जीएनए यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा ने नव-प्रवेशित स्नातकोत्तर छात्रों के स्वागत के लिए PG Orientation 2026 का आयोजन किया। “Discover, Inspire & Transform” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और करियर विकास के अवसरों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में छात्रों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्यमशील सोच, नेतृत्व, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लाहौरी ज़ीरा के संस्थापक सौरभ मुंजाल का प्रेरणादायक उद्यमिता सत्र रहा। “From Idea to Icon: Building a Brand That India Loves” विषय पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नवाचार, ग्राहकों की समझ, मजबूत ब्रांडिंग और निरंतर प्रयासों से एक विचार को सफल ब्रांड में बदला जा सकता है।
उद्योग 4.0 शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जीएनए यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन में FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के अंतर्गत पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा एवं विनय कुमार एम.के., वाइस प्रेसिडेंट – एचआर, बीडी एवं आईआईआर, FANUC इंडिया लिमिटेड ने किया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा, वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा, डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन, डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, रजिस्ट्रार डॉ. कुणाल बैंस, अंकित त्रिपाठी, असिस्टेंट मैनेजर – बीडी, FANUC इंडिया प्रा. लि., विक्रमजीत सिंह, असिस्टेंट मैनेजर – सेल्स, FANUC इंडिया, प्रतीक वाधावन, सीईओ, सिस्टेक रोबोटिक्स तथा सुमित सैनी, डायरेक्टर, सिस्टेक रोबोटिक्स भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नई स्थापित रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, रोबोट प्रोग्रामिंग, पीएलसी इंटीग्रेशन, मशीन विज़न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। FANUC, जो फैक्ट्री ऑटोमेशन के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है, 100 से अधिक देशों और 270 से अधिक सर्विस लोकेशनों के माध्यम से अपनी उन्नत रोबोटिक्स एवं सीएनसी तकनीकों द्वारा वैश्विक उद्योगों को सशक्त बना रही है। FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता, रोजगार योग्यता तथा भविष्य की उन्नत विनिर्माण तकनीकों के लिए उनकी तैयारी और अधिक मजबूत होगी। उद्घाटन समारोह के उपरांत जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, स्किल डेवलपमेंट, फैकल्टी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा तकनीक-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा ने विनय कुमार एम.के. के साथ रोबोटिक्स एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आधुनिक उद्योगों की मांगों के अनुरूप अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला रोबोटिक्स शिक्षा, नवाचार तथा उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र सिद्ध होगी। प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा ने जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया के बीच हुए इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करने तथा उन्हें तकनीक-आधारित भविष्य के करियर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट विनय कुमार एम.के. ने जीएनए यूनिवर्सिटी में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना एवं आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, "जीएनए यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम विकसित किया है, जो भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित इंडियास्किल्स एवं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिताओं के उद्देश्यों के अनुरूप है।" उन्होंने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में जीएनए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा उत्तर भारत (रीजनल स्तर) पर स्वर्ण पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतने पर विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कौशल-आधारित शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता को दर्शाती है। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन ने इस सहयोग तथा नई प्रयोगशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब केवल एक नई प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि यह नवाचार, कौशल विकास एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान का केंद्र है, जिसे सीएडी, सीएएम एवं सीएनसी सिम्युलेटर जैसी आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ एकीकृत किया गया है। वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन को पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक्स सिस्टम इंटीग्रेशन लैब स्थापित करने पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर उद्योगोन्मुख शिक्षा वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है। डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल ने कहा कि FANUC इंडिया के साथ यह सहयोग अनुभवात्मक (एक्सपीरिएंशियल), उद्योग-समन्वित तथा परिणाम-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, "यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप एवं कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करेगी।" कार्यक्रम का समापन "रोबोट्स से स्मार्ट फैक्ट्री तक: एआई के साथ विनिर्माण के भविष्य का निर्माण" विषय पर आयोजित एक घंटे के विशेषज्ञ सेमिनार के साथ हुआ, जिसे विनय कुमार एम.के. एवं अंकित त्रिपाठी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स के विकास, कोलैबोरेटिव रोबोट्स (कोबोट्स), विनिर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा पारंपरिक उत्पादन इकाइयों को स्मार्ट फैक्ट्री में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बॉडी-इन-व्हाइट (BIW) मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में रोबोटिक्स के विभिन्न अनुप्रयोगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आयोजित लेटरल एंट्री एंट्रेंस टेस्ट (LEET)-2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। 14 जून को आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1,963 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और अब उनकी नजरें आगामी काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं। तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव Ashok Pathak ने बताया कि इस वर्ष शिमला के अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अमन ने 400 में से 370 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं, चंबा के मोहित कपूर 285 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मंडी की नंदिनी ने 246 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहां अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल उम्मीदवारों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा। बोर्ड सचिव ने बताया कि काउंसलिंग और सीट आवंटन से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। LEET-2026 के परिणामों के साथ अब प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुल गया है। सफल अभ्यर्थी आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद के संस्थानों और शाखाओं में दाखिला प्राप्त कर सकेंगे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें। HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा। उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और उसके फैसले में किसी प्रकार की मनमानी या विचारहीनता नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को इस मामले में आईटी अधिनियम के प्रावधानों से बाहर रखने का कोई आधार नहीं है। दरअसल, सरकार का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा। इस मामले को देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि परीक्षा संबंधी संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने या उसके संचालन पर कड़े नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी किए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमति जताई है और बुधवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट का फैसला न केवल NEET बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा जगत, अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें अब अदालत की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 सत्र की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उम्मीदवार अपने आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य होगा। यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी प्रवेश पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। इस बार भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का पता ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड: यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। “UGC NET June 2026 Admit Card” लिंक पर क्लिक करें। आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें। लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल नेटवर्क और चैनलों की जानकारी मिली थी, जिनके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, प्रश्नपत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस बीच लाखों छात्र, अभिभावक और टेलीग्राम उपयोगकर्ता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग समय और अन्य विवरणों को ध्यानपूर्वक जांच लें। NTA के अनुसार, री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। ऐसे डाउनलोड करें NEET UG 2026 एडमिट कार्ड 1. आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं। 2. होमपेज पर "NEET UG 2026 Admit Card" लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना Application Number और Date of Birth/Password दर्ज करें। 4. स्क्रीन पर दिखाई दे रहे Security Pin (Captcha) को भरें। 5. Submit बटन पर क्लिक करें। 6. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा। 7. इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। परीक्षा के दिन इन बातों का रखें ध्यान 1. एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID) लेकर जाएं। 2. परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। 3. एडमिट कार्ड में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। 4. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत NTA से संपर्क करें।
पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, पांगणा की पूर्व छात्रा साक्षी ठाकुर का केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई विद्यालयों के लिए नियुक्त गणित अध्यापकों में चयन हुआ है। विशेष बात यह है कि साक्षी अब उसी विद्यालय में गणित अध्यापिका के रूप में अपनी सेवाएं देंगी, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, क्षेत्रवासियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। साक्षी ठाकुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों और शिक्षकों को दिया है। साक्षी ने कहा, “आज जो भी उपलब्धि मुझे प्राप्त हुई है, उसमें मेरे परिवार और शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान है। विद्यालय में बिताए गए वर्षों ने मुझे अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व सिखाया। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे उसी विद्यालय में पढ़ाने का अवसर मिला है, जहां से मैंने शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और चुनौतियों का डटकर सामना करने की सलाह दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने साक्षी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उनकी सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। विद्यालय को विश्वास है कि साक्षी के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को गणित विषय में नई दिशा मिलेगी तथा विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों में और वृद्धि होगी।
राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग एवं समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न निकटवर्ती विद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नमेष ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ समझौते को औपचारिक रूप प्रदान किया। इस एमओयू के अंतर्गत GSSS Bari Kandrori, GSSS Dahkulara, GSSS Mohtli, GSSS Bogrwan तथा GSSS इंदौरा सहित अन्य विद्यालयों ने भाग लिया। समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों एवं महाविद्यालय के मध्य शैक्षणिक संसाधनों, अधोसंरचना, पुस्तकालय सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, खेल सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का साझा उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके अलावा विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों तथा कौशल विकास गतिविधियों का आयोजन भी संयुक्त रूप से किया जाएगा।प्राचार्य डॉ नमेष ने कहा कि यह समझौता नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यालयों के विद्यार्थियों को महाविद्यालय की आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा उच्च शिक्षा के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के बीच आपसी सहयोग से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। साथ ही शिक्षक वर्ग के बीच भी अनुभवों का आदान-प्रदान होगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने इस साझेदारी को शिक्षा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सहयोगात्मक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। राजकीय महाविद्यालय इंदौरा की यह पहल क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक के आरोपों और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह फैसला लिया गया। मामले की जांच अब CBI करेगी। NTA के मुताबिक छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पुराने परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे। री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, वहीं परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी। जांच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग तक पहुंच गए थे। राजस्थान SOG ने जयपुर समेत कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दावा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में आए। बताया जा रहा है कि करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। नई परीक्षा तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा।
कुनिहार स्थित बी.एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दसवीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस वर्ष शत-प्रतिशत रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल, अभिभावकों और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में गार्गी शर्मा ने 671 अंक प्राप्त कर 95.85 प्रतिशत के साथ पहला स्थान हासिल किया। समीक्षा जोशी और आकृति ने 669 अंक यानी 95.57 प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं वंशिका शेख ने 658 अंक लेकर तीसरा, तान्या ने 654 अंक लेकर चौथा तथा कुमार मंगलम ने 649 अंक लेकर पांचवां स्थान हासिल किया। विद्यालय के 25 विद्यार्थियों ने 600 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी मेधावी विद्यार्थियों, अभिभावकों और अध्यापक वर्ग को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग से यह सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि विद्यालय पिछले 31 वर्षों से लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम दे रहा है और हिमाचल प्रदेश में ए-ग्रेड का दर्जा प्राप्त कर चुका है। स्कूल के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि संस्था गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए आगे भी विद्यार्थियों को बेहतर मंच प्रदान करती रहेगी।
एसवीएन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुनिहार ने एक बार फिर उत्कृष्ट शिक्षा का प्रदर्शन करते हुए कक्षा 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम में 100 प्रतिशत सफलता हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय के कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों संकायों में विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। विज्ञान संकाय में सलोनी ठाकुर ने 455/500 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। जानवी 454/500 अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं विधि पंवर और हरमिंदर ने 427/500 अंक लेकर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय अध्यक्ष टीसी गर्ग ने बताया कि तीनों संकायों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, जो विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट परिणाम देता रहेगा। विद्यालय की प्रधानाचार्य नीति चौधरी, पीटीए अध्यक्ष हेमंत शर्मा तथा समस्त अध्यापक वर्ग ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
बी.एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कुनिहार ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित करते हुए कक्षा 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम में 100 प्रतिशत सफलता दर्ज की है। विद्यालय के तीनों संकाय- कला, वाणिज्य और विज्ञान- में विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित परिणाम में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कला संकाय में वैशाली ने 92.2% अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। दक्ष ठाकुर (91%) दूसरे, सोनम (89.6%) तीसरे स्थान पर रहे। पलक वर्मा (88.3%) चौथे तथा पियूष (87.2%) पांचवें स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में तन्मय ने 89.6% अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। अंशुमन और दिशिता (84.2%) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दिव्या (83.4%) चौथे तथा निहारिका और अमन वर्मा (82.2%) पांचवें स्थान पर रहे। विज्ञान संकाय में अविका ने 89% अंक के साथ विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। सौम्या ठाकुर और उर्वशी (85.4%) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। अंजलि (85%) तीसरे, वैभव (84.2%) चौथे तथा पल्लवी पाल (83.6%) पांचवें स्थान पर रहीं। