मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए बाह्य परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पिछले चार वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश को 10620 करोड़ रुपये की विभिन्न बाह्य परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में वर्ष 2022-23 के केन्द्रीय बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक को सम्बोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्रालय राज्य को निरंतर उदार वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य में आधारभूत संरचना के विकास के 400 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष सहायता के रूप में 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाए।मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए औद्योगिक विकास योजना-2017 को अगले पांच वर्षोें के लिए जारी रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश सम्मेलन-2019 के उपरान्त कई औद्योगिक इकाईयों ने राज्य में अपने उद्योग स्थापित करने में रूचि दिखाई है और इससे लगभग 97 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित औद्योगिक विकास योजना केवल मार्च, 2022 तक ही प्रभावी है और राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इसे आगे बढ़ाया जाए।
जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़कों और पुलों के रख-रखाव और मुरम्मत के लिए विशेष अनुदान प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में राज्य में बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन के कारण सड़क आधारभूत संरचना को लगभग 1100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ के अन्तर्गत उपलब्ध करवाई गई सहायता को अपर्याप्त बताते हुए उन्होेंने कहा कि यह निधि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए भी आवंटित की गई थी। मुख्यमंत्री ने वेज एंड मीन्स एडवांसिज की सीमा को जारी रखने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश के राजस्व में आई कमी की क्षतिपूर्ति की जा सकेगी और राज्य में विकास गतिविधियों को भी जारी रखा जा सकेगा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आरएन बत्ता भी उपस्थित थे।
