पोक्सो एक्ट 2012 के तहत 7 साल का कठोर कारावास
विशेष एवं जिला एंव सत्र न्यायाधीश बिलासपुर राकेश चौधरी ने एक अहम मुकदमे में दोषी को धारा 4 पोक्सो एक्ट 2012, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधित अधिनियम के तहत दोषी मनोज कुमार सुपुत्र चुन्नीलाल गांव अमरपुर थाना घुमारवीं ज़िला बिलासपुर को दोषी करार देते हुए 7 साल का कठोर कारावास व 1 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की जानकारी देते हुए ज़िला न्यायवादी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने बताया कि दिनांक 11 अप्रैल 2017 को थाना घुमारवीं में काल्पनिक नाम रामलाल की शिकायत पर धारा 363 व धारा 4 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत एफआईआर नंबर 88/ 17 दर्ज की गई थी। इसके तथ्य यह थे कि पीड़िता जो कि एक नाबालिक लड़की थी वो 11 अप्रैल 2017 को करीब 10 बजे सुबह अपने घर से घुमारवीं में नलवाड़ी का मेला देखने के लिए गई थी। घर वापिस ना पहुंची तो शिकायतकर्ता भाई ने उसे सब जगह ढूंढा पर वह नहीं मिली। फिर 12 अप्रैल 2017 को वादियां आईपीएच चैक घुमारवीं पर बरामद की गई। इसने सारी आपबीती अपने भाई को बताई कि उसे 11 अप्रैल 2017 को करीब 8 बजे शाम को दोषी अपने मोटरसाइकिल पर मिला। उसने उसे कहा कि वह उसे घर छोड़ देगा पर दोषी ने उसे घर नहीं छोड़ा व उसे पनौल ले गया तथा रास्ते में शिव मंदिर के पास उसने वादिया के साथ बलात्कार किया। इस पर मुकदमा की तफ्तीश अमल में लाई गइर्।। वह सारे सबूत वादिया का मेडिकल मुलहाचा व दोषी का मेडिकल परीक्षण विशेषज्ञ रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज हासिल किए गए। उसके उपरांत विशेष न्यायलय में दोषी के खिलाफ चालान पेश किया गया। इस केस में विशेष लोक अभियोजक एवं ज़िला न्याय वादी विनोद भारद्वाज ने 21 गवाह पेश किए व दोषी ने अपने बचाव में 2 गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए व बचाव पक्ष की।दलीलों को नकारते हुए दोषी मनोज कुमार सुपुत्र चुन्नीलाल गांव अमरपुर थाना घुमारवीं ज़िला बिलासपुर को धारा 4 पोक्सो एक्ट के तहत 7 साल का कारावास व 1 हजार रूपए का जुर्माना की सजा सुनाई गई।