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि तीनों संकायों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जो विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय पिछले 31 वर्षों से लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है और प्रदेश में ‘A ग्रेड’ का दर्जा प्राप्त कर चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यालय की मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा, पीटीए अध्यक्ष रतन तंवर और समस्त अध्यापक वर्ग ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल परीक्षा परिणाम 92.02 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर रहा है। बोर्ड ने आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स तीनों संकायों का रिजल्ट एक साथ जारी किया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने रोल नंबर के माध्यम से अपना परिणाम देख सकते हैं। मेरिट लिस्ट में साइंस संकाय की सायला कश्यप ने 99 फीसदी अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर संचिता धीमान और कांशी शर्मा रही हैं, दोनों ने 98.6 फीसदी अंक हासिल किए। तीसरे स्थान पर तमन्ना शर्मा, नितिन कुमार और वैशाली ठाकुर ने जगह बनाई है।बोर्ड के नियमों के अनुसार, पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। एक या दो विषयों में कम अंक आने पर छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। इसके अलावा, जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे री-चेकिंग या पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अंक बढ़ने पर मार्कशीट अपडेट की जाएगी, जबकि कम होने की स्थिति में पहले वाले अंक ही मान्य रहेंगे। पिछले वर्ष 12वीं कक्षा का कुल परीक्षा परिणाम 83.16 प्रतिशत रहा था, ऐसे में इस बार बेहतर रिजल्ट से छात्रों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) कल यानी 4 मई 2026 को कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी करेगा। साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम के नतीजे एक साथ सुबह 11 बजे धर्मशाला स्थित बोर्ड मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषित किए जाएंगे। छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक कर सकेंगे, जिसके लिए रोल नंबर तैयार रखना जरूरी है। रिजल्ट जारी होते ही पास प्रतिशत, टॉपर्स की लिस्ट और कुल परीक्षार्थियों का आंकड़ा भी सामने आएगा। इस बार परीक्षाएं 3 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित हुई थीं और तब से छात्र बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
आज शिक्षक दिवस है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली में विज्ञान भवन में देश के 45 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी उपस्थित रहे। आज के दिन ये वार्षिक अवार्ड उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई और समाज के लिए कुछ खास योगदान दिया हो। ये पुरस्कार केवल एक मेडल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ओर से इन शिक्षकों को दिया गया सम्मान है। ये शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिक है जो बच्चों का भविष्य बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य करते हैं। पुरस्कारों दिए जाने से पहले, PM नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों से बातचीत की। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का अहम भूमिका होती है। PM ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक परम्परा नहीं है, बल्कि उनके आजीवन समर्पण का सम्मान है।PM ने कहा कि शिक्षक सामान्यतः छात्रों को होमवर्क देते हैं। लेकिन मोदी उन्हें एक टास्क देना चाहते थे- स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाले अभियानों का नेतृत्व करने और "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" आंदोलनों को मजबूत करने के लिए। आज शिक्षक दिवस है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली में विज्ञान भवन में देश के 45 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी उपस्थित रहे। आज के दिन ये वार्षिक अवार्ड उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई और समाज के लिए कुछ खास योगदान दिया हो। ये पुरस्कार केवल एक मेडल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ओर से इन शिक्षकों को दिया गया सम्मान है। ये शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिक है जो बच्चों का भविष्य बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य करते हैं। पुरस्कारों दिए जाने से पहले, PM नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों से बातचीत की। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का अहम भूमिका होती है। PM ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक परम्परा नहीं है, बल्कि उनके आजीवन समर्पण का सम्मान है।PM ने कहा कि शिक्षक सामान्यतः छात्रों को होमवर्क देते हैं। लेकिन मोदी उन्हें एक टास्क देना चाहते थे- स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाले अभियानों का नेतृत्व करने और "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" आंदोलनों को मजबूत करने के लिए।
हर साल 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्वारा देशभर के शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड दिया जाता है। इस बार हिमाचल प्रदेश से शशि पॉल अकेले ऐसे शिक्षक हैं, जिनको राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड के लिए चुना गया है। सोलन जिले के टीचर शशि पॉल को आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शशि पॉल की इस उपलब्धि ने सोलन जिले के साथ साथ समूचे हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। आपको बता दें कि वे सोलन जिला की रामशहर तहसील के गांव भिनी जोरी के रहने वाले है। उन्होंने शिक्षक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत 2011 को प्राथमिक विद्यालय नियारी से की थी। आपको बता दें कि शिक्षक के तौर पर शशि पॉल का 14 वर्ष का अनुभव रहा है। उन्होंने इस दौरान स्टूडेंट्स के लिए अभूतपूर्व काम किए हैं। सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को अच्छी और उच्च कोटि की शिक्षा मिले, इसके लिए बहुत सारे काम किए हैं। कोविड 19 के समय उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की, इसमें व्हाट्सएप व गूगल मीट के जरिये क्लासेज़ शुरू की। स्कूल में हाईटेक कंप्यूटर लैब की स्थापना में भी उनका योगदान जो है वो अहम रहा है। व्यक्तिगत तौर पर भी उन्होंने बहुस्तरीय शिक्षण रणनीतियों को लागू करने में अपना अहम योगदान दिया है। शशि पॉल की इस उपलब्धि, उनके योगदान और कार्यशैली पर विद्यालय के साथ साथ पुरे हिमाचल वासी को गर्व है।
हिमाचल प्रदेश के 32 शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर आज शुक्रवार को स्टेट टीचर अवॉर्ड दिया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इन्हें शिमला पीटरहॉफ में सम्मानित किया। 26 स्कूल शिक्षकों और 6 कॉलेज शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। जबकि सोलन जिले के शमरोर स्कूल के JBT टीचर शशि पॉल को आज दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से करेंगीं सम्मानित। शशि पॉल की इस उपलब्धि ने सोलन जिले के साथ साथ समूचे हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है। आपको बता दें कि वे सोलन जिला की रामशहर तहसील के गांव भिनी जोरी की रहने वाली है। उन्होंने शिक्षक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत 2011 को प्राथमिक विद्यालय नियारी से की थी। सीमित संसाधनों में बच्चों को अच्छी और उच्च कोटि की शिक्षा मिल पाए, इसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी बहुस्तरीय शिक्षण रणनीतियों को लागू किया। स्टेट टीचर अवॉर्ड पाने वाले को मिला मेडल और प्रशस्तिपत्र आपको बता दें कि स्टेट टीचर अवॉर्ड पाने वाले इन शिक्षकों को 1 साल का सेवा विस्तार, मेडल और प्रशस्तिपत्र दिया गया। साथ ही शिमला में आज साल 2024 के नेशनल टीचर अवॉर्डी सुनील कुमार को भी स्टेट टीचर अवॉर्ड दिया गया। राज्यपाल ने सम्मान लेने से किया इनकार राज्य बाढ़ आपदा को देखते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने स्वयं सम्मान ग्रहण करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि ऐसे आपदा के समय वे सिर्फ इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) टियर 1 परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी है। SSC सीजीएल टियर 1 परीक्षा देश भर के अलग अलग परीक्षा केंद्रों पर 12 सितंबर में शुरू होगी। SSC CGL 2025 परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर विजिट कर नोटिस देख सकते हैं। आधिकारिक नोटिस में लिखा है, "आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2025 (टियर-1) 12 सितंबर 2025 से 26 सितंबर 2025 तक आयोजित करने का निर्णय लिया है। आगे के अपडेट के लिए उम्मीदवारों को आयोग की वेबसाइट पर जाने की सलाह दी जाती है।" इस दिन होगी CGL परीक्षा SSC नोटिस जारी किया है कि SSC CGL 2025 टियर-I परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड (CBE) में 12 सितंबर से 26 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान एग्जाम कई चरणों में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ली जाएगी। वहीं, टियर-2 परीक्षा दिसंबर 2025 (प्रस्तावित) में शुरू होगी। कुल रिक्तियां इस एग्जाम के द्वारा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 14,582 खाली पदों को भरा जाएगा। जो उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किए जायेंगें उनको केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों के साथ-साथ विभिन्न संवैधानिक, वैधानिक निकायों और न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल्स) में ग्रुप 'बी' और ग्रुप 'सी' पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इन पदों का जो आवंटन है वो परीक्षा नोटिस में निर्दिष्ट प्रावधानों के मुताबिक तय किया जाएगा, विशेष पदों के लिए योग्यता और उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं दोनों को ध्यान में रखते हुए। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का जो चयन है वो दो-स्तरीय कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBE) के जरिए होगा। अधिसूचना में कंप्यूटर आधारित परीक्षा की योजना और सिलेबस की जानकारी दी गई है। आयोग ने कहा कि अंतिम परिणाम घोषित किये जाने के बाद उपयोगकर्ता विभागों द्वारा डॉक्यूमेंट सत्यापित किया जायेगा। न्यूनतम उत्तीर्ण मानदंड अनारक्षित वर्ग के लिए 30 % ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 25 % अन्य सभी श्रेणियों के लिए 20 %
सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने CBI में कई पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन निकाला है जिसमें असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और लेक्चरर जैसे पद शामिल हैं। इसमें ख़ास बात यह है कि इन नौकरियों के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी बल्कि सिर्फ साक्षात्कार के आधार पर सेलेक्शन किये जायेंगें। इस पोस्ट पर आवेदन करने की अधिकतम उम्र 45 साल है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा CBI और कॉलेजों में 84 पदों पर भर्ती निकाली गई है। जो उम्मीदवार इस पद पर नौकरी के लिए इच्छुक हैं वो इस वेबसाइट (upsconline.nic.in) पर जाकर आवेदन दे सकते हैं। कुल 84 पदों पर होगी भर्ती असिस्टेंट पब्लिक प्रासीक्यूटर-19, सरकारी वकील- 25, लेक्चरर (वनस्पति विज्ञान)-8 , लेक्चरर (रसायन विज्ञान)- 8, लेक्चरर (अर्थशास्त्र)-2, लेक्चरर (इतिहास)- 3, लेक्चरर (गृह विज्ञान)-1, लेक्चरर (भौतिकी)-6, लेक्चरर (मनोविज्ञान)-1, लेक्चरर (समाजशास्त्र)-3, लेक्चरर (प्राणीशास्त्र)-8 आवेदन के लिए योग्यता इन पदों पर अप्लाई के लिए लॉ की डिग्री और पोस्टग्रेजुएशन के साथ B.Ed होना चाहिए। प्रासीक्यूटर के लिए लॉ की डिग्री और लेक्चरर के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ B.Ed की डिग्री चाहिए। आवेदन शुल्क इन पदों पर अप्लाई करने के लिए फीस काफी कम रखा गया है। General, OBC, EWS पुरुषों को सिर्फ 25 रूपए देने होंगे जबकि SC / ST / PwD / महिलाओं को कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। सेलेक्शन का आधार बिना कोई लिखित परीक्षा, सिर्फ साक्षात्कार (इंटरव्यू) के आधार पर सेलेक्शन होगा। उम्र सीमा अधिकतम उम्र 45 वर्ष रखी गई है, वहीं आरक्षित वर्ग को सरकार के नियमानुसार छूट मिलेगी। सैलरी करीब 44,900 – 1,77,500 रूपए सैलरी रहेगी। यहां आवेदन दें आधिकारिक वेबसाइट upsconline.gov.in विजिट करें। इसके बाद Online Recruitment Application पर जाएं। अब जिस भी पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उस पर Apply Now करें। जो नए हैं उन्हें पहले Registration करना होता है उसके बाद फिर लॉगिन करके फॉर्म भरना होता है। जिनको शुल्क जमा करना है तो पहले शुल्क जमा करदें और फिर फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर इसे save या प्रिंट कर लें। इसका नोटिफिकेशन यहां चेक करें https://upsc.gov.in/sites/default/files/AdvtNo-12-2025-Engl-220825.pdf
SSC छात्रों ने फिर एक बार से दिल्ली के रामलीला मैदान में SSC की परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। अनुमति का समय समाप्त होने के बाद भी प्रोटेस्टर डटे रहे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की परमिशन थी। पुलिस द्वारा 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। आपको बता दें कि शाम 5 बजे के बाद भी करीब 300 प्रोटेस्टर इस मैदान में प्रोटेस्ट पर बैठे थे। पुलिस ने बार-बार प्रदर्शनकारियों से अपील की कि प्रोटेस्ट करने की समय सीमा ख़त्म हो गई है और वे मैदान छोड़ दें। उन्हें यह भी जानकारी दी गई कि सेक्शन 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू है और निर्धारित समय के बाद कोई भी जमावड़ा गैरकानूनी होगा। लेकिन पुलिस के समझाने के बाद भी 100 प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। इसकी वजह करीब 40 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प भी हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारीयों पर कोई लाठीचार्ज नहीं की। निर्धारित समय के बाद जमावड़ा गैरकानूनी DCP (सेंट्रल) निधिन वल्सन ने कहा कि SSC परीक्षा से संबंधित मामलों पर बीते रविवार को रामलीला मैदान पर प्रोटेस्ट हुआ था। लगभग 1500 SSC अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया था। सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रोटेस्ट करने की अनुमति थी। निर्धारित समय के बाद भी करीब 300 प्रदर्शनकारी वहां बैठे रहे। प्रोटेस्ट करने वालों को यह बताया गया था कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है, इसीलिए तय समय के बाद कोई सभा या जमावड़ा गैरकानूनी होगा। आपको बता दें कि SSC की परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से हुई थी। लेकिन अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में प्रशासनिक खामियों, तकनीकी गड़बड़ियों और परीक्षा केंद्रों की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठाए। कैंडिडेट्स ने इस बात से भी अपनी नाराजगी जताई कि छात्रों का जो एग्जाम सेंटर है वो काफी दूर दिया गया है। इसकी वजह से परीक्षा केंद्र पर छात्रों को एक दो दिन पहले ही आना पड़ता है। लेकिन इन परेशानियों के बावजूद जब छात्र वहां पहुंचते हैं तो अंतिम समय पर परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है।
प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले 618 स्कूल बंद, मर्ज और डाउन ग्रेड होंगे। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश में विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 103 स्कूल बंद होंगे। दस बच्चों की संख्या वाले 443 स्कूल मर्ज किए जाएंगे और 75 स्कूलों का दर्जा घटाया जाएगा। मर्ज होने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों का चार से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले अधिक दाखिलों वाले स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल गई है और विभाग जल्द इस की अधिसूचना जारी करेगा। वही 618 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1,120 शिक्षक सरप्लस होंगे। इन शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 72 प्राइमरी, 28 मिडल और 3 उच्च स्कूल डिनोटिफाई (बंद) करने का फैसला लिया गया। 203 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से उससे कम है। इन स्कूलों को दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 142 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जिनके दाे किलोमीटर के दायरे में अन्य स्कूल नहीं हैं। इन्हें तीन किलाेमीटर की दूरी पर मर्ज किया जाएगा। 92 मिडल स्कूलों में दस या उससे कम विद्यार्थी हैं, इन्हें तीन किमी, बीस विद्यार्थियों की संख्या वाले सात हाई स्कूलों को चार किलोमीटर के दायरे में मर्ज किया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले 75 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा कम किया जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 100 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को भी मर्ज किया जाएगा। जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए विद्यार्थियों की संख्या 75 रखी गई है। कई कॉलेजों में बीते कुछ वर्षों से नामांकन बहुत कम हो रहे हैं। ऐसे कॉलेजों को आगे चलाना अब आसान नहीं है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय से कॉलेज मर्ज करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले लोअर लंबागांव की अलीशा ने हिमाचल प्रदेश एलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है । अलीशा का चयन ऑडिट इंस्पेक्टर के पद हुआ है। अलीशा ने बाहरवीं ऐम अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जयसिंहपुर से की है। उसके बाद अलीशा ने गवर्नमेंट डिग्री कालेज धर्मशाला से ग्रेजुएशन की । अलीशा के पिता सुमन कुमार हिमाचल पुलिस में कार्यरत हैं और माता स्नेहलता गृहिणी हैं। अलीशा के पिता सुमन कुमार ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिवार के लिए गौरव का क्षण है। वही अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को दिया है।
अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय नेरचौक मंडी द्वारा घोषित बीएससी नर्सिंग प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के नतीजों में लॉर्ड महावीरा नर्सिंग संस्थान की 6 छात्राओ ने पूरे प्रदेश में पहला, तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया है। बीएससी नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में संस्थान की छात्रा गीतांजलि ठाकुर ने ग्रेड 9.00 के साथ पहला स्थान, प्राची शर्मा और इशिका सैनी ने ग्रेड 8.00 लेकर पूरे प्रदेश में संयुक्त तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह बीएससी नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर के नतीजे में मुस्कान रघुवंशी, पूजा देवी, और वंशिका जमवाल ने 9.06 ग्रेड के साथ संयुक्त रूप से चौथा स्थान हासिल किया। वही संस्थान के चेयरमैन डॉ अजीत पाल जैन, निदेशक आशिमा जैन, संस्थान की प्रिंसिपल डॉक्टर संतोष शर्मा, वाइस प्रिंसिपल एन चंद्रलेखा और अधीक्षक कुलभूषण शर्मा ने सभी विजय रही छात्राओं को बधाई दी। संस्थान के चेयरमैन डॉ अजीत पाल जैन ने बताया कि संस्थान का अपना अत्याधुनिक 100 बेड का अस्पताल है जहां पर बच्चों को ट्रेनिंग के साथ-साथ अच्छे बेहतरीन अध्यापकों द्वारा शिक्षा दी जाती है। पिछले 6 साल में संस्थान की करीब 90 छात्राएं देश के सबसे बड़े संस्थान एम्स में अपनी सेवाएं दे रही है जो बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि संस्थान की छात्राएं लगातार इसी तरह प्रदेश का अपने संस्थान का और अभिभावकों का नाम रोशन करती रहे ऐसी हम कामना करते हैं।
कुल्लू जिला के मणिकर्ण घाटी में बीते साल 1 जुलाई को मलाणा डैम फटने से भरी नुकसान हुआ था। डैम फटने के चलते सड़कें और नदी किनारे कई गांव भी इसकी चपेट में आए। वहीं डैम फटने के दौरान मणिकर्ण घाटी के बलाधी गांव को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन हैरानी की बात यह कि इस घटना को एक साल बीत जाने के बाद भी इस पुल को दुरुस्त नहीं किया गया, और पुल न होने के कारण 40 छात्रों ने भी स्कूल जाना बंद कर दिया। एक साल तक पुल का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नदी के ऊपर एक पुलिया बना दी,लेकिन अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से उस पुलिया के बहने का भी खतरा बन गया है। जिसके बाद बलाधी गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीसी कुल्लू और प्रदेश सरकार से मांग रखी है कि जल्द यहां पर पुल की व्यवस्था की जाए। डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने बताया कि 1 साल बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण न होने के कारण स्थानीय लोगों को कई दिक्कते पेश आ रही है, साथ ही बच्चों कि पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों नदी का बहाव बढ़ने के चलते यहां स्कूल से घर वापस आ रहे स्कूली छात्र फंस गए. जिन्हें ग्रामीणों के द्वारा कड़ी मशक्कत से पुलिया के आर पार करवाया गया ,और ऐसी स्थिति देख ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि जब तक पुल का निर्माण नहीं होता तब तक वह अपने बच्चों को स्कूल ना भेज कर घर पर ही रखेंगे। जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने कहा कि पुल के निर्माण को ले कर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय विधायक के साथ भी मुलाकात की, लेकिन विधायक भी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश में मानसून दस्तक देगा उससे नदी पर बनी पुलिया के बहने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में नदी को पार करने के लिए पहले पुल की व्यवस्था की जानी चाहिए. ताकि बलाधी गांव के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025 के लिए कक्षा 12 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। 17,04,367 पंजीकृत छात्रों में से 16,92,794 परीक्षा में शामिल हुए और 14,96,307 उत्तीर्ण हुए, जिससे कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 88.39% रहा। यह पिछले साल के 87.98% उत्तीर्ण प्रतिशत की तुलना में 0.41 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक CBSE वेबसाइट cbse.gov.in पर या DigiLocker और UMANG जैसे प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से देख सकते हैं। लड़कियों ने 91.64 प्रतिशत अंक प्राप्त करके लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.70 प्रतिशत है। ट्रांसजेंडर्स का उत्तीर्ण प्रतिशत 100 प्रतिशत है। 2025 में सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा के लिए स्कूलों और परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ गई है। स्कूलों की संख्या 2024 में 18,417 से बढ़कर 2025 में 19,299 हो गई, जबकि परीक्षा केंद्र 7,126 से बढ़कर 7,330 हो गए। क्षेत्रीय स्तर पर, विजयवाड़ा 99.60% के प्रभावशाली उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद त्रिवेंद्रम 99.32% और चेन्नई 98.47% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दिल्ली के दो क्षेत्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया, दिल्ली पश्चिम ने 95.34% और दिल्ली पूर्व ने 95.06% की उत्तीर्ण दर हासिल की। इसके विपरीत, प्रयागराज ने सबसे कम 79.53% उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया, जबकि नोएडा (81.29%), भोपाल (82.46%) और पटना (82.86%) ने भी अपेक्षाकृत कम सफलता दर दर्ज की। दिल्ली पूर्व क्षेत्र में, 1,80,162 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1,79,422 परीक्षा में शामिल हुए और 1,79,551 उत्तीर्ण हुए, जिसके परिणामस्वरूप 95.06% का सराहनीय उत्तीर्ण प्रतिशत रहा। CBSE कक्षा 12वीं का रिजल्ट 2025 कैसे डाउनलोड करें? - CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर जाएं। - होमपेज पर दिख रहे CBSE 12वीं रिजल्ट 2025 लिंक पर क्लिक करें। - रोल नंबर, स्कूल नंबर, जन्म तिथि और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें। - विवरण सत्यापित करें और सबमिट करें। - CBSE कक्षा 12वीं का रिजल्ट 2025 स्क्रीन पर दिखाई देगा। - CBSE कक्षा 12वीं का रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए सेव करें।
बुधवार को शूलिनी विश्वविद्यालय के एलएलबी और बीएएलएलबी के छात्रों ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय का दौरा किया। जहां उन्होंने लाइव अदालती कार्यवाही देखी और सर्वोच्च न्यायपालिका के कामकाज के बारे में अमूल्य जानकारी प्राप्त की। इस यात्रा ने छात्रों को कानूनी प्रणाली से सीधे जुड़ने और वास्तविक समय में अदालती गतिशीलता का अवलोकन करने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया। उन्हें प्रसिद्ध कानूनी दिग्गजों के साथ बातचीत करने का भी सौभाग्य मिला, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए और कानूनी पेशे पर व्यावहारिक दृष्टिकोण पेश किए। समृद्ध अनुभव को जोड़ते हुए, छात्रों के लिए दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। एसोसिएशन ने छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और संकाय के शैक्षणिक उत्साह और प्रतिबद्धता को स्वीकार किया। इसके अलावा, संकाय सदस्यों को कानूनी शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विधि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर नंदन शर्मा ने छात्रों के लिए एक सहज और प्रभावशाली अनुभव सुनिश्चित किया। इस यात्रा का समन्वय स्कूल ऑफ लीगल साइंसेज के संकाय सदस्यों डॉ मोनिका ठाकुर और विनीत कुमार द्वारा किया गया था।
आईईसी यूनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बारहवीं की परीक्षा दे चुके छात्रों के लिए अवसर 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह स्किल एनहांसमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम छात्रों को उनके कौशल को बढ़ाने और आधुनिक समय के अनुसार प्रशिक्षण हासिल करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। एक महीने के इस कोर्स में, छात्रों को एडवांस कंप्यूटर स्किल में कोडिंग, वेब डेवलपमेंट, और एआई टूल्स के साथ-साथ प्रचलित विषयों के बारे में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में छात्रों को आवश्यक सामान्य ज्ञान, मानसिक तर्कशक्ति, और व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक सभी स्किल्स के साथ-साथ टेबल मैनर्स आदि भी सिखाया जाएगा। इसके अलावा, छात्रों को फोटोग्राफी, एंकरिंग, वीडियोग्राफी, रिपोर्टिंग, और फैशन डिजाइनिंग की विभिन्न तकनीकों के बारे में भी विस्तार से पढ़ाया जाएगा। आईईसी यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट ने कहा की इस प्रोग्राम में छात्रों को एडवांस कंप्यूटर स्किल, कोडिंग, वेब डेवलपमेंट, एआई टूल्स, फोटोग्राफी, एंकरिंग, वीडियोग्राफी, रिपोर्टिंग, और फैशन डिजाइनिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।"
प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नशे के खिलाफ कार्यवाही में स्कूली छात्रों की महत्वपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सोलन पुलिस के सभी अधिकारियों द्वारा एक एक स्कूल को अडॉप्ट किया गया है। वीरवार को पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सुलतानपुर को गोद लेकर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने और छात्र छात्राओं में अकेडमिक्स , खेल कूद, एनसीसी,एनएसएस, स्वास्थ्य आदि के प्रति रुचि विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। इस अवसर पर छात्रों और शिक्षकों के साथ वन टू वन संवाद किया गया। इस पहल के तहत, पुलिस विभाग द्वारा पाठशाला प्रबंधन से पाठशाला में नियमित रुप से जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार तथा छात्रों को खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उनके व्यक्तित्व विकास पर भी बल दिया गया । इस अवसर पर शिक्षकों से भी अपील की गई कि वे बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें। वही संवाद में छात्रों को बिना संकोच के पुलिस विभाग के साथ अपने विचार साझा करने बारे भी प्रोतसाहित किया गया । इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी धर्मपुर व स्कूल प्रिंसिपल दया पंवार, स्कूल स्टाफ तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसके साथ ही इस मुहिम में जिला पुलिस के अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कुमार द्वारा GSSS गुग्गाघाट, सहायक पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार GSSS धर्मपुर, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार GSSS कंडाघाट, उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान GSSS कुनिहार व उप पुलिस अधीक्षक संदीप शर्मा द्वारा GSSS चंडी कषलोग विद्यालय को अडॉप्ट किया गया है ।
राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य सरकार की ओर से शिक्षा सचिव राकेश कंवर और संगठन की ओर से यूनेस्को निदेशक एवं प्रतिनिधि टिम कर्टिस तथा चीफ ऑफ एजुकेशन प्रोग्राम स्पेशलिस्ट जॉयस पोआन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत यूनेस्को हिमाचल को शिक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में सहायता प्रदान करेगा जिसके अन्तर्गत प्रदेश में शिक्षा पद्धतियों के सुदृढ़ीकरण, पाठ्यक्रम, शिक्षकों के प्रशिक्षण, मूल्यांकन प्रणाली तथा विद्यार्थियों को 21वीं सदी के कौशल में निपुण करने सहित उनमें रचनात्मकता, सहयोग और संचार जैसी क्षमताएं विकसित की जाएंगी। शिक्षा को समावेशी, सतत् और भविष्योन्मुखी बनाया जाएगा। समझौता ज्ञापन के तहत ग्रीन एजुकेशन पहल पर विशेष बल देते हुए पर्यावरण के बारे में जागरूकता और सतत् विकास को एकीकृत कर विद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी चुनौतियों से निपटने का कौशल मिले। इसके अतिरिक्त खेलों का समावेश कर विद्यार्थियों को नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान कर उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार डिजिटल लर्निंग का विस्तार करते हुए सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदल रही है और प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने पिछले दो वर्षोंे के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधारात्मक कदम उठाए हैं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा यूनेस्को के साथ किए गए समझौता ज्ञापन को इंगित करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार भविष्य आधारित कौशल और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति प्रमुखता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मंडी जिले के पांच छात्रों को अभिलाषी विश्वविद्यालय, चैलचौक में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। यह योजना अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पांच छात्रों का संपूर्ण खर्चा जैसे कि ट्यूशन फीस, खाना, रहना व किताबें इत्यादि भी निःशुल्क रहेगा। वहीं इस संदर्भ में उपायुक्त मंडी द्वारा अभिलाषी शिक्षण समूह के चेयरमैन को आबंटन पत्र जारी किया गया है जिसके अंतर्गत निशांत ठाकुर बी.टेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग), पियूष बीबीए, युवराज बीसीए, कुंवर सिंह बीसीए, सुदेश कुमार बीए-बीएड विषय में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे। इसके अलावा, एक और छात्र करण पहले से ही इस योजना के तहत बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में नामांकित है। अभिलाषी ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर. के. अभिलाषी व सेक्रेटरी नरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर इस योजना को अपने ग्रुप में लागू करने हेतु पत्र सौंपा था। जिसके तहत उपायुक्त मंडी ने अभिलाषी विश्वविद्यालय प्रशासन से इन पांच छात्रों के प्रवेश की पुष्टि करने का अनुरोध किया है। इस योजना का उद्देश्य अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को सशक्त बनाना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा और उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है। इस मौके पर अभिलाषी विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ आर. के. अभिलाषी, प्रो चांसलर डॉ एल.के.अभिलाषी, वाइस चांसलर प्रोफेसर एच. के. चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ कपिल कपूर, जीनीयस एजुकेशन सोसाइटी की चेयरपर्सन डॉ नर्वदा अभिलाषी, अभिलाषी एजुकेशन सोसाइटी की वाइस चेयरपर्सन डॉ प्रोमिला अभिलाषी, सचिव नरेंद्र कुमार ने छात्रों को नामांकित करने हेतु मुख्यमंत्री व उपायुक्त मंडी का आभार व्यक्त किया है।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2024-26 के लिए एमबीए कोर्स में प्रवेश के लिए ली एचपीयू मेट-2024 के प्राप्तांक के आधार पर सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू का शेड्यूल तय कर जारी कर दिया गया है। बिजनेस स्कूल के निदेशक प्रो. दिनेश कुमार ने इस शेड्यूल को जारी किया है। सब्सिडाइज्ड श्रेणी की तय की गई सीटों के लिए आठ से 11 जुलाई संस्थान में जीडी और इंटरव्यू होगा। इसके लिए 203 पात्र विद्यार्थियों की सूची जीडी इंटरव्यू की तिथि और अलग-अलग बनाए गए समूहों के साथ विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इस प्रक्रिया में भाग लेने आने वाले विद्यार्थियों को आवेदन फार्म की प्रति, सभी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण और उसकी प्रति, मूल हिमाचली प्रमाण पत्र क अलावा अलावा एससी, एसटी, ईडब्लू एस, दिव्यांग श्रेणी, सिंगल गर्ल्स चाइल्ड और अन्य आवेदन फार्म में भरी गई श्रेणी के दस्तावेज भी साथ लाने होंगे। एमबीए की नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए 15 से 20 जुलाई तक संस्थान में ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। इसके लिए कुल 600 विद्यार्थियों को जीडी इंटरव्यू के लिए नाम और रोलनंबर के साथ लिस्ट किया गया है। छात्र इसे विवि की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
कैंटरबरी विश्वविद्यालय, न्यूजीलैंड के प्रतिनिधियों ने शैक्षणिक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के लिए शूलिनी विश्वविद्यालय का दौरा किया। प्रोफेसर ब्रेट बर्क्विस्ट, सहायक कुलपति, एंगेजमेंट, और डॉ. ग्राहम वाइज, अंतर्राष्ट्रीय विकास निदेशक, कैंटरबरी विश्वविद्यालय, न्यूजीलैंड ने छात्रों और संकाय के लिए शैक्षणिक और अनुसंधान के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से कई पहलों पर चर्चा करने के लिए शूलिनी का दौरा किया। इस ऐतिहासिक यात्रा के एजेंडे में संयुक्त अनुसंधान सहयोग, व्यवसाय विज्ञान, खाद्य विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए मार्ग कार्यक्रम, साथ ही उत्पाद निर्माण, ऑनलाइन कार्यक्रम और औद्योगिक भागीदारी पर चर्चा शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय उपनिदेशक डॉ. रोज़ी धांता ने कहा, "न्यूज़ीलैंड को अपने नए गंतव्य के रूप में देखने से हमारे छात्रों के लिए ढेर सारे अवसर खुलते हैं।" डॉ. रोज़ी ने आगे कहा कि यह पहल हमारे छात्रों के लिए उपलब्ध विकल्पों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी, जिससे वे सक्षम होंगे। अपनी आगे की पढ़ाई के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में से चयन करना। कैंटरबरी विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्रदान करने, एक वैश्विक शिक्षण वातावरण की सुविधा प्रदान करने के हमारे प्रयास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
Bagging yet another feather in its cap, GNA University, known for its strong industrial interface and academic prowess, has been bestowed with the prestigious "Best Emerging University in India Award" at the 52nd ISTE National Annual Convention. The ceremony took place at the esteemed Poojya Doddappa Appa College of Engineering in Kalaburagi, Karnataka. Dr. Vikrant Sharma, Dean of the School of Engineering, Design, and Automation, had the privilege of accepting the accolade on behalf of GNA University. This recognition stands as a testament to the unwavering dedication and relentless pursuit of excellence demonstrated by the university's faculty, staff, and students. Pushing the boundaries in education, research, and innovation, GNA University continues to raise the bar, solidifying its position as a trailblazer in higher education within India. The leadership team, comprising Dr. VK Rattan, Vice-Chancellor, Dr. Hemant Sharma, Pro Vice-Chancellor, and Dr. Monika Hanspal, Dean of Academics, expressed heartfelt gratitude for this esteemed recognition. Their visionary guidance has played a pivotal role in transforming GNA University into a dynamic institution renowned for its academic brilliance and industry-aligned programs. Chancellor S. Gurdeep Singh Sihra shared his sentiments, stating, "We are deeply honored to receive the Best Emerging University in India Award. This accolade underscores our steadfast commitment to academic excellence and industry relevance. We extend our gratitude for the recognition and reaffirm our dedication to nurturing future leaders and innovators." GNA University's remarkable achievement at the 52nd ISTE National Annual Convention serves as a testament to its relentless pursuit of excellence and its unwavering commitment to shaping the future of education in India.
