इंदाैरा : दिव्यांग के घर को नहीं रास्ता, बीमार होने पर कंधाें पर उठा कर ले जाना पड़ता है अस्पताल
100 प्रतिशत दिव्यांग है मलकाना गांव की मितो देवी
मनीष ठाकुर। इंदाैरा
यहां प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की बात कर रही, लेकिन जमीनी स्तर पर यह बात कहीं भी सावित होती नजर नहीं आ रही और जरूरतमंद परिवारों को उनका हक दिलाने में प्रदेश सरकार कमजोर नजर आ रही है। विकास खंड इंदौरा व उप तहसील ठाकुरद्वारा के अंतर्गत पड़ते गांव मलकाना की मितो देवी पुत्री सुरम सिंह आज तक सरकार द्वारा दी जाने बाली मूलभूत सुविधाओ से वंचित है। आज तक न ही मौजूदा सरकार और न ही ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने उनके बारे में कुछ सोचा है और आजतक उनको मूलभूत सुविधा देने के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं और जमीनी स्तर पर कार्य शून्य ही रहा है।
मलकाना गांव की मितो देवी पुत्री सुरम सिंह जिसकी उम्र 35 साल है, जो कि पूर्ण रूप से दिव्यांग है। आज तक सरकार व पंचायत ने दिव्यांग लड़की के घर तक कोई पक्की सड़क सुबिधा तक नहीं दी है। लड़की के भाई रमेश कुमार ने बताया कि इस बारे वह अपनी बहन को साथ लेकर इंदौरा की विधायक रीता धीमान से भी दो बार उनके घर मे जाकर खुद मिले ओर विधायक ने भी यह बोला के आप दिव्यांग को साथ लेकर क्यों आए हो इसको घर में ही रहने देना था और बोले कि आपका काम हो जाएगा, लेकिन उन्होंने ने भी सिर्फ आश्वासन ही दिए, लेकिन आज तक उनके घर तक सड़क मार्ग नहीं बना, लेकिन अब दोबारा चुनाव आने वाले हैं पर सड़क मार्ग अभी तक नही बना।
मितो देवी के भाई रमेश कुमार ने बताया कि मितो देवी हमारी बड़ी बहन है और जब यह बीमार हो जाती है, तो रास्ता न होने के कारण उनको कंधाें पर उठाकर नाले के किनारे बनी हुई एक कच्ची पगडंडी से होते हुए लगभग 300 मीटर पैदल चलकर पक्के सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है और फिर आगे गाड़ी में बिठा अस्पताल लेकर जाना पड़ता है और यही अगर सड़क उनके घर तक जाती हो तो कोई परेशानी उनको न झेलनी पड़े। उन्हाेंने कहा कि मितो देवी का परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है और जरूरतमंद परिवार है। घर के लोग मजदूरी करते हैं, बड़ी मुश्किल से घर का खर्चा चलता है, लेकिन अफसोस घर में दिव्यांग जबान लड़की होते हुए उनके घर में शौचालय तक नहीं है और न ही ग्राम पंचायत ने इस बारे कुछ सोचा कि सरकार की तरफ से बनने वाला शौचालय इनके घर बना दिया जाए, ताकि इनको कोई परेशानी न आए। परिवार के सदस्य दिव्यांग को खुले में शौच करवाने पर मजबूर है।
हम इस लड़की के लिए बहुत चिंतित हैं। क्योंकि बीमार होने पर मितो देवी को उठा कर हस्पताल लेकर जाना पड़ता है। सड़क की समस्या इस लिए आ रही है कि इनके घर को कोई सरकारी रास्ता नहीं है। लोगों के खेतों से होकर जाना पड़ता है। लोगों से रास्ता देने की बात की जा रही है। अगर लोग मान जाते हैं, तो इनका रास्ता बना दिया जाएगा। शौचालय के फार्म भर कर विभाग को भेज दिए हैं जैसे ही विभाग से निर्देश आते हैं शौचालय का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव को इस बारे अभी बोल दिया जाएगा कि शीघ्र अतिशीघ्र उक्त परिवार का सड़क मार्ग और शौचालय बनाने का कार्य शुरू करें।
पंचायत से सड़क बनाने की बात की थी कि उनके घर की सड़क बनाई जाए। सड़क अभी तक क्यों नहीं बनी। इस बारे विभाग से पूछा जाएगा और जल्द सड़क निर्माण इनके घर तक किया जाएगा। शौचालय की बात आपके माध्यम से पता चली है अभी विकास खंड अधिकारी से इस बारे बात की जाएगी और जल्द शौचालय का निर्माण भी इनके घर में करवा दिया जाएगा। मैं खुद एक महिला हू और नारी को बिना शौचालय की क्या परेशानी हो सकती हैं।इस बारे एक नारी भली भांति जानती है।
