हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की निवासी आँचल शर्मा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा आयोजित M.Sc. न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा-2026 में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, क्षेत्र और पूरे हिमाचल में खुशी की लहर है। AIIMS M.Sc. न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा का आयोजन AIIMS द्वारा विभिन्न स्नातकोत्तर पैरामेडिकल और मेडिकल साइंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। वर्ष 2026 में यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा में जैव विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, भौतिकी और संबंधित विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं तथा मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को AIIMS संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। आँचल शर्मा ने इस अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में देशभर के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। उनकी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन का यह परिणाम प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी चिकित्सा विज्ञान का एक विशेष क्षेत्र है, जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थों की सहायता से कैंसर, हृदय रोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार में सहायता प्रदान की जाती है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और आँचल की यह उपलब्धि भविष्य में उन्हें चिकित्सा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
बिलासपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमलाल गौतम को पद्मश्री, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक और करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. प्रेमलाल गौतम को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट समेत 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध और नवाचारों ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है। डॉ. गौतम को मिला यह सम्मान न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से ‘काम छोड़ो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि ‘काम छोड़ो आंदोलन’ के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
देहरा के अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक पाधा ने जिला प्रशासन कांगड़ा को एक महत्वपूर्ण जनहित सुझाव देते हुए उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजा है। उन्होंने जिला मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित होने वाली मासिक प्रशासनिक समीक्षा बैठकों की अग्रिम सूचना सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। अभिषेक पाधा ने कहा कि जिला मुख्यालय धर्मशाला में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली समीक्षा बैठकों में जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भाग लेने के लिए बुलाया जाता है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यों की समीक्षा के लिए ये बैठकें अत्यंत आवश्यक एवं सराहनीय हैं, लेकिन इनकी पूर्व जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचने के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। ऐसे में ज्वालामुखी, नूरपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपने राजस्व, भूमि एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए उपमंडल और तहसील कार्यालयों में पहुंचते हैं। लेकिन अधिकारियों के मासिक बैठक में होने के कारण उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ता है। पाधा के अनुसार इससे आम जनता का बहुमूल्य समय, वाहन का ईंधन, आर्थिक संसाधन और श्रम व्यर्थ होता है। साथ ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा से आग्रह किया है कि मासिक बैठकों का कार्यक्रम कम से कम दो से तीन दिन पूर्व स्थानीय समाचार पत्रों, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों तथा जिला प्रशासन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए। इससे आम नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आने की योजना बना सकेंगे और अनावश्यक परेशानियों से बच सकेंगे।
दयानंद आदर्श विद्यालय में 23 जून को कक्षा 6वीं एवं 7वीं के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का संचालन एवं समन्वयन गतिविधि प्रभारी रोहिणी सूद के निर्देशन में किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्या एवं अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विज्ञान से संबंधित विभिन्न आकर्षक मॉडल, परियोजनाएँ एवं प्रयोग प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, रोबोटिक्स तथा दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग जैसे विषयों पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया, जिससे उनकी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता एवं नवाचार क्षमता का परिचय मिला। अभिभावकों ने भी प्रदर्शनी में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रदर्शित वैज्ञानिक दृष्टिकोण, परिश्रम एवं प्रतिभा की सराहना करते हुए विद्यालय के इस प्रयास को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं नगर परिषद ज्वालामुखी के नवनियुक्त पार्षद नीरज शर्मा ने कहा कि विधायक संजय रतन के निर्देशानुसार अगले एक माह में ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के 102 बूथों पर ‘एक बूथ-10 यूथ जोड़ो’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े मेहनती और समर्पित युवाओं को संगठन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि युवा कांग्रेस की टीम प्रत्येक बूथ पर पहुंचकर सक्रिय युवाओं की पहचान करेगी और उन्हें संगठन में जिम्मेदारियां देने के लिए सूची तैयार करेगी। नीरज शर्मा ने कहा कि विधायक संजय रतन ने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी सुविधाओं के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर विकास कार्यों को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता इसका मजबूती से जवाब देंगे।
9 HP बटालियन एनसीसी डलहौजी के निर्देशों के अनुसार इंदौरा के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज इंदौरा में 12वां इंटरनेशनल योगा डे बड़े जोश और एनसीसी कैडेट्स, स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबर्स की एक्टिव भागीदारी के साथ मनाया गया। यह प्रोग्राम एनसीसी के तहत फिजिकल फिटनेस, मेंटल हेल्थ और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने में योग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था। इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेंदर राजन इस इवेंट में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। सेलिब्रेशन की शुरुआत वेलकम एड्रेस से हुई, जिसके बाद कॉमन योगा प्रोटोकॉल हुआ। एनसीसी कैडेट्स ने अलग-अलग योग आसन, प्राणायाम और मेडिटेशन एक्सरसाइज में जोश के साथ हिस्सा लिया। योग सेशन में मन और शरीर के बीच तालमेल बनाने के लिए योग को जीवनशैली के तौर पर अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया गया। इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए विधायक मलेंदर राजन ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी में योग के महत्व पर ज़ोर दिया और युवाओं में हेल्थ, डिसिप्लिन और फिटनेस के बारे में जागरूकता फैलाने के एनसीसी के प्रयासों की तारीफ़ की। उन्होंने स्टूडेंट्स और कैडेट्स को उनके ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए रेगुलर योग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में वरिष्ठ नागरिक मंच देहरा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहरा में योग शिविर का आयोजन किया। शिविर में प्रधान जगदीश चन्द आजाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भूपेश उप्पल, सचिव ओंकार सिंह सिपहिया, कोषाध्य कैप्टन दिलबाग, उपाध्यक्ष नीलकंठ दत्ता के अतिरिक्त सुनील वैद, मोहिंद धीमान, सुभाष गुलेरिया, विनोद शर्मा, कैप्टन देवी राम, रमेश शर्मा, राज कुमार जम्वाल तथा वीरबल ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आजाद ने योग के महत्व तथा अच्छी जीवन शैली पर बल दिया। कार्यक्रम के उपरांत वरिष्ठ नागरिकों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहरा द्वारा आयोजित योग शिविर में भी भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश एनसीसी की छठी स्वतंत्र कंपनी ऊना के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रविंद्र सिंह के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ढालियारा स्कूल में एक भव्य कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में गवर्नमेंट कॉलेज ढलियारा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बॉयज परागपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बॉयज गरली व स्थानीय विद्यालय के एनसीसी कैडेट ने भाग लिया। इस भव्य कार्यक्रम में योग के व्यायाम, आसन,प्राणायाम का अभ्यास कैडेट्स ने किया व योग के दैनिक जीवन में महत्व को समझा। इस विशेष कार्यक्रम में प्रागपुर स्कूल के एनसीसी अधिकारी विवेक शर्मा, गरली स्कूल के दीपक धीमान, एनसीसी इंस्ट्रक्टर जितेंद्र कुमार व सोनू कुमार स्थानीय स्कूल के डीपी महोदय उपस्थित रहे।