कांगड़ा : वेतन विसंगतियों को दूर करे सरकार, अन्यथा कर्मियाें काे नहीं मिलेग उचित लाभ-खरवाड़ा
मनाेज कुमार। कांगड़ा
प्रदेश सरकार वेतन विसंगतियों को दूर करे अन्यथ कर्मचारियों को वेतन संशोधन का उचित लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, अगले वेतनमान संशोधन में हिमाचल का कर्मचारी पंजाब के समकक्ष कर्मचारी से बहुत पीछे रह जाएंगे। यह बात हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्टिसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने आज (शनिवार) काे जारी प्रैस बायन में कही। उन्होंने कहा कि 01-10-2012 से बढ़े हुए वेतन का लाभ उस पद पर दो वर्ष का सेवाकाल पूरे करके प्रदान करने की शर्त गैर कानूनी है। इससे कर्मचारियों को पद्दोन्नति का लाभ से बंचित रखा गया है। बहुत से कर्मचारी इस दो वर्ष की शर्त के बीच ही सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन उन्हें बढ़े हुए बेतन के लाभ के बिना ही सेवानिवृत्ति पर घर भेज दिया गया है।
उन्होंने पिछले दिनों अखबारों में छपी खबर का खंडन किया, जिसमें दो वर्ष के राइडर को हटाने की बात कही है और कहा इस खबर को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से कर्मचारियों में संशय पैदा हो गया है, जबकि दो वर्ष का राइडर ज्यों का त्यों है। सरकार द्वारा पिछले दिनों जारी आदेश से मात्र उन कर्मचारियों को जिनके 2 वर्ष, अधिसूचना की तिथि के बाद हो रहे हैं, को संशोधित वेतनमान को ऑप्ट करने का अवसर प्रदान किया गया है। इससे मात्र उन कर्मचारियों को लाभ होगा, जिनकी विभागों में 2017-18 के बाद नियुक्तियां हुई हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से वेतन संशोधन में चल रही सभी वेतन विसंगतियों को तुरंत दूर कर कर्मचारियों के वेतनमान को पंजाब में समकक्ष कर्मचारियों के बराबर लाने की मांग की है।
उन्होंने प्रदेश में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली व आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थाई नीति बनाने की भी मांग की है। उन्होने संसद में लाए जा रहे बिजली संशोधन बिल 2021 का बिरोध किया और इसे उपभोक्ता व कर्मचारी विरोधी बताया। उन्होंने बोर्ड प्रवन्धन से बिजली बोर्ड में वेतनमान से जुड़े सभी मसलों को हल करने की भी मांग की है। उन्होंने यहां यूनियन की कांगड़ा इकाई के सम्मेलन को भी संबोधित किया। इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारी कामेश्वर शर्मा, सुनिता, कपिल कुमार, कुलदीप चंद, विजय समलोटी, पंकज कुमार और आशीष कटोच भी उपस्थित रहे।