In a remarkable showcase of culinary expertise, GNA University's School of Hospitality has achieved an unprecedented feat by successfully creating a whopping 3535 varieties of Kachori. This extraordinary record stands as a testament to the institution's commitment to culinary innovation and skill development. The monumental achievement was realized through the collaborative efforts of 14 dedicated staff members and 120 enthusiastic students from the School of Hospitality. Their ambitious endeavor incorporated 114 different ingredients and utilized seven types of flour, showcasing the diversity and creativity of GNA University's culinary team. The culinary excellence displayed during the event was witnessed by notable guests, including S. Gurdeep Singh Sihra, the Chancellor of GNA University, and Ms. Jasleen Sihra, a renowned Nutritionist. The occasion was further enriched by the presence of esteemed guests, such as Sh. Rajeev Joshi, Deputy District Education Officer (SE), Jalandhar; Ms. Satinderdeep Kaur Dhillon, Principal, Govt. Girls Senior Secondary Smart School, Mahilpur; Mrs. Subha Sharma from The Chocolate Room, Jalandhar; and JCI PPP Jyoti Sahdev, Glitz Jewels, Phagwara, along with all deans and heads of departments of the University. The approximately 3000 students of GNA University played a pivotal role in actively participating in the event, contributing to the vibrant atmosphere and ensuring its grand success. The Kachoris, a visual delight and a gastronomic experience, served as a testament to the culinary skills of the School of Hospitality. Both students and staff had the pleasure of indulging in the diverse flavors created by the talented team. GNA University continues to lead in innovation and excellence, with this record-breaking event serving as a shining example of the institution's dedication to fostering creativity and skill development among its students. The event was also graced by key figures including Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor of GNA University; Dr. Hemant Sharma, the Pro-Vice Chancellor; Dr. Monika Hanspal, Dean of Academics; and Dr. Deepak Kumar, Dean of the School of Hospitality, GNA University.
-मंत्री ने कसौली इंटरनेशनल स्कूल सनवारा के 17वें वार्षिक समारोह को किया संबोधित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम से ही जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। अनिरुद्ध सिंह सोलन के कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा के 17वें वार्षिक समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। अनिरुद्ध ने कहा कि समय प्रबंधन और परिश्रम के माध्यम से जीवन में असम्भव को भी संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि सदैव समय का सदुपयोग और परिश्रम से न घबराएं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि देश की स्थापित गुरु-शिष्य परम्परा को सदैव बनाए रखें और अपने गुरुजनों तथा अभिभावकों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और अध्यापकों को भी यह सुनिश्चित बनाना होगा कि युवा पीढ़ी का सही मार्गदर्शन हो ताकि आज के युवा कल के बेहतर नागरिक बन सकें। ग्रामीण विकास मंत्री ने आशा जताई कि आने वाले समय में कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के छात्र देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे संघर्ष, परिश्रम एवं लगन को अपना साथी बनाएं। उन्होंने कहा कि युवावस्था में संघर्ष एवं परिश्रम के माध्यम से ही जीवन के उच्च लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी इस वर्ष पुरस्कार प्राप्त नहीं कर पाए, वे अपनी कमियों को दूर कर अगले वर्ष कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ने की कोशिश करें। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि छात्र जीवन में किए गए प्रयास बेहतर भविष्य की नींव बनते हैं। इस अवसर पर छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कबड्डी ऐसोसिएशन के निदेशक राजकुमार नीटू, कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद, उप प्रधानाचार्य पूनम ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिन्र्द्र राणा, ज़िला परिषद सदस्य राजेंद्र ठाकुर, नगर परिषद परवाणू के पूर्व अध्यक्ष निशा शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
युवा वैज्ञानिक पंकज अत्रि की एक और बड़ी उपलब्धि **अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिर चमकाया प्रदेश का नाम, Young Resercher Award के लिए चयनित **नैना टिककर से संबंध रखते है पंकज ** कई अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र हो चुके है प्रकाशित ** हिमाचल के छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक पटल पर बनाई पहचान
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने खंड सतरीय अंडर-19 खंड अर्की छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बैडमिंटन में विजेता ट्राफी का ख़िताब जीता | जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की इस खंड सतरीय छात्र खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन में किया गया जिसमे लगभग 31 विद्यालय से 477 छात्रों ने इस खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लिया I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की विद्यालय से 6 बच्चों हर्ष वर्धन, पुष्पेंदर , दक्ष गर्ग, मनन कुमार , ध्रुव तंवर , यश कुमार ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमे उन्होंने बैडमिंटन में मॉडल स्कूल भुमती को परास्त कर विजेता ट्राफी अपने नाम की और बताया की इन सभी बच्चो का चयन जिला सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है जो की सितम्बर माह में राजकीय माध्यमिक विद्यालय ममलीग में आयोजित की जाएगी I बी एल स्कूल लगातार कई सालों से बैडमिंटन ट्राफी का वर्चस्व कायम रखे हुए है I खेल कूद सपर्धा के समापन समारोह के उपरान्त सभी विजेताओं और उप-विजेताओं को अर्की के विधायक व् सीपीएस संजय अवस्थी द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष तथा अध्यापक अभिभावक संघ के सभी सदस्यों ने भी बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ साथ शारीरिक शिक्षक अमर देव को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है I इस खेल कूद स्पर्धा के दौरान अर्की जोन प्रभारी महेंदर राठोर व् शारीरिक शिक्षक किशोर शर्मा , राज कुमार , नवनीत महाजन , संजीव , हेमंत गुप्ता, सुशील कुमार आदि भी मौजूद रहे I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया की बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि खेल कूद के क्षेत्र में भी विद्यालय और कुनिहार का नाम रोशन करते हैं I विद्यालय आने पर इन बच्चों को प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल , मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा और समस्त अध्यापक वर्ग ने सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी I
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में शनिवार को पीटीए कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमे सर्वसम्मति से सुतिंदर कुमार (विक्की महंत) को प्रधान, दीपक शर्मा को उपप्रधान, ब्रजेश्वर सिंह को सचिव, विजय कुमार को सहसचिव और सुरिंदर सिंह को खजांची चुना गया। संजीव चौहान को सलाहकार, दिनेश कुमार, रेखा देवी एवं नीलम कुमारी को सदस्य और कालेज की तरफ से डा गुलशन धीमान व संजीव जसवाल को सदस्य बनाया गया। प्राचार्य डा. अंजू चौहान ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए मिलकर कालेज के विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
धर्मशाला:– आज दिनाक 16 सितम्बर को हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की शिक्षा खण्ड धर्मशाला इकाई की चुनाव प्रक्रिया स्थानीय बॉय स्कूल धर्मशाला में सम्पन हुई जिस की अध्यक्षता राकेश शर्मा प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लंज व संयोजक प्रधानाचार्य नवीन भंडारी की मौजदगी में सम्पन्न हुई। इसमे चुनाव ऑब्जर्वर लोकेश ठाकुर खण्ड प्रधान रैत व श्री तेजपाल सिंह खण्ड प्रधान नगरोटा बगवां ने चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया व इस दौरान जिला राजकीय अध्यापक संघ के महासचिव सुमन कुमार विशेषतया उपस्थित हुए। सर्वसम्मति से इस दौरान खण्ड के अध्यापक संजय चौधरी मिडल स्कूल चांदमारी को अध्यक्ष व श्री प्रवीण सिंह प्रवक्ता सकोह को महासचिव चुना गया। श्रीमती बिमल देवी राजकीय उच्च विद्यालय कोतवाली बाजार को कोषाध्यक्ष, श्री नवीन भंडारी प्रधानाचार्य को मुख्य सलाहकार व डाइट प्रवक्ता राजकपूर को मुख लेखाकार साबुन गया। शेष कार्यकारिणी को बनाने का अधिकार खण्ड प्रधान संजय चौधरी को दिया गया। इस अवसर पर मौजूद प्रतिनिधियों द्वारा सदन को संवोधित भी किया गया।
उपमंडल पधर के राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में शनिवार को अग्नि सुरक्षा से संबंधित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । पिछले एक हफ्ते से महाविद्यालय के 16 रोवर्स और रेंजर्स अग्निशमन विभाग पधर द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे । जिसके अंतिम चरण में शनिवार को महाविद्यालय में स्वयं सेवकों की भूमिका निभाते हुए इस माॅक ड्रिल को महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया । जिसमें विभिन्न सुरक्षा गतिविधियां जैसे भूकंप आने पर,गैस सिलेंडर में आग लग जाने पर या चोट लग जाने इत्यादि परिस्थितियों में क्या करें आदि के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में पधर चौंकी के प्रभारी हेम सिंह व उनकी सक्रिय टीम ने कार्यकम्र की अगुवाई की व सभी विद्यार्थियों को हर प्रकार की सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी। इस कार्यक्रम में रेंजर लीडर डॉ दीपाली अशोक, रोवर लीडर प्रोफेसर अजय कुमार सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापको व 250 के लगभग विद्यार्थियों ने भाग लिया ।