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आयोजित लेटरल एंट्री एंट्रेंस टेस्ट (LEET)-2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। 14 जून को आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1,963 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और अब उनकी नजरें आगामी काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं। तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव Ashok Pathak ने बताया कि इस वर्ष शिमला के अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अमन ने 400 में से 370 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं, चंबा के मोहित कपूर 285 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मंडी की नंदिनी ने 246 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहां अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल उम्मीदवारों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा। बोर्ड सचिव ने बताया कि काउंसलिंग और सीट आवंटन से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। LEET-2026 के परिणामों के साथ अब प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुल गया है। सफल अभ्यर्थी आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद के संस्थानों और शाखाओं में दाखिला प्राप्त कर सकेंगे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें। HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा। उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम द्वारा दिनांक 19 जून को प्रातः रियाली पुल के समीप नियमित नाकाबंदी एवं गश्त के दौरान लकड़ी से लदे कई संदिग्ध वाहनों को जांच हेतु रोका गया। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस थाना फतेहपुर तथा पुलिस पोस्ट रे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की। जांच के दौरान कुल छह पिकअप वाहन तथा एक कैंटर विभिन्न प्रजातियों की लकड़ी एवं ईंधन लकड़ी से लदे पाए गए। वाहन चालकों से लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध परमिट, लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किन्तु वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इस संबंध में पुलिस थाना फतेहपुर में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका पाए जाने पर संबंधित सातों वाहनों तथा लकड़ी को कब्जे में लेकर आगामी जांच एवं कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम "एंटी चिट्टा एवं ड्रग-फ्री हिमाचल अभियान" के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज नगर परिषद नूरपुर की नशा निवारण समिति (NNC) की बैठक नगर परिषद कार्यालय नूरपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने की। बैठक में एसडीएम नूरपुर, एसडीपीओ नूरपुर, थाना प्रभारी नूरपुर, नगर परिषद नूरपुर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद के नवनिर्वाचित पार्षदों एवं अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे एंटी चिट्टा एवं ड्रग-फ्री हिमाचल अभियान के उद्देश्यों एवं कार्ययोजना की जानकारी दी गई। युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति, विशेषकर चिट्टा (हेरोइन) एवं अन्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके प्रभावी नियंत्रण हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों एवं वार्ड स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, नशे के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, युवाओं को जागरूक करने, समुदाय आधारित सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा पुलिस, प्रशासन एवं स्थानीय निकायों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, एसडीएम नूरपुर, एसडीपीओ नूरपुर एवं थाना प्रभारी नूरपुर ने नगर परिषद के सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। सभी पार्षदों ने नशा मुक्त नूरपुर एवं नशा मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों को नशे के विरुद्ध सामूहिक रूप से कार्य करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई गई। अंत में यह संकल्प लिया गया कि एंटी चिट्टा एवं ड्रग-फ्री हिमाचल अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए जागरूकता, जनभागीदारी एवं समन्वित प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
ज्वालामुखी क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ समिति के अध्यक्ष विद्या सागर शर्मा के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर से समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा स्थानीय लोगों में गहरा दुःख व्याप्त है। श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि विद्या सागर शर्मा एक सरल, मिलनसार और समाज सेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने समिति के माध्यम से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में समिति ने अनेक धार्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि विद्या सागर शर्मा का निधन समाज और धार्मिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना कठिन होगा। उनके आदर्श और समाज सेवा के कार्य सदैव लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था। यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।
भारतीय मजदूर संघ के तत्वावधान में भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप ‘सी’, भारतीय डाक कर्मचारी संघ पोस्टमैन एवं एमटीएस तथा भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ, देहरा मंडल द्वारा 21 जून 2026 को होटल पोंग व्यू, देहरा में संयुक्त सीडब्ल्यूसी (CWC) बैठक एवं प्रथम अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के सभी डाक मंडलों से कर्मचारी प्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी भाग लेंगे। अधिवेशन के दौरान डाक कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों, कर्मचारियों की समस्याओं, विभागीय नीतियों तथा संगठनात्मक विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। बैठक में डाक मंडल देहरा की भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ इकाई तथा भारतीय डाक कर्मचारी संघ पोस्टमैन एवं एमटीएस इकाई की नई कार्यकारिणियों का गठन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। अधिवेशन में 20 जुलाई 2026 से देशभर में प्रस्तावित डाक कर्मचारियों के जन आंदोलन के प्रमुख बिंदुओं, मांगों और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन की रूपरेखा और उसकी सफलता के लिए आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजकों ने प्रदेश के सभी डाक मंडलों के कर्मचारियों और पदाधिकारियों से अधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जा सके तथा कर्मचारियों की आवाज को मजबूती मिल सके।