जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) में लिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और भविष्य में अपराध रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कार्रवाई (PIT NDPS) के प्रावधानों के तहत की गई है। पहला आरोपी मनोज उर्फ मन्ना, निवासी ग्राम कार्याली, डाकघर मलूथी, जिला शिमला के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में FIR संख्या 131/2023 और 30/2025 दर्ज हैं। पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया है कि वह एक संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है और पर्दे के पीछे से पूरे गिरोह को संचालित करता था। दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर, निवासी ग्राम नीरथ, तहसील रामपुर, जिला शिमला के खिलाफ भी पुलिस थाना रामपुर में 47.74 ग्राम और 30.88 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले दर्ज हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। तीसरा आरोपी गोविन्द सिंह को तीन मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ कुमारसेन और रामपुर थानों में दर्ज मामलों में कुल मिलाकर 6.30 ग्राम, 87.87 ग्राम और 6.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। वहीं चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कोटखाई थाना में दर्ज मामलों में उससे 52.75 ग्राम चरस, 3.17 ग्राम और 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों को निवारक नजरबंद करने का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकना है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और युवाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी।
धर्मशाला के दाडी फीडर में 21 फरवरी को बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल नंबर-2 के सहायक अभियंता रमेश चंद ने दी है उन्होंने बताया कि विद्युत लाइनों के सामान्य रखरखाव कार्य के चलते 11 केवी दरी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि पासू, भाटेड़, पंतेहड़, शीला चौक, शीला तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक अथवा कार्य पूर्ण होने तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मौसम खराब रहता है तो निर्धारित शटडाउन अगले दिन किया जाएगा। सहायक अभियंता ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि रखरखाव कार्य सुचारु रूप से संपन्न करने के लिए उपभोक्ता निर्धारित समय के दौरान आवश्यक प्रबंध कर लें।
जिला कुल्लू के अंतर्गत पुलिस थाना भून्तर की टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फ़रवरी को पुलिस थाना भून्तर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ा भूईन स्थित एक रिहायशी मकान में दबिश दी। दबिश के दौरान कमरे में रह रहे किरायेदार अर्जन मसीह (21 वर्ष) पुत्र काला मसीह, निवासी वार्ड नं. 1 फॉरेस्ट चौक शमशी, डाकघर शमशी, तहसील भून्तर, जिला कुल्लू के कब्जे से 40 ग्राम चिट्टा/हेरोइन, ₹4,500 नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन तथा एक लाईटर बरामद किया गया। बरामदगी के संबंध में आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना भून्तर में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, आपूर्ति स्रोत और संभावित नेटवर्क के संबंध में गहन जांच की जा रही है। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।
बी. एल. सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुनिहार में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पर चर्चा विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायक, मार्गदर्शक एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रखते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ सफलता की ओर अग्रसर करना रहा। अपने प्रेरक संबोधन में अध्यक्ष महोदय ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा किसी भी छात्र के ज्ञान, अनुशासन और धैर्य की वास्तविक परीक्षा होती है, जिसे भय नहीं बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए नियमित अध्ययन और योजनाबद्ध तैयारी पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्मार्ट अध्ययन तकनीकों, प्रभावी संशोधन रणनीतियों, तथा पाठ्यक्रम को सरल एवं व्यवस्थित ढंग से तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि “स्वास्थ्य ही धन है”, अतः परीक्षा के समय पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल में पालन किए जाने वाले दिशानिर्देशों, अनावश्यक तुलना से बचने, तथा डिजिटल उपकरणों के सीमित एवं अनुशासित उपयोग के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और परीक्षा में सफलता हेतु माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने, तथा तनाव-मुक्त रहकर परीक्षा देने के प्रभावी उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणास्पद बताते हुए विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के मार्गदर्शक कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर आत्मबल, अनुशासन और सफलता की दृढ़ इच्छा शक्ति को विकसित करते हैं, जिससे वे न केवल परीक्षा में बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
जिला रोजगार अधिकारी किन्नौर सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि जिला किन्नौर में एसआईएस इंडिया लिमिटेड, आरटीए बिलासपुर द्वारा सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा पर्यवेक्षक के लिए 120 पद निकाले गए हैं, जिसके लिए जिला रोजगार कार्यालय किन्नौर कैंपस साक्षात्कार करवा रहा है। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों का वेतन 17,500 से 23 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास, आयु वर्ग 19 से 40 वर्ष, अभ्यर्थी की लम्बाई 168 सेंटीमीटर से ऊपर तथा वजन 54 किलोग्राम से अधिक होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक उम्मीदवार जो इस पद से सम्बन्धित योग्यता रखते हो, वह अपने सभी अनिवार्य दस्तावेजों व बायो-डाटा सहित 26 फरवरी, 2026 को रोजगार कार्यालय रिकांग पिओ, 27 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय पूह व 28 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय भावानगर में प्रातः 11ः00 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। इसके अलावा चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को एक माह की ट्रेनिंग के दौरान किट आइटम के लिए 13,500 व 350 रुपए पंजीकरण की फीस रहेगी।
कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम शुक्रवार को अपना बजट पेश कर रहा है। महापौर सुरेंद्र अपना तीसरा बजट पेश करने के लिए बचत भवन पहुंचे और जैसे ही बजट पेश करने लगे तो भाजपा पार्षदों ने सदन के अंदर हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। भाजपा पार्षद परशुराम ने आरोप लगाया कि महापौर का कार्यकाल खत्म हो गया है और अभी यह सीट खाली है ढाई साल के लिए ही महापौर बनाया था और उनकी जगह किसी महिला को महापौर बनाया जाना था। लेकिन सरकार ने 5 साल के लिए कार्यकाल कर दिया है और इसकी अभी तक राज्यपाल से भी मंजूरी नहीं मिली है ऐसे में महापौर बजट पेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब महापौर के पद पर महिला काबिज होनी थी। लेकिन सरकार ने 5 साल का कार्यकाल कर दिया है जोकि महिलाओ के साथ अन्याय है। साथ ही राज्यपाल से भी अभी कार्यकाल बढ़ाने को लेकर मंजूरी नहीं मिली है। महापौर सुरेंद्र चौहान बजट पेश नहीं कर सकते हैं। यह संविधान के खिलाफ है। भाजपा इसका विरोध करती है उन्होंने कहा कि दो बार पहले जो बजट पेश किया गया है उसमें जो वादे किए थे वह भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं ऐसे में झूठे वादे बजट में इस बार भी किए गए हैं इसका विरोध करते हैं।
छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले शुभम वर्मा को NSUI संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जमीनी स्तर से कार्य करते हुए उन्होंने छात्र हितों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके शुभम वर्मा को आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। उनकी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद आज शुभम वर्मा ने प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं की भागीदारी, संगठन की आगामी रणनीति और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने शुभम वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और आशा जताई कि वे संगठन को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं शुभम वर्मा ने कहा कि वे युवाओं की आवाज को मजबूती से सरकार और संगठन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। प्रदेश राजनीति में शुभम वर्मा की यह नई भूमिका युवा नेतृत्व के सशक्तिकरण के रूप में देखी जा रही है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), शिमला की ओर से पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, कुनिहार में वीरवार को दो दिवसीय विकसित भारत चित्र प्रदर्शनी एवं जन सूचना अभियान का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवाओं को देश की वैज्ञानिक, सामरिक और विकासात्मक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में भारत के अंतरिक्ष अभियान की ऐतिहासिक सफलता चंद्रयान 3 से लेकर सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर तक की उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश की तीन रामसर साइट रेणुका झील, चंद्र ताल व पौंग डैम को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। इसके अलावा ऐम्स बिलासपुर, आई आईटी मंडी सहित प्रदेश में विकसित हो रहे राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका अहम है। इस तरह के आयोजन युवाओं को देश की उपलब्धियों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय शिमला के सहायक निदेशक संजीव कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य आमजन विशेषकर युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं और भारत की उपलब्धियों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत जन जागरूकता रैली से हुई, जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047 और स्वच्छता अभियान के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया। इसके बाद चित्रकला और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यालय की उप प्राचार्य अनिता कंवर ने आभार व्यक्त किया। दूसरे दिन विकसित भारत विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कालेश्वर इलेवन टीम ने बाबा ब्लोटू क्रिकेट टूर्नामेंट सीज़न 2 का फाइनल मुकाबला जीता। यह क्रिकेट मैच नलसुहा वॉरियर्स और कालेश्वर इलेवन के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में कालेश्वर इलेवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कालेश्वर इलेवन को 11,000 रुपये की नकद राशि और बड़ी ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही टीम के सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। उपविजेता नलसुहा वॉरियर्स को 7,100 रुपये की धनराशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस टूर्नामेंट का आयोजन नलसुहा के युवाओं ने मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया था। टूर्नामेंट में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
शिमला पुलिस ने संजौली थाने में दर्ज मामले में गुम हुई एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, तहसील अर्की (जिला सोलन) की रहने वाली एक लड़की 13 फरवरी 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। उसके पिता ने 15 फरवरी को थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की और लड़की को सुरक्षित ढूंढ लिया। जांच में पता चला कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे उसके पिता को सौंप दिया। इस सम्बन्ध में पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान जिला पुलिस शिमला ने सभी अभिभावकों एवं परिवारजनों से अपील की है कि वे बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से समझें तथा उनकी गरिमा का सम्मान करें। पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें और उनके मित्र-मंडल व दिनचर्या पर संवेदनशील निगरानी रखें। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी प्रकार की गलत संगति, संदिग्ध गतिविधि या व्यवहार की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बुधवार 18 फरवरी को थाना चिड़गांव क्षेत्र में पब्बर नदी के किनारे एक नेपाली मूल के व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राकेश प्रताप (36 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के संकेत मिले हैं तथा उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें 17 फरवरी को मृतक के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है तथा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले प्रेरणा दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्य कृतज्ञता, प्रेरणा और उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति नवप्रवर्तित प्रतिबद्धता की भावना से एकजुट हुए। समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय मंदिर में हवन के साथ हुआ, जिसके बाद वृंदावन उद्यान में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जो सतत विकास और पर्यावरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। दिन का प्रमुख आकर्षण रतन टाटा गैलरी, टैगोर सेमिनार हॉल और पहल फाउंडेशन कियोस्क सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन था। ये पहलें नवाचार, सामाजिक प्रभाव और अनुभवात्मक शिक्षा पर विश्वविद्यालय के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं। कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला ने सरोज खोसला के साथ मिलकर शूलिनी पहल फाउंडेशन के सहयोग से सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एक पहल, प्रोजेक्ट प्रगति कियोस्क का औपचारिक उद्घाटन किया। यह कियोस्क आसपास के गांवों की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें स्थानीय रूप से उत्पादित मसाले और मूल्यवर्धित वस्तुएं शामिल हैं, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलती है। शूलिनी विश्वविद्यालय के विपणन और नवाचार निदेशक प्रो. आशीष खोसला ने कहा, “प्रेरणा दिवस हमें याद दिलाता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। यह सबसे मूल्यवान सबक है जो हमने अपने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला से सीखा है। उनकी दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और लचीलेपन ने शूलिनी विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में आकार दिया है और हमें और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।” सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड, पायल जिंदल खन्ना ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रगति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को लाभार्थी होने से स्वतंत्र उद्यमी बनने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कृषि विभाग और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिनका नेतृत्व क्रमशः डॉ. सोमेश शर्मा और डॉ. दिनेश कुमार कर रहे हैं। शूलिनी पहल फाउंडेशन के राहुल बहादुर और इस पहल में शामिल स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने आगामी चरण में इस पहल को 100 गांवों तक विस्तारित करने का अपना दृष्टिकोण साझा किया, ताकि व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके, बाजार तक पहुंच में सुधार किया जा सके और ग्रामीण उद्यम विकास के लिए एक स्थायी मॉडल का निर्माण किया जा सके। इस समारोह में युवराज स्टेडियम में चांसलर इलेवन और रजिस्ट्रार इलेवन के बीच पारंपरिक क्रिकेट मैच भी शामिल था, जिसमें चांसलर इलेवन विजयी रही।
