हिमाचल प्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बीते रोज केंद्र द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति को हिमाचल में तत्काल प्रभाव से लागू करने के सरकार को निर्देश दिए थे जिस पर शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। कैबिनेट ने पहले ही नई शिक्षा नीति को लागू करने की अनुमति दे दी है। शिक्षा मंत्री का बयान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू कर दिया है और इसके लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जिसके साथ बैठक रखी गई है ताकि उसके सुझावों को शामिल कर शिक्षा नीति लागू किया जा सके। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा टास्क फोर्स और सब कमेटी के नई शिक्षा नीति के प्रारूप को लेकर जो सुझाव होंगे उन्हें नई शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा 9-12वीं तक के छात्रों के स्कूल खोलने को लेकर गृह मंत्रालय ने एसओपी जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग प्रदेश के कोरोना के हालातों को देख कर इस पर फैसला लेगा।
BMC और महाराष्ट्र सरकार के साथ चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई पहुँच गई हैं। मुंबई पुलिस पर उनकी टिप्पणी को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना कार्यकर्ता हवाईअड्डे के बाहर काले झंडे के साथ कंगना खिलाफ नारे लगाते हुए देखे गए। आरपीआई (ए) और करणी सेना के कार्यकर्ता भी अभिनेता के समर्थन में एकत्र हुए। आरपीआई (ए) नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मुंबई में रहते हुए कंगना की रक्षा करेंगे। क्या बोले मुख्यमंत्री जयराम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
शिमला, विधानसभा मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुए। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को 67 स्थगन प्रस्ताव की चर्चा पर जबाब देने के लिए इजाज़त दी लेकिन विपक्ष फ़िर कल वाली चार सदस्यों को बोलने की मांग पर अड़ गया। यहां तक कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर उनकी आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब अधिकतर सदस्य बोल चुके है तो फ़िर विपक्ष क्यों अड़ रहा है। इस पर भी विपक्ष अपने 4 सदस्यों को बोलने का मौका देने पर अड़ा रहा। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहले मंगलवार 3 बजे तक चर्चा तय हुई थी। उसके बाद 5 बजे तक सदन को बढ़ाया गया। अब विपक्ष क्यों शोर शराबा कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी यही कहा कि विपक्ष की सहमति से ही चर्चा का समय तय हुआ। सदन में विपक्ष की हर बात को माना, 6 घण्टे से ज्यादा दो दिन तक स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री चर्चा का जबाब देंगे। इस पर भी विपक्ष नही माना और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने मांग उठाई की विपक्ष के 4 सदस्यों को 5-5 मिनट बोलने का मौका दिया जाए। विपक्ष ने नारा लगाया कि "लोकतंत्र की हत्या बन्द करो, चर्चा का प्रबंध करो।" मुख्यमंत्री बोलते रहे, विपक्ष करता रहा वेल में नारेबाज़ी विपक्ष की नारेबाज़ी के बीच विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने मुख्यमंत्री को चर्चा का जबाब देने की इजाज़त दे दी। मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो नाराज़ विपक्ष के सभी सदस्य स्पीकर की वेल में आकर नारेबाज़ी करने लगें। सत्ता की तरफ़ से मुख्यमंत्री बोलते रहे जबकि विपक्ष की नारेबाज़ी जारी रही। यहां तक विपक्ष के सदस्य वेल में बैठकर नारेबाजी करने लगे। सदस्य 'पीपीई किट घोटाले', 'सरकार की तानाशाही', 'हो गया जय राम तेरा काम कुर्सी छोड़ो करो आराम', 'कारोना काल में घपले' जैसे नारेबाज़ी लगाते रहे। मुख्यमंत्री डेढ़ घण्टे बोलते रहे विपक्ष वेल में नारेबाज़ी करता रहा, मुख्यमंत्री ने अपना जबाब पूरा किया व विपक्ष को प्रस्ताव वापिस लेने की बात की इसी नाराज़गी में विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैए पर जताई नाराज़गी विपक्ष के रवैये से नाखुश मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार नियम 67 के तहत कारोना को लेकर चर्चा दी। विपक्ष से उम्मीद थी कि उनकी तरफ से कोई सुझाव आएगा लेकिन दुर्भाग्य है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस नेतृत्वहीन है इसलिए बेवजह शोर कर रही है। विपक्ष को सदन में बोलने का पूरा मौका दिया गया। अढ़ाई दिन तक स्थगन प्रस्ताव की चर्चा में विपक्ष के 13 सदस्यों ने भाग लिया। बाबजुद इसके विपक्ष खुश नहीं था और सदन में हल्ला कर वाकआउट कर दिया।
नारेबाजी के बीच ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपना जवाब शुरू किया। नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए और यहां भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस के विधायक वेल में नीचे फर्श पर बैठ गए। स्पीकर स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए सीएम को बुला रहे थे तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंगलवार को सदन की बैठक को मंत्री के लिए बढ़ा दिया गया, जबकि सदस्यों के लिए नहीं बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा थमने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को आइजीएमसी में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति को सिरमौर से आज ही रैफ़र करके शिमला लाया गया था। कोरोना से जंग लड़ते हुए 8 बजे सुबह व्यक्ति ने आईजीएमसी अस्पताल में दम तोड़ा दिया । व्यक्ति की उम्र 40 वर्ष बताई जा रही है और वह सिरमौर के पौंटा साहिब का रहने वाला था। हिमाचल में कोरोना से मरने वालों कि संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अब तक कोरोना से 63 लोगों कि जान चली गई है।
हिमाचल विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का दौर जारी रहा। सदन में तीखी नोकझोक के बाद विपक्ष ने वाकआउट भी कर दिया। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से सरकार के खिलाफ सदन में कहे एक शब्द पर सीएम ने एतराज़ जताते हुए तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कहा कि अगर आज कांग्रेस की सरकार होती तो हिमाचल बरबाद हो जाता। इस पर विपक्ष के सदस्य आक्रामक हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके चलते प्रश्नकाल नहीं चल सका और सारा काम रोक कर कोरोना काल की अव्यवस्था और दिक्कतों पर चर्चा चलती रही। इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष के सदस्य सदन में कर रहे हैं, वह सही नहीं है। वह कांग्रेस का दौर था, जब हालात खराब थे। प्रदेश आज तबाह हो गया होता यदि कांग्रेस की सरकार होती। स्पीकर ने जब एक सदस्य को बोलने के लिए कहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। सीएम बोले- चर्चा लंबी खींचनी है तो कल का प्रश्नकाल भी जाएगा। ऐसे में जवाब आज नहीं आ पाएगा। शाम को स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को अपनी बात रखने को उठाया गया तो विपक्ष ने इसका विरोध किया। मुकेश अग्निहोत्री ने मांग उठाई कि चर्चा के लिए अन्य विधायकों को भी बुलाया जाए।
पहाड़ों की वादियों के बीच बसे चंबा शहर का सौंदर्य और इतिहास बहुत ही निराला है। यहां की वादियां और इमारतें बहुत सी कहानियां सुनाती हैं। ऐसे ही एक कहानी है रानी सुनैना की। रानी सुनैना यानी बलिदान और साहस कि मूर्ति। ये चंबा रियासत की वो रानी है जिन्होंने अपनी प्रजा और राज्य के उत्थान के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना बलिदान दे दिया। यूं तो चंबा शहर रावी और साल नदी के मध्य में बसा है पर एक समय ऐसा भी था जब यह शहर पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा था। दो नदियों के बीच बसे होने के बावजूद भी यहां पीने के लिए पानी की एक बूंद नहीं थी। उस समय चम्बा रियासत के राजा साहिल वर्मन हुआ करते थे। राजा भी इस समस्या से पूर्णतः वाकिफ थे पर वो करते भी क्या। एक रात उनकी पत्नी, रानी सुनैना को उनकी कुल देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि राज घराने में से किसी को बलिदान देना होगा तभी पानी की कमी पूरी होगी। जब राजा साहिल वर्मन को रानी सुनैना ने पूरी कहानी सुनाई तो राजा वर्मन बलिदान देने के लिए तैयार हो गए। फिर रानी सुनैना ने सोचा यदि राजा बलिदान देंगे तो उनका सुहाग छिन जाएगा और राज्य के सर से भी साया उठ जाएगा, और यदि उनके पुत्र राजकुमार युगाकर बलिदान देते है तो कुल का दीपक बुझ जाएगा और वंश को आगे कौन बढ़ाएगा। ये सब सोचकर रानी सुनैना ने स्वयं बलिदान देने का फैसला लिया। इस निर्णय से पुरी चंबा रियासत में शोक व विस्मय की लहर दौड़ गई। आखिरकार रानी सुनैना बलिदान देने के लिए महल से निकल पड़ीं। आंखों में आंसू लिए उनके इस काफिले में चंबा की जनता भी शामिल थी। रास्ते मे सूही के मढ़ से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा शहर पर नज़र डाली और फिर आगे बढ़ते हुए ये काफिला मलून नामक स्थान पर रुक गया। ममता और बलिदान की मूरत रानी सुनैना बलिदान देने से पहले कहा 'मेरी इच्छा है कि मेरी याद में हर वर्ष मेला लगे। इस मेले को सिर्फ स्त्रियां मनाएं और पुरुष इस में भाग न लें और न ही राज परिवार की बहुएं इस में भाग लें। इस मेले में पूजा केवल राज परिवार की कुंवारी कन्या के हाथों करवाई जाए।' बस इतना कहकर रानी सुनैना ने जिंदा समाधि ले ली। उसी समय पानी की धार फूट पड़ी और रानी सुनैना का बलिदान चंबा के लोगों के लिए अमृत बन कर बहने लगा। रानी सुनैना के बलिदान को याद करते हुए राजा साहिल वर्मन ने जिस स्थान से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा को देखा था उसी सूही के मढ़ नामक स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया। हर वर्ष इस जगह सूही के मेले का भी आयोजन किया जाता है। ये मेला 3 दिन तक चलता है और यहां केवल बच्चे और महिलाएं ही उपस्थिति दर्ज करवाते है। महिलाएं रानी की प्रशंसा में लोकगीत गाती हैं और समाधि तथा प्रतिमा पर फूल की वर्षा की जाती है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। वहीं, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर की 57 वर्षीय महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। वहीं, एक सरकाघाट और तीसरा शिमला के व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 पहुंच गया हैै। प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 7660 पहुंच गया है। 2234 सक्रिय मामले हैं। 5359 मरीज ठीक हो गए हैं। बता दें सोमवार को 262 कोरोना पॉजिटिव मामले आए थे।
SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हो रही प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर की भारतियों में रोसस्टर सिस्टम को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। जो 200 पॉइंट रोसस्टर सिस्टम इस बार लागू किया जा रहा उसमे पूरी तरह से कई विभागों में सारी की सारी सीट्स आरक्षित रखी गई है और कई विभागों में एक भी सीट्स आरक्षित नहीं रखी गई है। फॉर्म्स के छँटनी के लिए भी किसी कमिटी का गठन नहीं किया गया है बल्कि वहां पर सीधे तौर पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। SFI ने माँग की है कि फॉर्म्स की छँटनी सेवानिवृत्त प्रोफेसरों के बजाय विभागों के प्रोफेसर को शामिल करते हुए की जाए। SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अध्यादेश के अनुसार जब भी आप किसी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं तो विश्वविद्यालय को उसको कम से कम 3 हिंदी व अंग्रेजी के समाचार पत्रों के साथ साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होता है जबकि इस कोरोना के दौर में वो सिर्फ एक ही पत्र में प्रकाशित किया गया ताकि सरकार व कुलपति के चहेते लोग जो पहले इन नियुक्तियों के लिए काबिल नहीं थे अब योग्यता पूरी कर रहे है उन्हें मौका मिल सके। इसलिए ये साफ तौर पर दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है औऱ अपने चहेतों को भर्ती करवाने की मंशा से भर्तियां की जा रही है अगर एक दिन के अंदर विश्वविद्यालय अपना पक्ष नही रखता तो SFI आने वाले समय मे इस के खिलाफ़ सड़कों पर उतरेगी तथा ये जो भर्ती के नाम पर धांधली हो रही है उसको कतई भी बर्दाश्त नहीं करेगी। SFI राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक किसी भी विश्वविद्यालय में जब तक इस महामारी के दौरान स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है कोई भी भर्ती प्रक्रिया नहीं की जाएगी लेकिन हमारा विश्वविद्यालय इन नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में इस महामारी को अवसर बनाते हुए अपने लोगो को भर्ती करने के लिए इस भर्ती प्रक्रिया को आयोजित कर रहा है। इस भर्ती प्रक्रिया में बहुत सारी खमिया है जिन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है अन्यथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शोकोदगार के खत्म होते ही विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने नियम 67 के स्थगन प्रस्ताव तहत चर्चा की मांग की। विपक्ष के नेता सदन में कहा कि कोरोना काल मे सरकार पूरी तरह असफल रही है पहले इस पर चर्चा हो। इस पर मुख्यमंत्री बोलने के लिए उठे लेकिन विपक्ष ने शोर शराबा शुरू कर दिया। विपक्ष के नेता ने कहा कोरोना काल मे भ्रष्टाचार हुआ, लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया, यहां तक कि सरकार की पूरी मशीनरी फ़ेल हो गई है इसलिए मुख्यमंत्री और मंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा दें। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष नियमों पर धज्जियां उड़ा रहा है ओर जो प्रस्ताव दिया है उस पर बोलें। इस बीच सत्ता पक्ष की तरफ से भी विपक्ष के रवैये का विरोध हुआ। दोनों ही दलों के नेता अपनी-अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए औऱ शोर शराबा शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने फ़िर कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया है विपक्ष उस पर बोले। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर उठे लेकिन विपक्ष ने उन्हें बोलने नहीं दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत बोलने को कहा ओर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को चर्चा के लिए इजाज़त दे दी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष ने कोरोना काल को लेकर 67 के तहत प्रस्ताव लाया। इसी विषय पर अन्य सदस्यों ने भी चर्चा मांगी है। इस पर 130 पर भी चर्चा दी गई है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बोलने की इजाज़त दी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना को लेकर व्यक्तव्य देना ही था। सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ कि नियम 67 के अंतर्गत स्थगन प्रस्ताव लाया गया औऱ उसे स्वीकार किया हो। बावजूद इसके सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी को गंभीरता से नहीं ले रही है। फिर भी सरकार 67 के तहत चर्चा को तैयार है। इस पर एक बार फ़िर दोनों पक्षों में सदन के अंदर नारेबाजी शुरू हो गई। सत्ता पक्ष कहने लगा कि विपक्ष अपने जाल में फंस गया। उधर विपक्ष "चोर मचाए शोर" की नारेबाज़ी करने लगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने 67 नियम के तहत ही चर्चा की इजाज़त दे दी गई। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 3 नए मंत्रियों राकेश पठानियां, सुखराम चौधरी औऱ राजेन्द्र गर्ग का भी सदन में परिचय दिया। इसी के साथ इतिहास में पहली बार नियम 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा शुरू हुई जो अभी चल रही है।
जुब्बल नावर कोटखाई में सेब सीजन जोरों पर चल रहा है वहीं बिजली के अघोषित कटों से बागवानों में भारी आक्रोश है। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने रोहड़ू में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही श्रमिकों की भारी कमी के चलते अधिकतर जगहों पर सेब ग्रेडिंग व पैकिंग मशीनों के माध्यम से पैक हो रहा हैं ऐसे में बार-2 बिजली के अनगिनत कटो से बागवानों को प्रतिदिन आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं जिसका जीता-जागता उदाहरण हैं कि गत तीन दिनों तक जुब्बल-नावर सहित पूरे रोहड़ू उपमंडल में मौसम साफ़ होने के बावजूद भी विद्युत आपूर्ति से बाधित रहीं। बिजली के अघोषित कटों के चलते सरकारी कार्यालयों में जनता को रोजमर्रा के काम करवाने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की आंख मिचौली के चलते छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। डेरटा ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में मूलभूत सुविधाएं चरमरा गई हैं और सरकार के सेब सीज़न से पूर्व किए गए सभी दावें हवा हो चुके हैं। कोरोना काल मे जहां सरकार को चाहिए था कि बागवानो को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएं वहीं सरकार की उदासीनता के चलते जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा हैं। बागवानों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही और जुब्बल-नावर-कोटखाई लावारिस हो चुका हैं। ब्लॉक युवा कांग्रेस जुब्बल के अध्यक्ष संदीप सेहटा की अध्यक्षता में बिजली विभाग के वृत कार्यालय रोहड़ू में युवा कांग्रेस ने सांकेतिक धरना देते हुए चेताया कि यदि बिजली के अघोषित कटो को नहीं रोका गया तो युवा कांग्रेस बागवानों को साथ लेकर विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। डेरटा की अगुआई में उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया हैं कि बिजली की व्यवस्था को सुधारने बारें गंभीरतापूर्वक आवश्यक कदम उठाएं जाएं जिससे बागवानों, छात्रों और आम जनता को राहत मिल सकें। इस मौके पर संदीप सेहटा, अर्पित राठौर, हरीश तेजटा, धर्मेंदर बचटा, सन्नी रोल्टा, संदीप शर्मा, मुखबर शेख़, मंजीत डोगरा, कांता, वीरपाल पनाटु दिनेश चौहान, राकेश, रोहित शर्मा, इंदर तेजटा व राहुल शान्टा आदि भी मौजूद रहें।
Himacahal Pradesh Chief Minister on Sunday said the state government will be providing security to actress Kangana Ranaut. He quoted, “This is our duty to provide her security as she is too a daughter of Himachal Pradesh and a celebrity.” The state is considering providing her security in the state and extending it to her upcoming visit to Mumbai. The CM disclosed it while addressing media after a BJP legislature meeting in Shimla. He said, “Kangana Ranaut's sister called me on Saturday and her father too formally wrote to the state police seeking security for his daughter, so I have asked DGP to take steps accordingly". He also mentioned that Kangana has a plan to visit Mumbai on 9th September and the government is considering providing her security during that visit also. However, the CM refused to say anything on Kangana Ranaut's recent remarks on actor Sushant Singh Rajput's death case, stating that the matter is being investigated.
प्रदेश सरकार 133 आईएनएफ बीएन (टीए) ईको डोगरा के बटालियन मुख्यालय को मार्च 2021 तक विस्तार देने के अनुरोध पर सहानुभूतिवूर्पक विचार करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने एकीकृत मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय की प्रादेशिक सेना महानिदेशक लै. जनरल डीपी पांडे, एवीएसएम, वीएसएम से चर्चा के दौरान यह बात कही। लै. जनरल पांडे ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि ईको टास्क फोर्स का उद्देश्य हिमाचल में वन विभाग द्वारा आवंटित की गई भूमि पर पौध रोपण करना है। उन्होंने बताया कि यह बल प्रति वर्ष औसतन चार सौ हैक्टेयर भूमि पर वन रोपण कर रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता एवं प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
महान शिक्षाविद्, दुरदर्शी और पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। डाॅ. राधाकृष्णन का जन्म दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को बहुत प्रभावित किया है। पूरे विश्व में विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय बंद हैं। पिछले छः माह की अवधि में शैक्षणिक गतिविधियों में पूर्ण परिर्वतन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का संबंध केवल दिशा-निर्देश देने तथा परीक्षा लेने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह शैक्षणिक संबंधों के बजाय एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रिश्ता है। राज्यपाल ने कहा कि मेरा विश्वास है कि जब तक विद्यार्थी अपने शिक्षक के प्रति सम्मान महसूस नहीं करते ऐसी स्थिति में वह न कुछ सीख सकते हैं और न ही शिक्षक उन्हें कुछ सीखा सकते हैं। यह सम्मान तभी पैदा होता है जब शिक्षक पूरे समर्पण भाव से अपना कार्य करते हैं और वह नई पीढ़ी और समाज को सही दिशा देने का प्रयास करते हैं।
भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां वीडियों काॅन्फ्रेंस के माध्यम से द्वितीय राजभाषा संस्कृत राज्य समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा अपनी शब्दावली, साहित्य, विचारों, भावों और मूल्यों में समृद्ध है और इस भाषा को व्यवहारिक रूप से जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि संस्कृत को दूसरी राजभाषा का दर्जा देने वाला हिमाचल प्रदेश उत्तराखण्ड के बाद दूसरा राज्य है। संस्कृत भाषा समाज को एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बोलियां संस्कृत भाषा से मिलती-जुलती हैं। क्षेत्रीय बोलियों के शब्दों का उच्चारण संस्कृत भाषा से मिलता है। प्रदेश में संस्कृत को स्थापित करने के साथ हम क्षेत्रीय भाषाओं को भी संरक्षण प्रदान कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी क्षेत्रीय बोलियों की शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया है। भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि संस्कृत को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ाने की आवश्यकता है ताकि आगे चलकर विद्यार्थी संस्कृत को व्यावहारिक रूप से प्रयोग कर सकें। विद्यालयों में भी इस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए जिसमें विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थी ऐच्छिक रूप से संस्कृत विषय की शिक्षा ग्रहण कर सकें। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर संस्कृत के बहु-विषयक उपयोग पर भी विशेष बल देना चाहिए। सामाजिक क्षेत्र में भी संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए एक व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संस्कृत भाषा को और सरल तथा व्यावहारिक बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। इस प्रारूप को तैयार करने के लिए संस्कृत भाषा से जुड़े हुए विद्वानों, विद्यार्थियों और प्रदेश के लोगों से भी सुझाव लिए जाएं।
हिमफैड अध्यक्ष गणेश दत्त ने गत दिवस शिमला के ठियोग, गुम्मा, खड़ापत्थर और सावड़ा में हिमफैड के गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान सभी गोदामों का रिकाॅर्ड सही पाया गया। उन्होंने स्थानीय बागवानों तथा किसानों को खाद्य तथा कृषि संबंधी मशीनों तथा औजारों के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त गणेश दत्त ने ठियोग, गाजटा, जोणी, खड़ापत्थर, अंटी, नन्दपुर, छाजपुर, पांदली, चैथला, शीलघाट तथा संतोषीनगर स्थित एमआइएस सेब एकत्रीकरण केन्द्रों का भी औचक निरीक्षण किया। सभी एकत्रीकरण केन्द्रों में सेब की बोरियां सही पाई गईं। उन्होंने स्थानीय बागवानों को हिमफैड द्वारा फलों के रख-रखाव के लिए प्रस्तावित सीए स्टोर के निर्माण की योजना के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय बागवानों ने गणेश दत्त से आग्रह किया कि हिमफैड भविष्य में सेब की खाली पेटियां भी उपलब्ध करवाए। गणेश दत्त ने उपस्थित बागवानों को आश्वासन दिया कि हिमफैड प्रदेश के किसानों तथा बागवानों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेगा। उन्होंने अंटी में सेब नीलामी स्थल का भी निरीक्षण किया तथा यहां कार्यरत हिमफैड कर्मचारियों से मिले। निरीक्षण के दौरान हिमफैड के निदेशक भीम सिंह झौटा तथा स्थानीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नम: अर्थात गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है और गुरु ही भगवान शंकर है। गुरु ही साक्षात परब्रह्म है। ऐसे गुरु को मैं प्रणाम करता हूं। इन शब्दों को समझने के लिए गुरुकुल युग में प्रवेश करना होगा। समय परिवर्तन होने के बाद गुरु शब्द को बोलने का नजरिया और गुरुओं के प्रति भावना में परिवर्तन भी हो गया। राष्ट्र निर्माण में समर्पित गुरुओं ने राष्ट्र के विकास में अहम योगदान दिया है। इस विषय पर जरुर अपने विचारो का लेख के माध्यम से सार्वजानिक करूंगा। हम शिक्षक दिवस मना रहे है। शिक्षक दिवस पर राष्ट्र को समर्पित, सभी शिक्षको को हार्दिक बधाई। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूजनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता है और जिसका योगदान किसी भी देश या राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करना है। सही मायनो में कहा जाये तो एक शिक्षक ही अपने विद्यार्थी का जीवन गढ़ता है। शिक्षक ही समाज की आधारशिला है। एक शिक्षक अपने जीवन के अन्त तक मार्गदर्शक की भूमिका अदा करता है और समाज को राह दिखाता रहता है, तभी शिक्षक को समाज में उच्च दर्जा दिया जाता है। माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं। उनका स्थान कोई नहीं ले सकता, उनका कर्ज हम किसी भी रूप में नहीं उतार सकते, लेकिन शिक्षक ही हैं जिन्हें हमारी भारतीय संस्कृति में माता-पिता के बराबर दर्जा दिया जाता है क्योंकि शिक्षक ही हमें समाज में रहने योग्य बनाता है। इसलिये ही शिक्षक को समाज का शिल्पकार कहा जाता है। गुरु या शिक्षक का संबंध केवल विद्यार्थी को शिक्षा देने से ही नहीं होता बल्कि वह अपने विद्यार्थी को हर मोड़ पर उसको राह दिखाता है और उसका हाथ थामने के लिए हमेशा तैयार रहता है। विद्यार्थी के मन में उमड़े हर सवाल का जवाब देता है और विद्यार्थी को सही सुझाव देता है और जीवन में आगे बढ़ने के लिए सदा प्रेरित करता है। एक शिक्षक या गुरु द्वारा अपने विद्यार्थी को स्कूल में जो सिखाया जाता है या जैसा वो सीखता है वे वैसा ही व्यवहार करते हैं। उनकी मानसिकता भी कुछ वैसी ही बन जाती है जैसा वह अपने आसपास होता देखते हैं। इसलिए एक शिक्षक या गुरु ही अपने विद्यार्थी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सफल जीवन के लिए शिक्षा बहुत उपयोगी है जो हमें गुरु द्वारा प्रदान की जाती है। विश्व में केवल भारत ही ऐसा देश है जहाँ पर शिक्षक अपने शिक्षार्थी को ज्ञान देने के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा भी देते हैं, जोकि एक विद्यार्थी में उच्च मूल्य स्थापित करने में बहुत उपयोगी है। जब अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश का राष्ट्रपति आता है तो वह भी भारत की गुणवत्तायुक्त शिक्षा की तारीफ करता है। किसी भी राष्ट्र का आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास उस देश की शिक्षा पर निर्भर करता है। अगर राष्ट्र की शिक्षा नीति अच्छी है तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता अगर राष्ट्र की शिक्षा नीति अच्छी नहीं होगी तो वहाँ की प्रतिभा दब कर रह जायेगी बेशक किसी भी राष्ट्र की शिक्षा नीति बेकार हो, लेकिन एक शिक्षक बेकार शिक्षा नीति को भी अच्छी शिक्षा नीति में तब्दील कर देता है। शिक्षा के अनेक आयाम हैं, जो किसी भी देश के विकास में शिक्षा के महत्व को अधोरेखांकित करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गयी शिक्षा ही शिक्षार्थी के सर्वांगीण विकास का मूल आधार है। शिक्षकों द्वारा प्रारंभ से ही पाठ्यक्रम के साथ ही साथ जीवन मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है। शिक्षा हमें ज्ञान, विनम्रता, व्यवहारकुशलता और योग्यता प्रदान करती है। शिक्षक को ईश्वर तुल्य माना जाता है। आज भी बहुत से शिक्षक शिक्षकीय आदर्शों पर चलकर एक आदर्श मानव समाज की स्थापना में अपनी महती भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ-साथ ऐसे भी शिक्षक हैं जो शिक्षक और शिक्षा के नाम को कलंकित कर रहे हैं, ऐसे शिक्षकों ने शिक्षा को व्यवसाय बना दिया है, जिससे एक निर्धन शिक्षार्थी को शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है और धन के अभाव से अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। आधुनिक युग में शिक्षक की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। शिक्षक वह पथ प्रदर्शक होता है जो हमें किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। आज के समय में शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण हो गया है। शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती है। पुराने समय में भारत में शिक्षा कभी व्यवसाय या धंधा नहीं थी। गुरु एवं शिक्षक ही वो हैं जो एक शिक्षार्थी में उचित आदर्शों की स्थापना करते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं। एक शिक्षार्थी को अपने शिक्षक या गुरु प्रति सदा आदर और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। किसी भी राष्ट्र का भविष्य निर्माता कहे जाने वाले शिक्षक का महत्व यहीं समाप्त नहीं होता क्योंकि वह ना सिर्फ हमको सही आदर्श मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं बल्कि प्रत्येक शिक्षार्थी के सफल जीवन की नींव भी उन्हीं के हाथों द्वारा रखी जाती है। हम भली भांति जानते हैं कि पुरातन काल में भारतीय गुरुकुलों में जो शिक्षा प्रदान की जाती थी, वह निश्चित रूप से बच्चों का समग्र विकास करने वाली ही थी। इतना ही नहीं वह शिक्षा विश्व स्तरीय ज्ञान का द्योतक भी थी, इसलिए विश्व के कई देश भारत के शिक्षालयों में ज्ञान और विज्ञान की उच्च स्तरीय शिक्षा ग्रहण करने आते थे। हमें अब उसी शिक्षा पद्धति की ओर कदम बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। अभी भारत सरकार ने इस दिशा में सार्थक कदम बढ़ाया है। यह शिक्षा इंडिया को भारत बनाने में सकारात्मक सिद्ध होगी, यह संकेत दिखाई देने लगे हैं। शिक्षको को भी चाहिए कि वह इस नीति को आत्मसात कर बच्चों के भविष्य को वह दिशा प्रदान करें जो विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। क्योंकि शिक्षक संस्कारों का एक प्रकाश स्तंभ है, जो विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान की किरणें फैलाता है।शिक्षा वही है, जो जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास करे, इसके साथ ही सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति कर्तव्य पालन का बोध कराए। राष्ट्रीय दायित्व का बोध केवल इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों के अध्ययन और अध्यापन से ही हो सकता है। वर्तमान में यह देखने में आ रहा है कि हम शिक्षा तो ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन पिछले पाठों को भूलते जा रहे हैं। इसका एक मूल कारण हमारे देश की शिक्षा नीति है। आज से 73 वर्ष पूर्व जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ, तब हमारी शिक्षा नीति को भारतीय बनाने पर जितना जोर दिया जाना चाहिए, उतना नहीं दिया गया। शिक्षा के क्षेत्र में हम पूरी तरह से भटक गए। इसलिए आज की पीढ़ी में न तो भारतीय संस्कारों का बोध है और न ही नैतिकता के जीवन मूल्य ही हैं।शिक्षा वही सार्थक होती है, जो अपने देश के लिए चरित्रवान समाज और सकारात्मक सोच का निर्माण कर सके। भारत में अभी तक जो शिक्षा दी जा रही थी, उसमें भारत के मानबिन्दुओं का उपहास उड़ाया गया और विदेशियों का गुणगान किया गया। इसमें ऐसे भी विदेशी शामिल किए गए, जिन्होंने भारतीयता को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे चरित्रों के पठन पाठन से ही आज की पीढ़ी भारत के संस्कारों से दूर होती जा रही है। लेकिन हमारे देश के शिक्षकों को भी यह समझना चाहिए कि छात्रों को क्या शिक्षा दी जाए।हमारे देश में शिक्षाविद डॉ. राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन आज के विद्यार्थियों को यह भी नहीं पता होगा कि डॉ. राधाकृष्णन जी के जीवन शिक्षकों के एक आदर्श है, एक पाथेय है। जिस पर चलकर हम शिक्षक की वास्तविक भूमिका का सही ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। सन 1962 में जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तब उनके कुछ विद्यार्थी उनके पास उनका जन्मदिन मनाने की स्वीकृति लेने गए। उस समय राधाकृष्णन जी ने कहा मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय 5 सितंबर शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए तो मुझे अति प्रसन्नता एवं गर्व महसूस होगा। डॉ. राधाकृष्णन का शिक्षकों के बारे में मत था कि शिक्षक वह नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे। वास्तविक शिक्षक तो वह है जो छात्र को आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे। आज की शिक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि जीवन में पैसे कैसे कमाए जाते हैं, इसे ही ध्यान में रखकर दी जा रही है। कहा जा सकता कि जो शिक्षा दे रहे हैं, वे इसे व्यवसाय मान रहे है और जो ग्रहण कर रहे वे इसे आय प्राप्त करने का साधन। ऐसी शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं कर सकती। इसलिए शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों को ऐसी शिक्षा भी दें, जो उनके जीवन को संवार सके। क्योंकि जिस शिक्षा से संस्कारों का निर्माण होता है, वही जीवन के काम आती है जिनकी याद में हम शिक्षक दिवस मनाते हैं, वे चाहते थे कि शिक्षा विद्यार्थियों को सही और गलत का बोध कराने वाली होना चाहिए। वास्तव में डॉ. राधाकृष्णन जी भारतीय संस्कृति के संवाहक थे। उन्होंने अपने लेखों और प्रबोधन के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सुगंध को हमेशा ही प्रवाहित किया। एक बार शिकागो विश्वविद्यालय में उनको धर्म शास्त्रों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जहां उन्होंने भारत के ज्ञान के बारे में प्रेरणास्पद उद्बोधन दिया। इस उद्बोधन के बाद डॉक्टर राधाकृष्णन जी की ख्याति वैश्विक धरातल पर और भी बढ़ती चली गई और इसी कारण उन्हें भारत एवं अन्य देशों की प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया। उसके बाद विश्व में भारत का गौरव गान होने लगा। उनके भाषणों में सिर्फ भारत ही होता था। वह जब बोलते थे तब ऐसा लगता था कि यही भारत की वाणी है। वह वास्तव में भारत रत्न थे। इसलिए भारत सरकार ने सन 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया। शिक्षा अत्यंत ही अनमोल एवं मूल्यवान है। जिससे विद्यार्थी अपने स्वयं के ज्ञान का विस्तार तो करता ही है, साथ ही देश को भी मजबूत करता है। डॉ. राधाकृष्णन ने अपनी पुस्तक आधुनिक भारत के राजनीतिक विचारक में भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में शिक्षकों और शिक्षा के महत्व को बताया है। डॉक्टर राधाकृष्णन के अनुसार शिक्षक देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसी वजह से अधिक सम्मान के योग्य होते हैं। भारत में सनातन काल से गुरु और शिष्य का संबंध समर्पण की भावना से परिपूर्ण रहा है। गुरु देश के भविष्य को संवारता है। वर्तमान पीढ़ी देश का भविष्य है। गुरु जैसे संस्कार युवा पीढ़ी को देंगे वैसा ही देश का चरित्र बनेगा। -डॉ मामराज पुंडीर -राजनीतिक शास्त्र प्रवक्ता
पहाड़ी भाषा एवं संस्कृति को संरक्षित रखने की बेहतरीन सोच के साथ, तेज़ी से आगे बढ़ रहा है दी मॉडर्न फोक नोट। हाल ही में रिलीज़ हुए दी मॉडर्न फोक नोट 6 को दुनिया भर में पसंद किआ जा रहा है । ए सी भरद्वाज द्वारा गाई गई इन सीरीज को प्रदेश और देश के साथ साथ विश्व के भी अन्य 35 देशों की जनता से भरपूर प्यार मिल रहा है । इस प्यार की ख़ास वजह यह भी है कि मॉडर्न फोक नोट एक नई सोच ले कर सामने आया है जिसमे उन्होंने युवाओं के बीच लोक संगीत का रुझान बढ़ाने के लिए, मॉडर्न बीट्स एवं पहाड़ी गानों का मिश्रण किया है। मॉडर्न फोक नोट की 5 सीरीज पहले ही यू ट्यूब पर आ चुकी हैं जिन्हें दुनिया भर से बहुत प्यार एवं सम्मान मिला है । मॉडर्न नोट 6 इसी सीरीज को आगे बढ़ाते हुए प्रसारित किया गया , एवं कुछ ही दिनों में 3 लाख से भी ज़्यादा लोगों द्वारा देखा जा चूका है।
हिमाचल के चंबा में दो स्वास्थ्य कर्मियों समेत तीन कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए है। इनमें एक सीआईडी यूनिट चंबा का कर्मचारी भी शामिल है। 4 सितम्बर को जाँच के लिए कुल 239 सैंपल लिए गए थे जिसमे से तीन पोसिटिव पाए गए है, वहीं 176 सैम्पल की रिपोर्ट आना अभी बाकि है। पॉजिटिव पाए गए तीन व्यक्तियों में से एक 26 वर्षीय महिला है जो की JLNMC चम्बा की स्वस्थ्य कर्मी है। DIET सरु का एक 26 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी जो की इंस्टीटूशनल क्वारंटाइन में था, और एक 41 वर्षीय CID यूनिट चम्बा का कर्मचारी भी कोरोना पोसिटिव पाया गया है। चम्बा जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 478 पहुंच गया है। 112 सक्रिय मामले हैं और 361 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा मंडी से 12 नए मामले, काँगड़ा से 9 नए मामले और कुल्लू से 1 नया पॉजिटिव मामला सामने आया है जिनकी पूरी जानकारी आना अभी बाकी है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 6855 पहुंच गया है। 1823 सक्रिय मामले हैं। 4932 मरीज ठीक हो गए हैं। 45 मरीज राज्य के बाहर चले गए हैं और 51 की मृत्यु हो चुकी है।
The State Cabinet in its meeting held here today under the Chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur decided to continue with registration for people entering the State till 15th September, 2020. It also decided to open big temples/religious places of the State by 10th September, 2020. Language, Art and Culture Department will prepare SOP in this regard. It was decided that the quarantine requirement be reduced from 14 days to 10 days. The District Administration would strictly enforce use of masks and social distancing in the field. The Cabinet decided to provide wheat flour and rice to the income tax payee APL Consumers under Public Distribution System as was being provided to them earlier on APL rates and provide them pulses, edible oil, salt and sugar on zero subsidy on actual rates. To address the vision of 'Aatma Nirbhar Bharat Abhiyan' significantly by creating a sustainable ecosystem of affordable rental housing solutions for urban migrants/poor and to achieve overall objective of 'Housing for All', the State Cabinet decided to request Ministry of Housing and Urban affairs, Government of India to sign Memorandum of Agreement (MoA) related to Affordable Rental Housing Complexes Scheme with the State Government. The Cabinet gave its approval to open Sub Treasury at Nagrota Bagwan in Kangra district alongwith creation of five posts of different categories to manage this Sub Treasury. It gave its consent to open Sub Tehsil at Bagachanogi in Tehsil Thunag of Mandi district alongwith creation of 12 posts of different categories. The newly created Sub Tehsil will have six patwar circles viz. Shawa, Kalhani, Kalipar, Shilhibagi, Shiwakhad and Jainshla. The Cabinet also gave its nod to open Patwar circle Jainshla under Tehsil Thunag of Mandi district keeping in view the tough geographic conditions of the area. It decided to fill up 10 posts of class IV employees in Panchayati Raj Department. It gave its approval to transfer Gram Panchayat Kot from Police Station Shimla East (Chhota Shimla) to Police Station West (Boileauganj) in district Shimla to facilitate the people. Presentations were also made by the Industries department before the Cabinet regarding proposed 'Bulk Drug Pharma Park', 'Energy Charges in the State' and on 'Brick Kiln and their related issues'.
