लायंस क्लब सोलन वैली द्वारा हरी ओम गौशाला, कोटला बरोग में 4th पौधारोपण अभियान एवं गौ सेवा का सफल आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आयोजित इस अभियान के दौरान साई इंटरनेशनल स्कूल, सोलन के विद्यार्थियों एवं स्टाफ तथा लायंस क्लब सोलन वैली के सदस्यों द्वारा कुल 45 पौधे लगाए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया। पौधारोपण के साथ-साथ गौ सेवा भी की गई। उपस्थित सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने गायों को गुड़, चोकर, पशु आहार, केले एवं अन्य खाद्य सामग्री खिलाई। इसके अतिरिक्त गौशाला की आवश्यकताओं एवं गौ सेवा के लिए गौशाला प्रबंधन को नकद सहयोग राशि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर लायंस क्लब सोलन वैली के अध्यक्ष MJF Lion Raminder Bawa ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति करुणा, दोनों ही समाज सेवा के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं क्लब सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सेवा, संवेदनशीलता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। सचिव Lion Dr. R K Sood ने कार्यक्रम में सहयोग एवं सहभागिता के लिए सभी लायंस सदस्यों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में भी समाज, पर्यावरण एवं पशु कल्याण से जुड़े सेवा कार्य निरंतर करता रहेगा। कोषाध्यक्ष Lion Shakti Awasthi ने सभी सदस्यों के सहयोग एवं योगदान की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। PRO Lion Vineet Rai Sood ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए 45 पौधे आने वाले समय में हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण एवं गौ सेवा जैसे कार्यक्रम समाज में सेवा भावना, पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति करुणा का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस थाना डमटाल की पुलिस टीम द्वारा प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की गई है। पुलिस थाना डमटाल की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि चक्की क्षेत्र में ठाकुर राम गोपाल मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची, जहाँ एक पोकलेन ( मशीन एवं दो ट्रक टिप्पर अवैध रूप से खुदाई व खनन सामग्री भरते हुए पाए गए। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना डमटाल में मामला दर्ज किया गया है। उक्त अवैध खनन की गतिविधि पर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303(2), 3(5) एवं खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के तहत प्राथमिकी संख्या 131/2026 पंजीकृत कर ली गई है। मामले की आगामी तफ्तीश जारी है। नूरपुर पुलिस अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध खनन तथा किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में आज और कल कुछेक हिस्सों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम को देखते हुए लोकल लोगों समेत टूरिस्ट को भी सतर्क रहने और नदी-नालों व लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी दी गई है। IMD के अनुसार 10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर तथा 11 अगस्त को कांगड़ा व मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है। IMD की चेतावनी के मुताबिक शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में रात से ही बारिश शुरू हो गई है। राज्य में 15 अगस्त तक बारिश जारी रहने के आसार हैं। हालांकि 12 अगस्त से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे कुछेक भागों में ही हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हिमाचल में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। सात जिलों में सामान्य से काफी कम, जबकि पांच जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
लायंस क्लब सोलन वैली द्वारा बुधवार को दुर्गा भवन, मुरारी मार्केट, सोलन में "नशा मुक्ति एवं साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। क्लब अध्यक्ष एमजेएफ लायन रामिन्दर बावा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों तथा बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सोलन दिव्यांशु सिंगल ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर अनुशासित जीवन अपनाने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित व जिम्मेदारी से उपयोग करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पुलिस विभाग की ओर से इंस्पेक्टर नवनीत सैनी (क्राइम ब्रांच) और हेड कांस्टेबल नरेंद्र (साइबर क्राइम) ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर प्रख्यात वक्ता मनमोहन सिंह एवं रेनुका ने भी प्रेरक व्याख्यान देते हुए विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सोलन के विभिन्न विद्यालयों के 300 से अधिक विद्यार्थियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने भाग लिया। इसमें एमआरए डीएवी स्कूल, सेंट ल्यूक्स स्कूल, साई इंटरनेशनल स्कूल, बी.एल. सेंट्रल स्कूल, सोलन पब्लिक स्कूल, साउथ वेल स्कूल तथा एनसीसी कैडेट्स शामिल रहे। इस दौरान आयोजित डिक्लेमेशन प्रतियोगिता में एमआरए डीएवी स्कूल की दिव्यांगनी ने प्रथम, साउथ वेल स्कूल की वाणी धीमान ने द्वितीय तथा बी.एल. सेंट्रल स्कूल की यादवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। क्लब अध्यक्ष एमजेएफ लायन रामिन्दर बावा ने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में सरकार और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने हिमाचल कांग्रेस सरकार के कामकाज को लेकर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट भेजी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में रजनी पाटिल ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित की जा रही ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को हिमाचल प्रदेश की सरकार या संगठन के संबंध में किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं सौंपी है।उन्होंने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि राजनीतिक विषयों पर समाचार प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। बिना पुष्टि के प्रसारित खबरें न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से प्रदेश कांग्रेस के भीतर सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चाएं तेज थीं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पार्टी नेतृत्व ने रजनी पाटिल से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक मांगा था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। इन रिपोर्टों में मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का भी जिक्र होने की बात कही गई थी। इन खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और विपक्ष ने भी इन्हें लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, रजनी पाटिल के ताजा बयान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।
जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने आज अर्की में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बैंक की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं वित्तीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्की एवं भराड़ीघाट में बैंक की नवीन शाखाओं का उद्घाटन शीघ्र ही अर्की के विधायक संजय अवस्थी द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुनिहार एवं जयनगर शाखाओं को वर्तमान बाजार क्षेत्र से स्थानांतरित कर ओल्ड बस स्टैंड के समीप मुख्य सड़क पर स्थापित किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान चेयरमैन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बैंक के उत्कृष्ट वित्तीय परिणामों एवं उपलब्धियों को भी साझा करते हुए कहा कि बैंक निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा ग्राहकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से बैंक की प्रतिष्ठा को निरंतर क्षति पहुंचाने तथा भ्रामक एवं असत्य प्रचार करने वाले अधिवक्ता मुकेश शर्मा के विरुद्ध बैंक कानूनी कार्रवाई करेगा। इस संबंध में विधिक नोटिस जारी किया जा रहा है तथा बैंक की साख एवं प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय में मानहानि का दावा भी दायर किया जाएगा। चेयरमैन ने बताया कि अर्की के सरयांज तथा कुनिहार की हाटकोट पंचायत स्थित बैंक की संपत्तियों की नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया जारी है। इन परिसरों के ताले तोड़कर अवैध हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि एक मामले में न्यायालय में चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बैंक की संपत्ति एवं कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस अवसर पर बैंक के निदेशक रोशन ठाकुर, प्रबंध निदेशक पंकज सूद तथा शाखा प्रबंधक मदन गोपाल भी उपस्थित रहे।
