जवाली : भक्ति आंदोलन के रहस्यवादी कवि थे- गुरु रविदास
राजेश /कतनौरिय
कमेटी सयोंजक अनिल कुमार ने बताया कि गुरु रविदास कि जयंती झंडा रस्म करके शुरू की गई। गुरु रविदास 15वीं और 16वीं शताब्दी के भक्ति आंदोलन के रहस्यवादी कवि संत थे। उन्होंने रविदासिया धर्म की स्थापना की थी । गुरु रविदास जयंती उनके जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। कहा जाता है कि गुरु रविदास ने कई भजन लिखे थे और उनमें से कुछ का जिक्र सिख धर्म की पवित्र पुस्तक, गुरु ग्रंथ साहिब में मिलता है. उन्होंने कहा संत रविदास ने अपनी कालजयी रचनाओं से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है । महान संत गुरु रविदास जी ने बिना भेद-भाव के परस्पर प्रेम और समता का व्यवहार करने का संदेश दिया। जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। हम सब गुरु रविदास जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए समता, समरसता और समन्वय पर आधारित समाज के निर्माण में योगदान करें । सभी संगत ने भोजन प्रशाद ग्रहण किया इस मौके पर अनिल कुमार ,महाशु राम ,रघुबीर सिंह,मुंशी राम,बागु राम ,महिंदर सिंह ,अशोक व संजीव,पेनुराम सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे ।