प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हो गई है। डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में एक 70 वर्षीय महिला ने वीरवार देर रात दम तोड़ दिया। सिरमौर में कोरोना से यह तीसरी मौत हुई है। मृतक महिला पांवटा साहिब की रहने वाली थी जिसे 1 सितंबर को पांवटा साहिब सिविल अस्पताल से डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। डायबटीज व हाईपरटेंशन रोग से ग्रसित इस महिला का नाहन मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। 3 सितंबर को देर रात आइसोलेशन वार्ड में भर्ती इस महिला ने दम तोड़ दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिरमौर डॉ केके पराशर ने बताया कि पांवटा साहिब में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मृतक का अंतिम संस्कार किया गया है। इसी के साथ प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 48 हो गया है।
प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उनकी तबीयत ख़राब चल रही थी जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट हुआ और वीरवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनके संक्रमित आने के बाद उनके परिवार के सदस्यों को क्वारंटाइन कर दिया गया है और उनकी कॉन्टैक्ट हिस्ट्री ली जा रही है। इससे पूर्व सरकार के ऊर्जा मंत्री भी संक्रमित पाए गए थे जो अब स्वस्थ हो चुके हैं।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश की इकाई ने प्रदेश सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन से मांग की है कि महाविद्यालय के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोमोट किया जाए। एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक व प्रदेश महासचिव बलविंदर सिंह बल्लू का कहना है कि प्रदेश सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन महाविद्यालय में पढ़ने वाले प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ खिलवाड़ कर रही है। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अगली कक्षा का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। छात्र परेशान है कि वो पिछली कक्षा की परीक्षा का पढ़े या अगली कक्षा के पाठ्यक्रम का, इससे छात्रों की पढ़ाई में असमंजस का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले मंडी महाविद्यालय व धर्मशाला महाविद्यालय में भी कोरोना ने दस्तक दे दिया है, जिससे कोविड-19 के फैलने के डर से छात्र चिंता में हैं और अपनी परीक्षाओं की पढ़ाई भी अच्छी तरह से नहीं कर पा रहें हैं। कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखतें हुये छात्रों के स्वास्थ्य व भविष्य की चिंता करते हुऐ, प्रदेश सरकार को प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोमोट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द से जल्द प्रदेश सरकार प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोमोट करने की नोटिफिकेशन नहीं निकालता है तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में विश्विद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगी।
शिमला में बीती रात अश्वनी खड्ड के पास एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है। जानकारी के अनुसार कार में 3 लोग सवार थे। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी जुन्गा से पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। मौके पर घायल सचिन और शुभम को पुलिस ने आईजीएमसी इलाज के लिए भेजा जबकि अविनाश नामक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इस हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस कांस्टेबल की पहचान अविनाश के रूप में हुई है और वह राज्यपाल की पायलट गाड़ी का चालक था।
रोहडू के विधायक व हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव मोहन लाल ब्राक्टा और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रोहडू के अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला व ब्लॉक् कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि पिछले पाँच दशक से वे राजनीति में थे, जिसमें वह कांग्रेस पार्टी के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रह कर पार्टी के लिए कार्य करते रहे। विधायक मोहनलाल ब्राक्टा ने इस मौके पर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि कोविड-19 मरीजों के ईलाज में शामिल चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ खुद भी संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा के सम्पूर्ण उपाय अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्षण रहित रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित रूप से ऐसे रोगियों की स्वास्थ्य जांच करनी चाहिए। चिकित्सकों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को बेहतर क्वारंटीन सुविधा भी प्रदान की जानी चाहिए। औद्योगिक ईकाइयों को अपने कर्मचारियों की कुल संख्या के न्यूनतम 10 प्रतिशत के साथ अपनी क्वारंटीन सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। छोटी औद्यागिक ईकाइयों को पूल के माध्यम से इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि अब तक 2 लाख 14 हजार 182 लोगों का कोरोना संक्रमण परीक्षण किया गया है जिनमें से 6 हजार 116 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 267.7 प्रति लाख राष्ट्रीय औसत की तुलना में हिमाचल प्रदेश में कोरोना के प्रति लाख 87.3 मामले हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के प्रति सौ मामलों में 0.58 मृत्यु दर है जो राष्ट्रीय औसत प्रति सौ मामलों में 1.7 की तुलना में कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए राज्य को 500 वेंटिलेटरस, 1.60 लाख पीपीई किट और 3 लाख एन-95 मास्क प्रदान किए हैं। मरीजों के सहायक और विद्यार्थी/परीक्षार्थी जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण प्रदेश में आवागमन करने की आवश्यकता है, उन्हें क्वारंटीन नियमों से छूट की सुविधा प्रदान की जाएगी बशर्ते वे 72 घण्टों के भीतर वापस राज्य में प्रवेश करते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य में मंदिरों को खोलने पर विचार कर रही है, जिसके लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र ही एसओपी तैयार की जाएगी। राज्य में प्रवेश प्रक्रिया सरल बनाने के लिए उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है, परन्तु साथ ही ई-पास की प्रक्रिया प्रदेश में लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोविड-19 महामारी के कारण राज्य की विकास गति प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में कोरोना वायरस का जीवनकाल बढ़ जाता है, इसलिए इस महामारी से बचने के लिए और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोरोना योद्धा जैसे चिकित्सक, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पुलिस तथा स्वास्थ्य कर्मियों में इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. राजीव सैजल ने कहा कि परीक्षण सुविधाओं पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामलों में गिरावट लोगों की सक्रिय सहभागीदारी और सामाजिक दूरी, फेस मास्क तथा सेनिटाइजर के उपयोग बारे जागरूकता से प्राप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक तथा अन्य पैरा-मेडिकल स्टाफ के लिए पर्याप्त क्वारंटीन सुविधा प्रदान करना जरूरी है। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा व ओंकार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, विशेष सचिव डी.सी. राणा तथा अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने कोरोना महामारी के चलते कुलपति कप ज्ञापन सौंपा । विद्यार्थियों ने मांग की कि उनकी उपर्युक्त मांगों को उठाया जाए अन्यथा संगठन द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। उनकी मांगें थी कि - 1) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी विभागों से कोरोना महामारी के दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। 2) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सत्र 2020-21 की प्रवेश प्रक्रिया में आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EWS) के आरक्षण को सम्मिलित कर दाखिलें दिए जाएँ। 3) PG परीक्षाओं में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के अनुसार ही परीक्षाएँ करवाई जाएँ। 4) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रणाली सुदृढ़ की जाए। 5) Hostel Continuity की फीस को इस सत्र के लिए माफ किया जाए। 6) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के Placement Cell को दुरुस्त कर श्रम एवं रोजगार विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि महामारी की परिस्थिति में नए Pass-out छात्रों को रोजगार उपलब्ध हो सके। 7) UG के गणित विषय के परीक्षा मूल्यांकन में आ रही अनियमितताओं को दूर किया जाए तथा UG के 2016 बैच में Math विषय के सभी पेपरों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए। 8) Ph.D में Enrolled हुए शोधार्थियों के course work की परीक्षा को शीघ्र करवाया जाए। 9) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं गैर शिक्षक पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। 10) विश्वविद्यालय में research से संबंधित Plagiarism को चैक करने के लिए सॉफ्टवेयर की व्यवस्था की जाये।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री को मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता जानती है कि कौन झूठा है, कांग्रेस पार्टी ने पिछले 60 वर्षों से देश को धोखा दिया और केवल आम जनता को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। राष्ट्रीय स्तर पर या राज्य स्तर पर कांग्रेस के नेता झूठ का एक गट्ठा हैं। दशकों तक कांग्रेस ने समाज के सभी वर्गों से वादा किया कि वे राष्ट्र में समृद्ध होंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई है, समाज के सभी वर्ग समृद्ध हुए हैं। भारत सरकार ने हर स्तर पर समय-समय पर समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है। ये योजनाएँ केन्द्रीय, राज्य विशेष या केंद्र और राज्यों के बीच एक संयुक्त सहयोग हो सकती हैं। भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान घोटालों के बाद घोटाले की अनुमति दी जिसके परिणामस्वरूप पिछले 70 वर्षों में 48,20,69,00,00,000 रुपये की चौंका देने वाली क्षति हुई है। पार्टी, अपने सहयोगियों के साथ, 2 जी, बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर, महाराष्ट्र सिंचाई, राष्ट्रमंडल खेल, कोयला घोटाले और कई अन्य घोटालों के एक के बाद एक कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगते रहे। कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं पर कई करोड़ों के भ्रष्टाचार के कई मामलों में करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप है। अगर कथित घोटालों में कांग्रेस की बड़ी तोपो को शामिल किया गया है, तो यह राशि 1948 के बाद से 4.82 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। कांग्रेस पार्टी जिसे भ्रष्टाचार की जननी के रूप में जाना जाता है, जो पार्टी अपने दुराचरण के लिए जानी जाती है, उसे किसी भी राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
इस बार यूथ कांग्रेस के चुनावों में रोहड़ू से कई उम्मीदवार मैदान है। चुनाव में सभी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर चल रही है। यूथ कांग्रेस रोहड़ू विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में है, जिनमें अशोक डंडा ग्राम पंचायत भलाड़ा से जो मंडलगढ़ क्षेत्र से संबंध रखते है। दूसरे उम्मीदवार बलदेव सिंठीयाण है, जो छौहारा क्षेत्र के रणसार वैली से संबंध रखते है। अजय कशवाल भी छौहारा क्षेत्र से ही संबंध रखते है। इनमें बलदेव सिंठियाण और अजय कशवाल दोनों ही पहले एनएसयूआई के भी काफी सक्रीय कार्यकर्ता रहे है। वहीं अशोक डंडा भी युवा कांग्रेस के पूर्व कर्मठ कार्यकर्ता रहे है। यूथ कांग्रेस में जिला अध्यक्ष पद के लिए जिला के अन्य हिस्सों के साथ रोहडू से दो उम्मीदवार मैदान में है। रविंदर सिंह ठाकुर इससे पहले युवा कांग्रेस रोहड़ू के ब्लॉक अध्यक्ष रह चुके है। वहीं दूसरे उम्मीदवार के रूप में हंस राज जून्टा है। दोनों ही इस पद के प्रबल दावेदार मान जा रहे है। इसके अलावा इस बार यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के लिए रोहडू से एक उम्मीदवार एलोद चौहान है। एकमात्र उम्मीदवार होने के कारण व प्रदेश के कांग्रेस व यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ अच्छे संबंध के चलते इन्हे भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। युकां के प्रदेश प्रवक्ता विजय चौहान ने बताया कि इस बार लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ जिमेवारी देने के लिए डीजीटल तकनीक से चुनाव करवाए जा रहें हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष एल डी चौहान वे रोहडू सर्कल के अध्यक्ष नरेंदर सिंह की अध्यक्षता में जल रक्षको की मांगों को लेकर जलशक्ति विभाग मंत्री महेंदऱ सिंह ठाकुर से मिला। इस उपलक्ष्य पर मंत्री का 12 साल पूरे कर चुके जल रक्षकों को अनुबंध पर लाने व शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले जल रक्षकों की फाइल मंत्री परिषद में लाने के आदेश मौके पर करवाए गए। उन्होंने बताया कि अब जल शक्ति विभाग ने भी 12 साल पूरे कर चुके जल रक्षकों को अनुबंध पर लाने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के सभी जल रक्षक और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सभी कर्चारी जल शक्ति विभाग मंत्री एवं मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। वहीं सचिव जल शक्ति विभाग नवीन पुरी का धन्यवाद करते है और साथ ही संघ ने मांग की है कि आने वाले कैबीनेट बैठक में शिक्षा के कारण छूटे गए जल रक्षकों को भी एक मुश्त छूट देकर अनुबंध पर लाया जाए। प्रतिनिधिमंडल में सिकंदर, विनोद, सुरेंदर, चमन लाल, गुरूदेव, संजीव शर्मा, अजय कुमार, पन्ना लाल, गुड्डू राम, जैंस राम, नानक चंद सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