डी.ए.वी. विद्यालय भड़ोली में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से 5 से 7 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विद्यालय के कक्षा तीसरी से सातवीं तक के लगभग 240 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस शिविर में भाग लिया। समर कैंप के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें चित्रकला, पेंटिंग, गायन एवं नृत्य प्रमुख रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं सृजनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। समर कैंप का एक विशेष आकर्षण ‘वैदिक चेतना शिविर’ रहा। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को योग, हवन तथा चरित्र निर्माण संबंधी मंत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ा गया। विद्यार्थियों को अग्नि, सूर्य, वायु, पृथ्वी एवं आकाश नामक पाँच समूहों में विभाजित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, सहयोग एवं अच्छे संस्कारों का विकास करना रहा। इस आयोजन में विद्यालय के सभी अध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह एवं ऊर्जा बनी रही। समर कैंप के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से राजेंद्र शर्मा( व्याख्याता – राजनीति विज्ञान, योग प्रशिक्षक पब्लिक स्पीकर एवं मंच उद्घोषक को आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण, संस्कारों तथा वाणी के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति की पहचान केवल उसकी प्रतिभा से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, चरित्र और वाणी से भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि वाणी में बहुत शक्ति होती है—हमारे शब्द किसी के मन को प्रसन्न भी कर सकते हैं और आहत भी। इसलिए युवाओं को सदैव मधुर, संयमित, सकारात्मक एवं सत्य वाणी का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने शिविर के दौरान करवाई गई विभिन्न गतिविधियों को भी विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए उनके महत्व को समझाया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार गुलेरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को समर कैंप की सफल शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दीं।
उपमंडल ज्वालामुखी तहसील खुंडियां गांव ठंबा के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिक जोंडू राम की गत दिनों चारा मशीन में चारा काटने समय बाएं हाथ की अंगुलियों चपेट में आ गई। उन्हें तुरंत सिविल हॉस्पिटल खुंडियां पहुंचाया गया। मौजूद चिकित्सकों ने टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। स्थिति गंभीर देख टांडा मेडिकल कॉलेज से पी जी आई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जहां पर प्लास्टिक सर्जरी की गई। जोंडू राम नॉन पेंशनर हैं अतः परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जोंडू राम के परिवार ने पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा से मंगलवार को स्थिति से अवगत करवाया। कर्नल राणा ने उसी समय लीग की कार्यकारिणी समक्ष आर्थिक मदद का प्रस्ताव रखा और साथ ही लीग के सदस्यों से मदद की अपील की। इलाके के दर्जनों पूर्व सैनिक स्वेच्छा से मदद के लिए आगे आए और तीन दिनों में 31800 रुपए इकट्ठा कर शुक्रवार को जौंडू राम की पत्नी विद्या देवी को चेक हैंड ओवर कर मिशाल कायम की है। साथ ही लीग की कार्यकारिणी ने परिवार को आगे भी मदद का भरोसा देकर मानवता की मिशाल कायम की है।
भारतीय जनता पार्टी के "समरसता संकल्प अभियान" के तहत गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. सुकृत सागर ने देहरा विधानसभा क्षेत्र की बंगोली पंचायत स्थित गुरु रविदास मंदिर में दीप प्रज्वलित कर सामाजिक समरसता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ समरस समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया। डॉ. सुकृत सागर ने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना समाज को एक सूत्र में जोड़ने की रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का समरसता संकल्प अभियान समाज में समानता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता ही एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की आधारशिला है तथा जब समाज के सभी वर्ग बिना किसी भेदभाव के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी राष्ट्र निरंतर प्रगति करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मंत्र के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़कर समरस और विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। समरसता संकल्प अभियान इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। डॉ. सुकृत सागर ने सभी नागरिकों से अभियान से जुड़कर सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समरस समाज ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।
विधायक मलेंद्र राजन ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत सनौर के मंड सनौर और ग्राम पंचायत पराल का दौरा कर लोगों से संवाद किया तथा क्षेत्र की विकास योजनाओं की समीक्षा की। मंड सनौर में विधायक ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण किया और बताया कि क्षेत्र में जल्द ही नया विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। वहीं पराल पंचायत में उन्होंने बाढ़ संभावित स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने, आपदा प्रबंधन किटों का प्रशिक्षण लेने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। विधायक ने पराल पंचायत के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये की राशि देने और ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि किसी भी पंचायत के विकास कार्य धन के अभाव में नहीं रुकेंगे। उन्होंने बताया कि ठाकुरद्वारा पुल की लगभग 7 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार हो चुकी है और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द शिलान्यास किया जाएगा। इसके अलावा मौकी में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र का कार्य शुरू हो चुका है तथा पराल में दो नए विद्युत ट्रांसफार्मर भी जल्द लगाए जाएंगे। विधायक मलेंद्र राजन ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर देते हुए लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा और सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने पराल पंचायत में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. सुरिन्द्र ठाकुर, डीएसपी संजीव यादव, बीडीओ सुदर्शन सिंह, नायब तहसीलदार पवन कुमार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र मनकोटिया, सनौर पंचायत प्रधान अनूप कटोच, पराल पंचायत प्रधान केवल कृष्ण, उपप्रधान रिम्पी कुमार, बीडीसी सदस्य विनोद कुमार, सभी वार्ड सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
26 जुलाई को पंचकूला (चंडीगढ़) में आयोजित 2nd HL घरती मैमोरियल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिमाचल ताइक्वांडो एकेडमी खुंडिया के बच्चों ने हिमाचल का नाम रौशन किया l जिसमें प्रांजल धीमान, खुशी देवी, मनिका राणा और रिशव चौधरी ने स्वर्ण पदक हासिल किया तथा दिव्यांशी राणा और खुशबू ने कांस्य पदक हासिल किया l इस खुशी के मौके पर हिमाचल ताइक्वांडो एकेडमी के संचालक सुनील कुमार और मीना कुमारी ने सब बच्चों को बधाई दी तथा बताया कि हमारी एकेडमी के बच्चे बहुत ही तरक्की कर रहे हैं l सुनील कुमार का कहना है कि कोविड के बाद जब से बच्चों के माता पिता ने बच्चों को मोबाइल लेकर दिए हैं तब से बच्चे खासकर लड़कियां हमेशा मोबाइल में ही लगे रहते हैं और बहुत सारे बच्चे नशों की तरफ जा रहे हैं l सुनील कुमार का कहना है कि आज के समय के हिसाब से हर बच्चे को कम से कम 3 साल तक सेल्फ डिफेंस जरूर सीखना चाहिए l
अंतरराष्ट्रीय छात्र विनिमय कार्यक्रम (International Student Exchange Program) के अंतर्गत नीदरलैंड, तुर्की, स्विट्जरलैंड, ब्राज़ील एवं इटली से आए विदेशी छात्रों ने गुरुवार को साई इंटरनेशनल स्कूल का भ्रमण किया। विद्यालय पहुंचने पर उनका पारंपरिक हिमाचली रीति-रिवाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें विदेशी छात्रों ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था एवं हिमाचली परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अपने देशों की संस्कृति एवं जीवनशैली से भी सभी को अवगत कराया। विद्यालय के चेयरमैन एवं लायंस क्लब सोलन वैली के अध्यक्ष रामिंदर बावा ने विदेशी छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विभिन्न देशों के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, वैश्विक मित्रता एवं आपसी समझ को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम हैं। इस अवसर पर लायंस क्लब सोलन वैली के सचिव लायन डॉ. आर. के. सूद, कोषाध्यक्ष लायन शक्ति अवस्थी तथा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) लायन विनीत राय सूद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय की प्रधानाचार्या मीरा गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों का सम्मान करना भी सिखाते हैं। विद्यार्थियों ने विदेशी मेहमानों के सम्मान में हिमाचल के प्रसिद्ध लोकनृत्य "नाटी" की आकर्षक प्रस्तुति दी। विदेशी छात्र भी नाटी की धुन पर थिरकते नजर आए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ द्वारा विदेशी छात्रों के लिए पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई, जिनका उन्होंने भरपूर आनंद लिया तथा हिमाचली आतिथ्य और स्थानीय संस्कृति की मुक्त कंठ से सराहना की।
