भारतबोध के प्रखर प्रवक्ता थे: दीनदयाल उपाध्याय
नई दिल्ली/ धर्मशाला : भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने दीनदयाल उपाध्याय को भारतबोध का प्रखर प्रवक्ता बताते हुए कहा है कि वे ऐसे राजनीतिक विचारक थे, जिन्होंने भारत को समझा और उसकी समस्याओं के हल तलाशने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी का लेखन और जीवन भारतबोध को प्रकट करता है। 'सादा जीवन और उच्च विचार' का मंत्र उनके जीवन में साकार होता नजर आता है। प्रो. द्विवेदी शुक्रवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम 'दीनदयाल प्रसंग' के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रो. द्विवेदी के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार से ही प्रेरित है। अंत्योदय की मूल भावना को अगर आपको समझना है, तो आपको भारतीयता और सुशासन को समझना होगा। अंत्योदय का मंतव्य है कि समाज की अंतिम सीढ़ी पर खड़ा व्यक्ति भी सब के साथ आना चाहिये, तभी देश का समान आर्थिक विकास संभव हो पाएगा।
