-राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई मंत्री पद की शपथ हिमाचल प्रदेश को दो नए मंत्री मिल गए हैं। आज शाम राजभवन शिमला में बिलासपुर जिले के घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से यादविंदर गोमा सुक्खू कैबिनेट में शामिल हो गए। शाम करीब 4:45 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दोनों मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। देर रात ही यह फैसला हुआ और आज शपथ हुई। शपथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। बता दें कि राजेश धर्माणी बिलासपुर जिले से कांग्रेस पार्टी के एकमात्र विधायक हैं। वे घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। बिलासपुर को बीते एक साल से मंत्री पद का इंतजार था। वहीं, कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादविंदर गोमा को भी मंत्री बनाया गया है। काफी समय से उनको मंत्री बनाए जाने की अटकलें लग रही थीं।
-विधानसभा अध्यक्ष ने बच्चों को विधानसभा की कार्यवाही से कराया अवगत -यूथ क्लब प्रभारी सुरेश ठाकुर एवं इको क्लब प्रभारी अलका ने किया टूअर का नेतृत्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल छोग टाली ने अपने मेधावी छात्र एवं छात्राओं तथा राष्ट्रीय खेलों हेतु चयनित विद्यार्थियों के लिए यूथ क्लब प्रभारी सुरेश ठाकुर एवं इको क्लब प्रभारी अलका भलेईक के नेतृत्व में ऐतिहासिक शहर शिमला का एक दिवसीय भ्रमण करवाया। इस दौरान जहां एक ओर विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा संस्थान तथा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का संपूर्ण अवलोकन किया, वहीं उन्होंने उच्च न्यायालय, ओक ओवर, मुख्य्मंत्री कार्यालय आदि के बाहरी दृश्य तथा ऐतिहासिक रिज मैदान, अतिथि गृह पीटर हॉफ आदि घूमने का भी आनंद लिया। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने विधानसभा के ऐतिहासिक कौंसिल चेंबर तथाभारत की केंद्रीय धारासभा (सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली) हेतु अंग्रजी हकुमत के दौरान 1925 में पहले भारतीय चुने हुए अध्यक्ष वि_ल भाई पटेल की पृष्ठभूमि पर अपने अमूल्य विचार विद्यार्थियों के साथ सांझा किए। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा की कार्यवाही तथा विधायक चयन प्रक्रिया पर विद्यार्थिर्यों को अवगत करवाया। साथ ही सभी विद्यार्थियों को उस गरिमामय ऐतिहासिक काउंसिल चेंबर का आंतरिक भ्रमण करवाया, जहां बैठकर सरकार तथा प्रतिपक्ष हिमाचल प्रदेश के हितार्थ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विधानसभा सत्र में चर्चा करते हैं तथा प्रदेश की जनकल्याणकारी नीतियों का निर्माण करते हैं। इस दौरान वरिष्ठ प्रवक्ता भूपेंद्र चौहान, राजूराम उनियाल, दलीप शर्मा, राम लाल सूर्या तथा रामलाल ठाकुर ने बताया कि काउंसिल चेंबर का यह अवलोकन विद्यार्थियों के साथ साथ शिक्षकों के लिए भी एक ऐतिहासिक अनुभव रहा। वहीं, विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य सुरेंद्र पुंडीर ने इस सफल आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यद्यपि इस बार समय के अभाव के कारण अनुमति के बावजूद भी विद्यार्थी राजभवन का दीदार नहीं कर पाए, तथापि विद्यालय का प्रयास होगा कि आगामी वर्षों में विद्यार्थियों के लिए राजभवन तथा मशोबरा स्थित द रिट्रीट, राष्ट्रपति निवास का शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाए।
आपदा प्रबंधन को सलाम, महिलाओं को 1500 का इंतजार **पुरानी पेंशन बहाल कर सरकार ने निभाया बड़ा वादा ** सुखाश्रय योजना से सुक्खू सरकार ने जीता दिल ** सियासी संतुलन बनाने में असफल रही सरकार "...सत्ता परिवर्तन का जो सियासी रिवाज हिमाचल प्रदेश में 1990 से चला आ रहा था उसे जनता ने 2022 में भी बरकरार रखा। 8 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएं और कयासों के मुताबिक ही कांग्रेस सत्तासीन हुई। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दो मुख्य कारण अगर देखे जाएँ, तो सम्भवतः पहला कारण रहा भाजपा का कमजोर चुनाव लड़ना। एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में थे और ये उसकी हार का बड़ा कारण बना। दोनों पार्टियों के वोट शेयर में अंतर एक प्रतिशत से भी कम रहा, जबकि निर्दलीयों के खाते में करीब दस प्रतिशत वोट गए। इनमें अधिकांश भाजपा के बागी थे। दूसरा कारण था, कांग्रेस की गारंटियां। कांग्रेस ने भाजपा से बेहतर चुनाव लड़ा और उसका गारंटी कार्ड चल गया। ये ही कारण है कि सिमटते कैडर के बावजूद कांग्रेस ने दमदार वापसी की। कांग्रेस के खाते में 40 सीटें आई, लेकिन भाजपा भी तमाम गलतियों के बावजूद 25 का आंकड़ा छू गई। यानी सरकार बेशक कांग्रेस ने बना ली हो लेकिन पहले दिन से उस पर परफॉरमेंस प्रेशर है। फिर तारीख आई 11 दिसंबर 2022, जगह थी हिमाचल की राजधानी शिमला का रिज मैदान, सर्दी का मौसम मगर तेज़ धूप और उस धूप में उबाल खाता हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह। अर्से बाद वीरभद्र सिंह की जगह कोई और कांग्रेसी चेहरा सीएम पद की शपथ ले रहा था। जो सुखविंदर सिंह सुक्खू सालों वीरभद्र सिंह के सामने एक किस्म से अपने सियासी रसूख को बचाये रखने की लड़ाई लड़ते रहे थे, वे अब उनके बाद मुख्यमंत्री बन चुके थे। पार्टी के 40 विधायक जीत कर आए थे और इन 40 विधायकों में से सबसे ज्यादा सुक्खू के पक्ष में थे। होली लॉज खेमे के विधायक प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री के बीच बंटे हुए थे। ये ही सुक्खू के पक्ष में गया था। राजधानी कांग्रेसमय दिख रही थी, मैदान खचाखच भरा था और नारे लग रहे थे 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो। कांग्रेस में ये नए दौर की शुरुआत थी। शपथ ग्रहण मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व राजा वीरभद्र सिंह की तस्वीर भी रखी गई थी, उन्हें शपथ से पहले श्रद्धांजलि दी गई और फिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शपथ ली। धुआंधार लॉबिंग और मैराथन बैठकों के बाद सुक्खू मुख्यमंत्री तो बन गए थे लेकिन ये ताज काँटों भरा ताज है। सुक्खू सरकार के सामने पहले दिन से न सिर्फ परफॉर्म करने की चुनौती है बल्कि पार्टी के भीतर भी सामंजस्य बैठाना है। एक साल बीत गया है और कई मोर्चों पर सरकार हिट साबित हुई है, तो कई पैमानों पर अब सरकार का असल इम्तिहान होना है। " सुक्खू सरकार एक साल की हो गई है ...सत्ता पक्ष इसे 'सुख की सरकार' कह रहा है तो विरोधी 'दुख की सरकार', कांग्रेस उपलब्धियों की बुकलेट बाँट रही है तो भाजपा नाकामी के पर्चे। ये तो सियासत के रस्म-ओ-रिवाज है जो सत्ता पक्ष को भी निभाने है और विपक्ष को भी। बहरहाल एक साल की सुक्खू सरकार को लेकर भी सबका अपना-अपना विश्लेषण है। सरकार का कामकाज उसकी गारंटियों की कसौटी पर भी आँका जा रहा है, आपदा प्रबंधन पर भी और सरकार की जमीनी पकड़ भी इसका मापदंड है। कहीं शांता कुमार जैसे दिग्गज सरकार की तारीफ कर रहे है, तो कहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ही सीएम को पत्र लिखकर वादे याद दिला रहे है। इस बीच सुक्खू सरकार जनता के बीच सुछवि गढ़ने के प्रयास में लगी है, तो भाजपा छवि बिगाड़ने का कोई मौका नहीं चूक रही। खेर, बनती बिगड़ती सियासी इक्वेशन अपनी जगह, लेकिन कामकाज की कसौटी पर आंके तो सुक्खू सरकार ने कई ऐसे काम किये है जो अपनी छाप छोड़ गए। पुरानी पेंशन बहाली का वादा भी सरकार ने पूरा किया और सुख आश्रय योजना से सरकार का मानवीय चेहरा भी दिखा। वहीँ आपदा में सुक्खू सरकार के कामकाज पर तो वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी ताली बजाई। हालांकि, सरकार के लिए सब हरा हरा नहीं है, महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी भी अभी अधूरी है और सियासी संतुलन बनाने में भी सरकार असफल दिखती है। पुरानी पेंशन के अलावा भी कर्मचारियों के मसले है जो अनसुलझे है। युवा एक साल में ही सड़कों पर उतर आए थे, कोई रिजल्ट मांग रहा है तो कोई नौकरी। प्रयास तो जारी है मगर फिलहाल खाली खजाना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार के बड़े काम ... अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट' हिमाचल प्रदेश के सभी अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेट' है। ये सुक्खू सरकार का वो फैसला है जिसने सबका दिल छुआ। अनाथ बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्चा सरकार ने उठाने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार की इस मानवीय पहल को चौतरफा तारीफ मिली है। सुख आश्रय योजना निसंदेह सुक्खू सरकार का वो काम है जो सदा याद रखा जायेगा। राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाल करके दिखाई वादे के मुताबिक सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली का तोहफा दिया है। प्रदेश की ख़राब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों से वादा निभाया है। प्रदेश सरकार द्वारा चौथी कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाली की एसओपी को मंज़ूरी दे दी गई थी और 1 अप्रैल, 2023 से पुरानी पेंशन लागू कर दिया गया । चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जनता को दी गई गारंटियों में से पुरानी पेंशन बहाली पहली गारंटी थी। प्रदेश की नई सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन की सबसे बड़ी टेंशन को खत्म कर दिया। हिमाचल में करीब सवा लाख कर्मचारी इस समय एनपीएस के दायरे में आते थे जिन्हे इसका लाभ मिला । इस फैसले से प्रदेश सरकार पर सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया मगर सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटी। अब इसका सियासी लाभ कांग्रेस को होगा या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन ये सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला है। ग्रीन हिमाचल मुहीम हरित राज्य प्रदेश सरकार ने राज्य को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इन पंचायतों में 500 किलोवाट से एक मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सुक्खू सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी घोषणा की है। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड करेगा। सरकार सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी महकमों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है और इलेक्ट्रिक टैक्सी की खरीद पर सरकार सब्सिडी भी दे रही है। हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने में सुक्खू सरकार जुटी है, और ये सरकार की बेहतरीन पहल है। दशकों से लंबित इंतकाल के मामलों का निबटारा इंतकाल और तकसीम के दशकों पुराने मामलों को लेकर सुक्खू सरकार एक्शन मोड में है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को 24 जनवरी तक इंतकाल और तकसीम के मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इससे सालों से लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर सरकार हाज़ों मामले निबटा चुकी है। अब तक इंतकाल के लम्बित कुल 45 हजार 055 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। किलो के हिसाब से सेब, अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन किलो के हिसाब से सेब बेचने का फैसला हो या अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का निर्णय, सुक्खू सरकार ने सेब बागवानों के हितों को महफूस रखने की दिशा में इच्छाशक्ति भी दिखाई है और फैसले भी लिए है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी हर मसले पर एक्टिव दिखे है और उनकी कार्यशैली की असर साफ दिख रहा है। एचपीएमसी को लेकर भी सरकार ने बड़े बदलाव लाने की दिशा में काम शुरू किया है और उम्मीद है इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। अब 40 साल तक ही लीज पर जमीन सुक्खू सरकार ने लीज पर जमीन लेने की अवधि को 99 वर्ष से घटाकर अब अधिकतम 40 साल कर दिया है। हालांकि पुरानी लीज की अवधि नहीं बदलेगी। उद्योग लगाने और अन्य विकास परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए अब 40 साल के लिए ही लीज पर जमीन का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि अब धौलासिद्ध, लुहरी फेज-1 तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को 40 वर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपना होगा। वाईल्ड फ्लावर हॉल होटल को वापिस पाने के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। शानन प्रोजेक्ट को वापस लेने के लिए भी हिमाचल सरकार एक्शन मोड में दिखी है। आपदा प्रबंधन पर सुक्खू सरकार हिट... एक साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आपदा। आपदा में खुद सीएम सुक्खू दिन रात मैदान में डेट दिखे और हिमाचल सरकार ने बेहतरीन काम किया। वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी सरकार के काम की तरफ की। सुक्खू सरकार 4500 करोड़ का बड़ा आपदा राहत पैकेज लेकर आई और मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने का काम किया। राजनीति से इतर कई दूसरी विचारधारा के लोगों ने भी सरकार के कामकाज को सराहा। वहीँ केंद्र से मिलने वाली मदद को लेकर भी खूब सियासत हुई। भाजपा कहती है कि केंद्र से भरपूर मदद मिली और सीएम सुक्खू खुलकर कहते है कि अगर मदद मिली है तो भाजपा बताएं। इसमें कोई संशय नहीं है कि केंद्र ने हिमाचल को कोई विशेष आपदा राहत पैकेज नहीं दिया है। वहीँ प्रदेश की आर्थिक स्थीति भी खराब है। बावजूद इसके सुक्खू सरकार ने साहस भी दिखाया और बड़ा दिल भी। बहरहाल, सीमित संसाधनों के बीच सरकार के सामने अब चुनौती बड़ी है और सुक्खू सरकार का असल इम्तिहान अभी बाकी है। बढ़ता कर्ज सबसे बड़ी चुनौती .... हिमाचल प्रदेश पर 78,430 करोड़ रुपए कर्ज है। राज्य सरकार पर डीए और एरियर के रूप में करीब 12 हजार करोड़ रुपए के करीब देनदारियां हैं। यदि इसी रफ्तार से कर्ज लिया जाता रहा तो अगले साल हिमाचल पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपए को पार कर जाएगा। कर्ज को लेकर सियासत भी खूब हुई है। सुक्खू सरकार विधानसभा में श्वेत पत्र लेकर इसका ठीकरा पूर्व की जयराम सरकार पर फोड़ चुकी है तो भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार प्रतिमाह एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। बहरहाल, प्रदेश की आर्थिक हालत पतली है, केंद्र ऋण लेने की सीमा कम कर चुका है, ओपीएस का बोझ भी सरकार पर अभी पड़ना है और आपदा ने भी कमर तोड़ दी है। ऐसे में सुक्खू सरकार के लिए आने वाला समय बेहद कठिन होने वाला है। राजस्व बढ़ाने के हुए प्रयास, पर इतना काफी नहीं .... इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। इसके अलावा कई छोटे छोटे फैसलों से सरकार को राजस्व बढ़ोतरी हो रही है, हालंकि ये नाकाफी है। फिर भी सरकार के प्रयास जरूर दिखे है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वॉटर सेस लगाने का निर्णय लिया था। वॉटर सेस की दर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई थी। राज्य जल उपकर आयोग ने सितंबर में कई ऊर्जा उत्पादकों को वाटर सेस के बिल जारी कर दिए थे। बीबीएमबी,एनटीपीसी,एनएचपीसी समेत कई अन्य ऊर्जा उत्पादकों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। वहीँ केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को सभी राज्यों को एक पत्र लिख वॉटर सेस को अवैध व असंवैधानिक बताते हुए इसे शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए हैं। सुक्खू सरकार की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के कुछ प्रयास भी दिखते है और इच्छाशक्ति भी। हालांकि आपदा ने सरकार को बड़ा झटका जरूर दिया है। अलबत्ता पर्यटन आधारभूत या पॉलिसी सुधार की दिशा में अब तक कोई बड़ी कामयाबी सरकार को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जरूर जगी है कि जल्द सरकार एक्शन मोड में दिखेगी। एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन की दिशा में सरकार के थोड़े प्रयास दिखे है, लेकिन सरकार से अपेक्षा किसी बड़ी योजना है। माहिर भी मानते है कि पर्यटन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाकर ही सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकती है। धर्म संकट...खाली खजाना और 1500 देने का अधूरा वादा हिमाचल में कांग्रेस पर गारंटियां पूरी करने का दबाव है। जिन दस गारंटियों के बुते कांग्रेस सत्ता में आई उनमे से एक मुख्य गारंटी थी महिलाओं को हर माह पंद्रह सौ रुपये देना। बढ़ते कर्ज के बीच सुक्खू सरकार कैसे इसे पूरा करती है , इस पर निगाह टिकी है। जाहिर है हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद हिमाचल सरकार पर आधी आबादी से किया गया वादा पूरा करने का दबाव है, लेकिन खराब आर्थिक स्थीति इसमें रोड़ा है। भाजपा इसे जमकर भुना रही है और अब ये 1500 रुपये का वादा बड़ा मुद्दा बन चूका है। लोकसभा चुनाव दस्तक दे रहे है और ये गारंटी कांग्रेस के गले की फांस बन चुकी है। खाली खजाने के बीच सरकार धर्म संकट में है। कई अन्य गारंटियां भी अभी अधूरी है जिनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पांच लाख रोजगार प्रमुख है। कैबिनेट में असंतुलन..10 विधायक देने वाले कांगड़ा को एक मंत्री पद ! एक साल में विपक्ष द्वारा सुक्खू सरकार को घेरना इतना चर्चा में नहीं रहा जितनी चर्चा अपनों की नाराजगी की हुई। किसी ने नाराजगी खुलकर जाहिर की तो किसी ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी। बात पार्टी के भीतरी संतुलन की ही नहीं, बात कैबिनेट असन्तुलन की भी हुई। सीएम सहित 9 लोगों की कैबिनेट कई पैमानों पर असंतुलित है। कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ एक-एक मंत्री है। ज़िलों के हिसाब से बात करें तो सबसे बड़े जिला कांगड़ा से कांग्रेस के दस विधायक है, पर मंत्री सिर्फ एक। जबकि सात विधायक वाले शिमला से तीन मंत्री है। ये असंतुलन सिर्फ सियासी मसला नहीं है, जिस जनता ने कांग्रेस को वोट दिया वो भी अपेक्षा रखती है कि क्षेत्र में कोई मंत्री होगा तो विकास को रफ़्तार मिलेगी। इसी तरह हिमाचल कैबिनेट में अभी 9 में से 6 क्षत्रिय है, जबकि ब्राह्मण, एससी और ओबीसी सिर्फ एक-एक है। पांच साल के लिए सरकार चुनी गई है और एक साल बीत चुका है लेकिन अब तक कैबिनेट पूरी नहीं हुई है। ये ही हाल बोर्ड निगमों का है। अब सरकार का रुख जल्द विस्तार का दिख जरूर रहा है लेकिन इच्छा से ज्यादा शायद मजबूरी है। तीन राज्यों की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है और संभवतः अब आलाकमान भी पार्टी के भीतरी संतुलन को सुनिश्चित करे। बहरहाल मुख्यमंत्री का ताजा बयान ये है कि नए मंत्री इसी साल में मिलेंगे। कोर्ट में गया सीपीएस नियुक्ति का मामला सुक्खू सरकार ने ने छह सीपीएस नियुक्त किए थे – अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल बराकटा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल। इनके अलावा मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा नेताओं ने इनकी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती दे दी है।मामले की सुनवाई जारी है और कोर्ट के फैसले का इंतजार है। इस मामले में अब 20 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई है। बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती और 11 अन्य बीजेपी विधायकों ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीपीएस और डिप्टी सीएम का ऐसा कोई पद संविधान के तहत या संसद द्वारा पारित किसी कानून या अधिनियम के तहत मौजूद नहीं है। उन्होंने याचिका में दलील दी कि सीपीएस के पदों पर नियुक्ति राज्य के खजाने पर बोझ है। याचिका के अनुसार, 91वें संशोधन में मंत्री पदों की संख्या सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत कर दी गई और इस मानदंड के अनुसार राज्य में 12 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि विधानसभा की सदस्य संख्या 68 है।आगे आरोप लगाया गया कि 6 सीपीएस की नियुक्तियां संविधान के विपरीत हैं। उन्हें सीपीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जो बिना बुलाए ही वास्तविक मंत्री हैं और मंत्रियों की सभी शक्तियों और सुविधाओं का आनंद लेते हैं। बहरहाल इस मामले में, विशेषकर सीपीएस की नियुक्ति को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर सबकी निगाह टिकी है। शिमला नगर निगम चुनाव जीते ...अब सोलन ने दिया झटका सुक्खू सरकार के एक साल के कार्यकाल में शिमला नगर निगम का चुनाव हुआ जहाँ कांग्रेस को शानदार जीत मिली। इसके बाद हालहीं में चार नगर निगमों में नए मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की बारी थी। किस्मत की बदौलत कांग्रेस धर्मशाला नगर निगम में कब्ज़ा करने में कामयाब रही लेकिन सोलन में बहुमत होते हुए भी पार्टी की फजीहत हुई। कांग्रेस के दोनों अधिकृत उम्मीदवार हार गए। यहाँ मेयर पद कांग्रेस की बागी ने कब्जाया तो भाजपा को डिप्टी मेयर का पद मिल गया। वो फैसला जिसपर हुई विपक्ष ने जमकर घेरा सुक्खू सरकार ने आते ही सैकड़ों संस्थानों को डी नोटिफाई कर दिया। संस्थानों की डेनोटिफिकेशन पर भाजपा सरकार को जमकर घेरती रही है। भाजपा का आरोप है कि इस सरकार ने 10 महीने के कार्यकाल में ही हिमाचल के 1000 से अधिक चले हुए संस्थान बंद किए बंद कर दिए थे। कई शिक्षण स्थान भी बंद हुए और निसंदेह इससे कई छात्रों को कई दिक्क्तों कि खबरें भी सामने आई।
-सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना शुरू प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में अब ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक वालंटियर भी ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखाई देंगे। इसी कड़ी में प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने वीरवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना का शुभारंभ किया। राज्य में यातायात के बेहतर प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। यदि जिला मुख्यालयों में ट्रैफिक वलंटियर योजना सफलतापूर्वक संचालित होती है तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। स्कीम के तहत राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के स्वैच्छिक लोगों का एक समूह होगा, जो सेवा की भावना से यातायात प्रबंधन और जागरूकता में भाग लेगा और विभिन्न यातायात कार्यों को नि:शुल्क करने में योगदान देगा। स्वयंसेवकों का अनुरोध प्राप्त होने के बाद जिला एएसपी, डीएसपी मुख्यालय व एसडीपीओ उन्हें बातचीत के लिए बुलाएंगे और सत्यापन करेंगे। इसके बाद जिला एसपी की मंजूरी के बाद ट्रैफिक वालंटियर की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रैफिक जन जागरूकता के लिए योजना में लड़कियों व महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला एसएसपी द्वारा रिफ्लैक्टिव सुरक्षा जैकेट, टोपी और आईडी कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस पर प्रमुखता से ट्रैफिक वालंटियर लिखा होगा, ताकि आम जनता को उनकी पहचान ट्रैफिक पुलिस से अलग दिखे।
'मेरा गांव मेरा देश एक सहारा' संस्था के द्वारा लेबर कॉलोनी में जाकर जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े बांटे जा रहे हैं। संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता व पुष्पा खंडूजा, नीरज बंसल के द्वारा लेबर कॉलोनी में जाकर जरूरतमंद बच्चों को जूते व कपड़े वितरित किए जा रहे हैं। संचालक पुष्पा खंडूजा का कहना है कि आजकल सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है तथा किसी के पास यदि गर्म कपड़े, जूते चप्पल, खिलौने बर्तन बिस्तर इत्यादि हैं, जिनका आप प्रयोग नहीं करते तो वे मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा संचालित खुशियों का बैंक माजरा में जमा करवा सकते हैं, जिससे कि यह सामान जरूरतमंद लोगों को दिया जा सके। संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता ने बताया कि सर्दी का मौसम है अगर आप खुशियों के बैंक से जुड़े बच्चों के साथ खुशियां बांटना चाहते हैं तो मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा संचालित खुशियों का बैंक में इन बच्चों के लिए गर्म कपड़े, खिलौने बर्तन व पढ़ाई का सामान आदि दे सकते हैं या संस्था के खाते में दान भी दे सकते हैं। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा सरकारी स्कूलों के लगभग 20 बच्चों को भी सहारा दिया गया है तथा उनकी पढ़ाई लिखाई का सामान भी संस्था के द्वारा दिया जाता है संस्था के द्वारा इन बच्चों के स्कूल फीस, ड्रेस आदि भी जमा करवाई जाती है। वहीं संस्था के संचालकों का कहना है कि अगर आप इन बच्चों की मदद करना चाहते हैं तो मेरा गांव मेरे देश एक सहारा संस्था के साथ जुड़े तथा खुशियों का सहारा देकर इन बच्चों के साथ खुशियां बांटे।
उद्योग व आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान अगले दो दिन पांवटा तथा शिलाई विधानसभा क्षेत्रों के प्रवास पर रहेंगे। वह 8 दिसंबर को सायंकाल विश्राम गृह शिलाई में जन समस्याएं सुनेंगे तथा वहीं पर रात्रि ठहराव होगा। अगले दिन 9 दिसंबर को उद्योग मंत्री दोपहर एक बजे पांवटा विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं सुनेंगे तथा रात को वहीं पर रूकेंगे। वह 10 दिसंबर को पांवटा से धर्मशाला के लिये रवाना होंगे। उद्योग मंत्री के साथ उनके प्रवास के दौरान ब्लॉक व जिला कांग्रेस के पदाधिकारी तथा पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