विधायक मलेंद्र राजन ने बुधवार को ग्राम पंचायत बरोटा का दौरा कर स्थानीय लोगों से संवाद किया तथा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि पंचायत में तीन नए विद्युत ट्रांसफार्मर स्वीकृत हो चुके हैं, जिनको स्थापित करने का कार्य शुरू हो गया है। करोड़ो रुपये की लागत से मिलवां-बरोटा सड़क का निर्माण भी किया गया। उन्होंने बताया कि पांच इलेक्ट्रिक बसों का टेंडर भी हो चुका है और बसें उपलब्ध होते ही बरोटा के लिए बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। विधायक ने पंचायत के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर लगभग 1.14 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक पंचायत भवन तथा आधुनिक ओपन जिम का निर्माण करवाया जाएगा। साथ ही पंचायत में सोलर लाइटें भी लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। साथ ही ग्राम सभा में अधिक से अधिक भागीदारी, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और प्रत्येक जनप्रतिनिधि से एक पौधा लगाने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि तियौड़ा-पत्तन पुल की डीपीआर तैयार की जा रही है और इसके लिए जल्द बजट उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बरोटा के प्रधान जुगल किशोर, उपप्रधान तरसेम लाल, बीडीसी सदस्य विनोद कुमार, सभी वार्ड सदस्य, केवल कृष्ण फौजी, तारा सिंह, उर्मिला देवी, रानी देवी, भाग सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं भारी बारिश के बावजूद काफी संख्या में पंचायत निवासी उपस्थित रहे
संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर विधायक मलेंद्र राजन ने मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान प्रभावी आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया गया। विधायक मलेंद्र राजन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन को बीबीएमबी अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने तथा पौंग डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि यदि डैम से पानी छोड़ा जाए तो इसकी सूचना समय रहते पंचायत प्रतिनिधियों और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले लोगों को सतर्क किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को जरूरत पड़ने पर आवश्यक खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों को आपदा प्रबंधन किट उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि आपदा के समय प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में एसडीएम डॉ. सुरिंदर ठाकुर, डीएसपी संजीव यादव, एनडीआरएफ के कंपनी कमांडर धर्मेंद्र ठाकुर, तहसीलदार अपूर्व शर्मा, बीडीओ सुदर्शन सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक महाजन, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता संदीप सानिहाल, जल शक्ति विभाग के एसडीओ अश्विनी कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं आपदा मित्र उपस्थित रहे।
सावन माह के पावन अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सावन का महीना श्रद्धा, सेवा, संयम और भाईचारे का संदेश देता है। इस अवसर पर विधायक ने बस स्टैंड इंदौरा में युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित लंगर में भाग लेकर श्रद्धालुओं व यात्रियों को प्रसाद वितरित किया और सेवा कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने युवाओं से राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए बताया कि योजना के तहत इलेक्ट्रिक टैक्सी, इलेक्ट्रिक बस और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और दो मल्टी-एक्सल ट्रकों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई उप-पुलिस अधीक्षक (एसडीपीओ) ज्वाली वीरी सिंह के नेतृत्व में थाना फतेहपुर पुलिस और क्यूआरटी (QRT) की संयुक्त टीम ने की। जानकारी के अनुसार, मध्यरात्रि गश्त के दौरान रे पतन क्षेत्र में पुलिस टीम ने अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त वाहनों और मशीनरी को मौके पर पकड़ा। इसके बाद माइनिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया गया। जिसमें जेसीबी मशीन: PB-07-CG-6846,मल्टी-एक्सल ट्रक: PB-07-CH-7948,मल्टी-एक्सल ट्रक: PB-07-CN-9736 जब्त किए गए है । पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस जिला नूरपुर अपने क्षेत्र में अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
पुलिस थाना संसारपुर टैरस के अंतर्गत एक ट्रक चोरी होने का मामला सामने आया है। वहीं अज्ञात चोरों ने दो अन्य ट्रकों को भी चोरी करने का प्रयास किया, लेकिन वे उन्हें ले जाने में सफल नहीं हो सके। जानकारी के अनुसार, दी ग्रीन वैली गुड्स कैरियर, संसारपुर टैरस की तीन गाड़ियों को रविवार रात करीब 11 बजे के बाद चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने तीन ट्रकों में से एचपी-36बी-2410 (10 टायर) ट्रक, जिसके मालिक अखिल जसरोटिया निवासी सुल्याह हैं, को संसारपुर टैरस में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के समीप से चोरी कर लिया। इसके अलावा चोरों ने एचपी-38डी-3777 ट्रक, जिसकी मालिक अंजना कुमारी निवासी जौड़बड़ हैं, को भी चोरी करने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने चालक की ओर का शीशा तोड़ दिया, लेकिन ट्रक स्टार्ट नहीं कर पाए और मौके से फरार हो गए। इसी दौरान चोरों ने एचपी-68-6003 ट्रक, जिसके मालिक संजीव कुमार निवासी पक्का टियाला हैं, का भी शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तथा ट्रक का जीपीएस सिस्टम क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, किसी कारणवश वे इस ट्रक को भी चोरी नहीं कर सके। रविवार रात सिलसिलेवार तरीके से एक ट्रक चोरी होने और दो अन्य ट्रकों को चोरी करने के प्रयास से ट्रक यूनियन के सदस्यों में चिंता का माहौल है। जिस स्थान पर वारदात हुई, वह औद्योगिक क्षेत्र के बीचोंबीच स्थित है। आसपास एक बैंक, मंदिर और कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान भी मौजूद हैं। सोमवार सुबह जब चोरी हुए ट्रक के मालिक मौके पर पहुंचे तो ट्रक वहां से गायब मिला। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर ट्रक की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही संसारपुर टैरस थाना पुलिस ने थाना प्रभारी संजय शर्मा के नेतृत्व में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संभावित मार्गों पर भी जांच की जा रही है, ताकि चोरी में शामिल आरोपियों का जल्द पता लगाया जा सके। ट्रक यूनियन के उपप्रधान राकेश कुमार ने बताया कि एक ट्रक चोरी हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चोरों ने वारदात को किस प्रकार अंजाम दिया। डीएसपी डाडासीबा राजकुमार ने बताया कि ट्रक चोरी मामले में आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।
