'दुबई चले जाते हैं, लेकिन हमीरपुर जाने को तैयार नहीं डॉक्टर', मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी पर CM सुक्खू का जवाब
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम जिला चंबा के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र के सातवें दिन यानी सोमवार को सदन में उठा. सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार डॉक्टरों को 5 लाख रुपये तक का वेतन देने के लिए तैयार है, लेकिन डॉक्टर चंबा तो दूर हमीरपुर और नेरचौक जैसे शहरों में भी जाने के लिए तैयार नहीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन विज्ञापन जारी होने के बावजूद कई पद खाली रह जाते हैं.
दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान चंबा सदर से विधायक नीरज नैय्यर ने चंबा मेडिकल कॉलेज में विभिन्न पदों पर भर्ती की स्थिति को लेकर सवाल पूछा था. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नए भवन का हाल ही में उद्घाटन हुआ है. फिलहाल वहां तीन ओपीडी चल रही हैं, लेकिन अस्पताल को पूरी तरह सुचारु रूप से चलाने के लिए विभिन्न पदों पर कम से कम 150 से 200 नियुक्तियां करने की जरूरत है.
विधायक के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार को अलग तरीके से सोचने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चंबा में 5 लाख रुपये के वेतन पर प्रोफेसर नियुक्त करने के लिए तैयार है, लेकिन डॉक्टर वहां जाने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने बताया कि विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन भी जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद पद भरे नहीं जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा प्रदेश के एक कोने में स्थित है और यहां डॉक्टरों को लाना बड़ी चुनौती है. इसलिए चंबा के लिए अलग रणनीति बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन डॉक्टरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बनी हुई है. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज को भी सुदृढ़ करने में सरकारों को लंबा समय लगा. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले 40 वर्षों से ऐसी व्यवस्था चली आ रही है, जिसमें अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या पूरी नहीं हो पाती. सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए प्रयास कर रही है.
