फर्जी दानदाता बन बौद्ध संस्थान से 6.58 लाख ठगे, जीरो एफआईआर दर्ज
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में फर्जी दानदाता बनकर एक बौद्ध धार्मिक संस्थान से 6.58 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने संस्थान के प्रतिनिधियों से संपर्क कर खुद को दान देने वाला व्यक्ति बताया और विश्वास में लेकर रकम हड़प ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने संस्थान से संपर्क कर धार्मिक कार्यों के लिए बड़ी राशि दान करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग बहानों से संस्थान के प्रतिनिधियों से बैंक खाते में रकम जमा करवाई। जब काफी समय बाद भी दान की राशि संस्थान को नहीं मिली और आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका, तब प्रतिनिधियों को ठगी का एहसास हुआ।
संस्थान की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से बातचीत कर विश्वास कायम किया और फिर 6.58 लाख रुपये की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले को जांच और क्षेत्राधिकार के अनुसार संबंधित थाने को भेजा जाएगा। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साइबर टीम की मदद ली जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के दान या आर्थिक मदद के प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें और संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
