कांगड़ा: सी एस यू में दो दिवसीय रूपक (नाटक) महोत्सव का हुआ शुभारम्भ
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार को उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। दो दिवसीय इस नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री सम्मानित तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं है तथा सम्पूर्ण भारतीय एवं विश्व संस्कृति संस्कृत पर ही आश्रित है। यदि भारतीय संस्कृत और उसके विकास में अवरोध उत्पन्न होता है, तो यह सम्पूर्ण विश्व के लिए खतरे की घंटी सिद्ध होगा। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से नाट्य मंचन के लिए आए प्रतिभागी छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा वेदव्यास परिसर से जुड़ी अपनी अनेक पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर से साहित्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. सनन्दन कुमारी त्रिपाठी ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने छात्रों को साहित्य, नाट्य कला आदि क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी करने एवं विशेष रूप से संस्कृत नाटकों के मंचन हेतु प्रेरित किया। वहीं सारस्वत अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के एकलव्य परिसर, त्रिपुरा से साहित्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुशान्तराज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वेदव्यास परिसर बलाहर की निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने की। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. मोहिनी अरोड़ा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बलाहर परिसर में भारत के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार छात्रों द्वारा संस्कृत नाटकों का मंचन किया जा रहा है, जिससे संस्कृत का संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से हो रहा है।
उद्घाटन सत्र के उपरांत दीवान कृष्ण किशोर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, अम्बाला के छात्रों द्वारा नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सहृदयता से सराहा। इसके पश्चात केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर, प्रयागराज के नाट्य प्रतिभागियों द्वारा संस्कृत नाटक अर्जुन उर्वशीयम् का मंचन किया गया, जिसकी प्रस्तुति अत्यंत मनमोहक एवं सराहनीय रही। शेष प्रतिभागियों की प्रस्तुतियाँ शुक्रवार को की जाएंगी। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