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की करसोग घाटी को देवभूमि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यहां स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर न केवल करसोग की पहचान है, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। सदियों पुराना यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत, पौराणिक मान्यताओं और अनूठी विशेषताओं के कारण श्रद्धालुओं तथा शोधकर्ताओं के लिए समान रूप से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करसोग नगर के मध्य स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं के अनुसार इसका संबंध सीधे महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान कुछ समय के लिए करसोग घाटी में रुके थे। इसी अवधि में उन्होंने यहां भगवान शिव की आराधना की और मंदिर की स्थापना की। यद्यपि इस संबंध में ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन स्थानीय समाज में यह विश्वास पीढ़ियों से चला आ रहा है। मंदिर का नाम "ममलेश्वर" भी अपने आप में विशेष महत्व रखता है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार भगवान शिव यहां "ममलेश्वर महादेव" के रूप में विराजमान हैं और क्षेत्र के लोगों की रक्षा करते हैं। सदियों से यह मंदिर करसोग क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र रहा है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है यहां स्थित अखंड ज्योति और अखंड धूना। मान्यता है कि यह पवित्र अग्नि सदियों से निरंतर जल रही है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त इस धूने के दर्शन को अत्यंत शुभ मानते हैं। ममलेश्वर मंदिर की एक और अनूठी पहचान यहां सुरक्षित रखा गया विशाल गेहूं का दाना है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह दाना महाभारत काल का है और सामान्य गेहूं के दाने से कई गुना बड़ा है। इसे प्राचीन काल की समृद्धि और उस युग की विशिष्टता का प्रतीक माना जाता है। यह धरोहर वर्षों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर परिसर में रखा गया विशाल ढोल भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। लोकमान्यताओं के अनुसार इसका संबंध भीमसेन से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि पांडवों के करसोग प्रवास के दौरान इसका उपयोग किया जाता था। यद्यपि इसकी ऐतिहासिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय संस्कृति में इसका विशेष स्थान है। ममलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा राक्षस वध की है। लोककथाओं के अनुसार प्राचीन काल में करसोग क्षेत्र में एक भयानक राक्षस का आतंक था, जो प्रतिदिन गांव से एक व्यक्ति की बलि मांगता था। जब एक निर्धन परिवार के इकलौते पुत्र की बारी आई, तब भीमसेन ने स्वयं उसकी रक्षा का निर्णय लिया। कहा जाता है कि भीम ने राक्षस का वध कर क्षेत्र को उसके आतंक से मुक्त कराया। इस घटना के बाद लोगों की भगवान शिव और पांडवों के प्रति श्रद्धा और अधिक बढ़ गई। मंदिर की स्थापत्य कला भी इसकी विशेष पहचान है। पारंपरिक पहाड़ी शैली में निर्मित यह मंदिर पत्थर और लकड़ी की उत्कृष्ट कारीगरी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मंदिर की नक्काशी, प्राचीन शिखर और पारंपरिक निर्माण शैली हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। समय-समय पर मंदिर का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया गया, लेकिन इसकी मूल संरचना आज भी प्राचीन परंपराओं की झलक देती है। मंदिर परिसर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग और अन्य प्राचीन मूर्तियां भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं। यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है और वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन मास और अन्य शिव पर्वों पर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ममलेश्वर महादेव मंदिर केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह करसोग की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी केंद्र है। स्थानीय लोग किसी भी शुभ कार्य, विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत से पहले भगवान ममलेश्वर का आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं। मंदिर आज भी क्षेत्र के लोगों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। करसोग की शांत वादियों के बीच स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर इतिहास, पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। महाभारत काल से जुड़ी लोकमान्यताएं, अखंड धूना, विशाल गेहूं का दाना, भीम का ढोल और भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा इस मंदिर को हिमाचल प्रदेश के सबसे विशिष्ट धार्मिक स्थलों में शामिल करती हैं। यही कारण है कि सदियों बाद भी ममलेश्वर महादेव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश की देवभूमि में अनेक ऐसे देवस्थल हैं, जिनका महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और लोकविश्वास का भी अभिन्न हिस्सा हैं। मंडी जिले की करसोग घाटी में स्थित देवता श्री मूल माँहूनाग जी का मंदिर भी ऐसा ही एक पवित्र स्थल है, जो सदियों से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करसोग की बखारी कोठी में समुद्र तल से लगभग 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य, लोक परंपराओं और देव संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। मूल माँहूनाग जी को महाभारत के महान योद्धा और दानवीर सूर्यपुत्र कर्ण का अवतार माना जाता है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद कर्ण ने लोककल्याण के लिए देव रूप धारण किया और हिमालय की इन पर्वत श्रृंखलाओं को अपना निवास बनाया। समय के साथ वे माँहूनाग देवता के रूप में पूजे जाने लगे। आज भी करसोग क्षेत्र में कर्ण और माँहूनाग को एक ही दिव्य शक्ति का स्वरूप माना जाता है। यही कारण है कि देवता को दान, धर्म, पराक्रम और न्याय का प्रतीक माना जाता है। मूल माँहूनाग जी से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध लोककथाओं में सुकेत रियासत के राजा श्याम सेन की कथा प्रमुख है। कहा जाता है कि मुगल शासनकाल में राजा श्याम सेन को बंदी बना लिया गया था। संकट की इस घड़ी में राजा ने माँहूनाग देवता का स्मरण किया। लोकविश्वास के अनुसार देव कृपा से राजा को मुक्ति मिली और वे सकुशल अपने राज्य लौट सके। इस घटना के बाद सुकेत राजपरिवार की माँहूनाग देवता के प्रति आस्था और अधिक गहरी हो गई तथा देवता को रियासत का रक्षक माना जाने लगा। मंदिर की एक विशेष पहचान यहां स्थित पवित्र धूना भी है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि यह धूना सदियों से निरंतर प्रज्वलित है और कभी पूर्ण रूप से शांत नहीं हुआ। श्रद्धालु इसे देव कृपा और दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं। मंदिर परिसर में पहुंचने वाले भक्त इस धूने के दर्शन कर विशेष आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव करते हैं। माँहूनाग देवता की महिमा केवल करसोग तक सीमित नहीं है। सुंदरनगर क्षेत्र में भी देवता की विशेष मान्यता है और वहां स्थित मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। समय-समय पर आयोजित देव यात्राएं और धार्मिक आयोजन इस आस्था को और अधिक सशक्त बनाते हैं। देवता की पालकी जब विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करती है, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मूल माँहूनाग जी का जिला स्तरीय मेला करसोग की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मेला प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की एक से पांच प्रविष्टि तक आयोजित किया जाता है। मेले की शुरुआत देवता जी की भव्य जलेब से होती है, जिसमें ढोल, नगाड़े, रणसिंघा और करनाल की गूंज के बीच देवता की शोभायात्रा निकाली जाती है। हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर करसोग पहुंचते हैं और देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह आयोजन केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि हिमाचली लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, लोकसंगीत और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। स्थानीय समाज में माँहूनाग देवता को न्यायप्रिय देवता