'सम्मान की जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिल रहे समन'......कुलदीप राठौर ने फिर सरकार को दिखाया आइना !

"मुकेश जी, हमारे कार्यकर्ताओं का भी कुछ ख्याल रखिए... इन्हें आज भी समन भेजे जा रहे हैं।"
ये गुज़ारिश की है कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने—खुले मंच से, सबके सामने। कांग्रेस एकत्र तो खड़गे पर अनुराग ठाकुर के ब्यान की निंदा करने को लेकर हुई थी मगर इसी बहाने कांग्रेस के कार्यर्ताओं का असल दर्द भी सामने आ ही गया। वही दर्द जो कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के सत्ता में आने से लेकर अब तक झेल रहे है, वही दर्द जिसका ज़िक्र प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता बार बार कर चुके है और व्ही दर्द जिससे सत्तासीन कांग्रेस नेताओं को बहुत फर्क पड़ता नहीं दीखता। ये टीस कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप राठौर एक बार फिर सबके सामने ले आए। कुलदीप राठौर ने बिना लाग-लपेट कह दिया— कांग्रेस की असली ताक़त ये कार्यकर्ता हैं। सरकार बनाने में इन्हीं की मेहनत है। मगर आज भी इन्हें समन आ रहे हैं। इनकी भी सुनवाई होनी चाहिए। राठौर ने, एक तरह से, पार्टी को आईना दिखा दिया है। सत्ता में आने के बाद से ही इस सरकार पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लगते रहे हैं। एक ख़ास गुट को छोड़ दें, तो बाकी कार्यकर्ताओं में असंतोष खुलकर दिखता है। जिन्होंने विपक्ष में रहते पार्टी का झंडा उठाया, संघर्ष किया—आज वही कार्यकर्ता खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। न बोर्ड-निगमों में एडजस्टमेंट हुए, न राजनीतिक नियुक्तियाँ मिलीं, और तो और, छोटे-छोटे काम भी नहीं हो रहे। अब तो राठौर ने खुद कह दिया—"बीजेपी राज में कार्यकर्ताओं पर जो मामले दर्ज हुए थे, वो तक वापस नहीं लिए जा रहे।" सवाल बड़ा है—जब जमीनी कार्यकर्ता ही निराश होंगे, तो संगठन कैसे मज़बूत होगा?