शिमला: कोटखाई के रत्नाड़ी पंचायत में चिट्टे के खिलाफ ग्राम सभा का हुआ आयोजन
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से प्रदेश भर में विशेष एंटी-चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिमला जिला के कोटखाई क्षेत्र की रत्नाड़ी पंचायत में चिट्टे के खिलाफ एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। इस विशेष ग्राम सभा के दौरान उपस्थित लोगों को चिट्टे जैसे घातक नशे से दूर रहने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। पंचायत सचिव ने कहा कि चिट्टा न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए जनभागीदारी और सामूहिक जागरूकता बेहद आवश्यक है।
सभा में पंचायत प्रधान, उप-प्रधान, पंचायत सचिव, सभी वार्ड सदस्य, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, आशा वर्कर्स सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत के लोग उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। वहीं, आशा वर्कर्स ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया। ग्राम सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी जाएगी। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने गांव और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
इस विशेष ग्राम सभा के माध्यम से रत्नाड़ी पंचायत ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए और इसे एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
