बिलासपुर: लेखक संघ की ओर से मासिक बैठक एवं काव्यगोष्ठी का हुआ आयोजन
जिला लेखक संघ की मासिक बैठक एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन घुमारवीं में हुआ। ये आयोजन देलग गांव में संघ के सदस्य हेमराज शर्मा के घर में हुआ, जिसमें लेखक संघ के संरक्षक डॉक्टर लेख राम शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। बैठक का शुभारंभ सरस्वती वन्दना के साथ किया गया।
इसके बाद लेखक संघ की गतिविधियों पर विचार विमर्श किया गया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डॉ.अनेक राम संख्यान ने की। कवि सम्मेलन में डॉक्टर लेखराम शर्मा ने "दादे रा किरड़ू, बाबे जो त्यार", प्रीति शर्मा मधु ने "गांव-गांव का शहर, शहर में छंट गया जीवन", संघ के प्रेस सचिव केशव शर्मा रसिक ने "इस मन को मैंने बार-बार समझाया, बदलती दुनिया का हर रंग दिखाया", सुनील शर्मा ने "एक समय था", शमशेर सिंह चंदेल ने "हिमाचल है सरताज हिंद का, दुनिया का ये तारा है", अजय शर्मा ने "खुश रहना तो है आसान बहुत", डॉक्टर अनेक राम संख्यान ने "झूमती चली हवा", मास्टर शिवाय ने "हरपल चलती जाती चींटी", बृजलाल लखनपाल ने "मैं रहूं या न रहूं", रविंद्र कुमार शर्मा ने "मन करदा इक छोटा जेहा टप्परू मैं वी बणाऊं" आदि कविताएँ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के अंत में हेमराज शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन की भूमिका रविंद्र कुमार शर्मा ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर लेखक संघ की ओर से हेम राज शर्मा व अजय शर्मा को टोपी व शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया।
