प्रागपुर: पशु चिकित्सालय की स्वीकृत राशि स्थानांतरित होने पर भड़के ग्रामीण, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
भाजपा प्रागपुर मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार खुद कोई नई योजना नहीं दे रही है और भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत की गई योजनाओं को भी बंद कर रही है। विनोद शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के समय पंचायत दोदूँ राजपूता (तत्कालीन पंचायत कोलापुर) के दुर्गम क्षेत्र के लिए ग्रामीणों ने विधायक विक्रम सिंह ठाकुर से पशु चिकित्सालय की मांग की थी। उस समय उद्योग मंत्री रहे विक्रम सिंह ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार से इस पशु चिकित्सालय को स्वीकृत करवाया था। इसके पश्चात विभाग द्वारा जनता से संपर्क कर भूमि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया, ताकि पशु चिकित्सालय के लिए बजट जारी किया जा सके। इस पर स्वर्गीय मोहिंदर सिंह एवं उनके परिजनों ने मुख्य मार्ग पर लगभग सवा कनाल भूमि विभाग के नाम रजिस्ट्री करवाई। लेकिन विभाग के बड़े अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूमि का इंतकाल नहीं हो पाया। इसी बीच स्वर्गीय मोहिंदर सिंह एवं उनके पुत्र का देहांत हो गया, जिससे उक्त स्थान पर भवन निर्माण को लेकर समस्या उत्पन्न हो गई। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने एक बार फिर विभाग के नाम अपनी 10 मरले निजी भूमि दान कर दी। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया के दौरान लोक निर्माण विभाग ने अधिक खर्च का हवाला देकर इसे खारिज कर दिया। इसके बाद तीसरी बार ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय के लिए शांतला तथा लोक निर्माण विभाग कोटला बेहड़ के अधिकारियों को सड़क किनारे एक अन्य स्थान दिखाकर 10 मरले भूमि विभाग के नाम करवाई, ताकि भवन निर्माण कार्य शुरू हो सके। लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी बीच पूर्व में स्वीकृत धनराशि को विभाग द्वारा धर्मशाला स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच प्रधान मुकेश कुमार, उप-प्रधान विनोद मेहता, वार्ड पंच रामकृष्ण, बाल कृष्ण, रवि कांत, रमेश कुमार, सकिंदर देवी, चमन लाल, वीरेंद्र कुमार, किशोरी लाल, बिपिन कुमार, शिव पाल, नवीन राणा, पारी, आशा राणा, शिव कुमार, राम स्वरूप, रत्तन चंद, अश्वनी कुमार, जोगिंदर कुमार एवं अनिल कुमार ने प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में इस पशु चिकित्सालय के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया, तो पंचायतवासी मजबूर होकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को यह परेशानी झेलनी पड़ी है, उन्हें नाम सहित न्यायालय में पेश किया जाएगा।
1971 के भारत–पाक युद्ध में अपनी वीरता और शौर्य का परिचय देने वाले देहरा के तहत पड़ते हरिपुर निवासी, सेवानिवृत्त वीर सैनिक नायक प्रेम चंद का निधन हो गया है। उन्होंने लंबी बीमारी के बाद 6 जनवरी 2026 को अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार हरिपुर स्थित श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान सैकड़ों नम आंखों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। नायक प्रेम चंद ने अपना संपूर्ण जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और अटूट देशभक्ति को समर्पित कर दिया। वे 19 जैक राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बलिदान और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल के पैतृक गांव गरली, जिला कांगड़ा में उनकी स्वर्गीय माता निर्मला देवी के जन्मोत्सव के अवसर पर शांति पूजन एवं पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सहभागिता की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। इस दौरान राज्यपाल ने माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां द्वारा दी गई शिक्षाएं जीवन का आधार होती हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मां की सेवा करता है और उनके संस्कारों को आत्मसात करता है, वह जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। राज्यपाल ने संतों और महापुरुषों के वचनों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में दंडीस्वामी मुकुंदानंद गिरि (जोशीमठ), दंडीस्वामी स्वात्मानंदेन्द्र सरस्वती महास्वामी (विशाखापट्टनम), कनकेश्वरी देवी (मोरबी), कैलाश विजयवर्गीय (कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार), स्वामी ललितराम दास (केदारनाथ), स्वामी कृष्ण गिरि (ज्वाला देवी, जूना अखाड़ा), महंत मधुसूदनाचार्य महाराज (ब्रह्मर्षि आश्रम, इंदौरा), स्वामी कृष्णानंद महाराज (कैलाश आश्रम, प्रयागराज), विष्णु प्रयंत (अयोध्या), स्वामी अतुल कृष्ण महाराज (चंडीगढ़), दिनेश किशोर (पुजारी, रघुनाथ मंदिर, कुल्लू), देवी चंद्र (हड़िम्बा मंदिर, मनाली), कमल कैलाश शर्मा, अभिषेक शर्मा, पंडित शशिभूषण शर्मा (गरली), कृष्ण चंद्र शर्मा (गरली), अनिल (दिल्ली), शैलेश कुमार तिवारी (बलाहार), आचार्य गोविंद नारायण दीक्षित, कृष्ण कुमार द्विवेदी (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), महंत हरीश भारती (ग्राम नरेली) सहित कई संत एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा एसपी देहरा मयंक चौधरी भी मौजूद रहे।
धर्मपुर बाजार में शीतला माता मंदिर के पास चौक के समीप हाई-सेंसिटिव कैमरा स्थापित किए जाने के बाद अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। इस आधुनिक कैमरे की मदद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक अब पुलिस की निगरानी से बच नहीं सकेंगे। तय गति सीमा से अधिक रफ्तार, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने सहित अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सीधे चालान काटे जाएंगे। पुलिस के अनुसार, इस कैमरे के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। थाना प्रभारी ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। धर्मपुर पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि धर्मपुर क्षेत्र के लिए विभाग द्वारा कुल दो हाई-सेंसिटिव कैमरे स्वीकृत किए गए हैं। पहला कैमरा सरकाघाट के कैंची मोड़ के ऊपर पहले ही स्थापित किया जा चुका है, जबकि दूसरा कैमरा धर्मपुर बाजार में शीतला माता मंदिर के पास लगाया गया है। इन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
बिलासपुर के मरहाणा गांव में इन दिनों तेंदुए के भय से गाँव में डर का माहौल बना हुआ है। शनिवार रात गांव में घर के आंगन में एक महिला पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार रामप्यारी पत्नी कुलदीप जब रात के समय अपने घर के आंगन की ओर आई तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया। महिला के चिल्लाने पर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों की हलचल और शोर सुनते ही तेंदुआ वहां से भाग गया, जिससे महिला की जान बच गई। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत मरहाणा के प्रधान जगत सिंह ने बताया कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। समीपवर्ती गांव भदरेट में तेंदुए का एक जोड़ा घरों के आंगन में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों में भी कैद हुआ है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग को ज्ञापन देकर क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की विफल नीतियों के कारण प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि शांत माने जाने वाले हिमाचल में आज अपराध और अप्रिय घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य में आम नागरिकों के भीतर असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में कुल 17,385 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 16,393 थी, यानी अपराधों में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। नशा तस्करी के मामलों में भी तेज़ इज़ाफ़ा हुआ है। 2025 में 1,967 केस दर्ज हुए, जो 2024 के 1,537 मामलों से लगभग 28 प्रतिशत अधिक हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में 363 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 305 थी, यानी 19.02 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह किडनैपिंग और अपहरण के मामले 2024 के 453 से बढ़कर 2025 में 533 हो गए, जो लगभग 17.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में माफिया बेखौफ हैं और प्रदेश में डर का माहौल बन रहा है। उन्होंने धर्मशाला की बेटी पल्लवी के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
5 जनवरी को 11 के० वी० खबली फीडर की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के चलते इसके अंतर्गत आने वाले गाँव खबली, पाईसा, मानगढ़, जालंधर लाहड़ की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसी प्रकार दिनांक 9 जनवरी को 11 के० वी० गुम्मर फीडर की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव हेतु इसके अंतर्गत आने वाले गाँव जालंधर लाहड़, मुहल, करियाड़ा, गुम्मर की विद्युत आपूर्ति सुबह 9:00 बजे से कार्य समाप्ति तक बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल देहरा द्वारा दी गई है तथा उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के दृष्टिगत 03 जनवरी, 2026 तथा 05 जनवरी, 2026 को सोलन शहर और कंडाघाट क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।सहायक अभियंता सोलन हिमांशु मेहता ने बताया कि 03 जनवरी, 2026 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक सिटी प्लाजा, क्लीन, सन्नी साइड, संजीवनी अस्पताल, ओल्ड पावर हाउस रोड, मॉल रोड, विवांता मॉल से पुराना सी.जे.एम. आवास तक तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन के वरिष्ठ अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने बताया कि 05 जनवरी, 2026 को 33 के.वी. कंडाघाट फीडर के तहत आने वाले क्षेत्रों में प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में कंडाघाट, दोलग, परोंथा, डेढ़घराट, शनेच, टिक्कर, मही, सिरीनगर, हाथांे, पलेच, शलुमणा, हिमुडा, वाकनाघाट, छावशा, डुमैहर, कोट, क्वारग, कोठी, भारा, आंजी ब्राहमणा, सैंज, गोग, कैथलीघाट, शालाघाट, क्यारी बंगला, बीशा, बाशा, सुरो, जे.