कांगड़ा : डी.ए.वी. विद्यालय भड़ोली नादौन में तीन दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ
डी.ए.वी. विद्यालय भड़ोली में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से 5 से 7 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विद्यालय के कक्षा तीसरी से सातवीं तक के लगभग 240 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस शिविर में भाग लिया।
समर कैंप के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें चित्रकला, पेंटिंग, गायन एवं नृत्य प्रमुख रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं सृजनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
समर कैंप का एक विशेष आकर्षण ‘वैदिक चेतना शिविर’ रहा। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को योग, हवन तथा चरित्र निर्माण संबंधी मंत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ा गया। विद्यार्थियों को अग्नि, सूर्य, वायु, पृथ्वी एवं आकाश नामक पाँच समूहों में विभाजित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, सहयोग एवं अच्छे संस्कारों का विकास करना रहा।
इस आयोजन में विद्यालय के सभी अध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह एवं ऊर्जा बनी रही।
समर कैंप के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से राजेंद्र शर्मा( व्याख्याता – राजनीति विज्ञान, योग प्रशिक्षक पब्लिक स्पीकर एवं मंच उद्घोषक को आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण, संस्कारों तथा वाणी के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति की पहचान केवल उसकी प्रतिभा से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, चरित्र और वाणी से भी होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि वाणी में बहुत शक्ति होती है—हमारे शब्द किसी के मन को प्रसन्न भी कर सकते हैं और आहत भी। इसलिए युवाओं को सदैव मधुर, संयमित, सकारात्मक एवं सत्य वाणी का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने शिविर के दौरान करवाई गई विभिन्न गतिविधियों को भी विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए उनके महत्व को समझाया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार गुलेरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को समर कैंप की सफल शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दीं।
