इंदौरा: मिनर्वा कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन
इंदौरा स्थित मिनर्वा पी.जी. कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में “21वीं सदी: अवसर और चुनौतियां” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य “सस्टेनेबल प्लेनेट” की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए 21वीं सदी में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने की दिशा में अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना रहा।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. के. मेहता (पूर्व कुलपति, लद्दाख विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. बलबीर सिंह कैथ (एनआईटी जालंधर) शामिल हुए। मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) डी. आर. ठाकुर (निदेशक, एचआरडीसी, एचपीयू शिमला) ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में सतत विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रो. दीपक पठानिया (अध्यक्ष, एचएससीए), प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार (सीयूएचपी धर्मशाला), प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार शर्मा (उपाध्यक्ष, एचएससीए, एसपीयू मंडी), डॉ. आर. के. नेगी (अध्यक्ष, बायोसाइंसेज, एचपीयू शिमला), डॉ. राकेश कुमार (सचिव, एचएससीए), डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. अशोक कुमार, प्रो. जगदीप वर्मा एवं डॉ. सरिता पठानिया सहित अनेक गणमान्य शिक्षाविदों ने भाग लिया।
इसके अतिरिक्त डॉ. सचिन उपमन्यु, डॉ. सुनील कुमार (एचपीयू शिमला), डॉ. मनोज कुमार, डॉ. दिलजीत, डॉ. कामाक्षी लुंबा, डॉ. अरुप गिरी, डॉ. यूनिश अहमद हाजम तथा डॉ. नितेश कुमार सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों एवं शोधार्थियों की उपस्थिति ने सम्मेलन की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेज के चीफ पैट्रन डॉ. गोपाल सक्सेना की पुस्तक “Indian Education System” का लोकार्पण किया गया, जो सम्मेलन का विशेष आकर्षण रहा। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज की 21वीं सदी “सस्टेनेबल प्लेनेट” की अवधारणा पर आधारित है, जहां जलवायु परिवर्तन एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और ऐसे सम्मेलन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान करते हैं।
सम्मेलन में मेहक शर्मा (सरकारी डिग्री कॉलेज नूरपुर) और हर्ष कटोच (सरकारी सुग भटोली) को 11,000 रुपये की ‘चोफला अवार्ड’ छात्रवृत्ति प्रदान की गई। यह पुरस्कार Vele’s Food Private Limited के प्रबंध निदेशक द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने हेतु प्रदान किया जाता है।
सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। साथ ही मॉडल प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में रिधिमा एवं संयमदीप (सेक्रेड कैम्ब्रिज स्कूल, गनोह), संयमदीप व रिया (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाह कुलारा), शौर्य डोगरा एवं शिवांगी कटोच (प्रताप वर्ल्ड स्कूल, इंदौरा), वंश (श्री निखिलेश्वर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवोठी), शिवांगी, भूमि एवं प्रद्युमन (लोटस पब्लिक स्कूल) तथा आदर्श (पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरकाघाट) सहित अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
मॉडल प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिया (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाह कुलारा), द्वितीय स्थान वंश (श्री निखिलेश्वर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवोठी), तृतीय स्थान संयमदीप (सेक्रेड कैम्ब्रिज स्कूल, गनोह) तथा चतुर्थ स्थान शिवांगी कटोच (प्रताप वर्ल्ड स्कूल, इंदौरा) ने प्राप्त किया। विजेताओं को क्रमशः 5000, 3000, 2000 और 1000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विभिन्न शिक्षण एवं शोध संस्थानों जैसे बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय (रोहतक), इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जम्मू, अर्नी विश्वविद्यालय कांगड़ा, पंडित सुशील रतन राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी, आईसीएआर-आईवीआरआई पालमपुर, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू, सीयूएचपी धर्मशाला, एसपीयू मंडी, सरकारी डिग्री कॉलेज इंदौरा सहित अनेक संस्थानों के 100 से अधिक शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
यह दो दिवसीय सम्मेलन आगामी सत्रों में विभिन्न शोध पत्रों की प्रस्तुति और विचार-विमर्श के साथ जारी रहेगा, जिसमें देशभर से आए विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
