जमीनी हकीकत और बुरे दौर से गुजर रहा देश : राणा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सुजानपुर के विधायक राजेन्द्र राणा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वर्तमान में देश बुरे दौर से गुजर रहा है। जनता को वही दिखाया जा रहा है, जो जनता देखना चाहती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। कभी कमजोर समझे जाने वाले टका की कीमत रूपए से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के सारे रिजर्व फंड खत्म कर दिए है। हजारों उद्योग बंद होने से करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के कारण छोटे व मध्यम वर्गीय व्यापारी खत्म हो गए है।नोटबंदी ने आर्थिक सिस्टम को खत्म कर देश का बंटाधार कर दिया है। इन सब मुद्दों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए जनता को धर्म, जाति व मजहब के नाम पर लड़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने सवालों का पिटारा खोलते हुए कहा कि आखिर उद्योगों के बंद होने व बेरोजगारी बढ़ने के क्या कारण रहे। क्या कारण रहे कि रिजर्व फंड को सरकार ने निकाला। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूपए की कीमत निम्न स्तर पर कैसे पहुंची। उन्होंने सवाल किया कि जनता जानना चाहती है कि क्या राष्ट्रवाद के नाम पर सरकार जनता को इमोशनल ब्लैकमेल कर वोट हथियाने तक ही सीमित थी। जीडीपी के 5 प्रतिशत से नीचे गिरने पर ज़िम्मेवार व जवाबदेह कौन है। उन्होंने कहा कि 4-5 बड़े ओद्यौगिक घरानों को पालने की बजाये देश के बाकि व्यापारियो का नुक्सान क्यों किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी व जीएसटी लागू करने से अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ने को ज़िम्मेवार कौन है। उन्होंने कहा कि सरकार इन सवालों का जवाब दे, क्योंकि अब जनता सरकार के जुमलों को पहचान चुकी है।
