शिमला: वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने शिमला जिला के डीसी व ठियोग के डीएफओ को वन भूमि पर कब्जों का सारा ब्यौरा तलब किया है। अदालत ने इस मामले में अवैध कब्जों को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी शिमला और मंडल वन अधिकारी यानी डीएफओ ठियोग को निर्देश जारी किए हैं कि वो तहसील कोटखाई के बागी-रतनाड़ी क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अतिक्रमण करने वालों का पूरा विवरण पेश करें।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर व न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले में सख्त आदेश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अफसरों को शपथपत्र के माध्यम से अवैध कब्जा करने वालों के नाम, पिता का नाम, गांव, उनके स्वामित्व वाली निजी भूमि (यदि कोई हो) और वन भूमि पर किए गए कुल अतिक्रमण क्षेत्र का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने आवश्यक कार्रवाई 15 फरवरी 2026 को या उससे पहले पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।
यह जनहित याचिका बागी-रतनाड़ी क्षेत्र के रहने वाले आरएल चौहान ने दाखिल की है। आरएल चौहान तहसील कोटखाई, जिला शिमला के तहत बागी रतनाड़ी के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया के नाम एक पत्र लिखा है। उनकी तरफ से लिखे गए पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई है।