-सरकार ने सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई प्रदेश सरकार सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नित नए प्रयोग, तकनीक और अनुसंधानों का उपयोग कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में इस क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए, सरकार प्रदेशभर में 40 शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर स्थापित करने पर विचार कर रही है। यह केंद्र राज्य के लोगों को घर-द्वार के समीप आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में नई आशा की किरण साबित होंगे। प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर में एक समर्पित स्वास्थ्य टीम होगी, जिसमें एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का विस्तार और सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। सार्वभौमिक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर बल देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मरीजों की संख्या और मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे दूसरे और तीसरे स्तर के ईलाज की आवश्यकता कम होती है, जिससे उपचार पर होने वाला खर्च भी कम होता है। वर्तमान में, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 50,000 व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इस दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य वेलनेस केन्द्र द्वारा लगभग 20,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रणनीतिक पहल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इन शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना एक मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह नवीन प्रयास शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और आजीविका के लिए अन्य राज्यों से आए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। यह पहल हालिया कोविड-19 महामारी के दौरान देखी गई फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यबल की कमी का भी समाधान प्रदान करेगी। सुक्खू ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना सर्वजन तक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध करवाने में मील पत्थर साबित होगी, जिसके माध्यम से शहरों में स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा में सह मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपने पर राम कृष्ण मंदारी ने संगठन मंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदरणीय डॉ. राजीव बिंदल, शिशु भाई धर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष संजीव देष्टा जी, प्रदेश उपाध्यक्ष आदरणीय पुरुषोत्म गुलेरिया, मंडी संसदीय क्षेत्र के पूर्ण कालिक विस्तारक सुरेश शर्मा, शिमला संसदीय क्षेत्र के विस्तारक अक्षय भरमौरी, जिला महासु भाजपा के नेता बलबीर सिंह वर्मा, अजय श्याम, चेतन बारागट, शशि बाला, कौल नेगी, मंडल अध्यक्ष भाजपा ठियोग सतीश राठौर, जिला महामंत्री कमलेश शर्मा एवं वरिष्ठ व कनिष्ठ सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया है।
-मेजर दीपक धवन ने डीसी को झंडा लगाकर की जिला स्तरीय झंडा दिवस की शुरुआत हिमाचल प्रदेश में 7 दिसंबर से 31 दिसंबर तक मनाए जा रहे सशस्त्र सेना दिवस की कड़ी में जिला स्तरीय सेना झंडा दिवस की शुरुआत जिला मुख्यालय नाहन से की गई। जिला सैनिक बोर्ड के उप निदेशक मेजर दीपक धवन ने उपायुक्त सुमित खिमटा को झंडा भेंट किया। उपायुक्त ने सशस्त्र सेना निधि के लिये 100 रुपये का अंशदान किया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला सैनिक बोर्ड सुमित खिमटा ने जिला के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से सशस्त्र सेना निधि में झंडे के सम्मान में अंशदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निधि में जमा किया गया धन प्रदेश के सैनिक वर्ग के कल्याणकारी कार्यों के लिए व्यय किया जाता है, जिसमें विधवाएं, अपंग सैनिक, सैनिकों के आश्रित व बेसहारा सैनिकों को समय-समय पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मेजर दीपक धवन ने कहा कि जिला के समस्त विभागाध्यक्षों को झंडे उपलब्ध करवाए गए हैं जिसमें स्कूली बच्चों से पांच रुपये प्रति झंडा व स्टाफ से 10 रुपये प्रति झंडा की दर से राशि एकत्र करने की अपील की गई है। इसके अलावा, मेजर दीपक धवन ने उपायुक्त से अन्य विभागीय मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अवगत करवाया कि सैनिक विश्राम गृहों को अपग्रेड किया गया है और भविष्य में इसमें और अधिक सुविधाओं का सृजन करने का प्रस्ताव है ताकि बाहर से आने वाले सैनिकों अथवा उनके परिजनों को ठहराव की बेहतर सुविधा मिल सके।
सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितताओं के चलते शिलाई विकास खंड की जरवा-जुनैली पंचायत की प्रधान को डीसी सिरमौर ने निलंबित कर दिया है। प्रशासन द्वारा जेई, पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक जरवा-जुनेली पंचायत के तोताराम, बलीराम, रणसिंह, मोहर सिंह, शेर सिंह ने पंचायत में हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर प्रधान व अन्य पंचायत कर्मचारियों के विरुद्ध जिला पंचायत अधिकारी को पत्र भेजकर जांच करने की मांग की थी। शिकायत में बताया गया कि मोक्षधाम सुबयाड़ी, निचला जरवा, पाब व किणु के अलावा भू-संरक्षण कार्य बगोड़ी निचला जरवा, एंबुलेंस योग्य सड़क जुनेली, पक्का रास्ता जुबियाड़ी धार व निर्माण सिंचाई टैंक किणु में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है। इन योजनाओं का सहायक अभियंता द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया, जिसमें 34,20,288 रुपये का दुरुपयोग होने पर पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन प्रधान का जवाब असंतोषजनक मिला। जिलाधीश सुमित खिमटा ने प्रधान के निलंबन की पुष्टि की है।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने केवल सरकार से 31 मार्च को अर्थात वर्ष में एक बार ही अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के आदेशों को वापिस लेने की मांग की हैं। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, निवर्तमान राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेन्द्र नेगी, पूर्व महासचिव संजय शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा ,राज्य कार्यकारिणी सदस्य रमेश नेगी, सतीश शर्मा, राजेश शर्मा, प्रेम पाल पठानिया ,सतपाल सिंह, बलबीर शर्मा, प्रेम कश्यप, राजेंद्र झामटा, रमा शर्मा, संध्या चौहान आदि ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लोक सेवा आयोग अथवा अन्य चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित कर्मचारियों की सेवाओं को नियमितिकरण के आदेश की तिथि से नही बल्कि रेट्रोस्पेक्टिव तिथि से ही नियमित करने का प्रावधान होना चाहिए। अनुबंध सेवाओं के नियमितिकरण हेतु दो वर्ष का कार्यकाल निर्धारित करने के लिए वर्ष में केवल एक तिथि को ही गिने जाने से जहां कुछ कर्मचारियों को ठीक दो वर्ष बाद नियमित किया जाएगा। वहीं कुछ ऐसे भी कर्मचारी होंगे जिन्हें नियमित होने के लिए 2 वर्ष 11 माह एवं 29 दिन तक प्रतीक्षा करनी होगी। प्रवक्ता संघ ने सरकार से इस आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
जिला सिरमौर के सभी सरकारी व निजी महाविद्यालयों ,मेडिकल कॉलेज, बी०एड० कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,पॉलिटेक्निक संस्थान, माध्यमिक व उच्च पाठशालाओं के मुखिया एवं स्कॉलरशिप नोडल ऑफिसर का उप निदेशक उच्च शिक्षा जिला सिरमौर के कार्यालय नाहन में 7 से 14 दिसंबर तक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा यह जानकारी उप-निदेशक उच्च शिक्षा कर्म चंद ने दी। उन्होने बताया कि 7 दिसंबर को नाहन , माजरा व सुरला ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के मुखिया एवं स्कॉलरशिप नोडल ऑफिसर भाग लेंगे तथा 11 दिसंबर को पॉवटा साहिब ,खोडोवाला व सतौन के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के मुखिया एवं स्कॉलरशिप नोडल ऑफिसर भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को शिलाई, बकरास व कफोटा तथा 13 दिसंबर को सराहां, नारग व राजगढ़, 14 दिसंबर को संगडाह, ददाहू व नौहराधार के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के मुखिया एवं स्कॉलरशिप नोडल ऑफिसर भाग लेंगे । उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में भाग लेना प्रत्येक संस्थान के लिए आवश्यक है जिन संस्थानों के मुखिया एवं स्कॉलरशिप नोडल ऑफिसर का पहले ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हो चुका है वे संस्थान इस प्रक्रिया में दोबारा भाग नहीं लेंगे ।
कृषि उपनिदेशक डॉ. राजिंदर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम में गेहूं व जौं की फसल का चयन सरकार द्वारा किया गया है I इन फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गयी हैI इस कृषि बीमा योजना के अन्तर्गत कम वर्षा, सुखा, बाड़, ओला वृष्टि, फसल कटाई के उपरान्त दो सप्ताह तक होने वाले नुक्सान तथा स्थानीयकृत आपदाओं को कवर किया है। गेहूं की फसल के लिए 60 हजार रूपए तथा जौं की फसल के लिए 50 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैI किसान को गेहूं के लिए 900 रूपए प्रति हेक्टेयर या 72 रूपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि देनी होगीI इसी तरह जौं की फसल के लिए 750/- रूपए प्रति हेक्टेयर या 60 रूपए प्रति बीघा प्रीमियम के रूप में किसान को देना होगा I उन्होंने बताया कि गेहूं व जौं की फसल उगाने वाले जिला सिरमौर के काश्तकार और बटाईदार सहित सभी किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं I जिला सिरमौर में रबी सीजन 2023-24 के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी सरकार द्वारा अधिसूचित की गयी है। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया कि वह गेहूं व जौं की फसल का बीमा करवाएं ताकि फसल के नुकसान होने पर उन्हें उचित मुआवजा मिल सके व उनकी आर्थिकी पर बुरा असर न पड़े I
सिरमौर जिले के हाटी समुदाय ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त करने के लिए कठिन एवं लम्बा संघर्ष किया है और उन्हें यह हक जल्द से जल्द दिलाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज संवैधानिक (अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन और सिरमौर जिले के ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी को अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित करने के सम्बन्ध में आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गयी लेकिन इस अधिसूचना में अस्पष्टता के चलते प्रदेश सरकार ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है। केंद्र द्वारा संपूर्ण हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया है लेकिन जिसमें अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अन्य वर्ग भी शामिल हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जो पूर्व में चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा बना रहना चाहते हैं। लेकिन केंद्र द्वारा सभी को अनुसूचित जनजाति के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है ताकि हाटी समुदाय की समस्याओं एवं मांगों को लेकर शीघ्र समाधान निकला जा सके। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि हाटी के लोगों को शीघ्र से शीघ्र अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित लाभ मिले। उन्होंने जनजातीय विकास विभाग से कानूनी प्रावधानों के तहत हाटी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान के विकल्प तलाशने को कहा ताकि उन्हें अनुसूचित जनजाति के तहत मिल रही सुविधाएं सुलभ हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करेगी और उसी के आधार पर आगामी नीति तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से न देखें और यह सुनिश्चित करें कि सभी समुदायों में आपसी भाईचारे एवं सौहार्द की भावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले की गंभीरता को समझती है और इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व से बात की जायेगी और स्थायी हल निकला जाएगा।
