लक्षित वर्गों के लिए कार्यान्वित किए जा रहे अधिनियमों की पूर्ण अनुपालना हो सुनिश्चित-केसी चमन
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए जहां अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं वहीं भारत के संविधान के तहत विभिन्न अधिनियमों एवं नियमों की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। इनका उद्देश्य लक्षित वर्गों को समय पर सहायता प्रदान करना और उनकी सुरक्षा के लिए विधि द्वारा स्थापित अधिनियमों की जानकारी प्रदान करना एवं इनके अनुरूप कार्य करना भी है। केसी चमन आज यहां अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत स्थापित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति के अंतर्गत गठित समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री 15-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं का समग्र लाभ तभी संभव है जब लक्षित वर्गों को इनकी जानकारी हो ताकि वे इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विभिन्न नियमों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित बनाई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न नियमों एवं अधिनियमों का पूर्ण पालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नियमित तौर पर आयोजित होने वाले दिव्यांगता आकलन शिविरों के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता अनुसार भी इनका आयोजन किया जाए ताकि पात्र व्यक्ति को उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र तुरंत मिल सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि 05 जनवरी, 2020 को अर्की उपमंडल के भूमती में आयोजित होने वाले जनमंच में दिव्यांगता आकलन के लिए शिविर आयोजित किया जाए। उन्होंने इस संबंध में संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी को उचित निर्देश जारी करने को कहा। केसी चमन ने उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को निर्देश दिए कि सोलन जिला में अल्पसंख्यकों को शिक्षा प्रदान करने के लिए कार्यरत विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित बनाएं कि उन्हें विधि द्वारा स्थापित अधिनियमों के अनुसार शिक्षा प्रदान की जा रही है। बैठक में राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अन्तर्गत गठित समिति द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के कानूनी संरक्षक के मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक आयु के 424 व्यक्ति मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। बैठक में अल्पसंख्यकों के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में विशेष पोषाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत मुस्लिम समुदाय के 2061, सिक्ख समुदाय के 1190 तथा इसाई समुदाय के 24 बच्चों को पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। मिड डे मील योजना के अंतर्गत मुस्लिम समुदाय के 1766, सिक्ख समुदाय के 263 बच्चे तथा इसाई समुदाय के 08 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। जिला में वर्तमान में 14 पंजाबी तथा 10 उर्दू शिक्षक कार्यरत हैं। जिला में वर्तमान में अल्पसंख्यक समुदाय के 481 छात्रों को नवीं से दसवीं कक्षा तक तथा 169 छात्रों को 11वीं से 12वीं कक्षा तक छात्रवृति प्रदान की जा रही है। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत गठित समिति द्वारा भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। जिला कल्याण अधिकारी बी.एस. ठाकुर ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, सहायक जिला न्यायवादी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह, उपनिदेशक उच्च शिक्षा योगेंद्र मखैक, जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रमोहन शर्मा, गणपति एजुकेशन सोसायटी कुनिहार के अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा, समितियों के गैर सरकारी सदस्य सीताराम चंदेल, माया राम सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे। लक्षित वर्गों के लिए कार्यान्वित किए जा रहे अधिनियमों की पूर्ण अनुपालना हो सुनिश्चित-केसी चमन उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए जहां अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं वहीं भारत के संविधान के तहत विभिन्न अधिनियमों एवं नियमों की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। इनका उद्देश्य लक्षित वर्गों को समय पर सहायता प्रदान करना और उनकी सुरक्षा के लिए विधि द्वारा स्थापित अधिनियमों की जानकारी प्रदान करना एवं इनके अनुरूप कार्य करना भी है। केसी चमन आज यहां अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत स्थापित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति के अंतर्गत गठित समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री 15-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं का समग्र लाभ तभी संभव है जब लक्षित वर्गों को इनकी जानकारी हो ताकि वे इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विभिन्न नियमों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित बनाई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न नियमों एवं अधिनियमों का पूर्ण पालन किया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नियमित तौर पर आयोजित होने वाले दिव्यांगता आकलन शिविरों के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता अनुसार भी इनका आयोजन किया जाए ताकि पात्र व्यक्ति को उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र तुरंत मिल सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि 05 जनवरी, 2020 को अर्की उपमंडल के भूमती में आयोजित होने वाले जनमंच में दिव्यांगता आकलन के लिए शिविर आयोजित किया जाए। उन्होंने इस संबंध में संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी को उचित निर्देश जारी करने को कहा। केसी चमन ने उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को निर्देश दिए कि सोलन जिला में अल्पसंख्यकों को शिक्षा प्रदान करने के लिए कार्यरत विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित बनाएं कि उन्हें विधि द्वारा स्थापित अधिनियमों के अनुसार शिक्षा प्रदान की जा रही है। बैठक में राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अन्तर्गत गठित समिति द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के कानूनी संरक्षक के मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक आयु के 424 व्यक्ति मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। बैठक में अल्पसंख्यकों के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में विशेष पोषाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत मुस्लिम समुदाय के 2061, सिक्ख समुदाय के 1190 तथा इसाई समुदाय के 24 बच्चों को पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। मिड डे मील योजना के अंतर्गत मुस्लिम समुदाय के 1766, सिक्ख समुदाय के 263 बच्चे तथा इसाई समुदाय के 08 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। जिला में वर्तमान में 14 पंजाबी तथा 10 उर्दू शिक्षक कार्यरत हैं। जिला में वर्तमान में अल्पसंख्यक समुदाय के 481 छात्रों को नवीं से दसवीं कक्षा तक तथा 169 छात्रों को 11वीं से 12वीं कक्षा तक छात्रवृति प्रदान की जा रही है। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत गठित समिति द्वारा भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। जिला कल्याण अधिकारी बी.एस. ठाकुर ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, सहायक जिला न्यायवादी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह, उपनिदेशक उच्च शिक्षा योगेंद्र मखैक, जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रमोहन शर्मा, गणपति एजुकेशन सोसायटी कुनिहार के अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा, समितियों के गैर सरकारी सदस्य सीताराम चंदेल, माया राम सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।
