एक सप्ताह में डॉक्टर तैनात न किये तो युवा कांग्रेस करेगी आंदोलन : आशीष ठाकुर
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों को न भरा गया तथा कम से कम तीन मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं करवाई गई तो बिलासपुर युवा कांग्रेस एक उग्र आंदोलन चलाएगी ओर आंदोलन की जिमेवारी प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन की होगी। ठाकुर बिलासपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार व विभाग को जनता की कोई फिक्र नहीं है। इस समय जिला बिलासपुर का क्षेत्रीय अस्पताल मात्र एक डिस्पेंसरी बनकर रह गया है। एक के बाद एक चिकित्सक स्थानांतरित होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में चार चिकित्सक यंहा से अन्य जिलों में स्थानांतरित हो गए है। क्षेत्रीय अस्पताल में मात्र एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट अपनी सेवाएं दे रहे थे वह भी पिछले कल यंहा से रिलीव हो गए। आशीष ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिला बिलासपुर की आबादी चार लाख से ज्यादा होने के बाबजूद यंहा लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर -दर की ठोकरें खा रहे है। सबसे बड़ी शर्म की बात है कि पूर्व में रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवम वर्तमान कार्यकारी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी जिला से सम्बंधित है साथ में केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री भी इसी लोकसभा से सम्बंधित है। साथ के साथ पूरे जिले में 3 विधायक भाजपा के है ओर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व ओएसडी भी इसी जिला से सम्बंधित हों। उन्होंने कहा कि इतने बड़े बड़े पदों पर आसीन होने के बाबजूद इन नेताओं को आम लोगों की कोई चिंता नही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि की भाजपा मात्र वोट बैंक के लिए लोगों को छलती है इनकी कथनी और करनी में भी ज़मीन आसमान का फर्क है। चिकित्सक न होने का मुख्य असर गरीब लोगों को पड़ता है जो स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल का रुख करते हैं। ठाकुर ने कहा कि जिला बिलासपुर में सुचारु रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं चलाने के लिए कम से कम तीन मेडिसिन स्पेशलिस्ट होने चाहिए जो रात दिन लोगों को अपनी सेवाएं दे सकें। देखने मे ऐसा आता है कि रात्रि सेवा में मेडिसिन स्पेसलिस्ट न होने की वजह से मरीजों को दूसरे जिला के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है इससे गरीब लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिलासपुर जिला में मुख्यतः कृषक परिवार है जिनकी स्थिति आर्थिक रूप से बहुत सुदृढ़ नहीं है।
