देहरा : ढोलरू परिवारों ने लोकगीतों से किया चैत्र मास का आगाज
विनायक ठाकुर। देहरा
देहरा में चैत्र मास का आगाज ढोलरू परिवारों ने लोकगीत गाकर शुरू किया। इस मौके पर घर-घर जाकर ढोलकू की थाप पर परंपरागत लोकगीत गाकर चैत्र मास का शुभारंभ किया। सदियों से यह परिवार इस पारिवारिक परंपरा को निभा रहे हैं। ढलियारा के ढोलरू परिवार सुनीता एवं प्रोमिला ने ढोलरू के रूप में गीत गाकर बताया कि पहले हमारे पूर्वज इस काम को करते थे और अब हम इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, स्थानीय बजुर्गों का कहना है कि ढोलरू के मुख से लोकगीत के माध्यम से चैत्र माह का नाम सुनना अति शुभ माना जाता है।
चैत्र का नाम गीत को एक प्रकार का भजन और ईश्वर वंदना ही माना जाता है। ढोलरू ढोल की थाप पर चैत्र माह का व्यख्यान गीत के रुप मे करते हुए कहते हैं कि सबसे पहले भगवान का नाम लेना चाहिए, फिर माता पिता का फिर गुरुओं का और फिर अन्य नाम लेने चाहिए। इसके साथ ही बसंत-बहार का व्याख्यान भी किया जाता है। चैत्र माह का नाम सुनने के उपरांत स्थानीय लोग उन्हें नए वस्त्र, गुड़, आटा, चावल और दक्षिणा देकर खुशी-खुशी विदा करके आगामी वर्ष को आने का न्योता देते हैं। ढलियारा से सुनीता एवं प्रोमिला ने बताया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से गा रहे हैं।
