धर्मशाला : कोविड डैथ के दावे 24 मई तक कर सकते हैं दायर : उपायुक्त
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों की अनुपालना हेतु कोविड-19 के कारण हुई मृत्यु में सहायता राशि प्रदान करने बारे आदेशों में कुछ संशोधन किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि 20 मार्च, 2022 से पहले कोविड-19 के कारण हुई मृत्यु के मामले में मुआवजे के दावे दायर करने के लिए 24 मार्च से 60 दिनों की सीमा का निर्धारण किया गया है। भविष्य में कोविड-19 के कारण होने वाली मौतों के लिए, मृत्यु की तारीख से नब्बे दिनों का समय मुआवजे का दावा दायर करने हेतु प्रदान किया जाएगा। दावों को संशोधित करने और दावे की प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों की अवधि के भीतर मुआवजे का वास्तविक भुगतान करने से पहले के आदेशों को जारी रखने का आदेश दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि अत्यधिक कठिनाई के मामले में यदि कोई दावेदार निर्धारित समय के भीतर आवेदन नहीं कर सकता है, तो दावेदार के लिए शिकायत निवारण समिति से सम्पर्क करने और शिकायत निवारण समिति के माध्यम से दावा करने का अधिकार होगा। इस पर शिकायत निवारण समिति द्वारा विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायत निवारण समिति द्वारा यदि यह पाया जाता है कि कोई विशेष दावेदार निर्धारित समय के भीतर दावा नहीं कर सकता है, जो उनके नियंत्रण से बाहर है, तो उसके मामले पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की महामारी के दौरान जिस किसी के परिवार के सदस्य की मृत्यु कोविड महामारी से हुई है उनके परिजनों को उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा परिवार के सदस्य को 50 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की जा रही है। राहत राशि के लिए फार्म वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। फार्म में मंागी गई जानकारी के आधार पर दस्तावेज संलग्न करके संबंधित उपमंडल कार्यालय में जमा करवाएं ताकि मृतक के परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि प्रदान की जा सके। उपायुक्त ने बताया कि कोविड-19 से जिला कांगड़ा में 1165 लोगों की मृत्यु हुई थी। जिसके तहत मुआवलक के लिए 722 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें 659 लोगों के परिवारों को राहत राशि प्रदान कर दी गई है तथा शेष 63 लोगों के राहत राशि प्रदान की जानी है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवारों को उपायुक्त कार्यालय द्वारा एक पत्र भेजा गया है तथा इच्छुक लोग निर्धारित समय सीमा अवधि में अपने फार्म जमा करवाएं, ताकि उन्हें मुआवजा राशि जारी की जा सके। उपायुक्त ने बताया कि संबंधित परिवार के सदस्य आवेदन फार्म के साथ मृतक का पहचान प्रमाण पत्र, दावेदार का पहचान पत्र, मृतक और दावेदार के बीच का सम्बन्ध प्रमाण पत्र, कोविड-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण करने वाली प्रयोगशाला की रिपोर्ट, कोविड-19 से हुई मृत व्यक्ति का विवरण, मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि तथा कानूनी वारिस प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
