जसवां परागपुर: कलोहा आज भी रेन शेल्टर की सुविधा से महरूम
विनायक ठाकुर। जसवां:परागपुर
जसवां परागपुर के अंतर्गत आता कलोहा आज भी वर्षाशालिका की सुविधा से महरूम है। यही नहीं आज दिन तक विभाग इस स्थान पर वर्षाशालिका का निर्माण नहीं कर पाया, जिस पर स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध जताया है। लोगों का आरोप है कि कई बार विभाग को यहां पर वर्षा शालिका बनाने के लिए कहा परंतु आज दिन तक कोई इसका निर्माण नहीं करवा पाया हैं। आपको बता दें कलोहा में खरीददारी करने के लिए हजारों लोग इस स्थान से होकर गुजरते हैं। वहीं, एनएच से सटे इस बाजार में वर्षा शालिका न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बरसात होने पर लोगों को किसी दुकान की छत का आसरा लेना पड़ता है। यही नहीं कई बार लोगो को वर्षा शालिका न होने की वजह से भीगना भी पड़ता हैं। बताते चलें कि कलोहा के समीप ही प्राइवेट आईटीआई, सरकारी स्कूल भी हैं, जहां से रोज छात्र भी आगमन करते हैं, वह भी इस सुविधा से महरूम हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार विभाग को इस बारे में अवगत करवाया जा चूका हैं। परन्तु विभाग जगह या जमीन न होने का उलाहना देकर इस मांग को ठंडे बस्ते में डाल देती हैं। एनएच से सटे इस इलाके में वर्षा शालिका का निर्माण आज दिन तक नहीं हो पाया।
जब इस संदर्भ में एक्सन पीडब्ल्यूडी जसवां:परागपुर हर्ष पूरी से बात की गई तो उन्होंने बताया की जगह नहीं होने की वजह से इस स्थान पर आज दिन तक वर्षाशालिका का निर्माण नहीं हो पाया हैं। अगर स्थानीय लोग जमीन देते हैं तो यहां वर्षा शालिका को बनवा दिया जाएगा।वहीं जब इस विषय पर एनएचएआई अधिशाषी अभियंता प्रमोद कश्यप से बात की तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, जैसे ही बजट का प्रावधान होता है, वर्षाशालिका का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