उपमंडल ज्वालामुखी के तहत गांव पंचायत टिहरी में एक 30 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक युवक की पहचान अशोक कुमार पुत्र स्वर्गीय पैंचू राम के रूप में हुई है, जोकि पेशे से ट्रैक्टर चलाता था। मामले की पुष्टि एस पी देहरा संदीप धवल ने की है। उनके अनुसार युवक के पास एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने खुद आत्महत्या करने की बात लिखी है। हालांकि यह सब पुलिस जांच के बाद ही पूरा होगा कि उक्त लिखे हुए नोट की हैंडराइटिंग उसकी है या नहीं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस ने मौके पर जाकर लोगों के बयान सहित फॉरेसिंक टीम बुलाकर कमरे में साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही युवक की मौत कब ओर इसके पीछे क्या कारण रहे इसका खुलासा होगा। बहरहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है। शक के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। जानकारी के अनुसार अशोक कुमार अपनी ही पंचायत में एक निजी ट्रैक्टर का चालक था। मृतक अशोक कुमार की माता ब्यासां देवी के अनुसार हर दिन की तरह अशोक कुमार ट्रैक्टर खड़ा कर घर आ गया था। उनके अनुसार रोजमर्रा की तरह बीती रात करीब सवा 8 बजे खाना खाने के बाद वह अपने नए घर में सोने के लिए आ गया। सुबह आकर उसने देखा तो उसके पैरो तले जमीन खिसक गई। उसका बेटा पंखे पर झूल रहा था। मामले की सूचना स्थानीय प्रधान की दी गई। इसके पुलिस को सूचित किया गया व आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा अमल में लाई गई। इस मामले को लेकर मृतक की माता के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने दो लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि इन लोगों पर अशोक के साथ पहले भी मारपीट करने के आरोप लगे है। जिसकी शिकायत स्थानीय थाना में भी दर्ज है। बहरहाल पुलिस ने दोनों को उठाने के बाद इनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर चर्चित निजी स्कूल के छात्र मौत मामले को लेकर अब पूर्व सैनिक लीग खुंडिया ने तहसीलदार खुंडिया को ज्ञापन सौंप स्कूल प्रशासन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा की देहरा के उक्त निजी स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी तारीख का ऐलान भी जल्द कर दिया जाएगा । पूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की जाए। बता दें यह मामला खुंडिया थाना के अंतर्गत का है जहां ठम्बा निवासी 14 वर्षीय कबीर राणा ने घर पर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी। वहीं युवक के पिता ने स्कूल पर बच्चे के साथ होस्टल में प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जिस पर पुलिस मामले की गम्भीरता से जांच कर रही है। बहरहाल मामले में सत्यता क्या है वो तो पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्राथमिक स्थिति में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने पुलिस की जांच में पूर्ण सहयोग करने की बात कही है।
पुलिस थाना डाडा सीबा के अंतर्गत ग्राम पंचायत भनेड़ के गांव मलोट में सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान संदेश कुमारी (58) के रूप में हुई है, जो आंगनबाड़ी केंद्र में हेल्पर के पद पर कार्यरत थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह संदेश कुमारी अपने घर पर थीं, तभी उन्हें पैर में किसी जहरीले जीव के काटने का एहसास हुआ। जांच करने पर उनके पैर पर सांप के काटने के निशान मिले। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें चक्कर आने के साथ उल्टियां भी होने लगीं। परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए होशियारपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। हालांकि, पीजीआई पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। डाडा सीबा के डीएसपी राजकुमार ने बताया कि मृतका के शव को सिविल अस्पताल देहरा लाया गया, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। इस दुखद घटना पर ग्राम पंचायत भनेड़ की प्रधान शशि ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संदेश कुमारी के असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की, ताकि इस कठिन समय में परिवार को कुछ राहत मिल सके।
नक्की खड्ड पर 21.63 करोड़ से बनेगा बॉक्स गर्डर पुल, क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति : बिक्रम ठाकुर
पूर्व उद्योग मंत्री एवं जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने नाबार्ड के अंतर्गत विधायक प्राथमिकता योजना में जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि कोलोहा–प्रागपुर, ढलियारा, डाडासीबा और संसारपुर टैरेस मार्ग पर नक्की खड्ड के ऊपर 210 मीटर लंबे बॉक्स गर्डर पुल के निर्माण के लिए 21.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पुल लंबे समय से लोगों की प्रमुख मांग रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि बरसात के दौरान नक्की खड्ड में जलस्तर बढ़ने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता था, जिससे स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पुल बनने के बाद हजारों लोगों को पूरे वर्ष सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का विधायक प्राथमिकता सूची में प्रथम स्थान पर चयन होना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र की इस आवश्यकता को गंभीरता से केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया और उसे प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति मिली। उनके अनुसार यह परियोजना केवल एक पुल का निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। विधायक ने इस परियोजना के लिए बजट स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिल रही है। अंत में बिक्रम ठाकुर ने जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि पुल के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (HGCTA) की स्थानीय इकाई, राजकीय महाविद्यालय ढलियारा ने केंद्रीय कार्यकारिणी के राज्यव्यापी आह्वान के अनुरूप सोमवार को महाविद्यालय परिसर में गेट मीटिंग का आयोजन किया। दोपहर 12:30 बजे आयोजित इस बैठक में महाविद्यालय के 30 शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान शिक्षकों ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की समयबद्ध बैठकें आयोजित करने तथा करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) की अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। शिक्षकों का कहना है कि इन लंबित मामलों के कारण शिक्षकों के पदोन्नति एवं सेवा संबंधी हित प्रभावित हो रहे हैं। अपनी मांगों के समर्थन में शिक्षकों ने सोमवार से काले बैज पहनकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह विरोध प्रदर्शन 6 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। शिक्षकों ने सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
खंडियां क्षेत्र में एक 15 वर्षीय स्कूली छात्र का घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ शव बरामद हुआ है। खुंडियां पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इस कारण पुलिस सभी संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छात्र देहरा स्थित एक निजी स्कूल में 10वीं में पढ़ता था। स्कूल में दो दिन की छुट्टियों के चलते वह अपने माता-पिता के साथ घर आया हुआ था। शनिवार शाम को जब परिवार के सदस्य उसे कमरे में बुलाने गए, तो वह वहां डबल बेड की चादर के सहारे फंदे से लटका हुआ पाया गया ।परिजनों ने तुरंत उसे उतारा और इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल खुंडियां ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते खुंडियां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों व अन्य लोगों के बयान कलमबद्ध किए। पर उधर, सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आरपी जसवाल ने कहा कि शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला है। मामले में सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं एसपी देहरा संदीप धवल ने कहा की छात्र के पिता ने कहा कि 14 वर्षीय छात्र ने होस्टल में प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड कर लिया है। मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सड़कों पर घूम रहे घायल और बीमार बेसहारा गौवंश के उपचार के लिए द रिपब्लिक ट्रस्ट, मझीण ने पहल शुरू की है। ट्रस्ट की टीम ने नादौन और ज्वालामुखी क्षेत्र में अभियान चलाकर कई गंभीर रूप से घायल और बीमार गौवंश की पहचान की है। इनमें कई पशु सड़क दुर्घटनाओं या अन्य बीमारियों के कारण गंभीर हालत में मिले। ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने बताया कि भारी-भरकम गौवंश का सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट गन की आवश्यकता होती है, लेकिन स्थानीय पशु चिकित्सालयों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस समस्या को लेकर ट्रस्ट ने 27 जून को उपायुक्त हमीरपुर और 4 जुलाई को एसडीएम नादौन से मुलाकात की। एसडीएम नादौन ने ट्रस्ट को जानकारी दी कि अगले दो सप्ताह के भीतर पशु चिकित्सालय नादौन को ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट गन उपलब्ध करा दी जाएगी। इस बीच एसडीएम, बीडीओ और पशु चिकित्सक डॉ. संदीप पाटिल के सहयोग से गलू क्षेत्र में एक घायल बैल का सफल रेस्क्यू किया गया। ट्रस्ट के स्वयंसेवकों मनोहर लाल गांधी, रविंद्र, रघुवीर और मोहिंदर पटवारी ने बताया कि अभी तक केवल नादौन क्षेत्र में 10 से 12 घायल बेसहारा गौवंश की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि संस्था को प्रदेश के अन्य जिलों से भी रेस्क्यू के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। ट्रस्ट ने समाजसेवियों और दानदाताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पर्याप्त सहयोग मिलने पर पूरे हिमाचल में बेसहारा और पीड़ित गौवंश के संरक्षण एवं उपचार के लिए अभियान चलाया जाएगा।
शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के जलविद्युत संसाधनों पर राज्य का अधिकार मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए अधिकारियों को एसजेवीएन लिमिटेड को पूर्व में आवंटित तीन प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इनमें 382 मेगावाट सुन्नी परियोजना, 210 मेगावाट लुहरी चरण-1 परियोजना और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना शामिल हैं। ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम लाभ हिमाचल की जनता को मिलना चाहिए और राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जलविद्युत प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार अपने प्राकृतिक संसाधनों से हिमाचल का उचित हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एसजेवीएन द्वारा विकसित की जा रही 500 मेगावाट दुगार जलविद्युत परियोजना की शर्तों पर भी दोबारा बातचीत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, ऐसे में संशोधित परियोजना के अनुरूप प्रदेश को अधिकतम लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने 422 मेगावाट किशाऊ बांध परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों से लंबित गतिरोध समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को 211 मेगावाट मुफ्त बिजली प्राप्त होगी। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, सचिव (ऊर्जा) राकेश कंवर, ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के जलविद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और राज्य हित में आवश्यक निर्णय लेने पर सहमति बनी।
निरमंड उपमंडल प्रशासन ने खराब मौसम और यात्रा मार्ग की जोखिमपूर्ण स्थिति को देखते हुए श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है। उपमंडलाधिकारी (नागरिक) निरमंड जगदीप सिंह राठौर द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के तहत श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। आदेश के तहत अब यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की ट्रैकिंग, धार्मिक यात्रा अथवा श्रद्धालुओं को ले जाने की गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यह आदेश सभी ट्रैकर्स, श्रद्धालुओं, टूर ऑपरेटरों और ट्रैकिंग एजेंसियों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने लोगों से अपनी और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश न करने की अपील की है। एसडीएम जगदीप सिंह राठौर ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नूरपुर, 2 जुलाई: पुलिस जिला नूरपुर में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर (एसआई) देवा नंद को विभाग द्वारा इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नूरपुर में गरिमामयी पिपिंग समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके कंधों पर इंस्पेक्टर रैंक के स्टार लगाकर उन्हें आधिकारिक रूप से पदोन्नति प्रदान की। समारोह में पुलिस अधीक्षक नूरपुर, उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) ज्वाली तथा एसपी कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही। पदोन्नति के साथ ही इंस्पेक्टर देवा नंद को पुलिस थाना फतेहपुर का थाना प्रभारी (एसएचओ) नियुक्त किया गया है और उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। इंस्पेक्टर देवा नंद ने 11 मई 1992 को पुलिस विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। 34 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने पुलिस विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों में अपनी सेवाएं दी हैं। वे प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चंडीगढ़ में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने द्वितीय हिमाचल प्रदेश सशस्त्र पुलिस वाहिनी (2nd HPAP) सकोह के साथ-साथ जिला चंबा, कांगड़ा और बिलासपुर के विभिन्न पुलिस थानों में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। मार्च 2026 में उन्होंने पुलिस थाना नूरपुर में अतिरिक्त थाना प्रभारी (एडिशनल एसएचओ) का कार्यभार संभाला था। अब विभाग ने उनके लंबे अनुभव, उत्कृष्ट सेवाओं और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत कर थाना फतेहपुर की कमान सौंपी है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नूरपुर, एसडीपीओ ज्वाली तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इंस्पेक्टर देवा नंद को पदोन्नति एवं नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
डाडा सीबा, 2 जुलाई: बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सीबा में गुरुवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रजनी संख्यान ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्राचार्या प्रो. रजनी संख्यान ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें अनुशासन, नियमित अध्ययन तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण एवं मेहनत के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं और अपने-अपने विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। सहायक प्राध्यापक जतिंदर कुमार, सहायक प्राध्यापक दविंदर सिंह, डॉ. राम पाल, सहायक प्राध्यापक खेम चंद, सहायक प्राध्यापक शीतल, सहायक प्राध्यापक पलक सिंह तथा सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना कुमारी ने विद्यार्थियों को विभागों, पाठ्यक्रमों, अध्ययन पद्धति, पुस्तकालय सुविधाओं तथा महाविद्यालय में उपलब्ध अन्य आवश्यक सेवाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना, उन्हें संस्थान की कार्यप्रणाली की जानकारी देना तथा उनके भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई शैक्षणिक यात्रा के प्रति उत्साह का संचार करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे अपने लिए अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया।
डमटाल, 2 जुलाई: इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन ने बुधवार को ग्राम पंचायत डमटाल में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की टीम के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम, हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान अधिक से अधिक पौधारोपण करने, लगाए गए पौधों के संरक्षण को सुनिश्चित बनाने तथा वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया। विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है और इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए। साथ ही ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष प्रबंधन किया जाए, जहां मिट्टी और धूल के कण अधिक मात्रा में उड़ते हैं, ताकि धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। बैठक में एनजीटी की टीम तथा वन विभाग के अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के संबंध में अपने सुझाव साझा किए। अधिकारियों ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर पौधारोपण अभियान में सक्रिय सहयोग देने और अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर बीडीओ सुदर्शन सिंह, आरओ अब्दुल हामिद, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र मनकोटिया, ग्राम पंचायत डमटाल की प्रधान नीलम कुमारी, उपप्रधान सनी गोयल, वार्ड सदस्य राजेश कुमार, जगदीश, सतपाल, सुलिंदर और प्रदीप शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नूरपुर पुलिस की CIA टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंडवाल मुख्य प्रवेश द्वार से 10.18 ग्राम चिट्टा/हेरॉइन बरामद की है। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत CIA नूरपुर की टीम कंडवाल मुख्य प्रवेश द्वार पर मौजूद थी। नाकाबंदी के दौरान टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पंजाब के एक युवक को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 10.18 ग्राम हेरॉइन (चिट्टा) बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल (अपाचे, नंबर: PB 06 BA 1636) को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी की पहचान राजा, पुत्र जमाल सिंह, निवासी सराय मोहल्ला, गली नंबर 47, गांधी चौक, पठानकोट (पंजाब), उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। मामले में आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना नूरपुर में मुकदमा संख्या 173/2026 धारा 21, 25 मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के अंतर्गत दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नूरपुर पुलिस द्वारा मामले की आगामी गहन जांच की जा रही है ताकि इसके अगले संपर्कों का पता लगाया जा सके।
