धर्मशाला : यूजीसी के सातवें वेतन आयोग को लागु न करने पर भूख हड़ताल पर बैठे प्राध्यापक
-मांगे ना मानी, तो तीव्र होगा आंदोलन
-छः वर्षों से लंबित है मांग - डॉ विक्रम वत्स
पुरे प्रदेश में सोमवार को राजकीय महाविधालय प्राध्यपक संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश व्यापी आवाहन पर भूख हड़ताल की गई। इसी के तहत धर्मशाला राजकीय महाविद्यायल इकाई द्वारा भी इकाई अध्यक्ष डॉ विक्रम वत्स और महासचिव डॉ रणजीत ठाकुर के नेतृत्व में भूख हड़ताल की गई। स्थानीय इकाई अध्यक्ष डॉ विक्रम वत्स ने कहा कि सम्पूर्ण देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में मात्र हिमाचल प्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जहाँ युजीसी वेतनमान को अभी तक लागु नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी राजकीय महाविधालय प्राध्यापक संघ की ओर से समय समय पर विनम्र आग्रह किया गया लेकिन पिछले छः वर्षों से लंबित इस मांग को राज्य सरकार ने कभी गंभीरता से नहीं लिया। अतः अब मजबूर होकर हिमाचल प्रदेश महाविधालय प्राध्यपक संघ इस एक दिवसीय भूख हड़ताल की ओर अग्रसर हुआ है और शीघ्र यूजीसी के सातवें वेतनमान को हिमचाल प्रदेश में लागु न किया गया तो आने वाले समय में इस आंदोलन (संघर्ष) को और तीव्र किया जायेगा। इसके साथ ही नियुक्ति की तिथि से वरिष्टता लाभ व एम् फिल, पिएचडी की रुकी हुई वेतनवृद्धि को शीघ्र बहाल करने के बारे में भी चेताया गया। इस सांकेतिक भूख हड़ताल में महाविधालय के समस्त प्राध्यपक मौजूद रहे।
इस सांकेतिक भूक हड़ताल में डॉ विनोद शर्मा, प्रो सलिल सागर, प्रो रजनीश देवान, डॉ अजय चौधरी, डॉ बिना मनकोटिया, डॉ हर्षा राणा, प्रो सोनिका, प्रो सरिता, डॉ सोनम, डॉ माधवी पराशर, प्रो रीता ठाकुर, डॉ भरत बरोगी, डॉ विवेक, डॉ राजेश शर्मा, डॉ गौरव महाजन, डॉ अजय, प्रो निशेष, प्रो सचिन, प्रो बालकराम, प्रो सन्देश और प्रो कुमार कैलाश मौजूद रहे।