पांवटा साहिब, 02 दिसंबर। एसडीएम पाँवटा साहिब गुंजित सिंह चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में दिव्यांग एवं वरिष्ठ जनों के लिए पांवटा साहिब में बद्रीपुर पंचायत के पंचायत घर में 05 दिसंबर को कैंप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांग जनों और वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान करने के लिए विशेष कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में आयोजित होने वाले इस कैंप में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम द्वारा पात्र दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कृत्रिम अंगों की पैमाईश ली जायेगी जबकि द्वितीय चरण के कैंप में तैयार किए गए कृत्रिम अंगों का निशुल्क वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निशुल्क कृत्रिम अंग के लिए पात्रता वार्षिक आय प्रमाणपत्र, यूडीआईडीकार्ड, पासर्पोट फोटो 02, आधार/वोटर कार्ड, दिव्यांगता का प्रमाणपत्र सभी लाभार्थी साथ लेकर आयें। उन्होंने सभी पात्र लोगों को निशुल्क कृत्रिम अंग कैंप का लाभ उठाने के लिए कैंप स्थल पर आकर अंगों की पैमाईश करवाने का आग्रह किया।
सिरमौर जिला भाजपा युवा मोर्चा की एक दिवसीय बैठक और मंडल सशक्तिकरण प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन आज जिला मुख्यालय नाहन किया गया। इसकी अध्यक्षता सिरमौर जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रणबीर ठाकुर ने की। चार सत्रों में विभाजित इस प्रशिक्षण वर्ग एवं एक दिवसीय बैठक के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश के युवाओं से एकजुट होकर समर्पण और निष्ठा से कार्य करके भाजपा को मजबूत करने का आह्वान किया। डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता से बाहर हुई है तब से प्रदेश की जनता लाचार और असहाय महसूस कर रही है क्योंकि प्रदेश में झूठ के दम पर बनी सरकार ना तो गरीब और जरूरतमंद लोगों के काम आ रही है और ना ही प्रदेश में विकास हो रहे हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश वासियों को दी गई 10 गारंटीयों में से एक भी गारंटी पूरी नहीं की और कांग्रेस सरकार के झूठ का शिकार हुई जनता अब अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा की 2024 के लोकसभा चुनावो में प्रदेश की जनता कांग्रेसी नेताओं के झूठ पर कतई भरोसा करने वाले नहीं है और प्रदेश से सभी चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को जिताकर भेजेगी। प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रणवीर ठाकुर ने युवाओं को संगठित और एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि अब 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए हर युवा को कमर कसकर तैयार होना है और प्रदेश की जनता को कांग्रेस के झूठ के प्रति सचेत करना है। उन्होंने कहा कि देश को इस समय नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व की नितांत आवश्यकता है और प्रत्येक युवा का लक्ष्य मोदी सरकार को पुन: सत्ता में लाने का होना चाहिए। रणबीर तोमर ने युवाओं से गांव गांव जाकर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति आम जनता को जागरूक करने का आह्वान भी किया। इस एक दिवसीय बैठक और प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव विनीत त्यागी ने कहा कि देश का युवा वर्ग राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और देश की सत्ता को सही और सक्षम हाथों में सौंपने की क्षमता रखता है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए उन्होंने युवा शक्ति को सही दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए शिमला संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री अक्षय भरमोरी ने युवाओं से आवाहन किया कि वे गांव गांव घर-घर जाकर लोगों को कांग्रेसी नेताओं के झूठ और ठगी से बचाए और नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति लाभार्थियों को जागरूक करें। तीसरे सत्र में प्रदेश भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के महामंत्री साकेश शर्मा ने बताया की हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश को कर्जे में डुबो दिया है और भारी भरकम कर्ज लेने के बावजूद भी विकास के काम शून्य होकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े युवा आम लोगों के बीच जाकर प्रदेश सरकार की नाकामियों की पोल खोलेंगे।
-1226 पदों को भरने के लिए कैबिनेट ने दी संशोधित मंजूरी -मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में जोड़े जाएंगे कुछ और प्रावधान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर 30 प्रतिशत महिला आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया और कांस्टेबल के 1226 पदों को भरने के लिए संशोधित मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने अनाथों और समाज के वंचित वर्गों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में कुछ और प्रावधान जोड़ने को भी मंजूरी दी। नए प्रावधानों के तहत राज्य का प्रत्येक अनाथ 27 वर्ष की आयु तक 4,000 रुपये प्रतिमाह जेब खर्च प्राप्त करने का पात्र होगा। इसके अलावा योजना शुरू होने के बाद बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले ऐसे अनाथ बच्चों को 2 लाख रुपये विवाह अनुदान देने का भी निर्णय लिया, जिन्होंने योजना के शुरू होने बाद विवाह किया। यह राशि एक बार ही देय होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में विद्युत अधोसंरचना होगी सुदृढ़ बैठक में पूह से काजा तक के सीमावर्ती क्षेत्रों में भरोसेमंद एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत 486.47 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य के लाहौल-स्पीति जिला के स्पीति ब्लॉक और किन्नौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों के 32 गांवों में विद्युत अधोसंरचना विकसित व सुदृढ़ करने के लिए 6.49 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन पदों को भरने के लिए मिली मंजूरी बैठक में कृषि विभाग में कृषि विकास अधिकारियों के 40 पद, गृह रक्षक और नागरिक सुरक्षा विभाग में हवलदार प्रशिक्षकों के 10 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा शिमला के चमियाना में अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज के नेफ्रोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो पद, आईजीएमसी शिमला में ओर्थोपेडिक्स विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक पद और जिला मंडी के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल के ईएनटी विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक पद भरने का भी निर्णय लिया गया। 40 नए शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर खुलेंगे मंत्रिमंडल ने प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में 40 नए शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर खोलने को स्वीकृति प्रदान की। कांगड़ा जिले के देहरा के बनखंडी में वन्य प्राणी उद्यान की चाहरदीवारी, जल संचयन निर्माण और सेवा पथों के निर्माण और हिमाचल प्रदेश चिड़ियाघर संरक्षण प्रजनन सोसायटी के माध्यम से परियोजना लागू करने को स्वीकृति प्रदान की। औद्योगिक निवेश नीति में भी होगा संशोधन मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 में संशोधन करने और इसके संबंधित नियमों में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की। इससे उदार प्रोत्साहन को बढ़ावा मिलेगा। अब बिजली परियोजनाएं 40 साल की लीज पर ही दी जाएगी( लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड निगम लिमिटेड का जोन सृजित करने तथा हमीरपुर में मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) का कार्यालय स्थापित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। कैबिनेट ने ग्रांट इन एड के उपयोगिता प्रमाणपत्र सरकार को भेजने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने को भी स्वीकृति प्रदान की।
-कहा, जागरूकता से एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में आया बदलाव मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'लेट कम्यूनिटीज लीड' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय विश्व एड्स दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले बजट में एड्स पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए एक योजना लेकर आएगी, जिसमें ऐसे बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि पहले समाज में एड्स ग्रसित व्यक्ति को घृणा की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के कारण आज एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव आया है। उन्होंने आह्वान किया कि बीमार अपनी बीमारी न छुपाएं, बल्कि समाज के सामने स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए वर्तमान राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में सरकार विधवाओं और मूक बधिर बच्चों के लिए भी एक योजना लाने जा रही है। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए एक अच्छा स्कूल और कॉलेज खोलने पर भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उस वर्ग की आवाज बन रही है, जो सहज अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना चलाई गई है, जिसके तहत बच्चों के रहने और उनके भरण-पोषण का दायित्व राज्य सरकार का होगा। उन्होंने कहा कि अब 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों को रहने और उनके पालन पोषण के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है तथा इसके लिए राज्य सरकार ने कानून भी बना दिया है। उन्होंने युवाओं से जीवन में सफलता के लिए चुनौतियों का दृढ़ता के साथ सामना करने का आह्वान भी किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ''मैं आपके सामने सबसे बड़ा उदाहरण हूं। सब कहते थे कि सरकारी नौकरी करो, लेकिन कड़ी मेहनत से मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा।ÓÓ मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार लाने जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी की कक्षाएं शुरु करेंगे। स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाए जाएंगे व खेल की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके साथ-साथ राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी खोले जा रहे हैं। सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार गेस्ट फेकल्टी लेक्चरर लगाने पर विचार कर रही है। इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नए समय से कोर्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव करने जा रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमित संसाधनों और कर्ज का भारी बोझ होने के बावजूद राज्य सरकार चार साल में हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगी और दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए कड़े फैसले कर रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस बीमारी को फैलने से रोकने में, बहुमूल्य योगदान देने पर विभिन्न संगठनों को पुरस्कार प्रदान किए। स्टैंड अलोन इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर ऊना, डॉ. राधा कृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर (एसटीआई क्लीनिक), एआरटी आईजीएमसी शिमला (एआरटी सेंटर) और एनजीओ सनराइज-टार्गेटेड इंटरवेंशन प्रोजेक्ट (टीआईपी) ऊना को सर्वश्रेष्ठ सेवा केंद्र के रूप में सम्मानित किया गया। सुखविंदर सिंह ने जिला बिलासपुर के राजकीय आईटीआई बरठीं, जिला चंबा के राजकीय महाविद्यालय चौरी, जिला हमीरपुर के सिद्धार्थ राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नादौन, जिला कांगड़ा के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर, जिला किन्नौर के टीएस नेगी राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ, जिला कुल्लू के रामेश्वरी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान शाढ़ाबाई, जिला लाहौल-स्पीति के राजकीय महाविद्यालय कुकुमसैरी उदयपुर, जिला मंडी के वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, जिला शिमला के राजकीय महाविद्यालय धामी, जिला सिरमौर के इंस्टीट्यूूट ऑफ डेंटल साईसिंस पांवटा साहिब, जिला सोलन के राजकीय महाविद्यालय अर्की और जिला ऊना के राजकीय महाविद्यालय अंब को सर्वश्रेष्ठ रेड रिबन क्लब के रूप में पुरस्कृत किया। उन्होंने राज्य स्तरीय समारोह को सफल बनाने के लिए आरकेएमवी कॉलेज शिमला, आरजीजीडीसी कोटशेरा शिमला, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजकीय महाविद्यालय संजौली, जेएलएन फाइन आर्ट्स कॉलेज, चौड़ा मैदान, सेंट बीड्स कॉलेज शिमला, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय शिमला, राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय शिमला, एचपी कॉलेज ऑफ एजुकेशन टुटू शिमला, शिवालिक नर्सिंग महाविद्यालय भट्टाकुफर शिमला, आईटीआई शिमला, मॉडर्न नर्सिंग महाविद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टुटू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संजौली और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल के प्राचार्यों के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर एड्स पीड़ित एक महिला ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इस महिला को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।