के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। लोगों का विश्वास है कि यदि किसी व्यक्ति को कहीं न्याय नहीं मिलता, तो वह देवता के दरबार में अपनी प्रार्थना रख सकता है। इसी विश्वास को दर्शाती एक प्रसिद्ध स्थानीय कहावत आज भी सुनने को मिलती है— "सीने गोष्ठुए आग"। इसका अर्थ है कि माँहूनाग देवता सब कुछ देखते और सुनते हैं। न्याय भले देर से मिले, लेकिन सत्य और निष्पक्षता के साथ अवश्य मिलता है। ग्रामीण जीवन में भी देवता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसान खेतों में बीज बोने से पहले देवता का आशीर्वाद लेते हैं। विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यवसाय या अन्य शुभ कार्यों से पूर्व भी देवता की अनुमति और कृपा को आवश्यक माना जाता है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, "देवता बिना इजाजत कुछ नहीं और देवता की मर्जी से सब संभव है।" यह कथन आज भी क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था को दर्शाता है। माँहूनाग देवता से जुड़ा एक और रोचक पक्ष उनकी समृद्ध देव परंपरा है। लोकमान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु वर्षों से सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं देवता को अर्पित करते रहे हैं। यही कारण है कि माँहूनाग देवता को हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित और समृद्ध देवस्थलों में गिना जाता है। कुछ लोग उन्हें प्रतीकात्मक रूप से "देवताओं का बैंकर" भी कहते हैं, हालांकि यह लोक परंपरा और जनविश्वास का हिस्सा है। आज मूल माँहूनाग मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हिमाचल की जीवंत देव संस्कृति, लोक इतिहास और सामाजिक मूल्यों का प्रतीक बन चुका है। दानवीर कर्ण की परंपरा से जुड़ी यह आस्था लोगों को सत्य, न्याय, परोपकार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। करसोग की शांत वादियों में स्थित यह देवस्थल आज भी हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है और उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ता है। मूल माँहूनाग जी की यह गाथा केवल एक मंदिर की कहानी नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की उस अनूठी देव संस्कृति की कहानी है, जो सदियों से लोगों के जीवन, विश्वास और सामाजिक व्यवस्था का आधार बनी हुई है।
दिनांक 17.06.2026 को पुलिस थाना चिरगांव की टीम को गश्त के दौरान चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्थानीय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सेब के पौधों के बीच अवैध रूप से उगाए गए 1,570 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 56/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है। उक्त मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम को चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी एक अन्य गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुनः स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सेब के बगीचे में खसरा नंबर 702 की भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए 2,021 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 57/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में कुल 3,591 अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है तथा मामलों की आगामी जांच पुलिस थाना चिरगांव द्वारा की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जल्द ही दुनिया के सात अजूबों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी। नगर निगम शिमला शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों रिज मैदान और मालरोड पर विश्व के सात प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों को आकर्षक सेल्फी पॉइंट उपलब्ध कराना है। नगर निगम के अनुसार इन अजूबों की प्रतिकृतियां दिल्ली स्थित एक कंपनी द्वारा तैयार की जा रही हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें शिमला लाया जाएगा। निगम प्रशासन ने इन्हें स्थापित करने के लिए रिज मैदान और मालरोड पर उपयुक्त स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। रानी झांसी पार्क और रोटरी टाउनहॉल के समीप इन संरचनाओं के लिए विशेष रैंप और मजबूत नींव तैयार की जा रही है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इसी महीने के भीतर दुनिया के सातों अजूबों को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल शिमला की पर्यटन पहचान को और मजबूत करेगी तथा पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इस बीच महापौर ने मंगलवार को छोटा शिमला बाजार का दौरा कर स्थानीय व्यापारियों की समस्याएं भी सुनीं। कारोबारियों ने मंदिर के समीप स्थित बंद नाली से फैल रही बदबू की शिकायत की। शिकायत मिलने के तुरंत बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और टैंकर मंगवाकर नाली की सफाई करवाई, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिमला में प्रस्तावित यह नई परियोजना शहर के पर्यटन ढांचे को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है। किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।
हिलटॉप दुर्गा मंदिर डमटाल के जनरल हाउस की बैठक मंगलवार को वन विश्राम गृह भदरोया में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधायक मलेंद्र राजन ने की। बैठक के प्रारंभ में मंदिर अधिकारियों ने मंदिर की आय-व्यय तथा विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा विधायक को प्रस्तुत किया। इसके बाद मंदिर से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने निर्देश दिए कि मंदिर में चल रहे तथा प्रस्तावित सभी विकास कार्य पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस धार्मिक स्थल के विकास में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने मंदिर के समस्त स्टाफ की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त विधायक ने मंदिर में प्रसाद व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित एवं बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की आय एवं निधि का उपयोग केवल मंदिर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र के विकास कार्यों पर ही किया जाएगा। मंदिर की राशि किसी अन्य बाहरी कार्य में खर्च नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर परिसर में वर्ष में कम से कम एक बार भव्य जागरण अथवा भंडारे के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़े और धार्मिक गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। बैठक में डीएफओ संदीप कोहली, एसीएफ निशांत पाराशर, आरओ इंदौरा अब्दुल हमीद सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
दयानंद आदर्श विद्यालय में मंगलवार को इंटर हाउस ग्रुप डांस प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रोहित भारद्वाज तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गौरव राजपूत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। मुख्य अतिथियों का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल, आर्य समाज के पदाधिकारियों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। विरजानंद सदन ने वीर संभाजी के जीवन पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि दयानंद सदन ने शिव-शक्ति की मनमोहक प्रस्तुति दी। श्रद्धानंद सदन ने "स्पेक्ट्रम ऑफ टाइम" और विवेकानंद सदन ने "द रोअर ऑफ नरसिम्हा" विषय पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2025 के मेधावी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणाम देने तथा वर्ष 2025 में न्यूनतम अवकाश लेने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि रोहित भारद्वाज और गौरव राजपूत ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और जीवन में उच्च आदर्श अपनाने का संदेश दिया। प्रतियोगिता के परिणामों में विवेकानंद हाउस को "हाईली रिकमेंडेड" (सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति), दयानंद हाउस को प्रथम, श्रद्धानंद हाउस को द्वितीय तथा विरजानंद हाउस को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा को देश की प्रतिष्ठित पत्रिका फेम इंडिया-एशिया पोस्ट द्वारा जारी ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वेक्षण में देश के टॉप-25 जिला अधिकारियों में स्थान मिला है। यह उपलब्धि सोलन जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी मनमोहन शर्मा को सर्वेक्षण में ‘कर्तव्यनिष्ठ’ श्रेणी में प्रमुख स्थान दिया गया। यह सर्वे उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, नवाचार, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, जवाबदेही और विकासोन्मुख सोच सहित 10 प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया। उपायुक्त के रूप में उन्होंने सोलन में जन शिकायतों के त्वरित निपटारे, राजस्व प्रशासन को मजबूत करने, अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वहीं ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत एंटी चिट्टा अभियान को भी नई गति प्रदान की है। मनमोहन शर्मा की जनकेंद्रित कार्यशैली और प्रगतिशील दृष्टिकोण को इस राष्ट्रीय सम्मान के रूप में बड़ी पहचान मिली है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है। बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा। अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके। जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
