देहरा : अगामी 29 नवम्बर को शिमला मे तमाम आशा कार्यकर्ता करेगी आंदोलन
आशा कार्यकर्ताओं को साढे 18 हजार रुपये वेतन या स्थाई पॉलिसी से न जोडा तो हिमाचल भर की तमाम आशा कार्यकर्ताए अगामी 29 नम्बर को प्रदेश की राजधानी शिमला मे महा आंदोलन करने के लिए बेबस होना पडेगा। मंगलवार को यह बात गरली मे पहुंची नव-निर्वाचित आशा कार्यकर्ता संघ की महामंत्री शशिलता ने कही। संघ की महामंत्री शशिलता ने कहा कि हिमाचल भर की तमाम आशा कार्यकर्ताए कोरोना संक्रमण जैसी खतरनाक बिमारी से निपटने के लिए अपनी व अपने परिवार को जान को जोखिम मे डाल कर लगातार 24 घण्टे सेवा मे जुटी हुई है।जबकि आशा कार्यकर्ताओं की इस कुर्बानी को प्रदेश भाजपा सरकार भली भातिं जानती हैं लेकिन आशा कार्यकर्ताओं को मात्र 2 हजार रुपये वेतन देकर उनका सरेआम सरकार शोषण कर रही है जिसे हिमाचल भर की तमाम आशा कार्यकर्ता सहन नहीं करेगी। वही संघ की प्रदेश महामंत्री शशिलता ने सरकार से चार मांगे रखी हैं कि न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए, पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए, आंगनवाड़ी वर्कर व मिड डे मील वर्कर के लिए नियमितीकरण की नीति बनाई जाए व बोर्डो व निगमों में कार्यरत कर्मचारियों को पेंशन सुविधा प्रदान की जाए। शशिलता ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की स्थाई पॉलिसी बनाई जाए और इन्हे स्वास्थ्य विभाग में 40 परसेन्ट कोटा देकर उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाए।