निदेशक सेना भर्ती कर्नल तनवीर सिंह मान ने बताया कि पड्डल मैदान जिला मण्डी में 6 अक्तूबर से 14 अक्तूबर, 2020 तक सेना भर्ती कार्यालय मण्डी द्वारा जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं के लिए भारतीय सेना में भर्ती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भर्ती सैनिक तकनीकी (पुरुष), सैनिक तकनीकी (गोला बारुद परीक्षक) (एटी)(पुरुष), सैनिक तकनीकी (उड्डयन) (एक्स गु्रप)(पुरुष) तथा सैनिक तकनीकी (उपचार सहायक) (एन ए) (पुरुष) पदों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि मापदण्ड और योग्यता के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी 06 अगस्त, 2020 की अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर देखें। उल्लेखनीय है कि जो उम्मीदवार सेना भर्ती रामपुर बुशैहर शिमला में सैनिक तकनीकी वर्ग के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला द्वारा 16 फरवरी, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत पहले पंजीकृत हो चुके है, उनको भी दोबारा पंजीकरण करना है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को पीजी परीक्षा के लिए प्रदेश में परीक्षा केंद्रों में बढ़ोतरी करने हेतू परीक्षा नियंत्रक जे एस नेगी को ज्ञापन सौंपा। इकाई उपाध्यक्ष विशाल सकलानी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पीजी परीक्षा हेतु प्रदेश में 38 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं लेकिन कुछ जिलों में सिर्फ एक या दो परीक्षा केंद्र ही हैं, ऐसे में छात्रों को लम्बा सफर तय करके परीक्षा केंद्र आना होगा जिससे कोरोना फैलने का खतरा रहेगा, साथ साथ ही साथ छात्रों को रहने के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी। चम्बा जिले में सिर्फ बनीखेत और चम्बा में ही परीक्षा केंद्र है। ऐसे में भरमौर, तिस्सा इत्यादि क्षेत्रों से छात्रों को चम्बा आना पड़ेगा जिससे छात्रों को कोरोना होने का खतरा भी बढ़ जाएगा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी छात्रों पर पड़ेगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने मांग रखी कि कोरोना महामारी के चलते छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके नजदीक में परीक्षा केंद्र स्थापित हों ताकि सामाजिक दूरी रहे।
प्रदेश वन विभाग को सोमवार को नया प्रधान मुख्य अरण्यपाल (पीसीसीएफ) हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स मिल गया है। सविता शर्मा हिमाचल की पहली महिला पीसीसीएफ हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स बनीं हैं। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। डॉ. सविता 1985 बैच की अधिकारी हैं। अजय कुमार सोमवार को रिटायर हो गए हैं।
Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni has extended the last date for admissions for all its undergraduate programmes. The last date for online submission of application forms for Undergraduate Programmes- B Sc (Hons) Horticulture/ Forestry/ B Tech Biotechnology (both normal and self-financing seats) has been extended till 3rd September, 2020. The date for filling up of counselling proformas for UG programmes have also been extended till 3rd September, 2020. All the candidates who have filled online application forms have been advised to download the counselling proforma from the university website and fill it as per the instructions mentioned on it. Those students who have applied for both normal as well as self-financing seats need to fill two separate proformas. A single page pdf file must be created, containing scanned filled counselling proforma along with legible documents mentioned in the checklist as provided in the counselling proforma. For normal seats: the scanned pdf file must be sent through email to uhf.ugnormal20@gmail.com and for self-financing seats, the scanned pdf file must be sent by email to uhf.ugselffin20@gmail.com on or before 3rd September, 2020. Every candidate must submit the duly filled counselling proforma in order to be considered for the admission.
शिमला:राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय जो राज्य रेडक्रॅास सोसायटी के अध्यक्ष भी है ने आज राजभवन में राज्य रेडक्राॅस सोसायटी की ओर से अस्पताल प्रतिनिधियों, नगर निगम शिमला के श्रमिकों और सफाई कर्मचारियों को साबुन के डिब्बे वितरित किए। नगर निगम शिमला के अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने निगम की ओर से 21 डिब्बे प्राप्त किए, जिन्हें सफाई कर्मचारियों को वितरित किया जाएगा। राज्यपाल ने मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल शिमला, रेडक्रॅास डिस्पेन्सरी टूटीकंडी और कमला नेहरू अस्पताल के मरीजों और सफाई कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सामग्री के 9 डिब्बे वितरित किए। राज्यपाल के सचिव तथा राज्य रेडक्राॅस सोसायटी के महासचिव राकेश कवंर और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डी जिला के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में 94.14 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं व लोकार्पण किए। जय राम ठाकुर ने 10.4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय बल्दवाड़ा के भवन, 2.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौंटा, पटरीघाट और तहसील बल्दवाड़ा के आस-पास के गांव की बस्तियों के लिए 99 लाख रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना समर्पित की। मुख्यमंत्री ने बलद्वाड़ा, भदरोटा और गोपालपुर खण्ड के भागों के लिए 51.76 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली बहु गांव ग्रामीण पाईप द्वारा जलापूर्ति योजना, 20.35 करोड़ रुपये की लागत से सरकाघाट मसरैन बग्गी सड़क के स्तरोन्यन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थौना में 1.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौंटा में 1.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिस्सा में 1.04 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन, तहसील सरकाघाट की ग्राम पंचायत पिंगला के गरौर-चिम्बा-रा-बल्ह की आंशिक रूप से कवर बस्तियों के लिए 1.03 करोड़ रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैक में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पटड़ीघाट में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली प्रयोगशाला और बैरा (पिंगला) में 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले कुश्ती स्टेडियम की आधारशिला रखीं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वर्चुअल रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज उन्होंने 14.42 करोड़ रुपये की तीन विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और 79.72 करोड़ रुपये की लागत की नौ परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास की गति प्रभावित न हो। इसके लिए सरकार ने उद्घाटन और शिलान्यास वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकाघाट के लोगों का एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 22 लाख रुपये के अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अंशदान मुश्किल की घड़ी में लोगों की सहायता करने में सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने लोगों को इस महामारी के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है क्योंकि यह संकट अभी समाप्त नही हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व मंे अन्य विकसित देशों की तुलना में इस महामारी से हमारे देश को कम क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि भारत में इस महामारी से 60 हजार लोगों की मृत्यु हुई है, जो कि 142 करोड़ की आबादी वाले 15 सबसे विकसित देशों जहां सात लाख मृत्यु दर्ज की गई है की तुलना में बहुत कम है। यह केवल प्रधानमंत्री के समय पर लिए गए निर्णय के कारण सम्भवन हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए प्रभावशाली कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी इस महामरी को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में फंसे 2.50 लाख से अधिक हिमाचलियों को प्रदेश में वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना मरीजों का उचित उपचार सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए कोरोना योद्धाओं द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकाघाट क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीर खड्ड के तटीकरण से क्षेत्र की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि का संरक्षण होगा। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से लड़ने के लिए प्रदेश को 1.60 लाख पीपीई किट्स, 500 वेंटिलेटर और 3 लाख एन 95 मास्क प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1100 प्रदेश के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए वरदान साबित हुई है। प्रदेश में गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.78 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 8.75 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। जलशक्ति, बागवानी और राजस्व मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट में 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली प्रशिक्षण अकादमी से क्षेत्र के युवा लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 158 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र के सीर खड्ड का तटीकरण किया जाएगा और इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार की ओर से निवेश की स्वीकृति प्रदान की गई है। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लोग भाग्यशाली है कि उन्हें मुख्यमंत्री के परिश्रमी और ईमानदार नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और उन्नति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पैंशन का लाभ लेने की आयु सीमा कम करने, लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जनमंच कार्यक्रम, सहारा योजना के अन्तर्गत गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.78 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनैक्शन प्रदान करना इत्यादि अनेक एतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा गत 6 वर्षों के दौरान लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। स्थानीय विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने सरकाघाट क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित तथा शिलान्यास करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के कारण देश के विभिन्न भागों से 2.50 लाख लोगों की वापसी के बावजूद अन्य राज्यों की अपेक्षा हिमाचल में कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने कहा कि बल्दवाड़ा, भदरोटा तथा गोपालपुर खंड के लिए 51.76 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना से क्षेत्र कीे 41 हजार आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने क्षेत्र की विकासात्मक मांगों के प्रति विचारात्मक होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजकीय महाविद्यालय बल्दवाड़ा में विज्ञान कक्षाएं आरंभ करने का आग्रह भी किया। एपीएमसी अध्यक्ष एवं जिला भाजपा अध्यक्ष दलीप ठाकुर ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विधायक प्रकाश राणा, भाजपा नेता नरेश कुमार, निशा व सीमा, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री भी सरकाघाट क्षेत्र के बल्दवाड़ा में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डी जिला के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में 94.14 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं व लोकार्पण किए। जय राम ठाकुर ने 10.4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय बल्दवाड़ा के भवन, 2.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौंटा, पटरीघाट और तहसील बल्दवाड़ा के आस-पास के गांव की बस्तियों के लिए 99 लाख रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना समर्पित की। मुख्यमंत्री ने बलद्वाड़ा, भदरोटा और गोपालपुर खण्ड के भागों के लिए 51.76 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली बहु गांव ग्रामीण पाईप द्वारा जलापूर्ति योजना, 20.35 करोड़ रुपये की लागत से सरकाघाट मसरैन बग्गी सड़क के स्तरोन्यन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थौना में 1.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौंटा में 1.