पी. विश्वविद्यालय, चायल, दोची, मिलिट्री स्कूल, जीत नगर, आलमपुर, भलावग, हिन्नर, कुरगल, मिहाणी, बिनू, डुबलू, नगाली सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। विद्युत बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारण से निर्धारित तिथि व समय में परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई के लोगों को जल्द नई सीवरेज लाइन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग की ओर से रिवाइज्ड सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत चालू वित्त वर्ष 2025–2026 के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत हुई है। इससे शाहतलाई के लोगों को लाभ मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए जल्द ही इसकी आधारशिला रखी जाएगी। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग की ओर से आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने दी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए राशि स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का लाभ शाहतलाई क्षेत्र की जनता को मिलेगा। विवेक कुमार ने बताया कि पहले इस प्रोजेक्ट में शाहतलाई नगर पंचायत के दो वार्ड ही शामिल थे, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट में शाहतलाई नगर पंचायत के सभी सात वार्ड शामिल कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सरकार के समक्ष रखा गया था, ताकि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सके। अब सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के तहत राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, जल्द ही इस सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी जाएगी। विवेक कुमार ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र में सरकार के सहयोग से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं और लोगों की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शाहतलाई में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही इस कार्य को आवंटित करवाने के बाद सीवरेज लाइन का कार्य शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आगामी भविष्य में भी प्रदेश सरकार के सहयोग से क्षेत्र में विकास कार्य करवाए जाएंगे, ताकि जनता को लाभ मिल सके।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले की रूपी पंचायत के नालिंग-2 गांव में शुक्रवार सुबह दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली की कुछ ही देर में पूरा मकान जल गया। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से घर में सो रहे एक युवक की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 6 बजकर 45 मिनट पर हुई। बुद्ध राम नाम के व्यक्ति के घर में अचानक आग लग गई, जो देखते ही देखते पूरे ढांचे में फैल गई। आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के समय मकान के निचले कमरे में बुद्ध राम का बेटा सुभाष सो रहा था। सुबह गांव के कुछ लोगों ने मकान से धुआं उठता देखा। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और सुभाष को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि उसे काबू में लाना मुश्किल हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत रूपी के प्रधान रामेश्वर नेगी ने स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो नुकसान का आकलन कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को शीघ्र राहत और सहायता प्रदान करने की मांग की है।
कांगड़ा जिले के धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के आरोपों पर कॉलेज के प्रोफेसर और तीन छात्राओं पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि रैगिंग और प्रोफेसर द्वारा प्रताड़ना के चलते छात्रा डिप्रेशन में चली गई थी और फिर तीन महीने इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। डाइंग डिक्लेरेशन में छात्रा ने कहा कि "अशोक सर, बहुत बुरे सर थे। वो पीछे पड़ जाते थे और अजीब-अजीब हरकतें करते थे और शरीर को टच करते थे।" जानकारी के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 75, 115 (2), 3 (5) और एंटी रैंगिग कानून की धारा-3 के तहत केस दर्ज किया गया है। छात्रा के पिता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है। पिता की शिकायत के अनुसार, 19 वर्षीय बेटी धर्मशाला कॉलेज में सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी। 18 सितंबर 2025 को कॉलेज की 3 छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और डराया धमकाया था। पिता ने कहा कि कॉलेज के प्रोफेसर ने भी बेटी के साथ अश्लील हरकतें की। इस वजह से बेटी मानसिक रूप से बीमार हो गई और फिर उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। पिता ने बताया कि कई अस्पतालों में बेटी का इलाज करवाया। हालांकि, 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने कहा कि बेटी की बीमारी की वजह से वह पुलिस को मामले की सूचना नहीं दे पाए थे। हालांकि, 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी।
रामपुर पुलिस उपमंडल के अंतर्गत झाकड़ी पुलिस थाना की टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना और नियमित गश्त के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन झाकड़ी पुलिस की टीम ज्यूरी–सराहन लिंक रोड पर गश्त पर थी। इसी दौरान क्यार नामक स्थान के समीप एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शक के आधार पर उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 1.054 किलोग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत प्रतिबंधित सामग्री को कब्जे में लेते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सागर पुत्र कर्म चंद के रूप में हुई है, जो जिला शिमला की रामपुर तहसील के गांव डुमी (डाकघर बोंडा) का निवासी बताया जा रहा है। चरस बरामद होने के बाद झाकड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चरस कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। मामले की आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में नववर्ष का जश्न मनाकर कार में वापस लौट रहे एक युवक और तीन युवतियों की सड़क हादसे में मौत हो गई है। जिला कुल्लू के मुख्यालय सरवरी के भूतनाथ पुल के पास फोरलेन सड़क पर देर रात एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कुल्लू पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त गाड़ी से सभी को बाहर निकाला। घायल युवती का ढालपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। कुल्लू पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक मृतक की पहचान सतपाल के रूप में हुई है, जो कुल्लू का ही रहने वाला था। वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही सतपाल के दोस्त अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को सतपाल का जन्मदिन था। वह अपनी तीन दोस्त के साथ जन्मदिन और न्यू ईयर मनाने कसौल गया था। बीती रात करीब एक बजे कसौल से वापस लौटते वक्त उनकी गाड़ी भूतनाथ के पास पहले पैरापिट से टकराई और बाद में सड़क किनारे खड़े ट्रक के नीचे आ गई।
सोलन जिला के नालागढ़ पुलिस स्टेशन के बाहर एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस धमाके से नालागढ़ पुलिस स्टेशन और पास स्थित सैनिक भवन की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना की सूचना मिलते ही एसपी बद्दी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और पड़ताल शुरू की। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाका किस चीज से हुआ और इसके पीछे क्या कारण था। पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली करवा दिया है और क्षेत्र को सील कर दिया गया है। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा ने धमाके की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस के सीनियर अधिकारियों से बात हुई है। इसकी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक शिक्षा खंड रक्कड़ के अंतर्गत स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंडोल में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा एवं शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी अरुण शर्मा द्वारा की गई। पंचायत प्रधान हिरण ममता ठाकुर, उपप्रधान कमांडेंट हरि सिंह एवं पंचायत सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरजीत चौधरी व सदस्य केहरो देवी, रीता कुमारी, प्रिया वाला, समाजसेवी सूबेदार रूप सिंह ठाकुर व बाबू राम, मुख्य अध्यापक हाई स्कूल सुमन कुमार एवं स्टाफ, प्राथमिक पाठशाला बंडोल के मुख्यशिक्षक रजनीश भूरिया, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सुनील धीमान, कविता राणा, अनीता चौधरी और काजल चौधरी, 150 बच्चे व 125 अभिभावक कार्यक्रम में शामिल रहे। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा संवाद एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा कार्यक्रम को नई शिक्षा नीति 2020 का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने अभिभावकों और अध्यापकों को बच्चों की सर्वांगीण विकास आधारित एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने की बात कही, जिसमें बच्चों का बौद्धिक विकास, शारीरिक विकास, भावनात्मक विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास शामिल हो। मुख्य अतिथि ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला बंडोल अध्यापकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के आपसी तालमेल और सहयोग का एक सुंदर उदाहरण है। मुख्यशिक्षक रजनीश भूरिया ने कहा कि यह कार्यक्रम एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहाँ प्रशासन, अध्यापक, अभिभावक और स्थानीय समुदाय बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं पाठशाला के विकास से जुड़ी चुनौतियों, समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल समिति द्वारा पाठशाला के विकास में सहयोग देने वाले स्थानीय समुदाय के लोगों को सम्मानित किया गया।
