ज्वालामुखी - रोजी रोटी कमाने दूसरे राज्यों को गए लोगों के बच्चों को शिक्षा व रोजगार से वंचित न करे सरकार : ज्वालामुखी विकास सभा
प्रदेश सरकार द्वारा 2018 में लिए गए फैसले को बदला जाए क्योंकि रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में गए प्रदेश के लोगों के बच्चों को हिमाचल प्रदेश में रोजगार से वंचित किया जा रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है। यह बात ज्वालामुखी विकास सभा पंजीकृत दिल्ली के महासचिव राकेश चन्द्र ने एक प्रेस को जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश से बाहर रहकर अपने बच्चों को अपना पेट घुट घुट कर पढ़ाई करवा रहे हैं, उन्हें अपनी ही सरकार की दंड़ात्मक कार्यवाही का शिकार होना पड़ रहा है और अपनी ही बरादरी में शर्मसार होकर पलायन करने को मज़बूर होना पड़ रहा है, जो कि सरकार की जन विरोधी नीतियों का प्रमाण है। सरकार को ऐसे निर्णयों की अपेक्षा रोज़गार सृज़न पर कदम उठाने चाहिए, न कि भेदभाव की नीति अपनाकर फूट डालने का। ज्वालामुखी विकास सभा पंजीकृत दिल्ली इस संबध में सरकार एवं विपक्ष के नेताओं से इस समस्या से निज़ात दिलाने की कई बार अपील कर चुकी है, अब अखिल भारतीय प्रवासी हिमाचली सयुंक्त मोर्चा के सहयोग से जन जागरण अभियान चला कर सरकार के फूट डालो राज करो के मंसूबों को धराशाई करके प्रदेश सरकार को ऐसे जन विरोधी निर्णयों को कुचलकर प्रदेश से बाहर रह रहे लगभग आधी आबादी को न्याय दिलाने का काम करेगी। सयुंक्त मोर्चा के चेयरमेन राजेश ठाकुर, समन्वयक रोमेश कौडल, विजय डोगरा, यशोदा देवी, राजेंद्र ठाकुर, अधिवक्ता निर्मल शर्मा, जोगिंदर सिंह सहित समस्त भारत में पंजीकृत हिमाचली संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सयुंक्त बैठक में सर्वसमति से निर्णय लिया गया कि सरकार इस फैसले को आगामी सत्र में संशोधित करें अन्यथा मज़बूरन कड़ा सघर्ष करने को मज़बूर होना पड़ेगा। ज्वालामुखी विकास सभा पंजीकृत दिल्ली के सचिव राकेश चंद्र ने आशा जाहिर की है कि सरकार में जनता के प्रतिनिधि हमारी भावनाओं को समझते हुए हिमाचली जनता में फूट डालने की इस नीति को वापिस लेंगे।
