देहरा : भाजपा के खिलाफ किया जुबानी हमला, भाजपा सरकार प्रदेश में हुई फेल-सुरिंद्र मनकोटिया
विनायक ठाकुर।देहरा
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरिंद्र सिंह मनकोटिया ने कहा है कि ऐसा लगता है कि भाजपा नेतृत्व, भाजपा मंत्रियों, विधायकों को राज्य में अपने पर भी भरोसा नहीं रहा है और हार का डर सता रहा है। इसलिए वह अपने क्षेत्र के अपने कार्यकर्ताओं को बुलाकर दरियां, टाट, कुर्सियां, पतीले व गद्दे बांटकर चुनावी माहौल का ताना-बाना बुनने में जुट गए हैं, क्या यही विकास है? अगर 5 वर्ष काम किया होता तो बीजेपी को यह ताने-बाने न बुनने पड़ते। मनकोटिया ने पूछा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से तंग प्रदेश के लोग जब भाजपा नेताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं से अच्छे दिनों की परिभाषा पूछते हैं, तो उनकी सिट्टी पिट्टी गुम हो जाती है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए फील्ड में जनता के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो गया है, जिस कारण भाजपा को चिंता में डाल दिया है।
अब शगूफे और आश्वासन से काम नहीं चलेगा। चुनाव सिर पर आता देेख भाजपा के मंत्री बौखलाई गए हैं। मनकोटिया ने कहा कि इस वक्त महंगाई और बेरोजगारी मुख्य मुद्दे हैं। सरकार मंहगाई कम कर दे और बच्चों को नौकरिया दे दे, दरियां और टाट तो वे खुद ही खरीद लेंगे। मनकोटिया ने आगे कहा कि मात्र 8 वर्षों में दुनिया की सबसे अमीर पार्टी होने का तमगा पाने वाली बीजेपी अब पैसे के जोर पर मार्केटिंग करके और सत्ता के डंडे के बल पर लोकतंत्र को हांकना चाह रही है, पर जनता इनकी शगुफेबाजियों को समझ चुकी है। कमोवेश यही हाल जसवां प्रागपुर के विधायक का है। अगर मंत्री जी ने काम किया होता, लोंगों से संवाद रखा होता तो आज दर-दर जाकर दरियां व टाट न बांटने पड़ते। ऐसा करके वे हंसी का पात्र बन रहे हैं। मनकोटिया ने आगे कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के साथ धोखा है।
भाजपा को युवा वर्ग के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। युवाओं के आक्रोश की आंच भाजपा को विधानसभा चुनावों में महसूस होगी और इनका गुस्सा वोट की चोट से बाहर आएगा। मनकोटिया ने आगे कहा कि जलजीवन मिशन फ्लाप साबित हुआ है। एक तो सरमाएदारों ने करोड़ों रुपए इसमें डकार लिए, ऊपर से घटिया पाईपें डाल दींत, परंतु नल में पानी नहीं दिया। स्त्रोत नहीं बढ़ाए, जिस कारण पानी के अभाव में ज्यादातर गांव, बरसात होने के बावजूद प्यासे हैं। 15-20 मिनट के लिए पानी आता है, जो पीने के लिए भी पूरा नहीं होता, शौच के लिए कहां से लाएं।