सीबीएसई बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा की डेटशीट रिलीज करने से पहले एक अहम नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने आगामी 10वीं और 12वीं परीक्षाओं 2024 के संबंध में जारी एक अहम सूचना में कहा है कि बोर्ड दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कोई ओवरऑल डिवीजन या डिस्टिंक्शन नहीं देगा। जारी नोटिस में कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं में स्टूडेंट्स के मार्क्स कैलकुलेट करने के लिए क्या क्राइटेरिया रहेगा, इस संबंध में सीबीएसई को कई अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। परीक्षा उपनियमों के अध्याय-7 के सब सेक्शन 40.1 (3) के अनुसार, कोई समग्र डिवीजन/डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट नहीं दिया जाएगा। विदित रहे कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई जल्द ही कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 की डेट शीटजारी करेगा। संभावना है कि बोर्ड इसी महीने के आखिर में या फिर दिसंबर माह के सेकंड वीक तक टाइमटेबल जारी कर दे। सीबीएसई बोर्ड की इस बार भी फरवरी में आयोजित होनी है। बोर्ड की ओर से पहले जारी सूचना के अनुसार 15 फरवरी 2024 से परीक्षाएं शुरू होंगी। वहीं यह एग्जाम अप्रैल तक आयोजित किए जाएंगे। डेटशीट आधिकारिक वेबसाइट पर रिलीज की जाएगी। स्टूडेंट्स पोर्टल पर जाकर इसे पीडीएफ मोड में डाउनलोड कर पाएंगे।
- जम्मू में हुई राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक -स्कूल प्रबंधन समिति ने समारोह आयोजित कर किया सम्मानित 12 वर्षीय कृष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोगटाली के लिए राष्ट्रीय पदक जीतने वाला पहला खिलाड़ी बना है। कृष व अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा एक सादा समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में जम्मू में हुई राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता कृष तथा जनवरी में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित कुमारी अदिति, गुंजन, सिमरन तथा उनके प्रशिक्षक राम लाल सूर्या के साथ विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी फूलमालाओं तथा मोमेंटो से सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष देशराज ठाकुर ने राष्ट्रीय पदक विजेता कृष तथा आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित छात्राओं और प्रशिक्षक राम लाल सूर्या की प्रशंसा करते हुए कहा कि समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह से निश्चित रूप से शारीरिक शिक्षक तथा विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
-इच्छुक अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन हिमाचल प्रदेश में वन मित्र भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। सरकार वन विभाग में 2,061 वन मित्र भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए वन विभाग की वेबसाइट या संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंज ऑफिसर) कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। वन मित्र के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। वन मित्रों के लिए 100 अंकों का टेस्ट होगा। जो टॉप पर होगा, उसे वन मित्र लगाया जाएगा। अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी है। वन मित्रों को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय और सरकारी छुट्टियों के अलावा साल में 12 अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। ग्राउंड टेस्ट पास करने के बाद ही वन मित्र बन सकेंगे। वन मित्रों को वनों की आग से सुरक्षा, पौधरोपण समेत अन्य काम करने होंगे। जिस बीट में वन मित्र रखे जाएंगे, वहां से उनका तबादला नहीं होगा।
-विद्यार्थियों-शिक्षकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा केंद्र राज्य सरकार की अभिनव पहल विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में निर्णायक कदम है। यह केंद्र एआई तकनीक को एकीकृत करके डेटा विश्लेषण के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्विफ्टचैट एआई हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रौद्योगिकी और डाटा संचालित संस्थागत प्रणाली में सक्षम करेगा। यह केंद्र इन टूलकिट के डाटा को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के लिए डैशबोर्ड और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इससे छात्र की प्रगति, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल के समग्र प्रदर्शन संबंधी डाटा उपलब्ध होगा। वास्तविक समय में प्रतिक्रिया और सुधार के आधार पर शिक्षक, शिक्षण संबंधी रणनीतियों में सकारात्मक बदलाव किया जाएगा ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने के अवसर प्रदान किए जा सके। वीएसके विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण की ज्ञानता प्रदान करता है, जिससे उनकी वैश्विक सामग्री और जानकारी तक सार्वभौमिक पहुुंच सुनिश्चित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल होम लर्निंग तथा अनुभव प्रदान कर शैक्षिक असमानताओं को समाप्त करना है। चैटबॉट पर साप्ताहिक अभ्यास विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उत्तर तथा जानकारीपूर्ण वीडियो के साथ पाठयक्रम के अनुरूप उन्हें विषयों को सुदृढ़ करने में मदद करता है। विद्यार्थी विभिन्न भाषाओं में गणित का अभ्यास कर सकते हैं और वीडियो देख कर अपने संदेह दूर कर सकते हैं। चैटबॉट विद्यार्थियों की आवाज का उपयोग कर विभिन्न भाषाओं का उपयोग कर, क्विज के माध्यम से सामान्य ज्ञान और ज्ञानवर्द्धन कर उनकी शिक्षा में गुणात्मक सुधार में सहयोग करता है। चैटबॉट विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को ऑन डिमॉंड (आवश्यकतानुसार) कार्य योजना, पाठ तैयार करना, वर्कशीट और वीडियो बनाने में भी सहायता प्रदान करता हैै। इससे शिक्षक समयबद्ध शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं और विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का त्वरित अध्ययन करने के साथ-साथ उनकी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। चैटबॉट शिक्षण विधियों को विद्यार्थी अनुकूल बनाने में सहायता करता है। इसके माध्यम से अभिवावक शिक्षा संबंधी प्रश्नों का समाधान कर सकते हैं। इसके माध्यम से प्रशासक राज्य स्तर पर शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सीखने के परिणामों के आधार पर रणनीति, योजना और प्रशिक्षण पहल का मूल्यांकन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रशासक विद्यार्थी, अध्यापक और विद्यालय संबंधी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र एआई चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों के एक डिजिटल साथी के रूप में, शिक्षक को शिक्षण में सहायक और प्रशासक को महत्वपूर्ण डाटा उपलब्ध करवाएगा। चैटबॉट का डेटा शिक्षकों को विद्यार्थी आधारित रणनीतियों को समायोजित करने में सशक्त बनाता है, जिससे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में और सुधार होगा।
-शादी की बारात की 50 से अधिक गाड़ियां भी फंसी, दो घंटे बाद खुला जाम रेणुका जी मेले के आखिरी दिन रेणुका जी-हरिपुरधार मार्ग पर सोमवार देर शाम को आज तक का सबसे बड़ा जाम लग गया। मेले से वापस लौट रहे 300 से अधिक वाहन करीब दो किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए, जिसके कारण एक हजार से अधिक लोगों को दो घंटे तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नाहन से हरिपुरधार आ रही एक शादी की बारात की 50 से अधिक गाड़ियां भी जाम में फंस गईं, जिसके कारण करीब 200 से अधिक बरातियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आखिर क्यों लगा जाम रेणुका जी हरिपुरधार मार्ग पर कालत के समीप दीपू कोच की एक बस में शाम करीब पांच बजे अचानक खराबी गई थी। बस इसे स्थान पर खराब हो गई थी जहां से बड़े वाहन निकालना तो दूर की दो पहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे थे। अंतर राष्ट्रीय मेले का आखिरी दिन होने के कारण भारी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों व बसों से अपने घर लौट रहे थे, लेकिन सड़क बंद होने के कारण सभी लोग कालत में ही फंस गए। कड़ाके की ठंड में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस जुगाड़ से चंद मिनटों में खुला जाम कालट के समीप बस की प्रेशर पाइप फट गई थी। संगड़ाह से पाइप भी मंगवाई गई, मगर किसी कारण वंश पाइप फिट नहीं हो सकी, जिसके कारण जाम खुलने में तीन से चार घंटे का समय और लग सकता था। इतफाक से शादी वाली गाड़ी में हरिपुरधार के एक मैकेनिक गोपाल भंडारी वहां पहुंच गए। भंडारी ने हैंड ब्रेक के सहारे गाड़ी को साइड में लगवाकर सड़क को खोल दिया। रात करीब सात बजे इस मार्ग पर यातायात बहाल हुआ।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने कुछ समाचार पत्रों में बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षक करेंगे विदेशों की सैर शीर्षक से छपे समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल शत-प्रतिशत वार्षिक परीक्षा परिणाम को बेहतर शिक्षक का मापदंड बनाया जाना उचित नहीं है। शिक्षा का उद्देश्य बहुत व्यापक है, जो देश तथा समाज के भविष्य की नींव रखता है। अत: मात्र एक-दो वार्षिक परीक्षा परिणामों के आधार पर बेहतर शिक्षा व्यवस्था अथवा अच्छे शिक्षक को जांचना तर्कसंगत नहीं । संघ जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, महासचिव आईडी राही, निवर्तमान राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेेंद्र नेगी, पूर्व महासचिव संजय शर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य रमेश नेगी, सतीश शर्मा, प्रेम पाल स्थानीय, सतपाल, बलबीर शर्मा, प्रेम कश्यप, राजेंद्र तोमर आदि प्रवक्ताओं ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम कुछ ऐसे विषयों का भी आ जाता है, जिन विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं, दूसरी ओर जहां कुछ विषयों में विद्यार्थियों की संख्या केवल एक अंक अर्थात 9 या इससे भी कम होती है, वहीं अंग्रेजी जैसे अनिवार्य विषय में यह संख्या 100 से अधिक भी है। संघ ने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग को उप मंडलीय स्तर पर निगरानी समिति गठित करनी चाहिए, ताकि हर क्षेत्र से इन सभी मापदंडों की जांच कर ऐसे शिक्षकों की सूची बनाई जा सके, जो विदेशी शिक्षण भ्रमण को केवल सैर सपाटा न समझ कर अन्य देशों की शिक्षा प्रणाली को जांच-परख कर वहां की अच्छी व्यवस्थाओं को अपने प्रदेश में व्यवहारिक रूप देने की क्षमता रखते हों।
-संजीवनी साबित हुई रैट होल माइनिंग -इस पर 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने लगा दिया था प्रतिबंध उत्तराखंड़ के उत्तरकाशी जिले में 12 नवंबर को सिल्क्यारा टनल में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे। मजदूरों को निकालने के लिए विदेशों से एक्सपर्ट बुलाए गए, बड़ी-बड़ी मशीनों से काम किया गया, लेकिन किसी न किसी वजह से ऑपरेशन रुकता रहा। जहां बड़ी-बड़ी मशीनें भी फेल हो गईं वहां काम आए इंसान के हाथ और 17 दिन में पहली बार मजदूरों तक पहुंचने में कामयाबी मिली। मजदूरों को निकालने के लिए की जा रहीं तमाम कोशिशों में रैट होल माइनिंग संजीवनी साबित हुई है। इसमें 12 माइनर्स की छोटी-छोटी टीमें अंदर भेजी गईं, एक माइनर मिट्टी खोदता गया तो दूसरा मलबा साफ करता और तीसरा मलबे को बाहर फेंकता गया। इस तरह धीरे-धीरे टनल खोद कर 41 मजदूरों तक पहुंचा गया। ये वही रैट होल माइनिंग है, जिसे 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। दरअसल मेघालय में कोयला निकालने के लिए रैट होल माइनिंग का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन माइन में नदी का पानी आने से कोल पिट में 15 माइनर्स फंसकर मर गए थे। तबसे एनजीटी ने इस प्रक्रिया को खतरनाक बताते हुए इस पर रोक लगा दी थी। आज इसी तकनीक से सिल्क्यारा टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन सफल साबित हो पाया है।
