हेतु ₹4.37 करोड़ जारी किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री के उत्तर में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को पिछले वर्षों में कुल ₹450.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई है। इनमें वर्ष 2023-24 में ₹142.30 करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹113.00 करोड़ तथा 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में ₹154.76 करोड़ शामिल हैं। राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने कहा कि राज्यसभा में रखे गए ये तथ्य कांग्रेस सरकार के उस झूठे प्रचार को पूरी तरह उजागर करते हैं जिसमें बार-बार कहा जाता है कि केंद्र से हिमाचल को पैसा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहयोग कर रही है और राज्य सरकार को चाहिए कि इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर जनता को लाभ पहुंचाए। डॉ. महाजन ने यह भी बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा पीएमकेएसवाई के अंतर्गत कुल 9 उपयोगिता प्रमाणपत्र केंद्र सरकार को जमा करवाए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि धन जारी भी हुआ है और उसके उपयोग की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी देवभूमि को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।
सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों को राहत देने और भविष्य की बेहतर योजना का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से वर्मा ज्वैलर्स ने 25% अग्रिम स्वर्ण बुकिंग योजना की शुरुआत की है। यह योजना 1 फरवरी से 15 फरवरी तक विशेष अभियान के रूप में संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत ग्राहक केवल 25 प्रतिशत राशि अग्रिम जमा कर वर्तमान स्वर्ण दर को 90 दिनों के लिए लॉक कर सकते हैं। इन 90 दिनों के भीतर ग्राहक किसी भी समय अपनी पसंद के आभूषण बनवा या खरीद सकते हैं, वह भी सोने की कीमत बढ़ने की चिंता किए बिना। वर्मा ज्वैलर्स के अनुसार, स्वर्ण केवल आभूषण नहीं बल्कि पारिवारिक विश्वास, सुरक्षा और दीर्घकालिक योजना का प्रतीक है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है, ताकि ग्राहक समय रहते निर्णय लेकर आर्थिक रूप से निश्चिंत रह सकें। कंपनी वर्षों से विश्वास, पारदर्शिता और शुद्धता के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। इस अग्रिम स्वर्ण बुकिंग योजना के अंतर्गत भी ग्राहकों को हॉलमार्क युक्त स्वर्ण और पूर्ण पारदर्शिता का आश्वासन दिया जा रहा है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए लाभकारी है जो विवाह या अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए पहले से स्वर्ण खरीद की योजना बना रहे हैं। यह योजना केवल निवेशकों तक सीमित न होकर सामान्य परिवारों और नियमित ग्राहकों के लिए भी सरल और सुलभ बनाई गई है। 25% अग्रिम स्वर्ण बुकिंग योजना (90 दिनों की वैधता के साथ) सोलन, रोहड़ू तथा वर्मा ज्वैलर्स द्वारा आयोजित सभी स्वर्ण आभूषण प्रदर्शनियों में मान्य रहेगी। वर्मा ज्वैलर्स का उद्देश्य केवल आभूषण बेचना नहीं, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित, तनाव-मुक्त और समझदारी भरा स्वर्ण खरीद अनुभव प्रदान करना है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और योजना को कमजोर करने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज 30 जनवरी को शिमला में उपवास करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में यह उपवास शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि इस उपवास में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल विशेष रूप से मौजूद रहेंगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, कांग्रेस विधायक व पूर्व विधायक भी उपवास में भाग लेंगे। कांग्रेस के इस उपवास में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पूर्व पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, शिमला नगर निगम के सभी पार्षद, अग्रणी संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। विनय कुमार ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस उपवास में अनिवार्य रूप से भाग लेने की अपील की है। वहीं उपवास के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य सांसद रजनी पाटिल 30 जनवरी को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठकें करेंगी। इस दौरान सभी जिला अध्यक्षों, मनरेगा बचाओ अभियान के लिए नियुक्त जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर के साथ समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इसके बाद सांसद रजनी पाटिल युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और अन्य अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगी। प्रदेश कांग्रेस सचिव ने सभी जिला अध्यक्षों, जिला व ब्लॉक कॉर्डिनेटर और अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों को इन बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक सीमावर्ती एवं पर्वतीय राज्य है और यहां की विशेष भौगोलिक व वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार आगामी बजट में राज्य के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान करें। रोहित ठाकुर ने केंद्र से मांग उठाते हुए कहा कि प्रदेश में भारी प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त योजनाओं के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में किए गए सराहनीय कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए इन विभागों को और अधिक बजट उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से पर्यटन और बागवानी क्षेत्रों के लिए नई योजनाएँ शुरू कर बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सड़क, रेल और हवाई संपर्क को और मजबूत करना समय की मांग है, इसके लिए केंद्र सरकार कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बाग़वानी और कृषि पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावों के दौरान सेब को स्पेशल कैटेगरी में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। केंद्र सरकार की नीतियाँ लगातार सेब बागवानों के हितों के खिलाफ जा रही हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले न्यूज़ीलैंड के साथ FTA (Free Trade Agreement) के तहत सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया गया और अब केंद्र सरकार यूरोपियन देशों के साथ नए समझौते के माध्यम से सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने जा रही है। रोहित ठाकुर ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार विदेशी सेब को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश सहित सेब उत्पादक राज्यों के बागवानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होती थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने 50 प्रतिशत हिस्से के बजट को समाप्त कर दिया, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों का देशभर में विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में राजधानी शिमला में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (RDP) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ के विरोध में प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ लोग गले में रस्सी का फंदा और हाथों में हथकड़ी डालकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने UGC के इन नियमों को शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बताया। वहीं RDP प्रमुख रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि, केंद्र की भाजपा सरकार ने सवर्ण समाज के साथ कुठाराघात किया है। यूजीसी के ये नए नियम न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेंगे, बल्कि सामाजिक ताना-बाना पर भी नकारात्मक असर डालेंगे। उन्होंने कहा कि, ये नियम विशेष वर्गों को निशाना बनाते हैं और इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। RDP का कहना है कि ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ के तहत प्रस्तावित प्रावधान शिक्षा संस्थानों में सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं। ये नियम कुछ वर्गों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं और मेरिट आधारित शिक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं। पार्टी का दावा है कि यदि इन नियमों को लागू किया गया तो इसका सीधा असर छात्रों और युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। साथ ही केंद्र सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग की। मांगें नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। नए नियमों का शिक्षक और सामाजिक संगठन भी विरोध कर रहे हैं। यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षा में समता विनियम, 2026 को अधिसूचित किया था।
देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट क्षमता वाले भूमिगत नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना प्रमुख राजीव कपूर द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। भारत की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मियों को भी नमन किया गया। इसके अतिरिक्त परियोजना के निर्माण एवं संचालन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी कर्मचारियों के बलिदान और परिश्रम को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही देश के नागरिकों को उनके मूल अधिकार प्राप्त हुए और इसी कारण यह दिन हमारे लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर तिरंगा फहराते हुए सभी उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और गर्व की भावना देखने को मिली। उन्होंने बताया कि देश के चहुंमुखी विकास में विद्युत क्षेत्र की अहम भूमिका है और इस दिशा में नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। परियोजना ने 18 जनवरी 2026 को दूसरी सबसे तेज़ 7000 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन का रिकॉर्ड स्थापित कर एक नया कीर्तिमान बनाया, जिससे 26 जनवरी 2025 को बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके अलावा नवंबर 2025 में स्टेशन ने 331.214 मिलियन यूनिट का दूसरा सर्वाधिक मासिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया, जो वर्ष 2011-12 के रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं स्टेशन का अब तक का सर्वोच्च नवंबर माह का उत्पादन 408.909 मिलियन यूनिट (वर्ष 2010-11) रहा है। 29 नवंबर 2025 को परियोजना ने 6612 मिलियन यूनिट डिज़ाइन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया, जिससे 1 दिसंबर 2024 को बने रिकॉर्ड को पार किया गया। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि निगम की सबसे बड़ी सौर परियोजना — 1000 मेगावाट बीकानेर सोलर परियोजना — ने 24 दिसंबर 2025 को अपनी कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) प्राप्त कर ली है, जो प्रतिवर्ष 2455 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करेगी। साथ ही 1320 मेगावाट बक्सर थर्मल परियोजना की पहली 660 मेगावाट यूनिट ने 14 नवंबर 2025 को COD हासिल की, जिसका उद्घाटन 22 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। अंत में परियोजना प्रमुख ने नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन की उपलब्धियों के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, हिमाचल प्रदेश सरकार, राज्य की अन्य एजेंसियों तथा विद्युत मंत्रालय एवं प्रबंधन का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया l
एनजेएचपीएस में 37वाँ सड़क सुरक्षा सप्ताह अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर सड़क एवं औद्योगिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में डिफेंसिव ड्राइवर प्रशिक्षण, क्रेन एवं फोर्कलिफ्ट सुरक्षा प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा कठपुतली शो तथा रोड सेफ्टी क्विज़ शामिल रहे। दिनांक 10 जनवरी 2026 को आयोजित पूरे दिन के डिफेंसिव ड्राइवर प्रशिक्षण में ड्राइवरों को खतरों का पूर्वानुमान, जोखिम में कमी तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम से संबंधित थ्योरी एवं प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 12 जनवरी 2026 को क्रेन और फोर्कलिफ्ट ऑपरेटरों के लिए विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें सुरक्षित संचालन, रिगिंग अभ्यास, संचार तथा आपातकालीन प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त 14 एवं 15 जनवरी 2026 को झाकड़ी और नाथपा बाँध में सड़क सुरक्षा से संबंधित कठपुतली शो एवं क्विज़ का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों में सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया को रोचक एवं यादगार बनाया। यह मुहिम 17 जनवरी को चलाई गई। इस सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन परियोजना प्रमुख राजीव कपूर द्वारा किया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के प्रति सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की, विशेषकर “कठपुतली शो” की, जिससे सभी ने रोचक तरीके से सीख प्राप्त की। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही से कितनी जानें खतरे में पड़ जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हम सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और जोखिमों को कम करना चाहिए, चाहे वह कार्यक्षेत्र हो या सड़क पर।


















