शिमला। बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए। बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी। सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है। किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।
हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों—में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।। मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।
समाजसेवी मुकेश कुमार और ज्वालामुखी पुलिस के बीच चला हाई-वोल्टेज घटनाक्रम इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले से जुड़े वीडियो और दावे-प्रतिदावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार हाल ही में आठ स्थानीय लोगों ने ज्वालामुखी थाना में एक शिकायत पत्र सौंपकर मुकेश कुमार पर सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने तथा भड़काऊ बयानबाजी कर लोगों को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी सिलसिले में ज्वालामुखी पुलिस की एक टीम बीते दिनों मुकेश कुमार के अस्थायी निवास, नोएडा (दिल्ली-एनसीआर) पहुंची। इस दौरान मुकेश कुमार ने पुलिस से गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेज एवं वारंट दिखाने की मांग की। वायरल वीडियो में वह पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दिखाई दे रहा है। उसका दावा है कि बिना पर्याप्त दस्तावेज दिखाए उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया गया। मुकेश कुमार ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव में उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उसने कहा कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को भेजा गया, जो अनावश्यक प्रतीत होता है। मुकेश का यह भी आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी से उसके किराए के आवास के बाहर का माहौल किसी छावनी जैसा बन गया था। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुकेश अपने कमरे के भीतर से ही रिकॉर्डिंग कर रहा है, जबकि पुलिस कर्मी बाहर मौजूद हैं। इस दौरान उसने स्वयं को कमरे के अंदर रखा और पुलिस टीम से लगातार बातचीत करता रहा। वहीं, पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस द्वारा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट/नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि मुकेश कुमार ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयानों में इन दस्तावेजों की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। फिलहाल मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज है। एक पक्ष मुकेश कुमार के समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पुलिस कार्रवाई को कानून के तहत उठाया गया कदम बता रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि ज्वालामुखी पुलिस कहना है कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ चले हुए केस की समाप्ति तक साफ तौर पर मना किया गया था कि वो सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी न करे लेकिन यह हिदायत न मानी इसके तहत कार्यवाई अमल में लायी गयी है । इस सन्दर्भ में मुकेश का कहना है कि मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज होने के बाद 26 मई को पुलिस द्वारा मुझे नोटिस जारी किया गया था और थाने में हाजिर होने को कहा था इसके तहत मैं इस मामले को लेकर 30 मई को थाना में हाजिर हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया पुलिस राजनीतिक दबाव में यह कार्य कर रही है।
भाजपा मंडल परागपुर के अध्यक्ष विनोद शर्मा और जसवां मंडल अध्यक्ष वरिंदर ठाकुर ने सोशल मीडिया पर सक्रिय एक स्थानीय समाजसेवी की कार्यशैली और राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं का आरोप है कि संबंधित समाजसेवी क्षेत्रीय मुद्दों तथा प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं पर मौन रहते हैं, जबकि उनका ध्यान पूर्व मंत्री एवं विधायक विक्रम ठाकुर की आलोचना पर अधिक केंद्रित रहता है। भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि समाजसेवी द्वारा हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, तो उन्हें इस संबंध में विस्तृत विवरण अथवा श्वेत पत्र जारी कर जनता के सामने तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी व्यवसाय को जनसेवा के रूप में प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। विनोद शर्मा ने आरोप लगाया कि संबंधित समाजसेवी चुनावी समय में ही क्षेत्र में अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद लंबे समय तक जनता से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि विक्रम ठाकुर ने वर्षों के संघर्ष, संगठनात्मक कार्य और जनसेवा के बल पर अपनी पहचान बनाई है तथा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर चुप्पी साधना समाजसेवी के दोहरे राजनीतिक रवैये को दर्शाता है। विनोद शर्मा और वरिंदर ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना किसी भी व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन भाजपा के मजबूत संगठनात्मक ढांचे और जनाधार को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जनता अनुभव, संघर्ष और निरंतर जनसेवा को महत्व देती है तथा इसी आधार पर अपना जनप्रतिनिधि चुनती है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 18 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
पुलिस जिला नूरपुर की पीओ (Proclaimed Offender) सेल ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी प्रदीप कुमार उर्फ दीपा (45) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव कुल्हण, तहसील एवं जिला कठुआ (जम्मू-कश्मीर) का रहने वाला है और उसके खिलाफ पुलिस थाना इंदौरा में वर्ष 2010 में दर्ज मुकदमा संख्या 109/10 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337 तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के अंतर्गत मामला दर्ज था। न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण माननीय जेएमएफसी कोर्ट इंदौरा ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया था। नूरपुर पुलिस की पीओ सेल टीम ने 12 जून 2026 को विशेष अभियान के तहत उसे 3 पुली चिनौर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार इसकी सूचना आरोपी की पत्नी को दी गई तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए उसे पुलिस थाना इंदौरा के सुपुर्द कर दिया गया है। नूरपुर पुलिस ने कहा है कि फरार आरोपियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा आम जनता से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, पांगणा की पूर्व छात्रा साक्षी ठाकुर का केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई विद्यालयों के लिए नियुक्त गणित अध्यापकों में चयन हुआ है। विशेष बात यह है कि साक्षी अब उसी विद्यालय में गणित अध्यापिका के रूप में अपनी सेवाएं देंगी, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, क्षेत्रवासियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। साक्षी ठाकुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों और शिक्षकों को दिया है। साक्षी ने कहा, “आज जो भी उपलब्धि मुझे प्राप्त हुई है, उसमें मेरे परिवार और शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान है। विद्यालय में बिताए गए वर्षों ने मुझे अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व सिखाया। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे उसी विद्यालय में पढ़ाने का अवसर मिला है, जहां से मैंने शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और चुनौतियों का डटकर सामना करने की सलाह दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने साक्षी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उनकी सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विद्यालय को विश्वास है कि साक्षी के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को गणित विषय में नई दिशा मिलेगी तथा विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों में और वृद्धि होगी।
