कांगड़ा : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिर्पोट ने खोली जयराम सरकार की पोल - भंडारी
मनोज। कांगड़ा
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की 2019-20 की रिपोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रशासनिक अक्षमता एवम लचर व्यवस्था के चलते निशुल्क वर्दी वितरण योजना के तहत राजकोष को 1.73 करोड़ रुपए की चपत को लेकर आम आदमी पार्टी ने तीखी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष सत्र के शुरू होने पर स्कूली बच्चों को गुणवता पूर्ण वर्दी का कपड़ा उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता के अनुसार योजना बनाने व लागू करने में असमर्थ थी। औपचारिकताओं को पूरा करने एवम आपूर्ति आदेश जारी करने में विलंब के कारण 2018-19 के दौरान विद्यार्थियों को कपड़ा उपलब्ध नहीं करवाया गया था और 2016-18 एवम 2019-20 के कालखंड में विभागीय अधिकारियों ने वर्दी वितरण में एक से 11 महीने से ज्यादा समय लिया। ज्ञात रहे कि सत्र 2021-22 की वर्दी वितरण मार्च माह में की जा रही है जिसका +2 के विद्यार्थियों को कोई इस्तेमाल नहीं रहेगा। इसके साथ ही कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी व रामपुर स्थित राज्य के पांच अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना एवम सुदृढ़ीकरण के लिए 11 करोड़ रुपए खर्च करने पर नतीजा नगण्य है। वहीं पर आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिर्पोट को लेकर ठाकुर जयराम सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आपराधिक लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए जोरदार राजनीतिक प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कल्याण भण्डारी ने कांगड़ा से जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मामलों में उदासीन रवैया अपनाया है जिसे उनकी पार्टी लोगों के बीच ले जा कर उजागर करने का काम करेगी। कल्याण भण्डारी ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग करती है कि सत्र 2018-19 के दौरान बच्चों को जो वर्दी वितरित नहीं की गई उससे जो करोड़ों रुपए बचे, मुख्यमंत्री वह हिसाब राज्य की जनता को दे। पार्टी प्रवक्ता ने राज्य के मेधावी छात्रों को एक योजना के तहत दिए जाने वाले लैपटॉप से वंचित रख डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को नुकसान पहुंचाने का भी गंभीर आरोप सरकार पर लगाया है।
