भगिनी निवेदिता का साक्षात प्रतिरूप हैं डॉ मल्लिका नडडा : सदाशिव देवधर
- दिव्यांग बच्चों के लिये अद्वितीय कार्य कर रही है चेतना संस्था
बनवासी कल्याण आश्रम में कार्य कर रहे और कई वर्षों से अभाविप के संगठन के अलावा कई दायित्व निभा चुके व्यक्तित्व सदाशिव देवधर ने बिलासपुर में चेतना संस्था द्वारा आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस संस्था की संस्थापक डॉक्टर मल्लिका नड्डा में उन्हें भगिनी निवेदिता का प्रतिरूप दिखता है। मल्लिका ने सेवा के इस क्षेत्र को चुना जिसके लिए वे बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि चेतना संस्था ने लगातार तरक्की की है जिसके लिए संस्था के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज में व्यक्ति अंतर्मुखी बन गया है, समाज धर्मी बनाने का काम चेतना संस्था ने किया है। उन्होंने कहा कि विश्व गुरु की संकल्पना विश्व को देना भारत का प्रमुख ध्येय है, इसमें मोदी लगे हैं लेकिन यह संकल्प सबको लेना होगा।
इससे पहले चेतना संस्था की संस्थापक डॉ मल्लिका ना डालें मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया और कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे जो प्रेरणा रही है वह इन्हीं की थी। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जन्मदिन सेवा प्रकल्प के रूप में मनाए जाने की घोषणा की है और दिव्यांग बच्चों को देव स्वरूप संज्ञा दी है तो चेतना संस्था उनके इस प्रकल्प और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए लगातार कार्य कर रही है । उन्होंने कहा कि स्त्री अनंत काल की माता होती है, महिलाओं को देवी बोला जाता है पुरुष को देव नहीं कहा जाता। उन्होंने कहा कि इस वक़्त हम सबने ज्ञान की उपासना छोड़ दी है और पाश्चात्य व्यवस्था अपना ली है जो भोग व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सही धर्म वो है जिसमें सामाजिक निर्माण हो।
इस कार्यक्रम में चेतना संस्था के अध्यक्ष नंद प्रकाश वोहरा के अलावा सचिव नीना कौशल, ब्रिगेडियर जे सी वर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। बाद में मुख्य अतिथि ने सभी बच्चों को अपने हाथों से लड्डुओं का वितरण किया तथा उनके साथ बैठकर सहभोज भी लिया। इस अवसर पर चेतना संस्था बिलासपुर और घुमारवीं के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जिसकी मुख्य अतिथि ने भरपूर प्रशंसा की। मंच संचालन भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अमरनाथ धीमान ने किया।