एमएमएमसीएच, कुमारहट्टी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) और इंडियन एसोसिएशन ऑफ गायनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपिस्ट्स (IAGE) के सहयोग से गायनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपी पर एक दिवसीय द्वितीय सेंसिटाइजेशन स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को महार्षि मार्कण्डेश्वर ट्रस्ट के अध्यक्ष तरसेम गर्ग और सचिव विशाल गर्ग का संरक्षण प्राप्त रहा। मुख्य अतिथि एमएमयू के कुलपति डॉ. रवि चंद शर्मा तथा सह-अध्यक्ष के रूप में रजिस्ट्रार अजय कुमार सिंगल उपस्थित रहे। इस अवसर पर एमएमएमसीएच के प्राचार्य डॉ. मनप्रीत सिंह नंदा, उप-प्राचार्य डॉ. जसदीप सिंह संधू, एमएमसीओएन की प्राचार्य डॉ. हरप्रीत कौर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किरण कुमार सिंघल और एनएएसी समन्वयक डॉ. जय गोपाल वोहरा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की स्थानीय संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका गुप्ता तथा परियोजना समन्वयक डॉ. पियूष वोहरा रहे। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण ऑपरेशन थियेटर से प्रसारित लाइव सर्जरी रही, जिसमें राष्ट्रीय एंडोस्कोपिक सर्जरी प्रशिक्षक डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. पियूष वोहरा और डॉ. वाणी शर्मा ने लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी, ग्रेड-4 एंडोमेट्रियोसिस में ओवेरियन सिस्टेक्टॉमी, लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी तथा फेलोपियन ट्यूब रिकैनालाइजेशन जैसी जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों के उपयोग, सर्जरी के विभिन्न चरणों और महत्वपूर्ण चिकित्सीय निर्णयों की भी जानकारी दी। कार्यशाला में संकाय सदस्यों, वरिष्ठ रेजिडेंट्स, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और चिकित्सकों ने भाग लिया तथा एंडोस्कोपिक सर्जरी की नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
हिमाचल प्रदेश के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए नगर पंचायत अंब के चुनावों में बड़े स्तर पर धांधली और जोड़-तोड़ करने की कोशिश का सनसनीखेज आरोप लगाया है। नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान विधायक बबलू ने दावा किया कि भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पदों पर जबरन कब्जा जमाने के लिए अपनी पूरी ताकत और सत्ता बल का दुरुपयोग किया, लेकिन कांग्रेस समर्थित पार्षदों की चट्टानी एकजुटता के आगे विपक्ष की सारी रणनीतियां पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए एक गंभीर आरोप लगाया कि खुद सांसद विजयी पार्षदों को प्रभावित करने और उन्हें उनके घरों से साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे ताकि लोकतांत्रिक तरीके से आए चुनावी नतीजों को बदला जा सके, लेकिन लगातार बनाए गए अनुचित दबाव के बावजूद पार्षदों ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस संगठन की नीतियों के प्रति अपनी अटूट निष्ठा साबित की। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए इन चुनावों के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुसूया रानी और उपाध्यक्ष सुरेश अरोड़ा ने अन्य कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ विधायक सुदर्शन सिंह बबलू से शिष्टाचार मुलाकात की, जहां विधायक ने सभी विजयी प्रतिनिधियों को सम्मानित कर उनकी एकजुटता की जमकर सराहना की। इस दौरान राजनीतिक माहौल को गरमाते हुए विधायक बबलू ने हुंकार भरी कि भाजपा भली-भांति जानती थी कि सभी पार्षद कांग्रेस की विचारधारा से मजबूती से जुड़े हैं, फिर भी उन्हें डराने या प्रभावित करने का असफल प्रयास किया गया। इस बड़ी राजनीतिक जीत से उत्साहित कांग्रेस विधायक ने यह भी दावा कर दिया है कि आगामी पंचायत समिति चुनावों में भी बीडीसी, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सभी प्रमुख पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ही शानदार जीत का परचम लहराएंगे।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है। आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद का अंतर है। मसलन परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषद, तथा अर्की नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने चिकित्सा अधिकारी (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी) भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विभाग में कुल 232 पदों पर निकाली गई इस भर्ती के तहत आयोग ने 162 योग्य डॉक्टरों के चयन की सिफारिश की है, जबकि न्यूनतम पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण 70 पद रिक्त रह गए हैं। पूर्व सैनिक आश्रित वर्ग में उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 42 पदों को अन्य अवशिष्ट श्रेणियों में स्थानांतरित कर भरा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत परीक्षा परिणाम HPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें किसी भी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में संशोधन का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। इस पूरी चयन प्रक्रिया को आयोग ने करीब सात महीनों के भीतर बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा किया, जिसकी शुरुआत 15 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 फरवरी 2026 को स्क्रीनिंग टेस्ट और सब्जेक्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) आयोजित किया गया और 16 मई को परिणाम आने के बाद 299 सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। जून महीने में आयोजित किए गए व्यक्तित्व परीक्षण के मूल्यांकन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है; इसमें श्रेया वालिया ने पहला स्थान हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है, जबकि श्रेया चंदेल दूसरे और शगुन शर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। टॉपर्स के अलावा रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती और दिव्या चौहान सहित कुल 162 सफल डॉक्टरों के नाम इस अंतिम सूची में शामिल हैं, जो जल्द ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे
नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नूरपुर पुलिस (CIA टीम) ने मीलवां क्षेत्र में पंजाब नंबर की कार से 264.6 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद कर एक बड़े अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह (41), निवासी गुरदासपुर (पंजाब) के रूप में हुई है, जिसने स्टीयरिंग कवर के नीचे नशा छिपा रखा था। एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उलेहड़ियां-मीलवां मार्ग पर नाकाबंदी कर यह कामयाबी हासिल की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में फैला है, और उस पर पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 3 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कार और ड्रग्स को जब्त कर केस दर्ज कर लिया है और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला कल यानी 13 जून को धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला एक डे-नाइट (दिन-रात) मैच है, जो दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल संभाल रहे हैं, जबकि अफगानिस्तान की टीम राशिद खान जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरेगी। क्रिकेट फैंस इस रोमांचक मैच को टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स और डीडी स्पोर्ट्स पर लाइव देख सकते हैं, जबकि इसकी डिजिटल स्ट्रीमिंग 'जियोहॉटस्टार' (JioHotstar) पर की जाएगी। यह मुकाबला इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि साल 2023 के वनडे विश्व कप के बाद धर्मशाला के इस मैदान पर कोई अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच आयोजित होने जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि बीसीसीआई (BCCI) ने पहले इस मैच को 14 जून को कराने का फैसला किया था, लेकिन बाद में तारीखों में बदलाव कर इसे 13 जून (शनिवार) को तय किया गया। चूंकि यह मैच पहाड़ों के बीच बसे खूबसूरत स्टेडियम में हो रहा है, इसलिए मौसम की भूमिका भी अहम होगी। जून के महीने में दोपहर के समय यहां अच्छी खासी धूप और गर्मी रहेगी, लेकिन शाम होते-होते तापमान गिरकर 10 से 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस ठंडी शाम में फ्लडलाइट्स के नीचे मैच का दूसरा हिस्सा खेला जाएगा। भारतीय टीम हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में बड़ी जीत दर्ज कर चुकी है, जिससे टीम के हौसले बुलंद हैं। वहीं अफगानिस्तान की टीम भी अपने बेहतरीन स्पिन आक्रमण के दम पर भारतीय सरजमीं पर बड़ा उलटफेर करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। पहाड़ों पर इससे अगले छह दिन बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज व कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में भारी ओलावृष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलो में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। 13 व 14 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जून वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन राज्य के कुछेक भागों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक- राज्य में अगल छह दिनों के दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी आएगी। बीते बुधवार तक अधिकांश शहरों का पारा सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक अधिक बना हुआ है। मगर आज से इसमे गिरावट आएगी। पहाड़ों के साथ साथ राज्य के मैदानी इलाकों में भी इससे मौसम सुहावना होगा।
दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज सीनियर सेक्शन के अंतर्गत कक्षा नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी एवं प्रथम कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्पोर्ट्स डे का आयोजन बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्पोर्ट्स इंचार्ज वीणा कौशिक तथा अध्यापिकाओं अनुराधा, रीता और ममता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आकर्षक मार्च पास्ट से हुआ, जिसमें नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और प्रथम कक्षा के विद्यार्थियों ने अनुशासन और उत्साह का शानदार प्रदर्शन किया। मार्च पास्ट का नेतृत्व कियारा ने किया। वीणा कौशिक के निर्देशन में प्रस्तुत यह मार्च पास्ट सभी उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने रंगारंग ड्रिल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे सभी ने खूब सराहा। विद्यालय की प्राचार्या उषा मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलकूद गतिविधियां बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेलों से जहां शरीर स्वस्थ एवं सशक्त बनता है, वहीं बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेलों में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना के साथ भाग लेना होता है। इसके बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। कक्षा नर्सरी के परिणाम स्प्रिंट रेस (बालक वर्ग) प्रथम – खुशान्त द्वितीय – अर्णव तृतीय – रियॉन स्प्रिंट रेस (बालिका वर्ग) प्रथम – अनन्या द्वितीय – तनीषा तृतीय – आराधना फ्रिल रेस (बालक वर्ग) प्रथम – अर्णव द्वितीय – रियॉन तृतीय – काव्यांश फ्रिल रेस (बालिका वर्ग) प्रथम – तनीषा द्वितीय – आराधना तृतीय – माहिरा कक्षा एलकेजी के परिणाम स्प्रिंट रेस (बालक वर्ग) प्रथम – रियांश द्वितीय – मिवान तृतीय – शिवाक्ष स्प्रिंट रेस (बालिका वर्ग) संयुक्त प्रथम – अनायरा एवं दिव्यांशी द्वितीय – वामिका तृतीय – रितिका बैग रेस प्रथम – शिवाक्ष द्वितीय – रियांश तृतीय – संबंध कक्षा यूकेजी के परिणाम स्प्रिंट रेस प्रथम – लविश द्वितीय – सफल तृतीय – सूर्यवीर फ्रॉग रेस प्रथम – लविश द्वितीय – सफल तृतीय – सूर्यवीर सांत्वना पुरस्कार – शिवांश कक्षा प्रथम के परिणाम स्प्रिंट रेस प्रथम – चिराग द्वितीय – अभियान तृतीय – माहिरा बैलून रेस प्रथम – अभियान द्वितीय – एतिक तृतीय – युवान कार्यक्रम के अंत में विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी गई तथा सभी प्रतिभागियों के उत्साह, खेल भावना और अनुशासन की सराहना की गई।
9 HP बटालियन एनसीसी, डलहौजी के निर्देशानुसार गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (जीडीसी) इंदौरा की एनसीसी यूनिट द्वारा सोमवार को फिट इंडिया मूवमेंट के तहत एक जागरूकता साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना था। रैली को कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नमेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने एनसीसी कैडेट्स के उत्साह, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिलिंग को पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ परिवहन के साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी के सीटीओ डॉ. पंकज कौशल के मार्गदर्शन में आयोजित इस रैली में कैडेट्स ने फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संदेशों वाले प्लेकार्ड प्रदर्शित किए तथा जागरूकता के नारे लगाए। कैडेट्स ने लोगों को संदेश दिया कि साइकिल चलाना न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने में भी सहायक है। रैली के दौरान स्थानीय लोगों ने भी कैडेट्स के प्रयासों की सराहना की और फिटनेस व स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाने के इस अभियान को सराहनीय बताया। इस अवसर पर डॉ. पंकज कौशल ने कहा कि एनसीसी गतिविधियां जिम्मेदार, अनुशासित और शारीरिक रूप से सक्षम नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कैडेट्स से ऐसे जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रखने और फिट इंडिया मूवमेंट के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस जिला नूरपुर लगातार सख्त कार्रवाई अमल में ला रही है। इसी कड़ी में थाना रेहन में दर्ज FIR No. 41/26 दिनांक 13.04.2026 धारा 20, 25, 29 NDPS Act में की जा रही गहन तफ्तीश के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज पर कार्य करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय संजय कुमार पुत्र शेर सिंह, निवासी गांव कुंडल, तहसील सलूणी, जिला चंबा के रूपमे हुए है। गौरतलब है कि उक्त मामले में घटना के दिन मौके से आरोपी रोबिन (निवासी जिला चंबा) और यूसुफ (निवासी जिला चंबा) को गिरफ्तार किया गया था, जिनसे 1 किलो 210 ग्राम चरस बरामद हुई थी। इसके बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर तीसरी गिरफ्तारी आरोपी शुक्रदीन (निवासी जिला चंबा) की की थी, जबकि अब मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर संजय कुमार (निवासी जिला चंबा) के रूप में यह चौथी गिरफ्तारी की गई है। नूरपुर पुलिस द्वारा नशे के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है तथा इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस जिला नूरपुर ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