बुधवार को जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 88वीं वार्षिक आम साधारण बैठक सोलन में आयोजित की गई। यह बैठक वित्त वर्ष 2024-25 की वित्तीय स्थिति, उपलब्धियों एवं भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श हेतु बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों के 209 प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 87वीं आम सभा में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2024-25 के विस्तृत वित्तीय आंकड़े एवं उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष में सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। चेयरमैन मुकेश शर्मा ने बैंक के कुशल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, प्रबंधन, कर्मचारियों एवं लाखों खाताधारकों का बैंक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैंक तकनीकी सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में और अधिक प्रभावी कदम उठाएगा। इस अवसर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सोलन गिरीश नड्डा, निदेशकगण योगेश भारतीय, संजीव कौशल, रोशन वर्मा, लाजकिशोर, लक्ष्मी ठाकुर, विजय ठाकुर, पीताम्बर नेगी, प्रबंध निदेशक पंकज सूद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई और सभी प्रतिनिधियों ने बैंक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर में एचआर इंडस्ट्रीज 21 फरवरी, 2026 को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से युवकों का चयन स्थायी नौकरी के लिए करेगी। यह जानकारी देते हुए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह कंपनी कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से 18 से 30 वर्ष तक के 100 अभ्यर्थियों का चयन नौकरी के लिए करेगी। वहीं संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में वे सभी युवक-युवतियाँ भाग ले सकते हैं जिन्होंने मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टर्नर, टूल एंड डाई मार्कर, ग्राइंडर, एलेक्ट्रोप्लेटिंग, इलेक्ट्रिकल तथा अन्य ट्रेड में आईटीआई की हो तथा जिनका उत्तीर्ण वर्ष 2020 से 2025 तक का है। कैंपस साक्षात्कार वाले दिन पर्सनल इंटरव्यू तथा मेडिकल चेक-अप के बाद कंपनी के अधिकारियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। कंपनी द्वारा चयनित होने पर अभ्यर्थियों को मासिक ₹18,697/- वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 21 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे अपने साथ 10वीं, 10+2, आईटीआई प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साइज फोटो तथा इन सभी की फोटोस्टेट प्रतियां लेकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) में पधारें तथा इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएँ।
उत्तम संकल्प एजुकेशन लिमिटेड ने दो दिवसीय मेगा स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी के कुशल नेतृत्व में दिनांक 16 एवं 17 फरवरी 2026 को किया गया था। इस सामाजिक पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 450 से अधिक स्कूल किट (स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेंसिल, शार्पनर एवं रबर) का वितरण लगभग 10 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को किया गया। यह वितरण कार्यक्रम बेहर, बस्सी, थेडू, जम्बल, कनोल, चपलाह तथा तियामल स्थित विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक सीए मस्तान सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें ज्ञानार्जन एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी ने अपने संदेश में कहा कि,“शिक्षा ही वह आधार है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा भी तय करती है।” इस आयोजन को सफल बनाने में जसवंत सिंह, शेली राजपूत, महेश जांगड़ा, राजन तथा अन्य सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालयों के शिक्षकों एवं स्टाफ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय कदम बताया।
गरली में स्थित लोटस इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के पांच छात्रों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है। शबस्तिक शर्मा, रितुल वशिष्ठ, आयुष ठाकुर, कार्तिक और आयुष ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के निदेशक अश्विनी कुमार, सचिव गुरपाल सिंह पठानिया तथा प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को जाता है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि ये पांचों विद्यार्थी अब जेईई एडवांस परीक्षा में भी शामिल होंगे और उसके परिणाम के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
शुभम वर्मा को NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी मिली है। शुभम वर्मा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के करीबी और छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा है। उन्होंने पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है। संगठन में उनकी सक्रियता, मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच प्रभावशाली छवि के चलते वे आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम करने की उनकी शैली ने उन्हें पार्टी के भीतर एक सशक्त युवा चेहरा बना दिया है। इसी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले शुभम वर्मा आने वाले समय में संगठन के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शिमला पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया। दरअसल 17 फरवरी 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी में विपिन कुमार ने सूचना दी कि केशव पुत्र सनक बहादुर, निवासी गांव सिदिली (नेपाल), जो वर्तमान में गांव वरमैण डाकघर खराहण, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला में रह रहा था, 16 फरवरी 2026 को खराहण से घर लौटते समय लापता हो गया है और देर रात तक वापस नहीं आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया। खोजबीन के दौरान केशव को खराहण में रविन्द्र सिंह की दुकान के पास एक गली में सोया हुआ पाया गया। पुलिस पूछताछ में केशव ने बताया कि उसने रात में अधिक शराब का सेवन कर लिया था, जिसके कारण वह रास्ते में ही सो गया। मौके पर रिश्तेदारों और गवाहों की उपस्थिति में उसकी जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। केशव ने भी स्वयं को सुरक्षित और ठीक बताया। पुलिस ने गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद केशव को उसके दामाद गोपाल के सुपुर्द कर दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलेंस ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार रुपए रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने फॉरेस्ट गार्ड समीर को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार- आरोपी फॉरेस्ट गार्ड नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। उस पर पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी को विजिलेंस बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके।
हमीरपुर के भोटा में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा पेश आया है। सुबह करीब पांच बजे रेस्ट हाउस के साथ लगती चाय की दुकान में ब्लास्ट हो गया, जिससे दुकान का शटर दूर जाकर गिरा। सिलेंडर फटने के बाद दुकान में भयंकर आग लग गई, जो कि साथ लगती किराना की दुकान तक पहुंच गई। इस दौरान आग बुझाते वक्त किराना दुकान के मालिक कमलेश कुमार उर्फ़ नाथूराम भी बुरी तरह झुलस गए। हादसा इतना खौफनाक था कि दुकान का शटर भी दूर जाकर गिरा और दुकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। जब सुबह सिलेंडर फटा तो अन्य दो लोग राकेश कुमार व पुरूषोत्तम भी घायल हुए हैं, जिन्हें हमीरपुर हॉस्पिटल भेज दिया गया है और एक को पीजीआई रेफर कर दिया है।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने बताया कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, वे 28 फरवरी 2026 से पूर्व अपना ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पेंशनर अनुपलब्ध है या पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। ऐसे मामलों में पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पेंशनभोगियों का आधार कार्ड नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी सत्यापन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक या संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
मंगलवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बकाया भुगतान व वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने की मांग उठाई। पेंशनर्स का कहना है कि अब सरकार आरडीजी बंद होने का बहाना बना रही है। जबकि इसका वेतन और पेंशन भुगतान से कोई संबंध नहीं। सरकार अलग अलग नियुक्तियों से अपने खर्च बढ़ा रही है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद होने का पेंशन और वेतन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों पर खर्च बढ़ाने का आरोप लगाया। धरने में चेतावनी दी गई कि यदि बजट सत्र से पहले सरकार ने पेंशनरों से बातचीत नहीं की तो विधानसभा के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और रैली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पेंशनरों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी शिमला में चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी सोमवार को एक आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस के मुताबिक, यह ईमेल जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग शिमला के कार्यालय को प्राप्त हुआ था। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही बालूगंज पुलिस थाने की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। अदालत भवन और आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया और न्यायालय का कामकाज नियमित रूप से जारी रहा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
जिला सोलन के धर्मपुर क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को जिला पुलिस की एसआईयू (SIU) टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि चंडीगढ़ से शिमला जा रही उत्तराखंड परिवहन की एक बस में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने धर्मपुर क्षेत्र में बस को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान बस में सवार एक युवक के कब्जे से 10.01 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान दीपक (30) पुत्र भगत राम, निवासी गांव दोलग, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को 17 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक युवक को 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एफआईआर नंबर 44/2026 दिनांक 15.02.2026 को धारा 21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को पुलिस चौकी सुबाथू की टीम नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान जब टीम नया नगर स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के समीप पहुंची तो एक युवक पैदल आता हुआ दिखाई दिया, जो पुलिस को देखकर घबरा गया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम ने युवक को मौके पर रोका और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान वेद प्रकाश (30 वर्ष) निवासी गांव गंभरपुल, डाकघर हरिपुर, तहसील एवं जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है तथा उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की आगामी जांच जारी है।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक आज यानि 16.02.2026 को पुलिस चौकी सदवां क्षेत्र में नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। नाकाबंदी एवं वाहन चेकिंग के दौरान समय करीब 05:15 बजे सदवां चौक पर एक मोटरसाइकिल नंबर HP-48B-6260 (Honda Shine) को जांच हेतु रोका गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें मौके पर काबू किया गया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति के पिट्ठू बैग से 717 ग्राम चरस/कैनाबिस बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ तथा मोटरसाइकिल को पुलिस के कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल हुसैन पुत्र नेक मोहम्मद निवासी गांव मलेठी, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 20 वर्ष तथा मोहम्मद शरीफ पुत्र मूसा निवासी गांव भलू, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। इस संबंध में थाना नूरपुर में FIR नंबर 47/2026 दिनांक 16.02.2026 के तहत धारा 20, 25 व 29 ND&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में नवाचार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (टीजीआई), ढलियारा, कांगड़ा में विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, हरियाणा के सहयोग से एक आधुनिक मेमोरी लैब औपचारिक रूप से स्थापित की गई है। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मस्तिष्क-आधारित शिक्षण प्रणाली और वैज्ञानिक संज्ञानात्मक प्रशिक्षण पद्धतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, एकाग्रता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, निर्णय क्षमता तथा समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें संरचित मनोवैज्ञानिक आकलन उपकरण, माइंडफुलनेस अभ्यास तथा आधुनिक न्यूरो-लर्निंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना देश में कौशल-आधारित शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण पद्धतियों पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को भी दर्शाती है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राजेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा, संस्थापक निदेशक, विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. करण पठानिया, डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. विशाल राणा, तथा टीजीआई के संकाय सदस्यों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। उनकी उपस्थिति ने इस पहल के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. राजेश ठाकुर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की मानसिक शक्ति, रचनात्मकता और भावनात्मक संतुलन के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीआई में मेमोरी लैब की स्थापना संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान कर उनका बौद्धिक और व्यक्तिगत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा ने बताया कि मेमोरी लैब की अवधारणा मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस और व्यवहारिक अध्ययन के वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और मानसिक संरचना अलग होती है, जिसे सही आकलन और प्रशिक्षण द्वारा पहचाना और विकसित किया जा सकता है। यह लैब विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक अनुशासन विकसित करने में सहायता करेगी और शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की सीखने की शैली समझने में मदद करेगी। प्रो. करण पठानिया ने इस पहल को भविष्य-दृष्टि वाली शैक्षणिक सुधार पहल बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्मरण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, भावनात्मक स्थिरता और संचार कौशल का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेमोरी लैब अनुशासित, आत्मविश्वासी और सक्षम विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. बी. एस. चौहान ने भी मुख्यधारा की शिक्षा में मनोवैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण उपकरणों के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के सामने तनाव, ध्यान भंग और सूचना का अत्यधिक दबाव बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने में इस प्रकार की सुविधाएँ अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। डॉ. विशाल राणा ने कहा कि यह पहल शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे विद्यार्थियों के व्यवहार, सीखने की प्रवृत्तियों और प्रेरणा के स्तर को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनेगा। कार्यक्रम के दौरान टीजीआई के संकाय सदस्यों ने इस सहयोग का स्वागत किया और मेमोरी लैब गतिविधियों को शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में शामिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर मेमोरी लैब के कार्यप्रणाली की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसमें स्मरण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास, ध्यान सुधार तकनीक, व्यवहारिक आकलन तथा संज्ञानात्मक प्रशिक्षण सत्र शामिल थे। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति और सीखने की गति में सुधार, एकाग्रता बढ़ाना और परीक्षा तनाव कम करना, प्राकृतिक प्रतिभा और योग्यता क्षेत्रों की पहचान, आत्मविश्वास, प्रेरणा और सकारात्मक सोच का विकास, करियर जागरूकता और जीवन कौशल विकास जैसे लाभ प्रदान किए। शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की लैब देश के प्रगतिशील संस्थानों में तेजी से अपनाई जा रही हैं और यह वैज्ञानिक, कौशल-आधारित तथा मनोवैज्ञानिक रूप से सहायक शिक्षा प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के प्रबंधन ने क्षेत्र में उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने हेतु निरंतर नवाचार और छात्र-समर्थन पहलों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेमोरी लैब की स्थापना को संस्थान के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट ने देशभर के स्कूलों और कॉलेजों को भी इस मिशन से जुड़कर समान मेमोरी लैब स्थापित करने और शिक्षा परिवर्तन अभियान का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया है।
दिनांक 15 फरवरी 2026 को लगभग दोपहर थाना छोटा शिमला को सूचना प्राप्त हुई कि विकासनगर निवासी एक व्यक्ति की दो नाबालिग बेटियाँ घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। इस संबंध मे थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज की गई। सूचना मिलते ही थाना छोटा शिमला द्वारा तुरंत पुलिस टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल फोन तकनीक का उपयोग कर मात्र 3 घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को KNH शिमला के पास सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों लड़कियों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
अग्निवीर भर्ती योजना के तहत अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी जानकारी निदेशक सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर, कर्नल श्रीधर ने दी। उन्होंने बताया कि इस भर्ती के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं एवं 10वीं पास) तथा अग्निवीर महिला मिलिट्री पुलिस के पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी 13 फरवरी से 1 अप्रैल तक भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। कर्नल श्रीधर ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो वे सेना भर्ती कार्यालय, हमीरपुर में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी का ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है। उन्होंने अभ्यर्थियों से आग्रह किया गया है कि वे आवेदन करने से पूर्व सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
शिक्षक बनने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 12वीं के बाद ही विद्यार्थी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर स्नातक के साथ बीएड की डिग्री ले सकेंगे। इस पाठ्यक्रम में 250 सीटें हैं। प्रवेश राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 10 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 17 अप्रैल को संभावित है। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को पांच इकाइयों को स्वीकृति मिली है। इनमें बीए बीएड माध्यमिक, बीए बीएड मध्य, बीएससी बीएड माध्यमिक, बीएससी बीएड मध्य और बीकॉम बीएड माध्यमिक शामिल हैं। प्रत्येक इकाई में 50 सीटें रखी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीते वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से अनुमति मिलने के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया है। सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और तृतीय लिंग वर्ग के लिए 650 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।
अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हिमाचल की समृद्ध देव परंपरा, संस्कृति और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। हिमाचल की छोटी काशी मंडी में आज से सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज हो रहा है। इसका शुभारंभ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री दोपहर 3 बजे पड्डल मैदान में करेंगे। इससे पहले वह राज माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे और पारंपरिक ‘जलेब’ (शोभा यात्रा) में शामिल होंगे। भगवान श्री राज माधोराय की अगुवाई में निकलने वाली भव्य जलेब इस पर्व का सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जाती है। इस दिव्य शोभायात्रा में मंडी जनपद के लगभग 200 देवी-देवता अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और श्रद्धालुओं के साथ भाग लेंगे। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वेशभूषा के बीच निकलने वाली यह जलेब मंडी की समृद्ध देव संस्कृति और आस्था की अनूठी झलक पेश करती है। महोत्सव के दौरान हर शाम सेरी मंच पर भव्य सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। पहली सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम नितिन, नेहा दीक्षित और नाटी किंग कुलदीप शर्मा अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कल यानी 17 फरवरी को काकू राम ठाकुर और सुनील राणा, जबकि 18 फरवरी को माउंट फैशन शो, इन्द्रजीत पॉल और बॉलीवुड पार्श्व गायक अरविंद राजपूत मंच पर प्रस्तुति देंगे। 19 फरवरी को ममता भारद्वाज, अरुण-अनुशीला जुगनी और कुमार साहिल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। 20 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड के साथ गीता भारद्वाज और कुशांत भारद्वाज प्रस्तुति देंगे, जबकि 21 फरवरी को अंतिम सांस्कृतिक संध्या में ‘वॉयस ऑफ शिवरात्रि’ का फाइनल, हार्मनी ऑफ पाइंस और अन्य कलाकार आकर्षण का केंद्र होंगे। इस बार महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड विशेष आकर्षण रहेगी, जिसमें फ्रांस, अमेरिका, नाइजीरिया, तंजानिया, ताजिकिस्तान और श्रीलंका सहित कई देशों के कलाकार भाग लेंगे। इनके साथ हिमाचल, उत्तर भारत और मंडी के स्थानीय कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव से पहले रविवार शाम ब्यास नदी के तट पर स्थित पंचवक्त्र महादेव मंदिर के समीप भव्य ब्यास महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में आरती में भाग लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ब्यास महाआरती नई परंपरा के रूप में मंडी की धार्मिक पहचान को और सशक्त करेगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि वह राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह करना बंद करें। मंत्रियों ने कहा कि अनुराग ठाकुर का यह दावा पूरी तरह निराधार है कि केंद्र सरकार ने 20 वर्ष पहले ही आरडीजी बंद करने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने अनुराग ठाकुर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो वह इस संबंध में केंद्र सरकार की एक भी चिट्ठी सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद केवल राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। साथ ही उनसे स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे हिमाचल प्रदेश को आरडीजी जारी रखने के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि आरडीजी हिमाचल प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 275(1) में किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में आर्थिक कुप्रबंधन हुआ, जिसका खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ा। मंत्रियों ने कहा हिमाचल प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेलने के लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर और अन्य भाजपा नेताओं को इधर-उधर की बयानबाजी करने के बजाय आरडीजी के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख प्रदेश की जनता के सामने रखना चाहिए। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलने की बात कह चुके हैं, लेकिन भाजपा नेता केवल राजनीतिक लाभ लेने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश पर कर्ज के मसले पर गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अनुराग ठाकुर की सलाह की आवश्यकता नहीं है। दोनों ने आरोप लगाया कि अनुराग ठाकुर और भाजपा के प्रदेश नेता इस मुद्दे पर केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने और राजनीति करने में व्यस्त हैं। सर्वदलीय बैठक में भाजपा का हिमाचल विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। प्रदेश की जनता ने देखा कि भाजपा नेताओं ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए बैठक से वॉकआउट किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें हिमाचल के हितों से कोई सरोकार नहीं है। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के कारण आज प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल के दौरान राज्य को लगभग 54,000 करोड़ रुपये आरडीजी और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त हुए, यानी कुल 70,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार से मिली। लेकिन इन संसाधनों का उपयोग विकास के बजाय ठेकेदारों और चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने में किया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के ऐसे भवन बना दिए, जो आज खाली पड़ी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोलन जिले के नालागढ़ में 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने उद्योगपति मित्रों को कौड़ियों के भाव आवंटित कर दी। ‘कस्टमाइज पैकेज’ के नाम पर सस्ती जमीन के साथ स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट दी गई, जिससे सरकार को रजिस्ट्री से एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों के लिए बिजली शुल्क में भी 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। साथ ही तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, मुफ्त पानी और मुफ्त वेयरहाउस की सुविधा भी दी गई। क्या यह आर्थिक कुप्रबंधन नहीं है ? मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान सरकार पर निराधार आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं को पहले पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से यह पूछना चाहिए कि प्रदेश के संसाधनों को इस प्रकार क्यों लुटाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,000 करोड़ रुपये आरडीजी प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने कड़ा वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने मात्र 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि 26,000 करोड़ रुपये ब्याज और मूलधन के रूप में वापस किए।
देहरा उपमंडल के चनौर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील वर्कर की दिन-दहाड़े बच्चों के सामने हत्या के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला देहरा द्वारा एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस विद्यालय में बच्चे शिक्षा और सुरक्षा की भावना लेकर आते हैं, वहां इस प्रकार की जघन्य वारदात होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। धरने में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। जिला संयोजक भागमल ने कहा कि—“जब विद्यालय परिसर में खुलेआम हत्या हो सकती है तो सरकार की कानून-व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए? बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव की जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और प्रशासन केवल घटना के बाद औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है।
पुलिस थाना घुमारवीं की टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतते हुए फोरलेन भगेड़ के साथ बागठेड़ू के पास एक युवक को 5.9 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। पुलिस थाना घुमारवीं की टीम नियमित गश्त और नाकाबंदी के दौरान वीरवार को फोरलेन पर चैकिंग कर रही थी। इसी क्रम में बागठेड़ू के समीप एक युवक पुलिस को देखकर घबरा गया। उसकी संदिग्ध हरकतें देखकर पुलिस ने उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी में उसके कब्जे से 5.9 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। आरोपी की पहचान सुखवीर सिंह उर्फ सक्की (33) निवासी गांव बागठेड़ू, डाकघर भगेड़ के रूप में हुई है। डीएसपी विशाल वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि क्षेत्र में नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने जनता से नशामुक्ति अभियान में सहयोग का आग्रह किया है।
अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में 'राब्ता' सांस्कृतिक संध्या का धूमधाम से आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राम कुमार चौधरी, विधायक एवं आईईसी विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल के सम्मानित सदस्य, का कुलपति डॉ० अशोक पुरी एवं अन्य अधिकारियों ने शॉल-टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। अपने प्रेरक अभिभाषण में राम कुमार चौधरी ने छात्रों को लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयासरत रहने एवं नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। छात्रों ने मॉडलिंग, गायन, हरियाणवी, राजस्थानी, अंतरराज्यीय, समकालीन, सेमी-क्लासिकल, सोलो, फनी, रेट्रो डांस, गिद्दा, नाटी, भांगड़ा प्रस्तुतियों के साथ-साथ एनसीसी कैडेट्स की विशेष प्रदर्शन एवं सूडान के छात्रों द्वारा अंतरराष्ट्रीय नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति डॉ० अशोक पुरी ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों की कलात्मक प्रतिभा निखारने हेतु ऐसे आयोजनों के प्रति कटिबद्ध है। कार्यक्रम के समापन पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र, पदक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली के प्रवेश द्वार नगवाईं में सूबा होटल्स लिमिटेड ने अपनी नई इकाई 'क्लिक होटल' भुंतर का शुभारंभ किया। हिमाचल प्रदेश में यह कंपनी की चौथी होटल संपत्ति है। इससे पहले कंपनी मनाली, धर्मशाला और मैक्लोडगंज में अपने होटल संचालित कर रही है। होटल के शुभारंभ अवसर पर इंडियन आइडल फेम गायक कुमार साहिल ने अपनी प्रस्तुति से समा बांधा। टिंकू बैंड कुल्लू की जोशीली धुनों ने भी दर्शकों को देर तक झूमने पर मजबूर किया। कंपनी के प्रबंध निदेशक मंसूर मेहता ने कहा कि भुंतर क्षेत्र में ब्रांडेड होटलों की कमी को देखते हुए यहां निवेश का निर्णय लिया गया। सीईओ मुबीन मेहता ने बताया कि कंपनी अवकाश स्थलों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, सीओओ चंद्रकांत शेट्टी ने कहा कि आज के पर्यटक ऑफबीट और शांत स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। एयरपोर्ट के समीप होने से होटल की कनेक्टिविटी बेहतर रहेगी और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में विशेष मेहमान के तौर पर एसडीएम बालीचौकी बी एस ठाकुर, बीआरो एच एस ठाकुर ने भी शिरकत की। इस अवसर पर सूबा ग्रुप ऑफ होटल सीईओ चंद्रकांत सेठी, दिलमोहन मकर एरिया जनरल मैनेजर, कॉरपोरेट ट्रेनी हेड भावना, संदीप चौहान जनरल मैनेजर क्लिक होटल भुंतर, विकास भूटानी मैनेजिंग डायरेक्टर, मनु शेट्टी मैनेजिंग डायरेक्टर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिल्डिंग के मालिक व पूर्व उपप्रधान धर्मेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में चरस की एक और खेप बरामद की है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि थाना देहा में शुक्रवार सुबह पुलिस टीम ने प्राथमिकी संख्या 7/2026 के अंतर्गत एनडीपीएस (ND&PS) अधिनियम की धारा 20 के तहत 1.115 किलोग्राम चरस बरामद की है। एक गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टीम ने नैना कैंची बलग रोड़ के पास नाकाबंदी की थी। वहां एक संदिग्ध व्यक्ति, राजेश कुमार (निवासी राजगढ़, जिला सिरमौर) को रोककर तलाशी ली गई, जिसके पास मौजूद बैग से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। शिमला के SSP गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस अवैध व्यापार के सभी संभावित संपर्कों का बारीकी से पता लगा रही है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने आज यानि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11:00 बजे होटल पीटरहॉफ शिमला में होगी। इसकी जानकारी स्वयं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि उनकी ओर से सर्वदलीय बैठक को लेकर भाजपा, माकपा सहित अन्य दलों को पत्र भेजा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल, माकपा के महासचिव संजय चौहान, पार्टी नेता राकेश सिंघा भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। 16वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार की ओर से आरडीजी को बंद किए जाने के कारण प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट में आ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य हित में सामूहिक और एकजुट दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। राज्य सरकार का मानना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के हित में साझा निर्णय लिया जाना चाहिए। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद आरडीजी को 1 अप्रैल 2026 से बंद किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे हिमाचल प्रदेश को आगामी पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह अनुदान विशेष श्रेणी राज्य के रूप में हिमाचल के लिए वित्तीय आधार माना जाता रहा है। इसके बंद होने से विकास योजनाओं समेत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों व वित्तीय संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिला पुलिस शिमला ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज पांच अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ठियोग, बालूगंज, रामपुर और कुमारसैन थानों में दर्ज मामलों की समानांतर जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों को चिट्टा सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना विजय उर्फ डेविड है, जो पंजाब के जीरकपुर से हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में हेरोइन की सप्लाई करता था। पुलिस ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोपी की संलिप्तता सुनिश्चित की और थाना ठियोग की टीम को पंजाब रवाना किया। तकनीकी इनपुट के आधार पर 24 घंटे से अधिक चले फील्ड ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम ने जीरकपुर से दो बड़े नशा तस्करों विजय उर्फ डेविड और नितेश शर्मा उर्फ माइक को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विजय बिहारी शिमला शहर, ठियोग, रामपुर और रोहड़ू सहित विभिन्न क्षेत्रों में 70 से अधिक व्यक्तियों को चिट्टा की नियमित आपूर्ति कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 2023 में ठियोग से 180 ग्राम चिट्टा बरामदगी का मामला भी शामिल है। इन पांच मामलों में कुल मिलाकर 335 ग्राम से अधिक चिट्टा सप्लाई की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है और जांच जारी है। मामले की पुष्टि एसपी शिमला गौरव सिंह ने की।
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा ने वीरवार को ग्राम पंचायत गसोता में विधायक निधि से निर्मित सामुदायिक भवन को जनता के लिए समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों को इस सौगात के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि यह सामुदायिक भवन 9 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है, जिसका लाभ क्षेत्रवासियों को विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों को करवाने के लिए मिलेगा। इस भवन के निर्माण से स्थानीय लोगों को विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के लिए एक उपयुक्त स्थान मिलेगा। विधायक ने कहा कि बीते 6 माह से विधायक निधि न आने के कारण विकास कार्य ठप हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले जो भी विधायक निधि उन्हें मिली है, उसे क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च कर जनता को लाभान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि विधायकों को उनकी विधायक निधि तक नहीं दी जा रही है, जिससे विकास कार्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस मौके पर स्थानीय ग्राम केंद्र अध्यक सतीश चौहान, बूथ अध्यक्ष राकेश पठानिया, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री राकेश कुमार, निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधि व अन्य मौजूद रहे। सभी ने विधायक आशीष शर्मा को इस सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए धन्यवाद दिया।
ग्राम पंचायत सुरानी में वीरवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान वेल्फेयर अधिकारी खुंडिया मुजुल ठाकुर व उनके सहयोगी प्रीतम चन्द ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, एकल नारी योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायत सचिव सुरानी उदय सिंह, पंचायत के पूर्व प्रधान बीरबल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने योजनाओं से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को रखा, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना रहा।
शिमला के कैथू जेल से वर्ष 2024 में एक कैदी फरार हो गया था। जिसे दो जेल वार्डरों ने 24 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए जेल वार्डर दिनेश कुमार (बेल्ट नंबर 2023) और संदीप (बेल्ट नंबर 227), कैथू जेल, को डीजीपी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके इस साहस और तत्परता की प्रशंसा की गई है। कैथू जेल में राम लाल उम्रकैद की सजा काट रहा था और वह जेल से बाहर काम पर जाता था। लेकिन 1 नवंबर 2024 की शाम को वह वापस नहीं लौटा। इस पर जेल के दो वार्डरों दिनेश कुमार (बेल्ट नंबर 2023) और संदीप (बेल्ट नंबर 227) ने तत्परता दिखाते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने कैदी को कंगनाधार में एक कमरे से पकड़ लिया। इसके बाद न्यू शिमला पुलिस थाने में सूचना दी गई और आरोपी कैदी को बालूगंज थाने में पेश किया गया, जहां से उसे पुनः कैथू जेल लाया गया। यह कैदी पहले भी पैरोल पर फरार हो चुका था और तीन साल बाद पकड़ा गया था। वह उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी अभिषेक त्रिवेदी ने 9 फरवरी 2026 को दोनों वार्डरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
सुजानपुर का लगभग 230 वर्ष पुराना राष्ट्रीय होली मेला इस वर्ष विवादों में घिर गया है। स्थानीय दुकानदारों और युवा व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मेले में भूमि आवंटन प्रक्रिया के तहत बाहरी ठेकेदारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारोबारियों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष प्रति प्लॉट दर 7,500 रुपये थी, जबकि इस बार सरकार द्वारा पूरे चौगान मैदान को एक गैर-हिमाचली व्यक्ति को सौंपे जाने की चर्चा है। इससे प्लॉट दरों में मनमानी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। कुछ लोगों ने इसे करोड़ों रुपये के संभावित घोटाले से भी जोड़कर देखा है। मेला मैदान में सरस्वती मेला, विभिन्न विभागों के स्टॉल, तीन नर्सरियां, लगभग 450 प्लॉट, 20 बड़े फर्नीचर स्टॉल, पार्किंग स्थल तथा दो बड़े डोम (प्रत्येक में करीब 200 दुकानें) शामिल हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए पारंपरिक व्यवस्था बहाल करने तथा प्लॉट आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू करने की मांग की है। इस मौके पर स्थानीय व्यापारी विक्रांत चौहान, दीपक ठाकुर, आशु ठाकुर, दिनेश पंडित और राकेश कोट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11/12 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि को गश्त एवं नाकाबंदी के दौरान भलूण पुल के समीप एक संदिग्ध वाहन स्कार्पियो (HP-01C-3118) की तलाशी ली गई, जिसमें से 200 ग्राम चरस बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश शर्मा उर्फ विक्की निवासी जिला चंबा और अनिल कुमार निवासी जिला चंबा के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना नूरपुर में FIR नं. 44/2026 के तहत ND&PS एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।
केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) बेचने और नए लेबर कोड के विरोध में आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न फेडरेशन के आह्वान पर बुलाई गई इस हड़ताल के तहत किसान, मजदूर, कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले जगह-जगह आक्रोश रैली निकाली। इसका असर बैंकिंग, एलआईसी, बिजली, स्वास्थ्य इत्यादि सेवाओं पर देखने को मिला। प्रदेश के 15 हजार से ज्यादा बिजली इंजीनियर व कर्मचारी दिनभर पेन और टूल डाउन स्ट्राइक पर है। इस दौरान हिमाचल के विभिन्न विभागों में सेवारत्त आउटसोर्स कर्मचारी, 108 एंबुलेंस कर्मी, ट्रीटमेंट प्लांट कर्मचारी, बिजली प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी, रेहड़ी-फड़ी व तहबाजारी यूनियन, होटल कर्मी, निर्माण मजदूर, मनरेगा मजदूर, उद्योग मजदूर, मिड डे मील वर्कर, बैंक, बिजली, बीएसएनएल और एलआईसी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। हिमाचल के किसानों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है। सोलन शहर में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक ऑटो रिक्शा भी नहीं चल रहे। ऑटो यूनियन भी केंद्रीय ट्रेड यूनियन के समर्थन में उतर आई है। अस्पतालों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों और एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी आंशिक असर देखा जा रहा है। एंबुलेंस कर्मी हड़ताल में शामिल है। इसी तरह, स्वास्थ्य विभाग समेत दूसरे विभागों में सेवाएं देने वाले आउटसोर्स कर्मियों के हड़ताल में जाने से सरकारी सेवाएं बाधित हुई है। वहीं सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि केंद्र के चार नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कोड्स से यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार सीमित हो गए हैं, साथ ही हड़ताल की प्रक्रिया को भी जटिल बनाया गया है। संगठनों का मानना है कि ये कानून ठेका प्रथा को बढ़ावा देंगे, स्थायी नौकरियों में कमी लाएंगे और मजदूरों की असुरक्षा बढ़ाएंगे। सीटू ने चारों लेबर कोड वापस लेने की मांग दोहराई है। हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने बताया कि देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता भी इस एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए। यह आंदोलन मुख्य रूप से पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
श्रम कल्याण अधिकारी, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड कांगड़ा ने सूचित किया है कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से 28 फरवरी से पूर्व करवाई जानी है। ई-केवाईसी पूर्ण न करने की स्थिति में श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत किसी भी प्रकार का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया श्रम कल्याण कार्यालय, देहरा, आंगनबाड़ी कार्यालय के सामने, हरिपुर रोड़ पर नजदीक बस स्टैंड देहरा के कार्यालय में करवाई जा सकती है। उन्होेंने कहा कि सभी श्रमिक ई-केवाईसी करवाते समय अपने साथ कामगार कल्याण बोर्ड की पंजीकरण पुस्तिका अनिवार्य रूप से लेकर आए।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 12 फरवरी, 2026 को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने बताया कि 12 फरवरी को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कण्डाघाट, दोलग, परोंथा, डेढ़घराट, शनेच, टिक्कर, मही, सिरीनगर, हाथों, पलेच, शलुमणा, हिमुडा, वाकनाघाट, छावशा, डुमैहर, कोट, क्वारग, कोठी, भारा, आंजी ब्राहमणा, सैंज, गोग, कैथलीघाट, शालाघाट, क्यारी बंगला, बीशा, बाशा, सुरो, जे.पी. विश्वविद्यालय, चायल, दोची, मिलिट्री स्कूल, जीत नगर, आलमपुर, भलावग, हिन्नर, कुरगल, मिहाणी, बिनू, डुबलू, टिक्कर, नगाली तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम अथवा अन्य तकनीकी कारणों से निर्धारित तिथि एवं समय में परिवर्तन किया जा सकता है।
हमीरपुर के ग्राम पंचायत चमनेड़ में स्थित बिल्केश्वर महादेव मंदिर का श्रृंगार कई क्विलंट फूलों से किया जाएगा। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर में स्थित भगवान भोलेनाथ की 35 फीट ऊंची मूर्ति पर 151 किलोग्राम फूलों का हार चढ़ाया जाएगा। इस दौरान हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा की पत्नी स्वाति जार तथा समाजसेवी प्रकाश चंद शर्मा की पत्नी संतोष शर्मा उपस्थित रहेंगी। प्रकाश चंद शर्मा तथा विधायक आशीष शर्मा के सामूहिक सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। स्थानीय विधायक आशीष शर्मा ने समय समय पर मंदिर के विकास कार्य के लिए सहयोग किया है। मंदिर का फूलों से श्रृंगार करने के लिए दिल्ली से कर्मी आएंगे जिनका सहयोग स्थानीय लोग करेंगे। शिविरात्रि की रात्रि को भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। कांगड़ा से संबंध रखने वाले पहाड़ी गायक भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करेंगे। शिवरात्रि वाले दिन फलहार का वितरण किया जाएगा तथा अगले दिन विशाल भंडारे का आयोजन होगा। बता दें कि जिला की ग्राम पंचायत चमनेड़ में स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर न सिर्फ क्षेत्र की पहचान है बल्कि इसके प्रति हजारों लोगों की अटूट आस्था व विश्वास इसे खास बनाती है।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी में विज्ञान एवं गणित से संबधित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सीनियर सेकेंडरी विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में अवनी का मॉडल प्रथम, सौरभ का द्वितीय, सुजल का तृतीय रहा। साइंस क्विज में सौरभ और अवनी ने प्रथम, महक और अक्षित ने द्वितीय, अभिषेक और आकृति ने तृतीय स्थान हासिल किया। मैथ्स ओलिंपियाड में पायल और सौरभ ने प्रथम, अक्षित और अभिषेक ने द्वितीय, हिमांशु और अक्षरा दोहर ने तृतीय स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग में विज्ञान मॉडल में इशांत का मॉडल प्रथम, हर्ष का द्वितीय और लखन का तृतीय रहा। मैथ्स ओलिंपियाड में हर्ष और इशांत ने प्रथम, अनवर और अर्जुन द्वितीय, आदित्य और लखन ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य यशपाल नरोत्रा ने बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया जिससे उनकी विज्ञान एवं गणित के प्रति रुचि बढ़े। इस मौके पर राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की प्रभारी सुखदा सूद प्रवक्ता गणित, रजनीश शर्मा प्रवक्ता रसायन विज्ञान, सुरजीत कुमार प्रवक्ता भौतिकी, अंकिता शर्मा प्रवक्ता जीव विज्ञान, प्रिया गुलेरिया टी जी टी विज्ञान, शशि पाल टी जी टी विज्ञान एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
शिमला के रोहड़ू में वन विभाग ने बाजार की छह ज्वेलरी दुकानों पर एक साथ छापेमारी कर तेंदुए के 86 नाखून, 5 दांत और दुर्लभ पक्षियों के पंख बरामद किए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस अभियान के लिए वन विभाग ने 46 अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिन्होंने एक साथ कई दुकानों पर दबिश दी। छापेमारी में लगभग 100 वन्यजीवों के अंग जब्त किए गए, जिनमें से करीब 10 की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जब्त की गई सभी सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इन अंगों को कब्जे में लेकर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएफओ रवि शंकर शर्मा ने बताया कि तेंदुआ एक संरक्षित वन्यजीव है। उसके अंगों का संग्रह, बिक्री या उनसे आभूषण बनाना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार कुछ ज्वेलर तेंदुए के नाखूनों और दांतों का उपयोग ताबीज, लॉकेट और अन्य सजावटी गहने बनाने में कर रहे थे, जिन्हें अंधविश्वास के नाम पर बेचा जा रहा था।


















































