देनदारी का डर दिखाकर मांगी ₹5 लाख की रिश्वत, CBI ने आयकर अधिकारी पर दर्ज की FIR
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रेलवे बोर्ड भवन, शिमला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में तैनात आयकर अधिकारी वरुण खारी के खिलाफ पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज की है। आरोप है कि एक कारोबारी पर करीब 18 लाख रुपये की आयकर देनदारी का दबाव बनाकर रकम कम कराने और मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांगी गई। CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CBI के अनुसार, सोलन जिले के मांगू (अर्की) निवासी कारोबारी लाभचंद को 7 अगस्त को आयकर विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी जमा करने को कहा गया था। कारोबारी ने अपने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराई।
आरोप है कि 8 सितंबर को दस्तावेजों के साथ आयकर अधिकारी से मुलाकात के दौरान 8,97,160 रुपये की पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी भी बताई गई। इस तरह कुल रकम करीब 17.94 लाख रुपये बताई गई।
राहत देने के बदले मांगे पांच लाख
आरोप के मुताबिक, कारोबारी को इस देनदारी में राहत दिलाने और मामला निपटाने के बदले आयकर अधिकारी ने पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद कारोबारी ने CBI में शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने 9 सितंबर को शिकायत के सत्यापन की कार्रवाई शुरू की। शुरुआती संपर्क 103 बस स्टॉप के पास हुआ। इसके बाद फागली स्थित सरकारी क्वार्टर में CBI टीम ने बेस कैंप बनाया। सत्यापन के दौरान कंसल्टेंट के कपड़ों में डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर लगाया गया और बातचीत रिकॉर्ड की गई। CBI के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कथित रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत सामने आई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, बातचीत के दौरान पहले चार लाख रुपये देने की मांग की गई। बाद में तीन लाख रुपये तत्काल और दो लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने पर सहमति बनने की बात सामने आई।
इसके बाद अधिकारी के व्हाट्सऐप नंबर से कंसल्टेंट को कॉल आने और बातचीत के बाद तीन लाख रुपये लेकर टूटू स्थित पावर हाउस के पास पहुंचने की बात तय होने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के आधार पर CBI ने 9 सितंबर को FIR दर्ज कर ली। मामले की जांच इंस्पेक्टर सुशील को सौंपी गई है।
CBI ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
