प्रदेश स्कूलों में बिजली, पानी और टॉयलेट जैसी सुविधाओं को तरसते बच्चे: रत्नेश गुप्ता
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में स्कूलों के खस्ताहाल पर जयराम ठाकुर सरकार को घेरा है। 'आप' प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि, शिक्षा बजट का ऐसा कैसा इस्तेमाल हो रहा है कि स्कूल में बच्चे पानी, बिजली और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है? उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के 267 स्कूलों में छात्राओं और 448 स्कूलों में छात्रों के लिए शौचालय नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन पर दाग की तरह है ये आंकड़े। 15 ऐसे स्कूल है जहां बच्चों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ये सरकार के अपने आंकड़े है जिसे जयराम ठाकुर सरकार झुठला नही सकती। 8000 करोड़ के शिक्षा बजट के बाद भी ये हालात शर्मशार करने वाले। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश की आम जनता को बार बार बिजली के बढ़े दामो से झटका देने वाली सरकार आज तक प्रदेश के 664 स्कूलों में बिजली क्यों नहीं पहुंचा पाई है? उन्होंने कहा विकास का इंतजार इतना लंबा है कि आज भी प्रदेश के 1937 स्कूल लाइब्रेरी के इंतजार में है। आलीशान कमरों में बैठकर शिक्षा पर चर्चा करने वाले लोग आज तक 80% स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट मुहैया नहीं करवा पाए हैं। शिक्षा बजट के आकड़ो से खिलवाड़ करने वाले लोगो 25 स्कूलों को खेल का मैदान तक नही दिला पाए है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जो अपने बजट का 25% शिक्षा पर खर्च करती है। इसी बजट के ईमानदार इस्तेमाल ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर वो इबारत लिखी है जिसकी गवाही देश और दुनिया देती है।