एस.वी.एन. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार में विद्यालय का 37वां वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यालय परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया। इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ईशानी शर्मा, सिविल जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अर्की ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में के.के. यादव, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कुनिहार उपस्थित रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता मानद अतिथि राजकुमार शर्मा, डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर, कुनिहार ने की। विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग, निदेशक लूपिन गर्ग, पद्मनाभम एवं हेमंत शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और अभिभावकों में गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी। इसके साथ ही विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति नृत्य, लोकनृत्य, समूहगान एवं लघु नाटिकाओं ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पंजाब, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के पूरे वर्ष के कठिन परिश्रम का उत्सव है। मुख्य अतिथि ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज को केवल तेज़ दिमाग ही नहीं, बल्कि संवेदनशील हृदय वाले नागरिकों की भी आवश्यकता है। शिक्षा व्यक्ति को ऊँचे पदों तक पहुँचा सकती है, लेकिन करुणा उसे महान इंसान बनाती है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और नशा इस भविष्य को अंधकार की ओर ले जाता है। किसी भी दबाव में गलत रास्ता न अपनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि नशा जीवन को पूरी तरह नष्ट कर देता है। विद्यार्थियों से उन्होंने आग्रह किया कि वे अपने जीवन और सपनों को चुनें, न कि नशे को। आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उन्होंने कहा कि ये परीक्षाएँ केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि धैर्य एवं आत्मविश्वास की भी परीक्षा होती हैं। विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है। अंत में मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी तथा जिन विद्यार्थियों को पुरस्कार नहीं मिला, उन्हें निराश न होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है। समारोह के अंत में विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य एवं विद्यार्थियों की सफलता की कामना की गई तथा सभी को नववर्ष की शुभकामनाएँ दी गईं। वर्षभर की उपलब्धियों के लिए कनिया तनवर, सौरव, कृतिका, ऋक्स ठाकुर, आँचल, आदित्य, मानसी सिंह, ऐश्वर्या, सृष्टि, दिशा शर्मा, सजल ठाकुर, ज्योति, वेदिका, जतिन गौरव, दिव्यांश, आयुष गुप्ता, अलीशा सहित अनेक विद्यार्थियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर टी.सी. गर्ग, लूपिन गर्ग, पुष्पा गर्ग, सोना गर्ग, पद्मनाभम, सिमरन खान, कांति लाल, पुरुषोत्तम शर्मा, हेमंत शर्मा, सत्या कंवर सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय सेकंड प्रहार कप ऑल इंडिया ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कुनिहार के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण और दस रजत पदक जीतकर न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्पोर्ट्स विंग एचपी वेट अकैडेमी, कुनिहार के कुल 14 खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में हिस्सा लेकर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अकैडेमी के मुख्य कोच सैमुअल संगमा ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों के बीच उत्कृष्ट तकनीक, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया, जिसका परिणाम पदकों के रूप में सामने आया। प्रतियोगिता में प्रियांशी ठाकुर, प्रवीना, आर्यन नेगी तथा शिवम वर्मा ने अपने-अपने वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं मयूर पाल, कार्तिक ठाकुर, उदय तंवर, गौरव पंवर, अभिनव शर्मा, अर्णव ठाकुर, दक्षिता कंवर, दनिका पाल, विनती रावत और दिव्या चोपड़ा ने रजत पदक जीतकर अकैडेमी और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। कोच सैमुअल संगमा ने बताया कि खिलाड़ियों ने लंबे समय से नियमित अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। खिलाड़ियों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कुनिहार क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और कोच को हार्दिक बधाई दी है। खिलाड़ियों के अभिभावकों ने भी संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सपना है कि उनके बच्चे आगे चलकर देश के लिए खेलें और अपनी मेहनत व लगन से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करें।
नववर्ष के आगमन पर जिला सोलन में यातायात एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। न्यू ईयर के लिए जिला सोलन में बाहरी राज्यों एवं अन्य जिलों से बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही रहेगी। जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (परवाणू से शालाघाट) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-205 (राजघाटी/दाड़लाघाट से बंगोरा) पर यातायात का दबाव अत्यधिक रहने की संभावना है। विशेष रूप से चायल, कसौली, अश्वनी खड्ड, सोलन मुख्यालय तथा शिमला की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की भारी आवाजाही रहेगी। इसे ध्यान में रखते हुए सोलन पुलिस द्वारा नववर्ष के दौरान यातायात एवं कानून व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु विस्तृत एवं सुदृढ़ व्यवस्थाएँ की गई हैं। यातायात व्यवस्था के दौरान यातायात ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस के जवान वायरलेस सहित तैनात रहेंगे I सोलन पुलिस ने आम जनता एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित गति सीमा में, अपनी लेन में रहकर ही चलाएँ तथा किसी भी परिस्थिति में गलत दिशा में वाहन न चलाएँ। विशेष रूप से बड़ोग टनल में गलत दिशा से प्रवेश करने वालों के विरुद्ध कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बड़ोग टनल सहित NH-05 एवं NH-205 पर CCTV कैमरे स्थापित हैं तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नववर्ष के अवसर पर यातायात नियंत्रण हेतु NH-05 परवाणू प्रवेश द्वार तीन शिफ्टों में 10 से 15 पुलिस जवान तैनात रहेंगे साथ ही NH-05 दोहरी दीवार, सोलन में भी तीन शिफ्टों में 10 से 15 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। सार्वजनिक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर गश्त व्यवस्था को पुनर्गठित किया गया है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-05 को कुल सात बीटों में विभाजित किया गया है, ताकि हर क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बीट नं. 1: परवाणू (टिपरा) से दतयार तक, बीट नं. 2: दतयार से धर्मपुर तक, बीट नं. 3: धर्मपुर से बड़ोग टनल तक, बीट नं. 4: कुमारहट्टी से दोहरी दीवार (बड़ोग मार्ग से), बीट नं. 5: बड़ोग टनल से चम्बाघाट तक, बीट नं. 6: चम्बाघाट से कंडाघाट तक, बीट नं. 7: कंडाघाट से शालाघाट तक निर्धारित की गई है। उक्त सभी बीटों में पुलिस गश्त पैदल एवं मोटरसाइकिल के माध्यम से निरंतर करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त उपमंडल दाड़लाघाट के अंतर्गत NH-205 को 02 बीटों में विभाजित किया गया है जो राजघाटी से दानोघाट तथा दानोघाट से बंगोरा तक है जो उक्त बीटों में तीन शिफ्टों में पैदल व मोटरसाइकिल पर गश्त सुनिश्चित की गई है जहाँ पर पुलिस थाना दाड़लाघाट व अर्की से पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है ी पर्यटन नगरी चायल में नववर्ष के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कसौली में भी पर्यटकों की अधिक संख्या को देखते हुए यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। इसके अलावा धर्मपुर से कसौली तक पुलिस गश्त पैदल एवं मोटरसाइकिल द्वारा करवाई जाएगी। प्रमुख पर्यटन स्थलों की निगरानी हेतु ड्रोन कैमरों का भी प्रयोग किया जाएगा। वहीं आपात स्थितियों से त्वरित निपटान हेतु QRT (Quick Reaction Team) की तैनाती धर्मपुर, कसौली, परवाणू, चायल में की गई है। इसके अतिरिक्त एक पुलिस बस पुलिस थाना धर्मपुर में तैनात रहेगी, जो टिपरा से शालाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस जवानों की अतिरिक्त टुकड़ियों के साथ दो शिफ्टों में गश्त करेगी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 3 विशेष वाहन (एक इंटरसेप्टर एवं दो इलेक्ट्रिक वाहन), जो लेजर स्पीड गन, एल्को-सेंसर, GPS एवं आधुनिक तकनीकों से लैस हैं, को NH-05 की विभिन्न बीटों पर 24x7 तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय उच्च्मार्गों पर मोटर साइकिल राइडरों को भी तैनात किया गया है जो भी पर्यटकों की हर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु सशस्त्र पुलिस बल की 02 रिजर्व टुकड़ियों के करीब 60 जवानों की टीम को विभाजित कर पुलिस थाना परवाणू, धर्मपुर, कसौली, कंडाघाट, चायल एवं सदर सोलन में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त नववर्ष के उपलक्ष्य में जिला पुलिस द्वारा यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने व लोंगों/पर्यटकों की सुरक्षा हेतू पुलिस के 7/8 वाहनों व 10/12 मोटर साइकिलों को तैनात किया गया है I