-हाटी समिति ने संशोधित एसटी कानून को लागू करने की उठाई मांग -गिरिपार अनुसूचित जाति समिति ने कानून लागू न करने की मांग की केंद्र सरकार द्वारा हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने संबंधी बिल को इस साल 4 अगस्त को पारित कर दिया था। लेकिन हिमाचल सरकार द्वारा राज्य में आज तक संशोधित एसटी कानून लागू नहीं किया गया है। न ही समुदाय को एसटी प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर हाटी समिति की संगड़ाह इकाई ने सोमवार को रेणुकाजी मेले में राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा। समिति ने राज्यपाल से जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है। इससे पूर्व हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने का विरोध कर रही गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति द्वारा संविधान दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू को एक मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें सवर्ण आबादी को जनजातीय दर्जे से उनके एट्रोसिटी एक्ट व पंचायती राज तथा विस चुनाव में आरक्षण समाप्त होने से बचाने की गुहार लगाई गई थी।
-गर्वनर ने की अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल ने शिव प्रताप शुक्ल ने अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की और कहा कि मेले तथा उत्सव प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी इस संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रयास करने होंगे। खुशहाली के लिए आगे बढ़ने के साथ-साथ संस्कृति का संरक्षण भी आवश्यक है। राज्यपाल ने यह जानकारी आज जिला सिरमौर के अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले के समापन समारोह के अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए दी। लेडी गवर्नर तथा राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्ष जानकी शुक्ल भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा, संस्कृति तथा खुशहाली के लिए जाना जाता है, लेकिन नशे की प्रवृत्ति राज्य की समृद्धि पर ग्रहण लगा रही है। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ मिल-जुल कर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशे का अंत केवल मौत है तथा इस बुराई से प्रदेश को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिरमौर कृषि तथा बागवानी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जिले को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को श्री रेणुका जी झील के सौंदर्यकरण के लिए कहा। शुक्ल ने कहा कि रेणुका जी मेला माता रेणुका जी के प्रति भगवान परशुराम की श्रद्धा तथा भक्ति का प्रतीक है तथा यह मेला भारतीय समाज के उच्च मूल्यों को संरक्षित करने में अहम् भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले तथा उत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के द्योतक हैं और इन्हें हर हाल में संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने मेले के सफल आयोजन में सभी के योगदान के लिए बधाई दी तथा कहा कि माता रेणुका जी का अपना एक धार्मिक महत्व है। इस मेले में प्रदेश तथा अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। इससे पूर्व, राज्यपाल ने भगवान परशुराम जी मंदिर तथा माता रेणुका जी मंदिर में पूजा-अर्चना की और देव विदाई शोभा यात्रा में भी भाग लिया। उपायुक्त तथा श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के अध्यक्ष सुमित खिमटा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मेले के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने लेडी गवर्नर को भी सम्मानित किया। इससे पूर्व, राज्यपाल ने पदम्श्री विद्या नंद सरैक के मार्गदर्शन में 1500 से अधिक स्थानीय महिला कलाकारों द्वारा प्रदर्शित सिरमौरी नाटी का आनंद लिया। उन्होंने सरकारी विभागों तथा गैर सरकारी संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनियों में गहरी रूचि दिखाई तथा विभिन्न केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की। सांसद सुरेश कश्यप, विधायक विनय कुमार, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा, रेणुका विकास बोर्ड के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सिरमौर आगमन पर मैना हैलीपैड पर प्रात: विधायक विनय कुमार, उपायुक्त सुमित खिमटा तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अनुसार आगामी 72 घंटे में मौसम खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दौरान ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। बर्फबारी का असर तापमान पर भी पड़ेगा। 26 नवंबर की शाम से प्रदेश में तेजी से तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। बर्फबारी का यह असर किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों में देखने को मिलेगा। जबकि मैदानी इलाकों में बादल छाये रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कम विजिविल्टी होने की भी बात कही है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मौसम करवट बदलेगा और सोमवार को यैलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में 30 नवम्बर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 नवम्बर से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और इसका असर हिमाचल में भी देखने को मिलेगा।
-सोलन की 21 व सिरमौर की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले -बाजार से स्टॉक को वापस लाने के निर्देश अक्तूबर के ड्रग अलर्ट में देशभर में 61 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा हिमाचल में सैंपल फेल हुए हैं। प्रदेश में बनी 24 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। सोलन की 21 और सिरमौर जिले की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले हैं। बद्दी एफी पेरेंटल कंपनी के छह, समयन कंपनी के तीन व हिल्लर कंपनी के दो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। बैक्टीरियल संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, एंटीबायोटिक्स, कैंसर, बुखार, विटामिन डी, बीपी, पोषक तत्व की कमी की दवा, इंफेक्शन, बलगम, एंटी फंगल, दर्द निवारक व अल्सर की दवाई के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। अक्तूबर में केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने 1,105 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1044 सैंपल पास हुए हैं। सोलन के वाकनाघाट स्थित कंपनी सॉफ्ट टच, किशनपुरा की बनसाई फार्मा, एफी पेरेंटल, उपकार फार्मास्युटिकल, एलवी लाइफ साइंस, हिल्लर लैब, हेल्थ बायोटेक, मेडीलाइफ हेल्थ साइंस, समयन हेल्थ केयर, सिंबोसिस फार्मास्युटिकल, डीएम फार्मा, सार बायोटेक, स्कोटो एडिल फार्मा, फार्मास्युटिकल हेल्थ केयर, एरियोन हेल्थ केयर, मकेस्टार बायोजेनेटिक, एस्पो फार्मास्युटिकल कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए विभाग ने उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। बाजार से स्टॉक को वापस लाने के लिए कहा है।
-कई आरोपी विदेश भाग चुके, कई भागने की फिराक में हिमाचल में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में एसआईटी ने 19 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। हालांकि 2500 करोड़ की ठगी के इस मामले में 19 करोड़ की संपत्ति बहुत कम है। वहीं, एसआईटी आरोपियों की संपत्ति का पता लगा रही है, लेकिन धीमी कार्रवाई के चलते कई आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से जुड़े कई आरोपी विदेश भाग चुके हैं। ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही है। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे है। शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ठगी मामले की राशि का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब अढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चूना लगाया है। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एसआईटी ने अभी तक चार पुलिस कर्मियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी बनाई संपत्ति क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के इस स्कैम में करीब एक लाख लोग शामिल बताए जा रहे हंै। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में करीब 2500 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। बताया जा रहा है कि लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे है। फर्जी वेबसाइट से बनाया शिकार शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाइनांस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। एसआईटी क्रिप्टो करेंसी के सभी मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी की मैपिंग कर रही है।
नग्गर मेडिकल ब्लॉक में कार्यांवित संस्था हंस फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल यूनिट 1 के द्वारा 17 नबंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाहंग में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर में 124 विद्यार्थियों व अध्यापकों का सफल निरीक्षण कर औषधियां वितरित कीं और आवश्यकता अनुसार लैब टेस्ट भी किए गए। शिविर में मोबाइल मेडिकल यूनिट 1 में कार्यरत डॉ. सारांश चौहान, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी आयुशी सूद, लैब टेक्नीशियन वीरपाल सिंह, फार्मासिस्ट निकिता ठाकुर और पायलेट केहर सिंह मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य आशा नेगी के द्वारा हंस फाउंडेशन की इस अनूठी मुहिम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को संचालित करते रहने की अपील की।
-बैल पूजन व सास-दामाद दूज भी है त्योहार का अहम हिस्सा -पोड़ोई पर्व पर गौवंश को परोसे गए पकवान -दीपावली के एक माह बाद मनाई जाती है बूढ़ी दिवाली सिरमौर जनपद की सदियों पुरानी लोक संस्कृति व परंपराओं को संजोए रखने के लिए मशहूर गिरिपार क्षेत्र में यूं तो हिंदुओं के कई त्योहार अलग अंदाज में मनाए जाते हैं, मगर यहां सप्ताह भर चलने वाली दिवाली तथा एक माह बाद आने वाली बूढ़ी दिवाली हमेशा चर्चा में रही है। क्षेत्र में दीपावली से एक दिन पूर्व चौदश से उक्त त्योहार शुरू होता है तथा इसके बाद अवांस, पोड़ोई, दूज, तीज व चौथ आदि नाम से सप्ताह भर चलता है। सोमवार को मनाए जाने वाले पोड़ोई पर्व पर क्षेत्र मे बैलों अथवा गोवंश के पूजन की परंपरा निभाई गई तथा उन्हें पारंपरिक व्यंजन अथवा पकवान परोसे गए। पोड़ोई पर इलाके के विभिन्न गांवों में बुड़ेछू लोक नृत्य भी हुआ। दिवाली के दौरान अलग-अलग दिन अस्कली, धोरोटी, पटांडे, सीड़ो व तेलपकी आदि पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। दीपावली के अगले रोज पोड़ोई, दूज, तीच व चौथ आदि पर ग्रेटर सिरमौर के कईं गांव में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें से कुछ जगहों पर रामायण व महाभारत का मंचन किया जाता है। गिरिपार के अंतर्गत आने वाले उपमंडल संगड़ाह, शिलाई, कफोटा व राजगढ़ की 154 के करीब पंचायतों में दिवाली को आज भी इसी तरह पारंपरिक अंदाज में मनाया जाता है। क्षेत्र में कुछ दशक पहले तक बिना पटाखे चलाए पर्यावरण मित्र ढंग से यह उत्सव मनाया जाता था, हालांकि अब देश के अन्य हिस्सों की देखा-देखी में आतिशबाजी दीपावली का हिस्सा बन गई है। विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले पारंपरिक बुड़ेछू कलाकारों द्वारा इस दौरान होकू, सिंघा वजीर, चाय गीत, नतीराम व जगदेव आदि वीर गाथाओं गायन किया जाता है। कलाकारों द्वारा फास्ट बीट के सिरमौरी गीतों पर बूढ़ा नृत्य भी किया जाता है। सदियों से क्षेत्र में केवल दीपावली अथवा बड़ी दिवाली तथा बूढ़ी दिवाली के दौरान ही बुड़ेछू नृत्य होता है तथा इसे बूढ़ा अथवा बुड़ियाचू नृत्य भी कहा जाता है। स्थानीय लोग बुड़ेछू दल के सदस्यों को नकद बक्शीश के अलावा घी के साथ खाए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन भी परोसते हैं तथा इस परंपरा को ठिल्ला कहा जाता है। भैया दूज पर दामाद अपनी सास को उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बहरहाल क्षेत्र में सदियों से इस तरह दीपावली मनाने की परंपरा कायम है। एक माह बाद आने वाली अमावस्या से ग्रेटर सिरमौर कईं गांव में सप्ताह भर चलने वाली बूढ़ी दिवाली मनाई जाती है तथा कुछ गांवों में इसे मशराली के नाम से भी मनाया जाता है। ग्रेटर सिरमौर अथवा गिरिपार में दीपावली के अलावा लोहड़ी, गूगा नवमी, ऋषि पंचमी व वैशाखी आदि त्यौहार भी शेष हिंदोस्तान से अलग अंदाज में मनाए जाते हैं। बुढ़ाह नृत्य का इतिहास बात राजवाड़ा शाही से शुरू करते हैं सिरमौर रियासत मे बुढ़ाह नृत्य बेहद पुरानी विरासत है जो सदियों से चली आ रही है। बुढाह नृत्य मे पहाड़ी शैली में अपने भाषा और विधाओं में बुढाह नृत्य को गाया जाता है स्थानीय कलाकार चोलना (एक प्रकार की पोशाक घागरा जैसी) हुड़क दुमानु छनका जैसे साज बाज़ के साथ बुढाह नृत्य किया जाता है।