इंदौरा : वेबीनार में बताए धुम्रपान के नुक्सान
नाडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा वेबीनार करवाया। इस दौरान130 के करीब ऑनलाइन जुड़े व पांच स्थानों पर ऑफलाइन आयोजन किया गया। इसमें 150 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। मुख्य रूप से विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज पर्यावरण बचाव कार्यकर्ता डॉक्टर अंजन कालिया व हाई कोर्ट की अधिवक्ता रीता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। डॉ. हंस राज ने वेबीनार में कहा कि डेजीगनेटिड स्मोकिंग एरिया उनके लिए खतरा है जो धूम्रपान नहीं करते। वर्तमान में ये क्षेत्र कोविड संक्रमण के रूप में कार्य कर सकते हैं। डॉ. अंजन कालिया ने बताया युवाओं को धूम्रपान से दूर रखना एक चुनौती है। साथ ही इसके साथ जिन पैकेटों में यह तंबाकू उत्पाद बिकता है वो प्रयोग होने के बाद पर्यावरण को भारी नुक्सान पहुंचाते हैं। अधिवक्ता रीता ने बताया कि कोटपा संशोधन 2003 आने के बाद काफी सुधार हुआ, परन्तु अब कोटपा अधिनियम 2020 समय की मांग बन चुका है और सरकार को इसे लाने सख्त रवैया अपनाना चाहिए। इसके साथ कोटपा संशोधन 2020 में कुछ मुख्य बिंदुओं की मांग आज का युवा कर रहा है। समाज को सदृढ़ बनाने के लिए इसमें बदलाब बहुत जरूरी है।
