देहरा: जिला प्रशासन की मासिक बैठकों की सूचना को सार्वजनिक करने के लिए अधिवक्ता अभिषेक पाधा ने डीसी को लिखा पत्र
देहरा के अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक पाधा ने जिला प्रशासन कांगड़ा को एक महत्वपूर्ण जनहित सुझाव देते हुए उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजा है। उन्होंने जिला मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित होने वाली मासिक प्रशासनिक समीक्षा बैठकों की अग्रिम सूचना सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
अभिषेक पाधा ने कहा कि जिला मुख्यालय धर्मशाला में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली समीक्षा बैठकों में जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भाग लेने के लिए बुलाया जाता है। प्रशासनिक समन्वय और कार्यों की समीक्षा के लिए ये बैठकें अत्यंत आवश्यक एवं सराहनीय हैं, लेकिन इनकी पूर्व जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचने के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। ऐसे में ज्वालामुखी, नूरपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपने राजस्व, भूमि एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए उपमंडल और तहसील कार्यालयों में पहुंचते हैं। लेकिन अधिकारियों के मासिक बैठक में होने के कारण उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ता है।
पाधा के अनुसार इससे आम जनता का बहुमूल्य समय, वाहन का ईंधन, आर्थिक संसाधन और श्रम व्यर्थ होता है। साथ ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है।
उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा से आग्रह किया है कि मासिक बैठकों का कार्यक्रम कम से कम दो से तीन दिन पूर्व स्थानीय समाचार पत्रों, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों तथा जिला प्रशासन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए। इससे आम नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आने की योजना बना सकेंगे और अनावश्यक परेशानियों से बच सकेंगे।