बुढाह नृत्य की विशेषता यह भी है कि यह अपनी स्थानीय भाषा मे गाया व नाच किया जाता है। बुढाह नृत्य में विशेष रूप में वीर गाथाओं को गाया जाता है जैसे कमना, सामी, हक्कू मियां, राउत, सिंघा वज़ीर, इत्यादि इलाके के प्रसिद्ध रहे वीरों की गाथाओं को गाया जाता है। साथ मे देव स्तुति भी की जाती है जिस स्थान में जो देवी देवता के मंदिर होते है उन्हें भी बुढाह नृत्य के द्वारा सेवा के रूप में देव गुणगान किया जाता है। इसके इलावा किसी के घर मे कोई शुभ कार्य हुआ हो जैसे शादी ब्याह, पुत्र प्राप्ति जैसे कार्यों में भी सीस (बधाई) दी जाती है। लोग बधाई के रूप में कुछ रुपये इन बुढाह नृत्य के दल को भेंट करते है। इसके इलावा गांव के प्रमुख व्यक्ति सयाने लोगों के घर जा कर उनके घर आंगन में भी नाच गाना करते हैं। सिरमौर जिला की यह बहुत पौराणिक विधा है। हालांकि भाषा एवं संस्कृति विभाग भी इस बुढाह नृत्य को बचाने की कवायद में जुटा है जो अपने आप मे बहुत बड़ा कार्य है।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश के निर्देशानुसार शिलाई क्षेत्र में नए मतदाताओं को मतदान सूची में शामिल करने के लिए 'स्वीप गतिविधियों' के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत रोनहाट में 17 नवंबर, कमरऊ में 25 नवंबर और शिलाई में 30 नवंबर को विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। उपायुक्त ने कहा कि इन विशेष कार्यक्रमों के तहत 18 वर्ष से 19 वर्ष के बीच के नये मतदाताओं विशेषकर युवतियों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए पंजीकरण हेतु प्रेरित किया जायेगा। सुमित खिमटा ने शिलाई क्षेत्र की सभी महिला मंडलों, युवा मंडलों तथा आम जन से इन विशेष जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल होने का आग्रह किया है।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
-बच्चों को पढ़ाया गया कानून का पाठ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिवस के अवसर पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के द्वारा एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया गया। बच्चों को संविधान तथा उनके मौलिक अधिकार व कर्तव्यों, मोटर व्हीकल एक्ट तथा साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया गया, मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के संस्थापक डॉक्टर अनुराग गुप्ता (एडवोकेट)के द्वारा बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया तथा उन्हें कहा कि उनकी सतर्कता व जागरूकता से साइबर धोखाधड़ी होने से बच सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालिगल वालिएंटर संजीव कुमार के द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन व योजना के बारे जानकारी दी गई। बच्चों को नालसा के थीम सांग भी सुनाया व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर के किए गए कार्यों की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा बच्चों से प्रश्न भी पूछे गए सही जवाब देने के लिए, रेखा, युगवीर, कशिश चौहान, कशिश राणा,अमन व पूनम को प्रोत्साहित किया गया। संस्था के द्वारा जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर भी दिए गए। इस मौके पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा व स्कूल स्टाफ तथा पैरा लीगल वालिएंटर आशा अनिला मौजूद रहे।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
-एक सप्ताह में समस्या हल न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी सिरमौर जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में आए दिन घोषित पावर कट लगने तथा घंटो बिजली गुल को रहने की समस्या को लेकर स्थानीय व्यापार मंडल द्वारा बुधवार को एसडीएम सुनील कायथ को ज्ञापन सौंपा गया। व्यापार मंडल पदाधिकारी विजेंद्र शर्मा, चेत सिंह तोमर, केशवानंद व रवि दत्त आदि ने एसडीएम से विद्युत आपूर्ति के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब तलब करने की मांग की। पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा 12 जुलाई 2022 को संगड़ाह में शुरू किए गए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता कार्यालय को वर्तमान सरकार द्वारा गत 12 दिसंबर को बंद किया जा चुका है और इसके बाद यहां विभाग की लापरवाही व स्टाफ की कमी के चलते आए दिन घंटों अघोषित पावर कट लग रहे हैं। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि, अधिशासी अभियंता कार्यालय बंद होने के बाद से यहां नियुक्त कनिष्ठ अभियंता जहां 26 किलोमीटर ददाहू में रहता है, वहीं 33 केवी लाइन संगड़ाह-चाढ़ना 8 माह से बंद पड़ी है। मंगलवार को मुख्य बाजार संगड़ाह में जहां करीब 5 घंटे के लगातार बिजली गुल रही, वहीं बुधवार को भी दो दर्जन के करीब अघोषित पावर कट लगे। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने सप्ताह भर में अघोषित पावर कट का सिलसिला न थमने पर विभाग व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की भी चेतावनी दी। सहायक अभियंता ददाहू कोमल शर्मा ने बताया कि, बुधवार को मुख्य बाजार काली-मिट्टी, संगड़ाह का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिसे ठीक किया जा रहा है।
राजकीय महाविद्यालय में आयोजित 3 दिवसीय कला प्रदर्शनी में स्थानीय की 147 कलाकृतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां रखी गई हिंदू भगवान अथवा देवी-देवताओं की पेंटिंग के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश की कुछ मशहूर हस्तियों की तस्वीरें दर्शकों के अनुसार पेशेवर कलाकारों की तरह इन स्थानीय शौकिया कलाकारों द्वारा हू-ब-हू बनाई गई है। कला संगम प्रदर्शनी के संयोजक प्रो ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि, 3 दिवसीय इस प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. देवराज शर्मा ने किया था और बुधवार को इसका समापन हुआ।
हिमाचल को पर्यटन राज्य बनाने के लिए साहसिक गतिविधियों पर दिया जा रहा ध्यान आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को दिया जा रहा बढ़ावा 'पर्यटक ग्राम' जहां हिमाचली संस्कृति से रू-ब-रू होंगे सैलानी हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार तथा स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। इसके दृष्टिगत ट्रैकिंग, कंैपिंग, पैराग्लाइडिंग तथा रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को विशेष तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयास अब हकीकत में भी नज़र आने लगे हैं। हाल ही में हमीरपुर जिला के नादौन में ब्यास नदी में तीन दिवसीय एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इसमें नेपाल, भूटान और कजाकिस्तान जैसे देशों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल्लू-मनाली के उपरान्त नादौन ब्यास नदी पर राफ्टिंग का नया केंद्र बनकर उभरा है। नादौन क्षेत्र में पर्यटन विकास के दृष्टिगत एशियन विकास बैंक की मदद से 2500 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे पूर्व बिलासपुर जिला में स्थित गोविन्द सागर झील में भी जल क्रीड़ा से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। मण्डी जिला के ततापानी में कोल बांध झील में भी जल क्रीड़ा पर आधारित साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला के पौंग डैम में वाटर स्पोर्ट्स, शिकारा, क्रूज़ तथा यॉट इत्यादि की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश सरकार पारम्परिक पर्यटन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन राजधानी कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फ कोर्स का निर्माण प्रस्तावित है। बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से चिड़िया घर का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही 60 करोड़ रुपये का प्रावधान इसके पहले चरण के निर्माण के लिए किया है। स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए 'पर्यटक ग्रामÓ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम देते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'ओल्ड एज होमÓ विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की एक व्यापक पर्यटन विकास योजना की घोषणा सरकार ने इस वर्ष के बजट में की है। इसके अंतर्गत कांगड़ा जिला में 390 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला में 257 करोड़ रुपये, कुल्लू जिला में 229 करोड़ रुपये, शिमला जिला में 123 करोड़ रुपये तथा मण्डी जिला में 138 करोड़ रुपये व अन्य स्थानों पर 174 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर व्यय किए जाएंगे। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं, इलैक्ट्रिक बसें, जल क्रीड़ा, थीम पार्क, सड़क किनारे प्रसाधन सहित अन्य सुविधाएं, उच्च स्तरीय फूड कोर्ट, विरासत स्थलों के सौन्दर्यकरण और ईको टूरिज्म के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। ग्रीष्म एवं शीतकालीन खेलों का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शिमला आईस स्केटिंग रिंक का उन्नयन करने के साथ ही मनाली में आईस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का मानना है कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन के साथ जोड़कर रोजगार के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटन विकास सुनिश्चित होगा और प्रदेश के राजस्व में भी बढ़ौत्तरी हो सकेगी। पर्यटन तथा आतिथ्य क्षेत्रों में क्षमता निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला के लिए कलाकारों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा। ऑडिशन में सिरमौर सहित अन्य जिलों से श्रेणी 'सीÓ व 'डीÓ के कलाकार चयनित किए जायेंगे। कलाकारों के चयन के लिए आगामी 16 नवंबर को प्रात: 9 बजे एसएफडीए सभागार नाहन में ऑडिशन होंगे। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं उपाध्यक्ष श्री रेणुका जी विकास बोर्ड एलआर वर्मा ने आज मंगलवार को नाहन में श्री रेणुका जी मेले की सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि ऑडिशन में चयनित कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला-2023 की सांस्कृतिक संध्याओं में 22 नवंबर से 27 नवंबर तक प्रस्तुतियां देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ऑडिशन कलाकार चयन समिति की निगरानी में गीत-संगीत के प्राध्यापकों द्वारा की जाएंगी। इच्छुक कलाकारों को 16 नवम्बर को प्रात: 9 बजे निर्धारित स्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया है, हालांकि ऑडिशन देर सांय तक चल सकती है। एलआर वर्मा ने कहा कि कलाकारों का पंजीकरण मौके पर ही किया जाएगा। इसके अलावा इच्छुक कलाकार अपना आवेदन जिला भाषा अधिकारी सिरमौर और जिला लोक सम्पर्क अधिकारी सिरमौर को 15 नवंबर तक कर सकते हैं। चयनित कलाकारों को उनके लिए निर्धारित प्रस्तुति की तिथि के अनुसार दूरभाष के माध्यम से एक दिन पूर्व सूचित किया जाएगा। ऑडिशन में भाग लेने वाले कलाकारों को आने-जाने व ठहरने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। उन्होंने कहा कि श्रेणी 'एÓ तथा 'बीÓ के स्थापित कलाकारों का चयन सांस्कृतिक समिति द्वारा उनके आवेदनों तथा पूर्व में गायन के रिकार्ड व अनुभव के आधार पर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष न. 01702-223115 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी, सहायक लोक संपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह व अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
