हिमाचल: पंचायत चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मामला तेज है। आज इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। समय पर पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। समय पर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनावों की तैयारी शुरू की जानी चाहिए, लेकिन अब तक राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किए जाने पर भी याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने में अब बहुत कम समय शेष है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त आवेदन भी दायर किया गया था, जिस पर 17 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निपटारे तक अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को पूरे मामले में 22 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिए थे कि अदालत इस मामले में शीघ्र निर्णय ले सकती है।
