ज्वालामुखी : खंड विकास अधिकारी कार्यालय टिहरी में खोला जाए वरना होगा संघर्ष
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोले जाने को लेकर सियासी जंग शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले खुंडिया क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से खूंडिया में कार्यालय खोलने की मांग करके आए हैं। वही ग्राम पंचायत टिहरी की जनता ने आसपास के क्षेत्रों की पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त प्रेस बयान जारी कर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पंचायत मंत्री वीरेंद्र कवर, स्थानीय विधायक रमेश धवाला से जोरदार मांग की है कि ज्वालामुखी में खुलने वाला खंड विकास अधिकारी कार्यालय वायदे के मुताबिक टिहरी पंचायत में खोला जाए वरना क्षेत्र की जनता आसपास की पंचायतों के साथ संघर्ष का मार्ग अपनाने पर विवश हो जाएगी जिसकी जिम्मेवारी सरकार और प्रशासन की होगी। ग्राम पंचायत टिहरी के लोगों ब्रह्म दास, हरनाम सिंह, मदनलाल, जसवंत सिंह, तिलोकचंद, संजीव कुमार, सुरेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, विनोद कुमार, संजय कुमार, करतार सिंह, वीरेंद्र कुमार, गुलेर सिंह, सुरेश सेठी, सुभाष सूद, चरण सेठी, युद्धवीर सिंह, नवीन कौशल, रमेश राणा, प्रकाश चंद्र, करतार चंद, अमर सिंह, मान सिंह, मनजीत राणा, कैथल राणा, होशियार सिंह, देशराज पठानिया, रिता देवी, दिलीप सिंह, काशीराम, किशोरी राम, महेंद्र सिंह, रणजत सिंह व अन्य दर्जनों पंचायत जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों ने जोरदार मांग की है कि 4 साल पहले उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को स्थानीय विधायक रमेश धवाला की उपस्थिति में क्षेत्र की जनता का मांग पत्र सौंपा था जिसमें स्पष्ट शब्दों में कहा गया था कि खंड विकास अधिकारी कार्यालय टिहरी में खोला जाए और मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि जब भी खंड विकास अधिकारी कार्यालय ज्वालामुखी में खोला जाएगा तो टिहरी में ही खोला जाएगा। टिहरी के लोगों ने इस कार्यालय के खोलने के लिए जगह का भी बंदोबस्त कर रखा है परंतु कुछ लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को खूंड़िया में खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने के लिए आवेदन करने पर टिहरी के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि टिहरी क्षेत्र विकास की दृष्टि से सबसे पिछड़ा क्षेत्र है। खुड़िया में कई कार्यालय पहले ही मौजूद है। तहसील कार्यालय है और भी कई कार्यालय है। परंतु टिहरी क्षेत्र में कोई भी कार्यालय ना होने की वजह से यह क्षेत्र विकास से कोसों दूर है और क्षेत्र की जनता ने अब मन बना लिया है यदि यह कार्यालय यहां नहीं खोला गया तो ना केवल क्षेत्र की जनता संघर्ष का मार्ग अपनाएगी बल्कि आने वाले चुनावों में मतदान का बहिष्कार भी किया जाएगा l
