पंचरुखी : जल स्रोतों पर बनाए नियमों की अवहेलना खतरनाक : मनजीत डोगरा
किसान नेता मंजीत डोगरा ने कहा कि जल संकट का सबसे बड़ा कारण जल के विज्ञान की अनदेखी तथा भारत सरकार द्वारा जल स्रोतों के प्रबंधन को लेकर बनाए गए कानूनों और नियमों की अवहेलना है। अंडर ग्राउंड वाटर एक्ट 2005 की जल शक्ति विभाग हिमाचल प्रदेश के द्वारा कई वर्षों से अवहेलना की जा रही है। कानून के अनुसार 200 मीटर की दूरी के अंदर दूसरा हैंडपंप नहीं लगाया जा सकता, मगर यथार्थ स्थिति कुछ और ही बयान करती है। अगर हम मंडल पालमपुर की बात करें तो लगभग 1500 सरकारी तथा सैकड़ों नलकूप हैंडपंप निजी लगाए जा चुके हैं, जिनसे इस क्षेत्र के अंडरग्राउंड वाटर की क्षमता के कई गुना ज्यादा पानी प्रतिदिन निकाला जा रहा है। यही कारण है कि आसपास के तमाम प्राकृतिक जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। नदी-नालों में पानी कम होता जा रहा है। मिट्टी में लगातार नमी कम होती जा रही है। किसान नेता मंजीत डोगरा ने कहा कि यह जरूरी हो जाता है की अंडर ग्राउंड वाटर एक्ट 2005 को सख्ती से लागू किया जाए।