परवाणू पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 30 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना परवाणू में गठित पी.ओ. सैल की टीम ने एक आरोपी को पंजाब के पठानकोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सतीश कुमार उर्फ प्रताप सिंह (34 वर्ष), पुत्र देव राज, निवासी गाँव धारबर्था, डाकखाना स्वारघाट, तहसील नैनादेवी, जिला बिलासपुर (हि.प्र.) के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध अभियोग संख्या 141/2025 दिनांक 30-12-2025 को धारा 209 व 269 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2014 से जुड़ा हुआ है। दिनांक 4 फरवरी 2014 को कसौली निवासी वीरेंद्र सिंह ने पुलिस थाना परवाणू में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने अपनी गाड़ी कैंटर यूनियन परवाणू में लगा रखी थी, जिस पर सतीश कुमार को चालक के रूप में नियुक्त किया गया था। 8 जनवरी 2014 को चालक परवाणू से सामान लोड कर गोरखपुर गया, लेकिन माल उतारने के बाद न तो वह वापस लौटा और न ही उसका मोबाइल फोन चालू मिला। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना परवाणू में अभियोग संख्या 12/2014 दिनांक 04-02-2014 को धारा 406 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी 8 जनवरी 2014 को कामली स्थित इंटरप्राइजेज फैक्ट्री से 105 बॉक्स गैस चूल्हों का लोड लेकर गोरखपुर पहुँचा, जहाँ उसने माल उतारने के बाद संबंधित फर्म से किराया प्राप्त किया। इसके बाद उसने मालिक की अनुमति के बिना विभिन्न फर्मों के लिए माल ढुलाई कर कुल ₹45,450 का किराया वसूल किया, जिसे अपने मालिक को न देकर गबन कर लिया। बाद में आरोपी शिकायतकर्ता की गाड़ी फिरोजाबाद में छोड़कर फरार हो गया। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। बाद में वह न्यायालय से जमानत पर रिहा हो गया। हालांकि, ट्रायल के दौरान बार-बार समन जारी होने के बावजूद आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया। भगोड़े आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस थाना परवाणू की टीम लगातार प्रयास करती रही, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलता रहा। अंततः 30 दिसंबर 2025 को उसे पठानकोट (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी को आज 31 दिसंबर 2025 को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने शिमला जिला के डीसी व ठियोग के डीएफओ को वन भूमि पर कब्जों का सारा ब्यौरा तलब किया है। अदालत ने इस मामले में अवैध कब्जों को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी शिमला और मंडल वन अधिकारी यानी डीएफओ ठियोग को निर्देश जारी किए हैं कि वो तहसील कोटखाई के बागी-रतनाड़ी क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अतिक्रमण करने वालों का पूरा विवरण पेश करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर व न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले में सख्त आदेश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अफसरों को शपथपत्र के माध्यम से अवैध कब्जा करने वालों के नाम, पिता का नाम, गांव, उनके स्वामित्व वाली निजी भूमि (यदि कोई हो) और वन भूमि पर किए गए कुल अतिक्रमण क्षेत्र का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने आवश्यक कार्रवाई 15 फरवरी 2026 को या उससे पहले पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। यह जनहित याचिका बागी-रतनाड़ी क्षेत्र के रहने वाले आरएल चौहान ने दाखिल की है। आरएल चौहान तहसील कोटखाई, जिला शिमला के तहत बागी रतनाड़ी के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया के नाम एक पत्र लिखा है। उनकी तरफ से लिखे गए पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल की इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरने का निर्णय लिया है। इनमें टीचिंग व नॉन-टीचिंग फैकल्टी और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल द्वारा असिस्टेंट स्टाफ नर्सिंग पॉलिसी के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 600 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसन और मास्टर ऑफ चिरुरगिया की योग्यता हासिल करने वाले फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग में सीधे भर्ती के माध्यम से खण्ड विकास अधिकारी के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के 100 चिन्हित किए गए सी.बी.एस.सी स्कूलों के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंडों के साथ एक समर्पित सब-कैडर बनाने को भी मंजूरी दी है। बैठक में धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में नामांकित और पढ़ने वाले बच्चों और ऐसे बच्चे जिनके दोनों या एक जीवित माता-पिता की दिव्यांगता 70 प्रतिशत या उससे अधिक है उन्हें भी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उन बच्चों को भी सुख-आश्रय योजना के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिनके माता-पिता में से एक की मृत्यु हो गई है और दूसरे ने बच्चे का परित्याग कर दिया है। बैठक में शीतलपुर में हिमाचल और चंडीगढ़ की सीमा पर एक विश्व स्तरीय टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ रियल एस्टेट बिजनेस में पारदर्शिता लाने और विवादों का तेजी से निपटारा करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2017) के नियम-3 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पालकवाह खास में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग के उपयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब एसडीआरएफ को इस परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। बैठक में हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में आजीविका के लिए चरवाहों के रोजगार के तहत लचीली आजीविका के लिए हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में चरावाहों के लिए रोजगार कार्यक्रम के तहत लचीली आजीविका, चरने वाले पशु और हिमालयी चरवाहों के सशक्तिकरण के लिए एक परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना का लक्ष्य, आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना, चरवाहा प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना, स्वदेशी नस्लों का संरक्षण करना और बाजार संबंधों और मूल्य संवर्धन को मजबूत करना है। चरवाहों और उनके पशुधन की सुचारू आवाजाही के लिए नया कानून पेश किया जाएगा और समस्त वन भूमि और घास के मैदान चरावाह पशुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने मिल्कफेड और राष्टीय दुग्ध विकास बोर्ड द्वारा नाहन, नालागढ़, मोहाल और रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र, हमीरपुर जिले के जलाड़ी में मिल्क चिलिंग सेंटर, ऊना जिले के झलेड़ा में बल्क मिल्क कूलर और करसोग और पांगी में इसी तरह की अधोसंरचना स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड लिमिटेड को वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दूध खरीद लागत में वृद्धि के फलस्वरूप कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 60 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट को भी मंजूरी दी गई। बैठक में तकनीकी शिक्षा निदेशालय के तहत सभी पांच सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एप्लाइड साइंसेज और ह्यूमैनिटीज में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों को कार्यात्मक रूप से इंटरचेंजेबल मानते हुए फंक्शनल इक्विवेलेंस मॉडल (एफइएम) को अपनाने की मंजूरी दी। कार्यात्मक इंटरचेंजेबिलिटी को ट्रांसफर या डेपुटेशन नहीं माना जाएगा और सभी मौजूदा स्वीकृत पदों का एक एकेडमिक पूल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डिजिटल रूप से कुशल और उद्यमी कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर जिले के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागदारी के आधार पर मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम, 1978 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी, कीट प्रकोप इत्यादि के कारण सूखे चीड़ के पेड़ों का सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के उपरांत कटान किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजनादृशहरी में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बैंकों द्वारा एनपीए घोषित किए गए छोटे दुकानदारों के दो लाख रुपये तक के व्यवसायिक ऋण पर राज्य सरकार द्वारा अधिकतम एक लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के मुख्यालय को शिमला से स्थानांतरित कर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र के मलोट में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के अंतर्गत किसी भी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन लोक भवनों को आवश्यक रियायत प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अनुसार, निःशुल्क बिजली रॉयल्टी कम की गई समान दर पर वसूलने में दी जा रही छूट यानि 12 प्रतिशत निःशुल्क बिजली तथा 1 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का लाभ उन परियोजनाओं को भी दिया जाएगा, जिनकी क्षमता 25 मेगावाट तक है और जिनके कार्यान्वयन समझौते पहले ही हस्ताक्षरित हो चुके हैं। यह छूट उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होगी जिनके बिजली क्रय समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) पहले ही हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ निष्पादित हो चुके हैं। साथ ही, यह छूट उन परियोजनाओं पर भी लागू नहीं होगी जो पहले से ही चालू हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल ने एसजेवीएनएल की नाथपा झाकड़ी तथा रामपुर जल विद्युत परियोजनाओं में इक्विटी ऊर्जा हिस्सेदारी को हिमाचल प्रदेश सरकार को पुनः आबंटित करने की स्वीकृति भी प्रदान की, ताकि ऊर्जा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से बिक्री की जा सके। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा आधार पर 28 आश्रितों को रोज़गार प्रदान करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में स्थित मोहल मौजा पनोल शाहरी तथा औहर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने फ्रेंच विकास एजेंसी के सहयोग से पांच वर्षों के लिए 892 करोड़ रुपये की लागत की हिमाचल प्रदेश आपदा प्रभावित न्यूनीकरण एवं तैयारी परियोजना को स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत स्टेज कैरिज सेवाओं के रूप में संचालन के लिए 18 से 42 सीटर बसों की खरीद पर अनुदान प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की है।