राजकीय डिग्री कॉलेज इंदौरा में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण, नियमों, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न छात्र सहायता सेवाओं से परिचित कराना था, ताकि वे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नमेश ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने अपने-अपने विभागों का परिचय दिया तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत पाठ्यक्रम, विषय चयन प्रक्रिया, उपस्थिति नियम, परीक्षा प्रणाली, छात्रवृत्ति योजनाओं, पुस्तकालय, एनएसएस, एनसीसी, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित उपस्थिति तथा शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया। आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने प्रवेश, पढ़ाई और कॉलेज जीवन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने कॉलेज में अपनी शैक्षणिक यात्रा को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास व्यक्त किया।
हाँ, आपने सही पकड़ा। अखबार की खबर के अनुसार कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की थी, जबकि कैबिनेट बैठक, जिसमें नीति को मंजूरी दी गई, उसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की। यदि आप उसी खबर के अनुरूप लिखना चाहते हैं, तो विवरण इस प्रकार होना चाहिए: Title: मल्टी टास्क वर्कर नीति को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया Description: हिमाचल प्रदेश सरकार ने मल्टी टास्क वर्कर (एमटीडब्ल्यू) नीति को मंजूरी दे दी है। नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और मल्टी टास्क वर्कर भर्ती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की गई। नई नीति लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में सफाई, रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मानव संसाधन की कमी दूर होने की उम्मीद है। इससे शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलेगी और वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह नीति विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी। गौरतलब है कि पहले आयोजित भर्ती प्रक्रिया में करीब 9 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए इसे रोक दिया गया था। अब नीति को मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) पंजीकरण प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश के कुल 17 पारंपरिक उत्पाद अब GI टैग से सम्मानित हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) के माध्यम से यह पंजीकरण प्राप्त किया गया है, जिससे प्रदेश की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। GI टैग प्राप्त करने वाले नए उत्पादों में स्पीति का सी-बकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा मेटल आर्ट, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूबड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण शामिल हैं। ये सभी उत्पाद अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, पारंपरिक निर्माण शैली और भौगोलिक विशेषताओं के कारण लंबे समय से प्रदेश की पहचान रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा हिमाचल की पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि GI टैग मिलने से इन उत्पादों की मौलिकता और विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी, बाजार में उनकी मांग और मूल्य में वृद्धि होगी तथा स्थानीय कारीगरों, किसानों और उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि GI पंजीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी पहचान भी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार पांगी का भोट जौ, चंबा चुख, भरमौर का प्लेक्ट्रेंथस शहद और सिरमौर के अदरक को भी GI टैग दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य हिमाचल की पारंपरिक धरोहर और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित कर प्रदेश के किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है।
हिमाचल प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर हर महीने थोपे जा रहे "मिल्क सेस" (दूध उपकर) और "फ्यूल सेस" (ईंधन उपकर) के खिलाफ अब देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता अदालत में कानूनी जंग छिड़ गई है। ज्वालामुखी के मुखर उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता अभिषेक पाधा ने प्रदेश सरकार की इस मनमानी और अवैध वसूली को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के मुख्य आयुक्त के समक्ष चुनौती देते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है। याचिका में साफ तौर पर हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEBL) को कटघरे में खड़ा करते हुए इस पूरी वसूली को उपभोक्ता कानून के तहत एक गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी और 'डार्क पैटर्न' (ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का छुपा हुआ तरीका) करार दिया गया है। शिकायतकर्ता अभिषेक पाधा ने कानूनी तथ्यों के साथ यह मुद्दा उठाया है कि जब एक आम नागरिक बिजली का कनेक्शन लेता है, तो उसका विद्युत बोर्ड के साथ सीधा समझौता सिर्फ और सिर्फ उसके द्वारा खर्च की गई बिजली की यूनिट्स (kWh) और तयशुदा रेगुलेटरी चार्जेस चुकाने का होता है। बिजली के इस मीटर बिल का दूध (मिल्क सेस) या सरकार की अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं से कोई लेना-देना नहीं हो सकता। सरकार अपनी राजनीतिक योजनाओं का वित्तीय बोझ चुपके से बिजली बिलों के रास्ते जनता की जेब पर डाल रही है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। सबसे गंभीर बात यह है कि यदि कोई जागरूक उपभोक्ता इस फालतू टैक्स को देने से मना करे और सिर्फ अपनी जलाई हुई बिजली का बिल भरना चाहे, तो बिजली बोर्ड उसका कनेक्शन काटने की धमकी देता है। आवश्यक बिजली सेवा को काटने का यह डर दिखाकर जनता से पैसे ऐंठना सीधे तौर पर ब्लैकमेलिंग और उपभोक्ता अधिकारों का खुला हनन है। दिल्ली की इस केंद्रीय अदालत (CCPA) में दायर याचिका में केंद्र सरकार के 'डार्क पैटर्न प्रिवेंशन गाइडलाइंस, 2023' का हवाला दिया गया है, जिसके तहत मूल सेवा की आड़ में पीछे से कोई अन्य हिडन चार्ज (छुपा हुआ खर्च) जोड़ना कानूनन अपराध है। अभिषेक पाधा ने अदालत से मांग की है कि हिमाचल के उपभोक्ताओं के बिलों से इन दोनों सेस को तुरंत हटाया जाए और बिजली बोर्ड को केवल वास्तविक खपत के आधार पर पारदर्शी बिल बनाने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा, याचिका में सरकार द्वारा अब तक इस मद में जनता की जेब से वसूले गए करोड़ों रुपयों की उच्च स्तरीय जांच करवाने और वह सारा पैसा उपभोक्ताओं को भविष्य के बिलों में वापस (रिफंड) करने की भी जोरदार गुहार लगाई गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत से यह भी अंतरिम राहत मांगी गई है कि जब तक इस केस का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक सेस न चुकाने पर किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के एनसीसी कैडेट्स 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक ऊना के जेएनवी पेखुबेला में आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (ATC-245) में भाग लेने के लिए रवाना हुए। रवानगी के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुशील भारद्वाज ने सभी कैडेट्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रसेवा की भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह दल एसोसिएट एनसीसी अधिकारी (ANO) लेफ्टिनेंट डॉ. कपिल सूद के नेतृत्व में शिविर के लिए रवाना हुआ है। डॉ. सूद ने कैडेट्स को शिविर के दौरान अनुशासन का पालन करने, प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और नई गतिविधियों से सीख लेकर अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शिविर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं। 10 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में सैन्य ड्रिल, शारीरिक प्रशिक्षण (PT), हथियार संचालन, नेतृत्व विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं और विभिन्न विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, टीमवर्क और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया जाएगा। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागी कैडेट्स के सफल प्रशिक्षण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के डिपार्टमेंट ऑफ टीचर्स एजुकेशन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बी.एड. (ITEP) कोर्स में प्रवेश हेतु ऑफलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार काउंसलिंग 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी। 3 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (मिडिल) की 50 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। वहीं, 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों के लिए तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (मिडिल) और बी.कॉम.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50-50 सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET)-2026 की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी स्वप्रमाणित प्रतियां लेकर काउंसलिंग में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन की पुष्टि होने के बाद प्रथम सेमेस्टर की फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होगी। बी.ए.-बी.एड. और बी.कॉम.-बी.एड. के लिए पहली किस्त 25,700 रुपये तथा बी.एससी.-बी.एड. के लिए 28,700 रुपये निर्धारित किए गए हैं। फीस जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा।