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिस्सा में 1.04 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन, तहसील सरकाघाट की ग्राम पंचायत पिंगला के गरौर-चिम्बा-रा-बल्ह की आंशिक रूप से कवर बस्तियों के लिए 1.03 करोड़ रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैक में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विज्ञान प्रयोगशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पटड़ीघाट में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली प्रयोगशाला और बैरा (पिंगला) में 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले कुश्ती स्टेडियम की आधारशिला रखीं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वर्चुअल रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज उन्होंने 14.42 करोड़ रुपये की तीन विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और 79.72 करोड़ रुपये की लागत की नौ परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास की गति प्रभावित न हो। इसके लिए सरकार ने उद्घाटन और शिलान्यास वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकाघाट के लोगों का एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 22 लाख रुपये के अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अंशदान मुश्किल की घड़ी में लोगों की सहायता करने में सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने लोगों को इस महामारी के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है क्योंकि यह संकट अभी समाप्त नही हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व मंे अन्य विकसित देशों की तुलना में इस महामारी से हमारे देश को कम क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि भारत में इस महामारी से 60 हजार लोगों की मृत्यु हुई है, जो कि 142 करोड़ की आबादी वाले 15 सबसे विकसित देशों जहां सात लाख मृत्यु दर्ज की गई है की तुलना में बहुत कम है। यह केवल प्रधानमंत्री के समय पर लिए गए निर्णय के कारण सम्भवन हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए प्रभावशाली कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी इस महामरी को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में फंसे 2.50 लाख से अधिक हिमाचलियों को प्रदेश में वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना मरीजों का उचित उपचार सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए कोरोना योद्धाओं द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकाघाट क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीर खड्ड के तटीकरण से क्षेत्र की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि का संरक्षण होगा। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से लड़ने के लिए प्रदेश को 1.60 लाख पीपीई किट्स, 500 वेंटिलेटर और 3 लाख एन 95 मास्क प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1100 प्रदेश के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए वरदान साबित हुई है। प्रदेश में गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.78 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 8.75 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। जलशक्ति, बागवानी और राजस्व मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट में 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली प्रशिक्षण अकादमी से क्षेत्र के युवा लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 158 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र के सीर खड्ड का तटीकरण किया जाएगा और इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार की ओर से निवेश की स्वीकृति प्रदान की गई है। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लोग भाग्यशाली है कि उन्हें मुख्यमंत्री के परिश्रमी और ईमानदार नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और उन्नति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पैंशन का लाभ लेने की आयु सीमा कम करने, लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जनमंच कार्यक्रम, सहारा योजना के अन्तर्गत गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.78 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनैक्शन प्रदान करना इत्यादि अनेक एतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा गत 6 वर्षों के दौरान लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। स्थानीय विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने सरकाघाट क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित तथा शिलान्यास करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के कारण देश के विभिन्न भागों से 2.50 लाख लोगों की वापसी के बावजूद अन्य राज्यों की अपेक्षा हिमाचल में कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने कहा कि बल्दवाड़ा, भदरोटा तथा गोपालपुर खंड के लिए 51.76 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना से क्षेत्र कीे 41 हजार आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने क्षेत्र की विकासात्मक मांगों के प्रति विचारात्मक होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजकीय महाविद्यालय बल्दवाड़ा में विज्ञान कक्षाएं आरंभ करने का आग्रह भी किया। एपीएमसी अध्यक्ष एवं जिला भाजपा अध्यक्ष दलीप ठाकुर ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विधायक प्रकाश राणा, भाजपा नेता नरेश कुमार, निशा व सीमा, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री भी सरकाघाट क्षेत्र के बल्दवाड़ा में उपस्थित थे।
पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के साथ-साथ शिमला क्षेत्र की सुदंरता को बढ़ाने तथा अन्य प्रजातियों के पौधों का विस्तार करने के लिए पौधा रोपण अति आवश्यक है, जिसके लिए सभी का सहयोग आपेक्षित है। यह बात आज हिमाचल प्रदेश विश्वविधालय समरहिल के स्थापना दिवस के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम में शहरी विकाश मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्थापना दिवस के दिन 22 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण का कार्यक्रम राज्यपाल से शुरू किया था जिसका आज समापन हुआ। इस कार्यक्रम के तहत परिसर में 400 से ज्यादा पौधरोपण किया गया।
शिमला: SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने उप कुलपति को छात्रों की मांगों को लेकर आज ज्ञापन सौंपा। SFI ने उप कुलपति के सामने मांग रखी कि हिमाचल में PG के छात्रों को लेकर विश्वविद्यालय अपना रुख स्पष्ट करें और साथ ही SFI ने UIT में ट्यूशन फीस के अलावा जो अतिरिकत फीस वसूली जा रही है उस लूट को बंद करने की मांग भी रखी। SFI ने कहा कि इस कोरोना के दौर के अंदर जहां एक तरफ संस्थान लम्बित परिणाम घोषित नही कर पा रहा है बजाय उसके वहाँ पर छात्रों का फीस के नाम पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है । उप कुलपति ने ये आश्वासन दिया कि इस बार अतिरिक्त फीस नही ली जाएगी। SFI कैंपस अध्य्क्ष रविन्द्र चंदेल ने कहा कि जो विश्वविद्यालय को 40,000 करोड़ की ग्रांट राज्य सरकार से मिलती थी वो इस बार नही दी गयी है ये साफ दर्शाता है कि हमारी सरकार तथा शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा को लेकर कितना गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार शिक्षा को गर्त की तरफ धकेल रही है। UILS में भी कमोबेश यही स्तिथि है । SFI ने उप कुलपति के सामने ये भी माँग रखी कि जो विश्वविद्यालय में covid कमिटी बनी है उसकी सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाए कि उस कमेटी ने छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर क्या सुझाव दिए उनको सार्वजनिक किया जाए। कैंपस सचिव गौरव ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रदेश के हर कोने से छात्र पढ़ता है और उसके साथ ही बहुत से छात्र हिमाचल से बाहर के भी पढ़ते है। अगर परीक्षा होगी तो होस्टल खोलना बहुत रूरी है। ताकि छात्र मानसिक तनाव से मुक्त होकर अपनी परीक्षाओ की तैयारी कर सकें। SFI ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इन मुद्दों को लेकर कोई सकारात्मक कदम नही उठाये गए तो SFI उग्र आंदोलन करेगी जिसकी पूरी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशाशन की होगी।
टूरिसम इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन सरकार द्वारा पर्यटकों के हिमाचल में आने के लिए बनाए गए नियमों को सरल बनाने का स्वागत करती है। इस सरलीकरण से आने वाले समय मे हिमाचल की ओर पर्यटकों के कदम बढ़ेंगे इसकी उम्मीद की जा सकती है। इस सरलीकरण के लिये हम माननीय मुख्यमंत्री श्री जी राम ठाकुर जी का धन्यवाद करते है। Covid 19 के बाद जब से कुछ होटल खुले थे तब से कड़े नियमों के कारण पर्यटक हिमाचल में आने में रुचि नही दिखा रहे थे।हमे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही पर्यटन पटड़ी पर लौटेगा। यदि इस नए नियमो में यदि आगे कोई और संशोध्न की आवश्यकता होगी तो हम आने वाले अनलॉक से पहले सरकार के समक्ष उन समस्याओं को दूर करने का पुनः अग्रये करेंगे ताकि लगभग 6 महीने से बंद पर्यटन कारोबार को दुबारा से पटरी पर लाया जा सके। हमने सरकार से आग्रह किया है कि आने वाले समय मे सरकार को कई प्रकार के नियमो में ढील देने की तथा पर्यटन उधमियों को राहत देने की आवश्यकता है । रेस्टोरेंट्स,फ़ास्ट फ़ूड ,बेकरी तथा अन्य फ़ूड आउटलेट्स को सप्तह के सातों दिन रात को 10.30 बजे तक खोलने की व्यवस्था को बहाल किया जाना चाहिए, bars को पुनः खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए । सरकार द्वारा पर्यटन इकाइयों को जो सॉफ्ट लोन की व्यवस्ता का जो प्रावधान किया गया है उसमें जो शर्ते रखी गई है उनके कारण किसी भी पर्यटन इकाई को इसका लाभ नही मिल पाया है। हमने सरकार से अग्रये किया है कि सभी होटल इकाइयों को 15 लाख तक का ऋण बिना कोलेट्रॉल सिक्योरिटी के दिया जाय तथा उसमें gst के मानक को हटाया जाय तथा सभी इकाइयों को इसका लाभ दिया जाए ताकि पर्यटन इकाइयाँ फिक्स्ड खर्चो का भुगतान आसानी से कर सके क्योंकि अभी पर्यटन व्यवसाय को ब्रेक इवन पर लाने के लिए काम से कम 6 महीने का समय लगेगा।इसी तरह जिन इकाइयों की मार्च महीने से पहले दो महीने की किश्ते दय थी जिसका भुगतान नही हुआ था उन्हें भी इस ऋण का लाभ दिया जाए क्यूंकि पर्यटन सीजनल इंडस्ट्री है तथा ज्यादातर लोन की किश्तें सीजन के दौरान ही अदा की जाती हैं परंतु इस बार सीजन शुरू होने से पहले ही लॉक डाउन हो गया था।हमे उमीद है कि सरकार जल्द ही हमे राहत देगी ताकि पर्यटन उद्योग को बचाया जा सके। हम सरकार से यह भी अग्रये करेंगें की इन नियमों की FM रेडियो,सोशल मीडिया तथा अन्य प्रिंट अव इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जे माध्यम से पब्लिसिटी दूसरे राज्यों में की जाए ताकि पर्यटकों को इन नियमोंकी जानकारी मिल सके।
तीसा (चंबा), 27 अगस्त- जुनास बस योग्य संपर्क सड़क की अपग्रेडेशन और टारिंग पर 4 करोड़ 86 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। विधानसभा उपाध्यक्ष ने यह जानकारी आज जुनास सड़क का लोकार्पण करने के बाद दी। उन्होंने कहा कि इस सड़क को आगे मलवास- सुईला तक ले जाने की कार्य योजना भी है।उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि सड़क परियोजना में आने वाली निजी भूमि को विभाग के नाम स्थानांतरित करने में जागरूकता का परिचय देते हुए आगे आएं। उन्होंने कहा कि समूचे चुराह विधानसभा क्षेत्र में संपर्क सड़कों के नेटवर्क में विस्तार देने का अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों की भी जिम्मेदारी है कि वे राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर और निजी हितों को दरकिनार करते हुए सामूहिक तौर पर संपर्क सड़कों के निर्माण में अपना पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि सड़कें चुराह के पूरे परिदृश्य का कायाकल्प करेंगी और क्षेत्र में तरक्की और खुशहाली का एक नया दौर शुरू होगा। विधानसभा उपाध्यक्ष ने क्षेत्र के लिए नई बस सेवा शुरू करने की भी बात कही ताकि लोग उपमंडल मुख्यालय और जिला मुख्यालय के साथ सीधे जुड़ सकें। यह बस सेवा वाया जुनास चलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि राजकीय उच्च विद्यालय जुनास के नए भवन के निर्माण की आधारशिला जल्द रखी जाएगी। आयुर्वेद डिस्पेंसरी खोले जाने की मांग पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के लिए 6 नई आयुर्वेद डिस्पेंसरियां मिली हैं जिनका शुभारंभ भी किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस क्षेत्र के लिए भी आयुर्वेद डिस्पेंसरी की सुविधा दी जाएगी। ग्रामीणों द्वारा रखी गई रसोई गैस की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाएगा कि जुनास तक रसोई गैस की आपूर्ति हो। उन्होंने कहा कि तरेला में निर्मित पुराने पुल के टूट जाने के बाद क्षेत्र की 4 पंचायतों के लोगों को आवागमन की जो दिक्कत थी उसे अब नए पुल का निर्माण करके खत्म कर दिया गया है। 