कांगड़ा : जिला परिषद कर्मचारियों के समर्थन में उतरे विभिन्न पंचायताें के उपप्रधान
मनाेज कुमार। कांगड़ा
कांगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत पड़ती विभिन्न पंचायतों के उपप्रधानों ने जिला परिषद कर्मचारियों को सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी घोषित करने और विभाग में विलय करने की मांग का समर्थन किया है। पंचायत जमानाबाद के उपप्रधान आशोक कुमार (जांवा), अविनाश चाैधरी पंचायत समीरपुर, इकबाल सिंह पंचायत ईच्छी, संदीप मनकाेटिया समीरपुर खास, सुखविंद्र कुमार (उर्फ बंटी) पंचायत सहाैड़ा, रवि कुमार पंचायत अनसाेली, राज कपूर पंचायत नदेहड़, राकेश कुमार अब्दुल्लापुर, बाेध राज पंचायत रानीताल, महिंद्र सिंह पंचायत काेहाला, बाेध राज पंचायत जलाड़ी व राजीव कुमार मटाैर ने सामूहिक तौर पर कहा कि कोविड-19 की वजह से पहले ही पंचायतों के विकास कार्य ठप पडे़ हैं। अगर सरकार इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं करती है, तो यह हड़ताल पर चले जाएंगे, जिनका पंचायत के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी कई वर्षों से विभिन्न पंचायतों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और पंचायत के पदाधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचेने में इनका अहम योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से समय-समय पर विभागीय कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिए जाते हैं, जिनमें यह कर्मचारी बंचित रह जाते हैं।
मांग को जायज ठहराते हुए उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इन कर्मचारियों को विभाग में विलय करने के साथ-साथ उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, नहीं तो पंचायत प्रतिनिधियाें काे इस समस्या काे गंभीरता लेने लिए मजबुर हाेना पड़ेगा। इसमें विकास कार्य ही नहीं, बल्कि समूचे हिमाचल की पंचायतों मे तमाम काम ठप्प हो जाएंगे और आम लोगों को प्रमाण पत्र ओर कई तरह के कार्य प्रभावित हो जाएंगे।