हिमाचल प्रदेश में आज, 1 जुलाई से केंद्र सरकार की नई VB-G RAM-G (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) योजना लागू हो गई है। यह योजना मौजूदा मनरेगा व्यवस्था की जगह लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ पूरी प्रणाली को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का गारंटीड रोजगार मिलेगा। योजना में कार्यों की स्वीकृति, श्रमिकों की उपस्थिति (Attendance), मॉनिटरिंग और भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएं केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दावा किया गया है। हालांकि, योजना को लेकर हिमाचल सरकार ने केंद्र के समक्ष कई आपत्तियां भी दर्ज करवाई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी की चुनौतियां इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन सकती हैं। इसके अलावा, नई योजना के तहत मजदूरी दर और मानव-दिवस (Man-days) के आवंटन को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है। विशेष श्रेणी राज्य होने के कारण हिमाचल में इस योजना का 90:10 (केंद्र:राज्य) फंडिंग पैटर्न लागू रहेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के खजाने पर हर साल लगभग ₹160 से ₹164 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि योजना लागू न करने की स्थिति में केंद्र से मिलने वाले ग्रामीण विकास फंड पर भी असर पड़ सकता था। योजना के प्रभावी संचालन और निगरानी के लिए ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी, जबकि विपक्ष और कई विशेषज्ञ अतिरिक्त वित्तीय बोझ, तकनीकी चुनौतियों और इसके जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित गगल एयरपोर्ट से बुधवार से इंडिगो एयरलाइंस ने नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए नियमित सीधी हवाई सेवा शुरू कर दी है। इस नई उड़ान के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के बीच हवाई संपर्क पहले से अधिक मजबूत हो गया है। हाल ही में परिचालन शुरू करने वाले जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उड़ान नेटवर्क में अब गगल एयरपोर्ट भी शामिल हो गया है, जिससे यात्रियों को राजधानी क्षेत्र तक पहुंचने का एक नया और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। इंडिगो की यह उड़ान प्रतिदिन संचालित होगी। विमान सुबह 9:55 बजे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर 11:40 बजे गगल पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे गगल से रवाना होकर 1:40 बजे वापस जेवर पहुंचेगा। यानी दोनों शहरों के बीच की दूरी अब महज 1 घंटा 40 मिनट में तय की जा सकेगी। फिलहाल इस रूट का किराया लगभग 7,000 से 8,000 रुपये के बीच रखा गया है और टिकटों की बुकिंग इंडिगो की वेबसाइट व अन्य अधिकृत प्लेटफॉर्म पर शुरू हो चुकी है। इस नई सेवा के शुरू होने के बाद गगल एयरपोर्ट से अब इंडिगो की 5, स्पाइसजेट की 3 और एलायंस एयर की 1 नियमित उड़ान संचालित होंगी। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक उड़ानों का विकल्प मिलेगा और पर्यटन, व्यापार तथा धार्मिक यात्रा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सिविल हवाई अड्डा गगल के निदेशक अमित सकलानी ने इस नई हवाई सेवा को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि गगल एयरपोर्ट का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधा जुड़ना प्रदेश के विकास और हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में पहली बड़ी भू-स्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कुछ ही समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात ठप हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, कार्यालय आने-जाने वालों और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा। सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा। मानसून की शुरुआत के साथ ही शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून के मुकाबले करीब 5 दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह से किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है, जबकि कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। स्थिति को देखते हुए 2 से 4 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी और कांगड़ा में 30.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मैदानी जिला ऊना राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मंजू शर्मा मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु को निलंबित कर दिया है। इलाज में कथित लापरवाही के आरोपों के बाद गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उच्च अधिकारियों को सौंपी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल डॉ. अनु को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिमला में अटैच किया गया है। गौरतलब है कि मृतक महिला मंजू शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से कुल्लू के ढालपुर में युवाओं द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन और अनशन किया जा रहा था। मंगलवार शाम कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को डॉ. अनु के निलंबन की जानकारी दी। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था, जिसके बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित डॉक्टर को निलंबित किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले में दर्ज अन्य शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच होगी और यदि किसी अन्य की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मृतका मंजू शर्मा के भाई दिनेश शर्मा ने बहन को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरकर समर्थन देने वाले हजारों लोगों का आभार व्यक्त किया। वहीं समाजसेवी बलदेव ठाकुर ने कहा कि दो दिनों तक चले आंदोलन के बाद यह कार्रवाई हुई है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में शामिल अन्य स्टाफ नर्सों के खिलाफ भी जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रविवार को सोलन में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उनके साथ मौजूद रहीं। राज्यपाल ने जिला प्रशासन और शूलिनी मेला समिति को मेले के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शूलिनी मेला केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। समारोह के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने राज्यपाल को सम्मानित किया। राज्यपाल ने सोलन रेडक्रॉस सोसायटी के नव-नामित आजीवन सदस्यों को बैज प्रदान किए और मानव सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने शूलिनी मेले के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित स्मारिका का भी विमोचन किया तथा स्थानीय कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इससे पहले राज्यपाल ने सोलन के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। समारोह में विधायक विनोद सुल्तानपुरी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, रेडक्रॉस प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
HRTC के बेड़े में शामिल हुईं 150 नई इलेक्ट्रिक बसें, अब ग्रामीण रूटों पर भी मिलेगा प्रदूषण मुक्त सफर
हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो गई हैं, जिन्हें प्रदेश के 9 अलग-अलग डिपो में आवंटित कर दिया गया है। इन बसों के संचालन से अब ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। निगम प्रबंधन के अनुसार सबसे अधिक 35-35 इलेक्ट्रिक बसें ऊना और हमीरपुर डिपो को दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर को 20, नालागढ़ और नाहन को 15-15, देहरा और पालमपुर को 10-10 तथा धर्मशाला और तारादेवी (शिमला) को 5-5 बसें आवंटित की गई हैं। कुछ अन्य डिपो को भी आवश्यकता के अनुसार 1-2 बसें दी गई हैं। डिपो में पहुंचने के बाद इन बसों की प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) की जाएगी। तकनीकी जांच पूरी होते ही इन्हें विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा। नई बसों के शामिल होने से निगम में बसों की कमी दूर होगी और कई नए रूटों पर भी बस सेवा शुरू की जा सकेगी। गौरतलब है कि HRTC ने कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जिनमें से 150 बसें प्रदेश पहुंच चुकी हैं। शेष 147 इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द ही हिमाचल पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही निगम डीजल बसों की खरीद प्रक्रिया भी जारी रखे हुए है।
