आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष पर शोध समिति हिमाचल प्रदेश के 75 शोधार्थी चलाएंगे इंटर्नशिप प्रोग्राम
शोध समिति हिमाचल प्रदेश द्वारा आज यानी शुक्रवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शोध हिमाचल प्रदेश के संयोजक सुयश पवार ने कहा की भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ का वर्ष शुरू हो चुका है। इस वर्ष को पूरा भारत अमृत महोत्सव के रूप में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर मना रहा है। इसी बाबत शोध समिति हिमाचल प्रदेश भी इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों जैसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, वाईएस परमार विश्वविद्यालय नौणी सोलन, हिमाचल प्रदेश तकनिकी विश्वविद्यालय हमीरपुर, NIT हमीरपुर, IIT मंडी, और निजी विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों के लिए रिसर्च स्कॉलर इंटर्नशिप प्रोग्राम का आयोजन कर रही है। यह प्रशिक्षुता कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक चलेगा।
इस कार्यक्रम में जितने भी हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी जिन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था और जो स्वतंत्रा सेनानी जिनका नाम इतिहास के पन्नों से गायब है उन सभी के घर तक पहुंच कर सभी का पता लगा कर एक रिपोर्ट और किताब लिख कर आने वाले समय में प्रकाशन किया जाएगा। इस इंटर्नशिप प्रोग्राम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 75 शोधकर्ताओं को प्रदेश के गांव-गांव में भेजा जाएगा व स्वतंत्रता सेनानियों के घरों में उनके परिवारों और आश्रितों से स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही उन परिवारों की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जायेगा। इस बाबत 10 अक्टूबर को हमीरपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इस शोध के संबंधित जानकारी प्राध्यापकों द्वारा दी जाएगी। 24 अक्टूबर,को इस प्रशिक्षुता कार्यक्रम का समापन शिमला में किया जाएगा जिसमें शोधार्थी इस शोध के दौरान हुए अनुभवों को साँझा करेंगे। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षुता कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के लगभग 1000 स्वतंत्रता सेनानियों के घरों तक पहुंचा जायेगा और आवश्यक जानकारी इकट्ठा की जायेगी।