डायनामिक युवा मंडल नाहन द्वारा छठे हिमाचल लोक उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि अमित कुकरेजा ओएसडी देश भगत यूनिवर्सिटी, विशिष्ट अतिथि विशाल शर्मा, अरुण जोशी, पवन शर्मा डायरेक्टर ऑफ़ बीआरसी इंस्टिट्यूट माल रोड नाहन, दीपक सिवाच ओनर ऑफ़ एफएम स्टूडियो जिम एंड हेल्थ कैफे नाहन, कुलदीप ठाकुर प्रिंसिपल एसबीएन पब्लिक स्कूल, जोगेंद्र ठाकुर एसडीओ आईपीएस नाहन, ज्ञान ठाकुर सिटी सेल प्वाइंट नाहन, चमन भंडारी हाउस फैशन नियर पीजी कॉलेज नाहन, रोशन शर्मा जेई आईपीएस, मिस राम शर्मा एसडीओ सिरमौर रहे। उत्सव में स्लोगन राइटिंग सीनियर में निकिता शर्मा प्रथम, अंजलि द्वितीय व तृतीय स्थान पर स्नेहा चौहान रही। वहीं, पेंटिंग सीनरी में प्रथम स्थान सावनी चौहान, द्वितीय स्थान प्रगति चौहान, तृतीय स्थान भानुप्रिया, स्लोगन राइटिंग जूनियर प्रथम स्थान उमंग ,द्वितीय स्थान समृद्धि ,तृतीय स्थान मयंक ठाकुर, पेंटिंग जूनियर प्रथम स्थान अली हैदर, द्वितीय स्थान आराधना, तृतीय स्थान विशाल ने हासिल किया। हिमाचल लोक उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर राजीव थापा व प्रसिद्ध हिमाचली गायक दीपक चौहान ने खूब समा बांधा और लोगों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम में डायनामिक युवा मंडल अध्यक्ष ओपी ठाकुर उपाध्यक्ष प्रदीप शुप्ता,महासचिव सतीश राणा, सचिव योगेश ठाकुर, सदस्य योगी ठाकुर, धनवीर सिंह, विक्रम शर्मा, सुरेंद्र शर्मा,राहुल शर्मा, रणदीप ठाकुर, मनदीप इत्यादि मौजूद रहे।
आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर देशभर में 2 साल से मनाए गए अमृत महोत्सव समारोह के साथ 'मेरी माटी, मेरा देशÓ अभियान का नई दिल्ली में समापन हुआ और 7500 अमृत कलशों के जरिए देश भर के प्रत्येक गांव की मिट्टी दिल्ली लाई गई। इसमें चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी से रेखा राणा ने भी मिट्टी का कलश राजधानी दिल्ली पहुंचाया। 30 अक्टूबर को एक साथ दिल्ली में कर्तव्य पथ के पास रखे भारत कलश में इक_ा किया गया। विशाल कलश में लाई गई मिट्टी और पौधों को मिलाकर राष्ट्रीय युद्ध के पास अमृत वाटिका बनाई जाएगी। इस मौके पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों से अमृत कलश लेकर नई दिल्ली में कर्तव्य पद पर पहुंचे युवाओं का उत्साह बढ़ाया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को एकत्रित रखना है आपको बताते चली मिट्टी को नमन वीरों का वंदन इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा। दो विश्व युद्धों के दौरान जितने भी वीर वीरांगनाएं शहीद हुए हैं। उनकी शहादत को याद करते हुए इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया, जिसके तहत पूरे भारतवर्ष से प्रत्येक गांव प्रत्येक घर से एक चुटकी मिट्टी लाकर कर्तव्य पथ दिल्ली में विशाल कलश में डालकर कर्तव्य पथ पर अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा, जिसमें चंबा के जनजातिक क्षेत्र पांगी से रेखा राणा व धीरज ठाकुर का भी इस कार्यक्रम के लिए चयन हुआ था और इन्होंने भी पांगी की हर एक पंचायत से मिट्टी एकत्रित करके पहले जिला स्तरीय उसके बाद राज्य स्तरीय उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर जाकर इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ साथ ही राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल के युवाओं को हरी झंडी दिखाकर राजधानी के लिए रवाना किया था। दिल्ली पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल के युवाओं के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में हिमाचल प्रदेश की पावन मिट्टी को अर्पित किया। रेखा राणा ने कहा कि सरकार द्वारा कई प्रकार के कार्यक्रम युवाओं के लिए चलाए जाते हैं जिसमें युवा शक्ति को बढ़ चढ़ के हिस्सा लेना चाहिए। साथ ही पांगी की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए अपनी पारम्परिक वेश भूषा में कर्त्तव्य पथ पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए रेखा राणा ने इस विशाल कलश यात्रा में भाग लिया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से ना केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि आगे बड़ने की प्रेरणा भी मिलती हैं। मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के सफल समापन के उपल्क्ष पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरा युवा भारत का भी शुभारंभ भी किया है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक देश को पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाना है। रेखा राणा व धीरज कुमार ने कहा कि खेल, युवा मामलो मंत्री व सूचना प्रसारण मंत्रालय अनुराग ठाकुर जी ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास में आमंत्रित कर उनसे शिष्टाचार भेंट कर उनके लिए रात्रि भोज का भी प्रबंध किया गया था।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक निगम की सभी परियोजनाओं एवं कार्यालयों में सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम 'भ्रष्टाचार का विरोध करें; राष्ट्र के प्रति समर्पित' रहे है। टीएचडीसीआईएल में सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र, ऋषिकेश के तक्षशिला हॉल में एसजेवीएन एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने इस कार्यक्रम के आयोजन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दंी और कहा कि यह कार्यक्रम सतर्क और जवाबदेह भविष्य के लिए टीएचडीसी और एसजेवीएन की प्रतिबद्धताओं को दर्शाता है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल ने सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया है और भारत में सभी को चौबीस घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने हेतु लक्ष्य में हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। कार्यक्रम का उद्घाटन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों श्री अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग), सीवीसी, नई दिल्ली, श्री शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड एवं श्री प्रेम प्रकाश (आईओएफएस), सीवीओ, टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने अभिभाषण के दौरान अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग) ने सार्वजनिक खरीद के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने खरीदारी करने वाले अधिकारियों की अनिवार्य जिम्मेदारियों, सार्वजनिक खरीद में जोखिम प्रबंधन रणनीतियों और व्यापक निविदा प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। कुमार ने सार्वजनिक खरीद की जटिलताओं, खरीद अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका और जोखिम कम करने के उपायों को उजागर किया। उन्होंने खरीद के क्षेत्र में इसके महत्व को रेखांकित करते हुए व्यापक निविदा प्रक्रिया में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। शैलंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में खरीद प्रक्रिया में सतर्कता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई और नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी है। सिंह ने कहा कि बढ़ती जटिलता और परस्पर वैश्विक निर्भरता के युग में, खरीदारी का कार्य संगठनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, चाहे वह सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में हो। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि यह प्रक्रिया नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए अत्यंत परिश्रम से संचालित की जाए। टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के सीवीओ प्रेम प्रकाश (आईओएफएस) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खरीद में सत्यनिष्ठा और जवाबदेही के उपायों को कायम रखने के सर्वोपरि महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये मूल सिद्धांत न केवल पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित करते हैं बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदारी पूर्ण आवंटन में भी योगदान देते हैं, जिससे ऐसी खरीद प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है जो शासन और नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों के अनुरूप होती है।
-डीसी सिरमौर एवं श्री रेणुकाजी बोर्ड अध्यक्ष ने दी जानकारी -मेले के आयोजन व व्यवस्था को लेकर रेणुकाजी में हुई बोर्ड की बैठक सतयुगी तीर्थ कहलाने वाले श्री रेणुकाजी में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मेले का आयोजन 22 से 27 नवंबर तक परंपरागत ढंग से धूमधाम के साथ किया जाएगा। उपायुक्त सिरमौर एवं अध्यक्ष श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड सुमित खिमटा ने यह जानकारी मेले के प्रबंधों को लेकर शुक्रवार को कुब्जा पवेलियन रेणुका जी में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय मेले में सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन के लिए प्रसिद्ध कलाकारों को प्रस्तुतियों हेतु आमंत्रित किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्याओं में सिरमौरी नाइट व हिमाचली नाइट का विशेष आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मेला में दंगल, वाद्य दल तथा अन्य प्रतियोगिता आयोजन किया भी प्रमुखता से किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि मेले के दौरान स्वच्छता बनाये रखने के दृष्टिगत साफ-सफाई को लेकर विशेष कार्य योजना बनाई जायेगी। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए ददाहु से रेणुकाजी तक सड़क पर रोशनी की भी समुचित व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि, मेला अवधि के दौरान 13 स्वागत द्वारों का निर्माण चयनित स्थानों पर किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि, मेले के दौरान पुलिस कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहले की भांति अपना प्लान तैयार करे। श्री रेणुकाजी मेले के दौरान स्वास्थ्य तथा आयुष विभाग द्वारा अस्थाई डिस्पेंसरी की स्थापना, बिजली, पेयजल, सड़क की मुरम्मत, शौचालयों की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंपलिंग टीम का गठन समेत मेले से जुड़े अन्य विभिन्न पहलुओं पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने मेले के आरंभ से पहले ही मेला मैदान में सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि मेले के दौरान लोगों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। मेले के सफल आयोजन हेतु सभी कार्यों के लिए उप समितियों के गठन का भी निर्णय लिया गया है। डीसी ने कहा कि मेला के आयोजन से जुड़ी सभी उप समितियां अपने स्तर पर भी बैठकों का आयोजन करें ताकि मेले के स्वरूप और प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि मेला परिसर में मांस, मछली, शराब तथा पॉलिथीन प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवसर पर स्थानीय विधायक विनय कुमार, एडीसी एवं उपाध्यक्ष श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड एलआर वर्मा एसडीएम नाहन एवं सदस्य सचिव श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड रजनेश कुमार, तहसीलदार ददाहु राजेेंद्र ठाकुर के अलावा रेणुकाजी विकास बोर्ड के सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
उद्योग, संसदीय कार्य एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान आगामी 5 व 6 नवंबर को शिलाई विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय प्रवास पर होंगे। इस प्रवास कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री विभिन्न योजनाओं का भूमि पूजन तथा अन्य कार्यक्रमों में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि उद्योग मंत्री 5 नवंबर को प्रात: 11 बजे काफोटा में चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करेंगे। इसके पश्चात सांय 3 बजे शिलाई में मिनी सचिवालय के भूमि पूजन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग मंत्री 6 नवंबर को प्रात: 11 बजे डिग्री कॉलेज भवन रोहनाट के भूमिपूजन समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
उप मंडल दंडाधिकारी पांवटा साहिब गुंजीत चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पांवटा साहिब में दिपावली के उपलक्ष्य पर उपमण्डल दंडाधिकारी कार्यालय द्वारा पटाखों की बिक्री हेतू अस्थायी लाईसैंस जारी किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित स्थान पर पटाखे बेचने की अनुमति दिनांक 8 से 12 नवंबर तक ही प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखों की बिकी हेतू अस्थायी लाईसैंस प्राप्त करने के लिए इच्छुक आवेदक किसी भी कार्य दिवस में उपमण्डल दण्डाधिकारी पांवटा साहिब के कार्यालय में मैनुअल आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस कार्यालय द्वारा ऑनलाईन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


















