विकास खंड कार्यालय कुनिहार में विकास खंड अधिकारी तन्मय कंवर की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से मनरेगा के अंतर्गत लंबित कार्यों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। विकास खंड अधिकारी ने बताया कि कुछ पंचायतों में मनरेगा के व्यक्तिगत कार्यों के वर्क ऑर्डर पिछले दो से तीन वर्षों से जारी हैं। इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा कार्य आज तक शुरू नहीं किए गए हैं, जबकि इन कार्यों के लिए सामग्री पहले ही उठाई जा चुकी है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अधिकारी ने संबंधित पंचायतों को निर्देश दिए कि वे सभी लाभार्थियों द्वारा लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करवाएं, अन्यथा पंचायतों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में ग्राम पंचायत सन्यारी मोड़ में नव-निर्मित एक सेग्रीगेशन शेड को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला भी सामने आया। विकास खंड अधिकारी ने पंचायत को निर्देश दिए कि उपकरण को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान जल्द से जल्द की जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी धन खर्च हुआ है और इसे नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। यदि ग्राम पंचायत सन्यारी मोड़ दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो ग्राम पंचायत सन्यारी मोड़ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक के अंत में विकास खंड अधिकारी ने सभी पंचायत सचिवों और कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं के कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं विकास खंड अधिकारी ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। बैठक में विकास खंड कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा पर दिए गए धरने के माध्यम से कांग्रेस जनता को यह झूठ बताने में जुटी है कि मनरेगा को खत्म कर दिया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने इससे कहीं अधिक मजबूत और व्यापक कानून “विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” लागू किया है। केशव चौहान ने कहा कि कांग्रेस यह क्यों नहीं बताती कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिन की रोज़गार गारंटी दी गई है। इसके लिए ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें ₹95 हजार करोड़ से अधिक हिस्सा केंद्र सरकार का है। यह कांग्रेस की आदत बन चुकी है कि जब भी गरीब, किसान और ग्रामीणों के हित में कोई ठोस सुधार होता है, तो वह उसे खत्म करने का झूठा नैरेटिव गढ़कर सड़कों पर उतर आती है। केशव चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था से पंचायतों को सीधा लाभ होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। गांवों में जल संरक्षण, सड़क, रास्ते, तालाब, ड्रेनेज, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी भवन और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। पंचायतों की ग्रेडिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पिछड़ी पंचायतों को अधिक संसाधन मिलें, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन खत्म हो। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी संसद में अमर्यादित आचरण करती है, कागज़ फाड़ती है और टेबलों पर चढ़कर लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास करती है, वही पार्टी आज महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और नैतिक दिवालियापन का प्रमाण है। चौहान ने कहा कि फंडिंग पैटर्न को लेकर भी कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। 60:40 का मॉडल सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी से योजनाओं की निगरानी और प्रभावशीलता बढ़ेगी। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामी और वित्तीय कुप्रबंधन छिपाने के लिए केंद्र पर आरोप लगाने का आसान रास्ता अपना रही है।
पुलिस थाना परवाणू की टीम द्वारा गश्त के दौरान एक युवक से 378 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस टीम थाना परवाणू के क्षेत्र में गश्त एवं अपराधों की रोकथाम हेतु रवाना थी। इसी दौरान उक्त टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि भूपेन्द्र नामक युवक परवाणू क्षेत्र में चरस बेचने का कार्य करता है तथा उसके पास भारी मात्रा में चरस है, जिसे वह परवाणू क्षेत्र में सप्लाई करने की फिराक में है। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त युवक को काबू किया गया। पूछताछ पर उसका नाम व पता भूपेन्द्र सिंह पुत्र प्रेम सिंह, निवासी गाँव सराची, डाकखाना कल्हानी, तहसील थुनाग, जिला मंडी (हि.प्र.), उम्र 31 वर्ष पाया गया। इस संबंध में पुलिस थाना परवाणू में उपरोक्त अभियोग एफआईआर नंबर 140/2025 दिनांक 29 दिसंबर 2025 को धारा 20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया है। अभियोग के अन्वेषण के दौरान आरोपी भूपेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसे आज दिनांक 30-12-2025 को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। मामले में जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव मामले में देरी को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले को लेकर आज हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ सुनवाई करेगी। मामले में पिछली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी, इससे पहले अदालत ने प्रतिवादियों को 22 दिसंबर तक याचिका का जवाब देने को कहा था। अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक पूरे मामले में जवाब तलब करने के आदेश दिए थे। डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी को पंचायत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। कानून है कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले चुनाव को लेकर तैयारी करना जरूरी है, लेकिन अब तक चुनाव आयोग की ओर से कोई तैयारियां नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में साल 2025 की विदाई से ठीक पहले प्रदेश सचिवालय में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। शिमला में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। इस अहम बैठक में सुक्खू सरकार कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर अपनी मुहर लगाएगी। बता दें कि प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के चौथे साल में प्रवेश कर गई है, ऐसे में कैबिनेट बैठक में आज कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और विकास योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा संभव है। इसके अलावा जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत फैसलों पर मुहर लग सकती है। कैबिनेट बैठक में नई योजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। हिमाचल में कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद रोजगार को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर रहती है। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में 25 हजार नौकरियां देने का ऐलान किया है। ऐसे में तीन महीने बाद समाप्त हो रहे वित्त वर्ष को देखते हुए कैबिनेट की बैठक में आज नौकरियों का भी पिटारा खुल सकता है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने देहरा स्थित दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल, सुनेहत के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि बच्चों में ही देश और प्रदेश का भविष्य निहित है। आज जो प्रतिभाएँ मंच पर दिखाई दे रही हैं, वही आने वाले समय में समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी शहर या सुविधा की मोहताज नहीं होती, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपार प्रतिभाएँ मौजूद हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलना चाहिए। अपने प्रेरक संबोधन के दौरान उन्होंने बच्चों को जीवन से जुड़ी कई प्रेरणादायी कहानियाँ सुनाईं और मेहनत, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। नेता प्रतिपक्ष ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में जयराम ठाकुर ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह, देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह, प्रबंध निदेशक प्रवीण राजपूत, प्राचार्य गुंजन परमार, भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी संजीव शर्मा व विश्व चक्षु, मंडल अध्यक्ष अविनाश धीमान समेत विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं क्षेत्र के अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
राजकीय स्नातक महाविद्यालय मझीन में करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में “निष्पक्ष पत्रकारिता: समाज में भूमिका एवं करियर अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पत्रकारिता के महत्व, उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शुभम शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका मूल उद्देश्य जनता के मुद्दों को निर्भीकता एवं ईमानदारी के साथ सामने लाना है। उन्होंने बताया कि एक सच्चा पत्रकार सत्ता, दबाव और व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सत्य के पक्ष में खड़ा होता है। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग, अफवाहों और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने एक पत्रकार के कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों को पत्रकारिता की रीढ़ बताया। साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, कंटेंट राइटिंग और फील्ड रिपोर्टिंग जैसे विभिन्न करियर अवसरों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और पत्रकारिता से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर वक्ता ने सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से दिया। कार्यशाला के समापन अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों द्वारा मुख्य वक्ता शुभम शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्र गगरेट में एक सरिया उद्योग में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें दो कामगारों की मौत हो गई, जबकि तीन कामगार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल गगरेट लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमित यादव घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे के कारणों की जांच की। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक उद्योग में स्क्रैप उठाने के लिए लगी क्रेन पलट गई। इसके चलते उस पर लादी गई स्क्रैप मजदूरों पर गिर गई। इसके चलते पांच मजदूर बुरी तरह से लहूलुहान हो गए। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल गगरेट तो पहुंचाया गया, लेकिन तब तक दो की मौत हो चुकी थी। मृतकों में एक कामगार बिहार का था और एक गगरेट का है। गंभीर घायलों में एक हरोली क्षेत्र का और एक पंजाब व एक देहरा का रहने वाला है। दुर्घटना क्यों और कैसे हुई है इसका अभी पुख्ता पता नहीं चल पाया है। गगरेट पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी है।