33.50 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 2 करोड़ 82 लाख रुपए की राशि खर्च हुई है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक देवीकोठी मंदिर के परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर ट्रस्ट का गठन किया जा रहा है। यह ट्रस्ट मंदिर के सौंदर्यीकरण की देखरेख के अलावा श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं जुटाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इस ट्रस्ट में क्षेत्र की 9 पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। ग्रामीण विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्कीमों के कार्यान्वयन में मनरेगा कन्वर्जेंस को भी जोड़ा जा रहा है। अंतरराज्यीय सीमा पर तैनात एसपीओ (स्पेशल पुलिस अधिकारी) के मानदेय में बढ़ोतरी के मुद्दे पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्य सरकार इसको लेकर पूरी तरह से संवेदनशील और गंभीर है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एसपीओ के मानदेय में अवश्य बढ़ोतरी होगी। मामले को केंद्र के साथ उठाया जा चुका है। इससे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष ने तरेला में नवनिर्मित पुल का लोकार्पण करने के अलावा लुटियास तक बनने वाले संपर्क मार्ग के निर्माण का भूमि पूजन भी किया। इस मौके पर जिला भाजपा महामंत्री वीरेंद्र ठाकुर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण दीपक महाजन, जिला परिषद सदस्य ज्ञान चौहान, भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन राठौर, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष कुलवंत शर्मा, जिला आईटी सह संयोजक मनेश ठाकुर, जुनास पंचायत प्रधान राकेश और बौंदेड़ी पंचायत प्रधान जसवंत भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कृषि विपणन बोर्ड की 198 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास किए • पराला मंडी में कोल्ड चेन अधोसंरचना व खड़ापत्थर में प्री-कूलिंग चेंबर स्थापित करने पर व्यय होंगे 59.25 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां ढली सब्जी मंडी से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों व बागवानों को लाभान्वित करने के लिए प्रदेश के हिस्सों में हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 198 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास किए। उन्होंने शिमला जिला के मेंहदली (रोहडू) और शिलारू में 20-20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई फल एवं सब्जी उप-मंडी कुल्लू जिला के बंदरोल में 12.01 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली नई फल एवं सब्जी उप-मंडी की आधारशिलाएं रखीं। उन्होंने 8.52 करोड़ की लागत से पराला फल एवं सब्जी मंडी के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण, कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति समिति के लिए पांच करोड़ रुपये की लागत से फल एवं सब्जी उप-मंडी शाट के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण, मंडी जिला में 3.21 करोड़ रुपये की लागत से फल एवं सब्जी मंडी कांगणी के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण, 5.62 करोड़ रुपये के व्यय से पांवटा-साहिब फल एवं सब्जी मंडी के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण, दो करोड़ रुपये की लागत से फल एवं सब्जी उप-मंडी पालमपुर के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण और सोलन जिला में 24.96 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणु के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने फल एवं सब्जी मंडी, ढली के विस्तारीकरण का शिलान्यास किया, जिस पर 18.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने विपणन बोर्ड परिसर खलीनी, शिमला में चार करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय से नये कार्यालय, ब्लाॅक व पार्किंग निर्माण कार्य, कुल्लू की मुख्य मंडी में 1.15 करोड़ रुपये के व्यय से इंटरलाॅकिंग कंकरीट पेवर और यू-शेप नाली के कार्य, फल एवं सब्जी उप-मंडी भुंतर में 53 लाख रुपये से 11 दुकानों के निर्माण, फल एवं सब्जी उप-मंडी खेगसू में 72 लाख रुपये की लागत से पार्किंग स्थल के निर्माण, फल एवं सब्जी उप-मंडी चैरी-बिहाल (मनाली) में 2.66 करोड़ रुपये की लागत से किसान भवन, चारदीवारी के निर्माण और सुरक्षा के लिए वायरक्रेट्स लगाने तथा पतलीकूहल फल एवं सब्जी उप-मंडी में 52 लाख रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार एवं चारदीवारी के निर्माण और यार्ड क्षेत्र में मेटलिंग कार्य की आधारशिलाएं रखीं। जय राम ठाकुर ने फल एवं सब्जी उप-मंडी बिलासपुर में 2.84 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला परिसर के निर्माण, 1.85 करोड़ रुपये की लागत से नई अनाज उप-मंडी मजारी के निर्माण, मुख्य मंडी सोलन में 52 लाख रुपये की लागत से कोटा स्टोन लगाने और सुरक्षा दीवार के निर्माण और टर्मिनल मंडी परवाणु में 2.74 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्यों का भी शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोल्ड चेन अधोसंरचना स्थापित की जाएगी, जिसके पहले चरण में शिमला जिला की पराला मंडी के लिए योजना तैयार की गई है। इसी के अंतर्गत खड़ा पत्थर में 60 मीट्रिक टन क्षमता के प्री-कूलिंग चेंबर स्थापित किए जाएंगे और फलों व सब्जियों की ढुलाई के लिए पांच वातानुकूलित वाहन भी खरीदे जाएंगे। इस कार्य पर 59.25 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन किसानों व बागवानों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि आज कृषि व बागवानी उत्पादों के विपणन के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास किए गए। इससे किसानों की आर्थिकी मजबूत करने में सहायता मिलेगी, क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ग्रामीण आर्थिकी में प्रदेश की आर्थिकी को संबल प्रदान किया है। प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की परिकल्पना के बिना कोई भी प्रगति के बारे में नहीं सोच सकता है। इस महामारी ने यह बात फिर से साबित की है कि किसान हमारी आर्थिकी की रीढ़ है और यही कारण है कि प्रदेश सरकार कृषक समुदाय को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पेटियों, ट्रे और अन्य सामग्री के पर्याप्त प्रबन्ध किए हैं, ताकि बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में कोई असुविधा न आए। सरकार के व्यापक प्रबन्धों के कारण बागवानों को इस सीज़न में चेरी के बेहतर दाम मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ने मामला उठाकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि प्रदेश के सेब उत्पादकों को नई दिल्ली में अपना उत्पाद बेचने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं के शिलान्यास किए गए हैं, उन्हें आगामी डेढ़ वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को भी बड़े स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है, क्यांेकि प्राकृतिक उत्पाद न केवल सेहत के लिए अच्छे हैं, बल्कि किसानों को इनके एवज में बेहतर दाम भी प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री ने भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त शिमला के भट्टाकुफर विपणन यार्ड पर चिन्ता व्यक्त करते हुए इसके पुनः निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कार्य में हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बागवानों की सुविधा के लिए पर्याप्त मात्रा में श्रमिकों का प्रबन्ध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपणन बोर्ड को छोटे संपर्क मार्ग निर्मित करने की मंजूरी दी जाएगी, जिससे विशेषकर किसानों को उनके उत्पादों के विपणन के लिए परिवहन सुविधा प्राप्त हो सके। जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर कुछ वरिष्ठ आढ़तियों और व्यापारियों को भी सम्मानित किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से यह सुनिश्चित हो पाया है कि देश के किसान सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। इसके लिए केन्द्र सरकार प्रत्येक किसान को वर्ष में तीन बार दो हजार रुपये किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री घोषित हुए हैं, जो राज्य के लोगों के लिए सम्मान की बात है। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद और राज्य भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश के विकास की गति प्रभावित न हो। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन समारोह वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग भाग्यशाली हंै कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के रूप में प्रदेश को एक ईमानदार और गतिशील नेतृत्व मिला है। राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं ने प्रदेश के लोगों का जीवन परिवर्तित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भण्डारी ने एक ही दिन में 198 करोड़ रुपये लागत की 22 परियोजनाओं के शिलान्यास पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपणन बोर्ड ने कोविड-19 महामारी के दौरान यह सुनिश्चित किया कि किसानों और बागवानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो। बोर्ड प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में विशेष भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर एपीएमसी शिमला किन्नौर के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने एपीएमसी द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर एपीएमसी मण्डी के अध्यक्ष दलीप ठाकुर, एपीएमसी कुल्लू लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष अमर सिंह, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप और बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्रमशः मण्डी, कुल्लू, सोलन और बिलासपुर से लोगों को सम्बोधित किया। आढ़ती संघ के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधायक बलबीर वर्मा, हिमफेड अध्यक्ष गणेश दत्त, सक्षम गुड़िया बोर्ड उपाध्यक्ष रूपा शर्मा, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की अध्यक्ष शशि बाला, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा, बागवानी सचिव अमिताभ अवस्थी, एचपीएमसी प्रबन्ध निदेशक देवाश्वेता बनिक और अन्य अधिकारी इस अवसर पर शिमला में उपस्थित थे। कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, सांसद रामस्वरूप शर्मा और इन्दु गोस्वामी, प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष डेजी ठाकुर और अन्य नेताओं ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां से वीडियो काॅन्फ्रंेसिंग के माध्यम से जिला ऊना के गगरेट विधानसभा क्षेत्र में लगभग 73.10 करोड़ रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण किए व आधारशिलाएं रखीं। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत नकरोह खड्ड पर सन्काली से गोलक नगर सम्पर्क सड़क मार्ग पर 1.67 करोड़ रुपये की लागत से बने 73 मीटर लंबे पुल, नाबार्ड के अन्तर्गत बन्ने-दी-हट्टी से शिवपुर निचला मुबारकपुर सड़क पर 1.70 करोड़ रुपये की लागत से बने 30 मीटर लंबे पुल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मुबारकपुर में 74 लाख रुपये की लागत से निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला और 49 लाख रूपये की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गगरेट के अतिरिक्त भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जलजीवन मिशन के अन्तर्गत गगरेट ब्लाॅक में शेष घरों के लिए 26.81 करोड़ रूपये की पाईप लाईन जलापूर्ति योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 12.07 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शिवबाड़ी से ध्वाली सड़क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 10.62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ब्रह्मपुर से भद्रकाली ज्लो-दी-बार चिंतपूर्णी सड़क, भद्रकाली में 8.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गगरेट के भवन, नाबार्ड के अंतर्गत 6.52 करोड़ रुपये की लागत से गगरेट ऊना सड़क पर मावा सिंधियान, संघनाई, घनाड़ी और अम्बोआ खड्ड पर बनने वाले चार पुलों, घनाड़ी में 2.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तहसील भवन और 1.97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर के अतिरिक्त भवन की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने समूचे विश्व की वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस संक्रमण से विकास की गति प्रभावित न हो, इसलिए प्रदेश के विभिन्न भागों में विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं और लोकार्पण आरम्भ कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए प्रदेश सरकार को हर संभव सहायता प्रदान की है। केन्द्र सरकार ने इस संक्रमण से निपटने के लिए 1.16 लाख पीपीई किट, लगभग तीन लाख एन-95 मास्क और 500 वेंटिलेटर राज्य को प्रदान किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है और परीक्षा की इस घड़ी में पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश की विकासात्मक जरूरतों के प्रति हमेशा से उदार रहे हैं। उन्होंने केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का केन्द्रीय स्तर पर प्रदेश से जुड़े मामलों को प्रभावशाली तरीके से रखने के लिए आभार व्यक्त किया।
बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को कोरोना काल में हिमाचल प्रदेश में उतपन्न हुई समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव तथा शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रान्त मंत्री राहुल राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में हुई तालाबंदी से शैक्षणिक प्रक्रिया में भी काफी नुकसान हुआ है। विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने 11,12 मई 2020 को प्रदेश क 9920 छात्रों से फोन के माध्यम से संपर्क करते हुए शिक्षा जगत के विषयों पर चर्चा की । विद्यार्थियों के माध्यम से अकादमिक जगत के सम्बंध में अनेक प्रकार के सुझाव विद्यार्थी परिषद को दिए गए । अन्य सुझाव के साथ उन छात्रों के सुझावों को ज्ञापन के रूप में हम आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे है तथा क्रियान्वयन हेतु निवेदन करते है। सुझाव निम्नलिखित है: 1. प्रदेशवासी इस समय आर्थिक तंगी से जूझ रहे है, कुछ निजी शिक्षण संस्थान एवम हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय के कुछ व्यावसायिक कोर्स(UIIT,UILS) में पूरी फीस ली जा रही है अतः सभी सरकारी एवम निजी शिक्षण संस्थानों में आने वाले सत्र में पूरा शुल्क न लेकर सिर्फ Tution fees ही ली जाए। 2. Sanitization एवं शारीरिक दूरी(physical distancing) के अनुपालन करते हुए महाविद्यालयों एवम विश्विद्यालयों में आने वाले समय मे परीक्षाएं करवाई जाए। 3. दूरस्थ शिक्षा केन्द्र एवं ऑनलाइन माध्यमो से शिक्षा को व्यापक प्रोत्साहन हेतु सभी स्तरों पर योजनाएं बनाई जाए तथा हर शिक्षण संस्थान में आधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल बैवीनार कक्ष बनाए जाए। 4. नए सत्र से पाठ्यक्रम को पूर्ण करने हेतु ई कक्षाएं, ऑनलाइन व्याख्यान में इंटरनेट सुविधा की कमी के कारण सहभागी न हो पाने वाले विद्यार्थियों हेतु पठन सामग्री डाक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। (उदारहण : ICDEOL) 5.हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय विश्विद्यालय में placement cell बनाया जाए और उसे श्रम और रोजगार विभाग, हि.प्र के साथ जोड़ा जाए, ताकि COVID-19 की परिस्तिथि में नए pass outs के लिए रोजगार की उपलब्धता हो पाए साथ ही, प्रत्येक महाविद्यालय के placement cell को सशक्त किया जाए ताकि रोजगार के अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों को महाविद्याल से ही मिल पाए। 6. पिछले 2 सालों से प्रदेश के छात्रों को SC/ST छात्रवृत्ति न मिलना निराशाजनक है अतः शीघ्र लंबित पड़ी छात्रवृति को दिया जाए। 7. हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय के इक्डोल (ICDEOL) में बढ़ी हुई फीस को वापिस लिया जाए। 8. Covid-19 के चलते महाविद्यालयों एवम विश्विद्यालयों के छात्रावासों में रह रहे छात्रों का छात्रावास शुल्क माफ किया जाए । 9. क्लस्टर विश्विद्यालय(मंडी) में इसी सत्र से कक्षाएं शुरू की जाए। 10. कृषि एवं बागवानी विश्विद्यालयों में भारी भरकम फीस को कम किया जाए। 11. हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में परीक्षा परिणामो में गड़बड़ियों को दूर कर समय पर परिणाम घोषित किए जाए। 12. प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों में 2020-21 सत्र प्रवेश प्रक्रिया में आर्थिक पिछड़ा वर्ग को भी सम्मिलित कर दाखिला दिए जाएं। कोरोना वायरस के कारण उत्तपन्न हुई इस विशेष परिस्तिथि को देखते हुए अकादमिक जगत में वांछनीय परिवर्तन करने हेतु ये कुछ बिंदु हमने प्रस्तुत किए है। महामारी के समाप्ति के पश्चात प्रदेश के विद्यार्थी समुदाय के जीवन मे उत्तपन्न होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु इन सुझावों का उपयोग किया जा सकता है।
रोहड़ू के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने प्रदेश सरकार को कड़घरे में खड़ा किया हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जब से भाजपा सरकार बनी है, रोहड़ू विधानसभा के साथ राजनीति द्वेष के साथ काम कर रही हैं। विकास समेत अन्य मामलों में रोहड़ू के साथ भेदभाव की भावना से काम हुआ है। यह बात विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने अपने चार दिवसीय रोहड़ू दौरे पर कही। उन्होंने बताया कि रोहडू में एक भी नया काम सरकार नहीं कर पाई है। स्वास्थ्य विभाग में अनके पद खाली चल रहे हैं। सिविल अस्पताल रोहड़ू एक साल से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के न होने से लोगो को मजबूरी में निजी अस्पताल में जाकर इलाज करना पड़ रहा है। अप्रैल 2020 से एक्स रे मशीन खराब हुई है। पांच महीने होने जा रहे है अभी तक मशीन ठीक नही की गई है। रोहड़ू हास्पिटल की हालत दिन प्रति दिन खराब हो रही है । ब्राक्टा ने बताया कि सेब सीजन पूरे चरम पर है लेकिन सम्पर्क सड़को की हालत बहुत की दयनीय है जिसके चलते बागवानों को मंडियों तक सेब पहुचाने में बहुत भारी पेरशानी झेलनी पड़ रही हैं सरकार व प्रशासन के सेब सीजन को लेकर सारे दावे हवाहवाई हो रहे हैं। सभी विभागों में कर्मचारियों कमी चल रही है जिनको भरने की अपेक्षा उल्टे इस कोरोना काल मे यहां से अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे हैं। हाल ही में ही वन विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक का तबादला चंबा किया गया है। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय चंबा से रामपुर के लिए तबादले के आदेश किए। रोहड़ू में पद अधीक्षक सहित कई पद पहले से खाली चल रहे है। ऊपर से वरिष्ठ सहायक का तबादला करना जोकि पूर्ण रूप से राजनीति द्वेष की भावना से किया गया है जिस में झूठी शिकायत व बिना किसी जांच के मुख्यमंत्री रोहड़ू भाजपा के लोगो के कहने पर कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले करके रोहड़ू के साथ भेदभाव करके क्षेत्र को हाशिये पर खड़ा कर दिया है।
विधृत उपमंडल रोहड़ू के तहत सीवरेज व राधास्वामी पेट्रोल पंप क्षेत्र में जरूरी मरमम्त करने के चलते 26 और 27 अगस्त को सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत् आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता शुभम चौहान ने बताया कि 22 केवी फिडर लोअरकोटी में जरूरी मुरम्मत के चलते यह शटडाउन लिया जा रहा हैं। उन्होने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
रोहड़ू उपमंडल के तहत कुई पंचायत के उप्रधान देसराज शर्मा नें सड़क पर पड़े मिले 17,400 रुपए के एक चैक को संबधित व्यकित को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की हैं। बात मंगलवार सुबह की जब देसराज वे एसडीएम कार्यालय की तरफ जारहे थे। तो उन्हें यह चैक सड़क पर पड़ा मिला। उन्होंने इस चैक को एसडीएम कार्यालय में एसडीएम के नीजी सहायक को लौटाना चाहा जिस पर इस चैक के जारीकर्ता संबधित आढ़ती से संपर्क किया जिन्होंने चैक के मालिक से संपर्क कर बुलाया। इस बाद चैक के मालिक अनिल कुमार निवासी गांव बशला को यह चैक सौंपा गया। अनिल कुमार ने देसराज का धन्यावाद किया।
एस.एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में फ़ीस वृद्धि के खिलाफ विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया। एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई का मानना है आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है और पिछले काफी लंबे समय से सभी शिक्षण संस्थान बन्द हैं और जिस कारण छात्र पढ़ाई से काफी महीने से वंचित हैं और इस विपरीत संकट में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में फ़ीस को बढ़ाना छात्रों के साथ अन्याय है क्योंकि छात्र पहले से ही विश्वविद्यालय में परीक्षा न होने के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं। SFI का कहना है कि अभी यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजीमें छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएँ हो रही हैं वहां पर प्रशासन और निदेशक की मिलीभगत के द्वारा छात्रों पर अतिरिक्त misllaneous charges लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के छात्रों का कहना है कि जो पिछले सेमस्टर में छात्रों से अलग-अलग फंड लिया गया था वह कहीं भी खर्च नही किया गया है। उच्चतम न्यालय ने दिशा निर्देश दिए है की इस महामारी के समय शिक्षण शुलक को छोड़कर किसी भी प्रकार का कोई भी अतिरिक्त शुलक न लिया जाए परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च न्यायालय के निर्णय का उल्लंघन किया है। एस एफ आई ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द अगर प्रशासन इस पर कार्रवाई नहीं करता है तो एस एफ आई विश्वविद्यालय में आंदोलन का आगाज करेगी जिसका खामियाजा विश्वविद्यालय प्रशासन को भुगतना पड़ेगा।
प्रदेश कार्यसमिति बैठक में दो राजनीतिक प्रस्ताव लाए गए। इनमें पहला प्रस्ताव केंद्र की उपलब्धियों को लेकर मंडी से सांसद रामस्वरूप शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्ताव का अनुमोदन प्रदेश सचिव पायल वैद्य और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नरेंद्र अत्री द्वारा किया गया। प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को मजबूत करने का काम कर रही है। देश में अटल पेंशन योजना देश में एक बड़ी योजना के रूप में उभर कर आई है, जिसमें हर नागरिक को 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ मिलेगा। देश के 80 करोड़ लोगों को 8 माह के लिए मुफ्त राशन केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार की दे सकती थी। उन्होंने ने कहा कि देश की 8 करोड़ बहनों को गैस कनेक्शन देने का काम मोदी सरकार ने किया और इस कोविड-19 के संकट काल में 3 माह तक मुफ्त सिलेंडर भी दिया। मोदी सरकार सही मायने में सभी वर्गों के लिए काम कर रही है। विकलांगों वृद्धों और विधवाओं के लिए एक लाख एक हजार करोड़ का बजट आवंटन किया गया जिसके अंतर्गत 3 माह तक सभी को 1 हज़ार मिले।
-हर वर्ष बचेंगे करोड़ों, रुकेगा भूमि कटाव और सरकारी नलों पर निर्भरता भी होगी कम -छावनी बोर्ड सुबाथू, जतोग कैंट और एमसी सोलन बचा रहे लाखों लीटर पानी प्रदेश में हर वर्ष जल संकट बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार ने आज तक वर्षा जल संग्रहण के लिए कोई कारगर योजना तैयार नहीं की है। बारिश के दिनों में लाखों-करोड़ों लीटर पानी आकाश से बरसता है और यदि उसका सही तरीके से संग्रहण किया जाए तो न केवल हिमाचल में किसी भी मौसम में जल संकट समाप्त हो जाएगा, बल्कि सरकार का करोड़ों रुपये बचेगा, भूमि कटाव की समस्या कम होगी और लोगों की सरकारी पेयजल योजनाओं पर निर्भरता कम हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश के पारंपरिक प्राकृतिक जलस्त्रोत फिर से पुनर्जीवित हो उठेंगे। दिन-प्रतिदिन पानी की बढ़ रही समस्या को देखते हुए पिछले कई वर्षों से यह कहा जा रहा है कि अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा, लेकिन यदि इंसान प्रकृति से खिलवाड़ न करे और उसके विरुद्ध न चले तो इस कथित विश्वयुद्ध को टाला जा सकता है। इसके लिए सरकारों की इच्छाशक्ति का होना बेहद जरूरी है। कुछ दशकों पहले तक बरसात के मौसम में जोहड़ों और कच्चे तालाबों के माध्यम से बारिश के पानी का संग्रहण किया जाता था, जिससे साल भर तक प्राकृतिक जलस्त्रोत रिचार्ज रहते थे और उनमें पानी की कमी नहीं आती थी, लेकिन समय के बदलाव के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जोहड़ और तालाब मिट्टी से भर गए और लोगों की निर्भरता पूरी तरह से सरकारी नलों पर हो गई। शहरों की बात छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग नलों के पानी पर ही निर्भर हो गए हैं, बहुत कम क्षेत्रों में लोग कुओं या बावडिय़ों से पानी ढोते हुए नजर आते हैं। केंद्र सरकार के जलशक्ति मिशन के तहत अब सरकार ने आने वाले समय में हर घर को नल देने की विस्तृत योजना तैयार की है और हर माह देश भर में लाखों पानी के कनेक्शन दिए भी जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने यह नहीं सोचा कि जब हमारी नदियों या बड़े जलाश्यों में ही पानी नहीं बचेगा तो अरबों रुपये की यह योजनाएं किस काम की रहेंगी। सरकार को चाहिए कि बारिश के पानी का संग्रहण करने की विस्तृत योजना तैयार करे और जिन लोगों के पास अपनी भूमि है, वहां पानी के बड़े भंडारण टैंकों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक निर्माणधीन भवन का नक्शा तभी पास किया जाए जब उसमें वर्षा के जल संग्रहण टैंक के निर्माण का प्रावधान हो। टीसीपी में हालांकि यह प्रावधान तो है, लेकिन इन टैंकों को सरकारी नलों में आने वाले पानी से भर कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। वर्षा के पानी को बनाया जा सकता है सौ प्रतिशत शुद्ध प्रदेश के सबसे पुराने छावनी क्षेत्र सुबाथू के अलावा शिमला के जतोग कैंट और नगर परिषद सोलन में हजारों लीटर वर्षा के पानी को संरक्षित किया जा रहा है। यह पानी मिनरल वॉटर की तरह शुद्ध हो कर हजारों लोगों की प्यास बुझा रहा है। लैबोरेटरी से इस पानी में शून्य प्रतिशत बेक्टीरिया होने की पुष्टि की गई है। हालांकि सुबाथू में तो छावनी बोर्ड ने पानी को और अधिक शुद्ध बनाने के लिए अतिरिक्त फिल्टर लगाए हैं, लेकिन मात्र 85 सौ रुपये लागत का फिल्टर लगा कर कर एक मध्यम वर्गीय परिवार भी एक वर्ष में कम से कम 100 दिनों का पानी बचा सकता है। प्रदेश में औसतन 70 से 120 सेंटीमीटर बारिश होती है और एक सेंटीमीटर बारिश होने पर एक हजार वर्ग मीटर छत से एक हजार लीटर पानी बर्बाद होता है या यूं कहें कि उसे बचाया जा सकता है। सीमित संसाधनों वाले स्वायत्त छावनी बोर्ड प्रशासन ने वर्षा जल संग्रहण में रुचि दिखाई और इसका नतीजा यह हुआ कि आज इन क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर हो गया है। छावनी बोर्ड कार्यालय की सभी छतों का पानी पाइप के माध्मय से फिल्टर होकर बड़े भंडारण टैंक में एकत्रित किया जाता है और उसके बाद उसे लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। किसी भी मौसम में नहीं होगी पानी की किल्लत हिमाचल सरकार भी यदि पहल करे तो किसी भी मौसम में पानी की किल्लत नहीं होगी। गर्मियों में नदियों व जलस्त्रोतों का पानी सूख जाता है, वहीं, भारी बारिश होने पर गाद से पेयजल योजनाएं बंद हो जाती हैं, जिससे सरकार को मशीनरी बर्बाद होने पर करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। टैंकरों पर भी सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसे में यदि हर स्कूल की छत, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक भवनों और हर घर की छत से वर्षा जल संग्रहण किया जाए तो हर वर्ष करोड़ों रुपये बच सकते हैं, बस आवश्यकता है तो सरकार के संकल्प व इच्छा शक्ति की, क्योंकि अभी तक प्रदेश सरकार ने छावनी परिषदों की भांति वर्षा के जल संग्रहण में कोई रुचि नहीं दिखाई है।


















































