शिमला: दोबारा नियुक्त होंगे रिटायर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी, जानें
जिला में मेहनताना के आधार पर तहसीलदार/नायब, तहसीलदार/पटवारी के खाली पदों पर दोबारा नियुक्ति के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के साथ 31 जनवरी 2026 तक या उससे पहले डिप्टी कमिश्नर, शिमला (हि.प्र.) के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। तय तिथि के बाद प्राप्त या अधूरे आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में तहसीलदार के 3 पद, नायब तहसीलदार का 1 पद, कानूनगो का 1 पद और पटवारी के 70 पद भरे जाने हैं। आवेदन पत्र जिला शिमला की आधिकारिक वेबसाइट http://hpshimla.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने सेवानिवृत्ति से पहले राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम 5 वर्ष की सेवा दी हो और उसके विरुद्ध कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो। इसके लिए संबंधित रिटायर्ड व्यक्ति को अपने मूल विभाग से प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। उम्मीदवार की आयु 31 जनवरी 2026 को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मेहनताना के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार को 70,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड नायब तहसीलदार को 60,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड कानूनगो को 50,000 रुपये प्रति माह और रिटायर्ड पटवारी को 40,000 रुपये प्रति माह मेहनताना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों को पहली बार तीन महीने के लिए दोबारा नियुक्त किया जाएगा, जिसे कार्य निष्पादन और आवश्यकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आवेदनों की संख्या पदों से अधिक हुई, तो कम आयु वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
दोबारा नियुक्ति की अवधि को सेवानिवृत्ति से पूर्व दी गई सेवा के किसी भी लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाएगा। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। नियुक्त कर्मचारियों को एक महीने की सेवा पूरी करने पर एक दिन की कैजुअल छुट्टी मिलेगी, अन्य किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी और उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा। ड्यूटी के दौरान सरकारी कार्य से यात्रा करने पर संबंधित कर्मचारियों को नियमित समकक्ष अधिकारियों के न्यूनतम वेतनमान के अनुसार टीए/डीए दिया जाएगा। रिटायर्ड कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा।
उपायुक्त ने बताया कि दोबारा नियुक्त किए गए रिटायर्ड कर्मचारियों को मासिक वेतन कार्य निष्पादन प्रमाण पत्र के आधार पर दिया जाएगा, जिसमें उनके द्वारा निपटाए गए मामलों का विवरण भी शामिल होगा। लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इन नियुक्तियों से वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और नियमित अधिकारियों के उपलब्ध होते ही यह नियुक्तियां समाप्त की जा सकती हैं।