विद्युत विभाग उप-मंडल परागपुर द्वारा लंबित बिजली बिल समय पर अदा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसके तहत सुनेहत, नेहरणपुखर, गरली और परागपुर क्षेत्रों में बड़े अमाउंट के बिजली बिल समय पर जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काटे जा रहे हैं। बता दें कि आगे यह कार्रवाई और भी सख्ती से की जाएगी। जैसा कि विदित है, विभाग के वित्तीय वर्ष की समाप्ति को मद्देनज़र रखते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। यह जानकारी इंजीनियर विक्रम जीत सिंह, सहायक अभियंता, विद्युत उप-मंडल परागपुर द्वारा दी गई। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से निवेदन किया कि वे अपने-अपने बिजली बिल समय पर जमा करें।
लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में “एप्लाइड पाइथन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग” विषय पर आयोजित 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन भव्य वैलिडिक्टरी समारोह के साथ किया गया। यह कार्यशाला स्किल्ड इंडिया, AI–ML इन एजुकेशन एवं विकसित भारत 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती तकनीकों से सशक्त बनाना था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रण सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आज की शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के BCA विद्यार्थियों के लिए ये तकनीकें रोजगार एवं नवाचार के नए द्वार खोलती हैं। उन्होंने इस प्रकार की व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित कार्यशालाओं के आयोजन के लिए संस्थान की सराहना की। कार्यक्रम में डॉ. एम. एस. आशावत, कैंपस डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लॉरिएट कैंपस में कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ फार्मेसी जैसे विषयों में भी तकनीकी एवं अनुसंधान-आधारित कार्यशालाओं का आयोजन समय की आवश्यकता है और संस्थान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता रहेगा। कार्यशाला के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष (कंप्यूटर साइंस) प्रो. जसबीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि यह कार्यशाला AICTE के नवीन दिशानिर्देशों एवं वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप डिज़ाइन की गई थी। इस कार्यशाला में लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक तथा राजकीय महाविद्यालय ऊना के कुल 71 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सत्रों में भाग लिया और AI–ML से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अन्य शिक्षकों में प्रो. सी.पी.एस. वर्मा, सहायक प्राध्यापक विजय धीमान, अक्षु धीमान, भुवनेश कुमार, ज्योति बंसल, तन्वी, अक्षय तथा स्टाफ सदस्य अंकुश और रिम्पी राणा भी उपस्थित रहे।
प्रदेश में नए साल के आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 दिसंबर से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से उच्च एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना है। जिससे करीब 85 दिनों से चला आ रहा ड्राई स्पेल टूटने के आसार है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे पहाड़ी राज्य के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। लगातार शुष्क मौसम से सेब समेत अन्य नकदी फसलों और जल स्रोतों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। वहीं, मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रहेगा। इस दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। 30 और 31 दिसंबर को शिमला, मंडी, चंबा, सोलन और सिरमौर जिले के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 1 जनवरी को भी मैदानी क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश होगी। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं। 2 जनवरी को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थल शिमला नए साल की शुरुआत के साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। 3 से 5 जनवरी तक शिमला में हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खास बात यह है कि एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत हिमाचल के सभी 12 जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर देखने को मिलेंगे। 3, 4 और 5 जनवरी को होने वाले इस महोत्सव में प्रत्येक जिले के उत्पादों को विशेष पहचान देने के लिए समर्पित ODOP पवेलियन स्थापित किए जाएंगे। इन पवेलियनों में बिलासपुर जिले के आंवला आधारित उत्पाद, हमीरपुर के प्रोसेस्ड कृषि उत्पाद, कुल्लू की पारंपरिक शॉल, कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय और कांगड़ा पेंटिंग, किन्नौर का पारंपरिक चुल्ली तेल प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के सीबकथॉर्न (छरमा) उत्पाद, मंडी का स्टील फर्नीचर उद्योग, ऊना का लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर, सिरमौर का पैकेजिंग उद्योग, सोलन का मशरूम उत्पादन और शिमला जिले में पर्यटन को तकनीकी रूप से उन्नत करने से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि यह पहली बार है जब हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिम MSME फेस्ट में एक जिला–एक उत्पाद के लिए विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों और खुले बाजार तक पहुंच मिल सके। इससे आने वाले समय में स्थानीय उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि ODOP योजना ने हर जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और यह पहल स्थानीय कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। यह योजना किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए आजीविका के नए साधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक जिला–एक उत्पाद कार्यक्रम राज्य सरकार की मूल्य आधारित नीति को दर्शाता है, जिसके जरिए स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, हिम MSME फेस्ट 2026 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। महोत्सव के पहले दिन राजधानी शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला और बुनाई विरासत की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा तीनों दिनों तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स और प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां आम लोग हिमाचल के स्थानीय उत्पादों को करीब से देख और खरीद सकेंगे।
मनाली में पुलिस ने देह व्यापार से जुड़े एक और गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान दो युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जबरन इस धंधे में धकेली गई चार लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। पूरे मामले की जांच थाना प्रभारी मनीष शर्मा की निगरानी में चल रही है। पुलिस लंबे समय से मालरोड़ और बाहणु पुल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान बाहणु पुल के पास रणनीति के तहत जाल बिछाकर दो आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार युवकों की पहचान 22 वर्षीय निक्की परमार उर्फ योगी और धर्मेंद्र सोल्की के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है, वहीं आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत अब तक कई गिरोहों के सदस्य पकड़े जा चुके हैं और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार पर्यटन नगरी मनाली में देह व्यापार से जुड़ा यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें बाहरी राज्यों से लड़कियों को लाकर इस अवैध धंधे में धकेला जा रहा था। पर्यटन सीजन और नववर्ष के दौरान ऐसे गिरोहों की सक्रियता बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले रविवार को भी पुलिस ने मालरोड क्षेत्र में कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मालरोड़ पर इस तरह की गतिविधियों से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी चिंता बनी हुई थी।
जसवां-प्रागपुर: सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोलें हिमाचल के साथ हुआ अन्याय
पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि आपदा राहत के नाम पर हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं में प्रदेश को ₹13,500 करोड़ का भारी नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से अब तक केवल ₹2,100 करोड़ की सहायता मिलना देवभूमि के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है। मनकोटिया ने बताया कि 2023 की आपदा में हुए ₹12,000 करोड़ के नुकसान की राहत दो साल बाद 2025 में महज ₹1,500 करोड़ के रूप में दी गई, जबकि 2025 की आपदा पर बार-बार गुहार लगाने के बाद सिर्फ ₹600 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा शासित राज्यों को आपदा राहत दिल खोलकर दी जाती है, तो हिमाचल को हर बार देरी और कटौती का सामना क्यों करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि हजारों प्रभावित परिवारों के दर्द, उजड़े घरों और छीने गए रोज़गारों का है। यह दोहरा मापदंड हिमाचल के स्वाभिमान पर सीधा हमला है। मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र की बेरुखी और राजनीतिक अड़चनों के बावजूद उन्होंने प्रदेश को संभालकर रखा है। ₹11,400 करोड़ के शेष नुकसान की भरपाई का दबाव राज्य सरकार पर आ गया है, जिसके कारण कई योजनाओं और मदों में वित्तीय चुनौतियां सामने आ रही हैं, फिर भी हिमाचल आगे बढ़ रहा है उन्होंने कहा, “हिमाचल मुश्किलों में भी झुका नहीं है। संकट बड़ा है, लेकिन हौसला उससे कहीं बड़ा क्योंकि बंदे में दम है।”
प्रदेश में शुष्क मौसम लगातार जारी बना हुआ है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। प्रदेश में सबसे कम कुकुमसेरी में -4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से ऊना और बिलासपुर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नए साल की शुरुआत में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद इसमें फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी आगामी दिनों में गिरावट आने के संकेत हैं।
हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर मंडी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शहर में शव यात्रा निकाली और चौहटा में सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान एक एंबुलेंस कर्मी ने खुद पर डीजल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। इस बीच हरकत में आए अन्य कर्मियों ने तुरंत उसे धक्का देकर हटाया और झुलसने से बचा लिया। इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों का जमकर गुस्सा फूटा। बता दें कि बीते 25 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंडी जिला के 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी शनिवार को भी पूर्ण हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय मंडी में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शहर में शव यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के प्रति विरोध दर्ज कराया। पुलता दहन के बीच एंबुलेंस कर्मियों ने जमकर गुब्बार निकाला। यूनियन और सीटू पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन कंपनी द्वारा वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में इन कर्मचारियों की नियुक्ति जीवीके कंपनी द्वारा की गई थी, लेकिन उस दौरान भी कर्मचारियों को छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभ नहीं दिए गए। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मिशन की भूमिका को मूक दर्शक बताया गया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में भी नियोक्ता कंपनी द्वारा कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा और उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, जबकि ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। यूनियन के माध्यम से जब कर्मचारी अपनी मांगें उठाते हैं तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
27 दिसंबर, शनिवार को बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सीबा में सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन डीएसपी राजकुमार ने मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के तौर पर शिरकत की। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. देविंदर सिंह ने डीएसपी राजकुमार का बुके और टोपी देकर स्वागत किया। तत्पश्चात डीएसपी राजकुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवियों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सामाजिक जागरूकता लाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों से विद्यार्थियों को नई सीख लेकर आदर्श समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। तत्पश्चात प्रो. देविंदर सिंह ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रो. जतिंदर कुमार, डॉ. रामपाल, खेम चंद, पलक सिंह तथा सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष अंजना भी उपस्थित रहीं।
पूर्व उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा की हर घड़ी में हिमाचल प्रदेश अकेला नहीं है। पीएनडीए के तहत प्रदेश को ₹601 करोड़ की अतिरिक्त राहत राशि जारी कर केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और जनजीवन को पटरी पर लाने का मजबूत आधार दिया है। बिक्रम ठाकुर ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन नेताओं के निरंतर प्रयासों के कारण ही हिमाचल को संकट के समय केंद्र से भरपूर सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत के रूप में लगभग ₹5800 करोड़ की सहायता दे चुकी है, जो यह दर्शाता है कि मोदी सरकार प्रदेश के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस राहत राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और तत्परता से किया जाए, ताकि आपदा प्रभावित परिवारों तक शीघ्र लाभ पहुंचे और पुनर्वास व विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा हर स्तर पर आपदा पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
काँगड़ा विंटर कार्निवाल की पाँचवीं संध्या यानि 28 दिसम्बर को, पहाड़ी स्टार नाइट व ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र होंगे। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या 28 दिसम्बर, रविवार को सायं 5 बजे से भव्य रूप में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर माननीय उप मुख्य सचेतक, हिमाचल प्रदेश सरकार केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। पाँचवीं संध्या को पहाड़ी स्टार नाइट के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। विशेष प्रस्तुतियों में नाटी किंग कुलदीप शर्मा, राज जैरी, पूनम भारद्वाज, रमेश्वर शर्मा, सुनील मस्ती तथा अनिता ठाकुर (चंबा डांस ग्रुप) द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि इसके अतिरिक्त, कार्निवाल के अंतर्गत दिन में धर्मशाला साइकिल राइड का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करना तथा चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि साइकिल राइड में देश-विदेश के लगभग 200 राइडर्स भाग लेंगे, सुबह 7 बजे एथलेटिक मैदान से साइकिल राईड को फ्लैग ऑफ किया जायेगा। इसके अलावा क्रिकेट मैच सहित अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि रात्रि 9ः30 बजे भव्य ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो आधुनिक तकनीक और रोशनी के अद्भुत संगम के माध्यम से दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। उन्होंने जिला वासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में उपस्थित होकर कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या के कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के विद्युत उप-मंडल कुनिहार में आरडीएसएस के अंतर्गत प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू की जा रही है। यह जानकारी विद्युत उप-मंडल कुनिहार के सहायक अभियंता डी.एन. अत्री ने दी। डी.एन. अत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष सचिव (विद्युत) के पत्र दिनांक 05 दिसंबर 2025 के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत 1 जनवरी 2026 से सभी NDNC (सभी सरकारी विभाग) के वर्तमान में चल रहे पोस्ट-पेड बिजली कनेक्शनों को प्री-पेड प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली उपभोग एवं बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, उपभोक्ताओं को रियल-टाइम में बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराना तथा भारत सरकार की आरडीएसएस सुधार योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना है। सहायक अभियंता डी.एन. अत्री ने सभी संबंधित उपभोक्ताओं से इस परिवर्तन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए उपभोक्ता विद्युत उप-मंडल कुनिहार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में हुए इस विवाद के बाद आज डॉक्टर काम छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं और डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सरकार से एक ही मांग है डॉ. राघव का टर्मिनेशन तुरंत वापस लिया जाए। सोहेल ने कहा कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया गया और उसके बाद बिना उचित जांच के सीधे टर्मिनेट कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीज से मारपीट के आरोप में डॉ. राघव की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है। आईजीएमसी के अलावा टांडा, नाहन, नेरचौक, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से कई मरीजों को बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि ओपीडी में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। आईजीएमसी में आरडीए के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां अध्यक्ष सोहेल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने रेजिडेंट्स, इंटर्न्स और एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए चिकित्सक की बर्खास्तगी के आदेशों को रद्द करने की मांग की। सोहेल ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे डॉक्टर पेशे और अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोहराया कि बर्खास्तगी वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज से मारपीट विवाद में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इससे अस्पतालों की OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान-इमरजेंसी सर्विस जारी रहेगी। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे। वहीं CM सुक्खू द्वारा मांगे मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर स्ट्राइक पर गए है। इससे पूरे प्रदेश में आज मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही RDA के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है। इससे प्रदेश में लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल पर रहने वाले है। बता दें कि डॉक्टरों द्वारा मांग कि जा रही है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए साथ ही IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो और डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो, अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए। इन सभी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने जा रहा है, जिससे प्रदेश में पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहे ड्राई स्पेल के टूटने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से मौसम बदलेगा और 1 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहेगा। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 29 दिसंबर तक कोहरा छाए रहने का ऑरेंज और 30 को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश में 30 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिससे इस दिन प्रदेश के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार है। इसी तरह से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगले दो दिन तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव नजर आएगा। प्रदेश में 27 से 29 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान कई स्थानों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। लेकिन, जैसे ही 31 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, इस कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान और न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके प्रभाव से मैदानी जिलों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बने रहने की संभावना है।
