हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड फैसला, एक साल तक परीक्षा नही दे पाएंगे नकल के दोषी 12 परीक्षार्थी
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में नकल करने का दोषी पाए जाने पर 12 परीक्षार्थियों को एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। वहीं कुछ परीक्षार्थियों का संबंधित पेपर रद्द भी कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में 114 नकल के मामले पकड़े गए हैं। 8वीं का एक, 10वीं के 41 व 12वीं के 72 मामले हैं। नकल करते पकड़े गए इन परीक्षार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपना पक्ष रखने का मौका भी प्रदान किया। नकल के मामलों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के समक्ष इन परीक्षार्थियों ने अपना पक्ष रखा। कुछ मामले दोषमुक्त हुए हैं जबकि कुछ मामलों में परीक्षार्थियों को सजा प्रदान की गई है।
सत्र नवम्बर 2022 में 8वीं के नकल के एक मामले में परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द कर दिया गया है। 10वीं के 7 मामलों में परीक्षार्थी एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित हो गए है। वहीं 32 मामलों में परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द हुआ है तथा 2 मामले दोषमुक्त हुए हैं। इसके अलावा 12वीं में 5 मामलों में परीक्षार्थी पेपर देने के लिए एक साल तक अयोग्य घोषित हुए हैं। इसके अलावा 12वीं में ही 67 नकल के मामलों में बोर्ड ने संबंधित पेपर रद्द कर दिया है। वहीं सत्र जून-2022 (डीएलएड सीईटी) एंट्रैंस में एक मामले में परीक्षार्थी का पेपर रद्द कर दिया गया है। सत्र मार्च 2022 दूसरे टर्म में दसवीं के 15 तथा 12वीं के 81 नकल के मामले में बोर्ड ने परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द किया है। वहीं 10वीं के एक मामले में परीक्षार्थी दोष मुक्त हुआ है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डाॅ. मधु चौधरी ने कहा कि 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में नकल करते कई परीक्षार्थी पकड़े गए थे। दोष साबित होने पर कुछ परीक्षार्थियों को एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। कुछ परीक्षार्थियों का संबंधित पेपर रद्द भी कर दिया गया है।