उप निदेशक शिक्षा प्रारम्भिक सोलन द्वारा 22 सितम्बर, 2023 को भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक नाॅन मेडिकल तथा मेडिकल विषय में उन उम्मीदवारों के लिए अनुबंध आधार पर पद भरे जाने के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी जिन्होंने सम्बन्धित विषय में अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन संजीव ठाकुर ने दी। संजीव ठाकुर ने कहा कि यह काउंसलिंग 22 सितम्बर, 2023 को उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के चम्बाघाट स्थित कार्यालय में प्रातः 10.30 बजे से आरम्भ होगी। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए टीजीटी नाॅन मेडिकल के कुल 19 पदों के लिए तथा टीजीटी मेडिकल के कुल 20 पदों के लिए आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि टीजीटी नाॅन मेडिकल के 19 पदों में 08 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनारक्षित वर्ग के लिए, 04 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित उम्मीदवारों के लिए, 06 पद इसी श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए तथा 01 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनुसूचित जनजाति वर्ग से सम्बन्धित उम्मीदवारों के लिए है। संजीव ठाकुर ने कहा कि टीजीटी मेडिकल के कुल 20 पदों में से 13 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनारक्षित वर्ग के लिए, 02 पद इसी श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, 04 पद इसी श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के लिए तथा 01 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए है। उप निदेशक ने कहा कि इन पदों के लिए टीजीटी नाॅन मेडिकल के अनारक्षित अभ्यार्थियों की बी.एड अगस्त 2003 उत्तीर्ण बैच तक, अन्य पिछड़ा वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2005 उत्तीर्ण बैच तक, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2018 उत्तीर्ण बैच तक तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2021 उत्तीर्ण बैच तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीटी मेडिकल के अनारक्षित अभ्यर्थियों की बी.एड दिसम्बर, 2007 उत्तीर्ण बैच तक, अन्य पिछड़ा वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2010 उत्तीर्ण बैच तक, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2017 उत्तीर्ण बैच तक तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग की बी.एड अद्यतन उत्तीर्ण बैच तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थियों को काउंसलिंग के समय 10वीं, 12वीं, बी.एड प्रमाणपत्र, टीजीटी (टैट), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, नवीनतम पासपोर्ट फोटोग्राफ, रोज़गार कार्यालय का पंजीकृत पत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, सैनिक कल्याण के सम्बन्धित उप निदेशक द्वारा जारी भूतपूर्व सैनिक के वार्ड का प्रमाणपत्र, डिस्चार्ज बुक (आर्मी) की छायाप्रति लाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को काउंसलिंग पत्र प्राप्त नहीं हुए है वह अपना नाम व बायोडाटा कार्यालय की वेबसाइटwww.ddeesolan.in से प्राप्त कर सकते हैं।
भारतीय वायु सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश जनवरी, 2024 के लिए चयन परीक्षा के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। कमांडिंग आफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने आज यहां बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 17 अगस्त को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा 13 अक्तूबर से ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि 27 जून, 2003 से 27 दिसंबर, 2006 के बीच जन्में युवा आवेदन के लिए पात्र होंगे, जिसमें यह दोनों तिथियां भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के तहत विज्ञान विषय तथा विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के अभ्यर्थी पात्र होंगे। पंजीकरण और परीक्षा शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश स्तर की योग्यता पर विस्तृत जानकारी तथा चिकित्सा मानक, नियम और शर्तें, ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण के लिए निर्देश इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
Five girls from Roots Country School have made their mark in the National Rugby Championship held in Pune on the 5th and 6th of June. Under the expert guidance of Himachal coach Anil Kumar Jista and the support of the Vice President of Himachal Pradesh, these young athletes showcased their skills and determination, bringing glory to their schools and state. The Roots Country School Girls' rugby team, consisting of Nikita, Arushi Thakur, Aarohi, Anushka Rajta, and Anjali, delivered an exceptional performance in the championship, displaying their passion and commitment to the sport. Despite fierce competition, these girls demonstrated their prowess and teamwork, leaving spectators in awe. Coach Anil Kumar Jista said I am extremely proud of these girls. They have worked tirelessly, practicing day in and day out, honing their skills, and striving for excellence. Their hard work and dedication have paid off, and they have brought recognition to our school and the state of Himachal Pradesh.
***कुल्लू जिले के स्नॉवर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा की छात्रा मानवी ने 99.14 प्रतिशत (694) अंक लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। हमीरपुर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल चूबतरा की छात्रा दीक्षा कथयाल ने (693) 99 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं हमीरपुर जिले के ही दो छात्रों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। न्यू इरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल परोल के छात्र अक्षित शर्मा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल बदारान के छात्र आकर्षक ठाकुर ने 98.86 प्रतिशत (692) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमें से 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं और 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि इस बार का परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
साइंस स्ट्रीम में ओजस्विनी उपमन्यु ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। 500 में से 493 अंक (98.6 प्रतिशत) हासिल किए हैं। ओजस्विनी उपमन्यु जिला ऊना के घनारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। कॉमर्स स्ट्रीम में सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराहन की छात्रा वृंदा ठाकुर ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वृंदा ने 500 में से 492 अंक (98.4 प्रतिशत) हासिल किए हैं। आर्ट्स स्ट्रीम में प्रदेशभर में पहले स्थान पर चार विद्यार्थी रहे हैं। चारों ने 500 में से 487 अंक (97.4 प्रतिशत) हासिल किए हैं। डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना की छात्रा तरनिजा शर्मा, रूट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल करसोग की छात्रा दिव्य ज्योति, सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोर्टमोर शिमला की छात्रा नूपुर कैथ और सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जरवा जुनेली के छात्र ज्येश प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहे हैं।
**ओजस्विनी उपमन्यु ने साइंस संकाय में 500 में से 493 अंक (98.6 प्रतिशत) हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिला ऊना के घनारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। **कॉमर्स संकाय में सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराहन की छात्रा वृंदा ठाकुर ने 500 में से 492 अंक (98.4 प्रतिशत) हासिल प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। **आर्ट्स संकाय में प्रदेशभर में चार विद्यार्थी ने 500 में से 487 अंक (97.4 प्रतिशत) हासिल कर पहला स्थान हासिल किया है। जिसमे डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना की छात्रा तरनिजा शर्मा, रूट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल करसोग की छात्रा दिव्य ज्योति, सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोर्टमोर शिमला की छात्रा नूपुर कैथ और सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जरवा जुनेली के छात्र ज्येश प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम 79.4 प्रतिशत रहा है। 105369 विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमे से 83418 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं।13335 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। 8139 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वर्ष 2022 में 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 93.90 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने जानकारी दी की विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।


















