निकटवर्ती बणी स्थित शिव मंदिर परिसर में महादेव जन कल्याण ट्रस्ट गरली की 39वीं त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा निराश्रित महिलाओं को पेंशन राशि एवं घरेलू उपयोग का सामान वितरित करने का कार्यक्रम पूर्व की भांति जारी रखा गया। ट्रस्ट की प्रमुख सदस्य शालिनी पटियाल राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था अब तक लगभग 45 निराश्रित महिलाओं को सहायता प्रदान कर रही है। यह सहयोग प्रत्येक तीसरे महीने के पहले रविवार को बणी गांव के शिव मंदिर में उपलब्ध कराया जाता है। बैठक के दौरान निराश्रित महिलाओं एवं उनके बच्चों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। साथ ही प्रत्येक महिला को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इस अवसर पर वालिया परिवार की ओर से सभी के लिए धाम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में ट्रस्ट से जुड़े सदस्य मदन लाल शर्मा, निर्मला राणा, हेमराज शर्मा, कुसुम वालिया, सरोज शर्मा, वरुण पटियाल, अमित वालिया, चुहरू राम, संसार चंद, सुभाष पटियाल, संजीव, दलजीत खट्टा तथा रंगील सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। संस्था के सभी सदस्यों ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस प्रकार के समाजसेवी एवं मानव कल्याण के कार्यों से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी दानी सज्जनों एवं सहयोगकर्ताओं का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही यह सेवा कार्य निरंतर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। बैठक के अंत में ट्रस्ट के सदस्यों ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे भी इस नेक कार्य में संस्था का सहयोग करें तथा महादेव जन कल्याण ट्रस्ट गरली द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी अभियानों का हिस्सा बनकर जरूरतमंद लोगों की सहायता में योगदान दें।
हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से रुक रुक कर बारिश हो रही है। आगामी छह दिन भी प्रदेश में बारिश दौर जारी रह सकता है। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है। देशभर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं। वहीं शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के कुछेक भागों में आज भी हल्की बारिश हो सकती है। 3 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में आंधी व तूफान का यलो अलर्ट दिया गया है, जबकि 4 जून को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में चेतावनी जारी की गई। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। वही 5 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट दिया गया है। 6 और 7 जून को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
कसोल स्थित होटल ग्रीन वैली में दिनांक 30 मई को हुई फायरिंग की घटना में जिला पुलिस कुल्लू को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। घटना के तुरंत बाद पुलिस थाना मनीकर्ण द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया था, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया था । मामले की गंभीरता को देखते हुए तथा उच्च पुलिस अधिकारियों के कुशल नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों द्वारा तकनीकी एवं मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार दबिश दी गई। पुलिस के सतत एवं समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप फरार आरोपी तमनप्रीत सिंह 22 वर्ष निवासी गाँव व डाकघर बग्गा, तहसील बाबा बकाला, जिला अमृतसर (पंजाब) को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है । प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी पिछले कुछ समय से इटली में रह रहा था तथा कुछ दिन पूर्व ही भारत आया था। घटना के उपरांत वह पुनः इटली लौटने की तैयारी में था। आरोपी को पुलिस टीम द्वारा दिनांक 31 मई को गाँव व डाकघर बग्गा, अमृतसर (पंजाब) से हिरासत में लेकर कुल्लू लाया गया। तत्पश्चात मामले में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत आरोपी को आज दिनांक 01 जून को पुलिस थाना मनीकर्ण में विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी को आज माननीय अदालत में पेश करके पुलिस हिरासत रिमान्ड हासिल किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर आज भी जारी है। आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 1 से 6 जून तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी। IMD ने इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 3 जून से प्रदेश में मौसम संबंधी गतिविधियां और तेज होंगी। मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 3, 5 और 6 जून को शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पहले, 31 मई को मौसम विभाग ने शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया था। हालांकि, 1 और 2 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं थी। 3 जून से फिर कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों, विशेषकर सेब, गुठलीदार फलों और मौसमी सब्जियों को तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3 से 6 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
पर्यटन सीज़न के दौरान शिमला में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु शिमला पुलिस की व्यापक एवं सुनियोजित व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 01 मई से 27 मई तक लगभग 7,20,000 वाहनों ने शिमला शहर में प्रवेश किया, और भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होने बाद भी शिमला शहर में जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली। शिमला पुलिस द्वारा पूर्व नियोजित ट्रैफिक प्रबंधन, NCC ट्रैफिक वालंटियर्स, सिविल ट्रैफिक वालंटियर्स,अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी तथा लगातार फील्ड मॉनिटरिंग के माध्यम से यातायात को निरंतर सुचारू रखा गया। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वही जब प्रयटकों से फीडबैक लिया गया, तो अधिकांश पर्यटकों ने यातायात व्यवस्था की सराहना करते हुए शिमला पुलिस का धन्यवाद किया। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें शहर में घूमने, पार्किंग तथा यातायात संचालन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। राज्य में आज और कल बारिश के आसार हैं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि और तूफान की संभावना जताई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। कल भी प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 31 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन 2 जून तक कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
हिमाचल प्रदेश के आठ जिलों में आज भीषण गर्मी का पूर्वानुमान है। दिन के वक्त अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक ज्यादा रहेगा। इससे सुबह 11 बजे के बाद लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वही वीरवार को भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन के वक्त इन जिलों में भी गर्मी परेशान करेगी। राज्य के अधिकांश शहरों का पारा पहले ही सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक चल रहा है। ऊना का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। राहत की बात यह है कल दोपहर बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार है। इसका असर अगले 72 घंटे तक यानी 30 मई तक रहेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 मई को राज्य में भारी ओलावृष्टि, तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चलने का पूर्वानुमान है। राज्य के कुछेक भागों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से भी हवाएं चल सकती है। तेज आंधी व ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की फसलों को नुकसान हो सकता है। 28 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया, जबकि 29 मई को कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। ऐसे में कल और परसों बारिश के बाद भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार है। 30 मई को भी कुछेक क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 31 मई व 1 जून को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा।


















































