डाडासीबा: डाडासीबा में दो फरवरी 2019 को खुली थी फायर चौकी ,हाइड्रेंट लगाना भूला विभाग
डाडासीबा में चार साल के करीब खुली फायर चौकी आलम यह है कि यहां फायर चौकी तो सरकार ने खोल दी है लेकिन हाइड्रेंट की सुविधा देना भूल गई है। डाडासीबा में हाइड्रेंट नहीं होने से चौकी के लिए कर्मचारियों को डाडासीबा से लगभग पाँच किलोमीटर दूर वलभाल गांव में अग्निशमन वाहनों में पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डाडासीबा में दो फरवरी 2019 को फायर चौकी खुली थी। डाडासीबा चौकी में एक बड़ा और एक छोटा अग्निशमन वाहन हैं। हालांकि यहां वाहनों की सुविधा तो है लेकिन हाइडेंट नहीं है। वहीं फायर सीजन शुरू हो चुका है। डाडासीबा के नजदीक जंगलों में व लोगों की पशुशालाएं जल ने के समाचार आये दिन आते रहते हैं। फायर चौकी के कर्मचारियों को पानी भरने के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। फायर सीजन अभी शुरू ही हुआ लेकिन अस्थाई व्यवस्था भी हो पाएगी या नहीं यह भी सवाल ही बना हुआ है, क्योंकि अधिकारियों के मुताबिक संबंध में प्रशासन से मांग उठाई गई है जबकि जल शक्ति विभाग की मानें तो प्राक्कलन बनाकर भेजा गया है, जब तक मंडल कार्यालय से स्वीकृति नहीं मिलती और बजट का प्रावधान नहीं होता तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। चौकी प्रभारी बीरबल डाडासीबा ने जानकारी देते हुए बताया कि चौकी में 13 कर्मचारियों का स्टाफ है लेकिन फायर हाइड्रेंट ना होने से आपात स्थिति में पांच किलोमीटर दूर पानी भरने के लिए जाना पड़ता है, यदि चौकी के नजदीक हाइड्रेंट हो तो कर्मियों को जरूर राहत मिलेगी और अग्निकांडो पर भी तुरंत काबू पाया जा सकेगा। प्रशासन से कई बार लिखित व मौखिक मांग उठाई जा चुकी है लेकिन अभी तक हाइड्रेंट नहीं लग पाए हैं। वहीं इस संदर्भ में सहायक अभियंता राकेश कुमार जल शक्ति विभाग डाडासीबा का कहना है कि फायर हाइड्रेंट लगाने के लिए प्राक्कलन मंडल कार्यालय भेजा है कार्यालय स्वीकृति को बजट का प्रावधान होने पर हाइड्रेंट लगा दिए जाएंगे।
