धर्मशाला : प्रदर्शन के बाद अब भूख हड़ताल पर बैठा राजकीय महाविद्यालय प्राध्यपक संघ
-- 23 जून को भी किया गया गया था विरोध प्रदर्शन
-- मांगे न मानी गई तो तीव्र होगा आंदोलन - डॉ विक्रम वत्स
शनिवार को राजकीय महाविद्यालय प्राध्यपक संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश व्यापी आवाहन पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला इकाई द्वारा एक दिवसीय भूक हड़ताल की गई। इससे पहले भी 23 मई को राजकीय महाविद्यालय प्राध्यपक संघ विरोध प्रदर्शन कर चूका है। शनिवार की यह भूख हड़ताल इकाई अध्यक्ष डॉ विक्रम वत्स और महासचिव डॉ रंजीत ठाकुर के नेतृत्व में की गई। स्थानीय इकाई अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में बताया कि सम्पूर्ण देश के सभी राज्यों व् केंद्र शासित प्रदेशों में मात्र हिमाचल प्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जहाँ यूजीसी वेतन मान को अभी तक लागु करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी राजकीय महाविद्यालय प्राध्यपक संघ की ओर से समय समय पर सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया, लेकिन पिछले 6 वर्षों से लंबित इस मांग को राज्य सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है। अतः अब मज़बूर हो कर हिमाचल प्रदेश महाविद्यालय प्राध्यपक संघ एक दिवसीय भूख हड़ताल की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही यूजीसी के सातवें वेतनमान को हिमाचल में लागु न किया गया तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और ज्यादा तीव्र किया जाएगा। इसके साथ ही नियुक्तियों की तिथि से वरिष्ठता लाभ व् एमफील और पिएचडी की रुकी हुई वेतन वृद्धि को शीघ्र बहाल करने के बारे में भी सरकार को चेताया गया।
इस सांकेतिक भूक हड़ताल में डॉ विनोद शर्मा, प्रो सलिल सागर, प्रो रजनीश देवान, डॉ अजय चौधरी, डॉ बिना मनकोटिया, डॉ हर्षा राणा, प्रो सोनिका, प्रो सरिता, डॉ सोनम, डॉ माधवी पराशर, प्रो रीता ठाकुर, डॉ भरत बरोगी, डॉ विवेक, डॉ राजेश शर्मा, डॉ गौरव महाजन, डॉ अजय, प्रो निशेष, प्रो सचिन, प्रो बालकराम, प्रो सन्देश और प्रो कुमार कैलाश सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यपक गण मौजूद रहे।
