इंदौरा: मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी के छात्रों का विश्वविद्यालय में दबदबा, राजकुमारी ने किया टॉप
मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर संस्थान का नाम रोशन किया है। कॉलेज की होनहार छात्रा राजकुमारी ने विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। राजकुमारी की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में जगह बनाई है।
इन परीक्षा परिणामों में बी. फार्मेसी सातवें सत्र में तीन छात्राओं श्रुति, सृष्टि, पलक ने 9.33 सीजीपीए के साथ नौवां स्थान प्राप्त किया, जबकि सुमेश ने 9.30 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान हासिल किया है। बी. फार्मेसी पांचवें सत्र में राजकुमारी ने 9.38 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान, रजत ने 8.92 सीजीपीए के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। वहीं समीर, प्रियनंदिनी, अजय ने 8.77 सीजीपीए के साथ आठवां, पियूषा, रिंचन ने 8.69 सीजीपीए के साथ नौवां तथा भूषण, हन्नी, हार्दिक, रुद्र, सिमरन, मनीष व नितिन गोरे ने 8.62 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान प्राप्त किया।
वहीं बी. फार्मेसी के तीसरे सत्र में पलक 9.25 सीजीपीए के साथ पांचवें, प्रिया 9.17 सीजीपीए के साथ छठे तथा साक्षी 8.92 सीजीपीए के साथ नौवें स्थान पर रही। बी. फार्मेसी प्रथम सत्र की जुबीन ने 9.31 सीजीपीए के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर जे. एस. पटियाल, डीन अकादमिक प्रोफेसर बी. डी. शर्मा, प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा तथा समस्त स्टाफ ने छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर डीन अकादमिक एवं स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. बी. डी. शर्मा ने कहा कि यह सफलता राजकुमारी की कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. कपिल कुमार वर्मा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि टॉपर्स ने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्थापित की है। हमें विश्वास है कि वे भविष्य में भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे। राजकुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि समर्पण और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
