ज्वालामुखी: केवल नलों के पानी पर ही निर्भर न रहें, प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी को भी पीने योग्य बनाएं: होशियार सिंह भारती
टिहरी के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं समाज होशियार सिंह भारती ने युवाओं को लेकर गांव की एक प्राचीन बाबड़ी के आस पास उगी झाड़ियों तथा उसके पानी की साफ सफाई कर पानी को इंसानों के पीने योग्य बनाया है। उन्होंने कहा आज हम पीने के पानी के लिए केवल नलों पर निर्भर हो गए हैं, जबकि हम लोग अपने वंशज द्वारा अथक मेहनत से बनाए गए प्राकृतिक जल श्रोतों की अनदेखी कर जल शक्ति विभाग की मेहरबानी पर ही निर्भर हो गए हैं। जबकि कुँओं का पानी जमीन से प्राकृतिक मिनरल वाटर के रूप में फिल्टर होकर हमें पीने को मिलता है, बावड़ियों का पानी स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम औषधि मानी गई है, यही कारण रहा है कि आज हम बावड़ियों के पानी को छोड़कर नलों के रसायन युक्त पानी पर निर्भर होकर रह गए हैं, जिसकी वजह से हम अनेक बीमारियों से जूझ रहे हैं। होशियार सिंह भारती ने कहा कि यह अभियान टिहरी में ही नहीं बल्कि अन्य गांवों में भी युवाओं को बाबड़ियों के पानी की साफ सफाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसी कड़ी में आज टिहरी में कोहलड़ी गांव में एक प्राचीन बाबड़ी की साफ-सफाई की गई है। इस मौके पर होशियार सिंह भारती, कोहलड़ी गांव के बिक्की, विनय कुमार, बबलू, संजू, वँशु, आशु, आदि ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।