बी.के.आर. राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार की अध्यक्षता में किया गया। इस विशेष शिविर में महाविद्यालय के 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. जतिंदर कुमार ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. जतिंदर कुमार ने कहा कि चार साहिबजादों का त्याग और बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनसे प्रेरणा लेकर स्वयंसेवकों को समाज के उत्थान, सांस्कृतिक विरासत एवं धरोहर के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। इस सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज में चेतना का प्रसार करना तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित करना है। यह शिविर 1 जनवरी 2026 को संपन्न होगा। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दविंदर सिंह, डॉ. रामपाल, खेम चंद, शीतल, सहायक पलक सिंह, कार्यालय अधीक्षक कुंता देवी तथा पुस्तकालयाध्यक्ष अंजुना कुमारी सहित महाविद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।
मुख्य मार्ग कुनिहार पर स्थित कार पार्किंग इन दिनों आम जनता के लिए खतरे का कारण बनी हुई है। पार्किंग के दो पिलर हवा में लटके हुए हैं तथा उनमें गहरी दरारें साफ नजर आ रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद न तो संबंधित विभाग और न ही प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस पार्किंग में प्रतिदिन छोटे वाहनों की आवाजाही रहती है, उसकी वर्तमान हालत बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि कमजोर हो चुके पिलर किसी भी समय ढह सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके पार्किंग को न तो अस्थायी रूप से बंद किया गया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पार्किंग हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थी। बाद में इसका रखरखाव ग्राम पंचायत हाटकोट को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस पार्किंग का उद्घाटन 7 जुलाई 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा किया गया था। अब निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अनहोनी से पहले पार्किंग को तत्काल सील किया जाए और विशेषज्ञों से इसकी तकनीकी जांच करवाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई हादसा हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी। वहीं ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान जगदीश अत्री ने बताया कि बरसात के दौरान पार्किंग के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस बारे में मौके पर पटवारी को बुलाकर स्थिति का निरीक्षण करवाया गया था तथा संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, वहीं स्थानीय लोग किसी बड़े हादसे से पहले ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभोक्ता को बैकलॉग का राशन नहीं मिलेगा। वर्तमान माह में ही उपभोक्ताओं को पूरा राशन लेना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को पिछले महीने का राशन बाद में एक साथ मिल जाता था, यानी जो बैकलॉग कोटा की सुविधा मिलती थी। यह व्यवस्था अब विभाग ने बंद कर दी है। ऐसे में अब उपभोक्ता काे वर्तमान माह में ही समय पर डिपो पहुंचकर सस्ता राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा उसी महीने में समाप्त हो जाएगा। विभाग ने यह नियम पहले भी लागू किए थे लेकिन अब इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। वहीं इस संबंध में विभाग की ओर से जिला नियंत्रकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैैं। विभाग व सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर विराम लगेगा। विभाग की ओर से जारी ये आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसम्बर महीने में जो भी उपभोक्ता राशन नहीं उठाएगा उन्हें अगले महीने यानी जनवरी महीने में बैकलॉग नहीं दिया जाएगा। डिपो संचालकों पर भी ये नियम लागू होगा। उन्हें भी परमिट कटने के बाद तय समय में होलसेल गोदामों से सस्ते राशन के पूरा कोटा एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने में ही उपभोक्ताओं को पहली तारीख से राशन उपलब्ध हो सके। डिपो धारक भी अगर समय पर राशन का पूरा कोटा नहीं उठता है। जिस कारण वर्तमान माह में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। ऐसे में डिपो धारकों की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ सकता है।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् CSIR को उसके प्रमुख कार्यक्रम "CSIR अरोमा मिशन" के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 के तहत "विज्ञान टीम पुरस्कार (कृषि विज्ञान)" श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय कृषि को वैज्ञानिक नवाचार, किसान सशक्तिकरण और सतत आजीविका के माध्यम से रूपांतरित करने में मिशन के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। CSIR हिमालय जैव सम्पदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने विशेष रूप से हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों में अरोमा मिशन के सफल क्रियान्वन में नेतृत्वकारी और कार्यान्वयन भूमिका निभाई है। संस्थान ने उन्नत सुगन्धित फसलों की किस्में, कृषि तकनीकें, आसवन प्रक्रियाएं और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने वाले उपाय विकसित किए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों को मिला हैं। अरोमा मिशन के अंतर्गत CSIR - IHBT ने उच्च मूल्य वाली सुगन्धित फसलों की 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा दिया हैं। संस्थान ने पर्वतीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों के लिए स्थान-विशिष्ट कृषि तकनीकें विकसित की हैं, 66 ऑन-फॉर्म और सामुदायिक स्तर के आसवन इकाइयां स्थापित की हैं विशेष रूप से आकांक्षी जिला चम्बा में और किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त किया हैं। इसके साथ ही, आवश्यक तेलों की मूल्य-श्रृंखला और बाजार से जुड़ाव को भी मजबूत किया गया हैं। मिशन के माध्यम से लगभग 4500 किसानों को फसल विविधकरण, आय वृद्धि, जोखिम में कमी और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिली हैं, जो किसानों की दोगुनी करने, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। मिशन के तहत इन गतिविधियों से लगभग 50 करोड़ रुपए की राजस्वा प्राप्ति हुई हैं। CSIR-IHBT के वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों ने अन्य CSIR प्रयोगशालाओं, राज्य सरकारों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर यह दिखाया हैं कि विज्ञान आधारित हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 CSIR अरोमा मिशन टीम की सामूहिक वैज्ञानिक उत्कृष्टता, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और क्षेत्रीय प्रभाव की राष्ट्रीय मान्यता हैं जिसमें CSIR-IHBT ने भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सुगंधित फसलों पर आधारित कृषि उद्यमों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। CSIR-IHBT विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समावेशी विकास, सतत कृषि और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गरली स्थित बालिका आश्रम एक बार फिर सवालों के घेरे है। आश्रम से एक बार फिर नाबालिग छात्राओं के लापता होने की घटना सामने आई है। बता दें कि मंगलवार दोपहर दो नाबालिग छात्राओं के अचानक आश्रम से गायब हो जाने से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया था। मंगलवार दोपहर स्कूल से छुट्टी के बाद गरली आश्रम में तैनात सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी में करीब 20 छात्राएं आश्रम परिसर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान दो नाबालिग छात्राएं सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर फरार हो गईं। दोनों छात्राएं बेसहारा बताई जा रही हैं और मूल रूप से एक हमीरपुर तथा दूसरी नूरपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं। छात्राओं के लापता होते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले कि जांच शुरू कर दी पहले नूरपुर और हमीरपुर क्षेत्रों में छानबीन की गई। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो एफआईआर दर्ज कर व्यापक तलाश अभियान छेड़ा गया। पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने मामलें की पुष्टि की और बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों छात्राएं पठानकोट से बस में सवार होकर शिमला पहुंच गई थीं। तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने शिमला में दोनों नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित ट्रेस कर लिया और विधिवत प्रक्रिया के तहत उन्हें गरली आश्रम वापस लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में किसी भी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। छात्राओं का कहना है कि वे अपने किसी रिश्तेदार के पास जाने के इरादे से आश्रम से निकली थीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने आश्रम प्रबंधन, और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा झटका लगने वाला है दरअसल 25 दिसंबर की रात 8 बजे से प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक तक जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए विभाग अपनी एंबुलेंस चलाएगा। वहीं, 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी। वहीं सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लागू करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने निजी कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं तो यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब वही प्रशासन कंपनी को संरक्षण देने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लगाने की बात कर रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन को कंपनी के शोषण से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया।


















