ब्लॉक देहरा में रविवार को आयोजित पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 6,085 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। यह जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश आज पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच सके या दवा पीने से छूट गए हैं, उनके लिए 29 और 30 जून को विशेष घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रत्येक घर तक पहुंचकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। अभियान को सफल बनाने के लिए 136 टीमें गठित की गई हैं, जो सोमवार और मंगलवार को पूरे ब्लॉक में घर-घर जाकर बच्चों की पहचान करेंगी। वहीं अभियान की निगरानी और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 14 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो लगातार फील्ड का दौरा कर रहे हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य ब्लॉक के हर बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है। सभी अभिभावक स्वास्थ्य विभाग की घर-घर आने वाली टीमों का सहयोग करें ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
नूरपुर पुलिस जिला के अंतर्गत (CIA-I) की टीम ने नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बौड चौक, जसूर के पास एक एचआरटीसी (HRTC) बस में सवार एक युवती से 1 किलो 6 ग्राम चरस बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। 28 जून को CIA नूरपुर की टीम गनोह, जसूर और नूरपुर क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, गश्त और मादक पदार्थों की चेकिंग हेतु तैनात थी। इसी दौरान पुलिस टीम को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि पालमपुर की रहने वाली एक युवती एचआरटीसी बस (संख्या HP 38 C 9974) में भारी मात्रा में चरस लेकर आ रही है। नाके के दौरान उक्त एचआरटीसी बस को रोका गया। तलाशी लेने पर बस में सवार कुमारी गुनगुन (उम्र 19 वर्ष), सुपुत्री शशि कुमार, निवासी गांव खिल्डू, डाकघर बिंद्राबन, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा के बैग से 1 किलोग्राम 06 ग्राम चरस (सकल वजन) बरामद की गई। पुलिस ने मौके पर ही सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए चरस को जब्त कर लिया और सैंपल सील कर दिए। इस संदर्भ में आरोपी युवती के खिलाफ थाना नूरपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 व 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नूरपुर पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं कांग्रेस नेता सुरिंदर मनकोटिया ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित VB-G RAM-G व्यवस्था पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में मनरेगा के तहत राज्य सरकार द्वारा दी जा रही ₹320 की दिहाड़ी नई व्यवस्था लागू होने पर घटकर ₹247 रह जाएगी। मनकोटिया ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा जब मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के बजाय घटाई जा रही है। उन्होंने इसे गरीब विरोधी फैसला बताते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों, छोटे किसानों, महिलाओं और गांवों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि मनरेगा में ऐसी जिम्मेदारी नहीं थी। इससे रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था कमजोर होगी, गरीब परिवारों को समय पर काम नहीं मिलेगा, मजदूरी सम्मानजनक नहीं रहेगी और भुगतान में भी देरी की आशंका बढ़ जाएगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि डिजिटल निगरानी और नई जटिल प्रक्रियाओं के कारण दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होंगी। इसके अलावा पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता और कार्यों के चयन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा पंचायतों के अधिकार सीमित हो जाएंगे। सुरिंदर मनकोटिया ने कहा कि नई व्यवस्था से मजदूरी दर, भुगतान प्रणाली, राज्यों की जिम्मेदारी और रोजगार की वास्तविक उपलब्धता पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और मनरेगा मजदूरों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की निवासी आँचल शर्मा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा आयोजित M.Sc. न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा-2026 में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, क्षेत्र और पूरे हिमाचल में खुशी की लहर है। AIIMS M.Sc. न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा का आयोजन AIIMS द्वारा विभिन्न स्नातकोत्तर पैरामेडिकल और मेडिकल साइंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। वर्ष 2026 में यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा में जैव विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, भौतिकी और संबंधित विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं तथा मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को AIIMS संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। आँचल शर्मा ने इस अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में देशभर के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। उनकी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन का यह परिणाम प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी चिकित्सा विज्ञान का एक विशेष क्षेत्र है, जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थों की सहायता से कैंसर, हृदय रोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार में सहायता प्रदान की जाती है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और आँचल की यह उपलब्धि भविष्य में उन्हें चिकित्सा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
बिलासपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमलाल गौतम को पद्मश्री, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक और करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. प्रेमलाल गौतम को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट समेत 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध और नवाचारों ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है। डॉ. गौतम को मिला यह सम्मान न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से ‘काम छोड़ो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि ‘काम छोड़ो आंदोलन’ के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
देहरा के अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक पाधा ने जिला प्रशासन कांगड़ा को एक महत्वपूर्ण जनहित सुझाव देते हुए उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजा है। उन्होंने जिला मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित होने वाली मासिक प्रशासनिक समीक्षा बैठकों की अग्रिम सूचना सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। अभिषेक पाधा ने कहा कि जिला मुख्यालय धर्मशाला में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली समीक्षा बैठकों में जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भाग लेने के लिए बुलाया जाता है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यों की समीक्षा के लिए ये बैठकें अत्यंत आवश्यक एवं सराहनीय हैं, लेकिन इनकी पूर्व जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचने के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। ऐसे में ज्वालामुखी, नूरपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपने राजस्व, भूमि एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए उपमंडल और तहसील कार्यालयों में पहुंचते हैं। लेकिन अधिकारियों के मासिक बैठक में होने के कारण उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ता है। पाधा के अनुसार इससे आम जनता का बहुमूल्य समय, वाहन का ईंधन, आर्थिक संसाधन और श्रम व्यर्थ होता है। साथ ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा से आग्रह किया है कि मासिक बैठकों का कार्यक्रम कम से कम दो से तीन दिन पूर्व स्थानीय समाचार पत्रों, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों तथा जिला प्रशासन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए। इससे आम नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आने की योजना बना सकेंगे और अनावश्यक परेशानियों से बच सकेंगे।


















































